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  • Cancer के खतरे को बढ़ा देंगी ये 7 आदतें, कर लें सुधार

    Cancer के खतरे को बढ़ा देंगी ये 7 आदतें, कर लें सुधार

    नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली और गलत आदतें कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती हैं, जिनमें कैंसर भी शामिल है। कई लोग जाने-अनजाने में ऐसी गलतियां करते हैं, जो उनके शरीर में कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ छोटी-छोटी आदतें हमारे स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकती हैं। समय रहते अगर इन्हें सुधार लिया जाए तो इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं वे कौन-सी गलत आदतें हैं, जिनसे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

    1. प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन

    आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन करने लगे हैं। इनमें प्रिजर्वेटिव्स, ट्रांस फैट और अन्य हानिकारक रसायन होते हैं, जो शरीर में कैंसर कोशिकाओं को बढ़ावा दे सकते हैं। खासतौर पर, रेड मीट और डीप फ्राइड फूड का अधिक सेवन आंतों और पेट के कैंसर की संभावना को बढ़ा सकता है।

    2. धूम्रपान और शराब का सेवन

    सिगरेट, बीड़ी और शराब जैसी नशीली चीजों का सेवन कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनियाभर में फेफड़ों, मुंह और गले के कैंसर के अधिकतर मामले धूम्रपान और शराब के सेवन से जुड़े होते हैं। इसलिए अगर आप इन आदतों में लिप्त हैं तो तुरंत सुधार करना जरूरी है।

    3. शारीरिक गतिविधियों की कमी

    आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में लोग घंटों तक बैठे रहते हैं, जिससे शरीर में फैट जमा होने लगता है। मोटापा न केवल हृदय रोग बल्कि कैंसर के जोखिम को भी बढ़ाता है। नियमित व्यायाम करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोका जा सकता है।

    4. असंतुलित आहार और पोषण की कमी

    अगर आपके भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और एंटीऑक्सिडेंट युक्त चीजों की कमी है, तो यह कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। हेल्दी डाइट का पालन करना और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना बेहद जरूरी है।

    5. कम पानी पीना

    शरीर को हाइड्रेट रखना कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। पानी की कमी से टॉक्सिन्स शरीर में जमा होने लगते हैं, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। हर दिन कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना जरूरी है।

    6. धूप में अधिक समय बिताना

    सूरज की हानिकारक यूवी किरणें त्वचा कैंसर का बड़ा कारण बन सकती हैं। लंबे समय तक धूप में बिना किसी सुरक्षा के रहने से स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहिए।

    7. रात में देर तक जागना और अनियमित दिनचर्या

    शरीर को पर्याप्त आराम न मिलने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। देर रात तक जागना और अनियमित नींद की आदत से शरीर में हार्मोनल असंतुलन भी पैदा हो सकता है।

    कैसे करें बचाव?

    1. हेल्दी और संतुलित आहार लें।
    2. धूम्रपान और शराब से बचें।
    3. रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
    4. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
    5. रात में जल्दी सोने और पर्याप्त नींद लेने की आदत डालें।
    6. तनाव से बचने के लिए ध्यान और योग करें।
    7. नियमित हेल्थ चेकअप करवाएं।
    कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए अपनी जीवनशैली में सही बदलाव करना बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी गलतियां भविष्य में बड़े खतरे का कारण बन सकती हैं। इसलिए, अगर आप इनमें से किसी भी आदत का पालन कर रहे हैं, तो समय रहते सुधार करें और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
  • Body fat सहित अन्य बीमारियों से मिलेगी राहत, खाली पेट शहद में डुबाकर खाएं ये चीज

    Body fat सहित अन्य बीमारियों से मिलेगी राहत, खाली पेट शहद में डुबाकर खाएं ये चीज

    हेल्थः मोटापा कई बीमारियों को जन्म देता है। जिससे मनुष्य में हार्ट डिजीज, डायबिटीज, कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। शरीर की चर्बी 2 तरह की होती है अंदर और बाहर की। दूसरी तरफ लिवर की चर्बी बढ़ने से लिवर सिरोसिस हो सकता है। इन खतरों से बचने और पूरे शरीर की चर्बी कम करने के लिए देसी उपाय कर सकते हैं। यह उपाय पेट, जांघ, हाथ, कूल्हे, लिवर हर अंग को पतला और टोन कर सकता है। वेट लॉस होने की वजह से डायबिटीज और दिल की बीमारी से भी दूरी बनाई जा सकती है।

    सुबह खाली पेट शहद में दौ लौंग डुबाकर अच्छी तरह चबाएं। शहद के साथ लौंग खाने से कई सारे औषधीय प्रभाव मिलते हैं। जैसे कि आप को इंफेक्शन से दूर रहने में मदद मिल सकती है। गले में खराश, खराब ब्लड सर्कुलेशन जैसी समस्याओं से भी छुटकारा पा सकते हैं।

    वजन कम करने के लिए इस उपाय को जरूर करें। यह डायजेशन और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। जिससे फैट स्टोरेज कम होती है। हार्वर्ड के मुताबिक जिनका मेटाबॉलिज्म तेज रहता है, वो पूरे दिन ज्यादा कैलोरी इस्तेमाल कर पाते हैं जिससे फैट कम करने में मदद मिल सकती है।

    शहद और लौंग दोनों के अंदर लिवर को फायदा पहुंचाने वाले गुण होते हैं। यह डिटॉक्स करने में भूमिका निभाते हैं, जिससे लिवर की हेल्थ बढ़ती है। लिवर पर फैट जमने वाली बीमारी फैटी लिवर से भी राहत पाई जा सकती है।
    इम्यून सिस्टम बड़ा महत्वपूर्ण है। यह बीमारियों से लड़ने और उनके कीटाणु व विषाणु को मारने का काम करता है। यह उपाय दोगुने एंटी माइक्रोबियल और एंटी इंफ्लामेटरी प्रोपर्टी देते हैं। जो इम्यून सिस्टम की ताकत बढ़ाने का काम करते हैं।

  • पूरी रात नींद लेने के बाद भी दिनभर रहती है थकान, क्या ये आलस के लक्षण? जानें

    पूरी रात नींद लेने के बाद भी दिनभर रहती है थकान, क्या ये आलस के लक्षण? जानें

    हेल्थः कई बार पूरी रात अच्छे से सोने के बाद भी आप बहुत थका हुआ महसूस करते हैं। ऐसी में हम सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि क्या हमारे अंदर ही कोई समस्या है या फिर हम काम के कारण ज्यादा थक गए हैं। हालांकि यह समस्या आज के समय में आम हो गई है और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करने वाले लोगों को भी महसूस होती है। बहुत सारे लोगों को कुछ दिनों में काफी आलस महसूस होता है और वह सोचते हैं कि यह शरीर की थकान है या केवल उनका आलसीपन है। हालांकि यह दोनों चीजें ही एक दूसरे से जुड़ी हुई है।

    थकान से आपकी मानसिक सेहत और पाचन तंत्र सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। थकान का कारण होता है क्रोनिक स्थिति। अगर डायबिटीज जैसी शारीरिक स्थिति है तो थकान हर समय महसूस हो सकती है। इसके अलावा अगर आपने लंबे समय तक कोई शारीरिक श्रम वाला काम किया है तो भी थकान हो सकती है। थकान कोई मेडिकल समस्या नहीं है। हालांकि इसके कारण भी आपका काम और व्यक्तिगत जीवन नेगेटिव रूप से प्रभावित हो सकता है। वट के असंतुलन के कारण आप को थकान होती है। यह आपको मानसिक और शारीरिक तनाव के कारण हो सकती है। लगातार काम करते रहने की वजह से थकान हो सकती है।

    थकान को ठीक करने के लिए आप ऑयल मसाज कर सकते हैं या फिर रोजाना कुछ ताजे फलों जैसे अनार, अंगूर, खजूर, गन्ने आदि का सेवन कर सकते हैं। थकान आपके शरीर को दिन के अंत में प्रभावित करती है जबकि आलस आपको पूरे दिन परेशान और प्रभावित करता है।

    आलस में आपका शरीर किसी काम पर फोकस नहीं करना चाहता। कफ में असंतुलन होने के कारण आप को आलस महसूस होता है। कई बार दोपहर का खाना खाने के बाद भी आलस ज्यादा होता है क्योंकि उस समय कफ ज्यादा एक्टिव होता है। इस समय अगर आप चाय या कॉफी पी लेते हैं तो इस अधिक बढ़े हुए कफ को शांत कर सकते हैं। चाहे थकान हो या फिर आलस, इन्हें कम करने के लिए आप को अपने सोने का एक समय निर्धारित कर लेना है और रोजाना उसी समय पर सोने का प्रयास करना है। यह कोशिश करें की रोजाना 8 घंटे से अधिक समय के लिए न सोएं।

    डिस्क्लेमर: यह सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

  • एक महीने तक रोजाना खाएं 5 बादाम, फिर देखें कमाल!

