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  • Health News : सेहत के लिए अमृत है बथुआ, लेकिन ये 4 लोग भूलकर भी नहीं करें सेवन

    Health News : सेहत के लिए अमृत है बथुआ, लेकिन ये 4 लोग भूलकर भी नहीं करें सेवन

    Health News : बथुआ एक ऐसी सब्जी है जो सर्दी के मौसम में मिलती है और अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। इसे सूप, दाल, पराठे, पूरी, रायता और कबाब में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी तासीर गर्म होती है, जो सर्दियों में शरीर को गर्म रखती है और सर्दी से बचाव करती है। आइए जानते हैं कि बथुआ खाने के क्या-क्या फायदे होते हैं और किन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। बथुआ के पोषक तत्व
    • बथुआ में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जैसे:
    • विटामिन और खनिज: शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
    • प्रोटीन और फाइबर: पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं।
    • एंटीऑक्सीडेंट: शरीर को रोगों से बचाते हैं।
    • ओमेगा-3 फैटी एसिड: हृदय के लिए लाभदायक।
    • पानी: शरीर को हाइड्रेट रखता है।
    वजन और पाचन के लिए लाभदायक
    • अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो सर्दी में 100 ग्राम बथुआ का सेवन फायदेमंद हो सकता है। फाइबर की प्रचुर मात्रा होने के कारण यह:
    • पाचन को सही करता है।
    • कब्ज, गैस और एसिडिटी से राहत दिलाता है।
    आचार्य बालकृष्ण की सलाह आयुर्वेद के जानकार बथुआ को “ऑल गुड” यानी हर तरह से लाभदायक मानते हैं। लेकिन कुछ स्थितियों में इसका सेवन नुकसानदेह हो सकता है। कब नहीं खाना चाहिए बथुआ
    • किडनी स्टोन के मरीज भी परहेज करें बथुआ में ऑक्सलेट की अधिकता होती है, जो किडनी की परेशानी को बढ़ा सकता है। अगर किसी को किडनी स्टोन है, तो उसे बथुआ का सेवन नहीं करना चाहिए। खासकर बरसात के तुरंत बाद बथुआ खाने से बचना चाहिए, क्योंकि उस समय इसमें कीड़े लग सकते हैं जो संक्रमण का कारण बनते हैं। किडनी से जुड़ी समस्याओं में बथुआ के बीज फायदेमंद हो सकते हैं।
    • प्रेग्नेंसी में खाने से बचें बथुआ में टेट्राड्रोकेनाबिनॉल जैसे तत्व होते हैं, जो गर्भावस्था में नुकसानदायक हो सकते हैं। इसका सेवन करने से मिसकैरेज का खतरा रहता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को बथुआ नहीं खाना चाहिए।
    बथुआ सर्दियों में सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इसका सेवन करने से बचना चाहिए। सही मात्रा में और सही समय पर इसका उपयोग आपको स्वस्थ रख सकता है।
  • कितना होना चाहिए वजन? इस फॉर्मूले से मिलेगी सटीक जानकारी

    कितना होना चाहिए वजन? इस फॉर्मूले से मिलेगी सटीक जानकारी

    हेल्थः आजकल बढ़ता वजन शरीर के लिए गंभीर समस्याओं में से एक है। वजन बढ़ने से तमाम बीमारियां आपको घेर सकती है। ऐसे में जरूरी है कि खुद के वजन को मेंनटेन रखें। हालांकि, ज्यादातर लोगों में ये कंफ्यूजन होती है कि आखिर शरीर का वजन होना कितना चाहिए? मेडिकल साइंस में बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) फॉर्मूला के आधार पर किसी व्यक्ति का परफेक्ट वजन माना जाता है। ऐसे में वजन जानने के लिए BMI का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, बीएमआई वयस्कों पर लागू होता है, बच्चों पर नहीं।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हर किसी का शरीर अलग होता है और उनका वजन भी अलग अलग कारकों से निर्धारित किए जाते हैं। ये कारक आयु, ऊंचाई और लिंग के आधार पर तय किए जा सकते हैं। बॉडी मास इंडेक्स (BMI) का मतलब है कि लंबाई और वजन का संतुलन क्या होना। यानी लंबाई के हिसाब से वजन कितना होना चाहिए या वजन के हिसाब से लंबाई कितनी होनी चाहिए। बीएमआई निकालने के लिए किसी व्यक्ति की ऊंचाई और वजन को एक फॉर्मूले में सेट करना होता है। जिसका फॉर्मूला- BMI= वजन/ऊंचाई (मीटर में) का वर्ग या BMI= वजन/(ऊंचाई X ऊंचाई)’ है।

    कितना होता है परफेक्ट बीएमआई
    यदि किसी का बीएमआई 18.5 से 24.9 के बीच है तो यह परफेक्ट वेट है, लेकिन यदि किसी का बीएमआई 18.5 से नीचे है तो उसे अंडरवेट, बीएमआई 25 से 29.9 के बीच है तो उसका वजन बढ़ा हुआ है। वहीं, यदि किसी का बीएमआई 30 से ज्यादा है तो इसका मतलब है कि उसे मोटापा की बीमारी है।

    वजन कब मापना चाहिए
    अपने शरीर का वजन खाली पेट मापने का प्रयास करना चाहिए। वजन रोजाना की बजाय सप्ताह में कम से कम एक बार करना चाहिए। ऐसे में अंतर आसानी से देखा जा सकता है। इसके अलावा साप्ताहिक वजन लिखने से यह भी पता चलता है कि हर महीने कितना वजन कम हुआ है।

    ऐसे समझें फॉर्मूला
    यदि अगर किसी का वजन 60 किलोग्राम है और लंबाई 5 फुट है। तो उस व्यक्ति का बीएमआई 25.54 होगा। इस फॉर्मूले में सेट करने के लिए पहले हाइट को मीटर में बदल लीजिए। 5 फुट हाइट का मतलब है कि व्यक्ति 1.53 मीटर का है। अब 1.53 मीटर को 1.53 मीटर से गुणा कर देंगे. यह 2.35 मीटर होगा। अब वजन 60 किलो को 2.35 से भाग दे देंगे। इसके बाद शेषफल 25.54 होगा। इस तरह किसी व्यक्ति का बीएमआई निकाला जाता है। सामान्यतया 25 बीएमआई को हाइट और वेट का परफेक्ट संतुलन माना जाता है, लेकिन 5 फुट के व्यक्ति का अगर वजन 60 किलो है तो इसका मतलब है कि उसका वजन बढ़ा हुआ है।

  • ठंड से बचने के लिए दिन में खाएं सिर्फ 2 खजूर!

    ठंड से बचने के लिए दिन में खाएं सिर्फ 2 खजूर!

    Health : ठंड से बचने और शरीर को गर्म रखने के लिए खजूर को अपनी डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद होता है। खजूर न सिर्फ शरीर को गर्म रखने में मदद करता है बल्कि यह पोषण से भरपूर है, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद है।

    खजूर शरीर का तापमान बनाए रखने में एक नेचुरल और सुरक्षित उपाय है। सर्दियों में ठंड से बचने के लिए रोजाना सुबह खाली पेट 2-3 खजूर खाना शरीर को अंदर से गर्म रखता है। यह न केवल ठंड के प्रभाव को कम करता है, बल्कि आपके मेटाबॉलिज्म को भी तेज करता है। खजूर में मौजूद नैचुरल शुगर और पोषक तत्व शरीर को दिनभर ऊर्जा देते हैं और ठंड से बचाव में सहायक होते हैं। इसे नियमित खाने से ठंड के मौसम में आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर होती है।

    सर्दियों में सर्दी-जुकाम, गले में खराश और फ्लू जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। खजूर में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। इसमें विटामिन सी और बीटा-कैरोटीन जैसे तत्व मौसमी बीमारियों से बचाव करते हैं। रोजाना खजूर खाने से सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि होती है, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं। खजूर के सेवन से आपका शरीर वायरल इंफेक्शन और बैक्टीरियल संक्रमण के खिलाफ मजबूत होता है।

    सर्दियों के दौरान ठंडा मौसम पाचन को प्रभावित कर सकता है, जिससे अक्सर कब्ज जैसी समस्याएं हो जाती हैं। खजूर में उच्च मात्रा में फाइबर होता है, जो आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और मल त्याग को नियमित रखने में मदद करता है। रोजाना खजूर खाने से पाचन क्रिया सुचारू रहती है, और पेट हल्का महसूस होता है। इसके अलावा, यह पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, जो संपूर्ण पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखते हैं।

    सर्दियों में त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। खजूर में मौजूद विटामिन ए और विटामिन ई त्वचा को हाइड्रेट रखने और उसकी चमक बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके नियमित सेवन से त्वचा में नमी बनी रहती है और झुर्रियां कम होती हैं।

