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  • इस पौधे की 4 पत्तियां, कई बीमारियों को कर देगी दूर

    हेल्थ टिप्स :  तुलसी के पौधे को आयुर्वेद में कई बीमारियों का इलाज माना गया है। ये पत्तियां सेहत के लिए कई प्रकार से काम करती हैं। ये जहां एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर है वहीं इसमें कई प्रकार के ऐसे तत्व भी हैं जो कि आपको कई बीमारियों में काम आ सकते हैं। इसमें कभी एनाल्जेसिक गुण है तो कई प्रकार के एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी हैं जो कि दर्द को कम करने के साथ बॉडी हीलिंग में मदद करते हैं। इतना ही नहीं तुलसी की 4 पत्तियों को चबाना भी आपको कई बीमारियों से बचा सकता है। क्यों और कैसे, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

     सर्दी-जुकाम की समस्या

    तुलसी का पत्ता इम्यूनिटी बूस्टर गुणों से भरपूर है। ये आपके इम्यून टी सेल्स को बढ़ावा देता है और आपको सर्दी-जुकाम की समस्या से बचाता है। इसके अलावा जिन लोगों को कफ की समस्या है या फिर सीने में कंजेशन है उनके लिए भी तुलसी के पत्तों का सेवन फायदेमंद है। तो, इन तमाम फायदों के लिए आपको रोजाना 4 तुलसी की पत्तियों को जरूर चबाना चाहिए। इसके अलावा आप इसकी चाय भी पी सकते हैं या इसका काढ़ा भी सकते हैं।

    सूजन और दर्द

    तुलसी के पत्ता एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भी भरपूर है जो कि कई प्रकार के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। ये सूजन और दर्द को कम करता है और सिर दर्द में भी काम आता है। इन पत्तियों की खास बात ये है कि ये दिमाग को रिलैक्ल करता है और आपकी न्यूरल गतिविधियों को बेहतर बनाता है। इसके अलावा भी तुलसी के पत्ते का सेवन कई प्रकार के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। 

    एलर्जी राइनाइटिस

    तुलसी के पत्ते एंटी एलर्जिक गुणों से भरपूर होते हैं जो कि सर्दियों में होने वाली एलर्जी से बचाते हैं। ये डस्ट एलर्जी के साथ एलर्जी राइनाइटिस की समस्या में फायदेमंद है जो कि इन दोनों के लक्षणों से लड़ने में मदद करता है। इसके अलावा बस 4 पत्तियों को चबाना कई प्रकार की समस्याओं से बचाव में मदद करता है। जैसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस का ट्रिगर करना

    ये सामान्य जानकारी है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें

  • इन 5 फूड्स को खाने से डिप्रेशन की होगी छुट्टी

    Health tips: तनाव और डिप्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं ऐसे में हमें खाने को लेकर सतर्क होने की जरूरत है। अगर आपको लगे की तनाव को रहा है तो आप डार्क चॉकलेट को खा लेनी चाहिए। ये लोगों को खाना बेहद ही पंसद होता है।

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    खट्टे फलों का सेवन भी आपको करना चाहिए। ये आपके तनाव को कम करने में काफी मददगार साबित होते हैं। इससे तनाव और अवसाद का खतरा कम होता है और आपको अच्छा महसूस होता है।

    खट्टे फल

    शकरकंदी को भी आपको अपनी डाइट में शामिल कर लेना चाहिए। इससे भी आपके दिमाग को काफी आराम होगा और आपको तनाव भी कम होगा। इसमें विटामिन सी और पोटेशियम होता है जो आपके लिए फायदेमंद होता है।

    शकरकंद

    फैटी मछली आपके मन के तनाव को दूर करने में काफी मददगार साबित होता है। आपको इसको भी खाना चाहिए। ये आपके मन को शांत रखने के लिए भी काफी मददागर साबित होता है।

    फैटी मछली

    एवोकाडो तनाव को दूर करने का एक बेहतर माना जाता है इसमें काफी पोषक तत्व पाये जाते हैं जो आपके तनाव के साथ-साथ आपकी काफी बीमारियों को भी दूर करने में काफी मददगार होता है।

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  • महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है ये विटामिन

    Health tips: रिसर्च में पाया गया है कि अगर महिलाओं की शरीर में विटामिन डी की कमी के कारण हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर, स्ट्रोक, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ कई और परेशानियां पेश आ सकती हैं। आइए जानते हैं कि इस पोषक तत्व की कमी पर हमारा शरीर कैसे इशारे देता है।

    हम सभी जानते हैं कि हड्डियों को मजबूती देने के लिए आपको कैल्शियम रिच फूड का सेवन करना पड़ता है, लेकिन अगर शरीर में विटामिन डी की कमी है तो कैल्शियम का एब्जॉर्बशन बुरी तरह प्रभावित हो जाता है, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।

    जो महिलाएं विटामिन डी की डेफिशिएंसी की शिकार हैं उनकी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है, जिसकी वजह से उन्हें कई तरह के वायरल इंफेक्शन और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

    शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाए तो जख्म, सर्जरी का घाव देर से भरता है। इसके साथ-साथ अगर चोट लग जाए, तो दर्द से जल्दी निजात नहीं मिल पाता। इसलिए बेहतर है कि रोजाना धूप में कुछ वक्त जरूर बिताएं।

    आपने देखा होगा कि कई महिलाएं रोजाना के काम करने में थकान महसूस करती है, क्योंकि विटामिन डी की कमी से शरीर में कमजोरी आने लगती है और ब्लड शुगर लेवल काफी कम हो सकता है।

  • सफेद बालों को काला करने के लिए अपनाएं किचन का ये देसी तरीका

    Health tips: पुराने जमाने में सफेद बालों को बढ़ती उम्र की निशानी माना जाता था, लेकिन मौजूदा वक्त में 25 साल के युवाओं के बाल भी पकने लगे हैं। मौजूदा दौर की लाइफस्टाइल, प्रदूषण और अनहेल्दी फूड हैबिट्स इसके सबसे बड़े कारण माने जाते हैं। अगर आप भी कम उम्र में इस समस्या से परेशान हैं तो हम आपकी ये टेंशन दूर कर सकते हैं।

    यंग एज में बाल सफेद होने से शर्मिंदगी और लो कॉन्फिडेंस का सामना करना पड़ता है, अगर इसके लिए केमिकल युक्त हेयर डाई का इस्तेमाल करेंगे तो बाल डैमेज हो सकते हैं, ऐसे में मेथी के प्रयोग से आपको मनचाहा रिजल्ट मिल सकता है।

    अगर आप चाहते हैं कि सफेद बाल नेचुरल तरीके से काले हो जाएं तो मेथी के साथ गुड़ का सेवन करना शुरू कर दें। आयुर्वेद में भी इन दोनों के कॉम्बिनेशन के फायदे बताए गए हैं। मेथी और गुड़ से न सिर्फ बालों में डार्कनेस वापस आ जाएगी, बल्कि इससे हेयर फॉल और गंजापन जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाएगा, साथ ही बालों में गजब की चमक देखने को मिलेगी।

    बालों के फायदे के लिए मेथी का दूसरे तरीके से भी इस्तेमाल किया जा सकता है, इसके लिए आप एक बर्तन में पानी रखें और मेथी के दानों को मिक्स कर लें। इसके बाद इसे उबालें और फिर ठंडा करने के लिए छोड़ दें। इस मेथी के पानी से सिर धोएं और करीब 15 मिनट तक बालों को न धोएं। कुछ दिनों तक ऐसा करने से मनचाहा रिजल्ट हासिल हो जाएगा।

    आप मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोने के लिए छोड़ दें और सुबह-सुबह इसे पीसकर पेस्ट तैयार कर लें और बालों में लगा लें, कुछ दिनों तक इस विधि को अपनाने से बाल नेचुरल तरीके से काले हो जाएंगे।

