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  • Punjab News: World Water Day पर राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल ने पर्यावरण संरक्षण पर दिया ये खूबसूरत संदेश, देखें वीडियो

    Punjab News: World Water Day पर राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल ने पर्यावरण संरक्षण पर दिया ये खूबसूरत संदेश, देखें वीडियो

    कपूरथलाः विश्व जल दिवस के अवसर पर हमारे आस-पास के वातावरण को हरा-भरा बनाने और प्राकृतिक जल संसाधनों के संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। इस संबंध में पर्यावरणविद् और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने लोगों को पौधे लगाकर पर्यावरण की रक्षा करने का संदेश दिया। नदियां और जलधाराएं हमारे जीवन की मुख्य धमनियां हैं, जिस तरह शरीर की नसों को साफ रखना जरूरी है, उसी तरह नदियों को भी साफ रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि पंजाब के जल में जहरीली धातुओं की मौजूदगी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है।

    संत सीचेवाल ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जिसके बारे में विशेषज्ञों ने पहले ही चेतावनी दी थी। इस संदर्भ में जल और पर्यावरण का संरक्षण और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने अपील की कि केवल प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करके ही हम अपनी नदियों को प्रदूषण से बचा सकते हैं। दुनिया का कोई भी धर्म हमें प्रकृति द्वारा दिए गए खजानों का सम्मान करने से नहीं रोकता, बल्कि जल और पर्यावरण की रक्षा के लिए मिलकर प्रयास करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

    इस अवसर पर उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और जल संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।

  • संत सीचेवाल के प्रयासों से जंगी हालात में दुबई से लौटा Punjab का युवक, परिवार ने जताया आभार, देखें वीडियो

    संत सीचेवाल के प्रयासों से जंगी हालात में दुबई से लौटा Punjab का युवक, परिवार ने जताया आभार, देखें वीडियो

    सुल्तानपुर लोधी: विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए चल रहे प्रयासों में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। उनके प्रयासों से दुबई में कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे सुखविंदर सिंह को सुरक्षित रूप से भारत वापस लाया गया। मौजूदा युद्ध की स्थिति के कारण, मध्य पूर्व में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। ऐसे नाजुक समय में सुखविंदर सिंह की वापसी रात के अंधेरे में शारजाह से एक उड़ान के माध्यम से संभव हो पाई।

    सुखविंदर सिंह सुल्तानपुर लोधी स्थित निर्मल कुटिया पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि 2020 में वह रोजगार की तलाश में दुबई गए थे, जहां एक कंपनी ने उनके साथ धोखा किया। कंपनी ने उनका पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया, तीन साल तक काम करने के बावजूद उन्हें केवल कुछ महीनों का वेतन दिया, और झूठे आरोप लगाकर उन्हें कानूनी पचड़े में फंसा दिया।

    उन्होंने यह भी खुलासा किया कि अभी भी कई भारतीय नागरिक जेलों में फंसे हुए हैं, जो ‘ओवरस्टे’ (वीज़ा अवधि से अधिक रुकने) या झूठे मुकदमों के शिकार हैं और उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया जा रहा है। 6 दिसंबर से उनका अपने परिवार से संपर्क टूट गया था, जिसके कारण उनके घर पर बेहद चिंताजनक हालात पैदा हो गए थे।

    सुखविंदर सिंह ने कहा कि अगर संत सीचेवाल जी की मदद न मिली होती, तो वह अभी भी वहीं फंसे होते। यह तब संभव हो पाया जब उनकी पत्नी ने संत जी से संपर्क किया। सुखविंदर ने भारत सरकार से अपील की कि वे उनका बकाया वेतन दिलवाने के लिए भी कार्रवाई करें।

    इस अवसर पर, संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास का आभार व्यक्त किया और कहा कि विदेशों में फंसे हर भारतीय की मदद करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “युद्ध की स्थिति के कारण, विदेशों में रह रहे भारतीयों और उनके परिवारों के बीच डर और चिंता बढ़ती जा रही है। सरकार को ऐसे सभी मामलों को प्राथमिकता देनी चाहिए और फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द वापस लाना चाहिए तथा उनके अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।” उन्होंने यह भी मांग की कि विदेशों में काम कर रहे भारतीयों के साथ हो रही धोखाधड़ी और अत्याचारों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

  • Punjab News: तहसीलदार के बेटे की बिना नंबरी Thar रोकने पर हुआ हंगामा, देखें वीडियो

    Punjab News: तहसीलदार के बेटे की बिना नंबरी Thar रोकने पर हुआ हंगामा, देखें वीडियो

    Sportsperson महिला का विवाद, DSP ने दिए निर्देश

    कपूरथलाः शहर के मॉल रोड पर ट्रैफिक नियमों की जांच के दौरान डीएसपी शीतल सिंह ने एक ऐसी गाड़ी को रोका, जिस पर आगे नंबर प्लेट नहीं लगी थी और लाल-नीली लाइट भी लगी हुई थी। गाड़ी चला रहे युवक ने बताया कि उसके पिता तहसीलदार हैं। डीएसपी ने बताया कि तहसीलदार का बेटा थार चला रहा था। इस दौरान बिना नंबरी थार और व्हीकल लाइट लगाई हुई थी। दस्तावेज को लेकर कहा गया कि एक्सीडेंट होने के कारण नंबर प्लेट नहीं लगा हुआ था। वहीं पीसीआर कर्मी ने बताया कि पहले भी उक्त थार चालक को रोका गया था और चेतावनी देकर छोड़ा गया था। जिसके बाद अन्य दस्तावेज की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चा है, ऐसे में दोबारा चेतावनी देकर छोड़ा जाएगा। डीएसपी ने लोगों से दस्तावेज को डिजी लॉकर में रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पर्सनल व्हीकल पर यह लाइट वैध नहीं है, सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के अनुसार इमरजेंसी व्हीकल पर ही इस लाइट को लगाया जा सकता है। डीएसपी शीतल सिंह ने चालक से गाड़ी के कागजात मांगे और तुरंत लाल-नीली लाइट हटाने के निर्देश दिए। मामला बढ़ता देख पीसीआर इंचार्ज को मौके पर बुलाया गया और गाड़ी का चालान काटने के आदेश दिए गए। इसी दौरान चालक की माता व स्पोर्ट्स पर्सन मौके पर पहुंच गईं। आरोप लगाए जा रहे है कि उन्होंने डीएसपी से बहस करते हुए कहा, “फेर की होया के मेरे मुंडे ने लाइट ला ली, जा गाड़ी का नंबर नहीं लिखा है, पीछे नंबर लिखा हैं।” महिला बताया कि वह स्पोर्ट्स पर्सन है। महिला ने वहां मौजूद भीड़ को भी डांटना शुरू कर दिया और मीडिया पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जहां देखो मीडिया पहुंच जाता है। डीएसपी शीतल सिंह ने बताया कि उक्त युवक को पहले भी कई बार चेतावनी देकर छोड़ा जा चुका है, लेकिन इस बार उन्होंने खुद उसे पकड़ा है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी निजी वाहन पर लाल-नीली लाइट लगाना नियमों के खिलाफ है, चाहे व्यक्ति कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्ती होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी पद या प्रभावशाली परिवार से क्यों न हो।    
  • Punjab News: राज्यसभा में गूंजा निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा, केंद्र सरकार को घेरा

    Punjab News: राज्यसभा में गूंजा निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा, केंद्र सरकार को घेरा

    सुलतानपुर लोधी: “एक देश-एक शिक्षा प्रणाली” के तहत निजी स्कूलों द्वारा किए जा रहे ‘गोरखधंधे’ के विरोध में राज्यसभा में स्वर्गीय बलबीर सिंह सीचेवाल ने आवाज उठाई। निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों के माता-पिता से स्कूल में ही किताबें, यूनिफार्म, स्टेशनरी और अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर करने की गंभीर समस्या को उठाया है। संतो सीचेवाल ने स्पष्ट किया कि निजी स्कूलों द्वारा आम परिवारों पर बड़ा आर्थिक बोझ डाला जाता है और शिक्षा को व्यापार बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

    राज्यसभा में संतो सीचेवाल द्वारा पूछे गए प्रश्न संख्या 2920 के माध्यम से केंद्र सरकार से पूछा कि क्या सरकार को पता है कि निजी स्कूल छात्रों के माता-पिता को महंगे किताबें, यूनिफार्म और अन्य सामग्री स्कूल की दुकानों से ही खरीदने के लिए क्यों मजबूर किया जाता है? उन्होंने अपने सवाल में यह भी पूछा है कि पिछले पांच सालों में इस संबंधी सरकार को कितनी शिकायतें मिली हैं और व्यावसायिक प्रवृत्ति को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? संतो सीचेवाल ने कहा कि यह न केवल अनैतिक है, बल्कि सीधे तौर पर आम लोगों की जेब पर डाका है।

    केंद्र सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर जवाब देते हुए सारी जिम्मेदारी राज्यों पर डाल दी और कहा कि शिक्षा समकालीन विषय है, इसलिए सारी कार्रवाई राज्य सरकारों के अधीन आती है। ‘बच्चों को मुफ्त और आवश्यक शिक्षा देने का अधिकार अधिनियम-2009 (आरटीई) के तहत धारा 12(1) सी के अनुसार निजी स्कूलों में कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें इस अधिनियम के तहत रखना अनिवार्य है।

    अधिनियम, 2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का हवाला देते हुए बताया कि इन के तहत देश में सबके लिए समान और मानकीकृत शिक्षा के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि सीबीएसई ने साल 2018 में एक निर्देश जारी कर निजी स्कूलों में किताबें, स्टेशनरी और यूनिफार्म की बिक्री के बारे में दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि यह सारी सामग्री स्कूल कैंपस में नहीं बेची जा सकती। संतो सीचेवाल ने कहा कि स्कूलों में आज भी उसी तरह से शिक्षा को व्यापार बनाने का काम तेज़ी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ा सवाल अभी भी कायम है—क्या सिर्फ सरकुलर ही इस लूट को रोकने के लिए काफी है?

    संतो सीचेवाल ने सवाल किया कि सरकार का “एक देश-एक शिक्षा नीति” का असल मकसद तभी पूरा हो सकता है जब शिक्षा हर वर्ग के लिए पहुंच योग्य, मानकीकृत और समान हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा का उद्देश्य सेवा होना चाहिए, मुनाफा नहीं। उल्लेख है कि यह कदम इस बात की याद दिलाता है कि यदि शिक्षा के नाम पर लूट-खसोट को नहीं रोका गया, तो आम परिवारों के बच्चों की पढ़ाई और महंगी और कठिन हो जाएगी। यह मुद्दा सिर्फ स्कूल प्रबंधन का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के अधिकार से जुड़ा हुआ है। अगर समय रहते निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम नहीं कसी गई, तो शिक्षा का हक नहीं, बल्कि सिर्फ अमीरों की सुविधा बन कर रह जाएगी।

  • Punjab News: कार और बाइक की टक्कर में मामा-भांजे की मौत

    Punjab News: कार और बाइक की टक्कर में मामा-भांजे की मौत

    कपूरथलाः जिले भुलत्थ सब डिविजन में एक सड़क हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई। जोगिंदर नगर गांव के पास कार और बाइक की टक्कर में मामा और भांजे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद भुलत्थ पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान 55 वर्षीय जोगिंदर सिंह निवासी गांव भटनूरां कलां और 50 वर्षीय निर्मल सिंह निवासी गांव बजाजा के रूप में हुई है।

    मिली जानकारी के अनुसार दोनों गुरुद्वारा बाबा बकाला साहिब में माथा टेकने जा रहे थे कि उनकी मोटरसाइकिल की कार से टक्कर हो गई। मृतक के परिवार के सदस्य ने बताया कि कार एक महिला चला रही थी जो गाड़ी चलाना सीख रही थी। हादसे के बाद उसने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय निवासियों ने उसे पकड़ लिया। परिवार ने आरोप लगाया कि अगर मामा-भांजे को समय पर अस्पताल ले जाया जाता तो उनकी जान बच सकती थी। भुलथ थाना के एएसएचओ रणजीत सिंह ने घटना की पुष्टि की। डीएसपी भुलत्थ करनैल सिंह ने कहा कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मृतकों के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

  • Punjab News: नौजवान ने बनाया World Record, 40 Second में लगाए 64 Pushups, देखें वीडियो

    Punjab News: नौजवान ने बनाया World Record, 40 Second में लगाए 64 Pushups, देखें वीडियो

    सुल्तानपुर लोधी: जब मेहनत, जुनून और लगन एक साथ होते हैं, तो असंभव भी संभव बन जाता है। इसे पवित्र नगरी सुल्तानपुर लोधी से जुड़े युवक हरप्रीत सिंह उर्फ विक्की ढिल्लो ने साबित कर दिखाया है। जिन्होंने फिटनेस के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित कर विश्व स्तर पर नया कीर्तिमान बना दिया है। उनकी इस शानदार सफलता के साथ ही सुल्तानपुर लोधी का नाम न केवल पंजाब बल्कि देश और विदेश में भी गर्व से लिया जा रहा है। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित फिट इंडिया कार्निवाल के दौरान विक्की ढिल्लो ने सिर्फ 40 सेकंड में 64 दोनों अंगूठे वाली पुशअप्स लगा कर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह प्रदर्शन सामान्य नहीं था, क्योंकि इस दौरान वह 3 फुट ऊंचाई पर लगी 3 लोहे की रोड़ों पर संतुलन बनाते हुए एक पैर हवा में रख कर यह कठिन काम कर रहे थे। मौके पर मौजूद दर्शकों के लिए यह दृश्य हैरानी और जोश से भरपूर था।

    इस उपलब्धि की खास बात यह भी रही कि विक्की ढिल्लो ने इस प्रदर्शन के साथ अपना ही पहले बनाया रिकॉर्ड तोड़ दिया। पहले वह 40 सेकंड में 40 पुशअप्स लगाकर रिकॉर्ड बना चुके थे, लेकिन अब उसी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने 64 पुशअप्स कर नया इतिहास रच दिया। इसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन द्वारा प्रमाणित किया गया है। फिट इंडिया कार्निवाल के दौरान लगभग 1000 से 1500 छात्रों ने भाग लिया। कार्निवाल में विभिन्न खेल मुकाबले और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों में फिटनेस के प्रति काफी उत्साह देखा गया। विक्की ढिल्लो का प्रदर्शन मौके पर मौजूद सभी लोगों को प्रेरित किया।

    इस विश्व रिकॉर्ड के बाद पवित्र नगरी सुल्तानपुर लोधी में खुशी और गर्व की लहर है। लोग कहते हैं कि विक्की ढिल्लो ने अपने शहर का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं। विशेष बातचीत के दौरान हरप्रीत सिंह विक्की ढिल्लो ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था। उनके अनुसार 40 सेकंड में 64 पुशअप्स लगाने के पीछे सालों की कठिन मेहनत और अनुशासन है। वह रोजाना लगभग सात से आठ घंटे अभ्यास करते थे। इसके अलावा जब भी वह छात्रों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देने जाते थे, उस समय भी अपने लक्ष्य पर ध्यान रखते हुए अभ्यास जारी रखते थे।

    उन्होंने कहा कि फिटनेस के क्षेत्र में आने की प्रेरणा उन्हें अपनी माँ से मिली, जो प्राथमिक स्कूल में अध्यापिका हैं। माँ ने ही बचपन से उन्हें खेलों और तंदुरुस्ती की ओर उत्साहित किया और यही प्रेरणा उन्हें लगातार आगे बढ़ाती रही। विक्की ढिल्लो के अनुसार दो अंगूठे वाली पुशअप बहुत ही मुश्किल होती है और इसके अभ्यास के लिए उन्हें लगभग 10 से 15 साल का समय लग गया। शुरुआत में वह हाथों पर पुशअप करते थे, फिर उंगलियों पर, फिर दो उंगलियों पर और आखिरकार वह अपने अंगूठों पर पुशअप करने में समर्थ हो गए।

    उन्होंने बताया कि तीन फुट ऊंचाई पर लोहे की रोड़ों पर संतुलन बनाकर यह परफॉर्मेंस करना बहुत ही चुनौतीपूर्ण होता है। घर में अभ्यास के दौरान दबाव कम रहता है, लेकिन जब सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में प्रदर्शन करना पड़ता है, तो मन कई बार डोल जाता है। वह कहते हैं कि हर प्रदर्शन की शुरुआत से पहले वह अकाल पुरख के आगे श्रद्धा से प्रार्थना करते हैं और इसी विश्वास के साथ अपने लक्ष्य तक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि जब इस बार वह अपने ही 40 पुशअप्स के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने जा रहे थे, तो मन में कई विचार आ रहे थे, क्योंकि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कई साल लगाए थे और अभी तक कोई भी उनका पुराना रिकॉर्ड नहीं तोड़ सका था।

    विकी ढिल्लो ने अपने संघर्ष के बारे में बताते हुए कहा कि इस मंजिल तक पहुंचने के लिए उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वह रोज़ाना सुबह तीन बजे उठते हैं और लगभग छह से सात घंटे अभ्यास करते हैं। वह किसी भी प्रकार के फूड सस्प्लीमेंट नहीं लेते, बल्कि सिर्फ घरेलू खुराक जैसे दूध, लस्सी और पंजाब की देसी खुराक ही खाते हैं। वह माँ द्वारा बनाई गई रोटियों को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं। उन्होंने कहा कि इस सफर में उनके परिवार और दोस्तों का बहुत बड़ा सहयोग रहा है, जिनकी हौसला अफज़ाई और मोटिवेशन के कारण ही वह आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। विक्की ढिल्लो के अनुसार आज की युवा पीढ़ी फिटनेस की तरफ कम ध्यान दे रही है, जबकि हमें अपने स्वास्थ्य की ओर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

    स्वस्थ शरीर ही निर्बल जीवन की नींव है और जब शरीर तंदुरस्त होगा, तो मन और समाज भी तंदुरस्त बनेंगे। उन्होंने बताया कि पंजाब के युवाओं को फिटनेस की तरफ प्रेरित करने के लिए वह लगातार प्रयासरत हैं। वह कई स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों और खास कर लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देते हैं ताकि कठिन समय में वे अपनी रक्षा खुद कर सकें। इसके अलावा वह बच्चों को कराटे और अन्य फिटनेस तकनीकें भी सिखाते हैं ताकि वे खुद सक्षम बन सकें।

    विक्की ढिल्लो ने कहा कि भले ही अब उनकी उम्र लगभग 50 साल के करीब हो गई है, लेकिन इसके बावजूद भी वह आगे कई विश्व रिकॉर्ड बनाने का मन बनाये बैठे हैं। वह कहते हैं कि जब भी वह स्कूलों में छात्रों को ट्रेनिंग देने जाते हैं, तो बच्चे अक्सर पूछते हैं कि आप आगे क्या करेंगे। इस सवाल का जवाब देते हुए वह कहते हैं कि वह अपने छात्रों के लिए ही आगे भी रिकॉर्ड बनाते रहेंगे और अपने टैलंट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक आगे ले जाने का प्रयास करते रहेंगे। दूसरी ओर, इस सफलता को लेकर विक्की ढिल्लो की माँ ने भी बहुत खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि बच्चे का अच्छा होना ही परिवार को खुशहाल रखता है। उन्हें बहुत गर्व है कि आज पवित्र नगर सुल्तानपुर लोधी में उनके परिवार के घर खुशियों का माहौल है और पूरा परिवार इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।

  • Punjab News: ब्लॉक समिति चुनाव में आप की महिला बनीं चेयरमैन, विपक्ष ने लगाया धरना, देखें वीडियो

    Punjab News: ब्लॉक समिति चुनाव में आप की महिला बनीं चेयरमैन, विपक्ष ने लगाया धरना, देखें वीडियो

    सुल्तानपुर लोधी: ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव को लेकर दिनभर चले राजनीतिक घमासान के बीच अंतत: आम आदमी पार्टी ने दोनों पद अपने नाम कर लिए। चुनाव प्रक्रिया के बाद विद्या रानी को ब्लॉक समिति का चेयरमैन और लाभ सिंह नबीपुर को वाइस चेयरमैन चुना गया। दूसरी ओर चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद भी जारी रहा। विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह के समर्थकों ने बीडीपीओ कार्यालय के बाहर धरना जारी रखा। राणा इंदर प्रताप सिंह ने कहा कि वह विधान सभा सत्र के बावजूद यहाँ मौजूद हैं क्योंकि चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर धक्केशाही हुई है।

    उनका कहना था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है और इस मामले में वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उधर, आम आदमी पार्टी के हल्का इंचार्ज सज्जन सिंह चीमा ने कहा कि ब्लॉक समिति चुनाव में कानूनी तरीके से वोटिंग हुई है और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की जीत सच्ची जीत है। उन्होंने नव-चुने चेयरमैन विद्या रानी और वाइस चेयरमैन लाभ सिंह नबीपुर को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत आम आदमी पार्टी की नीतियों और जनता के समर्थन का संकेत है।

    सज्जन सिंह चीमा ने धक्केशाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्षी दल बिना किसी कारण इल्जाम लगा रहा है। उन्होंने बताया कि हरविंदर सिंह लाली नामक सदस्य के मामले में पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही थी। क्योंकि उस पर पहले से मामला दर्ज था। उन्होंने कहा कि यह पुलिस का मामला है, पार्टी का इस से कोई संबंध नहीं।

    उनके अनुसार चुनाव प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी हुई और वोटिंग के बाद आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार जीत दर्ज करने में सफल रहे। इस पूरे मामले को लेकर दिनभर बीडीपीओ कार्यालय के आसपास राजनीतिक माहौल गर्म रहा और मौके पर पुलिस द्वारा भी सुरक्षा के प्रबंध किए गए।

     

     

  • Punjab News: 4 लाख लगाकर रूस गए युवक ने लौटकर किए चौंकाने वाले खुलासे, देखें वीडियो

    Punjab News: 4 लाख लगाकर रूस गए युवक ने लौटकर किए चौंकाने वाले खुलासे, देखें वीडियो

    कपूरथला: रूस में नौकरी का सपना दिखाकर भारतीय युवाओं के साथ हो रही ठगी का एक और मामला सामने आया है। हरियाणा के अंबाला के रहने वाले 25 वर्षीय युवक दीपक ने रूस से वापस आकर रौंगटे खड़े करने वाले खुलासे किए हैं। दीपक ने बताया कि उसे ट्रैवल एजेंट ने मॉस्को में 90 हजार रुपये महीना वेतन वाली नौकरी का लालच देकर 4 लाख रुपये लेकर रूस भेजा था, पर वहां उसे तकलीफों और जेल की यात्रा का सामना करना पड़ा। यह खुलासे उसने सल्तानपुर लोधी में निर्मल कुटिया में राज सभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मिलने के दौरान किए। दीपक ने बताया कि दिल्ली से मॉस्को की सीधी उड़ान सिर्फ 6 घंटे में पहुंच जाती है, पर एजेंट ने उसे इतना लंबा रूट बताया कि विभिन्न देशों और स्थानों से होकर वह 6 दिनों बाद मॉस्को पहुंचा।

    वहां एक कंपनी में काम करावाया गया पर एक महीने काम करने के बाद जब उसने वेतन मांगा तो उसे काम से ही निकाल दिया गया। इसके बाद एजेंट ने उसे 500 किलोमीटर दूर एक अन्य कंपनी में लगवा दिया। वहां भी एक महीने काम करने के बाद 90 हजार रुपये देने की बजाय उसके हाथ पर सिर्फ 5 हजार रुपये ही रखे गए। हालत इतनी खराब हो गई कि उसके लिए रोटी-पानी का जुगाड़ करना भी कठिन हो गया और किराए के कमरे का भुगतान करना भी मुश्किल हो गया।

    दीपक ने बताया कि जब वह बीमार हो गया और किराया नहीं दे सका तो मकान मालिक ने उसका पासपोर्ट छीन लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। मॉस्को के थाने में तीन दिन रखा गया जहां उसे पानी के अलावा कुछ भी खाने नहीं दिया गया। उसने बताया कि जब उसने खाने के लिए पुलिस कर्मियों से विनती की तो उसे करंट के झटके भी लगाए गए। तीन दिन बाद उसे इमिग्रेशन जेल में भेज दिया गया जहां विभिन्न देशों के नौजवान कैद थे।

    दीपक के मुताबिक इस जेल में लगभग 150 के करीब भारतीय नौजवान भी थे, जिनमें से अधिकतर पंजाब और हरियाणा से संबंधित थे। जेल में मिलने वाले मानसिक उत्पीड़नों और खराब खाने के कारण कई नौजवान बहुत परेशान रहते थे। दोपहर और रात के खाने में सुअर का मास होता था, जिसे कोई भी भारतीय नहीं खाता था और वह सिर्फ तीन ब्रैड के साथ ही गुजरारा कर रहे थे। उसने बताया कि जेल के हालात इतने खतरनाक थे कि कई बार उसका मन करता था कि अगर एक महीने और यहां रहना पड़ गया तो शायद वह जिंदा वापस नहीं आ सके। वापस आने के बाद उसकी सेहत इतनी खराब हो गई कि उसे 10-15 दिनों अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।

