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  • पंजाब में धान की सीधी बिजाई के तहत रकबा 36 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4 लाख एकड़ को पार किया: गुरमीत सिंह खुड्डियां

    पंजाब में धान की सीधी बिजाई के तहत रकबा 36 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4 लाख एकड़ को पार किया: गुरमीत सिंह खुड्डियां

    चंडीगढ़: भूजल के गिरते स्तर को रोकने के लिए किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिसके तहत पंजाब ने 2026 के खरीफ सीजन के दौरान 4 लाख एकड़ से अधिक रकबा धान की सीधी बिजाई (डी. एस. आर.) के तहत लेकर हाल के वर्षों में इस उन्नत तकनीक (डीएसआर) को अपनाने में अभूतपूर्व वृद्धि का रिकॉर्ड बनाया है। कृषि मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज यहां बताया कि यह रकबा पिछले वर्ष की तुलना में 36 प्रतिशत अधिक है।

    इस संबंध में विवरण साझा करते हुए स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि इस खरीफ सीजन में 31,478 पंजीकृत किसानों ने 4,00,433.26 एकड़ में धान की सीधी बिजाई की है, जबकि वर्ष 2025 में यह रकबा 2.94 लाख एकड़ था। राज्य सरकार द्वारा धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1500 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है और किसानों को लगभग 61 करोड़ रुपये देने का अनुमान है।

    कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष (16%) की तुलना में इस वर्ष हुई दोगुनी वृद्धि दर्शाती है कि प्रदेश के किसान डीएसआर को धान की पारंपरिक रोपाई के एक स्थायी विकल्प के रूप में स्वीकार करने लगे हैं। डीएसआर के तहत प्रति एकड़ 15 से 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है। उन्होंने किसानों के नेतृत्व वाले इस प्रगतिशील बदलाव को भूजल संकट के खिलाफ प्रदेश की सबसे मजबूत सुरक्षा बताया।

    कृषि मंत्री ने बताया कि फाजिल्का जिला 12,063 किसानों द्वारा 1,55,422.77 एकड़ रकबे में धान की सीधी बिजाई के साथ पूरे पंजाब में अग्रणी रहा है। इसके बाद श्री मुक्तसर साहिब 7,345 किसानों द्वारा 1,06,038.81 एकड़ के साथ दूसरे और फिरोजपुर 38,088.59 एकड़ रकबे और 1,929 किसानों के साथ तीसरे स्थान पर रहा है। बठिंडा और संगरूर भी शीर्ष पांच जिलों में शामिल हैं।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा आने वाले वर्षों में डी.एस.आर. के तहत रकबे के और विस्तार को सुनिश्चित करने के लिए लगातार किसानों का तकनीकी मार्गदर्शन किया जा रहा है और क्षेत्रीय स्तर पर सहायता दी जा रही है।

    स. खुड्डियां ने जिला अधिकारियों को धान की सीधी बिजाई के तहत रकबे की तत्काल सत्यापन करने के आदेश दिए हैं ताकि किसानों को प्रोत्साहन राशि का वितरण किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रोत्साहन राशि देने की बात नहीं है, बल्कि पंजाब में भूजल सहित अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की स्थायी संस्कृति पैदा करने का प्रयास है।

  • मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत युवा वयस्कों ने करवाए सबसे अधिक कैशलेस हृदय उपचार

    मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत युवा वयस्कों ने करवाए सबसे अधिक कैशलेस हृदय उपचार

    चंडीगढ़: फाजिल्का जिले के 58 वर्षीय मनजीत सिंह कई हफ्तों तक सीने में हो रही तकलीफ को आम थकावट समझकर नज़रअंदाज़ करते रहे। लेकिन जब सीने का दर्द बार-बार होने लगा और थोड़ा सा चलने पर भी बेचैनी महसूस होने लगी तो उन्होंने चिकित्सीय जांच करवाई। जांच में पता चला कि उनके दिल की एक कोरोनरी धमनी में रुकावट थी और तुरंत इलाज की जरूरत थी। कुछ ही घंटों में उन्हें कैथेटराइजेशन लैब में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने एंजियोप्लास्टी करके स्टेंट लगाया और उनके दिल में खून का प्रवाह फिर से बहाल कर दिया।

