Category: Tech

  • Laptop चलाते समय इन बातों का ध्यान रखना जरूरी, ज्यादातर लोग कर रहे ये Mistake

    Laptop चलाते समय इन बातों का ध्यान रखना जरूरी, ज्यादातर लोग कर रहे ये Mistake

    टेकः लैपटॉप रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। चाहे ऑनलाइन क्लासेज, ऑफिस वर्क या एंटरटेनमेंट करना हो हर काम में लैपटॉप की जरूरत पड़ती है। लेकिन एक सवाल जो यूजर्स के मन में रहता है कि क्या लैपटॉप को हमेशा चार्जिंग पर लगाए रखना सही है? बहुत से लोग इसे लेकर गलतफहमी में हैं और यही आदत धीरे-धीरे उनके लैपटॉप की बैटरी की सेहत बिगाड़ रही है।

    जब आप लैपटॉप को लगातार चार्जिंग पर लगाए रखते हैं तो बैटरी 100% तक चार्ज होकर भी लगातार बिजली खींचती रहती है। इससे बैटरी के अंदर का तापमान बढ़ जाता है और लिथियम-आयन सेल्स पर दबाव पड़ता है। लंबे समय में यह बैटरी की चार्जिंग क्षमता को कम कर देता है जिससे बैकअप टाइम घटने लगता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, लैपटॉप की बैटरी 20% से 80% के बीच चार्ज रहनी चाहिए। अगर आप इसे लगातार 100% पर रखते हैं तो बैटरी का लाइफ साइकिल जल्दी खत्म हो सकता है। हमेशा प्लग इन रखने से लैपटॉप के अंदर का तापमान लगातार बढ़ा रहता है। खासकर अगर आप हैवी सॉफ्टवेयर चला रहे हैं या गेमिंग कर रहे हैं तो चार्जर लगे रहने पर यह डिवाइस को ओवरहीट कर सकता है। ओवरहीटिंग न केवल बैटरी बल्कि मदरबोर्ड और प्रोसेसर को भी नुकसान पहुंचा सकती है। आधुनिक लैपटॉप्स में Battery Health Mode या Smart Charging जैसे फीचर्स दिए जाते हैं जो चार्जिंग को अपने आप नियंत्रित करते हैं। आप इन्हें एक्टिव करके बैटरी की उम्र बढ़ा सकते हैं।

  • Mobile पर दिनभर आ रही अनचाही Calls, इस Portal पर करें शिकायत

    Mobile पर दिनभर आ रही अनचाही Calls, इस Portal पर करें शिकायत

    टेकः दिनभर मोबाइल पर अनचाही कॉल्स से अगर आप परेशान है तो परेशान होने की जरूरत नहीं। जियो और एयरटेल जैसी कंपनियों ने स्पैम कॉल को पहचानने के लिए AI-बेस्ड सिस्टम बनाया है, लेकिन फिर भी कई बार स्पैम कॉल लोगों को परेशान करती हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं।

    टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने स्पैम कॉल को रोकने के लिए सख्ती दिखाई है। अब TRAI ने केवल रजिस्टर्ड नंबरों के जरिए ही कमर्शियल कम्यूनिकेशन की इजाजत दी है। अगर कोई अनरजिस्टर्ड नंबर से स्पैम कॉल करेगा तो उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। नियमों के तहत TRAI ऐसे कॉलर के सारे टेलीकॉम रिसोर्सेस को सस्पेंड कर सकती है या उसका कनेक्शन भी काट सकती है।

