Category: Chandigarh

  • अगर आप पासपोर्ट बनवाने जा रहे हैं तो पढ़े ये ख़बर, आ रही ये परेशानी

    अगर आप पासपोर्ट बनवाने जा रहे हैं तो पढ़े ये ख़बर, आ रही ये परेशानी

    चंडीगढ़ः इन दिनों पासपोर्ट बनवाने के लिए खूब मारामारी हो रही है। हालात यह है कि अब पासपोर्ट के लिए लंबी वेटिंग शुरू हो गई है। विदेश घूमने या नौकरी के लिए जाने वाले लोगों के लिए पासपोर्ट बनवाने में इन दिनों दिक्कत आ रही है। पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को अगले साल की आठ फरवरी तक इंतजार करना होगा। आठ फरवरी तक सभी बुकिंग फुल है। यही हाल तत्काल कोटे में पासपोर्ट बनवाने का भी है। तत्काल कोटे में पासपोर्ट बनवाने के लिए 16 जनवरी 2023 तक कोई बुकिंग या तारीख उपलब्ध नहीं है।

    ऐसे में जिन लोगों का पासपोर्ट नहीं बना है और वह अपने स्टडी वीजा या विदेश घूमने के लिहाज से पहली बार पासपोर्ट बनवा रहे हैं, उनके लिए समस्या बनी हुई है। सामान्य तरीके से पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को नौ फरवरी 2023 की तारीख दी जा रही है। जबकि तत्काल कोटे में पासपोर्ट बनवाने के लिए 16 जनवरी 2023 की तारीख दी जा रही है। पूछताछ की बुकिंग भी 30 दिसंबर तक फुल सेक्टर-34 ए के एससीओ नंबर-28-32 स्थित रीजनल पासपोर्ट आफिस में लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए पूछताछ केंद्र तक में बुकिंग फुल चल रही है। पूछताछ केंद्र में 30 दिसंबर 2022 तक एडवांस बुकिंग है, पूछताछ के लिए भी लोगों को आनलाइन अप्वाइंटमेंट 31 दिसंबर 2022 के बाद की दी जा रही है।

    बता दें आरपीओ में केवल पूछताछ की सुविधा उपलब्ध है, जबकि सामान्य, तत्काल कोटे या पासपोर्ट में किसी प्रकार के संशोधन के लिए इंडस्ट्रियल एरिया फेज दो स्थित प्लाट नंबर-50 में विजिट करना पड़ता है। शहर के पासपोर्ट केंद्र इंडस्ट्रियल एरिया प्लाट नंबर-50 में आदर्श लाइफस्टाल माल में जल्द ही लोगों की सुविधा के लिए एटीएम की सुविधा उपलब्ध होगी। अंबाला के पासपोर्ट सेवा केंद्र अंबाला सिटी प्लाट नंबर-2014 ए और लुधियाना स्थित ज्ञान सिंह रारेवाला मार्केट अकाश दीप कांप्लेक्स के पासपोर्ट सेवा केंद्र में एटीएम की सुविधा उपलब्ध होगी।

  • बड़े स्तर पर Police में फेरबदलः 156 के हुए तबादले, देखें लिस्ट

    बड़े स्तर पर Police में फेरबदलः 156 के हुए तबादले, देखें लिस्ट

    चंडीगढ़ः यूटी में पुलिस कर्मियों का बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिला है। जारी लिस्ट के मुताबिक 156 पुलिस कर्मियों के तबादले हुए है। देखें लिस्ट

  • पंजाब: पूर्व मंत्री ने दी अमृतपाल को खुली चुनौती, देखें वीडियो

    पंजाब: पूर्व मंत्री ने दी अमृतपाल को खुली चुनौती, देखें वीडियो

    चंडीगढ़। पंजाब की पूर्व मंत्री व दुर्ग्याणा मंदिर कमेटी अमृतसर की प्रधान लक्ष्मीकांता चावला ने वारिस पंजाब दे के जत्थेदार अमृतपाल को खुली चुनौती दे दी है। उन्होंने अमृतपाल को विदेशी एजेंसियों के लिए काम करने वाला बताया। अमृतपाल को अमृतसर आकर उनके तीन सवालों के जवाब देने होंगे। प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने अपना एक वीडियो जारी करते हुए अमृतपाल को खुली चुनौती दी है। उनका कहना है कि अमृतपाल ड्राइवर दुबई वाले बनाम अमृतपाल सिंह, कौन हो व कहां से आए हो, यह भारत की एजेंसियां पता करवाएंगी। अमृतपाल भारत के खिलाफ षडयंत्र करने वाली एजेंसी के लिए काम करने वाला एजेंट हो सकता है और पंजाब में अशांति फैलाने के लिए आया है।

