चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सिखों के धार्मिक महत्व वाले तीन शहरों—अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो—को आधिकारिक रूप से पवित्र शहरों का दर्जा दिया है। यह निर्णय श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर लिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए परमात्मा के प्रति कृतज्ञता और जिम्मेदारी का अवसर बताते हुए कहा कि अब इन शहरों को आधिकारिक रूप से रूहानियत और धार्मिक श्रद्धा के केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन पवित्र शहरों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ई-रिक्शा, मिनी-बसें और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, शहरों की पवित्रता बनाए रखने के लिए मांस, शराब, तंबाकू और किसी भी नशीले पदार्थ की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इन शहरों के समग्र और संतुलित विकास को सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

भगवंत सिंह मान ने सिख संगत को बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय बहुत पहले लागू होना चाहिए था। 15 दिसंबर, 2025 को आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पंजाब राज्य के पवित्र शहर घोषित किया गया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि यह कदम न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को मान्यता देता है, बल्कि इन शहरों को विश्वस्तरीय सुविधाओं और श्रद्धालुओं के लिए सुगम परिवहन के साथ एक आदर्श धार्मिक केंद्र भी बनाएगा।



शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब की स्कूल शिक्षा नई ऊँचाइयों को छू रही है। उन्होंने बताया कि 40 हजार से अधिक शिक्षकों को अभिभावक कार्यशालाओं के लिए प्रशिक्षित किया गया है, ताकि घर और स्कूल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। इस पहल से विद्यार्थियों की पढ़ाई, उपस्थिति और मानसिक विकास में सुधार आने की उम्मीद है, क्योंकि यह कार्यक्रम अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदार बनाता है।











