तिलवाड़ा में फंसी 3 महिलाओं को एसडीआरएफ स्थानीय लोगों की मदद से निकाल लिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही मिनटों में नदी का बहाव इतना तेज हो गया कि महिलाओं के लिए बाहर निकलना असंभव हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने प्रशासन को जानकारी दी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें तत्काल राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। बचाव दल नदी के तेज बहाव और लगातार बिगड़ते मौसम के बीच महिलाओं तक सुरक्षित पहुंचने का प्रयास किया। जिसके बाद तीनों महिलाओं को बचाव दल ने सकुशल रेस्क्यू कर लिया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तिलवाड़ा क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के बीच महिलाओं के फंसने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही SDRF और DDRF की टीमों को तत्काल मौके पर रवाना किया गया। बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया गया और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई। लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी उफान पर बह रही है, लेकिन SDRF और DDRF की टीम ने समय पर महिलाओं को रेस्क्यू कर लिया। प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और तटवर्ती क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहने की अपील की है। साथ ही किसी भी परिस्थिति में बहाव के बीच जाने का जोखिम न उठाने को कहा है। फिलहाल पूरे जिले की नजर इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई है। सभी को महिलाओं के सुरक्षित बाहर निकाले जाने का इंतजार है। बता दें कि भारी बारिश ने जनपद में हालात गंभीर बना दिए हैं। भारी बारिश से अलकनंदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। कई स्थानों पर अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंच गया है। वहीं बेलनी क्षेत्र में स्थापित भगवान शिव की विशाल मूर्ति जलमग्न हो गई है।View this post on Instagram
Category: National
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मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर, लकड़ी लेने गई महिलाएं फंसी, देखें वीडियो
रुद्रप्रयाग: जनपद रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा क्षेत्र से खौफनाक तस्वीर सामने आई है। यहां मंदाकिनी नदी के बीच 3 महिलाएं अचानक फंस गईं। दरअसल, यह महिलाएं लकड़ियां निकालने गईं, लेकिन अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से बहकर आ गई और बीच धारा में फंस गईं। जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। अचानक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और वे चारों ओर से तेज बहाव के बीच घिर गईं। -

बैंक की छत पर युवक का मिला शव, मां बोली- बेटे की हत्या हुई
मेरठः भावनपुर थाना क्षेत्र में किला परीक्षितगढ़ रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक भवन की दूसरी मंजिल की छत पर एक युवक का शव मिला है। जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान भोलू (22) पुत्र राजेंद्र निवासी मोहल्ला अहमदपुरा के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं मृतक की मां राजेंद्री ने हत्या की आशंका जताते आरोप लगाया कि उसके बेटे की हत्या की गई है। गर्मी के चलते युवक का शरीर झुलस गया था। एसबीआई भवन की दूसरी मंजिल पर राजा पुत्र महेंद्र जाटव अपनी पत्नी तारावती और तीन बेटियों के साथ रहते हैं। वह मजदूरी का काम करते हैं। सोमवार शाम करीब 6 बजे काम से लौटने पर उन्होंने अपनी छत पर भोलू का शव पड़ा देखा। इसके बाद उन्होंने मृतक के पिता राजेंद्र को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही मृतक के पिता, मां राजेंद्री और भाई अर्जुन, युवराज मौके पर पहुंच गए।
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Highway पर यात्रियों से भरी Bus में लगी आग, लोगों ने कूदकर बचाई जान, देखें वीडियो
