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  • पंजाब सरकार की बड़ी पहल, बागवानी पर मिलेगी 40 फीसदी सब्सिडी

    पंजाब सरकार की बड़ी पहल, बागवानी पर मिलेगी 40 फीसदी सब्सिडी

    चंडीगढ़: पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को बागवानी अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। सरकार आकर्षक सब्सिडी योजनाओं के माध्यम से फसल विविधीकरण को बढ़ावा दे रही है, ताकि किसान पारंपरिक गेहूं-धान चक्र से बाहर निकलकर अधिक लाभकारी फसलों की खेती कर सकें।

    उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन (एनएचएम) के तहत किसान नए बाग लगाने सहित विभिन्न बागवानी गतिविधियों के लिए 40 प्रतिशत तक सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भू-जल संरक्षण करना और फल-सब्जियों जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों से किसानों की आय बढ़ाना है।

    बागवानी मंत्री ने जानकारी दी कि इच्छुक किसान अपने संबंधित जिला बागवानी कार्यालयों के जरिए से सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। विभाग का फील्ड स्टाफ किसानों को आवेदन प्रक्रिया, पात्रता शर्तों और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग देगा। उन्होंने कहा कि मान सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी किसान-हितैषी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से समय पर किसानों तक पहुंचे।

  • मान सरकार ने किसानों के लिए किए बड़े ऐतिहासिक फैसले

    मान सरकार ने किसानों के लिए किए बड़े ऐतिहासिक फैसले

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने वर्ष 2025 को किसानों के लिए मील का पत्थर साबित किया। इस वर्ष गन्ने की फसल के लिए रिकॉर्ड कीमत, फसली विविधता में तेजी और टिकाऊ कृषि प्रथाओं पर जोर दिया गया, जिससे प्रदेश में कृषि क्षेत्र में खुशहाली आई है। पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करना है। इस साल गन्ने के लिए स्टेट एग्रीड प्राइस (SAP) 416 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया, जो देश में सबसे अधिक है।

    प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण काम हुए हैं। खरीफ सीजन में पराली जलाने के मामले 53% घटकर 5,114 रह गए, जबकि 2024 में यह संख्या 10,909 थी। इसके लिए सरकार ने किसानों को 1.58 लाख से अधिक फसली अवशेष प्रबंधन (CRM) मशीनें सब्सिडी पर दी हैं। फसली विविधता में भी वृद्धि हुई है, जिसमें कपास की खेती का क्षेत्र 20% बढ़कर 1.19 लाख हेक्टेयर हुआ, और किसानों को बी.टी. कॉटन बीजों पर 33% सब्सिडी दी गई।

    सरकार ने पानी बचाने के लिए धान की सीधी बिजाई (DSR) तकनीक को बढ़ावा दिया, जिससे इस तकनीक के तहत क्षेत्र में 17% की वृद्धि हुई। बासमती की खेती का क्षेत्र भी बढ़कर 6.90 लाख हेक्टेयर हो गया। इसके अलावा, छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत 11,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में धान की बजाय खरीफ की मक्की की खेती शुरू कराई गई, जिसमें किसानों को वित्तीय सहायता और सब्सिडी दी गई। इन पहलकदमियों से पंजाब के किसानों को लाभ मिला और कृषि क्षेत्र में सतत विकास की दिशा मजबूत हुई।

  • कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा का ऐलान, पंजाब में उद्योगों का विस्तार, रोजगार के मिलेंगे नए अवसर

    कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा का ऐलान, पंजाब में उद्योगों का विस्तार, रोजगार के मिलेंगे नए अवसर

    चंडीगढ़: कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक पंजाब में लगभग ₹1.50 लाख करोड़ का निवेश हुआ है, जिसके चलते राज्यभर में 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पंजाब को निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य और एक अग्रणी औद्योगिक हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

    मंत्री ने बताया कि पिछले पांच महीनों में ही कई बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें एचपीसीएल मित्तल एनर्जी लिमिटेड द्वारा ₹2,600 करोड़, वर्धमान स्टील्स द्वारा ₹3,000 करोड़, ट्राइडेंट ग्रुप द्वारा ₹2,000 करोड़, आईओएल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स द्वारा ₹1,400 करोड़, हैप्पी फोर्जिंग्स द्वारा ₹1,000 करोड़, वेरका बेवरेजेज द्वारा ₹987 करोड़ और फोर्टिस हेल्थकेयर मोहाली द्वारा ₹900 करोड़ के निवेश शामिल हैं। इसके अलावा अंबर एंटरप्राइजेज, इंफोसिस और टोपन स्पेशलिटी फिल्म्स जैसी कंपनियों ने भी बड़े निवेश की घोषणा की है।

    भविष्य की योजनाओं पर जानकारी देते हुए उद्योग मंत्री ने बताया कि 6वां पंजाब प्रोग्रेसिव इन्वेस्टर समिट–2026 13 से 15 मार्च 2026 तक मोहाली में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के जापान और दक्षिण कोरिया दौरे के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और आने वाले समय में विदेशी निवेश में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। निवेश को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक अनुमतियां 5 से 45 दिनों के भीतर दी जा रही हैं।

    उन्होंने कहा कि बिज़नेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान–2024 के तहत पंजाब को “टॉप अचीवर” का दर्जा मिला है। सरकार ने स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन शुल्क और ब्याज में छूट जैसे कई सुधार लागू किए हैं। इसके साथ ही नई सेक्टर-विशेष औद्योगिक नीति जनवरी 2026 तक जारी की जाएगी, जिससे उद्योगों को और प्रोत्साहन मिलेगा तथा पंजाब की औद्योगिक विकास यात्रा को नई गति मिलेगी।

  • मान सरकार का ‘सुधार घर’ अभियान: AI सुरक्षा और कौशल विकास से कैदियों का विकास

    मान सरकार का ‘सुधार घर’ अभियान: AI सुरक्षा और कौशल विकास से कैदियों का विकास

    चंडीगढ़: पंजाब जेल विभाग ने वर्ष-समाप्ति उपलब्धि रिपोर्ट जारी की है, जिसमें राज्य की सुधारात्मक संस्थाओं को आधुनिक, सुरक्षित और पुनर्वास केंद्रों में बदलने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण दिया गया है। जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सरकार जेलों में मानवीय दृष्टिकोण, तकनीकी सुरक्षा और कैदियों के कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जेलों को स्वच्छ वातावरण और उच्च-तकनीकी सुरक्षा के साथ पुनर्परिभाषित किया गया है, ताकि कैदी जीवन को दोबारा संवार सकें।

    मंत्री ने वर्ष 2025 की प्रमुख उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि पंजाब जेल ओलंपिक का आयोजन किया गया, जेलों में पौधारोपण अभियान चलाया गया और कई स्थान हरियाली में बदल गए। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए गोर्शियां कादरबख्श, लुधियाना में 100 करोड़ रुपये की लागत से नई उच्च-सुरक्षा जेल का निर्माण हो रहा है, जबकि मोहाली में ‘जेल भवन’ मुख्यालय का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

    जेल विभाग में भर्ती प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में अब तक 815 वार्डर और 32 मैट्रन की भर्ती पूरी हो चुकी है, जबकि 175 और वार्डर और 4 मैट्रन की भर्ती जल्द पूरी होगी। इसके अलावा कई अन्य पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है और केंद्रीय जेल बठिंडा में सीआरपीएफ की एक और कंपनी तैनात कर दी गई है।

    जेलों में आधुनिक सुरक्षा उपकरण जैसे एआई आधारित सीसीटीवी, एक्स-रे बैगेज स्कैनर और बॉडी-वॉर्न कैमरे 126 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे जा रहे हैं। मोबाइल फोन के उपयोग को रोकने के लिए उच्च-ऊर्जा जैमर पंजाब की 13 संवेदनशील जेलों में लगाए जा रहे हैं। कैदियों द्वारा 9 पेट्रोल पंप संचालित किए जा रहे हैं और 3 और पंप चालू किए जाएंगे। इसके साथ ही 11 जेलों में आईटीआई खोलकर वेल्डिंग, कंप्यूटर, सिलाई, ब्यूटीशियन जैसी 1016 कैदियों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

     

  • मान सरकार की सुरक्षा पहल से अनाथ बच्चों को मिली नई उम्मीद

    मान सरकार की सुरक्षा पहल से अनाथ बच्चों को मिली नई उम्मीद

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य के हर वर्ग की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में सरकार आश्रित और अनाथ बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक और सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कदम उठा रही है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अब तक 314.22 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की जा चुकी है, जिससे हजारों बच्चों के जीवन में स्थिरता और सुरक्षा आई है।

    डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य के 2 लाख 37 हजार 406 आश्रित और अनाथ बच्चों को नियमित वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसका उद्देश्य है कि ये बच्चे आर्थिक सहारे के साथ शिक्षा प्राप्त कर सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ते हुए आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ें।

    उन्होंने यह भी कहा कि आश्रित और अनाथ बच्चे केवल सरकारी आंकड़े नहीं हैं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। मान सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा मजबूरी, उपेक्षा या आर्थिक कमजोरी के कारण अपनी पढ़ाई और सपनों से वंचित न रहे। इस योजना का लाभ 21 वर्ष से कम उम्र के उन बच्चों को मिलता है, जिनके माता-पिता नहीं हैं या वे परिवार की देखभाल करने में असमर्थ हैं।

  • शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर कदम, मान सरकार का बड़ा फैसला

    शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर कदम, मान सरकार का बड़ा फैसला

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार वंचित और पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा के जरिए आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी छात्र आर्थिक परेशानी के कारण पढ़ाई से वंचित न रहे और सभी को समान अवसर मिलें।

    डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों के लिए चल रही पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत अब तक 4.77 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इस योजना के लिए पूरे पंजाब से 2 लाख 62 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। इससे साफ है कि सरकार की योजनाएं सही तरीके से छात्रों तक पहुंच रही हैं।

    उन्होंने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए 245 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। मान सरकार के लिए शिक्षा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की नींव है। सरकार की कोशिश है कि हर गरीब और जरूरतमंद छात्र को पढ़ाई पूरी करने में पूरा सहयोग मिले, ताकि वे अपने और समाज के भविष्य को बेहतर बना सकें।

  • CM भगवंत मान का खेल विज़न: जून 2026 तक 3,100 स्टेडियम होंगे तैयार

    CM भगवंत मान का खेल विज़न: जून 2026 तक 3,100 स्टेडियम होंगे तैयार

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान ने खेल एवं युवा सेवाएं विभाग के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान पंजाब के खेल बुनियादी ढांचे के व्यापक नवीनीकरण के लिए स्पष्ट और समयबद्ध निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को 1,350 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश भर में बनाए जा रहे 3,100 स्टेडियमों का निर्माण कार्य जून 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति 2023 के तहत गांव-गांव में आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें बाड़, गेट, जॉगिंग ट्रैक, समतल खेल मैदान, वॉलीबॉल कोर्ट और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी, तथा कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक व्यापक खेल एवं युवा पैकेज की भी शुरुआत की, जिसमें लगभग 3,000 स्थानों पर अत्याधुनिक जिम स्थापित करना, 50 करोड़ रुपये की लागत से 17,000 खेल किटों का वितरण और एक समर्पित खेल पोर्टल का शुभारंभ शामिल है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 1,000 स्थानों पर 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक जिम स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही खिलाड़ियों को खेल किटें उपलब्ध कराई जाएंगी और अधिकारियों को 31 मार्च 2026 तक गांवों में 5,600 किटें वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाकर उन्हें नशे से दूर रखना है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि खेल पोर्टल के माध्यम से खिलाड़ी ऑनलाइन पंजीकरण, डीबीटी, ग्रेडेशन, ग्राउंड बुकिंग, ई-प्रमाण पत्र और अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा 10,000 युवाओं के लिए ट्रैकिंग, एडवेंचर और टीम गतिविधि शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा सेक्टर-42ए में 43 करोड़ रुपये की लागत से नया युवा भवन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेल नीति 2023 के बाद खेल बजट को बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये किया गया है और पंजाब देश का पहला राज्य है जहां स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर स्थापित किया गया है, जिससे खिलाड़ियों की सेहत और प्रदर्शन को नई मजबूती मिलेगी।

  • लुधियाना में 100 करोड़ की लागत से बन रही नई उच्च-सुरक्षा जेल

    लुधियाना में 100 करोड़ की लागत से बन रही नई उच्च-सुरक्षा जेल

    चंडीगढ़: पंजाब जेल विभाग ने अपनी वर्ष-अंत उपलब्धि रिपोर्ट जारी की, जिसमें राज्य की सुधारात्मक संस्थाओं को पुनर्वास, स्थिरता और आधुनिक सुरक्षा केंद्रों में बदलने की पहलों को उजागर किया गया। जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पंजाब सरकार कैदियों के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने, तकनीक के माध्यम से सुरक्षा बढ़ाने और व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से हुनरमंद बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में जेलों को स्वच्छ वातावरण और उच्च-तकनीकी सुरक्षा के साथ पुनर्परिभाषित किया गया है, जिससे कैदियों को जीवन को दोबारा संवारने का अवसर मिल सके।

    वर्ष की प्रमुख पहलों में पंजाब जेल ओलंपिक का आयोजन किया गया, जिससे कैदियों में खेल भावना और शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा मिला। जेलों में पौधारोपण अभियान से कई स्थानों को हरित और स्वच्छ बनाया गया। साथ ही, गोर्शियां कादरबख्श, लुधियाना में 100 करोड़ रुपये की लागत से नई उच्च-सुरक्षा जेल का निर्माण और मोहाली में ‘जेल भवन’ मुख्यालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

    जेल मंत्री ने वर्ष 2025 में हुई भर्ती और सुरक्षा उन्नयन के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान 815 वार्डर और 32 मैट्रन की भर्ती पूरी की गई, जबकि 175 वार्डर और 4 मैट्रन की भर्ती जल्द पूरी होगी। आधुनिक सुरक्षा उपकरण जैसे एआई आधारित सीसीटीवी, एक्स-रे बैगेज स्कैनर और बॉडी-वॉर्न कैमरे 126 करोड़ रुपये की लागत से जेलों में लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा, 9 जेलों में कैदियों द्वारा संचालित पेट्रोल पंप शुरू किए गए हैं और 11 जेलों में आईटीआई कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत 1016 बंदियों को प्रमाणित प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फतेहगढ़ साहिब में किया साहिबज़ादों की शहादत को नमन देखें वीडियो

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फतेहगढ़ साहिब में किया साहिबज़ादों की शहादत को नमन देखें वीडियो

    फतेहगढ़ साहिब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज सुबह ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होकर माता गुजरी जी और छोटे साहिबज़ादे बाबा ज़ोरावर सिंह तथा बाबा फतेह सिंह जी की बेमिसाल शहादत को नमन किया। मुख्यमंत्री ने शहीदी सभा के दिनों के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरा पंजाब इन दिनों को ‘शोक के दिनों’ के रूप में मनाता है, क्योंकि इन्हीं दिनों में अत्याचारी शासकों द्वारा छोटे साहिबज़ादों को जीवित ही दीवार में चिनवा दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह अद्वितीय और अनुपम कुर्बानी न केवल पंजाबियों और देशवासियों के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीदी सभा के दौरान लगभग 50 लाख श्रद्धालु फतेहगढ़ साहिब पहुंचकर गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

    गुरु घर में माथा टेकने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये महान कुर्बानियां मानवता के इतिहास में बेमिसाल हैं और आने वाली पीढ़ियों को ज़बर, ज़ुल्म और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा देती रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र भूमि केवल सिखों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मानव जाति के लिए प्रेरणा का स्रोत है। छोटे साहिबज़ादों की शहादत को ‘नन्ही जानों का बड़ा साका’ कहा जाता है और यह मानवता के धर्म पालन के अधिकार की रक्षा का अद्वितीय उदाहरण है।

    मुख्यमंत्री ने लखनऊ विश्वभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए किए गए प्रबंधों का विवरण देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं, यातायात, स्वच्छता और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि इस वर्ष नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहादत दिवस भी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है। शहीदी दिवस को ‘वीर बाल दिवस’ नाम देने के विवाद पर उन्होंने कहा कि साहिबज़ादों की कुर्बानी किसी एक दिन तक सीमित नहीं की जा सकती और इसे शब्दों में बयां करना असंभव है।

  • मान सरकार की पहल: हर बच्चा मजबूरी या आर्थिक कमजोरी से अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे

    मान सरकार की पहल: हर बच्चा मजबूरी या आर्थिक कमजोरी से अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य के हर वर्ग की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी के तहत आश्रित एवं अनाथ बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक और सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा अब तक राज्य के आश्रित एवं अनाथ बच्चों के लिए 314.22 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की जा चुकी है, जिससे हजारों बच्चों के जीवन में सुरक्षा और स्थिरता आई है।

    उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत राज्य के 2 लाख 37 हजार 406 आश्रित एवं अनाथ बच्चों को नियमित वित्तीय सहायता दी जा रही है, ताकि ये बच्चे आर्थिक सहारे के साथ शिक्षा प्राप्त कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ सकें। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि आश्रित एवं अनाथ बच्चे केवल सरकारी आंकड़े नहीं हैं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी हैं। उन्होंने कहा कि मान सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा मजबूरी, उपेक्षा या आर्थिक कमजोरी के कारण अपनी पढ़ाई और सपनों से वंचित न रहे। पंजाब सरकार हर ऐसे बच्चे के साथ संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ खड़ी है।

    कैबिनेट मंत्री ने आगे बताया कि इस योजना का लाभ वे बच्चे ले सकते हैं जिनकी आयु 21 वर्ष से कम है और जिनके माता-पिता या तो दोनों नहीं रहे, या दोनों घर से अनुपस्थित हैं, या शारीरिक एवं मानसिक रूप से अक्षम होने के कारण परिवार की देखभाल करने में असमर्थ हैं। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मान सरकार की यह पहल केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुनहरे भविष्य की ओर ले जाने की स्पष्ट और दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।