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  • भीषण सड़क हादसे में जल शक्ति विभाग के कर्मी की मौत

    भीषण सड़क हादसे में जल शक्ति विभाग के कर्मी की मौत

    मंडीः हिमाचल के मंडी जिले में भीषण सड़क हादसे की घटना सामने आई है। जहां सराज क्षेत्र में बाखली के पास शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में व्यक्ति की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार सुबह पीपलू धार कैंची के नजदीक बाखली-कुकलाह मार्ग से बोलेरो गाड़ी सड़क से नीचे गिर गई। इस हादसे में गाड़ी चालक जल शक्ति विभाग में फिटर के रूप में कार्यरत व्यक्ति की मौत हो गई।

    मृतक की पहचान 27 वर्षीय हाकम राम पुत्र कांशी राम, गांव फनार कल्हनी के रूप में हुई है। हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा हैकि घटना के दौरान हाकम अकेला गाड़ी में मौजूद था। हादसा उस समय हुआ जब वह गाड़ी पीछे कर रहा था। सड़क का एक हिस्सा ढह गया और गाड़ी पलटकर गहरे नाले में जा गिरी।

    घटना की सूचना मिलते ही पंडोह पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने बताया कि पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक का पोस्टमार्टम जोनल अस्पताल मंडी में किया जा रहा है। कुकला पंचायत के उपप्रधान राम ने बताया कि इस हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर है। उन्होंने बताया कि शासक अपने पीछे 3 साल की बेटी, पत्नी और माता-पिता को छोड़ गए।

  • चट्टान गिरने से कार 500 मीटर गहरी खाईं में गिरी, परिवार के 6 लोगों की मौत

    चट्टान गिरने से कार 500 मीटर गहरी खाईं में गिरी, परिवार के 6 लोगों की मौत

    चंबाः हिमाचल प्रदेश के चंबा में वीरवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। जिले के चुराह में एक कार गहरी खाईं में गिर गई। हादसे में कार सवार 6 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो महिला, दो पुरुष और 2 बच्चे शामिल हैं। बताया जा रहा है कि कार जहां गिरी वह खाईं 500 मीटर गहरी थी। जानकारी के अनुसार, वीरवार रात लगभग 9:20 पर एक स्विफ्ट गाड़ी नंबर HP 44 4246 जो कि भजराडू से श्रीगर गांव जा रही थी। साउया पथरी पर चलती गाड़ी में पहाड़ से बहुत बड़ी चट्टान गिर गई।

    इससे कार अनियंत्रित होकर 500 मीटर नीचे खाईं में गिर गई। कार में सवार सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि 7 अगस्त की रात लगभग 9:20 पर एक स्विफ्ट गाड़ी नंबर HP 44 4246 जो की भजराडू से श्रीगर गांव जा रही थी। साउया पथरी पर चलती गाड़ी में पहाड़ से बहुत बड़ी चट्टानें गिरने से एक्सीडेंट हो गया और गाड़ी 500 मीटर नीचे खाई में गिर गई। गाड़ी में छह व्यक्ति सवार थे, सभी की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

    सलुनी के डीएसपी रंजन शर्मा ने इस एक्सीडेंट की पुष्टि की है और कहा कि रात को पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों के सहयोग से मृत लोगों को निकाला गया। उन्होंने बताया कि कार में सवार सभी लोगों की मौत हुई है। यह सारे व्यक्ति जिला चंबा के चुराह उपमंडल के रहने वाले थे। उन्होंने बताया इस दुर्घटना में कोई मानवीय भूल नहीं थी। डीएसपी ने कहा कि मृतकों के शव का पोस्टमार्टम सिविल हॉस्पिटल तीसा में करवाया जाएगा। डीएसपी रंजन शर्मा ने यह भी बताया कि इस दुर्घटना के शिकार सभी लोग एक ही परिवार के थे। मृतकों की पहचान राजेश कुमार, हंसो , आरती, दीपक, राकेश और ड्राइवर हेम पाल के रुप में की गई है।

     

  • कंगेला गांव में हुए लैंडस्लाइड में लुढ़कीं चट्टानें, खिलौने की तरह गिरा वाहन, देखें वीडियो

    कंगेला गांव में हुए लैंडस्लाइड में लुढ़कीं चट्टानें, खिलौने की तरह गिरा वाहन, देखें वीडियो

    चंबाः हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही है। वहीं चुराह उपमंडल के कंगेला गांव में अचानक भूस्खलन होने से तेज़ी से चट्टानें लुढक गई। गनीमत यह रही कि सबसे बड़ी चट्टान ने दिशा बदल ली और बड़ा हादसा होने से टल गया। लगातार हो रही लैंडस्लाइड से लोगों में दहशत का माहौल पाया जा रहा है। चट्टान के दिशा बदलने के कारण गांव के लोगों की जान बच गई। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। एक अन्य वीडियों में वाहन खिलौने की तरह खाई में गिरता हुआ दिखाई दे रहा है।

    इस वीडियो में लोगों के चिल्लाने की आवाजें भी सुनाई दे रही है। वहीं दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में भी लैंडस्लाइड हुआ है। कुल्लू के निरमंड में कई घर और गाड़ियां भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। क्षेत्र के उरटू गांव के ऊपर, पहाड़ी से मलबा आने के कारण लोग जरूरी सामान निकाल कर अपने घर को खाली कर रहे हैं। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन दवाड़ा, कालका-शिमला सड़क चक्की मोड़ और पठानकोट-कांगड़ा हाईवे पर भूस्खलन के कारण यातायात बंद हो गया है।

    पूरे प्रदेश में 617 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई है। हालात को देखते हुए शिमला, मंडी व कुल्लू जिलों के सात सब डिवीजन और पूरे सोलन जिले में सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। शिमला शहर के चैल्सी, सेक्रेड हर्ट कॉन्वेंट और सेंट एडवर्ड स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं। बद्दी के मानपुरा के मानकपुर में ढेला पंचायत व दवनी औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाला पुल सुबह तेज बारिश से टूट गया। कुल्लू के निरमंड उपमंडल के उर्टू में नाले का जलस्तर बढ़ने और लैंडस्लाइड से पांच गाड़ियां दब गई।

    यहां पर 6 से 7 दुकानों को भी नुकसान हुआ है। शिमला के टुटू में भी लैंडस्लाइड की चपेट में आने से 4 गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। सुबह छोटा शिमला सचिवालय के पास एक चलती बस पर पेड़ गिर गया, लेकिन सौभाग्य से पेड़ का आधा हिस्सा केबल लाइन पर रुक गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। उधर, सतलुज नदी पर बने कोल-डैम से आज सुबह 6:30 बजे फिर से पानी छोड़ा गया है, जिससे जलस्तर बढ़ने पर पंजाब में अलर्ट जारी किया गया है।

     

  • अब इस जगह बाढ़ ने मचाई तबाही, रिहायशी इलाकों तक पहुंचा मलबा, कैलाश यात्रा स्थगित, देखें वीडियो

    अब इस जगह बाढ़ ने मचाई तबाही, रिहायशी इलाकों तक पहुंचा मलबा, कैलाश यात्रा स्थगित, देखें वीडियो

    किन्नौरः हिमाचल प्रदेश के कई भागों में ऑरेंज अलर्ट के बीच लगातार जारी बारिश से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। भारी बारिश से राज्य में नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। वहीं किन्नौर जिले में लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। रिब्बा नाले में अचानक आई भयंकर बाढ़ ने लोगों के बाग-बगिचों को अपनी चपेट में ले लिया है। नाले का पानी और भारी मात्रा में मलबा रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि क्षेत्र में अभी भी लगातार बारिश जारी है। रिब्बा नाले में आई भयंकर बाढ़ के कारण पुल पर अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए लोग दिखाई दे रहे है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।

