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  • क्या Paytm को टक्कर देगा Amazon App? कंपनी ने Launch किया नया Payment Interface

    क्या Paytm को टक्कर देगा Amazon App? कंपनी ने Launch किया नया Payment Interface

    टेक्नोलॉजी: एमेजॉन पे (Amazon Pay) अब जल्द ही पेटीएम को टक्कर देने जा रहा है। इसका ऐलान खुद कंपनी ने किया है। एमेजॉन पे ने एक नया पेमेंट इंटरफेस ऐप लॉन्च किया है जिसमें आपको एक जगह पर ही सभी पेमेंट्स के मोड्स मिल जाएंगे। इसके साथ ही आपको एक डैशबोर्ड भी मिलेगा। आप यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, ऐमेजॉन पे बैलेंस और ऐमेजॉन पे लेटर सभी ऑप्शन्स को एक ही जगह पर नजर आएंगे।

    पर्सनल रिवॉर्ड्स भी किए गए शामिल

    इस नए फीचर्स में कंपनी ने पर्सनलाइज रिवॉर्ड्स भी जोड़े हैं। यह रिवॉर्ड्स हर ट्रांजेक्शन की वैल्यू को मैक्सिमाइज करेंगे। यूजर्स को इसमें एक नया डैशबोर्ड भी मिलेगा। इस डैशबोर्ड की मदद से आप सभी बिल्स को मैनेज कर सकते हैं। यहां पर आपको बिल और सब्सक्रिप्शन सभी की डिटेल्स मिल जाएंगी। इसके साथ ही आपको रिमाइंडर से लेकर ऑटो पेमेंट तक का भी ऑप्शन मिलेगा। इस अपग्रेड के कारण से यूजर्स आसानी से अपने सभी फाइनेंशियल टास्क पूरा कर पाएंगे।

    ऐेमेजॉन से ही कर पाएंगे एक्सेस

    ऐेमेजॉन पे के इस लेटेस्ट फीचर्स को एक्सेस करने के लिए आपको किसी भी दूसरे ऐप की जरुरत नहीं पड़ेगी। आप इसको ऐमेजॉन ऐप में से ही एक्सेस कर पाएंगे। आप यूपीआई, कार्ड, ऐमेजॉन पे बैलेंस और पे लैटर जैसे सभी फीचर्स को एक ही जगह पर एक्सेस कर पाएंगे। इसके अलावा सभी डेबिट और क्रेडिट कार्ड भी आसानी से मैच किए जा पाएंगे।

    ऐसे करें एक्सेस

    इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको ऐमेजॉन ऐप पर नजर आ रहे वॉलेट ऑप्शन पर क्लिक करना पड़ेगा। फिर यहां से आपको कई सारे ऑप्शन्स नजर आएंगे। यहीं पर आपको एक डैशबोर्ड भी दिखेगा। इस डैशबोर्ड पर आपको बिल और सब्सक्रिप्शन की डिटेल्स भी मिल जाएंगी। आप रिमाइंडर और ऑटो पे- भी इसको सेट कर सकते हैं।
  • Realme 15X 5G Launch: जबरदस्त बैटरी और कैमरे के साथ धमाकेदार एंट्री!

    Realme 15X 5G Launch: जबरदस्त बैटरी और कैमरे के साथ धमाकेदार एंट्री!

    Tech: Realme ने अपना नया स्मार्टफोन मॉडल (जैसे Realme 15X 5G) भारत में लॉन्च कर दिया है। यह फोन खासतौर पर उन यूज़र्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जो बड़ी बैटरी, दमदार कैमरा और लेटेस्ट 5G कनेक्टिविटी की तलाश में हैं। इस फोन में कई शानदार फीचर्स दिए गए हैं, जो इसे इसके प्राइस सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनाते हैं।

    1. कीमत और उपलब्धता:
    Realme 15X 5G को कंपनी ने तीन वेरिएंट्स में लॉन्च किया है – 6GB+128GB की कीमत ₹16,999, 8GB+128GB की कीमत ₹17,999 और 8GB+256GB की कीमत ₹19,999 रखी गई है। यह स्मार्टफोन फ्लिपकार्ट, Realme की आधिकारिक वेबसाइट और प्रमुख ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी ने UPI भुगतान और कुछ चुनिंदा बैंक कार्ड्स पर विशेष छूट और नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी उपलब्ध कराया है।

    2. डिस्प्ले और डिज़ाइन:
    फोन में 6.8 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 144Hz का रिफ्रेश रेट और 1200 निट्स तक की ब्राइटनेस मिलती है। इसका डिज़ाइन प्रीमियम फिनिश के साथ आता है और यह IP68 और IP69 जैसे सर्टिफिकेशन के साथ वाटर व डस्ट रेसिस्टेंट है। फोन का वज़न करीब 212 ग्राम है।

    3. परफॉर्मेंस और प्रोसेसर:
    Realme 15X 5G में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर दिया गया है जो 6nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है। यह प्रोसेसर गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए बेहतरीन माना जाता है। इसके साथ 6GB/8GB RAM और 128GB/256GB इंटरनल स्टोरेज मिलती है जिसे माइक्रोSD कार्ड की मदद से 2TB तक बढ़ाया जा सकता है।

    4. कैमरा सेटअप:
    फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इसमें 50MP का डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। साथ ही, फ्रंट में भी 50MP का दमदार सेल्फी कैमरा मौजूद है, जो वीडियो कॉलिंग और सेल्फी के अनुभव को बेहतरीन बनाता है। कैमरा में कई AI फीचर्स और नाइट मोड जैसे विकल्प भी शामिल हैं।

    5. बैटरी और चार्जिंग:
    फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7,000mAh की बड़ी बैटरी है, जो लंबे समय तक इस्तेमाल की सुविधा देती है। इसे 60W SuperVOOC फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी का सपोर्ट भी मिलता है, जिससे यह कुछ ही मिनटों में काफी हद तक चार्ज हो जाता है।

    निष्कर्ष:
    Realme 15X 5G एक पावरफुल बैटरी, शानदार कैमरा और मजबूत डिजाइन के साथ आता है, जो इसे मिड-रेंज सेगमेंट के अन्य फोनों से अलग बनाता है। अगर आप ₹20,000 के अंदर एक ऑलराउंडर 5G फोन की तलाश में हैं, तो यह एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

  • SmartPhone के ये Feature Parents को जरूर बताएं, मुश्किल समय में आएंगे काम

    SmartPhone के ये Feature Parents को जरूर बताएं, मुश्किल समय में आएंगे काम

    टेकः स्मार्टफोन चलाना आजकल बहुत आसान हो गया है। हालांकि, कुछ ऐसे फीचर्स होते है जिनके बारे में पैरेंट्स को पता होना बहुत जरूरी है जो उनकी जिंदगी में कभी भी काम आ सकते है।

    Google Wallet: आजकल वॉलेट या फिर जेब में पैसे लेकर चलना तो जैसे लोग भूल ही गए हैं। ऐसे में एंड्रॉयड स्मार्टफोन का Google Wallet फीचर काफी काम आता है। पैरेंट्स को इस फीचर के बारे में पता होना जरूरी है। उन्हें इसका उपयोग करना आना चाहिए। सुपरमार्केट और रेस्टोरेंट में कैश के बिना भी वे भुगतान कर पाएंगे।

    Gemini: एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स के Gemini फीचर आज के समय में सभी के लिए सबसे उपयोगी फीचर्स में से एक है। वहीं, पैरेंट्स के लिए यह फीचर और भी उपयोगी हो जाता है। वे Gemini से कुछ भी पूछ सकते हैं। साथ ही, फोन को बोलकर ऑपरेट भी कर सकते हैं। इस कारण उन्हें इस फीचर के बारे में जानकारी भी होना चाहिए। साथ ही, इसे इस्तेमाल करना भी आना चाहिए।

    Do not Disturb का यूज करना सिखाएं: एक उम्र के बाद नींद ना आना आम बात हो जाती है। साथ ही, बुजुर्गों की नींद हल्की सी आवाज में खुल जाती है और एक बार नींद खुलने के बाद दोबारा से सोना उनके लिए बड़ा टास्क बन जाता है। इस कारण उनकी तबियत भी खराब हो जाती है। इस कारण पैरेंट्स को Do not Disturb फीचर के बारे में पता होना चाहिए ताकि जब भी वे सोने जाएं तो फोन को DND पर लगा दें और उनकी नींद आराम से पूरी हो सके।

    कैमरा शॉर्टकटः पैरेंट्स को भी आजकल फोटो खींचने का काफी शौक होता है। कई लोग तो फोन फोटो खींचने के लिए ही लेते हैं। ऐसे में फोन के अंदर जाकर कैमरा के लिए सर्च करना उनके लिए मुश्किल काम हो जाता है। इस कारण पैरेंट्स को कैमरा शॉर्टकट फीचर की जानकारी होनी चाहिए।

    Google Maps: गूगल मैप्स भी एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बहुत उपयोगी फीचर है। युवाओं के साथ-साथ Google Maps बुजुर्गों के लिए भी काफी उपयोगी है, क्योंकि इस आयु पर पता याद रखना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में गूगल मैप्स पर घर का पता सेव कर सकते हैं। इससे जब भी कहीं वे जाएंगे तो गूगल मैप्स पर सीधी सेव किया हुआ पता डालेंगे और घर पहुंच जाएंगे।

  • क्या Whatsapp को टक्कर देगा ये नया Messaging App, यूजर्स को कैसे होगा फायदा?

    क्या Whatsapp को टक्कर देगा ये नया Messaging App, यूजर्स को कैसे होगा फायदा?

    टेक्नोलॉजी: जोहो (Zoho) ने एक नया मैसेजिंग ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप का नाम Arratai है। कंपनी का यह कहना है कि यह लो सस्ते स्मार्टफोन और स्लो इंटरनेट स्पीड वाले एरिया में भी काम करेगा। इस ऐप का फायदा उन सभी को होगा जो रिमोट एरिया या फिर ग्रामीण इलाकों में रहते हैं। जोहो के अराटाई ऐप का मुकाबला व्हाट्सएप्प के साथ होगा। व्हाट्सएप्प दुनियाभर के पॉपुलर मैसेजिंग ऐप्स में से एक है। इसके करीबन 3 अरब मंथली एक्टिव यूजर्स हैं। यह ऐप करीबन 180 देशों में उपलब्ध है परंतु भारत में इसका एक बड़ा यूजरबेस है।

    जोहो के अराटाई ऐप में होंगे ये खास फीचर्स

    अगर बात जोहो के अराटाई फीचर्स की करें तो यह एक लो बैंडविथ ऑप्टिमाइजेशन पर काम करेगा। इससे इंटरनेट डेटा की खपत कम होगी। आसान शब्दों में अगर देखा जाए तो यदि आपके पास कमजोर या फिर बार-बार डिसकनेक्ट होने वाला नेटवर्क है तो इन इलाकों में अराटाई आसानी से काम कर पाएगा।

    लाइटवेट डिजाइन के साथ सस्ते फोन को मिलेगा सपोर्ट

    जोहो का यह अराटाई ऐप ऐसे डेवलप किया गया है कि ये फोन की कम मेमोरी को इस्तेमाल करता है। इससे आपकी बैटरी पर भी कम लोड पड़ेगा। ऐसे मे यह स्मार्टफोन लो कंफिग्रेशन को सपोर्ट करता है जिसपर कई बार हैवी ऐप्स क्रैश हो जाते हैं।