अयोध्याः पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में बस्ती हाईवे पर चलती रोडवेज बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते पूरी बस आग की चपेट में आ गई। गनीमत यह रही घटना के दौरान बस में सवार यात्री बाल-बाल बच गए। दरअसल, हादसे के दौरान बस में 20 यात्री सवार थे। चालक और कंडक्टर की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टल गया। चालक द्वारा जैसे की बस को सड़क किनारे खड़ा किया गया तो अचानक बस में आग लगनी शुरू हो गई। जिसके बाद बस में सवार यात्रियों ने कूदकर जान बचाई। घटना को लेकर लोगों द्वारा दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को घटना स्थल से दूर किया। वहीं दमकल विभाग की टीम द्वारा घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस हादसे में बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। मामले की जानकारी देते हुए प्रचालक विजेंद्र ने बताया कि बस गोरखपुर जा रही थी। इस दौरान टोल प्लाजा पार करने के दौरान एक किलोमीटर दूर जाकर में बस आवाज आई। जिसके बाद बस को तुरंत सड़क किनारे खड़ा किया गया। जिसके बाद बस की जांच की तो पता चला बस में पीछे से टैंक को आग लग गई। घटना के दौरान बस में 20 सवारियां मौजूद थी। घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। वहीं बस ड्राइवर पंकज कमल पांडे का कहना है कि घटना के दौरान यात्री बस में सवार थे। इस दौरान बस से फायर सेफ्टी मौजूद था और पहले उससे आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन आग भड़क गई, जिसके बाद दमकल विभाग को सूचित किया गया। हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन बस जलकर राख हो गई।View this post on Instagram -

टला हादसाः रेलवे स्टेशन पर पटरी से उतरे ट्रेन के 4 पहिए, यात्रियों में मची अफरा-तफरी, देखें वीडियो
गुजरात: वलसाड में भिलाड रेलवे स्टेशन के पास विरार से भरूच जा रही भिलाड मेमू (MEMU) ट्रेन का इंजन पटरी से उतर गया। उमरगाम तालुका के भिलाड रेलवे स्टेशन पर विरार से भरूच जा रही मेमू ट्रेन नंबर 19101 प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर रुकने से पहले ही उसके इंजन यानी फ्रंट डीएमसी के 4 पहिए पटरी से उतर गए। घटना के दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन ट्रेन में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं।
किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। दरअसल, ट्रेन में रोज़ाना सफ़र करने वाले यात्री, नौकरीपेशा लोग और स्कूल-कॉलेज के छात्र सवार थे। इस दौरान अचानक हादसा हो गया। इस घटना के दौरान मुंबई से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेनों में काफ़ी देरी हो सकती है। रेलवे विभाग ने इंजन को वापस पटरी पर लाने के लिए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है और इसके लिए चौबीसों घंटे काम चल रहा है। पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल डिवीजन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह हादसा सुबह भिलाड स्टेशन पर हुआ। ट्रेन नंबर 19101, जो विरार से भरूच के बीच चलती है, सुबह 6:27 बजे भिलाड प्लेटफॉर्म नंबर 1 में प्रवेश कर रही थी। इसी दौरान ट्रेन के आगे के डीएमसी कोच के चार पहिए पटरी से उतर गए।
डीएमसी वह कोच होता है जिसमें ट्रेन ड्राइवर बैठता है और यह इंजन जैसा काम करता है। वलसाड से आर्ट यानी एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन और आर्मे यानी एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल इक्विपमेंट की टीम को भी भेजा गया। रेलवे ने साफ किया है कि इस हादसे में कोई भी यात्री या स्टाफ मेंबर घायल नहीं हुआ है, जो सबसे बड़ी राहत की बात है। फिलहाल पटरी से उतरे कोच को दोबारा पटरी पर लाने यानी रीरेलमेंट का काम युद्धस्तर पर जारी है। रेलवे विभाग ने डिरेलमेंट के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच भी शुरू कर दी है। ट्रैक और इंजन की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी।
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तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी टक्कर, 300 मीटर दूर गिरा व्यक्ति, मौत, देखें CCTV
हुगलीः पश्चिम बंगाल के हुगली में दर्दनाक सड़क हो गया। दरअसल, तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि इस हादसे में कार से बाइक की टक्कर होने के बाद बाइक सवार करीब 300 मीटर दूर जाकर गिरा। हादसे के बाद बाइक कार में फंस गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। लोगों द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार को जब्त कर लिया।हादसे की तस्वीरें बेहद खौफनाक हैं, जिसमें तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुई दुर्घटना की भयावहता साफ नजर आ रही है। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि बाइक सवार सड़क पार कर रहा है। इस दौरान सामने से तेज रफ्तार कार से टक्कर के बाद वह उछल कर कई फीट दूर गिर जाता है। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा मामले की जांच जा रही है। इस भीषण हादसे को देख हर किसी के रौंगटे खड़े हो गए।
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Technical Glitch के चलते Social Media से हटा PM Modi का वीडियो, Meta ने मानी गलती
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हो गए हैं। बीते दिन उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में कुछ वीडियो अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। ऐसे में उनका एक पोस्ट सोशल मीडिया से रिमूव हो गया था जिसके बाद अब मेटा ने इस पर सफाई दी है। मेटा ने पीएम मोदी का वीडियो रिमूव किए जाने पर बयान जारी किया है।टेक्निकल ग्लीच था
मेटा के प्रवक्ता ने यह बताया है कि वह कंटेंट गलती से हटा दिया गया है परंतु अब उसको बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया है कि यह एक टेक्निकल ग्लिच था। मेटा के फेसबुक की ओर से पीएम की एक पोस्ट रिमूव कर दी गई थी जिसके बाद कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। यहां तक नेताओं ने इस पर अपनी आपत्ति दर्ज की थी। अब मेटा ने इस पर अपनी सफाई दे दी है।नीट पेपर लीक मामले से जुड़ा था वीडियो
बता दें कि फेसबुक पर पीएम मोदी ने सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान एक वीडियो अपलोड की थी। इस वीडियो को भारत में देर रात रिस्ट्रिक्ट कर दिया। जब रात 1:25 मिनट पर See Why ऑप्शन पर क्लिक किया तो उसमें यह See Why ऑप्शन पर क्लिक किया गया तो उसमें लिखा था कि कानूनी रिक्वेस्ट का पालन करते हुए इसे रेस्ट्रिक्ट किया गया है। 3 मिनट लंबे इस वीडियो में पीएम मोदी ने छात्रों को यह आश्वासन दिया था कि सरकार पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली अनियमितताओं को बेहद गंभीरता ने देखती है।फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप आते हैं मेटा के अंदर
आपको बता दें कि मेटा एक अमेरिका की कंपनी है इसके अंदर फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप मैसेजिंग ऐप जैसे प्लेटफॉर्म आते हैं। इसके सीईओ मार्क जकरबर्ग हैं। साल 2021 में फेसबुक आईएनसी का नाम बदलकर अब ऑफिशियल तौर पर मेटा किया जा चुका है।सोशल मीडिया पर फेमस हुए पीएम मोदी
पीएम मोदी लगातार 3 वीडियो अपलोड करने के बाद सोशल मीडिया स्टार बन चुके हैं। वैसे तो उनके इंस्टा पेज पर काफी फॉलोअर्स हैं पर इस वीडियो के बाद उनके फॉलोअर्स और भी ज्यादा बढ़ गए थे। इस समय इंस्टाग्राम पर उनके फॉलोअर्स की संख्या 105 मिलियन के पार जा चुकी है। -

16 दिन नहीं टिक पाया 16 करोड़ रुपए की लागत का पुल, धंसी सड़क, देखें वीडियो
देहरादूनः राजधानी देहरादून में करोड़ों रुपये की लागत से बना एक पुल फिर सवालों के घेरे में आ गया। दरअसल, प्रेमनगर-नंदा की चौकी के पास नेशनल हाईवे पर स्थित यह पुल महज 16 दिन पहले ही जनता के लिए खोला गया था। लेकिन पहली ही बरसात में पुल के एक हिस्से में भारी क्षति हो गई। पुल के ऊपर एक बड़ा जानलेवा गड्ढा बन गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि एप्रोच रोड पर गड्ढा हुआ है।
देहरादून से प्रेमनगर की और जाने वाले लोगों के लिए ये पुल सबसे बड़ा विकल्प है। इसी महीने 11 जुलाई की रात टौंस नदी के उफान ने ह्यूम पाइप के सहारे बनाई गई अस्थाई पुलिया को बहा दिया था, जिससे इलाके का संपर्क पूरी तरह टूट गया था। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने बचा काम निपटाकर 12 जुलाई से ही नवनिर्मित मुख्य पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी थी। तब इसे विभाग की बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा था। लेकिन 16 दिनों में ही पुल में धंसाव आ गया। वहीं डीएम ने कहा कि दोषी अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। एहतियात के तौर पर पुलिस ने इस पुल पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। पिछले साल बरसात में बहने के बाद इस पुल का करीब 16 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण कराया गया था। पुल पहली मानसून की बारिश ही नहीं झेल पाया। अब इसके दोबारा क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि इससे पहले 11 जुलाई की रात टौंस नदी के तेज बहाव में ह्यूम पाइप डालकर बनाई गई अस्थाई पुलिया धंस गई थी। आवाजाही के संकट को देखते हुए इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने द्रुत गति से काम पूरा कर 12 जुलाई से पुनर्निर्मित मुख्य पुल पर गाड़ियों का संचालन शुरू कराया था। नए पुल में बड़ा गड्ढा होने से एक बार फिर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।View this post on Instagram -

आर्थिक तंगी से परेशान परिवार के तीन लोगों ने की आत्महत्या