    प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने चुनौती देते हुए अमृतपाल को अमृतसर आने के लिए कहा है। उनका कहना है कि अमृतपाल को अकेले उनके सामने आना होगा और उसका पूरा सम्मान किया जाएगा। मीडिया मौजूद रहेगी। वह उनसे पंजाब से जुड़े तीन सवाल पूछेंगी। अगर अमृतपाल सही जवाब नहीं दे सका तो उसे खुद दुबई वापस जाना होगा। प्रो. चावला ने कहा कि अमृतपाल रोज झूठ बोल रहा है। उन्हें इन सवालों के जवाब देने आना होगा। वह इंतजार में हैं कि अमृतपाल उनकी चुनौती को कब स्वीकार करता है। प्रो. चावला ने कहा कि अगर अमृतपाल उनके सवालों के सही जवाब दे देता है तो वह उसे विद्वान मान लेगी और जो भी कहता है उसे भी सच मान लेगी।

  • डेंगू व चिकनगुनिया के केसों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाजरी

    डेंगू व चिकनगुनिया के केसों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाजरी

    चंडीगढ़ः शहर में डेंगू के साथ चिकनगुनिया मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। चिकनगुनिया के बढ़ते केसों से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। अभी तक शहर में चिकनगुनिया के 74 मरीज मिल चुके हैं। मरीजों का यह आंकड़ा बीते 6 साल में सबसे ज्यादा है। वहीं शहर में इस सीजन में डेंगू के अब तक 750 मामले सामने आ चुके हैं। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर एडवाइजरी जारी की है।

    स्वास्थ्य निदेशक डा सुमन सिंह ने बताया कि संदिग्ध मरीजों को निशुल्क जांच के लिए शहर के सभी सरकारी अस्पताल और सिविल अस्पताल में सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य निदेशक डा. सुमन सिंह ने कहा लोगों को डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए एहतियात बरतें और जरूरत पड़ने पर डाक्टर से परामर्श लें।

    इन दिनों डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जीका वायरस और जापानी इनसेफ्लाइटिस जैसी कई घातक बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। वर्ष 2016 में चिकनगुनिया के रिकार्ड तोड़ मामले दर्ज किए गए थे। तब पूरे शहर में 272 मरीज दर्ज किए गए थे। वर्ष 2015 में चिकनगुनिया का सिर्फ एक मिला था। इसी तरह वर्ष 2017 में 54, 2018 में चार, 2019 और 2020 में शून्य, 2021 में सात और 2022 में अब तक 74 मामले सामने आ चुके हैं।

  • अब नहीं लगेंगे स्मार्ट बिजली मीटर, जाने मामला 

    अब नहीं लगेंगे स्मार्ट बिजली मीटर, जाने मामला 

    चंडीगढ़ः यूटी में स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तहत 28 करोड़ रुपये खर्च कर शहर के कई इलाकों में पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया। कई सेक्टरों और गांवों में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाए गए। इसके बाद 241 करोड़ रुपये से पूरे शहर में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना थी लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगा दी है।

    केंद्र के फैसले पर कोई भी अधिकारी बोलने को नहीं तैयार 

    पायलट प्रोजेक्ट को पूरा करने के बाद यूटी प्रशासन ने पूरे शहर में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने के लिए प्रशासन ने केंद्र सरकार को फाइल भेजी थी। इसके जवाब में प्रशासन को कहा गया कि इस योजना पर आगे काम न किया जाए। बिजली विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर अनिल धमीजा ने बताया कि एक बैठक में स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट को ड्राप करने की जानकारी दी गई है। केंद्र ने ऐसा क्यों किया, इस पर कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि बताया जा रहा है कि चंडीगढ़ बिजली विभाग के निजीकरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है इसलिए केंद्र सरकार व प्रशासन नहीं चाहते कि 241 करोड़ रुपये खर्च किए जाएं। 

