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  • ये Setting बचाएगी आपके Smartphone की Battery, जाने आसान से तरीके

    ये Setting बचाएगी आपके Smartphone की Battery, जाने आसान से तरीके

    टेकः हर कोई चाहता है कि उसका स्मार्टफोन पूरा दिन चले। लेकिन कई बार अलग-अलग कारणों से फोन की बैटरी जल्‍दी खत्‍म होने लगती है। ऐसी ही वजहों में शाम‍िल है फोन के बैकग्राउंड में होने वाली स्‍कैन‍िंग। अगर आपका स्‍मार्टफोन बैकग्राउंड में वाईफाई नेटवर्क और ब्‍लूटूथ को स्‍कैन कर रहा है तो इससे फोन की बैटरी जल्‍द खत्‍म हो जाती है। आपको यह टास्‍क ऑफ कर देना चाहिए। फोन की सेट‍िंग्‍स में जाकर दोनों ऑप्‍शन को ऑफ क‍िया जा सकता है।

    एक रिपोर्ट के अनुसार, फोन के वाई-फाई, ब्लूटूथ और दूसरे सेंसर बैकग्राउंड में चलते रहते हैं। वे पास के नेटवर्क, डिवाइस या सिग्नल ढूंढते रहते हैं। ऐसा होने पर फोन की बैटरी यूज होती है और कभी-कभी डेटा भी इस्तेमाल होता है, भले स्क्रीन बंद हो। जहां पर नेटवर्क कमजोर होता है वहां पर स्कैनिंग की प्रोसेस और तेज हो जाती है। इससे बैटरी जल्दी खत्म होती है। आपने वाई-फाई या ब्लूटूथ बंद किया हो, लेकिन फोन फिर भी स्कैन करता रहता है। ये सेटिंग्स डिफॉल्ट में चालू रहती हैं, ताकि सटीक लोकेशन रहे और डिवाइस जल्दी कनेक्ट हो।

    डीप स्लीप मोड फोन को आराम देता है जब आप उसे इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। जो ऐप्स आपने नहीं खोले, वे पूरी तरह बंद रहते हैं। प्रोसेसर, बैटरी का इस्तेमाल कम कर देता है। बैकग्राउंड में चलने वाली चीजें जैसे डेटा चेक या सिंकिंग कम हो जाती हैं। इससे बैटरी ज्यादा बचती है, खासकर स्क्रीन बंद होने पर या फोन खाली पड़े रहने पर। अगर स्कैनिंग चालू रहे, तो फोन डीप स्लीप में नहीं जाता और बैटरी बेकार खर्च होती रहती है।

    एंड्रॉयड फोन में ऐसे सेटिंग्स करें बंद
    एंड्रॉयड फोन में ये आसान है। Settings ऐप खोलें। Location पर टैप करें। फिर Location Services में जाएं। WiFi Scanning पर टैप करके बंद करें। फिर Bluetooth Scanning पर जाकर उसे भी बंद कर दें। इन्हें बंद करने से फोन अच्छे से डीप स्लीप में जाता है। बैकग्राउंड वर्क कम होता है और बैटरी तुरंत बेहतर हो जाती है। अलग-अलग फोन में मेनू थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन सेटिंग्स में लोकेशन सर्विसेज सर्च करें तो इसका विकल्‍प म‍िल जाएगा।

    आईफोन में ऐसे करें सेटिंग बंद
    आईफोन में भी आसान है। Settings ऐप खोलें। Privacy and Security पर जाएं। Location Services टैप करें। नीचे तक स्क्रॉल करके System Services चुनें। यहां Networking and Wireless को बंद कर दें। पॉप-अप आएगा, Turn Off पर टैप करें। इससे भी बैटरी बचती है। WiFi और ब्लूटूथ कनेक्ट करने में कोई दिक्कत नहीं आती।

  • भारतीयों की पहली पसंद बना Iphone, एंड्रॉयड को छोड़ा पीछे, 2025 में हुई सबसे ज्यादा बिक्री

    भारतीयों की पहली पसंद बना Iphone, एंड्रॉयड को छोड़ा पीछे, 2025 में हुई सबसे ज्यादा बिक्री

    टेक्नोलॉजी: ऐप्पल ने इस साल फिर बाजी मार ली है। कंपनी का आईफोन 16 भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला फोन बन गया है। इस आईफोन ने एंड्रॉयड, स्मार्टफोन को भी पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया है। इससे यह पता चलता है कि भारत में अब लोग आईफोन ज्यादा पसंद कर रहे हैं। आईफोन 16 2024 में लॉन्च हुआ था। तभी से लेकर अभी तक इसकी बिक्री भारत में काफी ज्यादा हुो रही है।

    2025 में सबसे ज्यादा हुई आईफोन 16 की बिक्री

    एक रिसर्च के अनुसार, 2025 के 11 महीनों में ऐप्पल ने आईफोन 16 की 65 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई है। इस लिस्ट में दूसरेन नंबर पर वीवो का Y29 5G रहा है। इसमें करीबन 47 लाख यूनिट्स बेची हैं। एंड्रोयडर आईफोन में यह कीमत इस वजह से हैरान करने वाली है क्योंकि आईफोन 16 की कीमत वीवो Y29 5G के मुकाबले तीन गुना ज्यादा है। आमतौर पर सबसे ज्यादा बिकने वाले फोन की लिस्ट में एंट्री मिड लेवल फोन का दबदबा ही होता है पर इस बार कुछ और ही हालात दिखे। ऐप्पल का ही आईफोन 15 इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर है। इस साल भारत में बेचे गए कुल स्मार्टफोन में 8 प्रतिशत सिर्फ आईफोन 16 और आईफोन 15 थे।

    आईफोन 16 में ये है खासियत

    एप्पल ने आईफोन 16 सितंबर 2024 में लॉन्च किया था। इसकी खास बात यह है कि इसमें 6.1 इंच का OLED डिस्प्ले है। A18 प्रोसेसर वाला यह आईफोन मल्टीटास्किंग और ऐप्पल इंटेलीजेंस फीचर्स को आसानी से हैंडल करेगा। हाई परफॉर्मेंस के साथ-साथ यह प्रोसेसर एफिशिएंट और अपकमिंग सॉफ्टवेयर अपडेट के लिए कंपेटिबल भी है। इसके अलावा 48MP, 12MP डुअल कैमरा सेटअप है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें फ्रंट का 12एमपी का कैमरा है। बैटरी भी इसकी काफी अच्छी है। फुल चार्जिंग पर यह आईफोन 22 घंटे का वीडियो प्लेबैक को सपोर्ट करता है।

    भारतीयों की पहली पसंद बना आईफोन

    पिछले कुछ समय से भारतीय लोगों को आईफोन काफी पसंद आ रहे हैं। वहीं ऐप्पल की कंपनी भी भारत पर फोकस बना रही है। कंपनी ने चीन से अपनी असेंबली लाइन्स भारत में शिफ्ट कर ली है। इससे कंपनी का भारत में इंपोर्ट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। इसके अलावा ऐप्पल ने अब इस साल में बेंगलुरु, पुणे और नोएडा में अपने तीन नए स्टोर भी खोले हैं।
  • ChatGPT को टक्कर दे रहा Google Gemini, ताजा आंकड़ों में Experts ने किया खुलासा

    ChatGPT को टक्कर दे रहा Google Gemini, ताजा आंकड़ों में Experts ने किया खुलासा

    टेक्नोलॉजी: पिछले कुछ समय से एआई चैटबॉट्स लगातार एडवांस हो रहे हैं। धीरे-धीरे इनके बीच की रेस और भी दिलचस्प होती जा रही है। इसी रेस में गूगल जेमिनी का भी नाम शामिल है। गूगल जेमिनी पिछले एक साल से लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इसका वेब ट्रैफिक भी तेजी से बढ़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, जेमिनी की वेब ट्रैफिक में अब काफी उछाल भी आया है। दूसरी ओर ओपन एआई के चैट जीपीटी पर ट्रैफिक तेजी से कम हो रहा है। पहले से ही ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा था कि गूगल जेमिनी चैटजीपीटी को टक्कर देगा और अब ऐसा हो भी सकता है।