    उधर, नेशनल हाईवे नंबर 005 बंद हो गया है। वहीं खराब मौसम के चलते किन्नर कैलाश यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर सराज में एक बार फिर भारी बारिश ने तबाही मचाई है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। बूंगरैलचौक, संगलबाड़ा, ढीम कटारू, लंबाथाच, चिऊणी, थुनाग, पखरैर, मुरहाग, शिकावरी, लेहथाच, कांढ़ा-बगस्याड, शरण, बहलीधार, शिल्हीबागी, बागाचनोगी, भाटकीधार, कलहणी, खबलेच, जैंशला, बस्सी, कुकलाह और बाखली पंचायतें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बूंगरैलचौक और थुनाग बाजार में असुरक्षित घरों में मलबा घुस गया, जिससे हजारों लोगों को खतरा पैदा हो गया है। लगातार बारिश ने सराज की सभी सड़कों को बंद कर दिया है।

    पीडब्ल्यूडी की महीने भर की मेहनत पर पानी फिर गया, क्योंकि बाखलीखड्ड में बने अस्थायी कलवर्ट बह गए। पर्यटन नगरी जंजैहली शेष विश्व से पूरी तरह कट गई है। बिजली आपूर्ति ठप होने से पूरा सराज अंधेरे में डूबा हुआ है। उधर, गोहर उपमंडल की ज्यूणी घाटी के देवीदहड़, जहल, जाच्छ, करनाला, तुन्ना और शाला में भारी बारिश के कारण ज्यूणी खड्ड का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लोग डर के चलते घरों से बाहर निकल आए हैं। गोहर, स्यांज, नांडी और पंडोह के निवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर ज्यूणी खड्ड के किनारे रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।

  • बादल फटने और बारिश के कहर से भारी नुकसान, जलमग्न हुई गाड़ियां, देखें वीडियो

    बादल फटने और बारिश के कहर से भारी नुकसान, जलमग्न हुई गाड़ियां, देखें वीडियो

    मंडीः हिमाचल में लगातार हो रही बारिश और लैंडस्लाइड की घटनाओं से राज्य में भारी नुकसान हो गया। वहीं गुटकर, गोहर, थुनाग और जेल रोड में बारिश तबाही के निशान छोड़ रही है। गुटकर में सुकेती खड्ड प्रचंड हो गई है और एक पार्किंग में सुकेती के पानी पर कारें तैर रही हैं। जिला मंडी में भारी बारिश के चलते उत्पन्न हुई आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है।

    उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि जिला में 5 अगस्त को सुबह 10 बजे तक कुल 331 सड़कें, 657 विद्युत ट्रांसफार्मर और 86 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा बहाली कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग और हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड की टीमें फील्ड में तैनात हैं। कई दुर्गम क्षेत्रों में भी मशीनरी और जनशक्ति पहुंचाकर राहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि जिला में सराज, करसोग और धर्मपुर क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जहां सड़कें और पेयजल योजनाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। लोक निर्माण विभाग के सराज मंडल में 122 सड़कें, करसोग में 55 और थलौट में 56 सड़कें अवरुद्ध हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा 106 जेसीबी मशीनों को विभिन्न स्थलों पर तैनात कर मार्गों को बहाल करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विद्युत व्यवस्था की स्थिति पर जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि गोहर, करसोग, जोगिंद्रनगर और थलौट क्षेत्र में अधिक ट्रांसफार्मर बंद हुए हैं। गोहर में 547, करसोग में 50, और जोगिंदर नगर में 20 ट्रांसफार्मर फिलहाल ठप हैं। हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड द्वारा टीमों को मौके पर भेजकर बिजली आपूर्ति को बहाल करने का प्रयास लगातार जारी है।

    जलशक्ति विभाग की जिले में कुल 86 पेयजल योजनाएं वर्तमान में बाधित हैं, जिनमें थुनाग, पधर, करसोग और धर्मपुर प्रमुख रूप से प्रभावित हैं। विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से लोगों को राहत प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। सुंदरनगर क्षेत्र में प्रारंभिक सूचना के मुताबिक एक गौशालाक्ष क्षतिग्रस्त हो गई है एक घर को भी आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है तेज बारिश के कारण सुंदर नगर क्षेत्र में भी बहाने वाले नदी वाले ऊफान पर हैं और इसका सीधा असर जनजीवन पर पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सुंदर नगर में भी जनजीवन अस्त व्यस्त होकर के रह गया है लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