    अगर आपको भी किसी अनरजिस्टर्ड नंबर से स्पैम या मार्केटिंग कॉल्स आती हैं तो आप संचार साथी पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसका तरीका बेहद आसान है और कुछ ही स्टेप्स में आपकी शिकायत रजिस्टर हो जाएगी। सबसे पहले संचार साथी पोर्टल पर जाएं और सिटीजन सेंट्रिक सर्विसेस पर टैप या क्लिक करें। इसके बाद ‘रिपोर्ट सस्पेक्टेड एंड अनसॉलिस्टिड कमर्शियल कम्यूनिकेशन’ पर क्लिक करें। इसके बाद नया पेज खुलेगा, जहां आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसमें अलग-अलग ऑप्शन में चुनें और फॉर्म सबमिट कर दें। ध्यान रहे कि शिकायत दर्ज करने के लिए आपके पास स्क्रीनशॉट होना चाहिए।

    अगर आप चाहते हैं कि स्पैम कॉल करने वालों के खिलाफ एक्शन हो तो आपको 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट करना होगा। अगर आप कोई स्पैम कॉल या SMS मिलने के 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट करते हैं तो कॉलर या मैसेज भेजने वाले के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। सात दिन बीत जाने पर शिकायत करने के बाद उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं होगा।

  • अब नहीं चलेगा नकली Charger का खेल! सरकारी App बताएगी असली या नकली की सच्चाई

    अब नहीं चलेगा नकली Charger का खेल! सरकारी App बताएगी असली या नकली की सच्चाई

    टेकः क्या फोन चार्ज करते समय चार्जर जरूरत से ज्यादा गर्म तो नहीं हो रहा? अगर है तो ऐसा नकली चार्जर इस्तेमाल करने की वजह से हो सकता है। आजकल मार्केट में असली जैसे दिखने वाले फेक चार्जर्स की बाढ़ सी आई हुई है। ऐपल, सैमसंग या फिर ओप्पो-वीवो और वनप्लस सभी के चार्जर की सस्ती और चीप क्वालिटी बाजार में उपलब्ध है।

    जब से कंपनियों नें बॉक्स में चार्जर देना बंद किया है तब से बड़ी संख्या में लोग इन घटिया क्वालिटी के चार्जर के शिकार होने लगे हैं। अगर आपको भी अपने चार्जर की क्वालिटी पर शक है, तो एक सरकारी टूल की मदद से आप चार्जर की असलियत पहचान सकते हैं।

    अगर आप यह चेक करना चाहते हैं कि जिस चार्जर का इस्तेमाल आप कर रहे हैं वो असली या नकली, तो आप एक सरकारी ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको BIS CARE नाम की सरकारी ऐप को डाउनलोड करना होगा। इसके बाद आप सिर्फ एक कोड के जरिए पता लगा पाएंगे कि आपका चार्जर असली है या नकली।

    बता दें कि हम जिस कोड की बात कर रहे हैं वह रजिस्टर्ड या R नंबर होता है। जो कि हर चार्जर पर मौजूद होता है। इसे आप BIS Care की ऐप पर डालकर चेक कर सकते हैं कि जिस चार्जर का आप इस्तेमाल कर रहे हैं वो असली है या नकली।

    स्टेप बाय स्टेप जाने कैसे चेक करें
    – सबसे पहले आपको अपने फोन में प्ले स्टोर से BIS Care ऐप को डाउनलोड करना होगा।
    – ऐप के होम पेज पर आपको Verify R-no. under CRS नाम से ऑप्शन दिखेगा उस पर टैप करें
    – अब अपने चार्जर पर दिए गए R नंबर को दर्ज करें।
    – इसके बाद ऐप आपके चार्जर को ऑथेंटिकेट करेगी और उसके बाद आपके सामने आपके चार्जर का पूरा कच्चा-चिट्ठा खुल कर आ जाएगा।

  • अब फोटो से वीडियो बनाना होगा आसान, Elon Musk ने यूजर्स को दिया ये खास Feature

    अब फोटो से वीडियो बनाना होगा आसान, Elon Musk ने यूजर्स को दिया ये खास Feature

    टेक्नोलॉजी: अब फोटो से वीडियो बनाना आपके लिए आसान हो सकता है। इस बात का ऐलान खुद दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने किया है। एलन मस्क ने पोस्ट शेयर करते हुए इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने एक वीडियो पोस्ट की है। वीडियो अब कुछ ही समय में सोशल मीडिया एक्स पर वायरल भी हो गई है।

    एक्स पर शेयर की पोस्ट

    एलन मस्क ने अपने एक्स पर पोस्ट शेयर करके लिखा कि – ‘इमेज पर लॉन्ग प्रेस करें। इसके बाद उसको वीडियो में बदल दें। फिर प्रॉम्प्ट को अपनी पसंद के अनुसार, बना लें’। उन्होंने बताया कि उनका अपना प्रॉम्पट था कि एक कपल को मपेट्स में कंवर्ट कर दें। इस पोस्ट में एक छोटी सी वीडियो क्लिप भी मौजूद है। इस क्लिप को Grok का इस्तेमाल करके बनाया गया है। यह एलन मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कंपनी xAI का ही प्रोडक्ट है। वीडियो को फोटो का इस्तेमाल करके बनाया गया है। इसमें एनिमेशन भी एड किया गया है।

    वायरल हुआ नया ट्रेंड

    एलन मस्क ने जो वीडियो शेयर किया है यह कुछ ही समय में वायरल हो गया है। इसके बाद अब यूजर्स इमेज टू वीडियो जनरेशन टूल्स का इस्तेमाल करके इमेज बनाने में लगे हैं। यह फीचर Grok के एक्सपेंडिंग क्रिएटिव टूलकिट का हिस्सा है। इसके अंतर्गत कई नए फीचर्स को भी शामिल किया गया है। इसमें राइटिंग, इमेज जनरेशन और रियल टाइम डेटा एक्सेस भी मौजूद है।

    यूजर्स को फ्री में मिल रही Grok 4 सर्विस

    एलन मस्क की कंपनी XAI ने हाल ही में Grok 4 को सभी यूजर्स के लिए मुफ्त में उपलब्ध करवाने का ऐलान कर दिया है। इस एआई चैटबॉट को एक्स प्लेटफॉर्म और अलग-अलग ऐप के जरिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आईओएस और एंड्रॉयड दोनों में मौजूद है। भारत में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • Instagram में अब यूजर्स को मिलेगा ये स्पेशल Option, लाखों लोग कर पाएंगे Explore

    Instagram में अब यूजर्स को मिलेगा ये स्पेशल Option, लाखों लोग कर पाएंगे Explore

    टेक्नोलॉजी: इंस्टाग्राम एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसको लाखों यूजर्स इस्तेमाल करते हैं। रील्स फीचर के जरिए लोग काफी फेम भी कमा रहे हैं। अभी तो यदि आप इंस्टाग्राम खोलते हैं तो इसका एलगोरिद्म अपने हिसाब से ही रील्स दिखाता है। कई बार आपको उन टॉपिक्स पर भी रील दिख जाती है जिनमें आपकी बिल्कुल दिलचस्पी नहीं होती लेकिन अब यह बदलने वाला है। इंस्टाग्राम जल्द ही एक नए फीचर को टेस्ट कर रही है। इसके आने के बाद अब यूजर्स अपनी रील्स और एक्सप्लोर फीड का कंटेंट अपनी मर्जी के हिसाब से बदल पाएंगे। अभी इस टेस्टिंग की शुरुआत ही हुई है और कुछ यूजर्स को यह फीचर दिया गया है।

    यूजर्स चुन पाएंगे अपने इंटरस्ट का टॉपिक

    इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोस्सी ने बताया है कि यूजर्स को एल्गोरिद्म को बदलने के लिए नया टेस्ट शुरु किया जा रहा है। इसमें यूजर अपनी मर्जी के टॉपिक एड और डिलीट कर पाएंगे। पहले यह फीचर रील्स पर आएगा और फिर बाद में इसे एक्सपलोर फीड के लिए भी रोल आउट कर दिया जाएगा।

