Category: Chandigarh

  • पंजाब : मनीषा गुलाटी की जगह यह बनी महिला कमिशन की नई चेयरपर्सन

    चंडीगढ़ : महिला कमिशन चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी को लेकर अहम खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मनीषा गुलाटी के जगह नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है। जानकारी के अनुसार मनीषा गुलाटी की जगह अब राज लाली गिल पंजाब महिला कमिशन के नए चेयरपर्सन होंगे। बताया जा रहा है कि राज लाली गिल आम आदमी पार्टी की स्थापना के समय से ही सदस्य हैं।

  • नगर निगम द्वारा मुफ्त पानी के मुद्दे को लेकर मेयर पर बरसे राज्यपाल पुरोहित

    कहा-100 से 150 करोड़ रुपए का उठाना पड़ रहा है घाटा 

    चंडीगढ़ः यूटी में नगर निगम द्वारा लोगों को मुफ्त पानी देने के मुद्दे पर मेयर और प्रशासक के बीच बैठक की गई है। इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने प्रेस वार्ता बुलाकर कहा कि निगम की बैठक में मेयर द्वारा पूरी तरह अनुचित तरीके से मुफ्त पानी का प्रस्ताव पेश किया गया है, जिसे मंजूर नहीं किया जा सकता। पुरोहित के अनुसार इस मामले में सही तरीके से प्रस्ताव तैयार किया जाना चाहिए था, जिसमें मुफ्त पानी देने के लिए बजट के प्रावधान और अन्य बातों का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा निगम को 560 करोड़ रुपए का बजट दिया जा रहा है। पानी को लेकर ही 100 से 150 करोड़ रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है।

    ऐसे में मुफ्त पानी देने की घोषणा करना ठीक नहीं। प्रस्ताव लाने से पहले मेयर को सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए था। गौरतलब है यूटी प्रशासक की ओर से मेयर के मुफ्त पानी के प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया गया। जिसके बाद दोनों तरफ से आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। पुरोहित ने कहा कि हर काम के लिए सिस्टम को फॉलो करना जरूरी होता है और वह जंगल राज जैसी स्थिति बर्दाश्त नहीं कर सकते। साथ ही उन्होंने कहा कि 2022 में मनीमाजरा में 24 घंटे सातों दिन पानी की स्कीम पर बेहतर तरीके से कम हो रहा है, जो कि लोगों के लिए फायदेमंद होगा। आपके साथ ही भाजपा द्वारा भी मुफ्त पानी की घोषणा पर पुरोहित ने कहा कि वह गलत प्रस्ताव पर किसी का भी समर्थन नहीं करेंगे।

    प्रशासक पुरोहित ने मेयर द्वारा शहर में मुफ्त पानी देने के सवाल पर कहा कि शहर में किसी ने भी मुफ्त पानी की मांग नहीं की तो यह प्रस्ताव किस आधार पर लाया गया है। आज तक उन्हें तो किसी ने इस तरह की मांग या पत्र नहीं दिया। वह लोगों के साथ धोखा नहीं होने देंगे और चंडीगढ़ की तरक्की किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगी। केंद्र को पैसे का हिसाब देना होता है प्रशासक पुरोहित ने कहा कि बजट का पैसा केंद्र सरकार से मिलता है ऐसे में पाई पाई का हिसाब हमें देना होता है पैसे में इस तरह के प्रस्ताव ठीक नहीं है साथ ही उन्होंने निगम की आर्थिक स्थिति पर भी कमेंट करते हुए कहा कि कर्ज का बोझ इतना है कि वेतन तक देने में दिक्कत उठानी पड़ती है। 

    निगम की बैठक में मुख पानी के प्रस्ताव को लेकर प्रशासक ने निगम कमिश्नर पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह उनकी जानकारी के बगैर कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि वह राज भवन में अपने खाने तक का खर्चा खुद भरते हैं। आप और कांग्रेस गठबंधन के मेयर कुलदीप कुमार द्वारा चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित और सांसद किरण खेर पर अपमान करने के आरोप लगाए है। वहीं अपमान किए जाने के आरोपों पर पुरोहित ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है । उन्होंने कमेंट करते हुए कहा कि उन्होंने मेयर को पूरा सम्मान दिया अगर ऐसी कोई बात थी, तो उन्हें तुरंत प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी।जबकि उन्हें दोपहर 3:00 बजे के बाद याद आया कि उनका अपमान हुआ है। पुरोहित ने चुटकी लेते हुए कहा कि दिल्ली से फोन आने के बाद मेयर को एहसास हुआ कि उनका अपमान हुआ है । उन्होंने कहा कि सभी कार्यक्रमों में मेयर को निमंत्रण दिया जाएगा। यह उनकी इच्छा है कि वह आए या नहीं।

