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  • Punjab News: 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पटवारी काबू

    Punjab News: 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पटवारी काबू

    चंडीगढ़: पंजाब भर में सीएम मान के दिशा निर्देशों पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में विजीलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। जहां, कार्रवाई करते हुए सर्कल गोलवर्ड, गांव बाला चक्क, ज़िला तरनतारन में तैनात पटवारी सरबजीत सिंह को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

    जानकारी देते हुए विजीलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता अपनी ज़मीन बेचना चाहता था और इसके लिए उसने अपनी ज़मीन के इंतकाल (फर्द) की प्रति प्राप्त की। तब उसे पता लगा कि यह ज़मीन उसके नाम पर नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है।

    प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता इंतकाल को सही करवाने के लिए सर्कल पटवारी सरबजीत सिंह से मिला। पटवारी ने शिकायतकर्ता के इंतकाल के रिकॉर्ड को सुधारने के बदले 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। बाद में सौदा 30,000 रुपये में तय हुआ। इस संबंध में, दोषी पटवारी ने मौके पर ही पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये ले लिए। शिकायतकर्ता द्वारा दी गई जानकारी पर कार्रवाई करते हुए विजीलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में सरबजीत सिंह को दूसरी किस्त के रूप में 25,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण कानून की संबंधित धाराओं के तहत पुलिस स्टेशन विजीलेंस ब्यूरो, रेंज अमृतसर में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी पटवारी को अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।

  • 350वें शहीदी दिवस समागमों के लिए श्री आनंदपुर साहिब में सभी तैयारियां पूरी, संगतों की सुविधा पर विशेष ध्यान

    350वें शहीदी दिवस समागमों के लिए श्री आनंदपुर साहिब में सभी तैयारियां पूरी, संगतों की सुविधा पर विशेष ध्यान

    चंडीगढ़: शिक्षा और सूचना एवं लोक संपर्क मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि चारों दिशाओं से सजाये गये नगर कीर्तन शुक्रवार दिनांक 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब पहुंचेंगे। नगर कीर्तनों का संगतों द्वारा भव्य स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रीनगर, गुरदासपुर, फरीदकोट और तलवंडी साबो से आ रहे नगर कीर्तनों की कुल लंबाई 1563 किलोमीटर बनती है। इधर, पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित 23 से 25 नवंबर तक होने वाले समागमों में शामिल होने तथा तख्त श्री केसगढ़ साहिब में नतमस्तक होने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रही संगत की सुविधा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा पवित्र नगरी श्री आनंदपुर साहिब में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

    उल्लेखनीय है कि श्री गुरु तेग़ बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित प्रदेश के सभी 23 जिलों में गुरु साहिब के महान जीवन एवं दर्शन को दर्शाते लाइट एंड साउंड शो करवाए गए तथा बाबा बकाला, अमृतसर और पटियाला में कीर्तन दरबार सजाए गए। 23 से 25 नवंबर तक होने वाले समागमों का ब्यौरा साझा करते हुए बैंस ने बताया कि 23 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में बाबा बुड्ढा दल छावनी के पास गुरुद्वारा साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ होगा, जिसमें मुख्यमंत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। इसी तरह मुख्यमंत्री द्वारा विरासत-ए-खालसा स्मारक में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के जीवन एवं दर्शन को दर्शाती प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया जाएगा। इसी दिन मुख्य पंडाल बाबा बुड्ढा दल छावनी में प्रदेश सरकार द्वारा सर्वधर्म सम्मेलन करवाया जाएगा जिसमें प्रमुख धार्मिक नेता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।

    24 नवंबर को कीरतपुर साहिब से भाई जैता जी की यादगार तक सीस भेंट नगर कीर्तन सजाया जाएगा। साथ ही श्री आनंदपुर साहिब (गुरुद्वारा भोरा साहिब-गुरुद्वारा सीस गंज साहिब-गुरु तेग बहादुर अजायब घर-तख्त श्री केसगढ़ साहिब-किला आनंदगढ़ साहिब और विरासत-ए-खालसा तक समाप्त) में हेरिटेज वॉक करवाई जाएगी तथा भाई जैता जी की यादगार पर विधान सभा का विशेष सत्र करवाया जाएगा। इसी तरह चरण गंगा स्टेडियम में गतका तथा अन्य समागम जैसे टेंट पेगिंग, ढाल-तलवार मुकाबला, शस्त्र दर्शन, सिमरन व तलवार का संगम आदि समागम करवाए जाएंगे। इसी तरह विरासत-ए-खालसा यादगार में 23 से 29 नवंबर तक रोजाना ड्रोन शो करवाए जाएंगे। इसी तरह 25 नवंबर को श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग कर समाप्ति के उपरांत बाबा बुड्ढा दल छावनी के मुख्य पंडाल में सरबत दा भला एकत्रता समागम करवाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा इन समागमों में शामिल होने के लिए पवित्र नगरी में आने वाली लाखों संगतों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। पार्किंग जोनों से मुख्य स्थानों तक संगतों के आने-जाने के लिए शटल सेवा सुनिश्चित की गई है। सभी पार्किंग स्थल सी.सी.टी.वी. निगरानी, रोशनी, बैरिकेडिंग, ट्रैफिक मार्शल, साइन बोर्ड और मोबाइल शौचालयों से सुसज्जित हैं। मुख्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थानों के आसपास मौजूदा पार्किंग स्थलों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

    संगतों की सेवा के लिए तैनात साधनों में 500 ई-रिक्शा, 150 मिनी बसें, 25 फोर्स अर्बनिया वैनें, 15 कारें, 20 टाटा ऐस वाहन तथा बुजुर्गों व दिव्यांग संगत की सहायता के लिए 10 गोल्फ कार्ट शामिल हैं। शटल सेवाएं पार्किंग स्थलों और गुरुद्वारा श्री केसगढ़ साहिब, विरासत-ए-खालसा, मुख्य पंडाल, टेंट सिटीज़ तथा हेल्प डेस्क पॉइंट्स के बीच संगतों को आने-जाने की सुविधा देंगी। इस सिस्टम की पूर्ण निगरानी मुख्य कंट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी जिसमें समर्पित पिक-अप पॉइंट, साइनेज और वॉलंटियर्स द्वारा मार्गदर्शन शामिल है।

    इसी तरह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित समागमों के दौरान संगत की भारी आमद को सुविधाजनक बनाने के लिए जिला प्रशासन रूपनगर द्वारा दो प्रमुख टेंट सिटीज़ ‘चक्क नानकी निवास’ टेंट सिटी और ‘भाई मती दास निवास’ टेंट सिटी स्थापित की गई हैं जिसमें लगभग 10,000 संगत के ठहरने की व्यवस्था की गई है। अन्य सुविधाओं सहित एम्बुलेंस की तैनाती तथा 24 घंटे मुख्य कंट्रोल रूम के साथ तुरंत चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करना शामिल है। समागमों के लिए सुचारु एवं सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए पंजाब पुलिस ने सुरक्षा, सुविधा और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए भी व्यापक प्रबंध किए हैं। इन समागमों के दौरान पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में 8,000 से अधिक पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं ताकि संगत की सुरक्षा, आवागमन और सुविधा सुनिश्चित की जा सके।

  • मनिंदरजीत सिंह बेदी को हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट के रूप में किया नामित

    मनिंदरजीत सिंह बेदी को हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट के रूप में किया नामित

    चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने आज एडवोकेट जनरल मनिंदरजीत सिंह बेदी को सीनियर एडवोकेट के रूप में नामजद किया गया है। इस संबंध में अदालत की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, एडवोकेट एक्ट 1961 की धारा 16(2) के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए, अधिसूचना जारी होने की तारीख से मनिंदरजीत सिंह बेदी को इस पद पर नामजद किया गया है। एडवोकेट जनरल बेदी बठिंडा जिले के फूल शहर से संबंध रखते हैं। उन्होंने वर्ष 2005 में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से कानून में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और अपने चाचा के मार्गदर्शन में रामपुरा फूल में प्रैक्टिस शुरू करते हुए कानूनी क्षेत्र में अपना सफर आरंभ किया।

    वर्ष 2009 में वे चंडीगढ़ आ गए और संवैधानिक, दीवानी, फौजदारी, सेवा, राजस्व तथा कॉर्पोरेट मामलों में प्रैक्टिस शुरू की। उनके कार्यकाल में पी.एस.पी.सी.एल., पी.टी.यू., यू.एल.बी. तथा पनग्रेन जैसी प्रमुख राज्य संस्थाओं के लिए पैनल वकील के रूप में सेवाएं देना शामिल रहा है। उन्होंने जुलाई 2023 से मार्च 2025 तक पंजाब के अतिरिक्त एडवोकेट जनरल के रूप में सेवा निभाते हुए उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश की ओर से पक्ष रखा। इसी वर्ष मार्च, 2025 में उन्होंने पंजाब के एडवोकेट जनरल का पदभार संभाला था।

  • Punjab News: पंजाब सरकार के 40 सरकारी अस्पतालों में अब मुफ्त डायलिसिस सुविधा, हज़ारों मरीजों की हो रही लाखों की बचत

    Punjab News: पंजाब सरकार के 40 सरकारी अस्पतालों में अब मुफ्त डायलिसिस सुविधा, हज़ारों मरीजों की हो रही लाखों की बचत

    चंडीगढ़, 20 नवंबर 2025: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के गतिशील नेतृत्व में पंजाब सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को विश्व स्तरीय बनाने की दिशा में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने स्वास्थ्य को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए यह साबित कर दिया है कि जनसेवा ही उनका एकमात्र लक्ष्य है। इसी कड़ी में, किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए मुफ्त डायलिसिस सुविधा का एक व्यापक और मजबूत नेटवर्क स्थापित किया गया है। यह पहल न केवल पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है, बल्कि यह सरकार की उस प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है, जिसमें हर नागरिक को, चाहे वह किसी भी वर्ग का हो, उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का वादा किया गया है। यह योजना पंजाब के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।

    पंजाब सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि डायलिसिस जैसी महत्वपूर्ण सुविधा केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि राज्य के दूर-दराज के इलाकों तक इसकी पहुंच हो। वर्तमान में, राज्य के 40 सरकारी अस्पतालों में यह अत्याधुनिक सुविधा सुचारू रूप से चलाई जा रही है। इस विशाल नेटवर्क में 23 जिला अस्पताल, 14 उप-मंडल अस्पताल और 3 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में केंद्रों की स्थापना यह दर्शाती है कि आप सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण पर जोर दे रही है ताकि मरीजों को इलाज के लिए लंबी यात्राएं न करनी पड़ें और उन्हें अपने घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।

    इस जन-हितैषी योजना की सफलता का अंदाजा इसके प्रभावशाली आंकड़ों से लगाया जा सकता है। अप्रैल 2024 से नवंबर 2024 तक के कम समय में ही कुल 4,831 मरीजों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है। इतना ही नहीं, इस अवधि के दौरान रिकॉर्ड 32,800 डायलिसिस सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। ये आंकड़े केवल संख्या नहीं हैं, बल्कि यह उन हजारों परिवारों की राहत की कहानी है जो पहले इस बीमारी के कारण भारी तनाव में रहते थे। पंजाब सरकार की इस मुस्तैदी ने यह सुनिश्चित किया है कि किडनी रोगियों को बिना किसी बाधा के निरंतर और समय पर इलाज मिले, जो उनके जीवन की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    सेवा की गुणवत्ता को सर्वोच्च स्तर पर रखने के लिए, पंजाब सरकार ने हंस फाउंडेशन और अन्य सामाजिक संगठनों के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत, आठ सरकारी अस्पतालों में 30 अत्याधुनिक और हाई-टेक डायलिसिस मशीनें स्थापित की गई हैं। यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी का एक बेहतरीन मॉडल है, जो पारदर्शिता और सेवा की उत्कृष्टता के मानदंडों पर पूरी तरह खरा उतरता है। इन आधुनिक मशीनों के माध्यम से मरीजों को वही चिकित्सा सुविधाएं सरकारी अस्पतालों में मिल रही हैं, जिनके लिए पहले उन्हें महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। सरकार की यह सोच स्पष्ट करती है कि वह अपने नागरिकों के लिए ‘बेस्ट’ से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करती।

    इस योजना की सबसे बड़ी और प्रशंसनीय विशेषता यह है कि पंजाब सरकार ने इसमें किसी भी प्रकार की आय सीमा की शर्त नहीं रखी है। अमीर हो या गरीब, हर मरीज को नि:शुल्क इलाज का अधिकार दिया गया है। किडनी का डायलिसिस एक बेहद खर्चीली प्रक्रिया है, जो निजी अस्पतालों में परिवारों की आर्थिक कमर तोड़ देती थी। लेकिन अब, मरीजों की जेब से एक पैसा भी खर्च नहीं होता। यह पहल वास्तव में समाजवाद और समानता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहाँ सरकार ने बीमारी के इलाज के साथ-साथ परिवारों की आर्थिक सुरक्षा की भी गारंटी ली है। लाखों रुपये की बचत कर यह योजना आम आदमी के जीवन स्तर को सुधारने में मदद कर रही है।

    पंजाब सरकार का फोकस केवल मशीनों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी प्रक्रिया को मरीज के लिए सुगम बनाने पर भी है। डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली के माध्यम से मरीजों की स्वास्थ्य जानकारी सुरक्षित रखी जा रही है, जिससे वे राज्य के किसी भी सरकारी अस्पताल में बिना किसी परेशानी के अपना इलाज जारी रख सकते हैं। इसके अलावा, यह योजना केवल डायलिसिस तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों का परामर्श, आवश्यक दवाएं और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की देखभाल भी मुफ्त प्रदान की जा रही है। यह समग्र दृष्टिकोण दर्शाता है कि सरकार मरीजों की सुविधा और उनके अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कितनी गंभीर है।

    स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शिता यहीं नहीं रुकती। सरकार ने इस सेवा के विस्तार के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। भविष्य की योजनाओं के तहत, राज्य के सभी 64 सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी किडनी रोगी को इलाज के अभाव में अपनी जान न गंवानी पड़े। स्वास्थ्य मंत्री ने इस पहल को मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का परिणाम बताया है, जो राज्य के हर नागरिक के दर्द को अपना समझते हैं और उसके निवारण के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।

    पंजाब सरकार की यह मुफ्त डायलिसिस योजना न केवल एक स्वास्थ्य सेवा है, बल्कि यह मानवता की सेवा का एक अनुपम उदाहरण है। गरीब और जरूरतमंदों को विश्व स्तरीय सुविधाएं देकर सरकार ने सामाजिक सुरक्षा की भावना को मजबूत किया है। यह पहल राज्य में चल रहे व्यापक स्वास्थ्य सुधार अभियान का एक अभिन्न अंग है, जो पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ और ‘सेहतमंद पंजाब’ बनाने की दिशा में ले जा रहा है। जिस तरह से पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवा में समानता और गुणवत्ता के नए मानक स्थापित किए हैं, वह निस्संदेह पूरे देश के लिए अनुकरणीय है और अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन गया है।

  • Punjab News: पंजाब सरकार की दूरदर्शिता से गुरुओं की इतहासिक धरती अमृतसर को मिला 150 करोड़ का निवेश

    Punjab News: पंजाब सरकार की दूरदर्शिता से गुरुओं की इतहासिक धरती अमृतसर को मिला 150 करोड़ का निवेश

    चंडीगढ़,20 नवंबर 2025: पंजाब — कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) नॉर्दर्न रीजन की अमृतसर में आयोजित क्षेत्रीय परिषद बैठक में पंजाब सरकार ने अपने दूरदर्शी औद्योगिक सुधार एजेंडा, सेक्टर-विशिष्ट नीतिगत पहलें और बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिनका उद्देश्य राज्य में निवेश गति को और बढ़ाना है।

    CII नॉर्दर्न रीजन की चेयरपर्सन श्रीमती अंजलि सिंह ने मंत्री संजीव अरोड़ा का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब तेजी से उच्च-गुणवत्ता वाले निवेश का पसंदीदा केंद्र बन रहा है। उन्होंने अमृतसर से शुरू होते हुए पंजाब के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में SUJAN के ₹150 करोड़ निवेश को राज्य में बेहतर होते निवेश माहौल पर मजबूत मुहर बताया।

    उन्होंने कहा, “यह बड़ा निवेश पंजाब के प्रीमियम पर्यटन क्षेत्र को सशक्त करता है और राज्य की आर्थिक पुनर्जीवन प्रक्रिया में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। सरकार के प्रगतिशील कदमों और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ सुधारों के साथ पर्यटन आधारित निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।”

    श्रीमती सिंह ने सरकार को सुझाव दिया कि उपलब्ध भूमि-बैंकों का सक्रिय रूप से प्रचार किया जाए, कृषि व नाशवां उत्पादों के लिए कोल्ड-चेन अवसंरचना विकसित की जाए, पर्यटन बढ़ाने के लिए विरासत स्थलों की पहचान की जाए और पंजाब को राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए राज्य ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने पर भी विचार किया जाए।

    परिषद को संबोधित करते हुए उद्योग, वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और एनआरआई मामलों के मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि सरकार एक मजबूत, उत्तरदायी और भविष्य-केंद्रित औद्योगिक वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने कहा, “पंजाब स्पष्ट और सुधार-उन्मुख रोडमैप के साथ आगे बढ़ रहा है। हमने 24 सेक्टोरल समितियाँ गठित की हैं और एक मास्टर इंडस्ट्रियल पॉलिसी—हर प्रमुख सेक्टर के लिए समर्पित नीतियों के साथ—जल्द ही जारी की जाएगी, जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक स्पष्टता मिलेगी।”

    मंत्री ने बताया कि पंजाब 2035 तक की ऊर्जा आवश्यकताओं पर आधारित दीर्घकालिक पावर प्लान तैयार कर रहा है, जिसमें थर्मल व अक्षय ऊर्जा का संभावित मिश्रण शामिल होगा।

    औद्योगिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए, उन्होंने बताया कि मोहाली और लुधियाना में दो नए प्रदर्शनी केंद्रों के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है और टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अमृतसर में तीसरे प्रदर्शनी केंद्र की योजना भी बन रही है, जिसके लिए भूमि की पहचान जारी है।

    ‘राइट टू बिज़नेस’ क़ानून के तहत किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि ग्रीन श्रेणी और कई ऑरेंज श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को मात्र पाँच दिनों के भीतर अनुमतियाँ मिल जाएँगी।

    लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पंजाब में वर्तमान में 10 ICDs, दो फ्रेट कंटेनर स्टेशन, दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और चालू अदमपुर हवाई अड्डा मौजूद है। आने वाला हलवारा हवाई अड्डा राज्य की लॉजिस्टिक क्षमताओं को और मजबूत करेगा।

    बैठक उद्योग और सरकार दोनों की सकारात्मक भावना के साथ समाप्त हुई, जिसमें पंजाब की विकास यात्रा, बढ़ती निवेश आकर्षण क्षमता और पर्यटन-आधारित विकास की संभावनाएँ—SUJAN की महत्त्वपूर्ण निवेश प्रतिबद्धता से और मज़बूत—प्रमुख रूप से उभरकर सामने आईं।

  • Punjab News: आनंदपुर साहिब ‘हिंद दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी’ के 350वें शहीदी दिवस के लिए तैयार, पंजाब सरकार के आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह

    Punjab News: आनंदपुर साहिब ‘हिंद दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी’ के 350वें शहीदी दिवस के लिए तैयार, पंजाब सरकार के आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह

    चंडीगढ़, 20 नवंबर 2025: आनंदपुर साहिब में इस साल एक ऐसा समागम होने जा रहा है, जिसे पूरे पंजाब में बेहद श्रद्धा और गर्व के साथ देखा जा रहा है। पंजाब सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी, भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी के 350वें शहीदी दिवस को यादगार बनाने के लिए तीन दिन का विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया है। यह समागम 23 से 25 नवंबर 2025 तक चलेगा, और इसका हर पल सिख इतिहास, मानवता और बलिदान की उस विरासत से जोड़ता है, जिस पर पूरा पंजाब गर्व करता है।

    23 नवंबर से शुरू हो रहा यह कार्यक्रम एक गहरी आध्यात्मिक वातावरण के साथ आरंभ होगा। सुबह संगत रूपी मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में अखंड पाठ की शुरुआत होगी। जो यह संदेश देता है कि सिख परंपरा में श्रद्धा और सेवा की भावना सबसे पहले है। इसके बाद गुरु तेग बहादुर जी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा। यह प्रदर्शनी खासतौर पर युवाओं को यह समझाने के लिए तैयार की गई है कि गुरु साहिबान ने अपने प्राण देकर धर्म, मानवाधिकार और इंसानियत की रक्षा क्यों और कैसे की थी।

    23 नवंबर को ही सुबह 11 बजे सर्व धर्म सम्मेलन होगा, जहां अलग-अलग धर्मों, समुदायों और विचारधाराओं से जुड़े लोग एकता, भाईचारे और मानवाधिकारों पर अपनी बातें साझा करेंगे। यह सम्मेलन दिखाता है कि सिख इतिहास केवल सिख समुदाय का इतिहास नहीं, बल्कि पूरी मानवता का संदेश है, दूसरों की रक्षा करना, सच के लिए खड़े होना और हर मत का सम्मान करना। शाम को विरासत-ए-खालसा और जुड़े हुए महत्वपूर्ण स्मारकों का गाइडेड टूर रखा गया है, ताकि लोग अपनी जड़ों, अपनी परंपराओं और अपने इतिहास को सामने से महसूस कर सकें। रात को होने वाला ड्रोन शो इस कार्यक्रम की खूबसूरती को और बढ़ा देगा। जहां रोशनी के माध्यम से गुरु साहिबान की शहादत, खालसा पंथ की विरासत और पंजाब के गौरव को आधुनिक अंदाज़ में दिखाया जाएगा।

    तीन दिनों तक कथा, कीर्तन, भक्ति, संगत और सेवा का ऐसा माहौल बनेगा कि हर आने वाला व्यक्ति अपने दिल में गुरु साहिबानों के प्रति और अधिक सम्मान लेकर जाएगा। लोगों में इस समागम को लेकर गहरी श्रद्धा है। हर किसी का मानना है कि पंजाब सरकार ने इस आयोजन को इतने सम्मान और भव्यता से मनाने का फैसला लेकर पूरे पंजाब की भावनाओं को सही मायनों में सम्मान दिया है। यह समागम सिर्फ इतिहास याद करने का मौका नहीं है, बल्कि उस सोच को अपनाने का अवसर है, जिसकी वजह से सिख धर्म दुनिया भर में साहस, बलिदान और मानवता का प्रतीक माना जाता है।

    यह तीन दिवसीय समागम पंजाब की आत्मा, पंजाब की शान और पंजाब की विरासत का जीवंत रूप है, और हर पंजाबी के लिए गर्व की बात है।

  • श्रीनगर के कीर्तन दरबार में मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने संगत संग दी हाजिरी

    श्रीनगर के कीर्तन दरबार में मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने संगत संग दी हाजिरी

    श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुद्वारा छेवीं पातशाही में राज्य सरकार द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित कीर्तन दरबार में सिख संगत के साथ शामिल हुए।

    इक्ट्ठ को संबोधित करते हुए, ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने लोगों को गुरु जी के प्रेम, धर्मनिरपेक्षता, सहनशीलता, धार्मिक स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सार्वभौमिक संदेश का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने इसे मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए गुरु साहिब के सर्वाेच्च बलिदान के संदेश को फैलाने का सार्थक अवसर बताया और कहा कि नौवें गुरु साहिब का जीवन और दर्शन विश्व के लिए प्रकाश स्तंभ बना हुआ है। अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस महान आयोजन को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाने के लिए विस्तृत प्रबंध किए हैं।

    ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने मानवता के धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए अद्वितीय शहादत दी, ताकि दुनिया के सामने एक मिसाल कायम की जा सके। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दिल्ली में जो बलिदान दिया, वह विश्व इतिहास में बेमिसाल है।

    ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि नौवें सिख गुरु जी धर्मनिरपेक्षता, एकता और विश्व भाईचारे के सच्चे प्रतीक थे। गुरु साहिब का जीवन और संदेश पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का प्रमुख उद्देश्य लोगों को गुरु साहिब के महान जीवन, शहादत और मानवता के सदा रहने वाले संदेश के प्रति जागरूक करना है, जो विश्वभर में लाखों लोगों को प्रेरित करता है। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी ने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद की और 1675 में दिल्ली के चांदनी चौक में शहीद हुए।

    ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि कश्मीर के पंडित अपने धर्म की रक्षा हेतु सहायता मांगने गुरु तेग बहादुर जी के पास आए थे। उस समय के शासकों द्वारा कई प्रस्ताव देने के बावजूद गुरु जी ने अत्याचार के आगे झुकना स्वीकार नहीं किया और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए शहादत का मार्ग चुना। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी को दुनिया भर में पहले ऐसे शहीद के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने मानवाधिकारों के लिए अपना जीवन कुर्बान किया।

    ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि विश्व इतिहास के पन्ने तपस्या, संयम, वीरता, बलिदान और सेवा के किस्सों से भरे पड़े हैं, लेकिन धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान ने मानव इतिहास में एक नया और अद्वितीय अध्याय लिखा है। उन्होंने कहा कि शासकों के अत्याचार के आगे झुकने की बजाय गुरु जी ने अपनी बेमिसाल शहादत से अत्याचारी हकूमत की जड़ों को हिला दिया। उन्होंने कहा कि नौवें पातशाह जी की शहादत से पहले गुरु साहिब के दादा, पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी ने भी मानवता और धर्म के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया था।

    इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हक, सत्य और धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान ने भारत के इतिहास को नया मोड़ दिया। उन्होंने कहा कि हम सिख धर्म में अपार श्रद्धा और विश्वास रखने वाले पंडित कृपा राम जी को श्रद्धांजलि और गहरा सम्माप अर्पित करते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंडित कृपा राम जी श्रीनगर से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित मट्टन कस्बे के निवासी थे, और उनकी अगुवाई में कश्मीरी पंडितों ने अपने धर्म की रक्षा हेतु गुरु तेग बहादुर जी से मदद की गुहार लगाई थी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व और संतोष की बात है कि कश्मीरी पंडित भी श्रीनगर से निकाले जा रहे नगर कीर्तन में शामिल होंगे, जो भाईचारे और आपसी सद्भाव का सुंदर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समूची मानवता की भलाई, सत्य और न्याय के लिए थे। भगवंत सिंह मान ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के 24 साल बाद, वर्ष 1699 में श्री आनंदपुर साहिब की पावन धरा पर खालसा पंथ का उदय हुआ।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने धार्मिक मूल्यों की रक्षा और सम्मान के लिए अपना पूरा सर्वस्व न्योछावर कर दिया, जिसकी मिसाल विश्व इतिहास में कहीं और नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि अत्याचार, अन्याय और जुल्म के विरुद्ध लड़ने का साहस पंजाबियों को गुरु अर्जुन देव जी, गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोबिंद सिंह जी से विरासत में मिला है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बलिदान की भावना हमारे खून में है और पंजाबी अपनी गौरवशाली विरासत पर गर्व करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महान अवसर को मनाने का उद्देश्य नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के दर्शन को संपूर्ण विश्व में अधिक से अधिक फैलाना है, ताकि गुरु जी के शांति, सद्भाव और धर्मनिरपेक्षता के आदर्शों को सहेजा जा सके। उन्होंने कहा कि जो कौमें अपनी विरासत को भूल जाती हैं, वे इतिहास के पन्नों से जल्द मिट जाती हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जो कौमें अपनी विरासत से प्रेरणा लेकर शहीदों के दिखाये गये मार्ग पर आगे बढ़ती हैं, वे अंधकार में भी आशा की रोशनी खोज लेती हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नौवें सिख गुरु साहिब एकता और धार्मिक स्वतंत्रता के समर्थक थे, और उनका जीवन तथा शिक्षाएँ मानवता के लिए प्रकाश स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के शहीदी दिवस को मनाने के लिए पंजाब सरकार ने राज्य के अंदर और बाहर कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुरु जी के जीवन, दर्शन और धार्मिक स्वतंत्रता व मानवाधिकारों की रक्षा हेतु उनके बलिदान को शाश्वत रूप मे रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • श्रीनगर से 350वें शहीदी दिवस का नगर कीर्तन प्रस्थान, CM मान, केजरीवाल और उमर अब्दुल्ला संगत में शामिल

    श्रीनगर से 350वें शहीदी दिवस का नगर कीर्तन प्रस्थान, CM मान, केजरीवाल और उमर अब्दुल्ला संगत में शामिल

    श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर): यहां के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही साहिब से श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित विशाल नगर कीर्तन खालसा की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब के लिए रवाना हुआ। रवानगी के मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संगत के साथ शिरकत की।

    युगों युगों से अटल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्र-छाया के नीचे और पंज प्यारों के नेतृत्व में सजाया गया नगर कीर्तन विभिन्न शहरों- जम्मू, पठानकोट, दसूहा, होशियारपुर, माहिलपुर, गढ़शंकर तथा अन्य नगरों से गुजरता हुआ 22 नवंबर को नौवें पातशाह जी द्वारा बसाए पवित्र नगर श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होगा। नगर कीर्तन 19 नवंबर की रात जम्मू, 20 नवंबर की रात पठानकोट और 21 नवंबर की रात होशियारपुर में पड़ाव डालेगा।

    गुरु साहिब जी के पवित्र दिवस को समर्पित इस नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में संगतें श्रद्धा-भावना के साथ हिस्सा ले रही हैं। कीर्तन के साथ रवाना होने वाली संगत की सुविधा के लिए काफिले में एम्बुलेंस, डिजिटल म्यूजियम, लंगर की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सामान मौजूद रहेगा। इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेक कर सरबत के भले के लिए अरदास की।

    इस दौरान उन्होंने कहा कि नौवें सिख गुरु जी के 350वें शहीदी दिवस को मनाना हमारे सभी के लिए ऐतिहासिक पल हैं, जिन्होंने मानवता की रक्षा के लिए अद्वितीय शहादत दी। उन्होंने कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हमें अपने जीवन में इन महान आयोजनों का हिस्सा बनने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाल पुरख ने इस महान कार्य में सेवा निभाने के लिए प्रदेश सरकार पर अपार कृपा की है और सरकार इस नेक कार्य में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।

    मुख्यमंत्री मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक ने लोगों को श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा समूची मानवता को दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस पवित्र अवसर को श्रद्धा-भाव से मनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा कि गुरु साहिब जी का शांति, मानवता, प्रेम और भाईचारे का विश्वव्यापी संदेश आज के दौर में भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में पूरी तरह प्रासंगिक है।

    मुख्यमंत्री मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक ने लोगों को गुरु जी की विचारधारा अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह महान विचारधारा पूरे देश को अटूट सामाजिक ताने-बाने से जोड़ने के लिए एकता की ताकत के रूप में उभरी है। उन्होंने लोगों को गुरु जी के धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय अधिकारों की रक्षा तथा धर्मनिरपेक्षता की सदियों पुरानी महान परंपराओं को कायम रखने में उनके अनुपम योगदान की याद दिलाई, जिसके लिए उन्होंने अपना जीवन कुर्बान कर दिया।

    अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस पवित्र मौके पर महान गुरु साहिब को श्रद्धांजलि और सम्मान भेंट करने के लिए भरपूर प्रयास किए हैं।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि वे जम्मू-कश्मीर में सिख भाईचारे के समर्पण और श्रद्धा-भावना से बहुत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन में संगत के साथ उपस्थिति के लिए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का विशेष रूप से धन्यवाद किया। अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह वास्तव में पूरे सिख भाईचारे और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के सिखों के लिए गर्व के पल हैं, जो हम सभी की ओर से विशेष धन्यवाद के हकदार हैं।

