Category: National

  • फ्री बस यात्रा करने वाली महिलाओं के लिये जरूरी खबर, इस तारीख से पहले ये कार्ड बनवाना होगा अनिवार्य

    फ्री बस यात्रा करने वाली महिलाओं के लिये जरूरी खबर, इस तारीख से पहले ये कार्ड बनवाना होगा अनिवार्य

    नई दिल्लीः फ्री बस यात्रा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जहां, दिल्ली के डीटीसी और क्लस्टर बसों में यात्रा करने वाले वाली सभी महिलाओं को पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड साथ रखना और बस में चढ़ते समय उसे टैप करना अनिवार्य होगा। अब तक मिलने वाला पेपर पिंक टिकट 31 जुलाई के बाद बंद कर दिया जाएगा।

    वहीं, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बसों में सफर करने वाली महिला यात्रियों के लिए रेखा गुप्ता की सरकार ने 1 अगस्त से फ्री बस यात्रा के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। DTC के अनुसार 31 जुलाई तक महिलाओं को पेपर पिंक टिकट जारी किए जाएंगे। लेकिन 1 अगस्त से केवल वही महिलाएं मुफ्त यात्रा कर सकेंगी,  जिनके पास वैध पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड होगा।

    कार्ड को मशीन पर टैप करना होगा जरूरी
    बस में चढ़ते समय कार्ड को मशीन पर टैप करना जरूरी होगा। जिनके पास कार्ड नहीं होगा, उन्हें सामान्य किराया देना पड़ेगा।

    इस योजना का कौन-कौन ले सकता है लाभ
    फ्री बस सेवा का लाभ दिल्ली की 5 वर्ष या उससे अधिक उम्र की सभी लड़कियों/महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों को मिलेगा। इसके लिए किसी आय सीमा की शर्त नहीं है। हालांकि, आवेदन करने वाले के आधार कार्ड पर दिल्ली का पता होना जरूरी है।

    जानें कैसे बनवाएं पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड
    पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड दिल्ली के 50 से ज्यादा अधिकृत केंद्रों से बनवाया जा सकता है। इनमें DTC डिपो, SDM कार्यालय और विशेष कैंप शामिल हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड (दिल्ली पते वाला), उससे जुड़ा मोबाइल नंबर और कुछ केंद्रों पर पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। आधार आधारित OTP या बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद कार्ड तुरंत जारी कर दिया जाएगा। कई केंद्रों पर QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन टोकन लेने की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे लंबी लाइन से बचा जा सकता है।

    सरकार ने लोगों से कार्ड बनवाने की अपील की
    सरकार महिला यात्रियों से अपील की है कि वे 1 अगस्त से पहले पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड जरूर बनवा लें। इससे मुफ्त बस यात्रा बिना किसी परेशानी के जारी रहेगी और भविष्य में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल भी पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

     

  • SHO को SP बनकर कॉल की, बोला- पत्नी के शोरूम की बिजली जल्द चालू करवाओ, गिरफ्तार

    SHO को SP बनकर कॉल की, बोला- पत्नी के शोरूम की बिजली जल्द चालू करवाओ, गिरफ्तार

    गुरुग्रामः हरियाणा के गुरुग्राम में एक व्यक्ति ने पुलिस अफसर बनकर सेक्टर-29 थाने के एसएचओ को फोन किया और उसे धमकी दी। जानकारी के अनुसार व्यक्ति ने खुद को हिमाचल का एसपी बताया और पत्नी के शोरूम की लाइट चालू करवाने के लिए कहा और डीजीपी की धमकी भी दी।

    एसएचओ को व्यक्ति द्वारा की बात संदिग्ध लगी तो इसकी जांच की। जांच में सामने आया कि व्यक्ति ने फर्जी एसपी बनकर बात की। पुलिस ने व्यक्ति की डिटेल निकालकर उसे गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान दिल्ली के नेब सराय निवासी करण कुमार सकूजा (51) के तौर पर हुई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

    डीएलएफ सेक्टर-29 थाना प्रभारी के सरकारी मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को SP चंदन सिंह बताया और कहा कि एमजी रोड स्थित मेगा मॉल के एक शोरूम की बिजली काट दी गई है। उसने पुलिस से तुरंत हस्तक्षेप कर बिजली चालू कराने को कहा। थाना प्रभारी ने मामले की जानकारी लेनी चाही तो आरोपी ने रौब दिखाते पुलिस कार्रवाई के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। उसने अपनी बात मनवाने के लिए डीजीपी स्तर के अधिकारियों का भी हवाला दिया, ताकि स्थानीय पुलिस बिना जांच के कार्रवाई कर दे।

    SHO को संदेह हुआ तो उन्होंने तुरंत पुलिस टीम को मेगा मॉल भेजा। टीम ने मॉल प्रबंधन और संबंधित लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि मामला पूरी तरह फर्जी है। जांच में सामने आया कि कॉल करने वाला दिल्ली के नेब सराय निवासी करण कुमार सकूजा है। उसकी पत्नी का मेगा मॉल में बुटीक है।

     

     

  • कोचिंग सेंटर में छात्रा से छेड़छाड़ मामले में टीचर की चप्पलों से पीटाई, वीडियो वायरल

    कोचिंग सेंटर में छात्रा से छेड़छाड़ मामले में टीचर की चप्पलों से पीटाई, वीडियो वायरल

    कुशीनगरः उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सेवरही कस्बे के कोचिंग सेंटर में छात्रा से टीचर द्वारा छेड़छाड़ को लेकर टीचर की जमकर पीटाई हुई। छात्रा द्वारा टीचर पर 19 सेकंड में पड़े 9 बार चप्पलों से पीटा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वायरल वीडियों में छात्रा द्वारा टीचर की चप्पलों से पीटाई की गई। छात्रा द्वारा टीचर पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए। बताया जा रहा है कि आरोपी शिक्षक पढ़ाई के दौरान और उसके बाद भी छात्रा से कथित रूप से छेड़छाड़ करता था। लंबे समय से परेशान छात्रा ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी।

    इसके बाद परिजन कोचिंग सेंटर पहुंचे और शिक्षक की पिटाई कर दी। वायरल वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि पिटाई के दौरान शिक्षक से थूक चटवाया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी शिक्षक बेहद डरा हुआ और शर्मिंदा है। वहीं, अन्य लोग बेहद गुस्से में हैं और उसे जूते-चप्पल से पीट रहे हैं।

    इसी दौरान पीड़ित लड़की को भी बुलाया जाता है और टीचर को पीटने के लिए कहा जाता है। इसके बाद लड़की भी चप्पल से अपने टीचर को पीटती दिखाई देती है। छेड़छाड़ का शिकार हुई लड़की के करीबी लोगों ने कोंचिंग संचालक से सख्त लहजे में कहा कि दोबारा ऐसी घटना हुई तो कोचिंग सेंटर के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वीडियो में कोचिंग से जुड़े व्यक्ति को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि अब आरोपी शिक्षक को वहां से निकाल दिया जाएगा, क्योंकि उसने पूरी कोचिंग का नाम खराब किया है और उसकी वजह से सभी को गाली सुननी पड़ रही है।

  • दर्दनाक हादसाः फ्लाईओवर से 50 फीट नीचे गिरा ट्रक, चालक घायल, देखें CCTV

    दर्दनाक हादसाः फ्लाईओवर से 50 फीट नीचे गिरा ट्रक, चालक घायल, देखें CCTV

    नासिकः महाराष्ट्र के नासिक में दिल दहलाने वाली घटना हुई। दऱअसल, यहां एक ट्रक अनियंत्रित होकर फ्लाईओवर से 50 फीट नीचे गिर गिर गया। घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। यह सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सीसीटीवी के वीडियो में साफ दिख रहा है कि फ्लाईओवर पर अचानक से ड्राइवर का ट्रक पर नियंत्रण खत्म होता है और ट्रक सीधे सड़क नीचे गिर जाता है। गनीमत ये रही कि उस वक्त नीचे कोई मौजूद नहीं था नहीं तो दुर्घटना बड़ी हो सकती थी। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त पुल के नीचे सड़क से कोई अन्य वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
     