    इस तरह करेगा काम

    जानकारी के अनुसार, यह फीचर रोल आउट होने के बाद यूजर यह सेट कर पाएंगे कि वो अपने फीड में किस टॉपिक से जुड़ी रील्स कम या ज्यादा देखना चाहेंगे। इससे लोगों को इंस्टाग्राम पर कंटेट मैनेज करने का भी ज्यादा कंट्रोल मिलेगा। पिछले कुछ समय से इंस्टाग्राम अपने रिकमंडेशन सिस्टम को पारदर्शी बनाने की कोशिश कर रहा है और यह ताजा फीचर उसी पहल का हिस्सा होगा। पिछले कुछ सालों में कंपनी ने सेंसिटिव कंटेंट को लिमिट करने, पैरेंटल कंट्रोल को फाइन-ट्यून करने और अनावश्य पोस्ट को हाइड करने के साथ-साथ कई ऑप्शन दिए हैं।

    हिस्ट्री फीचर किया इंस्टाग्राम ने रोल आउट

    अब हाल ही में इंस्टाग्राम ने वॉच हिस्ट्री का फीचर रोल आउट किया है। इस फीचर में यूजर्स अपनी पहले देखी गई रील्स को दोबारा देख पाएंगे। इसमें डेट, वीक, महीने और यहां तक कि किसी स्पेसिफिक डेट की देखी गई रील को ढूंढने का ऑप्शन भी मिलेगा।
  • Whatsapp के सामने फीका पड़ा Arattai ऐप, 100 की रैंकिंग से हुआ बाहर

    Whatsapp के सामने फीका पड़ा Arattai ऐप, 100 की रैंकिंग से हुआ बाहर

    टेक्नोलॉजी: कुछ दिनों पहले ही जोहो का अराटाई ऐप को व्हाट्सऐप का बड़ा स्वदेशी ऑप्शन माना जा रहा था। गूगल प्ले स्टोर पर सबसे ज्यादा डाउनलोड करने वाली यह ऐप बन गई थी परंतु अब इसका जादू फीका पड़ता दिख रहा है। व्हाट्सएप्प के मुकाबले यह ऐप यूजर्स को कुछ खास पसंद नहीं आ रही है। प्ले स्टोर पर भी यह टॉप 100 की लिस्ट से बाहर हो गई थी। करीबन एक महीने पहले हर कोई अराटाई ऐप की बात कर रहा था और बड़ी संख्या में लोगों ने इस ऐप पर अपना अकाउंट भी बनाया था पर अब यह फीका पड़ता दिख रहा है।

    इसलिए पीछे रहा अराटाई ऐप

    अराटाई ऐप को 2021 में लॉन्च किया गया था परंतु इसको लाइमलाइट इसी साल मिली थी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओक पोस्ट के बाद लोगों ने इस ऐप को डिस्कवर किया और इसके यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ गई। इसमें व्हाट्सएप्प जैसे कई फीचर्स मिलते है लेकिन यह लंबे समय तक अपना जादू यूजर्स तक नहीं चला पाई। शुरुआत में इसके मैसेज भी एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड नहीं थे। इसके अलावा व्हाट्सऐप से लोगों को हटाकर अराटाई एक बड़ी चुनौती बन चुका था जिसको कंपनी पार नहीं कर पाई। व्हाट्सऐप को लोग लंबे समय से इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में कई लोगों के लिए यह मैसेज और कॉलिंग के लिए डिफॉल्ट चॉइस बन चुका है। इसके चलते अब अराटाई के लिए रैंकिंग में टॉप पर बने रहना मुश्किल हो गया था।

    प्राइवेसी होने के बाद भी नहीं चला ऐप

    पूरी तरह भारत में बने हुए अराटाई ऐप में व्हाट्सएप्प की तरह पर्सनल चैट, ग्रुप चैट, वॉइस नोट, इमेज और वीडियो शेयरिंग जैसे फीचर्स भी मिलते हैं। अब इसमें पर्सनल चैट के लिए भी एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फीचर आ गया है। कंपनी कई और नए फीचर से लैस करने की भी तैयारी कर रही है। इसमें जोहो पे ऐप को भी इंटीग्रेट करने की तैयारी चल रही है। इससे यूजर्स चैटिंग के साथ-साथ अराटाई को पेमेंट के लिए भी इस्तेमाल कर पाएगा। इसे बनाने वाली कंपनी जोहो का यह कहना है कि अराटाई में प्राइवेसी का भी पूरा ध्यान रखा गया है। ऐसे में कभी भी यूजर्स का पर्सनल डेटा मोनेटाइज नहीं होगा।
  • Google Chrome करते हैं इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान, साइबर सुरक्षा एजेंसी ने दी चेतावनी

    Google Chrome करते हैं इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान, साइबर सुरक्षा एजेंसी ने दी चेतावनी

    टेक्नोलॉजी: भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने हाल ही में एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। एजेंसी ने यह बताया है कि गूगल क्रोम डेस्कटॉप ब्राउजर और डेवलपर्स के द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्लेटफॉर्म Gitlab में कई गंभीर सुरक्षा खामिया पाई गई है। इन कमजोरियों का फायदा उठाकर अब साइबर अपराधी डेटा चुरा सकते हैं। सिस्टम पर मनमाने कोड भी चला सकते है और अलग-अलग तरह के हमले कर सकते हैं। एजेंसी ने यह जानकारी भी दी है कि Google और Gitlab दोनों ही प्लेफॉर्म्स ने इन समस्याओं के लिए सिक्योरिटी पैच और अपडेट्स जारी किए हैं। इन अपडेट्स को तुरंत इंस्टॉल करने के लिए भी कहा गया है।

    परफॉर्मेंस और सिक्योरिटी दोनों पर होगा असर

    कंपनी के अनुसार, गूगल क्रॉम के डेस्कटॉप वर्जन में कई तकनीकी खामियां पाई गई हैं। यह दिक्कतें खासतौर पर इसके JavaScript इंजन में है। इससे ही वेबसाइट्स पर कोड रन होते हैं। यदि इन कमजोरियों को दुरुपयोग का इस्तेमाल हुआ तो ब्राउजर की परफॉर्मेंस और सिक्योरिटी दोनों ही प्रभावित होगी। V8 इंजन क्रोम का जरुरी हिस्सा है। यह वेबसाइट्स के जावा स्क्रीप्ट को कंप्यूटर की तकनीकी भाषा में बदलकर चलाता है। एजेंसी ने यह चेतावनी दी है कि कोई भी दूर बैठा हुआ हमलावर यूजर्स को एक स्पेशल वेबसाइट लिंक भेजकर इन चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हैकर्स संवेदनशील जानकारी भी चुरा सकते हैं। सिक्योरिटी बाईपास कर सकते हैं या फिर सिस्टम पर कोई मनमाना कोड लगाकर हैक कर सकते हैं।

    वेरिफिकेशन सिस्टम हो सकता है प्रभावित

    कंपनी ने यह भी बताया है कि Gitlab Community और Enterprise Editions दोनों में ही कुछ गंभीर सुरक्षा कमजोरियां पाई गई है। ये दिक्कतें एक्सेस कंट्रोल मैनेजमेंट से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में कौन सा यूजर किन फीचर्स तक पहुंच पाएगा यह सिस्टम अच्छे ढंग से कंट्रोल नहीं कर पा रहा था। इन्हीं कमजोरियों के चलते एप्लिकेशन टेस्टिंग टूल्स और सॉफ्टवेयर वेरिफिकेशन सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं। यदि कोई हैकर इन कमियों का फायदा उठाएगा तो सिक्योरिटी लेयर्स भी बायपास हो सकती हैं। इससे सिस्टम क्रैश हो सकता है और यूजर्स के लिए यह अनउपलब्ध हो सकता है।

    यूजर्स को रखना चाहिए ध्यान

    कंपनी ने सभी क्रोम और Gitlab चलाने वाले यूजर्स को यह कहा है कि अपना सॉफ्टवेयर तुरंत अपडेट करें। इसके अलावा किसी भी तरह की संदिग्ध वेबसाइट या किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। इससे आप साइबर हमलों से बच पाएंगे।    
  • Aadhaar Card से जुड़े काम अब घर बैठी करवा सकेंगे, सेंटरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं

    Aadhaar Card से जुड़े काम अब घर बैठी करवा सकेंगे, सेंटरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं

    टेकः नवंबर की शुरुआत होते ही कई बड़े बदलाव हो चुके है। देश के आम आदमी पर इन नए बदलावों का सीधा असर पड़ेगा। आधार से जुड़े नियमों में भी आज से कुछ बदलाव प्रभावी हो गए हैं। 1 नवंबर से आधार के कुछ बहुत अहम और महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू कर दिए हैं। अब आधार कार्ड होल्डर अपना नाम, पता, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर में कभी भी और कहीं भी बदलाव कर सकते हैं। इस नए बदलाव से अब इन कामों के लिए आधार सेंटर के चक्कर लगाने की कोई जरूरत नहीं होगी। इन नए नियमों का उद्देश्य आधार से जुड़ी सेवाओं को तेज, आसान और सुविधाजनक बनाना है। – आधार अपडेटः आधार में नाम, पता, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर जैसे डिटेल्स को अब बिना सेंटर जाए, ऑनलाइन ही अपडेट किया जा सकता है। ये प्रोसेस अब पैन या पासपोर्ट जैसे लिंक किए गए सरकारी रिकॉर्ड के जरिए डेटा को वैरिफाई करती है, जिससे डॉक्यूमेंट अपलोड करने या सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। – आधार सेवाओं की फीस में बदलावः UIDAI ने आधार सेवाओं के लिए नई फीस का ब्योरा जारी कर दिया है। डेमोग्राफिक डिटेल्स में बदलाव के लिए 75 रुपये की फीस लगेगी, जबकि बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 125 रुपये की फीस लगेगी। ऑनलाइन अपडेट 14 जून, 2026 तक फ्री रहेंगे, उसके बाद नई फीस लागू होगी। इसके अलावा, 5-7 और 15-17 साल के बच्चों के लिए फ्री बायोमेट्रिक अपडेट आगे भी जारी रहेगा।
    • आधार-पैन लिंक अनिवार्यः आधार और पैन लिंक करना अनिवार्य हो गया है। पैन और आधार को लिंक करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर, 2025 है। अगर आप 31 दिसंबर तक अपने आधार और पैन को लिंक नहीं करते हैं तो 1 जनवरी, 2026 से अपना पैन निष्क्रिय हो जाएगा। इसके अलावा, नए पैन के लिए भी आधार ऑथेंटिकेशन की जरूरत होगी।
  • iPhone यूजर्स को मिलेगी नई सुविधा, International Payments हो जाएगी आसान

    iPhone यूजर्स को मिलेगी नई सुविधा, International Payments हो जाएगी आसान

    टेकः भारत के आईफोन यूजर्स के लिए बड़ी खबर है। उन्हें एक और बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। दरअसल Apple Pay भारत से बाहर के यानी सीमापार पेमेंट्स के लिए अपनी पहुंच बढ़ा रही है और इसी क्रम में अब इसने एक और मुकाम हासिल कर लिया है। इसके जरिए भारत के लोग अपने आईफोन में मिलने वाले Apple Pay फीचर से ज्यादा क्रॉस बॉर्डर ट्रांजेक्शन्स कर पाएंगे। Apple Pay की मदद से विदेशी मर्चेंट्स को और इंटरनेशल वेबसाइट्स पर भी ट्रांजेक्शन्स कर पाएंगे। वहीं देश के मर्चेंट्स के पास भी विदेशी खरीदारों को खरीदारी कराने का अच्छा मौका होगा।

    भारतीय आईफोन यूजर्स और दुकानदारों के पास एप्पल पे के रूप में पैसा लेने-देने का एक नया तरीका आ गया है। यूजर्स के लिए ओवरसीज बायर्स से खरीदारी करते समय परेशानी कम हो जाएगी। ना तो उन्हें मल्टीपल पेमेंट मोड से गुजरना पड़ेगा और ना ही अतिरिक्त पेमेंट स्टेप्स के लिए एक्स्ट्रा समय देना पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक आपका फोन वॉलेट ही आपके क्रॉस बॉर्डर ट्रांजेक्शन के सभी चरणों को पूरा कर लेगा।

    अगर आपने कभी किसी इंटरनेशनल ब्रांड से खरीदारी की है, किसी विदेशी वेबसाइट से कुछ बुक किया है या किसी बाहर की सर्विस को आपने बुक किया है, तो आपको इस बात का अनुभव होगा कि बाहर के पेमेंट के लिए कितने पापड़ बेलने पड़ जाते हैं। हालांकि अब एप्पल पे की नई सुविधा की मदद से ये लक्ष्य रखा गया है कि आपका ट्रांजेक्शन का अनुभव ज्यादा साफ हो, ज्यादा तेज हो और इसका इंटीग्रेशन ज्यादा हो।

  • Fastag की KYC की प्रक्रिया हुई आसान, नया नियम लागू

    Fastag की KYC की प्रक्रिया हुई आसान, नया नियम लागू

    टेकः अगर आप भी फास्टैग का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए ये खबर बेहद काम की है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने फास्टैग यूजर्स के लिए KYC प्रक्रिया को आसान बना दिया है। अब न तो बेवजह दस्तावेज अपलोड करने की झंझट होगी, न ही अकाउंट बंद होने का डर! नए नियमों के बाद ग्राहकों के लिए फास्टैग वेरिफिकेशन पहले से कहीं ज्यादा सरल और तेज हो गया है।

    नया नियम?
    भारतीय हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) की नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अब KYC प्रक्रिया में गाड़ी के साइड फोटो की जरूरत नहीं पड़ेगी। यानी अब केवल वाहन की फ्रंट फोटो अपलोड करनी होगी, जिसमें फास्टैग और नंबर प्लेट साफ दिखाई दे। इतना ही नहीं, जैसे ही यूजर वाहन नंबर, चेसिस नंबर या मोबाइल नंबर डालेंगे, सिस्टम अपने आप वाहन का RC डेटा ‘वाहन पोर्टल’ से फेच कर लेगा। अगर किसी यूजर के नाम या मोबाइल नंबर पर एक से ज्यादा गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं, तो वह यह चुन सकेगा कि किस वाहन के लिए वह KYC प्रक्रिया पूरी करना चाहता है। इससे गलत जानकारी या दस्तावेज अपलोड होने की संभावना भी खत्म हो जाएगी।

    पुराने फास्टैग पर कोई असर नहीं
    नए KYC नियम लागू होने के बावजूद पुराने फास्टैग यूजर्स को चिंता करने की जरूरत नहीं है। NHAI ने साफ किया है कि पुराने फास्टैग तब तक सक्रिय रहेंगे, जब तक उनके दुरुपयोग या किसी गड़बड़ी की शिकायत नहीं आती। हालांकि, बैंक समय-समय पर यूजर्स को SMS अलर्ट भेजकर KYC पूरी करने की याद दिलाएंगे।

    अगर किसी ग्राहक को KYC प्रक्रिया पूरी करने या दस्तावेज अपलोड करने में परेशानी आती है, तो जारी करने वाला बैंक खुद पहल करेगा और ग्राहक की मदद से प्रक्रिया पूरी करवाएगा। इसके अलावा, यूजर्स नेशनल हाईवे हेल्पलाइन 1033 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या जानकारी ले सकते हैं।