    एक महीने तक रोजाना खाएं 5 बादाम, फिर देखें कमाल!

    Health Tips: बदलते मौसम और व्यस्त जीवनशैली में स्वस्थ रहना हर किसी के लिए चुनौती बनता जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ 5 बादाम रोजाना खाने से आपकी सेहत में जबरदस्त सुधार हो सकता है? यह एक साधारण आदत आपकी सेहत को चमत्कारिक रूप से बदल सकती है। बादाम को पोषण का पावरहाउस माना जाता है। इनमें प्रोटीन, विटामिन ई, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और हेल्दी फैट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। रोजाना बादाम खाने के कई फायदे हैं जो आपके शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और बाहरी चमक भी प्रदान करते हैं।

    खाने के फायदे :

    1. स्मरण शक्ति और मस्तिष्क का विकास बादाम में विटामिन ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो मस्तिष्क को तेज बनाते हैं। रोजाना 5 बादाम खाने से याददाश्त में सुधार होता है और मानसिक थकान कम होती है।
    2. हृदय को रखें स्वस्थ बादाम में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैट और एंटीऑक्सीडेंट्स दिल को मजबूत बनाते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम हो जाता है।
    3. वजन घटाने में सहायक अगर आप वजन कम करने की सोच रहे हैं, तो रोजाना 5 बादाम आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इसमें मौजूद फाइबर भूख को नियंत्रित करता है और अधिक खाने से बचाता है।
    4. त्वचा में निखार विटामिन ई से भरपूर बादाम आपकी त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाता है। नियमित सेवन से त्वचा की समस्याएं कम होती हैं।
    5. हड्डियों को बनाएं मजबूत बादाम में कैल्शियम और फॉस्फोरस होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचाते हैं।
    रोजाना सुबह खाली पेट 5 बादाम खाने की आदत डालें। इन्हें रातभर पानी में भिगोकर खाने से ज्यादा लाभ मिलता है, क्योंकि इससे पोषक तत्व अधिक आसानी से शरीर में अवशोषित होते हैं। हालांकि बादाम बेहद फायदेमंद हैं, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन करने से परहेज करें। जरूरत से ज्यादा बादाम खाने से वजन बढ़ सकता है और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  • वक्त से पहले आंखों को बूढ़ा बना देती है  Vitamin A की कमी

    वक्त से पहले आंखों को बूढ़ा बना देती है Vitamin A की कमी

    Health : आंखें हमारे शरीर का एक बेहद अहम अंग हैं, और इनकी देखभाल करना बेहद जरूरी है आजकल की लाइफस्टाइल, जिसमें लंबे समय तक कंप्यूटर और मोबाइल स्क्रीन का इस्तेमाल शामिल है, आंखों पर बुरा असर डालती है। विटामिन ए की कमी, आंखों को वक्त से पहले बूढ़ा बना सकती है। विटामिन ए आंखों की हेल्थ के लिए जरूरी पोषक तत्व है, और इसकी कमी से नाइट ब्लाइंडनेस, आंखों का सूखापन, और नजरों से जुड़ी दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए, अपनी डाइट में विटामिन ए से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना बेहद ज़रूरी है।

    गाजर विटामिन ए का एक बड़ा सोर्स है। इसमें बीटा-कैरोटीन भी होता है, जो शरीर में विटामिन ए में बदल जाता है। गाजर खाने से आंखों की रोशनी तेज होती है और आंखों को पोषण मिलता है।

    शकरकंद भी बीटा-कैरोटीन से भरपूर होता है, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। ये विटामिन सी, पोटेशियम, और फाइबर का भी अच्छा सोर्स है।

    पालक और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियां ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होती हैं, जो आंखों को ऑक्सीडेटिव डैमेड से बचाने में मदद करते हैं। ये पोषक तत्व मोतियाबिंद और उम्र से जुड़े मैक्यूलर डिजनरेशन जैसी आंखों की समस्याओं के खतरे को भी कम करते हैं।

    अंडे विटामिन ए, ल्यूटिन, और जेक्सैंथिन के अच्छे सोर्स हैं। ये पोषक तत्व आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने और दृष्टि को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

    दूध, दही, और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद भी विटामिन ए के अच्छे स्रोत हैं। ये कैल्शियम और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भी भरपूर होते हैं जो हड्डियों और आँखों के स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी हैं।

  • सर्दी-खांसी में बच्चों को Orange खिलाना कितना ठीक, जानें Expert की राय

    सर्दी-खांसी में बच्चों को Orange खिलाना कितना ठीक, जानें Expert की राय

    हेल्थः मौसम बदलने से सबसे पहले बच्चे बीमार होते है। जिससे बच्चों में नाक बंद होना, सर्दी और जुकाम जैसी परेशानी हो सकती है। ऐसे में कई उपाय हैं, जिसकी मदद से बच्‍चों में सर्दी जुकाम को ठीक किया जा सकता है। इनमें से एक है संतरा। भले ही आप बच्‍चे को संतरा देना पसंद न करें, लेकिन एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संतरा बच्‍चों को सर्दी खांसी से बचाता है। इसलिए इसका सेवन रोज करना चाहिए।

    दावे के अनुसार बच्‍चों को हमेशा संतरा खिलाते रहना चाहिए। इससे वे सर्दी और खांसी से बहुत जल्दी बीमार नहीं पड़ते। इसके अलावा उसका विकास भी अच्‍छे से होता है। संतरे का सेवन न केवल सर्दी को रोकने बल्कि रिकवरी में भी तेजी ला सकता है। इसमें मौजूद विटामिन सी इम्‍यूनिटी बढ़ाता है। एक मीडियम साइज का संतरा लगभग 70 मिलीग्राम विटामिन सी देता है।

    एक्‍सपर्ट का मानना है कि संतरे जैसे विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन से इम्‍यूनिटी बढ़ती है और सर्दी के लक्षणों की गंभीरता को कम कर सकता है। हालांकि, सामान्य सर्दी अलग-अलग वायरस के कारण होती है, ऐसे में कोई भी खाद्य पदार्थ पूर्ण रूप से सुरक्षा नहीं दे सकता। हां! खतरे को कम जरूर कर सकता है।

    संतरे में साइट्रिक एसिड गले में खराश पैदा कर सकता है, जिससे सर्दी के दौरान असुविधा बढ़ सकती है। सर्दी और खांसी के खतरे को कम करने के लिए, फलों और सब्जियों से भरपूर संतुलित आहार लेना जरूरी है। इसके अलावा अच्छी स्वच्छता अपनाएं और वैक्सीनेशन के बारे में अपडेट रहें। सजग टीम की ओर से किए गए फैक्‍ट चेक में सामने आया है कि बच्‍चों को संतरा खिलाने से सर्दी जुकाम ठीक हाने वाला दावा काफी हद तक सही है। एक्सपर्ट के अनुसार, भले ही संतरे समग्र स्वास्थ्य के लिए अच्‍छे हैं। इन्‍हें हमारी डाइट का हिस्सा होना चाहिए। लेकिन किसी बीमारी को रोकने के लिए केवल उन पर निर्भर रहना ठीक नहीं है।

    डिस्क्लेमर: यह केवल सामान्य जानकारी है। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

  • इसे चबाने से मिलेगा Migraine के असहनीय दर्द से राहत, सावधानी से करें सेवन

    इसे चबाने से मिलेगा Migraine के असहनीय दर्द से राहत, सावधानी से करें सेवन

    हेल्थः माइग्रेन एक असहनीय दर्द है, जिसे सिर में उठने वाला तेज दर्द भी कहा जाता है। माइग्रेन का दर्द कुछ मिनट से लेकर लगातार कुछ दिनों तक बना रह सकता है। ठंड में माइग्रेन के मरीजों की तकलीफ बढ़ जाती है। ऐसे में उनके लिए काली मिर्च खाना फायदेमंद हो सकता है। माइग्रेन का दर्द छोटे बच्चों से लेकर ज्यादा उम्र के लोगों को भी हो सकता है। आमतौर पर दर्द बढ़ने से उल्टी, सूजन और चक्कर जैसी समस्याओं से भी माइग्रेन के मरीजों को जूझना पड़ता है।

    हालांकि, इसके दर्द से राहत पाने का उपाय रसोई में उपलब्ध काली मिर्च के रूप में है। आयुर्वेद में काली मिर्च को काफी फायदेमंद माना जाता है। यह जुकाम-खांसी, वायरल, फेफड़े संबंधित समस्याओं के साथ ही माइग्रेन के लिए भी रामबाण माना जाता है।

    आयुर्वेदिक के मुताबिक माइग्रेन केवल सिर में ही नहीं बल्कि पूरे शरीर में होने वाला तेज दर्द है। जब पूरे शरीर की नसें तन जाती हैं और फिर सिकुड़ जाती हैं तो इससे माइग्रेन का दर्द होता है। सिर में एक तरफ से शुरू होकर यह गर्दन, कंधे और पीठ के साथ हाथ में भी हो सकता है।

    डॉक्टर ने काली मिर्च की औषधीय खूबियों पर प्रकाश डालते बताया कि माइग्रेन से राहत पाने के लिए मरीज को दो या तीन काली मिर्च को मुंह में रखकर चबाना चाहिए। इससे वे बेहतर महसूस करते हैं। काली मिर्च में ‘पिपेरिन’ नामक एक एंजाइम होता है, जो सूजन रोधी है और माइग्रेन के दर्द से राहत दिलाने में सहायक होता है।

  • क्यों आता है Heart Attack : जानिए ये 7 मुख्य कारण, देखें वीडियो

    क्यों आता है Heart Attack : जानिए ये 7 मुख्य कारण, देखें वीडियो

    Heart Attack,Health Tips: आज की तेज़-रफ़्तार ज़िंदगी में दिल से जुड़ी बीमारियाँ आम होती जा रही हैं। हाल के अध्ययनों के अनुसार, हार्ट अटैक के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है। लेकिन क्या आपने सोचा है कि दिल का दौरा पड़ने के पीछे असल कारण क्या हैं? आइए जानते हैं हार्ट अटैक के 7 प्रमुख कारण जो आपके जीवन पर गहरा असर डाल सकते हैं।

    1. अत्यधिक तनाव (Stress)

    नियमित तनाव हमारे शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। लंबे समय तक तनाव में रहना ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि मेडिटेशन और योग जैसी गतिविधियों से तनाव को कम किया जा सकता है।

    2. गलत खानपान (Unhealthy Diet)

    फास्ट फूड, जंक फूड और अधिक तैलीय भोजन खाने की आदत दिल की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकती है। इससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि ताजे फल, सब्जियां और संतुलित आहार को प्राथमिकता देना चाहिए।

    3. धूम्रपान और तंबाकू (Smoking and Tobacco)

    धूम्रपान दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण है। सिगरेट का हर कश दिल की धमनियों को कमजोर करता है और रक्त प्रवाह में बाधा उत्पन्न करता है। विशेषज्ञ इसे बंद करने की सलाह देते हैं।

    4. शराब का अत्यधिक सेवन (Excessive Alcohol Consumption)

    शराब का ज्यादा सेवन दिल की मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है। यह रक्तचाप को बढ़ाता है और दिल के दौरे का खतरा कई गुना बढ़ा देता है।

    5. शारीरिक गतिविधि की कमी (Lack of Physical Activity)

    बैठे-बैठे काम करने की आदत और व्यायाम न करना दिल की बीमारियों को जन्म देता है। रोज़ाना 30 मिनट की हल्की एक्सरसाइज हार्ट अटैक के खतरे को कम कर सकती है।

    6. मोटापा (Obesity)

    बढ़ता हुआ वजन न केवल डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनता है, बल्कि यह दिल की धमनियों पर भी दबाव डालता है। वजन को नियंत्रित रखना दिल की सेहत के लिए बेहद ज़रूरी है।

    7. हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ (High Blood Pressure and Diabetes)

    अनियंत्रित ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल दिल की धमनियों को नुकसान पहुँचाते हैं। समय-समय पर इनकी जांच करवाना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयाँ लेना ज़रूरी है।

    सेहतमंद दिल के लिए सुझाव

    1. रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद लें।
    2. नमक और चीनी का सेवन सीमित करें।
    3. समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं।
    4. नियमित व्यायाम करें।
    5. तनावमुक्त जीवन जीने की कोशिश करें।
    हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए जागरूकता फैलाना और जीवनशैली में बदलाव लाना बेहद ज़रूरी है। अपने दिल का ख्याल रखें, क्योंकि यही आपकी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • घर पर बनाए Natural Painkiller, हर तरह के दर्द से मिलेगी राहत

    घर पर बनाए Natural Painkiller, हर तरह के दर्द से मिलेगी राहत

    हेल्थः दर्द असहनीय होता है, दर्द कैसा भी हो हर किसी के बर्दाश्त से बाहर ही होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए अक्सर लोग दवाओं का सहारा लेते है। कई बार दर्द के पीछे सूजन जैसा गंभीर कारण होता है। दर्द कम करने वाली दवाओं की आदत पड़ सकती है। डॉक्टर इस आदत को किडनी के लिए खराब मानते हैं और यह पूरी तरह डैमेज हो सकती है। इस नुकसान से बचने के लिए आयुर्वेद का उपाय करें। हेल्थ एक्सपर्ट की माने तो आयुर्वेद को दुनिया का सबसे बेस्ट पेनकिलर बताया गया है। यह उपाय पूरी तरह नेचुरल है और साइड इफेक्ट होने का खतरा बहुत कम होता है। इसमें देसी चीजों को मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। यह काफी असरदार है।

    सामग्रीः इसे बनाने के लिए आपको, सोंठ, कैस्टर ऑयल और पानी चाहिए।

    तरीकाः सबसे पहले एक पैन में 100 ml पानी उबालें।

    – फिर इसके अंदर 5 ग्राम सोंठ पाउडर डालें।
    – सोंठ मिलाने के बाद 5 ml अरंडी का तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
    – इस नुस्खे को मिलाकर सुबह-शाम पिलाइए।

    एक्सपर्ट के अनुसार शरीर में किसी भी तरह का दर्द या इंफ्लामेशन खत्म करने के लिए यह उपाय असरदार है। अरंडी के तेल में रसिनोलिक एसिड होता है जो कि एंटी इंफ्लामेटरी और एंटी स्पास्मोडिक प्रॉपर्टी देता है। सोंठ में मौजूद ओलियो रेसिन इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।

    इन दर्दों से मिलेगी राहत
    – जोड़ों के दर्द
    – कमर का दर्द
    – पेट में सूजन या दर्द
    – पेट के निचले हिस्से में
    – बार-बार यूरीन करना
    – ब्लैडर में सूजन

    डिस्क्लेमर: यह सिफर् सामान्य जानकारी है। किसी भी तरह से दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा डॉक्टर से संपर्क करें।

  • रातों की नींद की समस्या से लेकर आपकों Young बनाएगा हंसना

    रातों की नींद की समस्या से लेकर आपकों Young बनाएगा हंसना

    हेल्थः स्वस्थ जीवन के लिए हंसना काफी जरूरी है। जब आप छोटी सी भी स्माइल करते है तो इसका सामने वाले पर भी काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आपकी हंसी दूसरों को भी खुशी का एहसास करा सकती है। हेल्थ एक्पर्ट के मुताबिक, रोजाना हंसना सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है। जिस तरह अच्छी हवा, अच्छा खानपान सेहतमंद रहने के लिए जरूरी होता है, उसी प्रकार हंसी भी आपको स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है।

    खुलकर हंसने से हमारे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही बना रहता है। दरअसल, जब हम हंसते हैं तो हमारे शरीर में ज्यादा मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचता हैं। जो हार्ट पंपिग रेट को ठीक रखने में मदद करता है। हंसने से हमारा इम्यून सिस्टम बेहतर बनता है, जो कई तरह की बीमारियों से लड़ने में फायदा पहुंचाता है। अगर आपको रात में आसानी से नींद नहीं आती तो आज से ही हंसने की आदल डाल लें। हंसने से शरीर में मेलाटोनिन नाम का हार्मोन बनता है, जो हमें सुकून की नींद देने में मदद करता है।

    हंसने से हमारा दिल बेहतर तरीके से काम करने लगता है। साथ ही नियमित रूप से हंसने से हार्ट अटैक और अन्य दिल से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। यंग और खूबसूरत दिखने की हर किसी को चाहत होती है। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो खुलकर हंसना शुरू कर दें। क्योंकि जब हम हँसते हैं तो हमारे चेहरे में मौजूद मांसपेशियां अच्छी तरह से काम करने लगती हैं। जिससे चेहरे के चारों तरफ ब्लड सर्क्युलेशन अच्छी तरह से होता है। जो हमें यंग और खूबसूरत दिखाता है।

    तनाव को दूर करने में जो काम हंसी करती है वो कोई दवाई नहीं कर सकती। दरअसल, हंसने से आप लोगों के साथ ज्यादा सोशली एक्टिव हो जाते हैं, जिससे आपका तनाव खुद ही कम हो जाता है। जब हम हंसते हैं तो हमारे फेफड़ों से हवा तेजी से निकलती है, जिस वजह से हमें गहरी सांस लेने में मदद मिलती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर तरीके से होती है। साथ ही हंसने से हमें एनर्जी भी मिलती है, जो हमारे शरीर से थकावट और सुस्ती को दूर करती है।