चंडीगढ़ः पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अयोध्या धाम पहुंचे हैं। चन्नी ने अपने परिवार समेत राम मंदिर में नतमस्तक होकर आशीर्वाद लिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर की। अपनी पत्नी के साथ पूर्व सीएम ने रामलला के दर्शन किए। पूर्व सीएम ने यहां पत्रकारों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनके दिल में भगवान राम के लिए अलग स्थान है। उन्होंने बताया कि उनका जन्म भी राम नवमी के दिन हुआ था। वहीं पूर्व सीएम ने यहां चुनाव से संबंधित कोई भी बात नहीं की। वहीं कांग्रेस पूर्व सीएम को पंजाब की फतेहगढ़ साहिब सीट पर लोकसभा चुनाव में खड़ा करने का प्लान बना रही है। अटकलों के बाजार भी इस खबर से गर्म हो गया है। साथ ही पंजाब सरकार ने भी अपनी रणनीति बदल सकती है।
Category: Punjab>Fazilka
-
पंजाबः दिन दहाड़े मेडिकल स्टोर पर मोटरसाइकिल सवार युवकों ने चलाई गोलियां
मानसाः लोकसभा चुनावों को लेकर जहां पुलिस द्वारा जगह- जगह नाकेबंदी की जा रही है। वहीं हमलावारों द्वारा दिन दहाड़े गोलियां चलने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। वहीं शहर में एक मेडिकल स्टोर पर मोटरसाइकिल सवार 2 अज्ञात युवकों द्वारा फायरिंग किये जाने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। हालांकि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन गोलीबारी में दुकान के शीशे टूट गये। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। वहीं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और जांच में जुट गए हैं। अभी तक गोली चलने के मामला का पता नहीं चल पाया है। पुलिस का कहना है कि वह जांच कर रहे है।
-
पंजाबः कलयुगी मां ने किया 7 वर्षीय बच्चे का क+त्ल, जांच में हुआ चौकाने वाला खुलासा
मानसाः बस स्टैंड पर 2 दिन पहले मिले बच्चे के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा लिया है। बच्चे की हत्या किसी ओर ने नहीं बल्कि मां ने की थी। मामले की जानकारी देते हुए एसपी (डी) मनमोहन सिंह औलख ने बताया कि महिला को उनकी टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान संदीप कौर पत्नी हरप्रीत सिंह निवासी बिलासपुर (मोगा) ने बताया कि उसके भतीजे का कत्ल भाभी ने किया है। वहीं बच्चे की पहचान 7 वर्षीय अगमनजोत के रूप में हुई है। आरोपी महिला की पहचान जैसमीन के रूप में हुई है।
वहीं मृतक बच्चे अगमजोत के चाचा अमनदीप सिंह ने बताया कि वह सामान खरीदने के लिए दिल्ली जा रहा था। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही बच्चे की फोटो देखकर पहचान लिया कि यह उनका ही बच्चा है। जिसके बाद उसने अपने घर फोन कर इसकी जानकारी ली। लेकिन बच्चे की मां जैसमीन ने बताया कि वह अपनी नानी के घर गया हुआ है। पीड़ित ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
शुरुआती जांच में पता चला कि मां ने ही अपने बच्चे की हत्या की है। पूछताछ के दौरान महिला ने बताया कि उसने अपने बच्चे को जमीन के नीचे दबाकर मार दिया था। उसके बाद उसे जो भी बस मिली, उसमें बैठकर वह मानसा आ गई और बच्चे का शव वहीं छोड़कर फरार हो गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी पति 3 साल से बठिंडा जेल में बंद है और वह अपनी जिंदगी किसी दूसरे शख्स के साथ गुजारना चाहती थी, जिसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया है और गहनता से पूछताछ की जाएगी।
-
पंजाबः अकाली दल ने चुनाव मैनिफेस्टों कमेटी का किया ऐलान, देखें लिस्ट
चंडीगढ़ः पंजाब में लोकसभा चुनावों को लेकर सभी पार्टियां फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। वहीं शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की मैनिफेस्टों कमेटी की घोषणा कर दी है। इसमें सीनियर अकाली नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ चेयरमैन और डाॅ. दलजीत सिंह चीमा सदस्य सचिव होंगे। इस समिति में 15 सदस्य हैं और इसके अलावा 6 सदस्यों को विशेष आमंत्रित के रूप में जोड़ा गया है।

-
पंजाबः Sidhu Moosewala की मां का जानें कहां हुआ था IVF, बड़ी Update आई सामने
मानसाः सिद्धू मुसेवाला के भाई के जन्म को लेकर कुछ दिन पहले केंद्र द्वारा रिपोर्ट मांगी गई थी। जिसको लेकर मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह भड़क गए थे और उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए मांग की थी कि उनकी पत्नी का ट्रीटमेंट पहले सही से होने दे, उसके बाद वह सारी रिपोर्ट खुद उनकों सौंप देंगे। वहीं सोशल मीडिया पर बलकौर सिंह का बयान आने के बाद सीएम भगवंत मान ने पंजाब के मंत्रियों और स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिए थे कि केंद्र द्वारा जारी पत्र को लेकर वह उनसे एक बार विचार विमर्श जरूर करें। वहीं पंजाब सरकार के हस्ताक्षेप के बाद मामले पर विराम लग गया।
सूत्रों का कहना है कि चरण कौर के बच्चे की डिलीवरी करने वाले अस्पताल के खिलाफ एक व्यक्ति ने स्वास्थ्य मंत्रालय को शिकायत भेजी थी। उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मामला उजागर होने के बाद पंजाब स्वास्थ्य विभाग से मामले में रिपोर्ट मांगी थी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वास्थ्य सचिव द्वारा बलकौर सिंह से आई.वी.एफ. को लेकर जवाब मांगने पर ऐतराज जताया था और 2 सप्ताह के अंदर मामले में जवाब देने को कहा था। सूत्र कहते हैं कि पहले स्वास्थ्य विभाग आई.वी.एफ. करने वाले अस्पताल को लेकर जांच करने वाला था परंतु मुख्यमंत्री द्वारा जताए गए ऐतराज के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले में चुप्पी साध ली है और जांच से हाथ पीछे खींच लिए हैं।
हालांकि ऐसा स्वास्थ्य विभाग में कहा जा रहा है कि चरणकौर का आई.वी.एफ. यू.के. में हुआ है क्योंकि बलकौर सिंह अपनी पत्नी चरणकौर के साथ नवम्बर 2022 में यू.के. गए थे। यू.के. में आई.वी.एफ. करवाने वाली महिला की उम्र को लेकर कोई पाबंदी नहीं है। जब सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने उनसे सिर्फ एक बार पूछताछ की। उसके बाद विभाग ने कोई सवाल नहीं किया। इधर, पंजाब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले में कुछ भी कहने से इनकार करते हुए कहा कि मामला बहुत ही गंभीर है, इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता। परंतु अब स्वास्थ्य विभाग आई.वी.एफ. मामले में कोई भी कदम नहीं उठाएगा। परिवार से मामले में कोई पूछताछ नहीं की जाएगी।
-
पंजाबः किसानों ने पुतले फूंकने और ट्रेनें रोकने का किया ऐलान
चुनावों के दौरान बढ़ सकती है मुश्किलें
चंडीगढ़: संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) एवं किसान मजदूर मोर्चा की ओर से किसान भवन में प्रैस कांफ्रेंस के बाद भाजपा के पुतले फूंकने का ऐलान किया गया है। किसानों का कहना है कि अगर फिर भी सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो उनके द्वारा शंभू बॉर्डर पर रेलवे ट्रैक को जाम कर ट्रेनें रोकी जाएंगी। इस दौरान मुख्य तौर पर जगजीत सिंह डल्लेवाल, सरवन सिंह पंधेर, लखविंद्र सिंह औलख, अमरजीत सिंह मोहड़ी, सुखजिंद्र सिंह खोसा, बलदेव सिंह जीरा, अभिमन्यु कोहाड़, जसविंद्र लोंगोवाल, सुखदेव सिंह भोजराज, मंजीत सिंह राय आदि मौजूद रहे।
किसानों का कहना है कि 13 फरवरी से शंभू, खनौरी, डबवाली एवं रतनपुरा बॉर्डर पर किसानों के मोर्चे लगे हुए हैं। सभी बॉर्डरों पर किसानों को परेशान करने के लिए बिजली व्यवस्था को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है। किसान नेताओं ने कहा कि 10 फरवरी से हरियाणा में सैंकड़ों किसानों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 5 किसान नेता अभी भी जेल में हैं, अभी रविंद्र सिंह (13 फरवरी से जींद जेल), अमरजीत सिंह (13) फरवरी से जींद जेल), अनीश खटकड़ (19 मार्च से जींद जेल), नवदीप सिंह और गुरकीरत सिंह (28 मार्च से अम्बाला पुलिस की कस्टडी) में हैं। दोनों मोर्चों ने फैसला लिया कि मंडियों को बचाने के लिए, जेल में बंद किसानों की रिहाई व किसानी मोचों पर बिजली की उचित व्यवस्था के लिए 7 अप्रैल को जिला स्तर पर जुलूस निकालकर भाजपा के पुतले दहन किए जाएंगे।
यदि सरकार ने फिर भी किसानों की इन बातों को नहीं माना तो 9 अप्रैल को शंभू बॉर्डर पर रेलवे ट्रैक को जाम कर ट्रेनें रोकी जाएंगी और आगामी दिनों में रेल रोकने के स्थान बढ़ाए जा सकते हैं। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने हालिया समय में कई मंडियों को खत्म कर के गेहूं की फसल सीधे साइलो में लेकर जाने का आदेश जारी किया है जो पिछले दरवाजे से 3 कृषि कानूनों को दोबारा लागू करने के समान है। ऐसे में चुनावों के मद्देनजर भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती है।
-
पंजाबः चुनाव लड़ने को लेकर सुखबीर बादल ने किया बड़ा ऐलान
चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने घोषणा की कि वह आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। बादल ने राज्य की संसदीय सीट के लिए उम्मीदवारों पर चर्चा के लिए यहां पार्टी नेताओं, जिला पार्टी अध्यक्षों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के सदस्यों के साथ एक दिवसीय बैठक के बाद यह घोषणा की। निवर्तमान लोकसभा में फिरोजपुर से सदस्य बादल से जब यह पूछा गया कि क्या वह संसदीय चुनाव लड़ेंगे तो उन्होंने कहा, “मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं।” एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संभावित उम्मीदवारों के नाम पर विचार-विमर्श चल रहा है। उन्होंने कहा कि परामर्श प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाएगी।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) पंजाब में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ रही है क्योंकि भाजपा के साथ पार्टी का गठबंधन नहीं हो सका था। भाजपा के अकेले चुनाव लड़ने से आम चुनाव में इस सीमावर्ती राज्य में चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। पंजाब में 13 लोकसभा सीट के लिए मतदान 7 चरण वाले आम चुनाव के अंतिम चरण में एक जून को होगा। शिरोमणि अकाली दल ने अब निरस्त किए कृषि कानूनों को लेकर सितंबर 2020 में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से संबंध तोड़ लिए थे. दोनों दलों ने 1996 में गठबंधन बनाया था और एक साथ मिलकर चुनाव लड़ते रहे। 2019 में उन्होंने पंजाब में दो-दो लोकसभा सीट जीती थी।
इससे पहले शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बीते 27 मार्च को लोगों से अपील की थी कि वे अपनी क्षेत्रीय पार्टी का समर्थन करें, जो पंजाब के हितों की रक्षा के लिए सिद्धांतों पर लोकसभा चुनाव लड़कर दिल्ली की सभी पार्टियों से मुकाबला कर रही है। शिअद प्रमुख ने ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ के तहत मनसा और बुढलाडा विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करते हुए यह अपील की थी। उनके साथ बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल भी थीं। सुखबीर बादल ने कहा, “हम भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के खिलाफ लड़ रहे हैं जिनके पास पंजाब के लिए कोई एजेंडा नहीं है।” उन्होंने कहा था, ठकेवल अकाली दल ही आपके अधिकारों की रक्षा कर सकता है।”
-
पंजाबः बस स्टैंड पर मचा हड़कंप, मेज से बच्चे का श+व बरामद
मानसाः बस स्टैंड से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, बस स्टैंड पर उस समय सनसनी फैल गई जब एक मेज पर 10 वर्षीय बालक की शव मिला। बताया जाता है कि अज्ञात व्यक्ति बच्चे के शव को मेज पर रखकर फरार हो गए। मृतक बच्चे की पहचान नहीं हो सकी है। मौके पर पहुंची पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। मानसा में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, बस स्टैंड पर एक 10 साल के गुरुसिख बच्चे की लाश को अज्ञात व्यक्ति बस स्टैंड की मेज पर रखकर फरार हो गए है।
घटना करीब 11 बजे की बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यहां पर कुछ लोग बैठे हुए थे जिनके साथ दो महिलाएं और एक पुरुष था। उनसे पहले मेज के आसपास कोई नहीं था। जब वह व्यक्ति यहां से चले गए तब पता चला कि यहां एक बच्चे की लाश पड़ी हुई है। लोगों ने बताया कि यह बहुत ही शर्मसार कर देने वाली घटना है जिन लोगों ने भी इस घटना को अंजाम दिया है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मामले की जानकारी मानसा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस बस स्टैंड के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
-

शराब के शौकिनों को झटका, आज से महंगी हुई शराब !
चंडीगढ़ः शराब के पीने वालों को बड़ा झटका लगा है। दरअसर, आज यानी 1 अप्रैल यानी शराब पीने वालों को 15 फीसदी महंगी शराब खरीदनी पड़ेगी, जिसके चलते कई शराब पीने वालों ने 31 मार्च को अपना कोटा इकट्ठा कर लिया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 31 मार्च को शराब की कीमतों में करीब 30 से 40 फीसदी की कटौती की गई थी। ठेकों पर शराब शौकीनों की भीड़ तो थी, लेकिन उतनी नहीं, जितनी ठेके टूटने के वक्त थी। शराब के शौकीन लोग सस्ती शराब की तलाश में एक ठेके से दूसरे ठेके तक घूमते नजर आए। सरकार ने वर्ष 2024-25 में ड्रॉ प्रक्रिया आयोजित की, जिसमें विभाग को कुल 9461 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें सरकार को ड्रॉ शुल्क से 70 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
इस बार लुधियाना निगम में 39 ग्रुप होंगे, जबकि ग्रामीण इलाकों में 14 ग्रुप हैं। शराब नीति को लेकर ठेकेदारों में खासा उत्साह है, इस साल नई नीति के मुताबिक देशी शराब का कोटा तय है, जबकि अंग्रेजी शराब का कोटा खुला है और बीयर का कोटा भी खुला है। सरकार को उम्मीद है कि इस बार ड्रॉ प्रक्रिया से 10 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। विभाग इस साल शराब कारोबार से पिछले साल की तुलना में अधिक राजस्व अर्जित करने का प्रयास करेगा। हर साल की तरह इस बार भी जब ठेकेदार बदले जाएं तो पुराने ठेकेदारों ने 31 मार्च को अपना बचा हुआ माल कम कीमत पर बेच दिया, जिसे साधारण भाषा में शराब के ठेके तोड़ना भी कहा जाता है, लेकिन इस साल माहौल मिला-जुला नजर आया।
कुछ दुकानों पर बहुत सस्ते दाम पर और कुछ दुकानों पर बेहद कम दाम पर शराब बेची जा रही है। इसका एक कारण यह है कि जिन वर्ष 2024-25 में जिन ठेकेदारों के हाथ में शराब के ग्रुप हैं, वे थोड़े पैसे देकर अपने स्टॉक को अगले साल तक रिन्यू करा सकते हैं, लेकिन जिन ठेकेदारों के ग्रुप सामने नहीं आ रहे, वह अपना स्टॉक क्लियर करने के लिए बहुत सस्ते दाम पर शराब बेच रहे थे जिस कारण शराब के शौकीनों में खुशी का माहौल बन गया।
-
पंजाबः आप पार्टी के विरोध में उतरीं किसान जत्थेबंदियों ने किया ऐलान
चंडीगढ़ः पंजाब की सबसे सक्रिय किसान जत्थेबंदी भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुरा भाजपा के बाद अब आप के विरोध में उतर आईं हैं। उगराहां यूनियन ने तो संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में पंजाब सरकार के खिलाफ 8 अप्रैल को चंडीगढ़ में आंदोलन करने की घोषणा कर दी है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने खास बातचीत में कहा कि पंजाब सरकार ने कृषि बाजारों पर कॉर्पोरेट के कब्जे की शुरुआत कर दी है। 7 लाख 25000 टन गेहूं की खरीद पहले ही चरण में उन्हें सौंपी जा रही है। इन 9 सालों क्षेत्रों में स्थित 26 मंडियों व उपयार्डों को निकटवर्ती मंडियों में विलय करके समाप्त किया जा रहा है। इस फैसले के जरिये पंजाब की आप सरकार, भाजपा की मोदी सरकार से भी आगे निकल गयी है और कॉर्पोरेट घरानों के प्रति गहरी वफादारी दिखा रही है।
इस फैसले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । पंजाब के लोगों को सावधान करते हुए कहा कि अगर चुनाव के दौरान वोटों के लिए हाथ फैलाने की जरूरत होने पर भी ऐसे घातक फैसले लिए जा रहे हैं, तो किसी भी रंग की पार्टी के सत्ता हासिल करने के बाद तो इससे भी घातक साम्राज्यवाद समर्थक हमले होंगे। इस फैसले के खिलाफ 8 अप्रैल को संयुक्त किसान मोर्चा पंजाब द्वारा चंडीगढ़ में प्रांतीय रैली होगी। सिद्धूपुरा यूनियन के रण सिंह चटठा ने भी इस मामले में आप सरकार का तीखा विरोध करने की घोषणा की है । उन्होंने कहा कि यह तो किसानी पर सीधा हमला है। लोकसभा चुनाव में आप सरकार को इसकी क़ीमत चुकानी पड़ेगी।
विभिन्न मांगों को लेकर किसान यूनियनें पहले ही भाजपा का विरोध कर रही हैं। साइलो क्षेत्रों की मंडियों का विलय का मुद्दा आने वाले दिनों में सबसे चर्चित रहेगा और किसानों के मिज़ाज से आभास हो रहा है कि आप सरकार को आने वाले दिनों किसानों के तीखे तेवरों का सामना करना पड़ेगा । आप सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खुलने से पंजाब के मालवा की सियासी तस्वीर प्रभावित होना लाज़िमी है और अन्य राजनीतिक दलों को इसका लाभ मिल सकता है ।