    मनजीत सिंह का मामला समय पर इलाज के महत्व को दर्शाता है, जबकि सरकारी आंकड़े यह भी बताते हैं कि हृदय रोग बड़ी संख्या में युवाओं को भी प्रभावित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 17 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा वयस्कों की कैशलेस हृदय उपचार करवाने वाले लाभार्थियों में सबसे अधिक हिस्सेदारी रही है। यह युवा मरीजों के लिए समय पर जांच और विशेषज्ञ हृदय रोग उपचार सेवाओं तक पहुंच के महत्व को उजागर करता है।

    हृदय रोग आमतौर पर बिना किसी चेतावनी के नहीं आता। सीने में लगातार दर्द, सांस चढ़ना, असामान्य थकावट या दर्द का बाहों, जबड़े या पीठ तक फैलना इसके मुख्य लक्षण हो सकते हैं। लेकिन अक्सर लोग इन लक्षणों को तब तक नज़रअंदाज़ करते रहते हैं, जब तक कि ये गंभीर चिकित्सीय आपात स्थिति का रूप नहीं ले लेते। डॉक्टरों का कहना है कि इन चेतावनी संकेतों को समय पर पहचानकर तुरंत इलाज करवाने से जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है और हृदय को स्थायी क्षति से भी बचाया जा सकता है।

    भारत में यह चुनौती लगातार बढ़ रही है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार, पिछले तीन दशकों के दौरान हृदय और रक्त वाहिकाओं से संबंधित बीमारियाँ देश में बीमारी और मौत का सबसे बड़ा कारण बन चुकी हैं। तेजी से हो रहा शहरीकरण, कम शारीरिक गतिविधियों वाली जीवनशैली, असंतुलित आहार, तम्बाकू का उपयोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी स्थितियों ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। भले ही हृदय उपचार के क्षेत्र में हुई प्रगति से मरीजों के बचने की संभावना बढ़ी है, लेकिन इलाज की उच्च लागत आज भी कई परिवारों के लिए जीवन-रक्षक उपचार को उनकी पहुंच से बाहर कर देती है।

    मनजीत सिंह जैसे मरीजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती चिकित्सीय नहीं, बल्कि आर्थिक थी। पंजाब में ऐसे कई परिवार, जो हृदय से संबंधित आपात स्थिति का सामना करते हैं, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर इलाज प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना पात्र मरीजों के हृदय से संबंधित इलाज का सारा खर्च वहन करती है। अस्पताल के भारी-भरकम बिलों का बोझ घटाकर यह योजना मरीजों को आर्थिक मजबूरी के कारण इलाज टालने के बजाय समय पर इलाज करवाने के योग्य बना रही है।

    योजना के प्रभाव का अंदाजा स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब द्वारा जारी आंकड़ों से भी लगता है। 15 जुलाई 2026 तक मुख्य मंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 135 मरीजों का कैशलेस हृदय उपचार किया जा चुका है, जिस पर 2.71 करोड़ रुपये की उपचारात्मक सहायता प्रदान की गई है। इन उपचारों में जन्म से हृदय दोष, हृदय वाल्व से संबंधित रोगों और अन्य जटिल हृदय रोगों की सर्जरी शामिल हैं। ये आंकड़े विशेषज्ञ हृदय रोग उपचार सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाते हैं और यह भी स्पष्ट करते हैं कि समय पर जीवन-रक्षक उपचार सुनिश्चित करने में आर्थिक सहायता कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि हृदय रोग आज भी सबसे गंभीर जन स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक हैं, लेकिन जागरूकता, समय पर जांच और तत्काल चिकित्सीय उपचार के माध्यम से कई मौतों को रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सीने में लगातार दर्द, सांस चढ़ना, असामान्य थकावट या अन्य चेतावनी संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें, क्योंकि समय पर चिकित्सा सहायता लेने से जान बचाई जा सकती है।

    उन्होंने कहा, “किसी भी परिवार को आर्थिक तंगी के कारण जीवन-रक्षक हृदय उपचार में देरी करने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पात्र मरीजों को इलाज के खर्च की चिंता के बिना सही समय पर मानक हृदय रोग उपचार प्रदान किया जाए। समय पर जांच और इलाज जान बचाते हैं और हमारी प्रतिबद्धता है कि पंजाब के हर पात्र परिवार तक ऐसी स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचें।”

    माई अस्पताल, मोहाली (इंडस नेटवर्क अस्पताल) के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख और कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. करनदीप सिंह सियाल ने कहा, “हृदय रोग आज भी देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक हैं। जन्म से हृदय दोष और अन्य जटिल हृदय रोगों के मामलों में बड़ी संख्या में इलाज की आवश्यकता पड़ती है। हालांकि, समय पर जांच और इलाज के माध्यम से कई जानें बचाई जा सकती हैं।”

    डॉ. करनदीप सिंह सियाल ने कहा कि आर्थिक सुरक्षा मिलने से मरीज बिना देरी इलाज करवाने के लिए आगे आते हैं, जिससे इलाज के परिणाम बेहतर होते हैं और मरीज जल्दी स्वस्थ होते हैं। उन्होंने कहा, “इसके साथ-साथ, रोकथाम ही हमारी सबसे मजबूत सुरक्षा है। हृदय के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, नियमित शारीरिक गतिविधियाँ करना, रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रण में रखना और समय-समय पर हृदय की जांच करवाना गंभीर हृदय रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है।”

    मनजीत सिंह अपने परिवार के साथ स्वस्थ जीवन बिता रहे हैं और इस बात के लिए आभारी हैं कि उनके लिए चिकित्सीय आपात स्थिति आर्थिक संकट में नहीं बदली। उनकी कहानी पंजाब के ऐसे कई अन्य लोगों की कहानी है, जिन्हें इस योजना के तहत समय पर हृदय से संबंधित इलाज मिला है। मनजीत सिंह ने कहा, “सबसे बड़ी तसल्ली सिर्फ इस बात की नहीं है कि अब उच्च स्तरीय चिकित्सीय उपचार उपलब्ध है, बल्कि इस बात की है कि समय पर इलाज मिलेगा या नहीं, यह अब हमारी आर्थिक क्षमता पर निर्भर नहीं करता।”

     

  • धारा 138, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 से संबंधित मामलों के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन

    धारा 138, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 से संबंधित मामलों के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन

    चंडीगढ़: पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा आज पंजाब राज्य में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 की धारा 138 से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए विशेष लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह विशेष लोक अदालत माननीय न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा कार्यवाहक अध्यक्ष, पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के संरक्षण में आयोजित की गई।

    प्रत्येक नागरिक को सुलभ, किफायती और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए इस लोक अदालत में वादकारियों, न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा अन्य संबंधित पक्षों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पहल से न केवल वादकारियों को शीघ्र राहत मिली, बल्कि न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला।

    इस विशेष लोक अदालत के दौरान राज्य के सभी जिलों और उप-मंडलों में कुल 175 लोक अदालत पीठों का गठन किया गया, जिनमें 17,723 मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया। इनमें से 4,871 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इस संबंध में कुल 13,08,99,90,50 रुपये की राशि के अवार्ड पारित किए गए।

    इस विशेष लोक अदालत के माध्यम से पंजाब भर के हजारों पक्षकारों को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 से संबंधित अपने विवादों का त्वरित एवं सरल तरीके से निपटारा कराने का अवसर प्राप्त हुआ। इस दौरान लंबे समय से लंबित कई मामलों का भी सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।

    इस अवसर पर माननीय न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा कार्यवाहक अध्यक्ष, पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ने राज्य के सभी न्यायिक अधिकारियों, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों तथा स्वयंसेवकों द्वारा प्रदान की गई समर्पित सेवाओं और अथक प्रयासों की भरपूर सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से ही इस विशाल आयोजन का सफल संचालन संभव हो सका।

    पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ने माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, सभी जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों, राज्य की न्यायपालिका, अधिवक्ता समुदाय, पुलिस प्रशासन तथा सिविल प्रशासन का इस आयोजन को सफल बनाने में दिए गए अमूल्य सहयोग एवं समन्वय के लिए हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया।

  • मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा पंजाब में युवाओं के सुधार और पुनर्वास के लिए व्यापक अभियान की शुरुआत

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा पंजाब में युवाओं के सुधार और पुनर्वास के लिए व्यापक अभियान की शुरुआत

    युवाओं के उपचार और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने पर केंद्रित त्रैमासिक अभियान

    चंडीगढ़: भारत के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने आज पंजाब में युवा सुधार एवं पुनर्वास अभियान की शुरुआत की, जो कि युवाओं में नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक व्यापक राज्य स्तरीय पहल है। इस अभियान का उद्घाटन पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश तथा माननीय उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की उपस्थिति में किया गया।

    पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के प्रवक्ता ने बताया कि यह त्रैमासिक अभियान 18 जुलाई से 31 अक्टूबर, 2026 तक सभी जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों के माध्यम से मिशन मोड में चलाया जाएगा। प्रवक्ता ने आगे बताया कि अभियान का उद्देश्य पुनर्वास सुविधाओं के माध्यम से नशे के शिकार युवाओं की सहायता करना, मादक पदार्थों के उपयोग को रोकना, उपचार तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ नशे की दलदल में फंसे व्यक्तियों को स्वस्थ और नशा-मुक्त जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना है।

    प्रवक्ता ने बताया कि नशे से पीड़ित व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि उन्हें सम्मान के साथ नशे पर काबू पाने में सहयोग दिया जा सके। उन्होंने कहा कि इस पहल के लिए तीन-चरणीय योजना तैयार की गई है। पहले चरण के तहत 18-31 जुलाई तक – संस्थागत तैयारी, क्षमता निर्माण, जिला मैपिंग तथा संवेदनशील क्षेत्रों और व्यक्तियों की पहचान की जाएगी। दूसरे चरण में 1 से 30 सितंबर तक डी.एल.एस.ए. द्वारा स्वैच्छिक परामर्श, पारिवारिक परामर्श तथा पीड़ित युवाओं को सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों के लिए रेफर करना शामिल है। उल्लेखनीय है कि लाभार्थियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इसी प्रकार तीसरा चरण जो 1 से 31 अक्टूबर तक होगा, जिसके दौरान उपचार के बाद पुनर्वास और फॉलो-अप किए जाएंगे। ठीक हुए युवाओं को पुनः नशे की ओर लौटने से रोकने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास, रोजगार एक्सचेंजों तथा खेल/योग से जोड़ा जाएगा।

    प्रवक्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, जेल विभाग, शिक्षा एवं कौशल विकास एजेंसियों, पुलिस, नागरिक समाज तथा प्रतिष्ठित अग्रणी लोगों की भागीदारी वाले बहु-क्षेत्रीय नेटवर्क द्वारा यह अभियान कार्यान्वित किया जाएगा। प्रवक्ता ने आगे कहा कि यह अभियान अक्टूबर में समाप्त नहीं होगा बल्कि दीर्घकालिक सहायता के लिए प्रत्येक तिमाही में दोहराया जाएगा। पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ने माता-पिता, शिक्षकों, युवा समूहों तथा स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों से नशा-मुक्त पंजाब बनाने के प्रयासों में शामिल होने की अपील भी की।

     

  • डी.ई.ओ., चुनाव पंजीकरण अधिकारी और बी.एल.ओज. के समर्पित और सुहृद प्रयासों के कारण मिली यह उपलब्धि : सी.ई.ओ. अनिंदिता मित्रा

    डी.ई.ओ., चुनाव पंजीकरण अधिकारी और बी.एल.ओज. के समर्पित और सुहृद प्रयासों के कारण मिली यह उपलब्धि : सी.ई.ओ. अनिंदिता मित्रा

    चंडीगढ़: मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब अनिंदिता मित्रा ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र धर्मकोट और गढ़शंकर में एस.आई.आर.- 2026 के तहत चुनाव रिकॉर्डों और प्रक्रियाओं के 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण को सफलतापूर्वक संपन्न करने की सराहना करते हुए कहा कि यह मील का पत्थर पारदर्शिता, दक्षता और आधुनिक चुनाव प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में पंजाब की निरंतर प्रगति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

    फील्ड स्टाफ की भूमिका का हवाला देते हुए सी.ई.ओ. मित्रा ने कहा कि जिला चुनाव अधिकारी (डी.ई.ओ.), चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ई.आर.ओ.), और बी.एल.ओज. के समर्पित और समन्वयपूर्ण प्रयासों के कारण ही यह सफलता मिली है। उनकी प्रतिबद्धता, सुहृदता और टीम वर्क ने न केवल डिजिटलीकरण कार्यों के निर्विघ्न क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया बल्कि धर्मकोट और गढ़शंकर को राज्य के लिए एक आदर्श चुनाव क्षेत्रों के रूप में स्थापित किया है।

    मित्रा ने पंजाब भर के मतदाताओं से 19 जुलाई, 2026 को होने वाले आगामी विशेष शिविरों में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की, क्योंकि राज्य एस.आई.आर.- 2026 के घर-घर गणना चरण को पूरा करने की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने दोहराया कि एक समावेशी और त्रुटिरहित मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। धर्मकोट और गढ़शंकर क्षेत्रों की यह उपलब्धि समन्वय, समर्पण और परिणाम-उन्मुख प्रदर्शन का स्पष्ट प्रमाण है, जो कि एक मजबूत और डिजिटल रूप से सशक्त चुनाव प्रणाली की ओर बढ़ते पंजाब का चित्र प्रस्तुत करती है।

  • बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार का बड़ा कदम; सम्मान, देखभाल और कानूनी संरक्षण होगा सुनिश्चित

    बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार का बड़ा कदम; सम्मान, देखभाल और कानूनी संरक्षण होगा सुनिश्चित

    चंडीगढ़: राज्य के प्रत्येक बुजुर्ग को सम्मान और गरिमा के साथ जीवन उपलब्ध कराने की पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज यहां कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार सभी वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने कहा कि “माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007” एक ऐतिहासिक कानून है, जो बुजुर्गों को असहायता और आर्थिक असुरक्षा से बचाने के लिए मजबूत कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।

    डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट किया कि जो माता-पिता स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं हैं, उनकी देखभाल करना उनकी संतान और उत्तराधिकारियों की कानूनी एवं नैतिक जिम्मेदारी है। यह अधिनियम वरिष्ठ नागरिकों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचाते हुए सरल, सुलभ और समयबद्ध व्यवस्था के माध्यम से मासिक भरण-पोषण भत्ता प्राप्त करने का अधिकार देता है, ताकि उन्हें मानसिक परेशानी और अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं से गुजरना न पड़े तथा शीघ्र न्याय मिल सके।

    बुजुर्गों की तत्काल सहायता के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित विशेष सुविधा का उल्लेख करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि “पंजाब सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की हर छोटी-बड़ी समस्या के समाधान के लिए ‘एल्डर लाइन’ (राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर: 14567) का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। किसी भी प्रकार की मानसिक, कानूनी अथवा शारीरिक परेशानी का सामना कर रहे वरिष्ठ नागरिक इस निःशुल्क हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। यह केवल एक हेल्पलाइन नंबर नहीं, बल्कि बुजुर्गों के लिए भरोसेमंद सहारा है, जहां उनकी समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना और उनका समाधान किया जाता है।”

    कानूनी अधिकारों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और जागरूकता को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए डॉ. बलजीत कौर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाकर बुजुर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) और समाज की प्रतिष्ठित हस्तियों का भी सक्रिय सहयोग लिया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार समय-समय पर राज्य स्तरीय विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित करती है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर के निकट ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं तथा निःशुल्क चिकित्सा जांच उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सके।

    डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि “माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007” के अंतर्गत भरण-पोषण अथवा कानूनी संरक्षण प्राप्त करने के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक अपने जिले के जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी अथवा संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि एसडीएम इस अधिनियम के तहत मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल के रूप में कार्य करते हैं और वरिष्ठ नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए उनके कानूनी अधिकारों की रक्षा करते हैं।

    उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए आवेदन स्वयं बुजुर्गों के अलावा उनके अधिकृत प्रतिनिधि अथवा किसी मान्यता प्राप्त स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) द्वारा भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक सरल और सुलभ बन जाती है।

    मंत्री ने कहा कि इस कानून में वरिष्ठ नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के विरुद्ध कड़े प्रावधान किए गए हैं। यदि कोई बुजुर्ग अपनी देखभाल की शर्त पर अपनी संपत्ति किसी व्यक्ति के नाम हस्तांतरित करता है और वह व्यक्ति अपने दायित्व का पालन नहीं करता, तो मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल को उस संपत्ति के हस्तांतरण अथवा पंजीकरण को निरस्त करने का अधिकार प्राप्त है। इसके अतिरिक्त राज्य में वृद्धाश्रमों की स्थापना तथा भरण-पोषण अधिकारियों की नियुक्ति जैसे विशेष प्रावधान भी किए गए हैं।

    राज्य के लोगों से भावनात्मक अपील करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि परिवार के बुजुर्ग हमारी जीवन-यात्रा की मजबूत नींव हैं। उनकी सेवा और देखभाल करना केवल कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों का भी अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर समय प्रतिबद्ध है, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक, आत्मनिर्भर और शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें।

  • गणना प्रपत्र भरने और जमा कराने के लिए 19 जुलाई को सभी मतदान केंद्रों पर एक दिवसीय SIR विशेष शिविर लगाया जाएगा: मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा

    गणना प्रपत्र भरने और जमा कराने के लिए 19 जुलाई को सभी मतदान केंद्रों पर एक दिवसीय SIR विशेष शिविर लगाया जाएगा: मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा

    चंडीगढ़: विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का घर-घर गणना चरण इस समय पूरे पंजाब में जारी है और यह 3 अगस्त तक चलेगा। इस प्रक्रिया को और अधिक सुचारु एवं प्रभावी बनाने के लिए राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर 19 जुलाई (रविवार), 2026 को सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक एक दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा, ताकि मतदाता अपने गणना प्रपत्र भरकर वहीं जमा कर सकें।

    राज्य के मतदाताओं से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा, आईएएस ने कहा, “यदि आपने अभी तक अपना गणना प्रपत्र नहीं भरा है, तो तुरंत अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से संपर्क करें अथवा इस विशेष शिविर के दौरान अपने निकटतम मतदान केंद्र पर जाकर प्रपत्र भरें और जमा करें। प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम 13 अगस्त, 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल हो, यह सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।” उन्होंने आगे बताया कि इस विशेष शिविर के दौरान सभी निर्धारित मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) उपस्थित रहेंगे और मतदाताओं को गणना प्रपत्र भरने तथा जमा कराने की पूरी प्रक्रिया में आवश्यक सहायता प्रदान करेंगे।

  • राष्ट्र सेवा की राह पर पंजाब के युवा, महाराजा रणजीत सिंह इंस्टीट्यूट ने रचा नया कीर्तिमान

    राष्ट्र सेवा की राह पर पंजाब के युवा, महाराजा रणजीत सिंह इंस्टीट्यूट ने रचा नया कीर्तिमान

    कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कैडेटों की प्रशंसा, उज्ज्वल भविष्य और सफल प्रशिक्षण की कामना की

    चंडीगढ़/मोहाली: महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट, एस.ए.एस. नगर के 25 कैडेटों का पिछले तीन महीनों के दौरान भारतीय रक्षा सेवाओं की विभिन्न स्नातक (अंडरग्रेजुएट) एवं प्री-कमीशन प्रशिक्षण अकादमियों में चयन हुआ है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के कार्यकाल में इस संस्थान के कुल 175 कैडेट देश की प्रतिष्ठित रक्षा प्रशिक्षण अकादमियों में चयनित हो चुके हैं। इन कैडेटों ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए), वायु सेना अकादमी (एएफए) तथा ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) सहित देश की प्रमुख रक्षा संस्थाओं में प्रवेश प्राप्त किया है। संस्थान के 16 कैडेट राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला में एनडीए-156 पाठ्यक्रम के लिए चयनित हुए हैं। इनमें मोहाली के अभिष, अगमजीत विर्क, भुवन धीमान और विशेष करदवाल; मलेरकोटला के गुरकर्णजीत सिंह; गुरदासपुर के परमजोत सिंह और राजपाल सिंह; बठिंडा के गुनताज़ सचदेवा; अमृतसर के एकनूर सिंह और लविश; पठानकोट के सुखमनजीत सिंह मान; बरनाला के चन्नप्रीत सिंह सिद्धू; फरीदकोट के अरमान शर्मा; रूपनगर के हर्षवीर सिंह; पटियाला के दीपइंदर सिंह तथा होशियारपुर के जसजोत सिंह शामिल हैं। इसके अतिरिक्त होशियारपुर के अभय प्रताप सिंह ढिल्लों का भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए), एझिमाला में चयन हुआ है। गुरदासपुर के मननूरप्रीत सिंह, पठानकोट के संकेत तथा जालंधर के समर्थ सिंह ढिल्लों का टीईएस-55 पाठ्यक्रम के अंतर्गत मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिकंदराबाद तथा मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, महू में प्रवेश हुआ है। इसी प्रकार इशप्रीत सिंह ढिल्लों ने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए), चेन्नई में प्रवेश लिया है। लुधियाना के मनवीर सिंह बेदी ने भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए), एझिमाला में एनओसी (एक्सटेंशन) पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्राप्त किया है, जबकि पठानकोट के जसनूर सिंह ने वायु सेना अकादमी (एएफए), डुंडीगल में प्रवेश लिया है। रूपनगर के सुखराज सिंह हीरा तथा श्री फतेहगढ़ साहिब के जगबीर सिंह भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), देहरादून में प्रशिक्षण के लिए चयनित हुए हैं। इन कैडेटों को बधाई देते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने सभी चयनित कैडेटों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए देश की निष्ठापूर्वक सेवा करने के लिए प्रेरित किया। संस्थान के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने बताया कि वर्तमान में संस्थान के 25 अन्य कैडेट एसएसबी साक्षात्कार और चिकित्सीय परीक्षण की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान सशस्त्र बलों के लिए उत्कृष्ट अधिकारियों को तैयार करने वाली अग्रणी संस्था के रूप में अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहा है।  
  • 50,000 रुपये की रिश्वत लेते सहकारी सभा के इंस्पेक्टर को विजिलेंस ने रंगे हाथ काबू किया

    50,000 रुपये की रिश्वत लेते सहकारी सभा के इंस्पेक्टर को विजिलेंस ने रंगे हाथ काबू किया

    चंडीगढ़: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला बरनाला के सहकारी सभा, तपा में तैनात इंस्पेक्टर हर्ष बंसल को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को सहकारी सभा, तपा से सेवानिवृत्त सचिव जंग सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

    उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के विरुद्ध इस समय विभागीय जांच चल रही है। आरोपी इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता की सेवानिवृत्ति संबंधी बकाया राशि जारी कराने तथा जांच का फैसला उसके पक्ष में करने के बदले 1,00,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह सौदा 50,000 रुपये में तय हुआ। रिश्वत देने के बजाय शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो, रेंज पटियाला से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में आरोपी इंस्पेक्टर को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।

    इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध विजिलेंस ब्यूरो थाना, पटियाला में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

  • Dr Baljit Kaur ने अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ करियर्स एंड कोर्सेज के विद्यार्थियों से किया विशेष संवाद

    Dr Baljit Kaur ने अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ करियर्स एंड कोर्सेज के विद्यार्थियों से किया विशेष संवाद

    चंडीगढ़: पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने आज मोहाली स्थित अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ करियर्स एंड कोर्सेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से विशेष संवाद किया तथा उन्हें कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने सफलतापूर्वक विभिन्न पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।

    कार्यक्रम का शुरुआत सुखमनी साहिब के पाठ से हुआ। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर, सांसद मलविंदर सिंह कंग तथा विधायक कुलवंत सिंह ने उपस्थित होकर सर्वजन कल्याण की अरदास की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि संस्थान के भवन के विकास तथा आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 1.35 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

    विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों की शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने बताया कि अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ करियर्स एंड कोर्सेज में बैंक पी.ओ., ए.ए.ओ., पंजाबी एवं अंग्रेजी स्टेनोग्राफी तथा आई.ए.एस. और पी.सी.एस. परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध है तथा नियमानुसार उन्हें छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाती है। डॉ. बलजीत कौर ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखें।

    इस अवसर पर मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ संस्थान के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी की। बैठक में संस्थान से जुड़े प्रशासनिक विषयों, सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा संस्थान के समग्र विकास से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ करियर्स एंड कोर्सेज में संचालित कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र युवा इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर अपने कौशल का विकास कर सकें और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।

    इस अवसर पर सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख सचिव वी.के. मीना, निदेशक विम्मी भुल्लर तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।