    अगर आप मिठाई के शौकीन हैं और सर्दियों में मीठा खाने का मन करता है, तो खजूर एक हेल्दी और नेचुरल विकल्प है। यह चीनी का एक बढ़िया विकल्प है, जिसे आप मिठाई, स्मूदी, या गर्म पेय पदार्थ में इस्तेमाल कर सकते हैं। खजूर से बनी मिठाइयां जैसे लड्डू, खजूर की बर्फी और खजूर के रोल सर्दियों में स्वाद और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं। खजूर से मिठाई बनाने पर इसमें कोई कृत्रिम चीनी नहीं डालनी पड़ती, जिससे यह अधिक पौष्टिक बनता है।

    खजूर में विटामिन बी, विटामिन के, पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और कॉपर जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व न केवल हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, बल्कि दिल की सेहत, मांसपेशियों के विकास और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी सहायक होते हैं। खजूर के नियमित सेवन से शरीर की कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं, और यह आयरन की कमी को भी पूरा करता है, जिससे एनीमिया जैसी समस्याएं दूर रहती हैं।

    खजूर को सर्दियों में डाइट का हिस्सा बनाना न केवल शरीर को ठंड से बचाने में मदद करता है, बल्कि यह कई स्वास्थ्य लाभ भी देता है। इसे अपनी सुबह की रूटीन या स्नैक के रूप में शामिल करें और सर्दियों का आनंद पूरी सेहतमंद तरीके से लें।

  • जानें ये 5 सबसे शक्तिशाली सब्जियां जो रखेंगी आपको सेहतमंद, देखें वीडियो

    जानें ये 5 सबसे शक्तिशाली सब्जियां जो रखेंगी आपको सेहतमंद, देखें वीडियो

    Health Tips: स्वस्थ जीवन के लिए एक संतुलित आहार का सेवन करना बेहद आवश्यक है। सब्जियों को पोषण का खजाना माना जाता है क्योंकि इनमें कई प्रकार के विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। लेकिन कुछ सब्जियां इतनी ताकतवर होती हैं कि ये न सिर्फ आपकी सेहत में सुधार करती हैं बल्कि कई बीमारियों से भी बचाती हैं। आइए जानते हैं ऐसी 5 सबसे शक्तिशाली सब्जियों के बारे में जो आपकी डाइट में जरूर शामिल होनी चाहिए।

    1. पालक (Spinach)

    पालक को पोषक तत्वों की खान कहा जाता है। यह आयरन, कैल्शियम और विटामिन C से भरपूर होती है। पालक शरीर में खून की कमी को दूर करती है और हड्डियों को मजबूत बनाती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर से बचाव में भी सहायक हैं।

    2. ब्रोकली (Broccoli)

    ब्रोकली को सबसे शक्तिशाली सब्जियों में से एक माना जाता है। इसमें विटामिन C और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं। इसके नियमित सेवन से हृदय रोगों का खतरा कम होता है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। यह डिटॉक्सिफिकेशन में भी मददगार है।

    3. गाजर (Carrot)

    गाजर विटामिन A और बीटा-कैरोटीन का मुख्य स्रोत है। यह आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करती है और त्वचा को चमकदार बनाती है। गाजर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय रोगों और कैंसर से भी बचाव करते हैं।

    4. लौकी (Bottle Gourd)

    लौकी हल्की और सुपाच्य सब्जी है। यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाती है और वजन घटाने में सहायक है। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे यह शरीर को हाइड्रेटेड रखती है।

    5. मेथी (Fenugreek Leaves)

    मेथी की पत्तियों में आयरन, फाइबर और विटामिन K की भरपूर मात्रा होती है। यह डायबिटीज को नियंत्रित करती है, पाचन सुधारती है और जोड़ों के दर्द में राहत पहुंचाती है।

    निष्कर्ष

    इन सब्जियों को अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने से आपकी सेहत में उल्लेखनीय सुधार होगा। ये सब्जियां न केवल पोषण प्रदान करती हैं बल्कि शरीर को बीमारियों से भी बचाती हैं।
  • बुढ़ापे तक फिट रहना है! तो खाएं ये चीज़े, जानें

    बुढ़ापे तक फिट रहना है! तो खाएं ये चीज़े, जानें

    Health Tips: हड्डियाँ शरीर की सबसे महत्वपूर्ण संरचना होती हैं और शरीर को ताकत देती हैं। हड्डियों के स्वास्थ्य को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि हमारा पूरा शरीर इस पर निर्भर करता है। ऐसे में आपको अपनी हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिससे आपकी हड्डियां लोहे जैसी मजबूत हो जाएंगी।

    डेयरी उत्पाद
    अगर आप अपनी हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो आपको अपनी दिनचर्या में डेयरी उत्पादों जैसे दूध और दूध से बने उत्पादों को शामिल करना होगा। डेयरी उत्पाद कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर होते हैं। इसके अलावा, डेयरी उत्पाद प्रोटीन से भरपूर होते हैं। दूध कैल्शियम से भरपूर होता है और इसमें कई अन्य पोषक तत्व भी होते हैं। दूध के अलावा पनीर या पनीर जैसे खाद्य पदार्थ खाना भी उपयोगी होता है।

    हरे पत्ते वाली सब्जियां
    हरी पत्तेदार सब्जियाँ जैसे ब्रोकोली, केल और पत्तागोभी में विटामिन और खनिज के साथ-साथ कैल्शियम भी होता है, जो हड्डियों की ताकत बढ़ाता है। हरी सब्जियाँ फाइबर, आयरन और विटामिन ए से भी भरपूर होती हैं।

    बादाम
    साबुत बादाम कैल्शियम का एक और समृद्ध स्रोत हैं। साथ ही, वे स्वस्थ वसा, फाइबर, मैग्नीशियम और विटामिन ई से भरपूर हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।

    सोया
    बुढ़ापे तक फिट रहना है! तो खाएं ये चीज़े, जानेंसोया में प्रोटीन के अलावा कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में होता है। इससे आपके आहार में कैल्शियम और प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है। इसलिए इसका सेवन आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।

    चिया बीज
    चिया बीज प्रोटीन, खनिज और विटामिन सहित कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो शरीर को कैल्शियम प्रदान करते हैं। चिया सीड्स को रात भर पानी में भिगो दें और फिर सुबह खाली पेट इनका सेवन करें। इसके अलावा, चिया सीड्स का सेवन पनीर, ओटमील और स्मूदी में मिलाकर भी किया जा सकता है।

  • बच्चे को चाय-बिस्कुट खिलाना हानिकारक! सुनकर कांप जाएगी रूह

    बच्चे को चाय-बिस्कुट खिलाना हानिकारक! सुनकर कांप जाएगी रूह

    Health Tips: जब एक शिशु जन्‍म लेता है, तो उसे 6 महीने तक मां का दूध ही पिलाया जाता है। 6 महीने के होने के बाद बच्‍चे को ठोस आहार खिलाना शुरू किया जाता है। इस ठोस आहार में बच्‍चे को फल और सब्‍जी की प्‍यूरी, सेरेलेक जैसी कई पौष्टिक चीजें खिलाई जाती हैं। इसके अलावा मां- बाप तो बेबी को चाय में बिस्‍कुट भिगोकर भी खिलवा देते है।

    आपने भी अपने घर या आसपास बच्‍चों को चाय में बिस्‍कुट भिगोकर खिलाते हुए देखा होगा। लेकिन क्‍या आपने कभी ये सोचा है कि ऐसा करना कितना सही होता है?

    मध्‍य प्रदेश में बरवानी फर्स्‍ट किड्स फ्रेंडली क्‍लीनिक की पीडियाट्रिशियन डॉक्‍टर शीला अगलेचा ने इंस्‍टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया है कि बच्‍चों को चाय-बिस्‍कुट खिलाना चाहिए या नहीं।

    डॉ. का कहना है कि बच्‍चों को चाय-बिस्‍कुट नहीं खिलाना चाहिए। क्योंकि बिस्‍कुट मैदा से बने होते हैं। इसके अलावा इनमें शक्‍कर और पाम ऑयल भी शामिल होता है जो बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं चाय पीने से बच्‍चे में अधिक चंचलता, नींद में बाधा और आयरन के अवशोषण में रुकावट पैदा हो सकती है।

    एक लेख में बताया गया है कि बिस्‍कुट मैदा से बनते हैं और इसलिए इनसे कोई हेल्‍दी कैलोरी नहीं मिल पाती है। ये आपका पेट तो भर सकते हैं लेकिन आपको इनसे कोई पोषक तत्‍व नहीं मिल पाता और बच्‍चे के विकास के लिए पोषण बहुत महत्‍वपूर्ण है इसलिए आप अपने बच्‍चे को बिस्‍कुट न ही खिलाएं तो बेहतर होगा।

    बटिलेटेड हाइड्रोऑक्सिऐनिसोल (बीएचए) और बटिलेटेड हाइड्रोक्सीटोल्यूइन (बीएचटी), ये प्रिजर्वेटिव्‍स कमर्शियल बिस्‍कुटों में पाए जाते हैं। अध्‍ययनों के अनुसार ये दोनों ही खून को खराब कर सकते हैं। इसके अलावा बिस्‍कुटों में सोडियम बेंजोएट भी होता है जिससे कुछ हद तक डीएनए को नुकसान पहुंच सकता है।

    बिस्‍कुटों में बेकिंग सोडा भी डाला जाता है जिसकी वजह से शिशु को एसिड रिफलक्‍स जैसी परेशानियां हो सकती हैं। वहीं बिस्‍कुटों में फ्लेवर डालने के लिए इस्‍तेमाल होने वाले यौगिक कैंसर, फेफड़ों की बीमारी और ब्रेन डैमेज कर सकता हैं।

    मैदा खाने से बच्‍चों और बड़ों दोनों में ही कब्‍ज की शिकायत हो सकती है। क्यूंकि, इसमें फाइबर नहीं होता इसलिए इन्‍हें पचाना हर किसी के लिए मुश्किल होता है। शिशु का पाचन तंत्र तो बहुत धीमा होता है। कब्‍ज के कारण बच्‍चे को उल्‍टी, पेट में दर्द और पेट फूलने की शिकायत हो सकती है।

  • पेट की चर्बी कम करनी है? तो रोजाना पीएं यह ड्रिंक्स

    पेट की चर्बी कम करनी है? तो रोजाना पीएं यह ड्रिंक्स

    Health Tips: वजन बढ़ने से न सिर्फ आपकी पर्सनैलिटी पर असर पड़ता है बल्कि यह कई बीमारियों का कारण भी बनता है। हालाँकि, अगर आप अपनी दिनचर्या पर थोड़ा ध्यान दें, तो कई चीजें वजन घटाने को बढ़ावा देने में प्रभावी हो सकती हैं। वजन घटाने के लिए सर्वोत्तम पेय, विशेष रूप से गर्मियों में, शरीर परिवर्तन के लिए चमत्कार कर सकते हैं। यहां हम आपको तीन ऐसे ड्रिंक्स से परिचित कराएंगे जो आपको ढीले पेट से छुटकारा दिलाने में मदद करेंगे। ये वजन घटाने में तेजी ला सकते हैं।

    मेथी की चाय
    मेथी के बीज पाचन में सुधार करते हैं और वसा जलाने में मदद करते हैं। वे विटामिन और खनिजों सहित कई पोषक तत्वों का स्रोत हैं। इनमें सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले कई शक्तिशाली यौगिक होते हैं। यह एक बेहतरीन वजन घटाने वाला पेय है जिसे आप दिन में किसी भी समय पी सकते हैं। मेथी का पानी पीने से शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाया जा सकता है. यह शरीर के प्राकृतिक विषहरण में भी मदद करता है।

    दालचीनी की चाय
    अगर आपको सोने से पहले चाय पीने या कुछ मीठा खाने की आदत है, तो दालचीनी की चाय आपके लिए एक स्वस्थ विकल्प हो सकती है। ये चाय आपकी कमर को कम कर सकती है। दालचीनी में भूख को दबाने वाले हार्मोन भी होते हैं जो आपको पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं और आपकी भूख को भी कम कर देते हैं। दालचीनी में कई पोषक तत्व होते हैं जो वजन कम करने में आपकी मदद करते हैं। दालचीनी में सिनामेल्डिहाइड नामक रसायन होता है।

    नींबू-पुदीना ड्रिंक
    गर्मियों में पुदीना-नींबू पानी पीना बहुत फायदेमंद होता है। गर्मियों में पुदीना और नींबू पाचन के लिए काफी फायदेमंद हो सकते हैं। इसमें मौजूद विटामिन और प्रोटीन पाचन को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। गर्मियों में कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याएं सबसे आम होती हैं।

    ऐसे में आपको पुदीना और नींबू का रस पीने की जरूरत है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को ठंडा करने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। जहां पुदीने में पोटेशियम, आयरन, विटामिन, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम होता है, वहीं नींबू में मैग्नीशियम, विटामिन ए, सी और फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्व होते हैं।

  • ठंडा और गर्म पानी मिलाकर पीना पड़ सकता है महंगा, जाने कारण

    ठंडा और गर्म पानी मिलाकर पीना पड़ सकता है महंगा, जाने कारण

    Health tips: क्या आपने कभी पीने के लिए फ्रिज से पानी निकाला है और बहुत ठंडा होने पर उसमें गर्म पानी मिला दिया है? यह काफी सामान्य है और आमतौर पर लोग ऐसा करते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे स्वास्थ्यप्रद नहीं मानते हैं।

    ईशा हठ योग शिक्षिका श्लोका जोशी ने कहा कि गर्म और ठंडा पानी मिलाकर नहीं पीना चाहिए। उन्होंने कहा कि ठंडा पानी पचाना मुश्किल होता है, लेकिन गर्म पानी पचाना आसान होता है। अगर ये आपस में मिल जाएं तो पेट खराब हो सकता है।

    इसके अतिरिक्त, गर्म पानी में बैक्टीरिया नहीं होते हैं, लेकिन ठंडा पानी दूषित हो सकता है, इसलिए दोनों को मिलाने से स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।

    गर्म और ठंडा पानी मिलाने से पाचन कमजोर हो जाता है, सूजन हो जाती है और पोषक तत्वों को अवशोषित करना मुश्किल हो जाता है। गर्म पानी रक्त को फैलाता है और उन्हें साफ करता है, जबकि ठंडा पानी उन्हें संकुचित करता है। इसलिए ठंडा और गर्म पानी मिलाना सही नहीं है।

    इसके अलावा, पानी उबालने से न केवल यह हल्का और बैक्टीरिया-मुक्त हो जाता है, बल्कि इसमें औषधीय गुण भी होते हैं जो इसे पूरी तरह से साफ हो जाते हैं और आपके संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। श्लोका ने कहा कि इसे ठंडे पानी में मिलाने से ये गुण काफी कम हो जाते हैं, जिससे यह कम स्वास्थ्यवर्धक हो जाता है।

    मिट्टी के घड़े का पानी सेहत के लिए अमृत के समान है। इससे पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा और साफ रहता है। यह पानी में पाए जाने वाले खनिजों को भी संरक्षित रखता है। मिट्टी के बर्तन एक समान, मध्यम तापमान प्रदान करते हैं, जो आयुर्वेदिक दृष्टि से शरीर के लिए फायदेमंद है।

  • फगवाड़ा : चोरों ने जनरल स्टोर को बनाया निशाना, देखें वीडियो

    फगवाड़ा/राजेश : पुलिस की ओर से किए गए सख्त सुरक्षित प्रबंधों के बावजूद भी चोरी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन चोरी की घटनाओं से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। शहर में चोरों के हौंसले इस तरह बढ़ गए हैं कि चोरों ने इस बार बस स्टैंड के कुछ ही दूरी पर स्थित एक जनरल स्टोर को अपना निशाना बनाया।

    चोरों ने स्टोर से हजारों रुपए की नगदी और दुकान के अंदर पड़ा सामान लेकर रफू चक्कर हो गए। इस संबंध में जानकारी देते हुए दुकान मालिक हनी ने बताया कि उनकी दुकान बस स्टैंड के साथ माल गोदाम रोड पर है।

    जब वह अपनी दुकान पर आए तो उन्होंने देखा कि उनकी दुकान का सारा सामान बिखरा पड़ा था। चोर दुकान के पीछे के रास्ते से दाखिल हुए और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। दुकान के मालिक ने पुलिस प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है।

  • फगवाड़ा  ATM मे नौसरबाजो ने महिला को लगाया चूना, देखे वीडियो 

    फगवाड़ा ( राजेश सरोया) : गांव बहराम मे  एटीएम से रुपये निकलवाने आई एक महिला को दो व्यक्तियों ने जालसाजी का शिकार बना कर 15 हजार रुपये का चूना लगा दिया। जानकारी देते हुए गांव बहराम निवासी अनिता ने बताया कि वह फगवाड़ा में जीटी रोड पर स्थित फेडरल बैंक के एटीएम से रुपये निकलवाने के 
    लिए आई थी। 

    जब वह एटीएम में दाखिल हुई, तो उसके पीछे ही दो बुजुर्ग व्यक्ति अंदर आ गए और उसका एटीएम पिन देख लिया। जिसे वह देख वह घबरा गई और रुपये उसके हाथों से नीचे जमीन पर गिर गए। जब वह रुपये उठाने लगी , तो वृद्ध व्यक्तियों ने उसका एटीएम बदल लिया। जिसके बारे में उसे तब पता चला जब उसके पति का फ़ोन उसे आया। उक्त व्यक्तियों ने एटीएम से 15000 रूपये निकल लिए। घटना की सुचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुँच कर जांच शुरू कर  दी है।