    नेरचौक में सुकेती खड्ड उफान पर है, जिसके चलते क्षेत्र में जल प्रभाव हुआ है। तेज बारिश के कारण सुकेती खड्ड कहर बरपा रही है। बल्ह नेरचौक और गुटकर से होती इस खड्ड का साथ जलमग्न हो गया है। हालात सामान्य ना होने के कारण लोग डरे हुए हैं। भडयाल और बैहना क्षेत्र में जल भराव के कारण दर्जनों गाड़ियां पानी में डूब गई है।

    गोरख क्षेत्र में बादल फटने की घटना होने की सूचना मिल रही है। इसके चलते दो घरों को नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है की दो घर फ्लैश में बह गए हैं। यहां ज्यादा नुकसान होने का अंदेशा व्यक्त किया जा रहा है। थुनाग और जेल रोड में नाले डराने लगे हैं। रात से जारी बारिश के कारण इन नालों में दोबारा से तबाही मचाने वाला पानी बह रहा है। ज्यूणी खड्ड भी उफान पर है। गुटकर के आसपास एक पार्किंग में सुकेती का पानी घुस आया है और उसमें के गाड़ियां तैर रही हैं।

     

  • बड़ा हादसाः गहरी खाई में गिरी आल्टो कार, 3 की मौत

    बड़ा हादसाः गहरी खाई में गिरी आल्टो कार, 3 की मौत

    मंडीः हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जहां हादसे होने की घटनाएं सामने आ रही है। वहीं पिछले कुछ समय से हिमाचल में सड़क हादसे होने की घटनाएं भी बढ़ रही है। वहीं ताजा मामला मंडी से सामने आया है, जहां आल्टो गाड़ी खाई में गिर गई। इस घटना में 3 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 2 अन्य घायल हैं। जानकारी के अनुसार छतरी-जंजैहली सडक़ पर ऑल्टो कार गहरी खाई में गिर गई। हादसे में कार में सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य घायल हो गए। यह गाड़ी कलांजू छतरी की बताई जा रही है।

    हादा सैनी नाला के पास डंगा धसने से हुआ है। मृतकों की पहचान देवदत्त गांव गागन, मंगल चंद गांव तराला और आशु गांव धावण के रूप में हुई। सभी मृतक ग्राम पंचायत ब्रेयोगी के निवासी थे। घायलों में चालक गुमान सिंह गांव कल्यांजू और लाभ सिंह गांव गागन शामिल हैं। सभी की उम्र 35 से 42 वर्ष के बीच बताई जा रही है। हादसे की वजह बारिश के कारण सड़क की खराब हालत और एक खंभा गिरना बताया जा रहा है।

    जानकारी के मुताबिक, हादसे के शिकार लोग सेब सीजन के लिए शंकरदेहरा गए थे और रविवार शाम को लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार यह हादसा रात के समय हुआ है, लेकिन घटना के बारे में सुबह पता लगा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को निकालकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। इस घटना से ब्रेयोगी समेत पूरे छत्री क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

  • आज हाईकमान के साथ कांग्रेस की अहम बैठक, मिल सकता है नया अध्यक्ष

    आज हाईकमान के साथ कांग्रेस की अहम बैठक, मिल सकता है नया अध्यक्ष

    शिमलाः हिमाचल कांग्रेस पार्टी की दिल्ली में आज हाईकमान के साथ बड़ी बैठक होने जा रही है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर आज मुहर लग सकती है। यह बैठक दोपहर डेढ़ बजे 24 अकबर रोड़ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में हिमाचल के नेताओं के साथ होगी। इस बैठक में जहां कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े मौजूद होंगे, तो वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी उपस्थित रहेंगे। इनके अलावा कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल और दोनों सह प्रभारियों के अलावा कुछ दूसरे बड़े नेता भी बैठक में शामिल होंगेे।

    दिल्ली में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह व सरकार के कैबिनेट मंत्री इस बैठक में रहेंगे। बैठक में शामिल होने के लिए हिमाचल सरकार के कैबिनेट मंत्री भी दिल्ली गए हैं। बताया जाता है कि आठ मंत्रियों को वहां बुलाया गया था, जिनमें कर्नल धनी राम शांडिल, हर्षवर्धन चौहान, जगत सिंह नेगी, रोहित ठाकुर भी इस बैठक का हिस्सा होंगे। इनके साथ कांग्रेस हाईकमान प्रदेश में सरकार और संगठन को लेकर चर्चा करेगी। सूत्रों के अनुसार दिल्ली में होने जा रही इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष का नाम तय किया जाएगा।

    यहां पर कार्यकारिणी में कौन नेता रहेंगे, इसका खाका भी बना लिया गया है, जिसपर अंतिम मुहर वहां लगाई जाएगी। सभी नेताओं से उनकी राय जानी जाएगी और विस्तार से बात करने के बाद कांग्रेस हाईकमान अपना फैसला लेगी। पहले यह बैठक सोमवार शाम के समय में होनी थी, लेकिन रविवार को इसका नया शेड्यूल मंत्रियों को दिया गया है। अब यह बैठक दोपहर डेढ़ बजे कांग्रेस मुख्यालय में शुरू होगी। इस बैठक में सरकार और संगठन के मामलों को लेकर विस्तार से बात होगी और कुछ नए कार्यक्रम हिमाचल कांग्रेस के लिए जारी किए जा सकते हैं।

    बताया जाता है कि मुख्यमंत्री सुक्खू, जिन्हें दिल्ली से रविवार को चंबा आना था, वह मौसम खराब होने की वजह से वहां नहीं आ सके। ऐसे में उनका चंबा का कार्यक्रम रद्द हो गया और रविवार को मुख्यमंत्री दिल्ली में ही थे। इस दौरान कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल ने उनके साथ मुलाकात की है। अहम बात है कि मंत्रिमंडल ने एक पद खाली चल रहा है, जिसे लेकर भी इस बैठक में चर्चा होगी। अढ़ाई साल के बाद मंत्रिमंडल में किस नेता को शामिल किया जाना है और मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया जाना है, इसे भी वहां तय किया जाएगा।

    मंत्रिमंडल के सदस्यों को इसलिए दिल्ली बुलाया गया है, ताकि उनसे उनकी अढ़ाई साल की परफार्मेंस पर बात की जाए। सूत्रों के अनुसार प्रतिभा सिंह इस बैठक में स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण का मामला भी उठा सकती हैं, जिस पर हाईकमान से समय लिया जाना है। चूंकि मानसून में हुए नुकसान के कारण 15 जुलाई को भी यह कार्यक्रम नहीं हो पाया था, इसलिए अब नई तारीख तय होनी है। इस कार्यक्रम में हाईकमान से नेताओं ने आना है, तो उसे भी तय कर दिया जाएगा।

     

     

  • सांड ने व्यक्ति को 10 फीट ऊपर उठाकर नीचे पटका, गंभीर घायल, देखेें वीडियो

    सांड ने व्यक्ति को 10 फीट ऊपर उठाकर नीचे पटका, गंभीर घायल, देखेें वीडियो

    बिलासपुरः हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के घुमारवीं शहर के गांधी चौक से तहसील मार्ग पर एक लावारिश सांड ने व्यक्ति को कई फीट ऊपर उठाकर नीचे पटका। इस दौरान सारी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पीड़ित व्यक्ति सड़क के किनारे चल रहा था तभी 2 सांड दौड़ते हुए आए। उनमें एक सांड ने व्यक्ति को सींगों पर उठाकर हवा में उछाल दिया और जमीन पर पटक दिया। इस हमले में व्यक्ति करीब 10 फुट हवा में ऊपर उठ गया, उसके बाद सडक़ पर गिर गया। हमले के बाद व्यक्ति बेहोश हो गया और गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे स्थानीय लोगों द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं दूसरी ओर लोगों ने इस घटना को लेकर रोष जताया और आवारा पशुओं पर प्रशासन द्वारा लगाम लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था, लेकिन बचाव हो गया।
  • बारिश की तबाही, टूटा एकमात्र पैदल पुल, बड़े-बड़े ट्रक और मशीनरी बही, लोगों में दहशत का माहौल, देखें वीडियो

    बारिश की तबाही, टूटा एकमात्र पैदल पुल, बड़े-बड़े ट्रक और मशीनरी बही, लोगों में दहशत का माहौल, देखें वीडियो

    कुल्लूः हिमाचल प्रदेश के लगातार हो रही बारिश ने लोगों का जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। इस साल पहाड़ों में हो रही लैंडस्लाइड से प्रदेश को काफी नुकसान हुआ है। वहीं कुल्लू जिले में शुक्रवार को दिनभर हुई बारिश से मलाणा घाटी में फ्लैश फ्लड आ गया। यहां पर लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और स्थिति खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। मणिकर्ण घाटी के बलाधी गांव के लिए एकमात्र पैदल पुल मलाणा खड्ड में बह गया है, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह पुल गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने का एकमात्र साधन था। पुल के बह जाने के बाद अब ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    कुल्लू घाटी में फ्लैश फ्लड के वीडियो सामने आए हैं। मलाणा स्टेड 1 डेम के पास सैलाब आने से भारी तबाही हुई और खिलौनों की तरह बड़े वाहन बह गए। इस दौरान मलाणा में भी लकड़ी का पुल बहने से घाटी का संपर्क टूट गया। उधर, चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर मंडी में पंडोह डैम से आगे और बगलामुखी रोपवे से पहले आज सुबह एक बार फिर भूस्खलन हुआ है। भारी बारिश के चलते पहाड़ी से बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गिरीं, जिससे हाईवे पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। प्रशासन और एनएचएआई की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और मलबा हटाने का काम जारी है। फिलहाल सुरक्षा के मद्देनज़र इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि रास्ता साफ करने में कुछ समय लग सकता है।

    वहीं प्रशासन से मांग की जा रही है कि जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि गांव का संपर्क बहाल हो सके। कुल्लू आपदा प्रबंधन ने कहा कि प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। प्रबंधन ने बताया कि डीपीसीआर से मिली सूचना के आधार पर मलाणा-I हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में बनाया एक कॉफर डैम अचानक आई बाढ़ के कारण आंशिक रूप से टूट गया है। इस घटना में एक हाइड्रा, एक डंपर, एक रॉक ब्रेकर और एक कैंपर और कार बह गई है।

    हालांकि, इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं है। लगातार बारिश और अचानक आई बाढ़ के चलते पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त, जिले की पार्वती घाटी से कुछ अस्थायी पुलों के बह जाने की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। वहीं, कुछ स्थानों पर भूस्खलन और सड़कों का हिस्सा बहने की घटनाएं भी सामने आई हैं। फिलहाल किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है। जिले के अधिकांश हिस्सों में अब भी बारिश जारी है।

  • श्रावण अष्टमी पर माता चिंतपूर्णी दरबार में उमड़े श्रद्धालु, देखें वीडियो

    श्रावण अष्टमी पर माता चिंतपूर्णी दरबार में उमड़े श्रद्धालु, देखें वीडियो

    हिमाचलः ऊना जिले में स्थित माता चिंतपूर्णी मंदिर एक प्रमुख शक्तिपीठ है और जहां हर साल लाखों भक्तों का आना-जाना रहता है। खासकर श्रावण माह की अष्टमी तिथि पर यहां विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होता है। इस दिन मंदिर में विशेष उत्सव और धार्मिक गतिविधियां होती हैं और लाखों श्रद्धालु इस मौके पर दर्शन करने आते हैं।

    श्रावण अष्टमी के दिन मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जमा होती है, क्योंकि यह दिन विशेष रूप से माता चिंतपूर्णी की पूजा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। भक्त यहां माता के दर्शन करने के साथ-साथ अपनी मन्नतें भी पूरी होने की उम्मीद लेकर आते हैं। इस दिन मंदिर परिसर में भव्य सजावट और आयोजन होते हैं, और विभिन्न प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं।

    मंदिर में पहुंचने के लिए भक्तों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। इसके अलावा, आसपास के क्षेत्र में भी खास व्यवस्था की जाती है ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके। इस अवसर पर मंदिर के आसपास के क्षेत्र में विशेष बाजार भी सजते हैं, जहां श्रद्धालु पूजा सामग्री, प्रसाद और अन्य धार्मिक वस्तुएं खरीद सकते हैं।