  • सुबह के नाश्ते में कभी न खाएं ये अनहेल्दी फूड, वरना बिगड़ सकती है सेहत

    Health Tips: सुबह उठने के बाद सभी एक पॉजिटिव शुरुआत चाहते हैं। इसके लिए सबसे पहले लोग चाय पीते हैं। जिससे वो फ्रेश महसूस कर सकें। साथ ही एक नए दिन की शुरुआत ऐसी होनी चाहिए जिससे आप दिनभर एनर्जेटिक फील कर सकें।

    इसके लिए लोग कोशिश करते है कि वो अपने नाश्ते को शाही तरीके से करें। क्योंकि दिनभर अच्छा फील करने के लिए अच्छा नाश्ता बेहद जरूरी है। कुछ फूड्स ऐसे होते हैं जिन्हें डाइट में शामिल करके आप खुद को फिट रख सकते हैं। लेकिन इसके विपरीत अगर आप अनहेल्दी फूड्स के साथ आप अपनी सेहत के साथ दिन भी खराब कर लेते हैं। तो आज हम इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि कौन से फूड्स आपको दिन की शुरुआत में बिल्कुल भी नहीं खाने हैं…

    1. अगर आप सुबह नाश्ते में पैनकेक्स खा रहे हैं, तो समझ लें आगे चलकर इससे आपकी सेहत बिगड़ने वाली है। क्योंकि भागदौड़ के चलते लोग घर का बना हेल्दी नाश्ते नहीं कर पाते। ऐसे में लोग विकल्प के तौर पर ऐसे फूड्स ढूंढते हैं जो खाने में आसान हो। पैनकेक और वैफर्स इन्हीं में से एक है। बहुत से लोग सुबह नाश्ते में इसे खाना पसंद करते हैं। लेकिन ये नाश्ते के लिए अच्छा विकल्प नहीं है. इससे आपकी एनर्जी कम हो सकती है।

    2. अधिकतर लोगों के दिन की शुरुआत चाय के साथ ही होती है। लेकिन सुबह खाली पेट चाय सेहत के लिए अच्छी नहीं मानी जाती। सुबह चाय पीने की ये आदत लोगों को असहज महसूस करा सकती है। हालांकि, आप चाहें तो सुबह की चाय के साथ कुछ स्नैक्स खा सकते हैं। लेकिन खाली पेट सुबह चाय बिल्कुल न पिएं। इससे सेहत को कई नुकसान हो सकते हैं। साथ ही यह ब्लड शुगर को भी बढ़ा सकता है।

    3. ब्रेकफास्ट में आप कभी भी सीरियल को शामिल न करें। हालांकि बहुत से लोग इसे सुबह अपने नाश्ते का हिस्सा बनाते हैं। अधकितर लोग इसे एक हेल्दी विकल्प मानते हैं। लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं है। दरअसल, इसमें मौजूद शुगर की अधिक मात्रा और फाइबर की कम मात्रा आपकी सुबह की डाइट को गड़बड़ कर सकती है।

  • बदलते मौसम के कारण हो रहें हैं बीमार तो यह फल जरूर खाएं

    नई दिल्ली :  बदलता मौसम हमारे शरीर को काफी प्रभावित करता है। मौसमी बदलाव के साथ ही कई तरह के संक्रमण फैलने लगते है। बदलते मौसम में हमारी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे हम आसानी से बीमार पड़ जाते है। नवंबर महीने में मौसम में काफी उतार-चढ़ाव आने लगता है कभी सर्द तो गर्म महसूस होता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। ऐसे में हमें अपने खान-पान में कुछ ऐसी चीजें शामिल करनी चाहिए जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं और हमें स्वस्थ रखें। फल ऐसा ही एक आहार है जो हमारे शरीर को सही पोषक तत्व देता है और हमें बीमारियों से दूर रखता है। कुछ ऐसे ही फल हैं जो मौसमी बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं आइए जानते हैं इसके बारे में.