    2021 को प्रशासन ने खोली थी वित्तीय बोली 

    ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेईआरसी) को भी इस संबंध में जानकारी दे दी गई है। बता दें कि 175 करोड़ के चंडीगढ़ बिजली विभाग को खरीदने के लिए एमीनेंट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने लगभग 870 करोड़ की बोली लगाई थी, जिसे जनवरी 2022 को केंद्रीय कैबिनेट की ओर से आखिरी मंजूरी दे दी गई थी। यूटी प्रशासन पिछले साढ़े तीन साल से बिजली विभाग को निजी हाथों में देने का प्रयास कर रहा था। चार अगस्त 2021 को प्रशासन ने वित्तीय बोली खोली थी।

    जाने कहां लगाए गए बिजली के स्मार्ट मीटर

    पायलट प्रोजेक्ट के तहत सब डिवीजन नंबर-5 के अंदर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इस डिवीजन के अंदर जो सेक्टर और गांवों आते हैं, उनमें इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, 2, सेक्टर-29, 31, 47, 48, रामदरबार, गांव फैदां, हल्लोमाजरा, बहलाना, रायपुर कलां, मखनमाजरा और दड़वा आदि गांव शामिल हैं। इसे एडवांस्ड मीटरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर नाम दिया गया है।

    स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-18 में स्काडा बनाया सेंटर 

    इस पायलट प्रोजेक्ट का कंट्रोल बिजली विभाग में सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजेशन (स्काडा) से किया जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन ने स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-18 में स्काडा सेंटर बनाया है। स्काडा के कंट्रोल रूम में बैठा कर्मचारी किसी भी कंज्यूमर की कंजप्शन ज्यादा होने पर बिजली कट लगा देगा। साथ ही उसे मैसेज भी देगा। वहीं इसमें लाइन टूटने या फॉल्ट का भी पता लगता रहेगा। इसमें एरिया के उपभोक्ता की बिजली चली जाने पर दूसरे सब स्टेशन से स्काडा के कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से ऑटोमेटिक जोड़ी जाएगी।

  • बस स्टैंड पर पनबस और पंजाब रोडवेज की स्ट्राइक के कारण यात्री हुए परेशान, लगी लंबी कतारें, देखें वीडियो

    बस स्टैंड पर पनबस और पंजाब रोडवेज की स्ट्राइक के कारण यात्री हुए परेशान, लगी लंबी कतारें, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः बटाला डिपो के कंडक्टर की कथित नाजायज रिपोर्ट करने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। वहीं बस स्टैंड सेक्टर 43 में पंजाब रोडवेज और पनबस के कर्मचारियों ने हड़ताल की हुई है। इसी के चलते आज रविवार को स्टूडेंट्स चंडीगढ़ में पेपर देने के लिए आए थे, लेकिन अब घर जाने के लिए बस स्टैंड सेक्टर 43 में स्टूडेंट्स के साथ कई यात्री बस स्टैंड पर मौजूद है लेकिन पनबस और पंजाब रोडवेज की हड़ताल के चलते कोई बस ना होने केे चलते यात्रियों को काफी मशक्त करनी पड़ रही है।

    वीडियो में आप देख सकते है कि बस स्टैंड पूरा भरा पड़ा है लेकिन कोई कोई सरकारी बस वहां पर स्ट्राइक चलते मौजूद नहीं है। बता दें कि पंजाब रोडवेज और पनबस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन द्वारा अपने साथी कंडक्टर की नजायज रिपोर्ट के चलते बसों का चक्का जाम किया हुआ है।

  • AAP को बड़ा झटकाः मेयर चुनाव की याचिका हाईकोर्ट ने की रद्द

    AAP को बड़ा झटकाः मेयर चुनाव की याचिका हाईकोर्ट ने की रद्द

    चंडीगढ़ः नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर आठ जनवरी को हुए चुनावों के खिलाफ हाईकोर्ट में जो याचिका दायर कर इन चुनावों को जो चुनौती दी गयी थी वह याचिका शुक्रवार को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हालांकि अभी इस याचिका पर हाईकोर्ट का विस्तृत फैसला आना बाकि है।

    बता दें कि चंडीगढ़ के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनावों के खिलाफ आम आदमी पार्टी की अंजू कत्याल सहित अन्य दो ने नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं ने नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए बताया है कि चंडीगढ़ नगर निगम के 35 वार्ड के लिए 24 दिसंबर को चुनाव हुए थे और 27 दिसंबर को इन चुनावों के नतीजे घोषित किए गए थे, जिसमे आम आदमी पार्टी सबसे बड़े दल के तौर पर सामने आया था और उसे 14, भाजपा को 12 और कांग्रेस को 8 सीटें मिली थी। लेकिन बाद में कांग्रेस की एक पार्षद भाजपा में शामिल हो गई थी और एक वोट सांसद की भाजपा के खाते में पहले से ही था।

    इस तरह दोनों दलों के 14-14 वोट हो गए थे। इसके बाद मेयर पद के लिए चुनाव होने थे जोकि आठ जनवरी को करवाए गए। आम आदमी पार्टी सबसे बड़े दल था। बावजूद इसके मतदान प्रक्रिया के बाद चुनाव अधिकारी ने उनके एक वोट को अवैध करार दे रद्द कर दिया था और इस तरह भाजपा की उम्मीदवार सरबजीत कौर को मेयर पद पर विजयी घोषित कर दिया। इस नतीजे को लेकर उस समय काफी विवाद भी हुआ था। इसी चुनाव को आप के उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इसे रद्द कर नए सिरे से मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद के लिए दोबारा चुनाव करवाए जाने की मांग की थी।

  • चुनाव में सप्लाई हो रही भारी मात्रा में चंडीगढ़ की शराब बरामद

    चुनाव में सप्लाई हो रही भारी मात्रा में चंडीगढ़ की शराब बरामद

    अधिकारियों ने किया शराब का ठेका और गोदाम सील

    चंडीगढ़ः गुजरात चुनाव में चंडीगढ़ की शराब सप्लाई की जा रही है। इस बात का खुलासा पुलिस द्वारा पकड़ी गई अवैध शराब से हुआ है। बीते चार दिन में चंडीगढ़-पंजाब बैरियर पर चंडीगढ़ शराब करीब 500 पेटी पकड़ी जा चुकी है। जीरकपुर में मैक्डोनाल्ड चौक पर पुलिस की नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक चालक को 300 पेटी शराब के साथ पकड़ा है, ट्रक में जो शराब मिली है वह चंडीगढ़ मार्का है।

    इससे दो दिन पहले भी पंजाब पुलिस ने इसी रूट पर 200 पेटी शराब पकड़ी थी। जीरकपुर में जो 300 पेटी शराब पकड़ी गई है, उसकी जांच अभी जारी है। दो दिन पहले 200 पेटी शराब जो पकड़ी गई थी, उसकी जांच पूरी होने के बाद चंडीगढ़ एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने कार्रवाई करते हुए इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित शराब ठेका और एक गोदाम सील किया है। बताया जा रहा है यह 200 पेटी शराब यहीं से गुजरात चुनाव के लिए जा रही थी।

    वहीं जो 300 पेटी शराब पकड़ी गई है वह भी गुजरात चुनाव के लिए भेजी जा रही थी। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 स्थित शराब ठेके को सील कर नोटिस दे दिया है। असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर रणधीर सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई एईटीसी हरसुहिंदरपाल सिंह बराड़ के आदेश पर की गई है। शराब ठेके मालिक को नोटिस देकर एक हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा है। कलेक्टर एक्साइज हरसुहिंदरपाल सिंह बराड़ इस मामले में सुनवाई करेंगे।

  • घर के बाहर गाड़ी खड़ी करने से पहले पढ़े ये ख़बर, ‘पेवमेंट्स आर फॉर पीपल’ के जरिए ट्रैफिक पुलिस दे रही चेतावनी

    घर के बाहर गाड़ी खड़ी करने से पहले पढ़े ये ख़बर, ‘पेवमेंट्स आर फॉर पीपल’ के जरिए ट्रैफिक पुलिस दे रही चेतावनी

    चंडीगढ़ः ट्रैफिक पुलिस लगातार घरों के आगे फुटपाथ और रोड साइड गाड़ियां खड़ी करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। पुलिसकर्मी सेक्टरों में विशेष जागरूकता मुहिम भी चला रहे हैं। इनमें सेक्टरों के रिहायशी इलाकों और मार्किट एरिया को भी कवर किया जा रहा है। माइक के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करते हुए चेतावनी दी जा रही है। पुलिस ‘पेवमेंट्स आर फॉर पीपल’ के नाम से जागरूकता मुहिम चला रही है। इसमें लोगों को बताया जा रहा है कि पेवमेंट में गाड़ी पार्क कर बाधा पैदा करना गैरकानूनी है।

