Category: Spiritual

  • इस दिन लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, क्या है मान्यताएं

    इस दिन लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, क्या है मान्यताएं

    धर्मः साल का पहला सूर्यग्रहण चैत्र अमावस्या के दिन लगने वाला है। इस दिन शनि अमावस्या भी पड़ रही है, इसलिए ज्योतिष की दृष्टि से इसे बेहद विशेष माना जाता रहा है। मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के दिन दान-पुण्य करना बेहद शुभ माना जाता है, इसके साथ ही अगर इस दिन कुछ विशेष उपाय या मंत्र जाप किया जाए तो जातक पर ग्रहण के प्रभाव से राहत मिलती है। साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च के दिन लगेगा। सूर्य ग्रहण 29 मार्च की दोपहर लगभग 2 बजकर 21 मिनट से शुरू होगा और शाम को 6 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगा।

    वहीं अगर धार्मिक मान्यताओं की बात करें तो सूर्य ग्रहण के दौरान अगर सूर्य के मूलमंत्रों का जाप करें तो व्यक्ति के समस्त कार्य सिद्ध हो सकते हैं। इसके साथ ही जातक के आत्मविश्वास से लेकर कारोबार तक सभी कार्यों में शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

    कार्यों को सिद्ध करने के लिए करें इस मंत्र का जाप
    सूर्य मूलमंत्र
    ऊँ ह्रीं घृणि सूर्य आदित्य: श्रीं।
    यह सूर्य ग्रह का मूलमंत्र है, मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के साथ इन मूलमंत्र का जाप करना शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। इन मंत्रों का जाप शुरू करने से पहले आप स्नान करें और फिर इसके बाद ध्यान करें। ध्यान करने के बाद मंत्रों का जाप किसी एकांत जगह पर या पूजा स्थल पर बैठकर कार्य करें। लेकिन इन मंत्रों का जाप करने से पहले आपको अपने इष्ट देवता को प्रसन्न करना या उनका आवाह्न करना बेहद जरूरी है।

  • मजबूत बढ़त के साथ खुला शेयर बाजार

    मजबूत बढ़त के साथ खुला शेयर बाजार

    नई दिल्लीः भारतीय शेयर बाजार आज 20 मार्च को मजबूत बढ़त के साथ खुले। BSE Sensex में शुरुआती कारोबार में 468 अंकों की तेजी है और यह 75917 के स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा, Nifty 50 में भी करीब 130 अंकों की बढ़त दिख रही है और यह 23036 पर है। ग्लोबल मार्केट से आज मजबूत संकेत नजर आ रहे हैं। बीते बुधवार को Dow Jones Industrial में 0.92 फीसदी की तेजी आई और यह 41,964.63 पर बंद हुआ। S&P 500 में भी एक फीसदी से अधिक की बढ़त देखी गई और यह 5,675.29 के स्तर पर पहुंच गया।

    इसके अलावा, Nasdaq Composite में 1.41 फीसदी की शानदार रैली रही और यह 17,750.79 पर बंद हुआ। एशियाई बाजारों की बात करें तो ज्यादातर मार्केट में तेजी है। गिफ्ट निफ्टी इस समय 99 अंकों की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। Nikkei 225 में फ्लैट ट्रेडिंग हो रही है। Straits Times में 30 अंकों की बढ़त है। Taiwan Weighted में 312.81 अंक और Jakarta Composite में 107.50 अंक की शानदार तेजी दिख रही है। इसके अलावा, KOSPI में 16.79 अंक और SET Composite में 0.48 अंकों की बढ़त है। Hang Seng की बात करें तो यह करीब एक फीसदी टूट गया है।

    अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 19 मार्च 2025 को हुई नीति बैठक में ब्याज दरों को 4.25% – 4.50% पर स्थिर रखा। यह डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फेड का पहला बड़ा फैसला है। ट्रंप ने स्टील और एल्युमिनियम आयात पर 25% शुल्क लगाया, जो पिछले हफ्ते लागू हुआ था, और 2 अप्रैल से और अधिक व्यापार शुल्क लगाने की योजना है। चीन के केंद्रीय बैंक (PBOC) ने भी प्रमुख ब्याज दरों को स्थिर रखा, ताकि आर्थिक विकास और मुद्रा स्थिरता बनाए रखी जा सके। बैंक ने 1 साल की लोन प्राइम रेट 3.1% और 5 साल की LPR 3.6% पर बरकरार रखी, जो अक्टूबर में 0.25% की कटौती के बाद से बनी हुई है।