    मुख्यमंत्री मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक ने इस महान कार्य को संभव बनाने के लिए पंजाब सरकार व पंजाबियों की ओर से जम्मू-कश्मीर सरकार और सिख संगत का व्यक्तिगत रूप से भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के शहीदी दिवस को मनाने के लिए पंजाब सरकार विभिन्न राज्यों में आयोजन कर रही है।

    अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने बताया कि नौवें पातशाह जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित आयोजनों की शुरुआत 25 अक्टूबर को दिल्ली के गुरुद्वारा सीस गंज साहिब से हुई थी और उसी दिन गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब में विशाल कीर्तन दरबार आयोजित किया गया था।

    मुख्यमंत्री मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि 1 नवंबर से 18 नवंबर तक पंजाब के सभी जिलों में लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए गए, जिसमें श्री गुरु तेग बहादुर जी के महान जीवन और दर्शन को दर्शाया गया। इसी तरह गुरु साहिब की चरण-छोह प्राप्त नगरों व शहरों में कीर्तन दरबार आयोजित किए जा रहे हैं और 18 नवंबर को श्रीनगर में कीर्तन दरबार हुआ।

    अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने कहा कि विभिन्न दिशाओं से चार नगर कीर्तन सजाए जा रहे हैं और आज पहला नगर कीर्तन इसी धरती से शुरू हुआ जो 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होगा।

    मुख्यमंत्री मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि 20 नवंबर को तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो), फरीदकोट और गुरदासपुर से तीन नगर कीर्तन सजाए जाएंगे और ये सभी चारों नगर कीर्तन 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होंगे। उन्होंने कहा कि 23 से 25 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में बड़े स्तर पर समागम होंगे। हजारों श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पवित्र शहर में “चक्क नानकी” नामक टेंट सिटी स्थापित की जा रही है।

    मुख्यमंत्री मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि गुरु साहिब जी के जीवन और संदेश को उजागर करने वाली प्रदर्शनियां, ड्रोन शो के साथ अंतर-धर्म सम्मेलन भी होगा। 24 नवंबर को पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब में होगा, जहां प्रमुख हस्तियां गुरु जी के जीवन, दर्शन और धार्मिक स्वतंत्रता व मानवीय अधिकारों के लिए उनकी महान कुर्बानी पर विचार साझा करेंगी। 25 नवंबर को राज्य स्तरीय रक्तदान शिविर, वन विभाग द्वारा बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान के अलावा विशाल “सरबत दा भला एकत्रीकरण” में कई प्रख्यात हस्तियां हिस्सा लेंगी।

    मुख्यमंत्री मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक ने आगे बताया कि 350वें शहीदी दिवस के पवित्र मौके के बारे में दुनिया भर के आध्यात्मिक नेताओं व संतों से सलाह-मशवरा किया गया है और उन्हें इन आयोजनों में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रण भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अपने कार्यकाल में यह ऐतिहासिक आयोजन करवाकर स्वयं को परम सौभाग्यशाली महसूस कर रही है। अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने देश-विदेश के लोगों से इन आयोजनों में हिस्सा लेने की अपील की।

    इस मौके पर संत बाबा सेवा सिंह जी रामपुर खेड़ा वाले, गुरुद्वारा छठी पातशाही लोकल कमेटी के प्रधान जसपाल सिंह व सचिव गुरमीत सिंह तथा अन्य संत-महापुरुष उपस्थित थे।

    इस मौके पर पंजाब विधान सभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, तरुनप्रीत सिंह सौंद, डॉ. बलजीत कौर, लाल चंद कटारुचक, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., बरिंदर कुमार गोयल, डॉ. रवजोत एवं हरदीप सिंह मुंडियां, सांसद बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल, गुरमीत सिंह मीत हेयर व मालविंदर सिंह कंग, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. रवि भगत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • Cabinet मंत्री संजीव अरोड़ा का बड़ा ऐलान, नए बिजली कनेक्शन के लिए NOC खत्म

    Cabinet मंत्री संजीव अरोड़ा का बड़ा ऐलान, नए बिजली कनेक्शन के लिए NOC खत्म

    चंडीगढ़: पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने पंजाब सरकार के एक अहम जनहितैषी फैसले का ऐलान करते हुए कहा कि पंजाब स्टेट पावर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (पी.एस.पी.सी.एल.) अब आवेदकों द्वारा आवश्यक गारंटी जमा कराने के बाद बिना ऐतराज़हीनता प्रमाणपत्र (एनओसी) के ही बिजली कनेक्शन जारी करेगा।

    उन्होंने कहा कि यह कदम माननीय राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा नागरिकों को बिना किसी देरी के बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है ताकि कानूनी प्रक्रियाओं के पालन को सुनिश्चित किया जा सके।

    अरोड़ा ने कहा कि पहले, आवेदकों को बिजली कनेक्शन लेने से पहले स्थानीय प्राधिकरणों जैसे एम.सी., गमाडा, ग्लाडा, जे.डी.ए., ए.डी.ए., पी.डी.ए. या बी.डी.ए. द्वारा जारी एन.ओ.सी., रेगुलराइज़ेशन प्रमाणपत्र या स्वीकृत इमारत योजना जैसी अनुमतियाँ जमा करवानी पड़ती थीं। विभिन्न विभागों से इन अनुमतियों के उपलब्ध न होने या देर होने के कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हमें एक व्यावहारिक समाधान खोजने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा, ‘‘आज वह समाधान लागू कर दिया गया है।’’

    संशोधित हिदायतों के अनुसार, यदि आवेदक यह घोषणा (अंडरटेकिंग) देता है कि किसी भी सक्षम प्राधिकरण द्वारा भविष्य में इमारत को अवैध या अनधिकृत घोषित किए जाने की स्थिति में उसका बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है, तो सप्लाई कोड 2024 के लागू प्रावधानों के तहत सभी आवेदकों को बिजली कनेक्शन जारी किये जाएंगे।

    इसके अलावा, आवेदक को सप्लाई कोड 2024 के अनुसार भुगतान योग्य सभी सामान्य लागू खर्चों के अतिरिक्त, निपटान करने संबंधी खर्च (डिसमेंटलमेंट चार्ज) को कवर करने के लिए सुरक्षा राशि के रूप में सर्विस कनेक्शन चार्ज के बराबर राशि जमा करानी होगी।

    अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था जनसुविधा के साथ-साथ आवश्यक सुरक्षा उपायों को भी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘मान सरकार का मानना है कि हर परिवार जरूरी सेवाओं तक पहुंच पाने का अधिकारी है। यह फैसला सुनिश्चित करता है कि कोई भी नागरिक बिजली सप्लाई से वंचित न रहे।’’

    बिजली मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे राज्य में पारदर्शिता और समान रूप से लागू किए जाने पर जोर देते हुए संशोधित दिशा-निर्देशों का कड़ाई व सावधानी से पालन सुनिश्चित किया जाए।

    उन्होंने आगे बताया कि बिजली कनेक्शन प्राप्त करने से संबंधित आवेदन फार्मों का सरलीकरण और रिकार्डों का डिजिटलीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इससे पहले, पी.एस.पी.सी.एल. ने यह फैसला किया था कि एल.टी. (लो टेंशन) श्रेणी के तहत 50 किलोवाट तक के लोड में नए कनेक्शन या बदलाव की मांग करने वाले आवेदकों या उपभोक्ताओं को भवन में बिजली कनेक्शन लगाने के लिए किसी लाइसेंसशुदा इलेक्ट्रिकल ठेकेदार से कोई टेस्ट रिपोर्ट या कोई स्व-प्रमाणनीकरण/दस्तख़त किए दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसकी बजाय, ऑनलाइन आवेदन फार्म में एक घोषणा शामिल होगी, जिसमें आवेदक यह घोषणा करेगा कि इमारत की आंतरिक वायरिंग किसी लाइसेंसशुदा इलेक्ट्रिकल ठेकेदार/सरकार द्वारा मनोनीत अधिकारी द्वारा लगाई और टैस्ट किया गया है तथा टेस्ट प्रमाणपत्र उसके पास उपलब्ध है।

  • पंजाब सरकार ने एक माह में 67 विशेष जरूरतों वाले व्यक्तियों को जारी किए लीगल गार्डियनशिप सर्टिफिकेट

    पंजाब सरकार ने एक माह में 67 विशेष जरूरतों वाले व्यक्तियों को जारी किए लीगल गार्डियनशिप सर्टिफिकेट

    चंडीगढ़: सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार विशेष जरूरतों वाले बालिग व्यक्तियों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, एक माह के भीतर 67 वयस्क विशेष जरूरतों वाले व्यक्तियों को लीगल गार्डियनशिप सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं।

    इस संबंध में और जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि लीगल गार्डियनशिप ‘नेशनल ट्रस्ट एक्ट, 1999’ के अंतर्गत एक आधिकारिक कानूनी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक अक्षमता तथा मल्टीपल डिसएबिलिटीज़ वाले वयस्क व्यक्तियों के कल्याण, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है। इस एक्ट के तहत उन बालिग व्यक्तियों के लिए—जो अक्षमता के कारण दैनिक महत्वपूर्ण कार्य स्वतंत्र रूप से नहीं कर सकते—कानूनी रूप से एक जिम्मेदार अभिभावक नियुक्त किया जाता है। इससे निर्णय लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने, बैंकिंग, दस्तावेज़ी प्रक्रिया तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच काफी आसान हो जाती है।

    डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि लीगल गार्डियन माता-पिता, भाई-बहन, निकट संबंधी या किसी सामाजिक संगठन से जुड़ा जिम्मेदार व्यक्ति भी हो सकता है, जिसकी नियुक्ति अधिकृत समिति की मंज़ूरी से की जाती है। उन्होंने कहा कि ये सर्टिफिकेट विशेष जरूरतों वाले बच्चों और बालिगों के जीवन में बेहद महत्वपूर्ण बदलाव लाते हैं, क्योंकि यह उन्हें कानूनी सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा और विभिन्न सरकारी सुविधाओं तक आसान पहुँच प्रदान करते हैं।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार द्वारा विशेष जरूरतों वाले व्यक्तियों के लिए कई योजनाएँ और विस्तृत सुविधाएँ लागू की गई हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके जीवन-स्तर में सुधार करना है। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी विशेष जरूरतों वाले व्यक्ति को पीछे न रहने दिया जाए और हर स्तर पर उन्हें पूरा सहयोग प्रदान किया जाए।