  • PGI में युवक ने की आत्महत्या, जाने मामला

    चंडीगढ़ : पीजीआई के कैंपस में एक घर के अंदर पंखे से लटकता हुआ एक युवक का शव मिला है। जानकारी के अनुसार युवक ने अपने घर के कमरे में आत्महत्या की है। वह पीजीआई के एनेस्थीसिया विभाग में ड्यूटी करता था और स्टोर कीपर के तौर पर कार्यरत है। अभी कुछ दिन पहले ही उसकी पीजीआई में जॉइनिंग हुई थी। मृतक की पहचान विवेक ठाकुर के रूप में हुई है। 

     उसके पति ने पीजीआई के स्टाफ पर उसे प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। जांच अधिकारी के अनुसार वह वॉलंटरी रिटायरमेंट लेना चाह रही थी। अल्ट्रासाउंड की एक नई मशीन का कुछ पार्ट चोरी होने के बाद उसने यह फैसला लिया था। विवेक ठाकुर की आत्महत्या का कारण बताया जा रहा है कि उस पर विभाग के कुछ उच्च अधिकारियों की तरफ से दबाव बनाया जा रहा था। इस वजह से उसने अपनी आत्महत्या की है।

  • Elante Mall में 11 लाख की लूट, लड़की सहित 3 गिरफ्तार, देखें CCTV

    चंडीगढ़ः मशहूर Elante Mall को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां 11 लाख से ज्यादा की लूटपाट केस में किंगपिन महिला सहित 3 लुटेरों को इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जसलीन निवासी सेक्टर-36, राहुल निवासी कजहेड़ी और रुपिन्द्र सिंह निवासी फेज-3बी-1 मोहाली के रूप में हुई है। आरोपियों से पुलिस ने 5 लाख 33 हजार 200 रुपयों के साथ-साथ एक पर्स बरामद किया है।

    जिसमें नगदी, आधार कार्ड व पासपोर्ट साइज 2 फोटो बरामद की हैं। आरोपियों ने वारदात को सोमवार दोपहर उस समय अंजाम दिया। जब कंपनी के कैश कस्टोडियन कलेक्शन में काम करने वाला कर्मचारी एलांते मॉल की लिफ्ट से पैसे एकत्र कर वापस जा रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों में राहुल प्राइवेट ड्राइवर का काम करता है, जबकि रुपिन्द्र सिंह मोहाली स्थित जुझार ट्रांसपोर्ट में ठेकेदार है और उसकी गर्लफ्रेंड कोई काम नहीं करती। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां अदालत ने तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

  • पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सिख महिलाओं के हेलमेट न पहनने पर हुई सख्त, दिया ये आदेश 

    चंडीगढ़ः महिलाओं को हेलमेट से छूट को लेकर केंद्र सरकार के जवाब पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने असंतोष जताते हुए नए सिरे से हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। केंद्र ने अपने जवाब में कहा था कि मोटर व्हीकल एक्ट में ऐसी कोई छूट नहीं है, लेकिन राज्य सरकार को कानून बनाने का अधिकार है। साथ ही हाईकोर्ट ने एसजीपीसी को भी इस मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर वाहन हादसों व सड़क सुरक्षा को लेकर संज्ञान लेते हुए सुनवाई आरंभ की थी। इस मामले में चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया था कि 6 जुलाई, 2018 को मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन कर केवल पगड़ी पहनने वाली सिख महिलाओं को हेलमेट से छूट का प्रावधान किया था।

    इसके तहत अन्य सभी महिलाओं के लिए हेलमेट अनिवार्य किया गया था चाहे वह सिख हो या नहीं। इसके बाद धार्मिक संगठनों द्वारा इसका विरोध आरंभ कर दिया गया।इसी बीच चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र सरकार से एडवाईजरी मांगी जिसके जवाब में सभी सिख महिलाओं को हेलमेट से छूट देने की राय दी गई। इसके बाद नियम को बदल दिया गया और फिर से सभी सिख महिलाओं को हेलमेट से छूट दे दी गई। इसपर हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए कहा था कि कैसे सरकार इस प्रकार का प्रावधान कर सकती है। हाईकोर्ट ने कहा था कि हेलमेट से धार्मिक भावनाएं कैसे आहत हो सकती हैं।

    मामला तो महिलाओं की सुरक्षा का है जिसकी हमें चिंता है। कोर्ट ने कहा था कि केंद्र का रुख समझ के बाहर है, आखिर सिख महिला की पहचान कैसे होगी। क्या हर बिना हेलमेट वाली महिला को रोक कर पूछोगे कि तुम सिख हो या नहीं। कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए केंद्र सरकार को इस बारे में अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने के आदेश दिया था। अब जब जवाब दाखिल किया गया तो इससे भी हाईकोर्ट ने असंतोष जताया और नए सिरे से हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही एसजीपीसी को भी इस मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

  • नए DGP का हुआ ऐलान, देखें लिस्ट

    चंडीगढ़ः आईपीएस सुरिंदर सिंह यादव को चंडीगढ़ का नया डीजीपी नियुक्त किया गया। इस संबंध में गृह मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिए हैं। यादव 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। गृह मंत्रालय ने दिनांक 09.02.2024 के समसंख्यक आदेश में संशोधन करते हुए, सुरेंद्र सिंह यादव, आईपीएस (एजीएमयूटी:1997) को दिल्ली से स्थानांतरित कर दिया गया है और उन्हें चंडीगढ़ का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया है। देखें लिस्ट

  • पंजाब : PGI में महिला सुपरवाइजर ने की आत्महत्या, जाने मामला

    चंडीगढ़ : पीजीआई में रेडियोग्राफर सुपरवाइजर द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान नरिंदर कौर (50) के तौर पर हुई है। वह एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में तैनात थीं। नरिंदर कौर के परिजनों ने पीजीआई के एक चिकित्सक, उनकी पत्नी और अन्य स्टाफ पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत पीजीआई चौकी पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नरिंदर कौर सेक्टर-35 डी में रहती थीं। सोमवार सुबह वह ड्यूटी पर आईं थीं। सुबह करीब 10:30 बजे जब ऑफिस के कमरे में कोई नहीं था तब उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर अपने हाथ की नस काट ली।

    काफी देर तक जब उन्होंने दरवाजा नहीं खोला तो स्टाफ दिव्या ने पीजीआई के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर दरवाजे की कुंडी तोड़ दी। अंदर नरिंदर कौर बेसुध पड़ी थीं और उनकी कलाई से खून बह रहा था। आनन-फानन उन्हें पीजीआई की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृतक घोषित कर दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सेक्टर-11 थाना प्रभारी मलकीत सिंह मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने साक्ष्य जुटाए। फिलहाल पुलिस मामले में सभी एंगल से जांच कर रही है। उधर, नरिंदर कौर के पति जगमिंदर ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को एक चिकित्सक परेशान कर रहा था।

    डॉक्टर की पत्नी भी पीजीआई में सुपरवाइजर है। नरिंदर का तबादला बच्चों की ओपीडी से न्यू ओपीडी के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में कर दिया गया था। इसी कारण चिकित्सक, उसकी पत्नी, रेडियोडाग्नोस्टिक विभाग के दो ट्यूटर और एक एचए उसे परेशान कर रहे थे। जगमिंदर ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को बार-बार बेइज्जत किया जाता था। इस कारण वह मानसिक तनाव में आ गई थी और इसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली। इस मामले में पीजीआई प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। 

  • नगर निगम का बड़ा फैसलाः आज से सभी के लिए पार्किंग Free

    लोगों को हर महीने 20 हजार लीटर मुफ्त पानी

    चंडीगढ़ः शहर में लोगों को हर महीने 20 हजार रुपये प्रति लीटर पानी मुफ्त दिया जाएगा। यह फैसला चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में लिया गया। इसके लिए नगर निगम में एक टेबल एजेंडा लाया गया। यह एजेंडा कांग्रेस पार्षद तरुणा मेहता लेकर आईं। इसके साथ ही चंडीगढ़ में सभी पार्किंग स्थल सभी के लिए मुफ्त कर दिए गए हैं। इसके तहत किसी भी राज्य के वाहनों से कोई पार्किंग चार्ज नहीं वसूला जाएगा। इसका टेबल एजेंडा निगम बैठक में पारित भी हो चुका है। बैठक में बीजेपी ने 20 हजार लीटर की जगह 40 हजार लीटर पानी मुफ्त करने का सुझाव दिया था। लेकिन बहुमत नहीं होने के कारण निगम ने मंजूरी नहीं दी। अब इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए चंडीगढ़ के स्थानीय निकाय विभाग को भेजा जाएगा।

    चंडीगढ़ नगर निगम में बीते दिन फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी (F&CC) के 5 सदस्य चुने गए। आप पार्षद जसविंदर कौर, आप पार्षद रामचंद्र यादव, कांग्रेस पार्षद तरूणा मेहता, भाजपा पार्षद महेशिंदर और भाजपा पार्षद लखबीर सिंह सदस्य चुने गए। इससे पहले निगम हाउस की बैठक के दौरान आप-कांग्रेस और बीजेपी के पार्षदों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। पार्षदों को अलग करने के लिए मार्शलों को बुलाना पड़ा। निगम में इंडिया गठबंधन के पास कुल 19 वोट हैं, जबकि बीजेपी के पास सिर्फ 17 वोट बचे हैं। शनिवार को समीकरण बदल गया जब दो पार्षद, पूनम और नेहा, भारतीय जनता पार्टी से आम आदमी पार्टी में शामिल हो गईं। पहले बीजेपी के पास बहुमत था।

  • निगम में F&CC चुनाव में हुआ भारी हंगामा, चुने गए 5 मेंबर, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः नगर निगम में आज सोमवार को फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (F&CC) के 5 मेंबरों का चुनाव हुआ। AAP पार्षद जसविंदर कौर, AAP पार्षद रामचंद्र यादव, कांग्रेस पार्षद तरुणा मेहता, भाजपा पार्षद महेशइंद्र और भाजपा पार्षद लखबीर सिंह को मेंबर चुना गया। इससे पहले निगम हाउस की मीटिंग में AAP-कांग्रेस और भाजपा पार्षदों में जमकर धक्कामुक्की हुई। पार्षदों को अलग करने के लिए मार्शल बुलाने पड़े।

    निगम में I.N.D.I.A गठबंधन के पास कुल 19 वोट हैं, जबकि भाजपा के पास 17 ही वोट रह गए हैं। शनिवार को 2 पार्षद पूनम और नेहा के भारतीय जनता पार्टी से वापस आम आदमी पार्टी में आने पर यह समीकरण बदल गया। इससे पहले भाजपा के पास बहुमत था। फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी की 5 सीटों के लिए दोनों पार्टियों की तरफ से 3-3 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया।

  • बेअदबी मामले में फंसे डेरा मुखी को लेकर हाईकोर्ट का आया फैसला 

    बेअदबी मामले में फंसे डेरा मुखी को लेकर हाईकोर्ट का आया फैसला 

    चंडीगढ़ः बेअदबी मामले में फंसे डेरा मुखी गुरमीत सिंह को पंजाब हरियाणा कोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है। इस मामले में डेरा मुखी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में चल रही प्रिसिडिंग पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। दरअसल बेअदबी मामले में दर्ज मामलों की पंजाब सरकार की एसआईटी की बजाय सीबीआई से ही जांच करवाए जाने की मांग को लेकर डेरा मुखी गुरमीत सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दायर किया था।लेकिन पिछले दिनों हाई कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। दायर याचिका में डेरा मुखी ने कहा है कि बेअदबी मामले में दर्ज एफआईआर की पंजाब सरकार ने नवंबर 2015 में सीबीआई जांच के आदेश दे दिए थे।

    लेकिन बाद में राज्य में सरकार बदलते ही अगस्त 2018 में इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश वापिस ले लिए थे। इससे पहले पंजाब सरकार ने डेरा मुखी की इस याचिका पर अपना जवाब दायर कर हाई कोर्ट को बताया कि इस मामले की पंजाब सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश वापिस लेते हुए विधान सभा में प्रस्ताव पास किया था । हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर अपनी मोहर लगा दी थी और हाई कोर्ट के आदेशों पर ही मामले की एसआईटी जांच कर रही है ऐसे में डेरा मुखी द्वारा अब यह मांगा करना पूरी तरह से गलत है। ऐसे में इस याचिका को ख़ारिज किया जाए।

    दायर याचिका में डेरा मुखी ने कहा है कि बेअदबी मामले में दर्ज एफआईआर की पंजाब सरकार ने नवंबर 2015 में सीबीआई जांच के आदेश दे दिए थे। लेकिन बाद में राज्य में सरकार बदलते ही इस मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस रंजीत सिंह की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन कर जांच शुरू कर दी थी और बाद में अगस्त 2018 में पंजाब सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पास कर इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश वापिस ले लिए थे।

    डेरा मुखी का कहना है कि इस मामले के एक आरोपी के बयानों के बाद उन्हें पिछले साल इस मामले में नामजद कर लिया गया और फिर उनके प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए गए। जिसे हाई कोर्ट ने रद्द करते हुए करते हुए एसआईटी को सुनारिया जेल में ही जाकर उनसे पूछताछ करने के आदेश दे दिए थे और एसआईटी उन्हें पूछताछ कर चुकी है। डेरा मुखी का कहना है कि उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाया जा रहा है, ऐसे में इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। लिहाजा उन्होंने बेअदबी मामले से जुड़ी एफआईआर की सीबीआई से जांच करवाने के जो आदेश सरकार ने रद्द किए हैं, उन आदेशों को रद्द कर इस मामले की सीबीआई से ही जांच करवाने की मांग की है।