    आज सोने की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच गई। पॉलिसी मेकर्स ने धीमी आर्थिक वृद्धि और बढ़ती महंगाई के संकेत दिए हैं। ब्याज दरों को स्थिर रखा गया है। भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹90,045 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोने की कीमत ₹82,910 प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोने की कीमत ₹67,840 प्रति 10 ग्राम है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 103.41 पर पहुंच गया है। इस इंडेक्स में ब्रिटिश पाउंड, यूरो, स्वीडिश क्रोना, जापानी येन और स्विस फ्रैंक जैसी मुद्राएं शामिल हैं।

    19 मार्च को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ₹86.43 पर बंद हुआ। 19 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने शुद्ध बिकवाली की और ₹1,096.50 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि इससे पहले के सत्र में वे खरीदार थे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने अपनी खरीदारी जारी रखी और ₹2,140.76 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं वीरवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। WTI क्रूड 0.4% बढ़कर $67.19 प्रति बैरल हो गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 0.42% बढ़कर $71.03 प्रति बैरल हो गया।

     

  • Stock Market में बढ़त, सेंसेक्स-निफ्टी में आई तेजी

    Stock Market में बढ़त, सेंसेक्स-निफ्टी में आई तेजी

    नई दिल्लीः शेयर बाजार में आज सुबह शुरुआत मजबूती के साथ हुई। सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा की तेजी देखी गई, जबकि निफ्टी में 23 अंक की तेजी मिली। जिसका मुख्य कारण भारत और अमेरिका में महंगाई दर में आई नरमी है। बाजार खुलते ही सेंसेक्स 362.78 अंक चढ़कर 74,392.54 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 71 अंक बढ़कर 22,541.50 पर कारोबार करता दिखा। आज अदाणी ग्रुप के ज्यादातर शेयर हरे निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज समेत कई शेयरों में तेजी देखी गई।

    जिसमें सबसे अधिक बढ़त अदाणी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में आई। यह शेयर शुरुआती कारोबार में 2 % से अधिक तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था। भारत और अमेरिका दोनों ही देशों में महंगाई के आंकड़े बाजार के लिए राहत भरे रहे। अमेरिका में फरवरी महीने में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई दर 2.8% रही, जो जनवरी में 3% थी। इससे यह संकेत मिला कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, जिससे बाजार को मजबूती मिली।

    वहीं, भारत में भी खुदरा महंगाई दर (CPI) फरवरी में घटकर 3.61% रह गई, जो पिछले साल इसी महीने में 5.09% थी। जनवरी 2025 में भी यह 4.26% थी। महंगाई दर में इस गिरावट ने निवेशकों को राहत दी और बाजार में खरीदारी बढ़ी। भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक और अच्छी खबर आई। औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े (IIP) भी बाजार के लिए पॉजिटिव रहे। जनवरी 2025 में औद्योगिक उत्पादन 5% की दर से बढ़ा, जो दिसंबर 2024 में 3.5% था। इससे यह साफ हुआ कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक गतिविधियां रफ्तार पकड़ रही हैं।

    मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 5.5% दर्ज की गई, जो पिछले साल जनवरी में 3.6% थी। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ रही है और उत्पादन तेजी से हो रहा है। भारतीय शेयर बाजार को एशियाई बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। अधिकांश एशियाई बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जिससे भारतीय निवेशकों का विश्वास और मजबूत हुआ। अमेरिका में महंगाई दर में नरमी और फेडरल रिजर्व की संभावित नीतियों ने वैश्विक बाजारों को सहारा दिया।

  • बुरी खबरः Online Payment करने पर लगेंगा चार्ज !

    बुरी खबरः Online Payment करने पर लगेंगा चार्ज !

    नई दिल्ली: देश में यूपीआई और RuPay डेबिट कार्ड का इस्‍तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन अब डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े एक अहम बदलाव की चर्चा हो रही है जो आपकी जेब पर असर डाल सकता है। दरअसल, अभी तक यूपीआई और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर किसी भी तरह का एमडीआर (Merchant Discount Rate) लागू नहीं था। बैंक और सरकार इसे प्रोत्साहन के रूप में बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के चला रहे थे। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे दोबारा लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

    बताया जा रहा हैकि सरकार इन ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट शुल्क लगाने की तैयारी कर रही है। जिसके चलते बैंकिंग इंडस्ट्री की तरफ से सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है। समाचार रिपोर्ट में एक बैंकर के हवाले से कहा गया है कि बड़े व्यापारियों के लिए UPI लेनदेन पर MDR को फिर से लागू करने का औपचारिक अनुरोध बैंकिंग उद्योग द्वारा केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया गया है और संबंधित विभाग इसकी समीक्षा कर रहे हैं।

    प्रस्ताव के अनुसार, 40 लाख रुपये से अधिक के सालाना कारोबार वाले व्यापारियों के लिए उनके GST फाइलिंग के आधार पर MDR को फिर से लागू किया जा सकता है। सरकार UPI के लिए एक स्तरीय मूल्य निर्धारण मॉडल पर भी विचार कर सकती है, जहां बड़े व्यापारियों को अधिक शुल्क देना होगा, जबकि छोटे व्यवसायों को कम शुल्क देना होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि 40 लाख रुपये से कम वार्षिक कारोबार वाले व्यापारियों के लिए UPI भुगतान निःशुल्क रहेगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2025 में यूपीआई ने 16.11 बिलियन लेनदेन दर्ज किए, जिनकी राशि लगभग 22 ट्रिलियन रुपये थी।

    जनवरी में कुल लेनदेन 16.99 बिलियन था। अभी इनके जर‍िये क‍िये जाने वाले लेन-देन पर क‍िसी तरह की फीस (MDR) नहीं लगती। एमडीआर यानी Merchant Discount Rate वह चार्ज होता है, जो दुकानदार अपने बैंक को डिजिटल पेमेंट प्रोसेस करने पर देते हैं. फिलहाल यह फीस सरकार ने माफ की हुई है लेक‍िन अब सरकार इसे दोबारा लागू करने का प्‍लान कर रही है.

     

  • भक्त नही कर पाएंगे Premanand Maharaj के दर्शन, इस वजह से रोक दी गई पदयात्रा

    भक्त नही कर पाएंगे Premanand Maharaj के दर्शन, इस वजह से रोक दी गई पदयात्रा

    नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित वृंदावन में रहने वाले संत प्रेमानंद महाराज के देश और दुनियां में तमाम भक्त है। शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति हो जो प्रेमानंद महाराज को ना जानता हो। प्रेमानंद महाराज के चाहने वालों का हर दिन आश्रम श्री हित राधा केलि कुंज में तांता लगा रहता है। प्रेमानंद महाराज हर रोज रात के दो बजे पदयात्रा पर निकलते हैं, जिनकी एक झलक पाने के लिए भक्तों भीड़ लग जाती है। होली के पहले श्री हित केलि कुंज की तरफ से ऐसा ऐलान किया गया है जिसे सुनकर उनके भक्तों में मायूसी छा गई है। श्री हित केलि कुंज संस्था की तरफ से चार दिनों तक पदयात्रा नहीं निकाले जाने के ऐलान किया गया है।

    बता दें कि प्रेमानंद महाराज अगले 5 दिन रात की पदयात्रा पर नहीं करेंगे। 10 से 14 मार्च तक होली की भीड़ और महाराज के स्वास्थ्य को देखते श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम की तरफ से यह फैसला लिया गया है। आश्रम प्रशासन ने अपील की है कि अगर दर्शन के लिए आ रहे हैं तो इन दिनों में न आएं। मथुरा वृंदावन में होली का उत्सव धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। यहां देश-विदेश से होली खेलने के लिए लाखों की संख्या में लोग पहुंचे हैं। वृंदावन में कल 10 मार्च को रंगभरनी एकादशी है। करीब 10 लाख श्रद्धालु रोज आ रहे हैं।

  • Holi पर जरूर खरीदें ये चीजें, कभी नहीं होगी धन की कमी

    Holi पर जरूर खरीदें ये चीजें, कभी नहीं होगी धन की कमी

    नई दिल्ली : होली सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि खुशियों और समृद्धि का भी त्योहार है। हिंदू धर्म में इस पर्व को बेहद ही महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है और इसके अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह दिन न केवल बुरी शक्तियों को दूर करने के लिए बल्कि धन, समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति के लिए भी शुभ माना जाता है। होली के दिन कुछ विशेष चीजों की खरीदारी करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और आर्थिक संकट कभी नहीं आता। इस दिन लोग जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कई तरह के उपाय भी अपनाते हैं। इन्हीं उपायों में से एक है होली से पहले कुछ चीजों की खरीदारी करना।
    इस साल होली का त्योहार 14 मार्च, शुक्रवार को मनाया जाएगा। होली से एक दिन पहले होलिका दहन करने की परंपरा है यानी 13 मार्च को होलिका दहन होगा। इस दिन चांदी का सिक्का, चांदी का छल्ला और चांदी की बिछिया खरीदने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में धन की कभी भी कमी नहीं होती। यह सरल उपाय जीवन में खुशहाली और आर्थिक स्थिरता लाने में सहायक होता है। इसलिए, इस होली पर इन चीजों की खरीदारी जरूर करें और अपने जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का स्वागत करें। मां लक्ष्मी को कमल का फूल बेहद प्रिय है, इसलिए कमल गट्टे की माला घर में रखना शुभ माना जाता है। इसे होली से पहले लाकर मां लक्ष्मी की मूर्ति के सामने रखें और विधिवत पूजा करें।
     मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-शांति और धन की वृद्धि होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार चांदी का कछुआ समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक है। ऐसे में इसे होली के दिन पानी से भरे कटोरे में रखकर उत्तर दिशा में स्थापित करें। ऐसा करने से न सिर्फ धन लाभ होता है बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है। धन की देवी लक्ष्मी और विघ्नहर्ता गणेश की प्रतिमा या चांदी का सिक्का घर में रखना बेहद शुभ माना जाता है। इसे पूजा स्थल या तिजोरी में स्थापित करें और होली पर विधिवत पूजा करें। मान्यता है कि इससे करियर में सफलता मिलेगी और आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हल्दी को शुभता और मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, वहीं पीला रंग भी धन को आकर्षित करता है। ऐसे में होली से पहले हल्दी की गांठ को पीले कपड़े में बांधकर तिजोरी या पूजा स्थल पर रख दें। इससे घर में बरकत बनी रहती है और आर्थिक परेशानी दूर होती है।
  • Stock market में आया भारी उछाल, लोगों ने ली राहत की सांस

    Stock market में आया भारी उछाल, लोगों ने ली राहत की सांस

    नई दिल्लीः घरेलू शेयर बाजार वीरवार को लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में बढ़त के साथ खुले। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के मेक्सिको और कनाडा के ऑटोमोबाइल टैरिफ को एक महीने के लिए टालने से वैश्विक बाजारों ने राहत की सांस ली है। इसका पॉजिटिव असर घरेलू बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। आज के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स अच्छी तेजी के साथ ट्रेड कर रहे हैं। सेंसेक्स में 350 अंकों से ज्यादा मजबूती दिख रही है, जबकि निफ्टी (Nifty) भी मजबूत होकर 22450 के पार निकल गया है।

    आज के कारोबार में निफ्टी पर बैंक, आईटी, आटो, मेटल, एफएमसीजी, फाइनेंशियल, फार्मा और रियल्टी इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं। फिलहाल आज के कारोबार में सेंसेक्स में 358 अंकों की तेजी देखने को मिल रही है और यह 74,088 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है, जबकि निफ्टी करीब 114 अंक बढ़कर 22,451 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स 30 के 23 शेयर हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं। आज के टॉप गेनर्स में TATAMOTORS, RELIANCE, ZOMATO, ASIANPAINT, TATASTEEL शामिल हैं।

    जबकि टॉप लूजर्स में M&M, NESTLEIND, ULTRACEMCO, POWERGRID, SUNPHARMA में शामिल हैं।इसके पहले बुधवार को अमेरिकी बाजार भी बढ़त पर बंद हुए थे। Dow Jones Industrial Average में 486 अंकों की तेजी रही और यह 43,006.59 के लेवल पर बंद हुआ। NASDAQ Composite में 268 अंकों की बढ़त रही और यह 18,552.73 के लेवल पर बंद हुआ। जबकि S&P 500 इंडेक्‍स करीब 64 अंक बढ़कर 5,842.63 के लेवल पर बंद हुआ है।

  • LIC को बड़ा झटकाः 1.45 लाख करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

    LIC को बड़ा झटकाः 1.45 लाख करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

    नई दिल्ली: देश के करोड़ों लोगों का जीवन ‘सुरक्षित’ करने वाली LIC को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, शेयर बाजार में आई गिरावट के चलते इस समय LIC को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। मार्किट की गिरावट ने LIC का पोर्टफोलियो बुरी तरह प्रभावित किया है। इस साल के पहले 2 महीनों में ही LIC को 1.45 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। मात्र दो महीनों में हुए इस नुकसान से एलआईसी का पोटफोलिया जो दिसंबर 2024 में 14.9 लाख करोड़ रुपए था वो फरवरी महीने के आखिरी दिन घटकर 13.4 लाख करोड़ रुपए रह गया। शेयर बाजार के जानकारों की मानें तो ये हाल के दिनों में एलआईसी को सबसे बड़ा नुकसान हुआ है।

    ACE इक्विटी के डाटा के अनुसार आईटीसी ने LIC को सबसे बड़ा नुकसान पहुंचाया है. जिसमें LIC की दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। 2 महीनों में आईटीसी के शेयरों में 18 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। जिसकी वजह से एलआईसी पोर्टफोलिया को लगभग 17,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। टेक दिग्गज टीसीएस और इंफोसिस, जिनमें एलआईसी की हिस्सेदारी क्रमशः 4.75 फीसदी और 10.58 फीसरी है, में भी गिरावट आई है, जिससे पोर्टफोलियो से क्रमशः 10,509 करोड़ रुपए और 7,640 करोड़ रुपए की गिरावट देखने को मिली है।

    बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक की बात करें तो SBI (9.13 फीसदी हिस्सेदारी) और ICICI बैंक (7.14 फीसदी हिस्सेदारी) में LIC की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। जिनकी वजह से पोर्टफोलियो को क्रमश: 8,568 करोड़ रुपए और 3,179 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज़्यादा प्रभावित शेयरों में से एक रही, जिसमें 30.5 फीसदी की गिरावट आई और एलआईसी को इस स्टॉक से 3,546 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। अन्य प्रमुख नुकसान में एलएंडटी, एचसीएल टेक और एमएंडएम, जियो फाइनेंशियल, अडानी पोर्ट्स और जेएसडब्ल्यू एनर्जी शामिल हैं। इनमें से ज़्यादातर शेयरों में इस साल दोहरे अंकों में नुकसान हुआ है।

    LIC ने 310 से ज़्यादा कंपनियों में फैले हुए हैं, जिनमें एलआईसी की कम से भी कम एक फीसदी की हिस्सेदारी है। इस साल कम से कम 35 ऐसे शेयर हैं, जिनमें LIC को कम से कम 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। वैल्यू के हिसाब से LIC की सबसे बड़ी होल्डिंग्स हैं रिलायंस इंडस्ट्रीज (1,03,727 करोड़ रुपए), आईटीसी (75,780 करोड़ रुपए), इंफोसिस (67,055 करोड़ रुपए), एचडीएफसी बैंक (62,814 करोड़ रुपए), टीसीएस (59,857 करोड़ रुपए), एसबीआई (55,597 करोड़ रुपए) और एलएंडटी (54,215 करोड़ रुपए) का निवेश है। वहीं दूसरी ओर एलआईसी के पोर्टफोलियो में कुछ स्टॉक ऐसे भी रहे हैं, जिन्होंने एलआईसी को फायदा पहुंचाया है। जिनमें बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व और एसबीआई कार्ड्स शामिल हैं।

  • MahaShivratri पर इन चीजों के साथ करें पूजा, होगा दोगुना लाभ

    MahaShivratri पर इन चीजों के साथ करें पूजा, होगा दोगुना लाभ

    धर्मः महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इसी दिन माता पार्वती जी और भगवान शिव जी का विवाह हुआ था। इस साल यह दिन बुधवार, 26 फरवरी 2025 को है। माना जाता है कि महाशिवरात्रि की रात को भगवान शिव जी और माता पार्वती जी भ्रमण के लिए निकलते है। ऐसे में जो भी भक्त इस रात्रि में भगवान शिव जी की पूजा-अर्चना एवं भजन करते हैं, उन पर भगवान शिव जी और माता पार्वती जी की विशेष कृपा होती है। इसीलिए हमें महाशिवरात्रि की रात भगवान शिव जी का ध्यान और पूजन करना शुभ होता है। भगवान शिव जी को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा में कई प्रकार की सामग्रियों का उपयोग किया जाता है। ये सामग्रियां न केवल धार्मिक महत्व रखती हैं, बल्कि इनका अपना-अपना विशेष अर्थ भी है। इन सामग्रियों के बिना भोलेनाथ की पूजा अधूरी रह सकती है। इसलिए महाशिवरात्रि से पहले ही इन पूजा सामग्रियों को इकट्ठा कर लेना चाहिए। वर्त में शिवलिंग का जलाभिषेक करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यह शुद्धता और शांति का प्रतीक है। इसके साथ ही दूध को शुद्धता और पोषण का प्रतीक माना जाता है। शिवलिंग पर दूध चढ़ाने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। वहीं दही मिठास और समृद्धि का प्रतीक है। शिवलिंग पर दही चढ़ाने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है। शहद को मिठास और स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है। शिवलिंग पर शहद चढ़ाने से वाणी में मधुरता आती है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है। घी को शुद्धता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। शिवलिंग पर घी चढ़ाने से तेज और ऊर्जा मिलती है। बेलपत्र भगवान शिव जी को अत्यंत प्रिय है। इसे शांति, पवित्रता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। धतूरा भगवान शिव जी को अर्पित किया जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का प्रतीक है। फूल सुंदरता और श्रद्धा का प्रतीक हैं। भगवान शिव को सफेद फूल जैसे कि चमेली, मोगरा और धतूरा विशेष रूप से प्रिय हैं। चंदन शीतलता और शांति का प्रतीक है। शिवलिंग पर चंदन लगाने से मानसिक शांति मिलती है। अक्षत अखंडता और पूर्णता का प्रतीक है। भगवान शिव जी को अक्षत अर्पित करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। भांग भगवान शिव जी को अर्पित की जाती है। यह एकाग्रता और ध्यान का प्रतीक है। वस्त्र सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक हैं। भगवान शिव जी को वस्त्र अर्पित करने से आशीर्वाद मिलता है।

    इन सामग्रियां को भी कर सकते हैं अर्पित

    इन सामग्रियों के अतिरिक्त, हम अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार अन्य वस्तुएं भी अर्पित कर सकते हैं। महत्वपूर्ण यह है कि, पूजा सच्चे मन और भक्ति भाव से की जाए। और यह सामग्री आपके पास उपलब्ध नहीं है तो भी चिंता की कोई बात नहीं। आप अगर सच्चे हृदय से, पवित्र मन से महाशिवरात्रि की रात्री को भगवान शिव जी और माता पार्वती जी का ध्यान करते है, पूरे भक्ति और श्रद्धा से ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करते है।
  • इस दिन से लगेगा मांगलिक कार्यों पर विराम

    इस दिन से लगेगा मांगलिक कार्यों पर विराम

    धर्मः हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल होलाष्टक की शुरुआत 7 मार्च दिन शुक्रवार से हो रही है। वहीं, इसका समापन 13 मार्च 2025 दिन गुरुवार को होलिका दहन के साथ होगा। यह होली की शुरुआत का प्रतीक है। होलाष्टक वह समय है, जो होली त्योहार से आठ दिन पहले शुरू होता है। इस दौरान शुभ कार्य जैसे- विवाह, सगाई, मुंडन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान आशीर्वाद भी व्यर्थ हो जाता है। इसकी शुरुआत हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को होती है।

    होलाष्टक की पौराणिक मान्यताः फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर होलिका दहन अर्थात पूर्णिमा तक होलाष्टक रहता है। इस दिन से मौसम की छटा में बदलाव आना आरम्भ हो जाता है। सर्दियां अलविदा कहने लगती हैं और गर्मियों का आगमन होने लगता है। होलाष्टक के विषय में यह माना जाता है कि जब भगवान भोले नाथ ने क्रोध में आकर कामदेव को भस्म कर दिया था, तो उस दिन से होलाष्टक की शुरूआत हुई थी।