    View this post on Instagram
     

    A post shared by Encounter News (@encounter.news)

    वीडियो देखने के बाद लोग हैरानी जता रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना 25 जुलाई की है, जिसमें ड्राईवर बुरी तरह से घायल हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रंप सड़क किनारे लगे बैरियर को तोड़कर नीचे गिर जाता है। दरअसल, नासिक के सिन्नर एमआईडीसी बाईपास पर एक ट्रक फ्लाईओवर से सीधे नीचे सड़क पर गिर गया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। वहीं ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और काफी चर्चा में है।  
  • बेकाबू होकर पलटी यात्रियों से भरी बस, एक की मौत, 26 घायल, लोगों में मची चीख-पुकार, देखें CCTV

    बेकाबू होकर पलटी यात्रियों से भरी बस, एक की मौत, 26 घायल, लोगों में मची चीख-पुकार, देखें CCTV

    मलप्पुरमः केरल-त्रिशूर-कोझिकोड रूट पर चल रही प्राइवेट बस हादसे का शिकार हो गई। दरअसल, मलप्पुरम ज़िले के कुट्टीपुरम के पास बस बेकाबू होकर पलट गई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 26 लोग घायल हो गए। घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। सीसीटीवी फुटेज में बस बेकाबू होती है और 25 मीटर से ज़्यादा दूर तक फिसलती दिखाई देती है। जिसके बाद सर्विस रोड पर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में स्थानीय लोग मदद के लिए आगे बढ़े और पुलिस को भी हादसे की सूचना दी। घटना के बाद बस में फंसे लोगों को किसी तरह से बाहर निकाला गया। वहीं घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा बस को हटाने का प्रयास भी किया जा रहा है। घटनास्थल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बस को क्षतिग्रस्त अवस्था में देखा जा सकता है।
    पुलिस ने बताया कि कोझिकोड-त्रिशूर रूट पर चलने वाली एक प्राइवेट बस रविवार सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गई। कुट्टीपुरम के पास हाईवे पर बस के पलट जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 26 अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद दुर्घटना स्थल की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें बस उल्टी पड़ी हुई देखी जा सकती है। हादसा इतना भयावह था कि बस बीच से मुड़ गई थी। बताया जा रहा है कि यह बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे कंक्रीट बैरियर पर चढ़ गई थी और इसका निचला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह इलाका दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील है। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना की सही वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आशंका है कि बस तेज रफ़्तार में थी और बारिश भी हो रही थी, इन दोनों वजहों से दुर्घटना हो सकती है। एक यात्री ने बताया कि दुर्घटना के बाद सब घबरा गए क्योंकि बस उल्टी पड़ी थी और उन पर डीजल गिर रहा था, जिससे लोगों को बाहर निकलने में मुश्किल हो रही थी। पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य में मदद की। पुलिस ने यह भी बताया कि मरने वाला व्यक्ति कोझिकोड का रहने वाला था। अधिकारी ने बताया कि बस डिवाइडर से टकराई और फिर उसे पार करके सड़क के दूसरी तरफ चली गई और बैरियर के ऊपर पलट गई।
  • दूसरे अफेयर के शक में गर्लफ्रेंड को पार्क में बुलाकर आरोपी ने गले में चाकू घोंपा, मौत

    दूसरे अफेयर के शक में गर्लफ्रेंड को पार्क में बुलाकर आरोपी ने गले में चाकू घोंपा, मौत

    सरगुजा/सूरजपुरः छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में नेहरू पार्क में एक आरोपी ने अपनी गर्लफ्रेंड के गले पर चाकू घोंपने का मामला सामने आया है। जहां युवती की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी के अनुसार युवती के चाकू गले के आरपार हो गया, पार्क में मौजूद लोगों ने युवती को अस्पताल पहुंचाया।

    लटोरी की रहने वाली राधिका राजवाड़े (19) सूरजपुर में एडवोकेट के घर घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी और वहीं रहती थी। रविवार शाम करीब 8 बजे वह बिना किसी को बताए घर से निकली और नेहरू पार्क पहुंच गई। इसी दौरान युवक ने उसके गले पर चाकू से हमला कर दिया।

    पुलिस ने देर रात आरोपी रितेश राजवाड़े को हिरासत में लिया। घायल युवती ने मरने से पहले लिखकर उसका नाम बताया था। शुरुआती जांच में दोनों के बीच प्रेम संबंध और युवक को दूसरे अफेयर का शक होने की बात सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हमले के बाद गंभीर रूप से घायल राधिका बचने के लिए दौड़ी, लेकिन कुछ दूर जाकर खून से लथपथ हालत में गिर पड़ी। पार्क में मौजूद लोगों ने उसे फौरन जिला अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    जिला अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद राधिका की गंभीर हालत को देखते उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। गले पर गंभीर चोट लगने के कारण वह बोल नहीं पा रही थी। पुलिस ने उससे पूछताछ की कोशिश की, लेकिन वह कुछ बता नहीं सकी। राधिका ने इशारे से कागज और पेन मांगा। मरने से पहले उसने आरोपी का नाम लिखकर बताया था। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान रात करीब 10:30 बजे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही उसके रिश्तेदार अंबिकापुर पहुंच गए।

    घटना के बाद सूरजपुर पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके बाद पुलिस ने बाइक सवार आरोपी की पहचान की और देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी करवां का रहने वाला है और उसका राधिका राजवाड़े से प्रेम संबंध था। पुलिस के अनुसार, युवक को राधिका के दूसरे युवकों से संबंध होने का शक था।

     

  • बाढ़ ने मचाई तबाही, 5.24 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, मरने वालों की संख्या हुई 68

    बाढ़ ने मचाई तबाही, 5.24 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, मरने वालों की संख्या हुई 68

    असमः असम में बाढ़ ने मचाई तबाही मचाई हुई है। वहीं असम की स्थिति में सुधार के बावजूद 2 और लोगों की मौत के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। हालांकि, एक सरकारी बुलेटिन के अनुसार, 5 जिलों में 5.24 लाख से ज्यादा लोग अभी भी प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने बताया कि चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और शिवसागर जिलों में 5,24,700 से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं। देर रात जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में चराइदेव जिले में बाढ़ के पानी में डूबने से दो लोगों की मौत हो गई, जिससे राज्य में मरने वालों की कुल संख्या बढ़ गई है।

    राज्य भर में 763 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं, जबकि 48,742.09 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की खबर है। ASDMA ने कहा कि कई जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, बुलेटिन में यह भी बताया गया है कि नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं, बड़े पैमाने पर आई बाढ़ से पूरे असम में 88,240 पालतू जानवर और मुर्गियां भी प्रभावित हुई हैं।

    बता दें कि प्रभावित जिलों में चराइदेव की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है, जहां लगभग 1.9 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद शिवसागर का नंबर आता है, जहां 1.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि जोरहाट में लगभग 1.4 लाख लोग बाढ की चपेट में आए हैं। हालांकि, शनिवार की तुलना में हालात बेहतर हुए हैं, जब छह जिलों में लगभग 6.55 लाख लोग प्रभावित हुए थे। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, चार जिलों में प्रशासन की ओर से 354 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं। इन राहत शिविरों में 37,724 विस्थापित लोगों को ठहराया गया है। बुलेटिन में बताया गया है कि ऊपरी असम के अलग-अलग इलाकों में सेना, NDRF, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और पुलिस ने राहत एवं बचाव अभियान चलाए हैं।

  • Commonwealth Games-2026 : मीराबाई चानू ने दिलाया भारत को पहला गोल्ड

    Commonwealth Games-2026 : मीराबाई चानू ने दिलाया भारत को पहला गोल्ड

    ग्लासगोः कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को पहला स्वर्ण पदक मिल गया है। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। उनकी इस उपलब्धि के साथ भारत का स्वर्ण पदक का खाता भी खुल गया। इस पर भारत ने एक बार फिर मीराबाई चानू पर गर्व महसूस किया है।
    मीराबाई की जीत के बाद भारत के खाते में अब 3 पदक हो गए हैं, जिनमें 1 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इससे पहले ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था, जबकि झंडू कुमार ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक हासिल किया था। इन प्रदर्शनों के दम पर भारत पदक तालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गया है।
  • 10 Crore जुर्माने तक के प्रावधान वाला विधेयक आज लोकसभा में होगा पेश

    10 Crore जुर्माने तक के प्रावधान वाला विधेयक आज लोकसभा में होगा पेश

    नई दिल्लीः केंद्र सरकार लोकसभा में आज लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन संबंधी विधेयक पेश करने जा रही है। इस संशोधन का उद्देश्य प्रश्नपत्र लीक और परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े अपराधों पर और अधिक सख्ती करना है।

    सदस्यों को वितरित विधेयक की प्रति के अनुसार यदि कोई व्यक्ति परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने या अन्य अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने का दोषी पाया जाता है तो उसे कम से कम पांच वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष तक के कारावास की सजा हो सकती है। इसके साथ ही 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया है।

    विधेयक में संगठित तरीके से किए पेपर लीक या परीक्षा से जुड़े अपराधों के लिए और भी कड़ी सजा का प्रस्ताव है। ऐसे मामलों में दोषियों को कम से कम सात वर्ष की जेल और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

    प्रस्तावित संशोधनों के तहत जांच एजेंसियों को सभी मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी। इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें (फास्ट ट्रैक कोर्ट) स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है, ताकि आरोप पत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मामले का निपटारा किया जा सके।

    ये विधेयक ऐसे समय लाया जा रहा है जब हाल ही में नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए आंदोलन और उसके बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग तेज हो गई थी।

    इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए उच्च अधिकार प्राप्त समिति गठित करने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।

     

  • परीक्षा सुधारों पर PM मोदी का बड़ा ऐलान, हाई पावर टास्क फोर्स बनेगी, देखें वीडियो

    परीक्षा सुधारों पर PM मोदी का बड़ा ऐलान, हाई पावर टास्क फोर्स बनेगी, देखें वीडियो

    BREAKING: पीएम मोदी ने एक और वीडियो संदेश जारी किया है। पीएम ने कहा कि नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा सुधारों के लिए बड़ा फैसला किया है। उन्होंने बताया कि नंदन नीलेकणी की अगुवाई में हाई पावर टास्क फोर्स बनेगी। पेपर लीक पर कल कठोर कानून लाएंगे।
     
    View this post on Instagram
     

    A post shared by Encounter News (@encounter.news)

    पीएम ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है। पीएम ने कहा कि फ्रेंड्स विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार अनेक कदम उठा रही है। जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। वे जेलों में सड़ रहे हैं। जानें कौन हैं नंदन नीलेकणि नंदन निलेकणि का जन्म देश के आईटी हब कहे जाने वाले  बंगलूरू शहर में 2 जून, 1955 को हुआ था। इनकी शुरुआती पढ़ाई बिशप कॉटन बॉय स्कूल में हुई। वहीं इन्होंने अपने हाई स्कूल की पढ़ाई सेंट जॉसेफ हाई स्कूल से पूरी की। उसके बाद नंदन नीलेकणि ने अपने इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई आईआईटी बॉम्बे से पूरी की। खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के दम पर आईआईटी बॉम्बे में दाखिला पाया था। वर्ष 1981 में उन्होंने एन.आर. नारायण मूर्ति और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इंफोसिस की स्थापना की। कंपनी में उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और बाद में गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।