     संतरा

    संतरा मौसमी बीमारियों से लड़ने में बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स को रोकते हैं जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते है। संतरे में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करते है।

    अमरूद

    अमरूद में विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट्स, पोलीफेनोल्स और फ्लेवोनॉएड्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते है। विटामिन C हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते है। अमरूद के गुण इन्फ्लेमेशन को कम करने में भी मदद करते है।

    सेब

    सेब में विटामिन C, एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है. विटामिन C हमारी इम्यूनिटी को बूस्ट करता है और एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाते है। सेब के छिलके में क्वर्सेटिन नामक एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है जो वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। इसको खाने से शरीर में प्रीबायोटिक्स की मात्रा बढ़ती है जो पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते है। इसे खाने से एनर्जी लेवल भी बना रहता है और थकान दूर होती है।

    अना

    अनार मौसमी बीमारियों से लड़ने में एक बेहतरीन फल है। अनार में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं और बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते है। अनार में विटामिन सी, एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइबर होता है जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

  • October और November के महीने में क्यों होते है ज्यादा बीमार? जानें वजह

    Health Tips: जैसे ही शरद ऋतु के पत्ते गिरते हैं और हवा में ठंड लगती है, कई लोग अक्टूबर और नवंबर में मौसमी बीमारियों से जूझते हुए पाते हैं। मौसम में बदलाव को अक्सर बीमारी में इजाफे के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है, इन महीनों के दौरान लोगों को बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील होने के पीछे के कई कारण हैं और सिर्फ तापमान में गिरावट ही वजह नहीं हैं।

    1. अक्टूबर और नवंबर में दिन छोटा होने लगता है जिससे हम धूप के संपर्क में कम आते है, इससे विटामिन डी के उत्पादन में कमी आ जाती है, जो इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए बेहद जरूरी है। यही वजह है कि इस दौरान हमें ज्यादा वायरल इंफेक्शन का सामना करना पड़ता।

    2. इन दोनों महीनों में लोग बाहर से ज्यादा इंडोर में वक्त गुजारते हैं क्योंकि सर्द हवाएं त्वचा को चुभने लगती है। क्योंकि कई लोग एक साथ संपर्क में आते हैं इसलिए वायरस को फैलने के लिए आइडियल कंडीशन बन जाता है।

    3. बरसात के बाद मौसम बदलने लगता है और जगह-जगह पानी जमा होने लगते हैं, जो डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मच्छरों के लिए परफेक्ट ब्रीडिंग ग्राउंड तैयार कराता है। अक्टूबर-नवंबर आते आते इन मच्छरों की संख्या काफी ज्यादा हो जाती है, जिससे बीमारी फैलती है।

    4. मौसम न ही ज्यादा गर्म और न ही ज्यादा ठंडा होता है, ऐसे में लोग घटते और बढ़ते तापमान में लापरवाही कर बैठते हैं, जैसे देर रात के वक्त ठंडे कपड़े न पहनना, लो टेम्प्रेचर के दौरान नहाना। ऐसी गलतियां कई लोगों को भारी पड़ जाती है।

  • भूलकर भी न खिलाएं बच्चों को ये 5 तरह के Foods

    भूलकर भी न खिलाएं बच्चों को ये 5 तरह के Foods

    नई दिल्लीः आपके बच्चों की सेहत और विकास कैसे होगा ये काफी हद तक इस बात पर डिपेंड करता है कि आप अपने लाडले और लाडलियों को कैसे फूड्स खाने को दे रहे हैं। बच्चों को आप कितनी भी हेल्दी डाइट खिलाने की कोशिश क्यों न करें उन्हें कई तरह के जंक और फास्ट फूड्स पसंद आते हैं। भले ही आप उनसे कितना भी प्यार क्यों न करते हैं, लेकिन उनकी जिद के आगे बिलकुल भी न झुकें वरना सेहत को नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं कि हमें अपने छोटे बच्चों को क्या-क्या नहीं खिलाना चाहिए।