    सिक्योरिटी की नहीं होगी सुविधा

    अराटाई एक मैसेजिंग ऐप है। अभी यह अपनी शुरुआती फेज में है। कंपनी ने इसमें लो बैंडविथ का फीचर शामिल किया है परंतु इसमें अभी तक व्हाट्सएप्प जैसा एंड टू एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा नहीं दी। एंड टू एंड एन्क्रिप्शन को सिक्योरिटी के एंगल से बेहतर बताया जाता है। व्हाट्सएप्प के अंदर कई ऐसे फीचर्स भी हैं जो इसे दूसरे से अलग होती है।
  • ये Steps आपको बताएंगे की सेल में खरीदा iPhone असली है या नकली? जानें पूरी जानकारी

    ये Steps आपको बताएंगे की सेल में खरीदा iPhone असली है या नकली? जानें पूरी जानकारी

    टेकः फेस्टिवल सीजन की शुरुआत होती ही कई साइटों पर सेल शुरू हो जाती है। इस समय फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डे सेल और अमेजन की ग्रेट इंडियन फेस्टिवल सेल जारी है और लोग खरीदारी कर रहे है। ऐसे में कई लोग iPhone ऑर्डर कर चुके होंगे। लेकिन लोगों के मन में डर भी रहता है कि क्या जो फोन उन्होंने आर्डर किया है वह असली होगा या नकली, हर किसी के मन में डर रहता है कि उन्हें कोई चूना न लगा दें। ऑनलाइन ऑर्डर करने में थोड़ा संकोच होना स्वाभाविक है। अच्छी बात ये है कि ओपन-बॉक्स डिलीवरी में डिलीवरी पर्सन यह सुनिश्चित करता है कि फोन सही हालत में हो, तभी आप OTP देते हैं। फिर भी, कुछ आसान तरीके हैं, जिनसे आप यह पक्का कर सकते हैं कि आपको असली और नया iPhone मिला है।

    सीरियल नंबर की जांच करेंः जब आपका iPhone ओपन-बॉक्स डिलीवरी में आए, तो सबसे पहले फोन के बॉक्स पर लिखा सीरियल नंबर चेक करें। डिलीवरी पर्सन आपको फोन चेक करने के लिए कहेगा। वह न कहे तो भी आपको इसकी जांच तो करनी है। इसके लिए आप इस सीरियल नंबर को ऐपल की ऑफिसियल वेबसाइट पर डालें। वहां आपको पता चलेगा कि फोन पहले से एक्टिवेट किया गया है या नहीं। अगर सेलर ने आपको पहले से एक्टिवेट किया हुआ फोन दिया है, तो आप डिलीवरी स्वीकार करने से मना कर दें। यदि यह लिखा आता है कि ‘डिवाइस नॉट एक्टिवेटेड’, इसका मतलब फोन बिल्कुल नया है।

    मॉडल नंबर की जांच करेंः मॉडल नंबर से भी आपको पता लग सकता है कि आपके पास जो डिवाइस आया है, वह फ्रेश है या नहीं। अगर मॉडल नंबर M से शुरू होता है, तो यह ज्यादातर नया फोन होता है। अगर यह F से शुरू होता है, तो फोन रीफर्बिश्ड है। N का मतलब है कि यह रिप्लेसमेंट डिवाइस है। P का मतलब है कि यह पर्सनलाइज्ड डिवाइस है। साथ ही, मॉडल नंबर के अंत में H/NA होना चाहिए, जो यह दिखाता है कि फोन भारत में बिक्री के लिए बनाया गया है, न कि कोई डेमो मॉडल है।

    IMEI नंबर का मिलान करेंः आप अपने फोन के IMEI नंबर की जांच कर भी फोन की Authenticity पता कर सकते हैं। इसके लिए फोन के बॉक्स पर लिखे सीरियल नंबर और IMEI नंबर को फोन के साथ मिलान करके देखें। फोन को जल्दी से एक्टिवेट करें, साइन इन करें और फिर सेटिंग्स में जाकर चेक करें कि फोन का IMEI नंबर और सीरियल नंबर बॉक्स पर लिखे नंबरों से मेल खाते हैं या नहीं। अगर ये नंबर मेल खाते हैं, तो आप निश्चिंत हो सकते हैं कि आपको वही फोन मिला है जो बॉक्स में होना चाहिए।

  • