धारा 138, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 से संबंधित मामलों के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन

चंडीगढ़: पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा आज पंजाब राज्य में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 की धारा 138 से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए विशेष लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह विशेष लोक अदालत माननीय न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा कार्यवाहक अध्यक्ष, पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के संरक्षण में आयोजित की गई।

प्रत्येक नागरिक को सुलभ, किफायती और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए इस लोक अदालत में वादकारियों, न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा अन्य संबंधित पक्षों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पहल से न केवल वादकारियों को शीघ्र राहत मिली, बल्कि न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला।

इस विशेष लोक अदालत के दौरान राज्य के सभी जिलों और उप-मंडलों में कुल 175 लोक अदालत पीठों का गठन किया गया, जिनमें 17,723 मामलों को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया। इनमें से 4,871 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इस संबंध में कुल 13,08,99,90,50 रुपये की राशि के अवार्ड पारित किए गए।

इस विशेष लोक अदालत के माध्यम से पंजाब भर के हजारों पक्षकारों को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 से संबंधित अपने विवादों का त्वरित एवं सरल तरीके से निपटारा कराने का अवसर प्राप्त हुआ। इस दौरान लंबे समय से लंबित कई मामलों का भी सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।

इस अवसर पर माननीय न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा कार्यवाहक अध्यक्ष, पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ने राज्य के सभी न्यायिक अधिकारियों, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों तथा स्वयंसेवकों द्वारा प्रदान की गई समर्पित सेवाओं और अथक प्रयासों की भरपूर सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से ही इस विशाल आयोजन का सफल संचालन संभव हो सका।

पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण ने माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, सभी जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों, राज्य की न्यायपालिका, अधिवक्ता समुदाय, पुलिस प्रशासन तथा सिविल प्रशासन का इस आयोजन को सफल बनाने में दिए गए अमूल्य सहयोग एवं समन्वय के लिए हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया।

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