Diabetes-BP जैसी बीमारियों में काम करेगा ये App, भारत में जल्द होगा लॉन्च

Written by

in

नई दिल्ली: भारत तेजी से अब हेल्थ टेक्नोलॉजी और मेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इन्हीं में एक नया कदम उठाया गया है स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स। स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स के जरिए अब देश के लोगों की सेहत की पहचान किसी विदेशी मॉडल से कम नहीं है बल्कि अपने देश में विकसित इंडेक्स के आधार पर होगी। इस पहल के अंतर्गत अब भारत खुद का हेल्थ इंडेक्स बनाएगा जो खासतौर पर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों जैसी गंभीर बीमारियों की स्टीक जांच और मूल्यांकन में मदद करेगा।

आखिर क्या होगा स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स पर?

स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स एक ऐसा डेटा बेस्ड प्लेटफॉर्म जहां पर भारत की जनसंख्या की बीमारियां उनकी प्रवृत्तियां और जोखिमों को समझते हुए उन्हें स्कोर या इंडेक्स के रुप में दिखाया जाएगा। इसको विकसित करने में देश के प्रमुख संस्थान आईआईपी और सीएसआईआर शामिल है।

ऐसा हो रहा है विकास

स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स के निर्माण में फिनोम इंडिया पीआई चेक प्रमुख भूमिका निभा रहा है। इसके दूसरे चरण की टेस्टिंग अभी आईआईपी और सीएसआईआर में चल रही है। जहां शोधकर्ता इसका वैज्ञानिक मूल्यांकन कर रहे हैं।

इन बीमारियों पर रहेगा फोकस

शुरुआती चरण में इस हेल्थ इंडेक्स का मुख्य फोकस तीन मुख्य बीमारियां जैसे डायबिटीज जिसमें ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव और जोखिम की पहचान होगी। हाई ब्लड प्रेशर जिसमें तनाव और बीपी के प्रभाव को मॉनिटर किया जाएगा। दिल संबंधी बीमारियां इसमें दिल से जुड़ी हुई बीमारियों को खत्म करने की शुरुआती पहचान की जाएगी। इन बीमारियों को ट्रैक करने के लिए जो भी डेटा इकट्ठा किया जाएगा। यही स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स का आधार बनेगी।

फायदे

. इससे रोगों की पहचान अब पहले से ज्यादा जल्दी और स्टीक होगी। . भारत में बनी तकनीक के जरिए हेल्थ चेकअप सस्ता और आसान होगा . देश की प्रोफाइल तैयार करके पब्लिक हेल्थ पॉलिसी बेहतर बनाई जा पाएगी। . समय रहने जोखिमों की पहचान करके गंभीर बीमारियों से बचाव संभव होगा। स्वदेशी हेल्थ इंडेक्स न सिर्फ भारत को मेडिकल रिसर्च में आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि लाखों लोगों की जान भी समय रहते बचा पाएगा। यह पहल एक ऐसे भविष्य की ओर इशारा कर रही है जहां भारतीयों की सेहत को भारतीय तकनीक के जरिए ही मापा और संभाला जाएगा। ऐसे में अब सेहत को आंकने का तरीका भी आसान होगा। इसके अलावा वैज्ञानिक, भरोसेमंद और देश के अनुसार ही बना हुआ रहेगा।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *