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  • दफ्तर में तोड़फोड़ मामले में AAP पार्षद को मिली सुरक्षा

    चंडीगढ़ः आम आदमी पार्टी की पार्षद पूनम को चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा मुहैया कराई है। उनकी सुरक्षा में 2 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। पिछले दिनों शरारती तत्वों ने सेक्टर 25 स्थित कम्युनिटी सेंटर में बने उनके ऑफिस के कमरे व खिड़की के शीशे तोड़ दिए थे। पार्षद ने अपनी जान का खतरा बताते हुए एसएसपी से मुलाकात की थी। पुलिस ने मामले में जांच कर अब उन्हें सुरक्षा प्रदान कर दी है। पिछले दिनों सेक्टर 25 में हुए एक हत्या के मामले में पार्षद के पति को गिरफ्तार किया गया था।लोगों के विरोध प्रदर्शन के बाद पार्षद के पति संदीप को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

    मामले की छानबीन में लगी पुलिस ने पार्षद पूनम के पति संदीप के चचेरे भाई राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पूछताछ में सामने आया था कि आरोपी संदीप ही अजय की हत्या के बाद सभी आरोपियों को रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर अपनी गाड़ी में छोड़कर आया था। पुलिस ने उस गाड़ी को भी बरामद कर लिया था, जिसका इस्तेमाल संदीप ने इन आरोपियों को बाहर भेजने के लिए किया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अजय की हत्या करने वाले संदीप के रिश्तेदार और जानकार था। जिनके साथ संदीप अक्सर बैठा करता था। आरोपियों ने अजय को पहले फोन कर किसी काम का बहाना लगा कर बुलाया था। सोमवार-मंगलवार रात करीब 1:45 पर जब वह बाइक पर सवार होकर पहुंचा तो उन्होंने काले रंग की गाड़ी से उसे टक्कर मार दी। वह उठने लगा तो युवकों ने लाठी डंडों से उस पर हमला कर दिया। घायल हालत में उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने उसके बयान भी दर्ज किए थे। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

    पुलिस ने मोहाली के नयागांव के रहने वाले धर्मेंद्र, सेक्टर 25 कॉलोनी के रहने वाले अजय उर्फ कालू, साबू और सपाटी सहित अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अजय की मौत के बाद केस में हत्या की धारा जोड़ी गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि थनास की EWS कॉलोनी निवासी प्रवेश उर्फ बाबा पर पिछले महीने घर में घुसकर लोहे की रॉड और डंडों से अमरजीत उर्फ तोता ने साथियों के साथ हमला किया था। बाबा के दोनों पैरों पर काफी चोट लगी थी। पैर की हड्डी टूट जाने पर प्लास्टर चढ़ाना पड़ा और वह कई दिनों तक अस्पताल में दाखिल रहा। सहारनपुर थाना पुलिस ने अमरजीत सिंह उर्फ तोता समेत अन्य पर मामला दर्ज किया था।

  • इस इलाके में व्यक्ति ने किया भाई का क’त्ल 

    इस इलाके में व्यक्ति ने किया भाई का क’त्ल 

    चंडीगढ़ः गांव धनास में एक भाई ने अपने दूसरे भाई का मर्डर कर दिया है। मृतक के शव को सेक्टर 16 के सरकारी अस्पताल में रखवाया गया है। जहां पर उसका अभी पोस्टमार्टम किया जाएगा। वहीं दूसरा भाई भी चोट लगने के कारण अस्पताल में दाखिल है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों नशे की हालत में थे। इसके बाद दोनों के बीच में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। इस झगड़े के दौरान एक की मौत हो गई। पुलिस अब इस मामले में जांच कर रही है।

    आस पास रहने वालों ने बताया कि अमरजीत गोगा यहां पर काली माता मंदिर में बैठकर नशा करता था। इसका भाई भी यहीं पर नशा करता था। इसकी शिकायत पुलिस को कई बार दी गई है, लेकिन पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। दोनों में झगड़ा हो गया था। इलाके के पार्षद कुलजीत सिंह संधू ने बताया कि वह पहले इलाके में होने वाले अवैध धंधों के संबंध में चंडीगढ़ पुलिस को कई बार शिकायत दे चुके हैं।

    लेकिन चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उनके इलाके में सारंगपुर थाना लगता है। वहां पर स्टाफ की बड़ी कमी है। जिस कारण कोई भी चौकसी नहीं हो पा रही है। नशेड़ी इलाके में धड़ल्ले से अपना काम कर रहे हैं। इस घटना के बाद अब दोबारा से पुलिस को इसके बारे में बताएंगे। अगर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करेगी तो इलाके के लोग इकट्ठा होकर चंडीगढ़ पुलिस का विरोध करेंगे।