अहमदाबादः साधु वासवानी रोड स्थित योगेश्वर पार्क के पास एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने जहर खाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार खौफनाक कदम के पीछे परिवार की आर्थिक तंगी मुख्य कारण हो सकती है।
पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त कर्मचारी दिलीप खाखर, उनकी पत्नी स्मिता और उनके बेटे निशित ने सोमवार दोपहर अपने घर पर जहर खा लिया। घटना के तुरंत बाद तीनों को इलाज के लिए राजकोट सिविल अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान सबसे पहले स्मिता खाखर की मौत हुई। दिलीप और निशित की हालत बेहद गंभीर होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन बाद में उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
शुरुआती जांच के अनुसार निशित को दोपहर 3:27 बजे एक कर्जदार का फोन आया था, जो अपने दिए हुए पैसे वापस मांग रहा था। निशित ने फोन करने वाले व्यक्ति से कहा था कि मैं अभी पैसे देने आ रहा हूं। पुलिस को शक है कि इस फोन कॉल के कुछ ही देर बाद परिवार ने जहर खा लिया। पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों को खंगाल रही है।
जांचकर्ताओं ने बताया कि निशित के पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं था और उसने अपने दोस्तों और अन्य लोगों से काफी पैसा उधार ले रखा था। पुलिस का मानना है कि लंबे समय से चल रही आर्थिक परेशानियां और कर्ज चुकाने का भारी दबाव इस पूरी घटना का मुख्य कारण रहा होगा।
इसके अलावा, यह परिवार पहले भी एक बड़े निजी सदमे से गुजर चुका था। दिलीप के बड़े बेटे पराग की कुछ समय पहले एक हादसे में मौत हो गई थी, जिसने परिवार के इस मानसिक व भावनात्मक बोझ को और बढ़ा दिया था।
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कंगना का महिलाओं पर हमला, कहा- नशा और अनगिनत यौन संबंधों को बताती हैं अपनी आजादी, ‘गटर छाप’
नई दिल्लीः सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोत अकसर अपने बयानों को लेकर सुर्खियां में रहती है। एक बार फिर उन्होंने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर नई पीढ़ी की भारतीय महिलाओं को गटर कहा है। कंगना ने पोस्ट में लिखा है कि ये महिलाएं स्वतंत्र महिलाओं की नकल उतारते नशे करने, शराब पीने और अनगिनत आदमियों से यौन संबंध बनाने को स्वतंत्रता कहती हैं।
उन्होंने आगे लिखा है कि सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभाना चाहती। असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।
आगे कंगना ने लिखा कि आज तथाकथित वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है। मैं इन्हें गटर जेनरेशन कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं।
इसके बावजूद वे अपनी तथाकथित आजादी का दिखावा करती हैं, नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी याद दिला दूं, आजाद जीवन कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, गटर छाप।
वहीं भाजपा सांसद रनोत ने सोमवार को स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर भी विवादित राय दी और नई जनरेशन की परवरिश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया से लिखा कि अपनी पूरी जिंदगी में मैंने कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। Gen Z के विरोध-प्रदर्शनों की ये रीलें देखकर घिन आती है। इन लोगों के बोलने का तरीका और जिस भाषा का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा।
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Commonwealth Games 2026: शर्मिला धनखड़ ने शॉट पुट में जीता गोल्ड
नई दिल्लीः कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की शर्मिला धनकड़ ने सोमवार को महिलाओं के पैरा शॉट पुट F57 इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो कर ये उपलब्धि हासिल की। यह मौजूदा खेलों में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है। इसी इवेंट में भारत की शिल्पा के. शायला ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। F57 कैटेगरी में उन पैरा एथलीट्स को शामिल किया जाता है, जिनके निचले अंग प्रभावित होते हैं या जिनकी मांसपेशियों की ताकत कम होती है।
मेडल मिलने के बाद शिल्पा भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने शर्मिला के साथ मिलकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया।
भारत के मेडल टैली में कुल 10 मेडल हो गए हैं और टीम आठवें स्थान पर है। वहीं, बिंदियारानी देवी ने 58 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया, जबकि ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता।