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  • अगर दिखें ये 5 संकेत, हो सकती है विटामिन B12 की कमी

    अगर दिखें ये 5 संकेत, हो सकती है विटामिन B12 की कमी

    Health: विटामिन-बी12 (Vitamin B12) शरीर के लिए एक अत्यंत आवश्यक विटामिन है, जो तंत्रिका तंत्र के सुचारु कार्य, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और डीएनए संश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर शरीर कुछ विशेष संकेत देता है, जिन्हें नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए गंभीर साबित हो सकता है।

    विटामिन-बी12 की कमी के 5 सामान्य संकेत:

    थकान और कमजोरी शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होना, हल्का काम करने पर भी थक जाना, मांसपेशियों में कमजोरी—ये सभी B12 की कमी के कारण हो सकते हैं क्योंकि इससे लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण प्रभावित होता है। सुनन या झुनझुनी (Tingling sensation) हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुई चुभने जैसा अहसास होना विटामिन-बी12 की कमी का एक प्रमुख लक्षण है। यह तंत्रिका क्षति (nerve damage) के कारण होता है। त्वचा का पीला पड़ जाना (Pale or Jaundiced Skin) विटामिन B12 की कमी से एनीमिया हो सकता है, जिससे त्वचा पीली दिख सकती है या आंखों की सफेद झिल्ली पर पीलापन आ सकता है। मूड स्विंग्स और डिप्रेशन B12 न्यूरोट्रांसमिटर्स के निर्माण में सहायक होता है। इसकी कमी से मूड खराब रहना, चिड़चिड़ापन या डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं हो सकती हैं। भूख कम लगना और वजन घटना यदि लंबे समय तक विटामिन B12 की कमी बनी रहे तो भूख कम लगने लगती है और शरीर का वजन भी घटने लगता है।

    क्या करें?

    अगर इनमें से कोई लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर रक्त की जांच करवाना ज़रूरी है। विटामिन-बी12 की कमी को सप्लीमेंट्स, इंजेक्शन या बी12 युक्त आहार (जैसे—दूध, अंडा, मछली, मांस, चीज़ आदि) के ज़रिए दूर किया जा सकता है। नोट: शाकाहारी लोगों में विटामिन B12 की कमी की संभावना अधिक होती है क्योंकि यह मुख्यतः पशु स्रोतों में पाया जाता है।
  • छोटी उम्र में Saiyaara Film की एक्ट्रेस को थी ये बीमारी, जानें लक्षण और इलाज

    छोटी उम्र में Saiyaara Film की एक्ट्रेस को थी ये बीमारी, जानें लक्षण और इलाज

    सेहत: इन दिनों लोगों पर सैयारा मूवी का बुखार चढ़ा हुआ है। इसकी कहानी लोगों को काफी पसंद भी आ रही है। आपको बता दें कि यह एक लव स्टोरी वाली फिल्म है। इस फिल्म में दोनों की कैमिस्ट्री खूब भा रही है। इसके अलावा फिल्म में एक्ट्रेस अनीत पड्डा को अर्ली ऑनसेट अल्जाइमर की दिक्कत है। ऐसे में यहां पर लोगों को एक चीज और भी कंफ्यूज कर रही है कि यह बीमारी क्या है और क्या यह छोटी उम्र में भी लोगों को हो सकती है।

    आखिर क्या होता है अल्जाइमर?

    अल्जाइमर एक दिमाग की बीमारी होती है इसमें मरीज की याददाश्त, सोचने की शक्ति पर सबसे ज्यादा असर होता है। इस बीमारी के कारण ब्रेन्स सेल्स को भी नुकसान पहुंचता है। इसके कारण मरीज के डेली रुटीन के काम पर भी असर होता है। यह डिमेंशिया का सबसे आम प्रकार होता है। अल्जाइमर अक्सर 40 साल से ऊपर के लोगों में ज्यादा देखा जाता है लेकिन ये 30-40 साल के लोगों को भी इफेक्ट कर सकता है और 65 साल से कम उम्र के लोगों में जब अल्जाइमर पाया जाता है तो उसको अर्ली ऑनसेट अल्जाइमर (Early-Onset Alzheimer) कहते हैं। आपको बता दें कि यह बहुत ही रेयर है और बहुत ही कम लोगों में देखी जाती है। ज्यादातर 40-50 साल के लोगों में ये बीमारी देखने को मिलती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो यह बीमारी आमतौर पर 65 साल की उम्र के बाद होती है लेकिन समय के साथ ये गंभीर होने लगते हैं। इसमें मरीज बातें भूलने लग जाता है और समय व स्थान जैसी नॉर्मल चीजें भी भूलने लगता है।

    ऐसे पहचानें लक्षण

    शुरुआती अल्जाइमर के लक्षण आम होते हैं इसलिए लोग इतनी जल्दी डॉक्टर्स को नहीं दिखाते। अर्ली-ऑनसेट अल्जाइमर के लक्षण ज्यादा परिवार के सदस्यों को ही पता चलता है जो मरीज के साथ ज्यादा समय बिताते हैं और उनको अच्छे से जानते हैं। अल्जाइमर में ब्रेन सेल्स डैमेज हो जाते हैं जिसके कारण धीेरे-धीरे मैमोरी लॉस होने लग जाती है। इसमें टाइम, जगह और लोगों के नाम भी इंसान भूल जाता है और कभी-कभी कुछ देर पहले हुई चीजें भी भूल जाता है। फिल्म सैयारा में भी ऐसे ही हुआ है जब अनीत पड्डा को उसके माता-पिता अस्पताल लेकर जाते हैं तो डॉक्टर उससे टाइम देखने के लिए बोलती है। थोड़ी ही देर के बाद जब वो उससे दोबारा टाइम पूछते हैं तो वो भूल गई होती है। अर्ली ऑनसेट अल्जाइमर में मरीज के साथ ऐसा ही होता है।

    लक्षण

    . बार-बार बातें भूल जाना . नए नाम या जगह याद रखने में परेशानी आना . फैसला ना ले पाना . रोज के काम न कर पाना . टाइम और जगह भूल जाना . शब्दों को बोलने या समझने में दिक्कत आना

    कारण

    अर्ली ऑनसेट अल्जाइमर का अभी कोई खास कारण सामने नहीं आया है परंतु इसके कुछ मुख्य कारण हो सकते हैं जैसे कि परिवार में अल्जाइमर होना, जेनेटिक म्यूटेशन, ब्रेन की सूजन और प्रोटीन जमा होना, सिर पर गंभीर चोट लग जाना और लाइफस्टाइल फैक्टर्स जैसे कि हाई बीपी, मोटापा, डायबिटीज भी इसके कारण हो सकते हैं।

    जंक फूड बनेगा कारण

    आपको बता दें कि आज कल की यूथ जंक फूड बहुत ज्यादा मात्रा में खाती है। इस वजह से उन्हें कई तरह की गंभीर बीमारियां हो रही हैं। जितना हम जंक फूड खाते हैं उतना ही कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने लग जाता है और इससे छोटी-छोटी ब्लड वेसल्स ब्लॉक हो जाती है। इससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। ब्रेन के हर हिस्से का कुछ न कुछ काम होता है परंतु जब ब्लॉकेज होती है तो इस मैमोरी पर असर होता है।

    इन चीजों का रखें ध्यान

    डॉक्टर का कहना है कि अर्ली ऑनसेट अल्जाइमर को कम करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें। अपने खान-पान का ध्यान रखें । अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खान-पान का हमारे शरीर के साथ-साथ ब्रेन पर भी बहुत असर होता है। अल्कोहल, स्मोकिंग के कारण ब्लड वेसल्स ब्लॉक होती है जिससे अल्जाइमर का खतरा बढ़ जाता है।          
  • सुबह जल्दी उठने में मदद करेंगे ये Tips, आज ही करें फॉलो

    सुबह जल्दी उठने में मदद करेंगे ये Tips, आज ही करें फॉलो

    हेल्थः सुबह जल्दी उठना चाहते है, लेकिन आप नहीं उठ पा रहे। ज्यादातर लोगों में सुबह उठने में काफी दिक्कत होती है। तो कुछ ऐसे टिप्स है जो आपको सुबह जल्दी उठने में मदद कर सकते हैं।

    जल्दी उठने के फायदे
    – मन में सकारात्मक विचार आते हैं।
    – मेमोरी और एकाग्रता बढ़ती है।
    – क्रॉनिक बीमारियों का खतरा कम होता है।
    – स्किन चमकती है।
    – दिनभर की एनर्जी मिलती है जिससे काम जल्दी पूरे हो जाते हैं।

    सुबह जल्दी उठने का मन बनाना जरूरी है। सबसे पहले यह जरूरी है कि आपकी सोच सुबह जल्दी उठने के लिए फिक्स हो जाए। शरीर की नेचुरल घड़ी हमें सुबह जागने के लिए निर्मित करती है, पर आधुनिक गैजेट्स और आर्टिफिशियल रोशनी हार्मोन के स्राव को प्रभावित कर देते हैं, जिससे नींद कम आती है।

    जल्दी उठने के लिए सबसे जरूरी है जल्दी सोना
    – रात को जल्दी सोने का मतलब है कि शरीर अच्छा आराम कर पाएगा और सुबह जल्दी जागना आसान होगा।
    – अगर आप रात 2 बजे सोते हैं, तो सुबह 10 बजे उठेंगे, वही अगर 10 बजे ही सो जाएं तो 6 बजे उठना आसान हो जाएगा।
    – सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप आदि को बंद कर देना चाहिए।
    – खाने के बाद हल्की वॉक लेने से डाइजेस्टिव सिस्टम और स्लीप हार्मोन की सक्रियता बढ़ती है।
    – भारी खाना ना खाएं क्योंकि पाचन में एनर्जी लगने से सुबह आलस आता है।
    सोते समय हल्की लाइट और शांत माहौल बनाएं; अलार्म को ऐसी जगह रखें जहां उठकर बंद करना पड़े।

    पहली रात जल्दी नहीं सोयेंगे तो स्ट्रेस मत लें
    – शुरुआत में जल्दी सोना मुश्किल होता है।
    – दूध में केसर, जायफल या शहद मिलाकर पीना नींद लाने में मदद करता है।
    – कैमोमाइल हर्बल टी भी अच्छी रहती है।
    सोने से पहले सांस पर ध्यान देना या अनुलोम विलोम करना मन शांत करता है।
    – बार-बार टाइम देखना या सोचते रहना स्ट्रेस बढ़ाता है।

    इन टिप्स को करें फॉलो
    – अलार्म बजते ही उठें, स्नूज मत करें क्योंकि इससे नींद गहरी नहीं होती।
    – पहले 5-10 मिनट मुश्किल होते हैं, इसे पार करके रिलैक्स महसूस होता है।
    – उठकर तुरंत ताजी हवा लें, पानी पिएं और ठंडे पानी से मुँह धोएं।
    – फोन को ऐसे जगह रखें कि उठकर उसे बंद करना पड़े।
    शुरुआती समय में दोपहर में ज्यादा सोने से बचें, क्योंकि इससे रात की नींद खराब होती है।
    अगर जरूरत हो तो ऑफिस में 15-20 मिनट की शॉर्ट नैप ले सकते हैं, लेकिन ज्यादा नहीं।

    रात में जल्दी सोने के लिए करें ये काम
    रात में जल्दी नींद लाने के लिए हल्का खाना खाएं। खाने के बाद वॉक करना ना भूलें। इसके अलावा, सोने से एक या दो घंटे पहले मोबाइल, टीवी और फोन को खुद से दूर कर दें। रात में अच्छी नींद के लिए कमरे में अंधेरा करें।

  • Weight Loss के लिए क्या छोड़ना सही है Dinner या फिर Breakfast? जानें Experts की राय

    Weight Loss के लिए क्या छोड़ना सही है Dinner या फिर Breakfast? जानें Experts की राय

    सेहत: इन दिनों हर कोई फिट रहना चाहता है। इसके लिए सभी अपने वेट को लेकर बहुत ही एक्टिव हुए हैं। वजन कम करने से न सिर्फ आपकी अपीयरेंस अच्छी होती है बल्कि आपकी ऑवरऑल हेल्थ पर भी इसका गहरा असर होता है। ऐसे में अपना वजन कम करने के लिए लोग कई तरह के टिप्स एंड ट्रिक्स फॉलो करते हैं। इन्हीं टिप्स एंड ट्रिक्स में शामिल है फास्टिंग। फास्टिंग लोगों के बीच बहुत ही ट्रेंड में है। फास्टिंग में लोग आमतौर पर नाश्ता या फिर रात का खाना खाना ही छोड़ देते हैं जिससे उनकी वेट लॉस जर्नी बेहतर होती है पर आपने कभी यह सोचा है कि क्या नाश्ता या फिर रात का खाना छोड़ देने से आपके शरीर पर क्या असर होगा?नाश्ता या रात का खाना छोड़ना आपको भले ही आसान लगे लेकिन इससे आपकी ऑवरऑल हेल्थ पर अलग-अलग तरह से असर होगा सिर्फ इतना ही नहीं आपके लिए यहां यह भी जानना जरुरी है कि वजन कम करने के लिए ब्रेकफास्ट या फिर रात का खाना दोनों क्या छोड़ना सही रहेगा। चलिए आज आपको बताते हैं इस पर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है।

    नाश्ता छोड़ने से ऐसे पड़ेगा शरीर पर असर

    कुछ लोगों का कहना है कि नाश्ता दिन का सबसे जरुरी मील होता है। वहीं रिसर्च बताती है कि जो लोग नाश्ता करते हैं वो आमतौर पर ज्यादा हेल्दी रहते हैं उनमें वजन बढ़ने का खतरा कम होता है और आप कई बीमारियों से भी बच सकते हैं। वहीं कुछ लोग सोचते हैं कि नाश्ता करने से मेटाबॉल्जिम तेज होता है परंतु एक्सपर्ट्स की मानें तो आप किस समय खाते हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता पर आप दिन में कितना खाते हैं। नाश्ता छोड़ना कई लोगों की इंटरमिटेंट फास्टिंग में शामिल होता है। इससे आप कम खाना खाते हैं इससे वजन कम करने और हेल्थ को अच्छा बनाने में मदद मिलती है।

    रात का खाना छोड़ने से ऐसे होगा शरीर पर असर

    रात का खाना भी शरीर के लिए जरुरी है क्योंकि यह आपके शरीर को लंबे समय तक सोने के लिए एनर्जी देता है। वहीं परिवार के साथ बैठकर खाना खाने का भी अच्छा समय है जिससे बच्चों को स्कूल में अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी और उनका वजन बढ़ने से भी बचाव होगा। यदि आप रात का खाना छोड़ देते हैं तो एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह आपकी हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ेगा और समय से पहले मृत्यु की संभावना भी बढ़ जाती है। यदि आप रात का खाना नहीं खाएंगे तो आपका ब्लड शुगर लेवल भी ऊपर-नीचे हो जाएगा। इससे आपको कमजोरी और थकान महसूस होगी। रात का खाना न खाने पर कई बार बाद में बहुत तेज भूख लगेगी। ऐसे में ज्यादातर लोग जंक फूड या फिर अनहेल्दी स्नैक्स खा लेते हैं। अनहेल्दी स्नैकिंग से भी वजन बढ़ता है। शुरुआत में रात का खाना छोड़ देने से कैलोरी इनटेक कम होगा और थोड़ा वजन कम हो सकता है लेकिन लॉन्ग टाइम के लिए यह तरीका सही नहीं है और इससे खाने की गलत आदतें या ईटिंग डिसऑर्डर भी हो सकते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट्स का यही कहना है कि चाहे आप नाश्ता छोड़ें या फिर रात का खाना सिर्फ खाना छोड़कर ही वजन कम करना ठीक नहीं है। ऐसे में बेहतर है कि आप एक बैलेंस और हेल्दी डाइट लें। इसके साथ ही अपनी हेल्थ का ध्यान भी जरुर रखें।
  • ये Healthy Foods Diet में जरूर करें शामिल, शरीर में बरकरार रहेगी Energy

    ये Healthy Foods Diet में जरूर करें शामिल, शरीर में बरकरार रहेगी Energy

    हेल्थः हेल्दी और फिट रहने के लिए खान-पान का सही होना बेहद जरूरी होता है। हमारी रोज की डाइट में कुछ चीजें ऐसी जरूर होनी चाहिए जो शरीर को अंदर से मजबूत रखें, बीमारियों से बचाएं और शरीर में एनर्जी बनाए रखें। ऐसे में आज हम आपको धरती की 10 सबसे हेल्दी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

    1. हरी पत्तेदार सब्जियांः पालक, मेथी, सरसों, और चौलाई जैसी पत्तेदार सब्जियां आयरन, कैल्शियम, फाइबर, फोलेट और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होती हैं। ये बॉडी को डिटॉक्स करने और शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करती हैं।

    2. बेरीजः foods ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और रास्पबेरी जैसे फलों में भरपूर मात्रा में विटामिन C, एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइबर होते हैं। ये इम्यूनिटी को बढ़ाने, याददाश्त को तेज करने और एजिंग प्रोसेस को स्लो करने में मदद करते हैं।

    3. क्रूसीफेरस सब्जियांः ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तागोभी और ब्रसेल्स स्प्राउट्स जैसी सब्जियां काफी हेल्दी होती हैं। इनमें भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो शरीर को मजबूत बनाते हैं और क्रोनिकल डिजीज से बचाते हैं।

    4. नट्स और सीड्सः बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, फ्लैक्ससीड्स और सनफ्लावर सीड्स जैसे नट्स और सीड्स ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं। इन्हें रोजाना खाने से हार्ट हेल्थ बेहतर होती है, याददाश्त तेज होती है और वजन कंट्रोल रहता है।

    5. शकरकंदः शकरकंद में फाइबर, विटामिन A (बीटा-कैरोटीन), पोटैशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स की अच्छी मात्रा होती है. इसे खाने से डाइजेशन बेहतर होता है, ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है और यह वजन घटाने में भी मदद करता है।

    6. एवोकाडोः एवोकाडो में हेल्दी फैट्स, पोटैशियम और विटामिन E होते हैं। यह हार्ट हेल्थ, ब्रेन फंक्शन और स्किन हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है।

    7. अंडाः अंडा प्रोटीन का बेहतर सोर्स है और इसमें सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं। इसमें विटामिन B12, विटामिन D, कोलीन और जिंक जैसे पोषक तत्व होते हैं। यह मसल्स बनाने, इम्युनिटी बढ़ाने और हेल्दी ब्रेन फंक्शन के लिए जरूरी है।

    8. दालें और फलियांः मसूर, चना, राजमा, मूंग और लोबिया जैसी दालों और फलियों में प्रोटीन, आयरन, फाइबर और फोलेट भरपूर मात्रा में होते हैं। ये न केवल वेजिटेरियन खाने वालों के लिए प्रोटीन का बेहतर सोर्स हैं बल्कि ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी मदद करते हैं।

    9. लहसुनः लहसुन एक नेचुरल एंटीबायोटिक है। इसमें एलिसिन नामक कंपाउंड होता है जो इन्फेक्शन, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है।

    10. दहीः foods दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो डाइजेशन में मदद करते हैं। इसके अलावा यह कैल्शियम और प्रोटीन से भी भरपूर होता है।

  • सावधान! बरसात में बढ़ सकती है Skin Infections, ऐसे करें बचाव

    सावधान! बरसात में बढ़ सकती है Skin Infections, ऐसे करें बचाव

    हेल्थः मॉनसून में स्किन से जुड़ी समस्याएं होना आम है। मौसम में मौजूद हाई ह्यूमिडिटी और गीले कपड़े आपकी स्किन को बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए बढ़िया जगह बना देती है। सही देखभाल के बिना, ये मौसमी चीजें इंफेक्शंस में बढ़ोतरी का कारण बन सकते हैं। लेकिन लोग इसे अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं और ये बीमारियां धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं।

    एथलीट फुट मॉनसून के मौसम में होने वाली एक आम स्किन प्रॉब्लम है। हाई ह्यूमिडिटी और गीले जूते, फंगस के पनपने के लिए अच्छी जगह है। यह कंडीशन आमतौर पर पैर की उंगलियों के बीच स्किन को एफेक्ट करती है। इसकी वजह से आपको लालिमा, खुजली, स्किन का फटना या छिलना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। एथलीट फुट से बचने के लिए, अपने पैरों को साफ और सूखा रखें। जरूरत पड़ने पर एंटीफंगल पाउडर का इस्तेमाल करें।

    दाद एक आम फंगल इंफेक्शन है, जो लाल धब्बे की तरह स्किन पर उभर जाता है।इसमें भयंकर खुजली आती है। इससे बचने के लिए, अपने शरीर को साफ और सूखा रखें, एंटीफंगल क्रीम या पाउडर का इस्तेमाल करें और ढीले सूती कपड़े पहनें। तौलिये या कपड़े दूसरों के साथ शेयर करने से बचें। खुला और हवादार फुटवियर पहनें और गीले कपड़े हमेशा जल्दी से बदल लें। मोजे और जूते दोबारा पहनने से पहले पूरी तरह से सूखे होने चाहिए। अगर दाने फैलते हैं, दो हफ्तों में ठीक नहीं होते, तो डॉक्टर से मिलें।

    एरिथ्रास्मा एक स्किन इंफेक्शन है जो कमर, बगल या पैर की उंगलियों के बीच स्किन की लाइंस में गुलाबी या भूरे रंग के धब्बों के रूप में दिखाई देता है। इन धब्बों में खुजली हो सकती है या हल्की जलन हो सकती है। इससे बचने के लिए, रोजाना एंटीबैक्टीरियल साबुन से नहाएं, स्किन को सूखा रखें और एंटीबैक्टीरियल पाउडर का इस्तेमाल करें। टाइट कपड़े पहनने से बचें, गीले कपड़े जल्दी से बदल दें और स्किन की लाइंस को ताजी हवा लगने दें ताकि नमी जमा न हो। अगर दो हफ्ते बाद दाने और बिगड़ जाएं, दर्द होने लगे, या आपको डायबिटीज जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स हों, तो डॉक्टर से मिलें।

    फॉलिकुलिटिस: ये एक स्किन संबंधी समस्या है जो पसीने, नमी या फ्रिक्शन के कारण बालों के रोमछिद्रों में सूजन आने से होती है। इसकी शुरुआत बालों की जड़ों के आसपास लाल और खुजलीदार फुंसियों से होती है। इससे बचने के लिए, नहाते समय एलोवेरा या पतला टी-ट्री ऑयल इस्तेमाल करें। हफ्ते में एक बार बहुत ही हल्के ब्रश और हल्के हाथों से एक्सफोलिएट करें और रैशेज पर शेविंग करने से बचें। अगर रैशेज फैल जाएं, एक हफ्ते में ठीक न हों या दर्द या सूजन हो जाए, तो डॉक्टर से मिलें।

    हीट रैशेज/घमौरियां: गर्मी और उमस भरे मौसम में पसीने के रोमछिद्र बंद हो जाने पर घमौरियां होती हैं, जो मॉनसून में एक बहुत ही आम बात है। ये छोटे लाल या सफेद फुंसियों के रूप में दिखाई देते हैं, जिनमें खुजली होती है। घमौरियां आमतौर पर गर्दन, छाती या स्किन पर पड़ने वाली लाइंस पर होती हैं। इससे बचने के लिए, पंखे या एसी की हवा में रहें, ढीले कपड़े पहनें, ठंडे पानी से नहाएं और अपनी स्किन को धीरे से सुखाएं. गाढ़ी क्रीम या पाउडर लगाने से बचें। कैलामाइन या ओटमील जैसे लोशंस का इस्तेमाल करें। अगर घमौरियां कुछ दिनों से ज्यादा रहें, बिगड़ जाएं, दर्द करने लगें, लाल हो जाएं, या बुखार के साथ हों तो डॉक्टर से मिलें।

  • World Brain Day पर जानें कैसे रखें दिमाग का ध्यान, ये टिप्स आएंगे आपके काम

    World Brain Day पर जानें कैसे रखें दिमाग का ध्यान, ये टिप्स आएंगे आपके काम

    सेहत: हर साल 22 जुलाई को दुनियाभर में वर्ल्ड ब्रेन डे मनाया जाता है। दिमाग शरीर का सबसे जरुरी अंग माना जाता है। दिमाग का महत्व दुनिया को समझाने और इसकी हेल्थ की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए मनाया जाता है। इस साल वर्ल्ड ब्रेन डे की थीम सभी उम्र के लिए ब्रेन हेल्थ है। यह बताती है कि दिमाग की देखभाल किसी उम्र तक नहीं बल्कि पूरी जिंदगी भर के लिए करनी चाहिए। आज 22 जुलाई को वर्ल्ड ब्रेन डे मनाया जा रहा है। ऐसे में आपको बताते हैं कि आप अपने दिमाग को कैसे हेल्दी रख सकते हैं। कुछ आपको ऐसे टिप्स बताते हैं जो आपके दिमाग को तेज, मजबूत और लंबे समय तक जवान बनाए रखेंगे। वैज्ञानिकों के द्वारा की गई रिसर्च के अनुसार, ये आदतें हर उम्र के लिए लोगों के लिए फायदेमंद रहेगी और उन्हें मानसिक तौर पर चुस्त और क्रिएटिव बनाने के साथ ही बहुत खुश भी रखेगी।

    खेलें दिमागी खेल

    दिमागी खेल खेलने से आपकी याददाश्त और सोचने की क्षमता बेहतर होगी। पहेलियां, क्रॉसवर्ड, सुडोकू हल करना और शतरंज खेलने से आपका दिमाग तेज बनेगा।

    फिजिकली एक्टिव रहें

    एक्सरसाइज न सिर्फ आपके शरीर के लिए अच्छी है बल्कि इससे आपका दिमाग भी हेल्दी रहेगा। रोज 30 मिनट की वॉकिंग भी आपकी याददाश्त और मेंटल हेल्थ को अच्छा रखेगी।

    हॉबीज को फॉलो करें

    यदि आप किसी काम में व्यस्त हैं और अपनी हॉबीज फॉलो नहीं कर पा रहे हैं तो ऐसा न करें। हॉबीज फॉलो करने से आपका मन रिलैक्स रहेगा और आप खुश महसूस करेंगे। पेंटिंग, सिंगिंग या कोई भी हॉबी जो आपको अच्छी लगे वो जरुर करें। इससे आपका दिमाग जवान बना रहेगा।

    तनाव न लें

    तनाव किसी भी बीमारी का सबसे पहला कारण होता है। ऐसे में यदि आप स्ट्रेस लेंगे तो इसका असर आपके दिमाग पर सबसे ज्यादा होगा। शांत और तनाव से मुक्त रहने के लिए योग, ध्यान और गहरी सांस लेने का अभ्यास करें।

    सोशल बनें

    परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं इससे आपका दिमाग एक्टिव और फ्रेश रहेगा। बातें करें, हंसे और कहानियां शेयर करें इससे भी आपके दिमाग हेल्दी रहेगा।

    कम शराब पिएं

    ज्यादा शराब और धूम्रपान के कारण भी दिमाग के सेल्स को नुकसान होता है ऐसे में इन चीजों का सेवन कम करें। इससे आपका दिमाग लंबे समय तक मजबूत बना रहेगा।

    दिमाग का रखें ध्यान

    साइकिल या कोई भी वाहन चलाते समय हेलमेट जरुर पहनें। इसके अलावा कार में सीट बेल्ट पहनें ताकि अगर किसी कारण आपका एक्सीडेंट हो तो दिमाग को चोट न पहुंचे। इससे आपका दिमाग प्रभावित होगा।

    नई चीजें सीखें

    हर दिन कुछ न कुछ नया सीखते रहें। कोई भी नई स्किल, भाषा या फिर कोई रेसिपी इससे दिमाग एक्टिव रहेगा और नए कनेक्शन बनाने में मदद मिलेगी।

    पॉजिटिव रहें

    खुश रहना आपके दिमाग के लिए बहुत अच्छा है। ऐसे में हर दिन कुछ अच्छी चीजें देखें और उसके लिए शुक्रिया करें। खुश रहने से भी दिमाग तेज और जवान बना रहेगा।

    पूरी नींद लें

    अच्छी नींद जरुर लें क्योंकि इससे आपके दिमाग को आराम मिलेगा और हेल्दी रहने में मदद मिलेगी। रोज 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें। इससे आपका दिमाग अच्छे से काम करेगा।

    सेहत का ध्यान रखें

    हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या मोटापे जैसी बीमारियां समय के साथ आपके दिमाग को नुकसान पहुंचाएगी। ऐसे में रेगुलर चेकअप करवाएं। हेल्दी आदतों से आपके दिमाग की सुरक्षा में मदद मिलेगी।

    अच्छी डाइट लें

    अपनी डाइट का ध्यान जरुर रखें। डाइट में ज्यादातर फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स और साबुत अनाज लें। ज्यादा चीनी, नमक और फ्राइड फूड्स खाने से बचें। आप जो भी खाएंगे उसका सीधा असर आपके दिमाग की हेल्थ पर होगा। ऐसे में अच्छी चीजें ही खाएं।
  • Diabetes-BP जैसी बीमारियों में काम करेगा ये App, भारत में जल्द होगा लॉन्च

    Diabetes-BP जैसी बीमारियों में काम करेगा ये App, भारत में जल्द होगा लॉन्च

    नई दिल्ली: भारत तेजी से अब हेल्थ टेक्नोलॉजी और मेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इन्हीं में एक नया कदम उठाया गया है स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स। स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स के जरिए अब देश के लोगों की सेहत की पहचान किसी विदेशी मॉडल से कम नहीं है बल्कि अपने देश में विकसित इंडेक्स के आधार पर होगी। इस पहल के अंतर्गत अब भारत खुद का हेल्थ इंडेक्स बनाएगा जो खासतौर पर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों जैसी गंभीर बीमारियों की स्टीक जांच और मूल्यांकन में मदद करेगा।

    आखिर क्या होगा स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स पर?

    स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स एक ऐसा डेटा बेस्ड प्लेटफॉर्म जहां पर भारत की जनसंख्या की बीमारियां उनकी प्रवृत्तियां और जोखिमों को समझते हुए उन्हें स्कोर या इंडेक्स के रुप में दिखाया जाएगा। इसको विकसित करने में देश के प्रमुख संस्थान आईआईपी और सीएसआईआर शामिल है।

    ऐसा हो रहा है विकास

    स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स के निर्माण में फिनोम इंडिया पीआई चेक प्रमुख भूमिका निभा रहा है। इसके दूसरे चरण की टेस्टिंग अभी आईआईपी और सीएसआईआर में चल रही है। जहां शोधकर्ता इसका वैज्ञानिक मूल्यांकन कर रहे हैं।

    इन बीमारियों पर रहेगा फोकस

    शुरुआती चरण में इस हेल्थ इंडेक्स का मुख्य फोकस तीन मुख्य बीमारियां जैसे डायबिटीज जिसमें ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव और जोखिम की पहचान होगी। हाई ब्लड प्रेशर जिसमें तनाव और बीपी के प्रभाव को मॉनिटर किया जाएगा। दिल संबंधी बीमारियां इसमें दिल से जुड़ी हुई बीमारियों को खत्म करने की शुरुआती पहचान की जाएगी। इन बीमारियों को ट्रैक करने के लिए जो भी डेटा इकट्ठा किया जाएगा। यही स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स का आधार बनेगी।

    फायदे

    . इससे रोगों की पहचान अब पहले से ज्यादा जल्दी और स्टीक होगी। . भारत में बनी तकनीक के जरिए हेल्थ चेकअप सस्ता और आसान होगा . देश की प्रोफाइल तैयार करके पब्लिक हेल्थ पॉलिसी बेहतर बनाई जा पाएगी। . समय रहने जोखिमों की पहचान करके गंभीर बीमारियों से बचाव संभव होगा। स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स न सिर्फ भारत को मेडिकल रिसर्च में आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि लाखों लोगों की जान भी समय रहते बचा पाएगा। यह पहल एक ऐसे भविष्य की ओर इशारा कर रही है जहां भारतीयों की सेहत को भारतीय तकनीक के जरिए ही मापा और संभाला जाएगा। ऐसे में अब सेहत को आंकने का तरीका भी आसान होगा। इसके अलावा वैज्ञानिक, भरोसेमंद और देश के अनुसार ही बना हुआ रहेगा।
  • सिर्फ शरीर ही नहीं रिश्तों पर भी असर डालेगी नींद की कमी, जानें यहां?

    सिर्फ शरीर ही नहीं रिश्तों पर भी असर डालेगी नींद की कमी, जानें यहां?

    रात को अच्छी नींद लेना अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी है। यदि नींद पूरी हो तो हमारे शरीर को अच्छी तरह से काम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा घर और दफ्तर में आपके काम करने की क्षमता पर भी अच्छी नींद का बहुत ही गहरा असर होता है। इससे आप अगले दिन के लिए कॉन्सेन्ट्रेशन और एनर्जेटिक रहते हैं। जब आप पूरी और गहरी नींद न लें तो आपको कई तरह के मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो सकती है जैसे कि छोटी-छोटी बातों पर आपा खो देना और ज्यादा चिड़चिड़ाहट से भी आपको जूझना पड़ सकता है। आपके ज्यादा मूड स्विंग्स होंगे। सिर्फ इतना ही नहीं नींद की कमी के कारण आपके रिश्तों पर भी असर होगा। ऐसे में आपको नींद और रिश्तों के बीच में सही से तालमेल बनाने के लिए एक बार जरुर सोचना चाहिए।

    इस वजह से जरुरी है नींद

    नींद शरीर के लिए खाना और पानी की तरह ही जरुरी है। नींद में ही शरीर खुद को हील करता है किसी व्यक्ति को ज्यादा नींद की जरुरत होती है। नींद की जरुरत व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है परंतु अमेरिका की हेल्थ एजेंसी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार, किसी भी व्यस्क को रात में 7-8 घंटे जरुर सोना चाहिए।

    नींद पूरी न होने के कारण होगी ये दिक्कतें

    भावनात्मक जुड़ाव होगा कम

    यदि आपकी नींद पूरी नहीं होती तो आपका भावनात्मक जुड़ाव भी कम होगा इससे पार्टनर्स के लिए एक-दूसरे के साथ इमोशनली कनेक्टेड रहना मुश्किल हो जाएगा। नींद की कमी के कारण आपके आपसी रिश्ते पर बुरा असर होगा।

    चिड़चिड़ा रहेगा स्वभाव

    नींद की कमी के कारण चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स भी बढ़ जाते हैं। अगर नींद पूरी न हो तो आपके और आपके पार्टनर के बीच में छोटी-छोटी बातों को लेकर बहस होने की संभावना बढ़ जाएगी। जब दोनों ही पार्टनर थके हुए हों तो खुद व खुद ही धैर्य और सहनशीलता का स्तर कम हो जाएगा जिससे टकराव होगा। इससे रिश्तों पर नेगेटिव असर होगा।

    फिजिकल रिलेशन पर भी होगा असर

    जब नींद पूरी न हो तो शरीर में एनर्जी का लेवल भी कम होता है ऐसे में इसके कारण फिजिकल रिलेशन पर भी इसका असर पड़ेगा। जब पार्टनर एक साथ थके हुए हो तो उनके बीच फिजिकल कनेक्ट होने की संभावना भी कम होती है इससे आपके रिस्ते का ऑवरऑल बॉन्ड प्रभावित होगा।
  • ये Mistakes डैमेज कर सकती है आपकी Skin, जानें कैसे करें बचाव

    ये Mistakes डैमेज कर सकती है आपकी Skin, जानें कैसे करें बचाव

    हेल्थः स्किन केयर रूटीन को तो हर कोई फॉलो करता है लेकिन अक्सर लोग इस दौरान कई गलतियां कर बैठते हैं, जिससे स्किन को काफी नुकसान पहुंच सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको स्किन केयर करते समय नहीं करनी चाहिए।

    स्किन टाइप को ना समझना
    हमारी स्किन के कई टाइप्स होते हैं, जैसे कि ड्राई, ऑयली, कॉम्बिनेशन, नॉर्मल और सेंसिटिव। अगर हमें अपना स्किन टाइप नहीं पता है, तो हम अपने लिए सही प्रोडक्ट्स नहीं चुन सकते हैं।
    अपनी स्किन टाइप को समझने के लिए, आप अपने फेस को वॉश करने के बाद एक घंटे तक ऑब्जर्व कर सकते हैं। अगर आपकी स्किन टाइट और रफ फील होती है, तो आपकी स्किन ड्राई है। अगर आपकी स्किन ऑयली फील होती है, तो आपकी स्किन ऑयली है।

    स्किन केयर रूटीन को फॉलो नहीं करना
    स्किन केयर रूटीन को फॉलो करना बहुत जरूरी है, लेकिन कई बार हम इसे अनदेखा कर देते हैं। एक अच्छा स्किन केयर रूटीन बनाने के लिए, आप अपने स्किन टाइप के अनुसार प्रोडक्ट्स चुन सकते हैं और उन्हें नियमित रूप से इस्तेमाल कर सकते हैं।

    डाइट का ध्यान नहीं रखना
    हमारी डाइट हमारी स्किन के लिए बहुत जरूरी है। अगर हम ज्यादा शुगर और प्रोसेस्ड फूड्स खाते हैं, तो हमारी स्किन खराब हो सकती है। अपनी डाइट में बदलाव करने के लिए, आप ज्यादा फल, सब्जियां और साबुत अनाज खा सकते हैं। इससे आपकी स्किन को जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे।

    मॉइश्चराइजर नहीं लगाना
    मॉइश्चराइजर लगाना बहुत जरूरी है, खासकर ड्राई स्किन वालों के लिए। लेकिन ऑयली स्किन वालों को भी मॉइस्चराइजर लगाना चाहिए। अपने स्किन टाइप के अनुसार मॉइस्चराइजर चुनें और इसे नियमित रूप से लगाएं।

    पिलो कवर और बेडशीट को रेगुलर ना धोना
    पिलो कवर और बेडशीट पर कई बैक्टीरिया और जर्म्स होते हैं जो हमारी स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अपने पिलो कवर और बेडशीट को नियमित रूप से धोएं और उन्हें साफ रखें।

    टॉवल को शेयर करना
    टॉवल को शेयर करना खतरनाक हो सकता है, खासकर अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है।
    अपना टॉवल अलग रखें और इसे नियमित रूप से धोएं।

    फोन की स्क्रीन को साफ नहीं रखना
    फोन की स्क्रीन पर कई बैक्टीरिया और जर्म्स होते हैं जो हमारी स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अपने फोन की स्क्रीन को नियमित रूप से साफ करें और इसे अपने फेस से दूर रखें।