    1. कोल्ड ड्रिंक्स को देखकर बच्चों का मन काफी ज्यादा मचलता है। अक्सर वो बड़ों को देख ऐसे पेय पदार्थ पीने की जिद करते हैं। इसमें चीनी की मात्रा काफी ज्यादा होती है जिससे वजन का बढ़ना। कोलेस्ट्रॉल में इजाफा होना, दांत सड़ना और कई अन्य परेशानियां हो सकती हैं।

    2. अपने बच्चों के लिए फास्ट फूड को या तो सीमित कर लें इनका सेवन पूरी तरह बंद करा दें क्योंकि इनमें हद से ज्यादा अनहेल्दी फैट्स, सोडियम और शुगर की मात्रा होती है जो किड्स की सेहत को बुरी तरह नुकसान पहुंचाती है।

    3. चिप्स, बिस्किट और कई तरह के स्नैक्स का स्वाद बच्चों को काफी ज्यादा आकर्षित करता है, लेकिन इन चीजों को अपने बच्चों की पहुंच से दूर रखें क्योंकि इसमें फैट, सोडियम और आर्टिफीशियल इंग्रेडिएंट्स का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है जो बच्चों की सेहत के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं है।

    4. रोजाना नाश्ते में यूज होने वाला व्हाइट ब्रेड या इससे बनी सैंडविच बच्चों को काफी ज्यादा पसंद आती है, लेकिन इसको देर तक ताजा रखने के लिए नमक मिलाया जाता है। हाई सोडियम डाइट बच्चों के लिए अच्छे नहीं होते। इसके जगह होल ग्रेन की रोटी खाएं।

    5. मीठी कैंडी बच्चों की कमजोरी होती है, लेकिन मां-बाप को इस आदत पर लगाम लगानी चाहिए क्योंकि इससे बच्चों में मोटापा बढ़ जाता है और कई तरह के हेल्थ इश्यूज होते हैं। साथ ही ये दांतों की सड़न के लिए जिम्मेदार है।

  • कम उम्र में परेशान कर रही कमर दर्द? तो फाॅलो करें ये 5 आसान उपाय…

    कम उम्र में परेशान कर रही कमर दर्द? तो फाॅलो करें ये 5 आसान उपाय…

    Health Tips: अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान कई बीमारियों की वजह बन सकता है। इसमें कमर दर्द टॉप पर है। इसको आम भाषा में बैक पेन भी कहा जाता है। महिला हो या फिर पुरुष, आज कल कमर दर्द एक आम समस्‍या बन गई है। इस परेशानी से आज के समय में आधी से ज्यादा आबादी परेशान है। बेशक, कमर दर्द के कई कारण माने जाते हैं, लेकिन लंबे समय तक एक ही पॉश्चर में बैठकर काम करना या शरीर में कैल्शियम और विटामिन की कमी होना इसके मूल कारणों में से एक हैं। सामान्यता ये दिक्कत 30 की उम्र के बाद शुरू होती है, लेकिन वर्तमान में यह बीमारी युवाओं को भी आगोश में ले रही है। यह दर्द लोगों का उठने-बैठने तक में भी तबाह कर देता है। हालांकि कुछ उपायों को अपनाने से आप इस दर्द को हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं।

    एक्सपर्ट के अनुसार, खुद को फिट और हेल्दी रखने के लिए नियमित तौर पर व्यायाम बेहद जरूरी है। ऐसा करने से न केवल कमर का दर्द ठीक होता है, बल्कि शरीर की फिटनेस भी बनी रहती है। साथ ही वॉकिंग और स्विमिंग भी अच्छे विकल्पों में से एक हैं। वहीं, रोजाना कम से कम 20 मिनट पैदल चलें। ऐसा करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।

    यदि आप किसी तरह का वजन उठा रहे हैं तो ध्यान रहे कि आप इसे आराम से उठाएं। क्योंकि अचानक या गलत तरीके से वजन उठाने से आपकी कमर में दर्द हो सकता है। कोशिश करें कि झटके से उठने, बैठने या सोने से भी बचें, ताकि कमर पर अचानक प्रेशर न पड़े। इसके अलावा, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हरी सब्जियों और फलों का सेवन करें।

    अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान लगातार शरीर का मोटापा बढ़ा रहे हैं। ये शरीर के साथ कमर दर्द में भी तकलीफ देता है। इसको कंट्रोल करने के लिए नियमित एक्सरसाइज के साथ अच्छे खानपान पर ध्यान दें। ऐसा करने से कमर में होने वाला दर्द भी दूर हो सकता है।

    घंटों एक ही पोजीशन में बैठे रहना भी कमर दर्द का एक बड़ा कारण है। बेहतर होगा कि बैठने की मुद्रा को हर 15-20 मिनट में बदलते रहें, ताकि आपकी मांसपेशियां अच्छे से काम कर सकें। ऐसा करने से आप कमर दर्द से बचे रहेंगे।

    देर तक काम करते वक्त आपको कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। यदि आप लैपटॉप और डेस्कटॉप पर काम कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि कंप्यूटर का माउस 90 डिग्री के कोण पर हो। वहीं, मोबाइल इस्तेमाल करते हुए गर्दन न झुकाएं बल्कि सिर्फ नजर नीची करें।

  • सुबह उठने के बाद रहती है थकान? तो देखें ये वीडियो  

    सुबह उठने के बाद रहती है थकान? तो देखें ये वीडियो  

    Ayurvedic Tips : क्या आप भी सुबह उठने का बाद बहुत थकान महसूस करते हैं? जैसे-जैसे हम वसंत श्रतु और गर्मियों के मौसम में प्रवेश करते हैं, लोगों के साथ सुबह उठने का बाद थकान की समस्या देखने को मिलती है। भले ही, उन्होंने रात में 7-8 घंटे की अच्छी नींद क्यों न ली हो, इसके बावजूद उन्हें सुबह बहुत नींद आती है। 

    आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. वरालक्ष्मी यनामंद्र (BAMS, Ayurveda) के अनुसार, वसंत और गर्मियों की शुरुआत के दौरान शरीर में कफ का प्रभाव अधिक होता है। साथ ही सुबह 6-8 बजे के समय कफ अधिक प्रभावी है। यही कारण है, कि इस दौरान आप अधिक थकान और आलस्य महसूस करते हैं। लेकिन लोगों को इसके कारण काफी असजता होती है। इसकी वजह से उनके कई काम भी देर से होते हैं। ऐसे में सुबह की थकान से छुटकारा पाने लिए तरह-तरह के उपाय ढूंढन में लगे रहते हैं। डॉ. वरालक्ष्मी ने अपनी एक इंस्टाग्राम पोस्ट में सुबह की थकान को दूर करने के लिए 3 आयुर्वेदिक उपाय शेयर किये हैं। इस लेख में हम आपको इनके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

    सुबह की थकान दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय-

    सुबह उठने के बाद तरोताजा महसूस करने के लिए दैनिक व्यायाम से बेहतर कुछ भी नहीं हो सकता है। कुछ सरल एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग या मॉर्निंग वॉक करने से थकान दूर होती है और हल्का महसूस करते हैं। इससे आपको पूरा दिन एनर्जेटिक और स्वस्थ रहने में भी मदद मिलेगी।

    शरीर की गर्मी बढ़ाने वाले फूड्स खाएं

    तीखे, कड़वे और कसैले स्वाद वाले हल्के भोजन खाने से आपके भीतर की गर्मी बढ़ाने में मदद मिल सकती है। यह पाचन को बनाए रखते हैं और आपको एनर्जी प्रदान करते हैं। यह आपके शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मदद करते हैं।