    बता दें कि दीपक के परिवार ने 2 फरवरी को राज सभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क किया था। उनकी तत्काल कोशिशों से दीपक 17 फरवरी को सही सलामत वापस भारत आ गया। इस मौके पर संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पंजाब और हरियाणा के नौजवानों से अपील की कि वह ठग ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आकर विदेश जाने की कोशिश न करें, क्योंकि ऐसे मामलों में युवाओं को बहुत खतरनाक हालत का सामना करना पड़ता है।

     

  • Punjab News: शादी पर गए परिवार के घर को चोरों ने बनाया निशाना, 75 लाख के गहने व नकदी उड़ाई, देखें वीडियो

    Punjab News: शादी पर गए परिवार के घर को चोरों ने बनाया निशाना, 75 लाख के गहने व नकदी उड़ाई, देखें वीडियो

    कपूरथलाः शेखूपुर इलाके में वार्ड नंबर 34 के एक घर को बीती रात चोरों ने निशाना बनाते हुए करीब 75 लाख रुपये के सोने-चांदी, नकदी और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद सिटी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी देते हुए परिवार के सदस्य सुमित ने बताया कि वह रात करीब 9 बजे अपने परिवार के साथ होशियारपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। जब वह सुबह करीब 2:30 बजे वापस घर लौटे तो देखा कि घर के मुख्य दरवाजे के ताले टूटे हुए थे। जब घर के अंदर जाकर देखा तो कमरों का सामान बिखरा पड़ा था और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपनी जगह से गायब था। जब अलमारियों की जांच की गई तो उनके ताले भी टूटे हुए थे और अलमारियों के अंदर रखा सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था।

    चोर घर से करीब 45 तोले सोना, आधा किलो चांदी, करीब 4 लाख रुपये नकद, एक हजार यूएस डॉलर और एक नई टैबलेट चोरी करके ले गए। उन्होंने बताया कि चोरी हुए गहनों में उनकी मां रीटा नैयर, जो अमेरिका में रहती हैं, उनकी बहन जो कनाडा में रहती हैं और उनकी पत्नी के गहने भी शामिल हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। इसके अलावा सुबह कपूरथला की डॉग स्क्वायड टीम ने भी मौके का मुआयना किया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं परिवार के मुखिया सुमित ने पुलिस प्रशासन से चोरों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है।

  • Punjab News: अवैध खनन को लेकर 2 पक्षों में हिंसक झड़प, चले तेजधार हथियार, कई घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: अवैध खनन को लेकर 2 पक्षों में हिंसक झड़प, चले तेजधार हथियार, कई घायल, देखें वीडियो

    कपूरथलाः सुल्तानपुर लोधी के मंड इलाके में पंचायत की जमीन से मिट्टी निकाले जाने के मुद्दे पर चल रही चर्चा के बीच 2 पक्षों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। इस झड़प के दौरान दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल सुल्तानपुर लोधी में भर्ती कराया गया है।

    पहले पक्ष के सलविंदर सिंह, मलकीत सिंह और संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि पंचायत की जमीन से हो रहे अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने और इस संबंध में 5 मार्च को BDPO सुल्तानपुर लोधी को लिखित शिकायत देने के बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। उनका कहना है कि खनन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कल करीब 7-8 लोग उनके घर आए और उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिसमें वे घायल हो गए। उनका कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाना उन्हें भारी पड़ रहा है और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

    दूसरी ओर, दूसरे पक्ष के जसपाल सिंह, अर्शदीप सिंह और सरबजीत कौर का भी घायल अवस्था में इलाज चल रहा है। उनका आरोप है कि 7-8 लोग उनके घर आए और उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिस कारण वे घायल हो गए। उन पर लगाए गए अवैध खनन के आरोपों का उन्होंने जोरदार खंडन किया है।

    गौरतलब है कि इससे पहले, मंड इलाके के सरदुल्लापुर गांव के पास पंचायत शामलात जमीन से मिट्टी निकाले जाने के आरोपों से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई थी। इस संबंध में BDPO को एक लिखित शिकायत भी दी गई थी और प्रशासन से मामले की जांच करने को कहा गया था। झड़प के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

    SDM सुल्तानपुर लोधी अमनपाल सिंह ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आ गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और यदि जांच के दौरान कोई अनियमितता पाई जाती है, तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।