    पुलिस लोगों को चेतावनी दे रही है कि मोटर व्हीकल रोड साइड पेडेस्ट्रियन पाथ/पेवमेंट तथा साइकिल/रिक्शा ट्रैक पर पार्क न करें। इसे मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों की उल्लंघना बताया गया है। पुलिस लोगों को चेतावनी दे रही है कि इस प्रकार मोटर व्हीकल की पार्किंग करने पर उन्हें टो कर जब्त कर लिया जाएगा और चालान भी किया जाएगा। पुलिस रॉन्ग पार्किंग में खड़े वाहनों का 500 रुपए का चालान कर रही है।

    पुलिस का कहना है कि सड़क किनारे और पेवमेंट्स पर गाड़ी पार्क करने से अन्य गाड़ियों के लिए सड़क पर जगह तंग हो जाती है। वहीं पैदल जा रहे व्यक्ति को भी पेडेस्ट्रियन पाथ/पेवमेंट्स की बजाय सड़क पर उतरना पड़ता है। इससे उनकी जान जाने और हादसों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों, नेत्रहीनों आदि के लिए ज्यादा खतरा है। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस लोगों को जागरूक करते हुए बता रही है कि शहर भर में बनाए गए साइकिल ट्रैक्स पर भी मोटर व्हीकल चलाना गैरकानूनी है। इसमें 6 महीने तक की सजा हो सकती है। शहर के स्मार्ट कैमरे भी इस प्रकार की हरकतों को कैप्चर कर रहे हैं।

    शहर में कई ऐसे छोटे घर और तंग गलियां हैं जहां पर गाड़ी गेट के अंदर पार्क करना संभव नहीं है। ऐसे में उन्हें घरों के बाहर ही गाड़ियां पार्क करनी पड़ रही हैं। पुलिस ऐसे लोगों का भी चालान कर रही है। पुलिस का साफ कहना है कि या तो घरों में गाड़ी पार्क करें या डेजिग्नेटिड पार्किंग में गाड़ी लगाएं। चंडीगढ़ एस्टेट ऑफिस के नोटिस के बाद पुलिस यह सख्ती कर रही है।

    कुछ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि चंडीगढ़ प्रशासन को कम्युनिटी पार्किंग शहर भर में शुरू किया जाना चाहिए था। इस प्रकार लोगों को तंग करना गलत है। वहीं लोगों का कहना है कि पार्किंग पॉलिसी को भी प्रशासन लागू नहीं करवा पाया है। एक जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ की आबादी 12 लाख के लगभग है और वही शहर में वाहनों की संख्या 14 लाख के लगभग है।

  • बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 61 कर्मियों-अफसरों के हुए तबादलें, देखें लिस्ट

    बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 61 कर्मियों-अफसरों के हुए तबादलें, देखें लिस्ट

    चंडीगढ़ः प्रशासन ने बड़े स्तर पर अपने कर्मियों-अफसरों के ट्रांसफर के आदेश जारी किए हैं। कुल 61 ट्रांसफर किए गए हैं। प्रशासन की सेक्रेटरी पर्सोनल नीतिका पवार ने आगे यह आदेश जारी किए हैं। चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों में तैनात 61 अधिकारियों के तबादले तुरंत प्रभाव से कर दिए गए हैं। इन्हें आदेश दिए गए हैं कि तुरंत प्रभाव से अपने नए विभागों में रिपोर्ट करें। इसके लिए अपने मौजूदा विभाग से किसी रिलीविंग ऑर्डर का इंतजार न करें।

    वहीं कहा गया है कि इन ट्रांसफर आदेशों की पालना न करने को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे में अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है। जिन कर्मियों-अफसरों के ट्रांसफर किए गए हैं उनमें क्लर्क, जूनियर असिस्टेंट, सीनियर असिस्टेंट, इन्फोर्समेंट इंस्पेक्टर रैंक के अफसर शामिल थे। यह एस्टेट ऑफिस, जीएमसीएच-32, लॉ विभाग, डीएसएच ऑफिस, आयुष, फॉरेस्ट विभाग, इंजीनियरिंग विभाग, सीटीयू, एस्टेट ऑफिस, पुलिस, कॉपरेटिव सोसाइटीज, एजुकेशन, यूटी सेक्रेट्रिएट, मॉडल जेल, ग्रिड जैसे विभागों में तैनात थे। कहा गया है कि जनहित में यह ट्रांसफर किए गए हैं।