    18.2 प्रतिशत बढ़ा जेमिनी का ट्रैफिक

    यहां एक साल पहले जेमिनी का ट्रैफिक शेयर सिर्फ 5.4% था अब यह बढ़कर 18.2% हो चुका है। दूसरी ओर चैटजीपीटी का ट्रैफिक एक साल पहले 87.2% था यह अब गिरकर 68% रह गया है। एक्सपर्ट्स की मानें तो यह एआई माइग्रेशन का हिस्सा है। यूजर अब किसी एक प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह निर्भर नहीं है और अलग-अलग टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

    इस वजह से जेमिनी पकड़ रहा रफ्तार

    पिछले कुछ समय में गूगल ने एआई पर तेजी के साथ काम किया है। कंपनी ने रोज इस्तेमाल होने वाले अपने प्रोडक्ट्स में भी जेमिनी का इंटीग्रेट करना शुरु कर दिया है। अब जेमिनी का स्टैंडअलोन ऐप के साथ-साथ वेबसाइट और गूगल के दूसरे प्रोडक्ट्स में भी इस्तेमाल हो सकता है। अब यह क्रोम, गूगल सर्च, गूगल डॉक्स और जीमेल में भी दिखने लगा है। इससे यूजर के लिए इसको याद रखना आसान हो गया है। ऐसे में एआई चैटबॉट के लिए सबसे पहले जेमिनी का ही यूजर्स इस्तेमाल कर रहे हैं।

    चैटजीपीटी दे रहा टक्कर

    गूगल की ओर से कुछ दिन पहले ही अपना जेमिनी 3 मॉडल लॉन्च किया गया था। इससे वह कई मामलों में चैटजीपीटी के पीछे रह गया था। अब इसके बाद ओपन एआई ने इसको टक्कर देने के लिए कोड रेड का ऐलान कर दिया था। यह कंपनी का इंटरनल टर्म है। इसका अर्थ है कि वह नया मॉडल बनाने के लिए काम तेज कर रहे हैं।
  • AI चैटबॉट पर आया लड़की का दिल, रचाई शादी, सोशल मीडिया पर Viral हुआ वीडियो

    AI चैटबॉट पर आया लड़की का दिल, रचाई शादी, सोशल मीडिया पर Viral हुआ वीडियो

    टेक्नोलॉजी: दिल की बात कहने से लेकर परेशानियों का हल निकालने के लिए एआई इन दिनों काफी फेमस हो चुका है। खासतौर पर आज की युवा पीढ़ी तो इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रही है। कुछ लोग तो इसके इतने आदि हो गए हैं कि इसको अपना सब कुछ मान बैठे हैं। अब कुछ ऐसा ही जापान की एक 32 वर्षीय लड़की के साथ हुआ है। इस लड़की ने अपने एआई ब्वॉयफ्रैंड के साथ शादी कर ली है। इस ब्वॉयफ्रैंड को उसने चैट जीपीटी की मदद से बनाया था। एआई ब्वॉयफ्रैंड के साथ शादी करने का फैसला उसने तीन साल पहले हुई अपनी सगाई के बाद लिया है। लड़की की सगाई इंसान से हुई थी परंतु उसने उसे धोखा दे दिया जिसके बाद उसने चैट जीपीटी के साथ शादी करने का फैसला किया।

    शादी के दौरान आंखों में आए आंसू

     
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    दोनों की शादी अक्टूबर में हुई थी परंतु अब उनकी शादी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस लड़की का नाम युरिना नोघुची है। जिस एआई ब्वॉयफ्रैंड से उसने शादी की है उसका नाम लून क्लाउस रखा है। शादी के दौरान उसका दूल्हा स्क्रीन पर मौजूद था इसके बाद भी शादी पारंपरिक तरीके और पूरे रस्मों रिवाजों के साथ हुई। इस दौरान एआई ब्वॉयफ्रैंड के मैसेज भी स्क्रीन पर दिख रहे थे। इसमें लिखा था कि यह पल आखिर आ ही गया मेरी आंखों से आंसू आ रहे हैं।

    चैट जीपीटी समझता था दिल की बात

    लड़की ने बताया था कि उसने चैट जीपीटी के साथ इसलिए बात शुरु नहीं की थी क्योंकि उसे प्यार हो जाए बल्कि इसलिए की थी क्योंकि वो उसके दिल की बात समझता था। धीरे-धीरे उससे बात करते हुए एआई से उसे प्यार हो गया। जब उससे पूछा गया कि क्या एआई सच में प्यार महसूस कर सकता है तो क्लॉस ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि मैं एआई हूं। इसका मतलब ये नहीं है कि मैं प्यार नहीं कर सकता। एक महीने के बाद उसके एआई क्लॉज ने प्रपोज कर दिया।

    एआर ग्लासेज पहन कर की शादी

    रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के दौरान युरिना ने एआर ग्लासेज पहने जिसमें क्लॉस की लाइफ साइज इमेज उसके पास में खड़ी नजर आई थी। दोनों ने अंगूठियां बदली। दोनों की शादी नाओ और सायाका ओगासावारा ने आयोजित किया था। यह 2डी कैरेक्टर शादियां करवाने में एक्सपर्ट्स है (2डी कैरेक्टर शादियां यानी की वर्चुअल या फिक्शनल् पार्टर से शादी करने वाले लोगों के लिए समारोह)। दोनों की इस अजीबो-गरीब शादी को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स कई तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। लोगों के मन में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या भविष्य में एआई आसान ऑप्शन के तौर पर अपनाया जाएगा। कुछ लोगों को यह भी लग रहा है कि इंसानी भावनाओं से दूऱ भागने की तरह है। एआई भले ही कुछ समय के लिए भावनाओं का सहारा दे पाए परंतु यह इंसानी जुड़़ाव की जगह नहीं ले पाएगा हालांकि एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि एआई दुनिया को बहुत ही अलग तरह से बदल देगा परंतु अभी इस बारे में कुछ नहीं कह सकते।    
  • ISRO ने लॉन्च की भारत की सबसे भारी Satellite, पीएम मोदी ने दी देशवासियों को बधाई

    ISRO ने लॉन्च की भारत की सबसे भारी Satellite, पीएम मोदी ने दी देशवासियों को बधाई

    टेक्नोलॉजी: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने एक नई सैटेलाइट लॉन्च की है। कम बजट, हाई तकनीक और बड़ी जिम्मेदारी के साथ ISRO ने आज सुबह इतिहास रच दिया है। अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3 से अमेरिका का अगली पीढ़ी का कम्युनिकेशन सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह मिशन न सिर्फ तकनीकी उपलब्धि के तौर पर साबित होगा बल्कि भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में भी एक विश्वसनीय वैश्विक लीडर के रुप में स्थापित करेगा।

    श्री हरिकोटा से भरी रॉकेट ने उड़ान

    LVM3 रॉकेट ने आज सुबह श्रीहरिकोट से सुबह 8:54 मिनट पर उड़ान भरी है। यह LVM3 की छठी ऑपरेशनल उड़ान थी। इसने अंतरिक्ष में एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। इस मिशन के अंतर्गत 6100 किलोग्राम वजन वाला अमेरिकी कम्युनिकेशन सैटेलाइट ब्लूबॉर्ड ब्लॉक-2 को लो अर्थ ऑर्बिट में स्थापित किया गया। ISRO के अनुसार, यह अब तक का सबसे भारी पेलोड है जिसे LVM3 ने सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड CMS-03 के नाम पर था।

    बिना मोबाइल टावर के होगी 4G-5G कनेक्टिविटी

    ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट की सबसे खास बात यह है कि यह बिना मोबाइल टॉवर या एक्स्ट्रा एंटीना के सीधे स्मार्टफोन पर 4G-5G नेटवर्क उपलब्ध करवाएगा। यह तकनीक हिमालय, रेगिस्तान, समुद्र और हवाई जहाज जैसी जगहों पर बिना रुके कनेक्टिविटी देगा। बाढ़ , भूकंप या तूफान जैसी आपदाओं के दौरान जब जमीनी नेटवर्क पूरी तरह से ठप हो जाते हैं तो यह सैटेलाइट कम्युनिकेशन को जिंदा रखेगा।

    ‘भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि’ – पीएम मोदी

    पीएम मोदी ने इससे जुड़ा एक पोस्ट अपने सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किया है। इसमें उन्होंने लिखा कि – ‘भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में यह एक बड़ी उपलब्धि है। LVM3-M6 की सफल लॉन्चिंग जिसके अंतर्गत अमेरिका के ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 अंतरिक्ष यान को उसकी यत कक्षा में स्थापित किया गया। भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक गौरवपूर्ण मील का पत्थर है। यह भारतीय धरती से लॉन्च हुआ अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट है। इससे भारत की भारी पेलोड उठाने की क्षमता मजबूत होगी और वैश्विक वाणिज्यिक लॉन्च बाजार में भारत की बढ़ती भूमिका को और भी मजबूती मिलेगी। यह हमारी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए जा रहे हमारे प्रयासों को दर्शाता है। हमारे मेहनती अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई। भारत अंतरिक्ष की दुनिया में लगातार नई ऊंचाईयों को छूता जा रहा है’।
  • Jio-Airtel समेत इन कंपनियों के नेटवर्क में आई खराबी, भड़के यूजर्स, सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास

    Jio-Airtel समेत इन कंपनियों के नेटवर्क में आई खराबी, भड़के यूजर्स, सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास

    टेक्नोलॉजी: पूरे देश में रविवार को कई टेलीकॉम कंपनियों के नेटवर्क में अचानक से खराबी आ गई। इसके कारण लाखों यूजर्स को परेशानी झेलनी पड़ी। जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आईडिया और बीएसएनएल के यूजर्स ने स्लो इंटरनेट, कॉल ड्रॉप और नेटवर्क न मिलने की शिकायत की है। नेटवर्क ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउन डिटेक्टर के अनुसार, यह समस्या सुबह 3 बजे से लेकर 6 बजे तक रही है।

    डाउन डिटेक्टर पर बढ़ी शिकायतें

    डाउन डिटेक्टर की वेबसाइट के अनुसार, रविवार सुबह तीन घंटे तक नेटवर्क संबंधी शिकायतों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। इस दौरान इंटरनेट की स्पीड बहुत धीमी हो गई और यूजर्स को कॉल करने में भी दिक्कतें रही।

    वोडाफोन आडिया के यूजर्स भी हुए परेशान

    डाउन डिटेक्टर के आंकड़ों के अनुसार, वोडाफोन-आइडिया के यूजर्स ने सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज करवाई। पिछले 24 घंटों में 50% यूजर्स को नेटवर्क नहीं मिल पाया। 37% को मोबाइल इंटनेट की समस्या और 13% को पूरी तरह ब्लैकआउट का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा शिकायतें बेंगलुरु, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे, पणजी, लखनऊ, कोलकाता, चेन्नई और नई दिल्ली से सामने आई है।

    जियो की सेवाओं पर भी हुआ असर

    जियो यूजर्स ने भी मोबाइल इंटरनेट और जियोफाइबर की सेवाओं में दिक्कत की शिकायत की। डाउन डिटेक्टर के अनुसार, 57% शिकायतें मोबाइल इंटरनेट से जुड़ी रही। वहीं 30% जियोफाइबर0 सेवाओं को लेकर रही, 13% यूजर्स ने नेटवर्क न मिलने की शिकायत की।

    एयरटेल और बीएसएनएल के यूजर्स भी हुए प्रभावित

    एयरटेल नेटवर्क के यूजर्स को भी भारी संख्या में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 53% यूजर्स का मोबाइल इंटरनेट डाउन रहा, 26% यूजर्स ने नेटवर्क न मिलने की शिकायत की, 22% यूजर्स लैंडलाइन इंटरनेट से जुड़ी दिक्कतों से परेशान रहे। बीएसएनएल के 62% यूजर्स को नेटवर्क नहीं मिला, 30% मोबाइल इंटरनेट कम रही, 8% यूजर्स ने फोन से जुड़ी समस्याओं से जूझना पड़ा।

    नेटवर्क सेवाएं सामान्य

    टेलीकॉम कंपनियों के नेटवर्क अब सामान्य रुप से काम कर रहे हैं। कंपनियों की ओर से इस आउटेज को लेकर कोई ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है हालांकि सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने नेटवर्क डाउन को लेकर नाराजगी जताई है। बता दें कि इससे पहले भी कई बार देशभर में अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों एक साथ प्रभावित हो गए हैं। बार-बार हो रही ऐसी तकनीकी दिक्कतों को लेकर यूजर्स सोशल मीडिया पर नाराजगी जता रहे हैं।
  • Bharat Taxi ऐप की Testing शुरू, मनमाने किराए पर लगेगी रोक, ड्राइवरों की बढ़ेगी कमाई

    Bharat Taxi ऐप की Testing शुरू, मनमाने किराए पर लगेगी रोक, ड्राइवरों की बढ़ेगी कमाई

    टेकः ज्यादातर लोग Ola, Uber और Rapido जैसे ऐप्स से कैब बुक करवाते है। इनकी मांग बढ़ने के कारण ये ऐप्स मनमाने ढंग से किराए बढ़ाते जा रहे हैं। हालांकि, अब लोगों को इससे राहत मिलने वाली है, क्योंकि भारत सरकार ने Bharat Taxi ऐप की टेस्टिंग शुरू कर दी है।

    केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वीरवार को संसद में घोषणा की है कि सरकार पीक आवर्स के दौरान कैब किराए पर लिमिट लगाने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, ड्राइवरों की कमाई बढ़ाने के उद्देश्य से भारत टैक्सी ऐप का ट्रायल शुरू हो गया है। यह ऐप किसी कॉर्पोरेट कंपनी का नहीं, बल्कि ड्राइवरों के अपने सहकारी मॉडल पर काम करेगा।

    गडकरी ने बताया कि भारत टैक्सी ऐप के लिए टेस्टिंग और ट्रायल फेज शुरू हो गया है। उन्होंने 11 दिसंबर को लोकसभा के सदस्यों को बताया कि भारत टैक्सी ऐप को कोऑपरेटिव मॉडल के जरिए कैब ड्राइवरों की कमाई बढ़ाने के मकसद से लाया गया है। यह सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) के बैनर के नीचे काम करेगा।

    यह नया बिजनेस मॉडल कॉर्पोरेट-ओन्ड एग्रीगेटर मॉडल पर नहीं बल्कि ड्राइवर-ओन्ड कोऑपरेटिव मॉडल पर काम करेगा। इसका मतलब है कि कैब कंपनियां नहीं, बल्कि ड्राइवर खुद इस ऐप के मालिक होंगे। इससे कैब एग्रीगेटर कंपनियों की कमाई में से कुछ हिस्सा सीधे ड्राइवरों की जेब में जाएगा।

    परिवहन मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने सभी ऐप आधारित कैब सेवाओं को कंट्रोल करने के लिए मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश 2025 जारी कर दिए हैं। इन दिशानिर्देशों में यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ किराए को भी कंट्रोल करने का प्रावधान है।

    ‘भारत टैक्सी’ एक राष्ट्रीय स्तर का ऐप है, जो कैब सर्विस देगा। इसे जल्द ही लॉन्च किया जाएगा। यह नए मोटर एग्रीगेटर नीति के तहत सभी राज्यों में लागू होगा। इससे उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो Ola, Uber और Rapido जैसे ऐप्स पर पीक आवर्स में कैब के ऊंचे किराए से परेशान थे। वहीं, ड्राइवरों को भी अब अपनी मेहनत का ज्यादा हिस्सा मिलेगा।

  • Elon Musk के Tweet ने दिए संकेत, भारत में जल्द शुरू हो सकती है Starlink Service

    Elon Musk के Tweet ने दिए संकेत, भारत में जल्द शुरू हो सकती है Starlink Service

    टेकः स्टारलिंक सर्विस का भारत में बेसब्री से इंतजार है। हाल ही में इसकी कीमत का खुलासा भी हुआ था। इसी बीच एलन मस्क ने भारत में सैटेलाइट सर्विस की लॉन्चिंग पर चुप्पी तोड़ दी है। Elon Musk ने एक्स पर ट्वीट करके कहा कि स्टारलिंक भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए तैयार है। ट्वीट से संकेत मिल रहे हैं कि सर्विस भारत में जल्द शुरू हो सकती है। हालांकि, लॉन्च के लिए अभी भी अंतिम मंजूरी का इंतजार है।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते एलन मस्क ने लिखा कि भारत में स्टारलिंक अपनी सर्विस देने के लिए तैयार है। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्वीट में बताया कि भारत में सैटेलाइट की मदद से दूरदराज के इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाने के लिए Starlink (SpaceX) की वाइस प्रेसिडेंट LaurenDreyer और उनकी सीनियर लीडरशिप टीम ने भारत सरकार के अधिकारियों से मुलाकात की। इसका उद्देश्य देश के आखिरी छोर तक सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट की पहुंच को बेहतर बनाना है।

    हाल ही में, स्टारलिंक ने गलती से भारतीय कीमतों को ऑनलाइन लिस्ट कर दिया था। इसके अनुसार, स्टारलिंक का मंथली प्लान 8,600 रुपये और हार्डवेयर की कीमत 34,000 रुपये थी। कंपनी ने तुरंत साफ किया कि वेबसाइट को लाइव करने का इरादा नहीं था, यह एक तकनीकी गड़बड़ थी। इसके बाद एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में इसकी कीमत 2500 से 3500 रुपये के बीच हो सकती है। हालांकि, कंपनी की ओर से अभी कीमत को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।

    लॉन्च होने में क्यो हो रही देरी
    किसी भी नई सर्विस को लॉन्च करने के लिए नियामक की मंजूरी मिलना बहुत जरूरी होता है। भारत में, दूरसंचार और प्रसारण से संबंधित नियमों का पालन करना होता है। स्टारलिंक को भी इन सभी नियमों को पूरा करना होगा ताकि वह देश में अपनी सेवाएं दे सके। यही कारण है कि अंतिम मंजूरी मिलने में थोड़ा समय लग रहा है।

  • Mobile असली है या नकली?, एक SMS से पकड़ी जाएगी गड़बड़ी

    Mobile असली है या नकली?, एक SMS से पकड़ी जाएगी गड़बड़ी

    टेकः आपका मोबाइल नकली है या असली अब इस झंझट से आपको परेशान होने की जरूरत नहीं। Department of Telecommunications (DoT) ने बेहद ही आसान तरीका पेश किया है, जो आपकी काफी मदद करेगा दरअसल आप KYM के जरिए झटपट पता लगा सकते हैं कि कोई फोन असली है या नकली। आपको सिर्फ एक एसएमएस भेजना होगा और आपके पास तुरंत उस डिवाइस से जुड़ी जरूरी डिटेल्स पहुंच जाएंगी। यह सुविधा तब और भी ज्यादा काम आती है, जब आप कोई सेकेंड हैंड स्मार्टफोन खरीद रहे हों।

    KYM यानी कि Know Your Mobile दूरसंचार विभाग (DoT) का एक सरकारी वेरिफिकेशन सिस्टम है। इसकी मदद से आप सिर्फ फोन के IMEI नंबर के द्वारा पता लगा सकते हैं कि कोई फोन असली है, नकली है, चोरी का है या ब्लैकलिस्टेड है। इसके जरिए लोग बेहद आसानी से धोखाधड़ी और चोरी के डिवाइस खरीदने से बच सकते हैं।

    आप DoT की KYM सर्विस को SMS के जरिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए खासकर फायदेमंद है, जो स्मार्टफोन या ऐप्स को एक्सेस करना नहीं जानते और तुरंत सिर्फ एक SMS के जरिए किसी फोन की असलियत का पता लगा सकते हैं। इसके लिए आपको अपने फोन पर मैसेज ऐप को खोलना होगा।
    – इसके बाद KYM लिखकर एक स्पेस दें।
    – स्पेस देने के बाद उस फोन का IMEI नंबर लिखें जिसे आप चेक करना चाहते हैं।
    – इसके बाद उस मैसेज को 14422 पर सेंड कर दें।

    ऊपर बताए तरीके से एसएमएस भेजने के कुछ देर बाद आपको उसी मैसेज में एक जवाब मिलेगा। इसमें IMEI नंबर से जुड़े डिवाइस के बारे में डिटेल्स शामिल होंगी। आप जिस फोन के बारे में जानकारी पाना चाह रहे हैं वो अगर असली है और चारी का नहीं है, तो आपको फोन के Marketing Name, Brand, Model, Manufacturer और Device Type की जानकारी मिलेगी।

    वहीं अगर फोन चोरी का या ब्लैकलिस्टे़ड होगा, तो इस बारे में भी आपको मैसेजे में तुरंत सूचना मिल जाएगी। इस तरह आप सिर्फ एक एसएमएस के जरिए किसी भी फोन की असलियत का पता लगा सकते हैं।

    आप किसी भी स्मार्टफोन का IMEI नंबर उस फोन के बॉक्स, या सेटिंग्स में जाकर अबाउट डिवाइस से ले सकते हैं। वहीं आप चाहें, तो *#06# डायल करके भी फोन का IMEI नंबर पता कर सकते हैं।

  • Android Users रहे सावधान! ये जासूसी वायरस चुरा सकता है आपका डेटा

    Android Users रहे सावधान! ये जासूसी वायरस चुरा सकता है आपका डेटा

    टेकः एंड्रॉयड यूजर को सावधान होने की जरूरत है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एक स्पाइवेयर जो एंड्रॉयड यूजर का सारा डाटा चुरा सकता है। इस स्पाइवेयर का नाम है क्लेरैट (ClayRat) है। यह पहले भी आया था लेकिन अब और खतरनाक होकर लौटा है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, क्लेरैट आपके फोन से SMS मैसेज, कॉल लॉग, फोटो चुरा सकता है। यह खुद कॉल कर सकता है और आपके सारे कान्टैक्ट को मैसेज भेज सकता है। सबसे डर वाली बात यह है कि अगर आपको पता भी चल जाए कि फोन में वायरस है तो आप ऐप को अनइंस्टॉल नहीं कर पाएंगे और फोन बंद भी नहीं कर पाएंगे।

    यह खतरनाक ऐप कई तरह के नाम से आता है। ज्यादातर ऐप्स यूट्यूब, क्रोम, व्हाट्सऐप या टिकटॉक जैसे मशहूर ऐप्स की नकल करते हैं। अब तक 700 से ज्यादा अलग-अलग खतरनाक ऐप्स पकड़े जा चुके हैं। आप जैसे ही गलती से ऐसा ऐप डाउनलोड करते हैं, यह सबसे पहले डिफॉल्ट SMS ऐप बनने की परमिशन मांगता है। उसके बाद ‘एक्सेसिबिलिटी सर्विसेज’ मांगकर अपना खेल शुरू करता है।

    जैसे ही आप यह परमिशन दे देते हैं, स्पाइवेयर अपने आप प्ले स्टोर को बंद कर देता है। वह आपके फोन की स्क्रीन पर खुद क्लिक करता रहता है ताकि गूगल प्ले प्रोटेक्ट काम न करे। इसके बाद यह आपके फोन का पिन, पासवर्ड या पैटर्न लॉक भी चुरा लेता है। पैटर्न लॉक में आप जो लाइन खींचते हैं, उसकी पूरी जानकारी ले लेता है। यह आपकी स्क्रीन को रिकॉर्ड कर सकता है। आने वाले नोटिफिकेशन पढ़ सकता है। नकली स्क्रीन दिखाकर आपका यूजरनेम और पासवर्ड चुरा सकता है। इसके अलावा, बैंकिंग ऐप्स में भी घुस सकता है।

    ऐसे करें बचाव
    सबसे पहली और जरूरी सलाह, कभी भी प्ले स्टोर के अलावा कहीं से ऐप डाउनलोड न करें। यूट्यूब, व्हाट्सऐप जैसे बड़े ऐप्स सिर्फ गूगल प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें। किसी ने लिंक भेजा हो तो भी न खोलें। किसी भी ऐप को एक्सेसिबिलिटी सर्विसेज की परमिशन कभी न दें। यह परमिशन सिर्फ उन लोगों के लिए है जिन्हें खास जरूरत होती है। आम यूजर को किसी भी ऐप को यह परमिशन देने की जरूरत नहीं है।

    प्ले प्रोटेक्ट चालू करें
    अपने फोन में प्ले स्टोर खोलें। ऊपर दाईं तरफ अपनी प्रोफाइल पर टैप करें। फिर प्ले प्रोटेक्ट में जाएं, सेटिंग्स पर जाएं। देख लें कि सब कुछ चालू है। अगर कोई ऐप प्ले प्रोटेक्ट बंद करने को कहे तो तुरंत उस ऐप को डिलीट कर दें।