  • काले कपड़े पहनकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, कई नेताओं को पुलिस ने लिया हिरासत में, देखें वीडियो 

    चंडीगढ़ः गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर कांग्रेस की तरफ से काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान कांग्रेस ने सेक्टर 35 कांग्रेस भवन से प्रदर्शन शुरू किया। जिसके बाद मात्र डेढ़ सौ मीटर दूरी पर ही कांग्रेसी नेताओं को चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। इस दौरान पुलिस ने कांग्रेस नेताओं बसों में बिठाकर उन्हें सेक्टर 34 और सेक्टर 36 के थाने में ले गई। कांग्रेसी नेता चंडीगढ़ में होने वाले गृहमंत्री के दौरे के दौरान उन्हें काले झंडे दिखाने की जिद्द कर रहे थे।

    कांग्रेस के नेताओं के द्वारा यह विरोध गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संसद में बयान न देने पर किया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि संसद की सुरक्षा में हुई चूक के बाद गृहमंत्री को संसद में अपना बयान देना चाहिए था। क्योंकि सुरक्षा में चूक की पूरी-पूरी जिम्मेदारी गृहमंत्री अमित शाह की है। उनके पास यह विभाग है। इसलिए उन्हें अपनी जिम्मेदारी लेते हुए संसद को संबोधित करना चाहिए था।

    संसद से 146 विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर विपक्षी दलों द्वारा पूरे देश में प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। इसी को लेकर स्थानीय कांग्रेसी नेताओं द्वारा यह प्रदर्शन किया गया है। कांग्रेसी नेताओं का कहना था कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार तानाशाही से चल रही है। इसमें विपक्षी नेताओं को बोलते नहीं दिया जा रहा है। इसलिए लोकतंत्र को बचाने के लिए उन्हें यह प्रदर्शन करना पड़ा है।

  • दर्दनाक हादसाः आवारा कुत्तों के आतंक में फंसी बच्ची की हुई मौ’त

    चंडीगढ़ः मनीमाजरा में आवारा कुत्तों का आतंक इन दिनों काफी बढ़ गया है। कुत्ते अक्सर राह चलते लोगों पर हमला कर देते हैं। इसी बीच खबर आई है कि डॉग अटैक से सहमी बच्ची को पैनिक अटैक आ गया और उसकी मौत हो गई। बच्ची तीसरी क्लास की छात्रा थी। दरअसल, मनीमाजरा के चूड़ियां वाला मोहल्ला में 10 वर्षीय जसमीत घर के पीछे पार्क में खेल रही थी। इस दौरान 7 से 8 कुत्तों का झुंड उसके पास आया और आपस में लड़ने लगा। कुत्तों के लड़ रहे इस झुंड में जसमीत फंसकर सहम गई। इस दौरान उसे पैनिक अटैक आया और उसकी इस हादसे में मौत हो गई। 

    वहीं पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने कहा कि कई बार इलाके के लोगों ने डॉग अटैक की शिकायत भी की थी, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। उनकी बेटी पर भी कुत्तों ने हमला किया था। बच्ची को इसी कारण पैनिक अटैक आ गया और सदमे से उसकी मौत हो गई।

    बता दें, आवारा कुत्तों से इन दिनों चंडीगढ़ के लोग काफी ज्यादा परेशान हैं। हाल ही में कुत्तों ने 10 लोगों को अपना शिकार बना लिया है। जिसके बाद लोगों ने नगर निगम पर सवाल उठाए है। चंडीगढ़ के सेक्टर 35 में पिछले 8 दिनों में लावारिस कुत्तों ने 10 लोगों को निशाना बनाया है। इसके बावजूद भी नगर निगम ने डॉग्स पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की।

  • कोरोना का फिर बढ़ा कहर: मास्क पहनना हुआ जरूरी, आदेश जारी 

    चंडीगढ़ः कोरोना वायरस के नए वैरिएंट जीएन.1 को लेकर यूटी प्रशासन अलर्ट हो गया है। हालांकि शहर में अभी तक कोरोना का कोई मरीज नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने शहरवासियों को सचेत करते हुए लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाके जैसे बाजार, माल और अन्य वस्त क्षेत्रों में मास्क पहनने की सलाह दी है। कोरोना के नए वेरिएंट को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने चंडीगढ़ में एक बार फिर से मास्क लगाने हिदायत दे दी है। प्रशासन ने लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाके में मास्क पहनने की सलाह दी है।

    साथ ही भीड़ भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने की हिदायत भी दी है।वहीं अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को मास्क पहनना जरूरी कर दिया है। वहीं प्रशासन ने एडवाइजरी में ये भी कहा है कि बुखार, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ होने जैसे सिम्टम्स दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी होगा। अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे तुरंत 7 दिन के लिए खुद को आइसोलेट करना जरूरी होगा।

  • अभिनेत्री किरण खेर की बढ़ी मुश्किलें, कारोबारी की याचिका पर कोर्ट ने जारी किया नोटिस

    चंडीगढ़ः जिला अदालत में आज सांसद किरण खेर से 8 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में सुनवाई हुई। आरोपी चैतन्य की तरफ से अग्रिम जमानत याचिका लगाई हुई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चंडीगढ़ पुलिस और सांसद किरण खेर से जवाब मांगा है। अब इस मामले में 22 दिसंबर को सुनवाई होनी है। 22 दिसंबर को सांसद किरण खेर और पुलिस के वकील की तरफ से अपना-अपना जवाब दिया जाएगा। इसके बाद अदालत इस मामले में कोई फैसला लेगी। आरोपी चैतन्य एक बार फिर अपने घर से गायब हो गया है। पुलिस उसको गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पर दबिश दे रही है, लेकिन वह घर पर मौजूद नहीं है।

    इससे पहले जब सांसद किरण खेर की तरफ से उसके खिलाफ शिकायत दी गई थी, तब भी वह घर से गायब हो गया था। लेकिन, 18 दिसंबर तक अदालत द्वारा गिरफ्तारी पर रोक लगाने के बाद वह घर पर आया था और उसने थाने में जाकर अपने बयान भी दर्ज करवाए थे। मनीमाजरा निवासी चैतन्य ने जान का खतरा बताते हुए सांसद किरण खेर और सहदेव सलारिया के खिलाफ हाईकोर्ट से सुरक्षा मांगी थी। हाईकोर्ट ने 11 दिसंबर को चैतन्य और उसके परिवार को एक सप्ताह के लिए सुरक्षा मुहैया करने के आदेश जारी किए थे। इसी दिन सांसद खेर ने चैतन्य के खिलाफ SSP को धोखाधड़ी की शिकायत दी थी।

    सांसद किरण खेर ने दी अपनी शिकायत में बताया कि चैतन्य ने अगस्त 2023 में उनसे मुलाकात कर विभिन्न योजनाओं में निवेश करने के लिए प्रेरित किया था। 3 अगस्त को सांसद ने जुहू शाखा के माध्यम से HDFC बैंक से 8 करोड़ चैतन्य के पंचकूला ICICI बैंक में RTGS किए थे। चैतन्य ने कहा था कि एक महीने के भीतर 18% ब्याज के साथ लौटा देगा। सांसद को पता चला कि चैतन्य लोगों का पैसा निवेश करने के बजाय निजी उपयोग में इस्तेमाल करता है। इस पर उन्होंने उससे पैसे मांगना शुरू कर दिया था।

  • पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल, इंस्पेक्टर और ASI सहित 96 अधिकारियों का हुआ तबादला

    चंडीगढ़ः चंडीगढ़ पुलिस में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। जारी आदेशों में चंडीगढ़ पुलिस ने अपने 96 अधिकारियों का तबादला किया है। इसमें पुलिस की तरफ से 3 इंस्पेक्टर, 7 सब इंस्पेक्टर, 22 ASI, 15 हेड कांस्टेबल और 49 कांस्टेबल का तबादला किया है। पुलिस द्वारा सेक्टर 19 में तैनात इंस्पेक्टर बहादुर सिंह का तबादला IRB में कर दिया है।वहीं, इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह को पुलिस लाइन से सिक्योरिटी ब्रांच में भेज दिया है। इंस्पेक्टर नीरज सारना को पुलिस लाइन से ट्रैफिक में लाया गया है। इसी प्रकार पुलिस ने आठ लोगों को पुलिस लाइन से लाकर फील्ड में उतारा है और पांच लोगों को वापस पुलिस लाइन भेजा गया है।

  • बड़ी लापरवाहीः पुलिस को धक्का देकर कैदी हुआ फरार, मचा हड़कंप

    चंडीगढ़ः सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल से बड़ी खबर सामने आई है। जहां इलाज के लिए लाया गया कैदी पुलिस कर्मियों को धक्का देकर फरार हो गया। जिसके बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। कैदी की पहचान गगनदीप सिंह के रूप में हुई है। उसे रात को करीब 1:30 बजे अंबाला सेंट्रल जेल से लाया गया था। उसने जेल में शीशा निगल लिया था। उसे गंभीर हालत के चलते अस्पताल लाया गया था। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी को पुलिस ने इलाज के लिए दाखिल कर दिया था।

    लेकिन उसके कुछ समय बाद ही वह पुलिसकर्मी को धक्का मार कर फरार हो गया। उसने अस्पताल की तीसरी मंजिल से छलांग लगाई है। जानकारी के अनुसार वह निहंग सिख बताया जा रहा है।अंबाला पुलिस ने इस मामले में चंडीगढ़ के सेक्टर-34 पुलिस थाने में शिकायत दी है। पुलिस शिकायत के बाद कार्रवाई में जुट गई है। आरोपी कैदी के खिलाफ पुलिस गिरफ्त से भागने का मुकदमा भी दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाल रही है। पुलिस कैमरों की रिकॉर्डिंग के हिसाब से आरोपी किधर भागा है। इसकी जांच कर रही है।

  • धारा 370 को लेकर गृह मंत्री अनिल विज का आया बयान, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ :अनिल विज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। इससे यह भी सिद्ध हो गया कि भाजपा देश के संविधान को गीता कि तरह पुजती है। हमारा ये संघर्ष जनसंघ से चला आ रहा था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बलिदान दिया। इससे यह भी सिद्ध हो गया कि पार्टी कि विचार धारा देश को जोड़ने वाली है।

    जिन लोगों ने ये याचिका लगाई थी उन्हें अपने लिए कोई न कोई सजा निर्धारित करनी चाहिए। चाहे एक घंटे के लिए हाथ ऊपर कर के खड़े हो ।‌

  • बड़ी खबरः सांसद किरण खेर और PA पर व्यक्ति ने लगाए आरोप, हाईकोर्ट में दायर की याचिका

    चंडीगढ़ः सांसद किरण खेर और उनके निजी सचिव (PA) सहदेव सलारिया को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, सासंद किरण खेर और उनके पीए पर व्यक्ति ने गंभीर आरोप लगाए है। व्यक्ति ने दोनों से अपनी जान का खतरा बताकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने याची और उसके परिवार को एक सप्ताह के लिए सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस अनूप चितकारा ने फैसले में कहा कि केस की मेरिट पर कोई टिप्पणी किए बिना वे संवैधानिक अधिकार के तहत SP और संबंधित SHO को याची के परिवार को सोमवार से ही एक सप्ताह के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दे रहे हैं। याची को यदि सुरक्षा की जरूरत न हो तो एक सप्ताह से पहले भी वह इसे जारी न करने का आग्रह कर सकते हैं। मनीमाजरा के चैतन्य अग्रवाल ने यह याचिका दायर की थी।

    हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि याची और उसकी पत्नी को इस दौरान घर की चारदीवारी में ही रहना होगा। मेडिकल जरूरत, घर के सामान अथवा परिवार में किसी करीबी रिश्तेदार या दोस्त की शोक सभा में ही जाने की अनुमति होगी। यदि याची या उसकी पत्नी घर की चारदीवारी से बाहर निकलते हैं तो सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश वापस ले लिए जाएं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये आदेश याची के दोनों नाबालिग बच्चों पर लागू नहीं होंगे। ये निर्देश याची और उसकी पत्नी की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए दिए गए हैं, जिससे बेवजह जान का कोई खतरा न रहे।

    हाईकोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया कि मेरिट पर कोई फैसला नहीं किया गया है। सुरक्षा देने का आदेश कोई ब्लैंकेट बेल का आदेश नहीं है। याची के खिलाफ यदि कोई FIR दर्ज की जाती है तो पूछताछ के बीच यह आदेश नहीं आएगा। दूसरी तरफ याची को यदि दोबारा जान का खतरा महसूस होता है तो वह कोर्ट से सुरक्षा की मांग कर सकता है। मनीमाजरा निवासी चैतन्य अग्रवाल ने खुद की और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए याचिका में कहा कि वह सांसद किरण खेर और उनके पीए सहदेव सलारिया के संपर्क में अपने ब्रदर इन लॉ के जरिए आए थे।

    वह पेशे से बिजनेसमैन हैं और एक इन्वेस्टमेंट एजेंट के तौर पर उन्होंने अगस्त में सांसद से 8 करोड़ रुपए लिए थे। 2 करोड़ रुपए उन्होंने किरण खेर के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए, जबकि 6 करोड़ की देनदारी बाकी थी। नवंबर में उन्हें बकाया राशि तत्काल लौटाने को कहा गया। इसके चलते उनको अपने भाई का विवाह समारोह भी कैंसिल करना पड़ा। 1 दिसंबर को उन्हें घर बुलाकर प्रताड़ित किया गया। उसके कपड़े उतरवाए गए, उसका पासपोर्ट, लैपटॉप, मोबाइल और चेक देने के बाद ही जाने दिया गया। कहा गया कि 15 दिसंबर तक राशि दोगुनी कर लौटानी होगी अन्यथा इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। इसके बाद हाइपर टेंशन के चलते वह दो दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे। ऐसे में उनके और परिवार की जान की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।