Category: Tech

  • Whatsapp में जल्द बदल सकता है ये फीचर, इस वजह से कंपनी ने लिया फैसला

    Whatsapp में जल्द बदल सकता है ये फीचर, इस वजह से कंपनी ने लिया फैसला

    टेक्नोलॉजी: व्हाट्सएप्प एक ऐसा सोशल मीडिया है जिसका इस्तेमाल यूजर्स सबसे ज्यादा करते हैं। एक-दूसरे को जरुरी सूचना देने और किसी भी तरह की जानकारी देने के लिए यह एक जरुरी प्लेटफॉर्म बन चुका है। अब तक तो व्हाट्सएप्प पर मैसेज भेजने की कोई भी लिमिट नहीं थी लेकिन अब शायद इस नियम में बदलाव हो सकता है। यूजर्स रोज अपने चाहने वालों को अनगिनत मैसेज भेज सकते थे पर अब इस नियम से शायद आपको दिक्कत आ सकती है। स्पैम को रोकने के लिए व्हाट्सएप्प की ओर से यह कदम उठाया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब ऐसे लोगों को भेजे जाने वाले मैसेज पर मंथली लिमिट लग सकती है जो रिप्लाई नहीं करते हैं। यह फैसला सिर्फ बिजनेसेस ही नहीं बल्कि यूजर्स पर भी लागू हो जाएगा। अभी इस फैसले पर कंपनी विचार कर रही है और जल्द ही इसकी टेस्टिंग भी शुरु कर दी जाएगी।

    जल्द शुरु होगा ट्रायल

    रिपोर्ट्स की मानें तो मेटा की ओर से अगले कुछ हफ्तों में कई देशों में इसका ट्रायल शुरु करने की भी पुष्टि की है हालांकि अभी तक मैसेज लिमिट की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। नया सिस्टम आने पर हर उस यूजर को भेजा गया मैसेज मंथली कोटा में गिना जाएगा जो रिप्लाई नहीं करता है। उदाहरण के तौर पर जैसे आपने किसी को 2 मैसेज भेजे और उसने एक का भी रिप्लाई नहीं किया तो ये 2 मैसेज मंथली कोटा में गिने जाएंगे। इसमें उन यूजर्स के पास भेजे गए मैसेज की गिनती नहीं होगी जिनके साथ आप चैटिंग करते हैं या जो आपके मैसेज पर रिप्लाई करते हैं।

    आम यूजर्स पर नहीं पड़ेगा असर

    इस फीचर का असर आम यूजर्स पर नहीं होगा। व्हाट्सएप्प का कहना है कि इस बदलाव से आम यूजर्स और उनकी चैटिंग पर कोई भी असर नहीं होगा। इस फैसले का असर सिर्फ उन्हीं लोगों और बिजनेस अकाउंट्स पर होगा जो एक ब्लक या फिर स्पैम मैसेज भेजते हैं। गौरतलब है कि व्हाट्सएप्प के दुनियाभर में तीन अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। अब इसका इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार से लेकर मार्केटिंग और फर्जी स्कीमों के प्रचार-प्रसार में भी हो रहा है। मैसेज फॉरवर्ड लिमिट लगाने और कई रिपोर्टिंग टूल्स लाने के बाद भी स्पैम मैसेजेज में कोई कमी नहीं आई। ऐसे में नए बदलाव आने से मेटा को यह उम्मीद है कि स्पैम मैसेज पर लगाम लग पाएगी।  
  • इस Diwali OnePlus 13 दे रहा Bumper Offer, इतने का मिलेगा Discount

    इस Diwali OnePlus 13 दे रहा Bumper Offer, इतने का मिलेगा Discount

    टेकः बाजारों में दिवाली की पूरी रौनक है, ऐसे में नया फोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो OnePlus का फ्लैगशिप फोन सस्ते में मिल रहा है। इस मौके का फायदा उठाकर आप कई हजार रुपये की बचत कर सकते हैं। सेल में OnePlus 13 पर बंपर डिस्काउंट मिल रहा है। ये ऑफर OnePlus 13 के 12GB RAM और 256GB स्टोरेज विकल्प पर मिल रहा है। इस फोन को आप Amazon से सस्ते में खरीद सकते हैं. कंपनी ने इस फोन को 69,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च किया था, लेकिन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ये फोन 61,999 रुपये में लिस्ट है।

    इसके अलावा स्मार्टफोन पर 4000 रुपये का डिस्काउंट HDFC बैंक कार्ड पर मिल रहा है। दोनों ही डिस्काउंट के बाद इस फोन की कीमत घटकर 57,999 रुपए हो जाती है। यानी इस फोन पर सभी ऑफर्स के बाद 12000 रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है। अगर आप अपना पुराना फोन एक्सचेंज करते हैं, तो कीमत और भी कम हो जाएगी। स्मार्टफोन पर 44 हजार रुपये तक का एक्सचेंज ऑफर मिल रहा है। हालांकि, फोन की एक्सचेंज वैल्यू उसकी कंडीशन पर निर्भर करती है।

    OnePlus 13 एक दमदार फोन है, जो Amazon Sale में आकर्षक कीमत पर मिल रहा है। ये फोन 6.82-inch के AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। स्क्रीन की प्रोटेक्शन के लिए सिरेमिक गार्ड का इस्तेमाल किया गया है।

    स्मार्टफोन Android 15 के साथ लॉन्च हुआ था और इसे लेटेस्ट Android का अपडेट भी मिलेगा। स्मार्टफोन Qualcomm Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर पर काम करता है। इसमें 12GB और 16GB RAM के साथ 256GB और 512GB स्टोरेज का विकल्प मिलता है।

  • Google के CEO सुंदर पिचाई का अहम ऐलान, भारत में बनेगा AI Hub, कंपनी करेगी निवेश

    Google के CEO सुंदर पिचाई का अहम ऐलान, भारत में बनेगा AI Hub, कंपनी करेगी निवेश

    टेक्नोलॉजी: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हब बनाया जाएगा। इसके लिए अब कंपनी की ओर से 15 डॉलर रुपये का निवेश भी किया जाएगा। सुंदर पिचाई ने बताया कि उन्होंने इस बारे में पीएम नरेंद्र मोदी से भी बात की है। एक खास प्लान के साथ आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बड़ा सेंटर और एआई हब बनाया जाएगा। सुंदर पिचाई ने इससे जुड़ी एक पोस्ट सोशल मीडिया पर भी शेयर की है।

    पीएम मोदी से बात करने का अनुभव रहा शानदार

    उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा कि – ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने का अनुभव बहुत ही शानदार रहा। हमने विशाखापट्टनम में बनने वाला गूगल के पहला एआई हब का प्लान भी शेयर किया है। यह एक ऐतिहासिक कदम होगा। इस हब में गीगावॉट स्तर की कम्पूयटिंग क्षमता एक नया अंतरराष्ट्रीय सबसी गेटवे और बड़े पैमाने पर एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में शामिल होगा’।

    गूगल करेगा अरबों रुपये का निवेश

    गूगल इसके लिए भारत में 15 बिलियन डॉलर के निवेश की योजना भी बना रहा है। यह देश के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं होगा। इससे भारत को भी बहुत फायदा होगा। यदि इस 15 बिलियन डॉलर को भारतीय मुद्रा के अनुसार देखें तो यह 1,331.85 अरब रुपये होंगे।

    इंजीनियरों को मिलेगा मौका

    रिपोर्ट्स की मानें तो गूगल के एक कार्यक्रम में गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कुरियन ने बताया कि नया एआई हब, एआई बुनियादी ढांचे, नई डेटा सेंटर क्षमता, बड़े ऊर्जा स्त्रोतों और विस्तारित ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क को इकट्ठा करेगा। कुरियन ने कहा कि – हम विशाखापत्तनम में एआई केंद्र स्थापित करने के लिए अगले पांच सालों में 15 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की योजना भी बना रहे हैं। गूगल का यह पहला एआई हब होगा। गूगल इसके लिए भारतीय एआई इंजीनियरों को भी मौका देगा। थॉमस कुरियन ने इवेंट के दौरान बताया है कि गूगल भारत में पिछले 21 सालो से काम कर रही है और 14 हजार से ज्यादा भारतीय इसके साथ जुड़े हुए हैं।
  • Free के WiFi से करें Unlimited Movies डाउनलोड, लेकिन सुरक्षा का भी रखें ध्यान

    Free के WiFi से करें Unlimited Movies डाउनलोड, लेकिन सुरक्षा का भी रखें ध्यान

    टेकः अक्सर ऐसा होता है कि हम ट्रेवल कर रहे होते हैं और हमारे डिवाइस में इंटरनेट नहीं आ रहा होता। ऐसे टाइम पर हम अपने आसपास के फ्री वाई-फाई का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होगा कि उनके आसपास कोई फ्री वाई-फाई भी है। यदि अधिकतर लोगों को यह पता लग जाए कि उनके आसपास फ्री वाई-फाई है तो वे इसका इस्तेमाल कर अपना डेटा बचा सकते हैं और आसानी से मूवी डाउनलोड या बाकी काम कर सकते हैं।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुफ्त वाई-फाई ढूंढने के लिए कुछ ऐप्स बहुत मददगार हो सकते हैं। इंस्टाब्रिज, वाई-फाई मैप, वाई-फाई अराउंड, विमन और वीफाई जैसे ऐप्स हैं, जो आपके आसपास के फ्री वाई-फाई हॉटस्पॉट की जानकारी देते हैं। ये ऐप्स मैप या एक लिस्ट के जरिए बताते हैं कि कहां वाई-फाई उपलब्ध है। और साथ ही लॉगिन की जानकारी और यूजर रिव्यू भी देत हैं। ऐप्स एंड्रॉयड और आईओएस दोनों पर उपलब्ध हैं।

    सबसे पहले सुनिश्चित करें कि आपका डिवाइस यानि फोन, लैपटॉप या टैबलेट वाई-फाई से कनेक्ट होने में सक्षम है या नहीं। जब आप किसी ऐसी जगह पहुंचें जहां मुफ्त वाई-फाई है, तो अपने डिवाइस की वाई-फाई सेटिंग्स खोलें। Available Network की सूची में से उस नेटवर्क को चुनें, जिससे आप जुड़ना चाहते हैं। अगर यह पब्लिक नेटवर्क है, तो कनेक्ट होने के बाद एक वेबपेज खुल सकता है। यहां आपको नियम स्वीकार करने या ईमेल डालने की जरूरत हो सकती है। कुछ जगहों पर सिक्योर वाई-फाई होता है, जिसके लिए पासवर्ड चाहिए, ये वहां लिखा हुआ हो सकता है।

    ये सावधानियां बरतना जरूरी
    – पबल्कि वाई-फाई पर निजी जानकारी, जैसे- बैंक डिटेल्स या पासवर्ड का इस्तेमाल न करें।
    – अपने डिवाइस को हमेशा अपने पास रखें और स्क्रीन लॉक का इस्तेमाल करें।
    – ऑनलाइन शॉपिंग या संवेदनशील काम के लिए अपने घर के सुरक्षित वाई-फाई या मोबाइल डेटा का इस्तेमाल करें।
    – संभव हो तो VPN का इस्तेमाल करें, जो आपकी जानकारी को और सुरक्षित रखता है।

  • ये संकेत हो सकते है आपके Phone Hack की वजह, तुरंत हो जाए सावधान!

    ये संकेत हो सकते है आपके Phone Hack की वजह, तुरंत हो जाए सावधान!

    टेकः स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है। यह न सिर्फ हमारी बातचीत का जरिया है, बल्कि हमारी निजी जानकारी भी स्टोर करता है। लेकिन अगर आपका फोन हैक हो जाए तो आपको बड़ी परेशानी हो सकती है। आपका फोन हैक हो चुका है या नहीं, इसका आप पहले ही पता लगा सकते हैं। इसके लिए आपको अपने फोन की गतिविधियों पर बारीक नजर बनाए रखनी होगी। इसके बाद आपको शक हो तो आप एक नंबर डायल कर पता कर सकते हैं कि फोन हैक हुआ या नहीं।

    फोन का जल्दी डिस्चार्ज होनाः अगर आपका फोन पहले की तुलना में बहुत जल्दी डिस्चार्ज हो रहा है, तो यह चिंता की बात हो सकती है। जासूसी सॉफ्टवेयर (स्पायवेयर) बैकग्राउंड में चलकर आपकी जानकारी किसी तीसरे व्यक्ति को भेजता रहता है, जिससे बैटरी तेजी से खत्म होती है। इसे जांचने के लिए अपने फोन की सेटिंग्स में जाएं। बैटरी का विकल्प चुनें। देखें कि कौन सा ऐप सबसे ज्यादा बैटरी खा रहा है। अगर कोई अनजान ऐप ज्यादा बैटरी इस्तेमाल कर रहा है, तो सावधान हो जाएं।

    बार-बार हैंग हो रहा फोनः अगर आपका फोन ऐप्स खोलने में धीमा हो रहा है, बार-बार हैंग हो रहा है या बिना कारण क्रैश कर रहा है, तो यह स्पाई सॉफ्टवेयर का असर हो सकता है। ऐसे सॉफ्टवेयर फोन के संसाधनों का बहुत इस्तेमाल करते हैं, जिससे फोन की गति धीमी हो जाती है। अगर रीस्टार्ट करने के बाद भी समस्या बनी रहे, तो यह हैकिंग का संकेत हो सकता है।

    डेटा का तेजी से खत्म होनाः यदि आपके फोन का डेटा भी तेजी से खत्म हो रहा है, तो मुमकिन है फोन का कंट्रोल हैकर्स के पास हो। जासूसी ऐप्स आपकी जानकारी, जैसे- मैसेज, कॉल लॉग, ऑडियो या वीडियो को बाहरी सर्वर पर भेजते हैं। अगर आपने कुछ खास नहीं किया, फिर भी डेटा जल्दी खत्म हो रहा है, तो सावधान हो जाएं।

    रोकने के लिए ये डायल करेंः अगर *#67# डायल करने पर आपको यह पता लगे कि फोन कहीं फॉरवर्ड हो रहा है, तो आप ##002# डायल कर आपनी सभी कॉल्‍स अनफॉरवर्ड कर दें और डेटा भी सिक्योर हो जाएगा। इससे आपके मैसेज भी किसी और के पास फॉरवर्ड नहीं होंगे।

  • Whatsapp का नया Feature बदलेगा Chatting का तरीका, बिना नंबर कर पाएंगे Message

    Whatsapp का नया Feature बदलेगा Chatting का तरीका, बिना नंबर कर पाएंगे Message

    टेकः WhatsApp अपने यूजर्स के लिए कुछ न कुछ नया करता रहा है, जल्द ही WhatsApp अब एक कमाल का फीचर लाने वाला है। जो यूजर्स मैसेज भेजने पर भी अपना नंबर साझा नहीं करना चाहते, यह उनके लिए कमाल का फीचर होगा। फिलहाल WhatsApp पर किसी को मैसेज करने पर आपके नंबर सामने वाले के साथ शेयर होते हैं, उसे दिखता है कि किस नंबर से मैसेज आया है। लेकिन WhatsApp का नया ‘यूजरनेम’ फीचर बिना नंबर के ही किसी और से जुड़ने का विकल्प देगा।

    WABetaInfo ने व्हाट्सएप के बीटा वर्जन 2.25.28.12 में इस नए फीचर की जानकारी दी है। दरअसल, अब तक WhatsApp में चैट करने के लिए फोन नंबर देना जरूरी था, लेकिन इस नए फीचर से आप एक यूनिक यूजरनेम बना सकेंगे। इससे आपकी प्राइवेसी बढ़ेगी और आप आसानी से लोगों से जुड़ सकेंगे। यह फीचर अभी टेस्टिंग फेज में है और जल्द ही सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध हो सकता है।

    अभी यह फीचर सभी के लिए शुरू नहीं हुआ, लेकिन ऐप के कोड में प्रोफाइल सेक्शन में एक नया विकल्प दिखा है। इस विकल्प के जरिए यूजर्स अपने पसंदीदा यूजरनेम चुन सकेंगे और उसे रिजर्व कर सकेंगे। इसका मतलब है कि आप पहले से ही अपना पसंदीदा नाम चुन सकते हैं, ताकि जब यह फीचर लाइव हो जाए, तो आपको मनचाहा यूजरनेम मिल जाए।

    यूजरनेम में क्या-क्या डाल सकते हैं?
    WhatsApp यूजरनेम चुनने के लिए कुछ नियम भी ला रहा है। जैसे- यूजरनेम www से शुरू नहीं हो सकता। यूजरनेम में कम से कम एक अक्षर होना जरूरी है। आप नंबर, अंडरस्कोर (_) और डॉट (.) जैसे कुछ खास कैरेक्टर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका मकसद है कि कोई फर्जी प्रोफाइल न बनाए या ऐसा नाम न चुने, जो किसी वेबसाइट या ब्रांड जैसा लगे।

  • Flipkart से यूजर ने ऑर्डर किया Iphone 16, बॉक्स खोला तो हुआ हैरान

    Flipkart से यूजर ने ऑर्डर किया Iphone 16, बॉक्स खोला तो हुआ हैरान

    टेक्नोलॉजी: फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज (Flipkart Big Billions Days) सेल अभी हाल ही में खत्म हुई है। कंपनी ने यह दावा भी किया है कि उन्होंने कस्टमर्स को कई शानदार डील्स और ऑफर दिए हैं परंतु एक शख्स ने ऐसा हैरानी वाला खुलासा किया है जिसके बाद शायद लोग ऑनलाइन फोन खरीदने से पहले कई बार सोचे। शख्स ने बताया कि उसने फ्लिपकार्ट से Iphone 16 खरीदा था पर जब बॉक्स खोला तो वो खुद भी हैरान हो गया।

    Iphone 16 की जगह निकला स्मार्टफोन

    शख्स ने एक्स पर @bharaths028 नाम के अकाउंट पर पोस्ट शेयर की है। इस पोस्ट में शख्स ने लिखा कि उसने सेल के दौरान आईफोन 16 ऑर्डर किया। इसके बाद जब उसने डिलिवरी बॉय से बॉक्स ओपन करवाया तो वो हैरान हो गया। इससे जुड़ा वीडियो भी उसने एक्स पर पोस्ट किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि आईफोन 16 की डिलिवरी होनी थी और जब बॉक्स खोला तो वह हैरान हो गए। वीडियो में दिखाया गया है कि फ्लिपकार्ट डिलिवरी बॉक्स खोलने के बाद उसके अंदर से सैमसंग का स्मार्टफोन निकला।

    फ्लिपकार्ट ने मांगी माफी

    इस पोस्ट पर फ्लिपकार्ट ने रिप्लाई भी दिया है। कंपनी ने यूजर से माफी मांगी है। इसके अलावा उन्होंने यूजर से उसकी डिटेल्स भी मांगी है ताकि वह इस समस्या को सुलझा सकें हालांकि ये समस्या सुलझी या नहीं अभी इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

    बंपर सेल में मिला आईफोन पर ऑफर

    फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज की सेल के दौरान आईफोन पर बंपर ऑफर का ऐलान किया गया था। इस सेल के दौरान आईफोन 60 हजार रुपये से कम कीमत में मिल रहा था। बीते साल इस हैंडसेट की शुरुआती कीमत 79,990 रुपये थी। इस सेल के दौरान आईफोन 15 और आईफोन 14 भी सस्ते में बेचे जा रहे थे।
  • Market में जल्द आएगा 3 बार Fold होने वाला Mobile, इस दिन हो सकता है लान्च

    Market में जल्द आएगा 3 बार Fold होने वाला Mobile, इस दिन हो सकता है लान्च

    टेकः जल्द ही सैमसंग अपना ट्राई-फोल्ड स्मार्टफोन गैलेक्सी Z लॉन्च करने की तैयारी में है। यह फोन काफी समय से चर्चा में बना हुआ था। अब लोगों को तीन बार फोल्ड होने वाला फोन जल्द मिलेगा। इस साल सैमसंग, ऐपल और वनप्लस जैसे कंपनियों ने एक से एक अच्छे फोन्स पेश किए हैं। लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, Samsung Galaxy Z Tri-Fold स्मार्टफोन इस महीने के आखिरी या अगले महीने की शुरुआती दिनों में लॉन्च हो सकता है।इसका मतलब है कि स्मार्टफोन एक महीने के भीतर मार्केट में आ सकता है। हालांकि इसकी लॉन्चिंग को लेकर सैमसंग ने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

    इस फोन में मिलेगा सैमसंग DeX मोड
    यह नया फोल्डेबल फॉर्म फैक्टर वाला फोन दो हिंज के साथ आएगा। इसमें फ्लोटिंग विंडो और सैमसंग DeX मोड दिया जाएगा। साथ ही, इसमें 100x डिजिटल जूम वाला एक एडवांस कैमरा भी मिल सकता है। अभी इस बार पर कोई पुष्टि नहीं है कि यह फोन ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध होगा या कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित रहेगा। इन लीक हुई जानकारियों के अलावा, ट्राई-फोल्ड फोन के अन्य स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स अभी तक सामने नहीं आए हैं। कंपनी ने फोन के खास फीचर्स अभी तक टीज नहीं किए हैं। इस बार सैमसंग फोन को लेकर काफी सतर्क है और उसकी खास जानकारियां लीक नहीं होने दे रही है।

    जहां एक तरह ऐपल अभी भी फोल्डेबल मार्केट में नहीं उतर पाया है, वहीं सैमसंग तीन बार फोल्ड होने वाले फोन के साथ तैयार है। ऐसे में ऐपल के लिए चुनौतियां और भी बढ़ गई हैं। हालांकि कई रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐपल भी जल्द अपना फोल्डेबल फोन लॉन्च करने वाली है।

  • Google के अधिकारियों को हैकर्स ने बनाया निशाना, इस वजह से भेजा Notice

    Google के अधिकारियों को हैकर्स ने बनाया निशाना, इस वजह से भेजा Notice

    टेक्नोलॉजी: हैकर्स ने पूरी दुनिया में तबाही मचाई हुई है। कई अकाउंट्स हैक करके वह ढेऱों रुपये लेकर फरार हो जाते हैं परंतु इस बार तो गूगल के सीनियर अधिकारियों को हैकर्स ने निशाना बनाया है। Alphabet Inc. की ओर से गूगल को यह चेतावनी दी गई है कि हैकर्स अब अलग-अलग कंपनियों के सीनियर अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं। इन अधिकारियों को मेल भेजे जा रहे हैं। इस मेल में यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने Oracle E-Business Suite से संवेदनशील डाटा चुरा लिया है और यदि वो फिरौती नहीं देंगे तो यह डाटा सार्वजनिक कर दिया जाएगा। सबसे हैरानी की बात यह है कि इन मेल्स का संबंध कुख्यात Clop Ransomware ग्रूप के साथ जोड़ा गया है जो पहले भी बड़े साइबर हमले कर चुके हैं।

    पैसा वसूलने की साजिश

    गूगल के अनुसार, इन हैकर्स ने ईमेल के जरिए कंपनी के टॉप अधिकारियों को यह कहकर डराने की कोशिश की है कि उनके पास वित्तीय और ऑपरेशनल डेटा मौजूद है हालांकि इस मामले में गूगल ने यह साफ कर दिया है कि अब तक ऐसा कोई भी सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित होगा कि अभी तक कोई डेटा चोरी हुआ है। ऐसा माना जा रहा है कि यह सिर्फ कंपनियों को डराकर पैसा वसूलने की एक साजिश है। फिलहाल गूगल ने यह जानकारी शेयर नहीं की है कि कितनी कंपनियों या किन अधिकारियों को इस तरह के मेल मिल रहे हैं।

    कंपनियों को होगा भारी नुकसान

    दुनिया भर की कई बड़ी कंपनियां जैसे कि Oracle E-Business Suite ही इस्तेमाल करती है। इसमें उनका जरुरी वित्तीय और परिचालन संबंधी डेटा सुरक्षित रहता है। यदि वास्तव में उनका डेटा लीक है या इसके लीक होने की खबर फैलती है तो कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान और ब्रांड वैल्यू पर गहरा असर झेलना पड़ेगा। एक्सपर्ट्स की मानें तो कई बार हैकर्स के पास कोई असली डेटा नहीं होता वो सिर्फ धमकी देकर ही कंपनियों से पैसा वसूल करने की कोशिश करते हैं। कई कंपनियां अपना नाम बचाने के लिए फिरौती चुकी भी देती हैं पंरतु इससे साइबर अपराधियों का हौंसला बढ़ जाता है।

    कंपनियां ऐसे कर सकती हैं बचाव

    .इस तरह के साइबर अपराधियों से बचने के लिए कर्मचारियों को फिशिंगऔर स्पैम ईमेल की पहचान करवानी सिखानी चाहिए। . संगठन में मल्टी लेयर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू करने चाहिए ताकि इस तरह के साइबर हमलों से बचा जा पाए। . गूगल और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार कंपनियों को तुरंत अलर्ट होने की जरुरत है ताकि साइबर अपराधियों से बचा जा पाए। . नेटवर्क सिक्योरिटी और डेटा एन्क्रिप्शन की नियमित जांच होनी चाहिए। इससे यह पता चलता है कि साइबर अपराधी सिर्फ डेटा ही चोरी नहीं करते बल्कि उसके नाम पर कंपनियों को ब्लैकमेल करके पैसे भी लेने की कोशिश कर रहे हैं।
  • नए दौर में AI WiFi का इस्तेमाल बढ़ा, Speed बनेगी Rocket

    नए दौर में AI WiFi का इस्तेमाल बढ़ा, Speed बनेगी Rocket

    टेकः अक्सर वाई-फाई यूज करते समय लोगों को स्लो स्पीड की समस्या का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका कई काम बीच में ही अटक जाता है। कई लोग राउटर बदलकर भी देखते हैं, लेकिन समस्या वैसे ही बनी रहती है। यही कारण है कि अब नए दौर में ‘ AI WiFi ‘ तकनीक आ गई है। इस तकनीक से वायरलेस नेटवर्क को बेहतर बनाया जा सकता है। यह नेटवर्क की स्पीड, सिक्योरिटी और यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाती है।

    क्या है AI WiFi?
    AI WiFi ऐसा वाई-फाई सिस्टम है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके अपने आप नेटवर्क को बेहतर बनाता है। ये नेटवर्क ट्रैफिक, यूजर्स के बिहेवियर और आसपास की कंडीशन्स को रियल टाइम में चेक करता है। फिर अपने आप स्पीड बढ़ाता है और सिक्योरिटी को मजबूत करता है। मशीन लर्निंग की मदद से ये यूजर्स के पैटर्न को समझता है, प्रॉब्लम्स को पहले ही पकड़ लेता है और अपने आप एडजस्टमेंट करता है। जैसे खुद ही बैंडविड्थ को सही तरीके से बांट देता है या किसी खतरे को ढूंढ लेता है।आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस यानी एआई हमारे गैजेट्स को खुद फैसला लेने में सक्षम बना रहा है। एक फैसला आप भी लीजिए एआई में अपना भविष्‍य तलाशने का। NBT Upskill AI से करियर ग्रोथ वर्कशॉप में रजिस्टर करें।

    बैंडविड्थ को मैनेज करता है
    AI WiFi नेटवर्क को पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और तेज बनाता है। यह ऐसी तकनीक है, जो समस्याओं को होने से पहले ही पकड़ लेती है और उन्हें ठीक कर देती है। यह तकनीक नेटवर्क को बदलने में भी सक्षम बनाती है। इसको यूं समझें कि जैसे ज्यादा डिवाइस कनेक्ट हों तो यह अपने आप बैंडविड्थ को मैनेज करता है। इससे यूजर्स को बिना रुकावट के इंटरनेट मिलता है।

    AI WiFi खासियतें…
    – यह भविष्यवाणी करता है कि नेटवर्क में कब ज्यादा लोड होगा और पहले से ही उसकी तैयारी कर लेता है।
    – यह अपने आप नेटवर्क की सेटिंग्स को ठीक करता है, जैसे कि चैनल बदलना या स्पीड को बैलेंस करना।
    – यह समस्याओं को जल्दी पकड़कर अपने आप ठीक करता है, जिससे आईटी टीम का काम कम हो जाता है।
    – यह सिक्योरिटी को बढ़ाता है और किसी भी खतरे को तुरंत पकड़ लेता है।
    – जब यूजर एक से दूसरी जगह जाते हैं, यह तब भी उन्हें बिना रुकावट के कनेक्शन देता है।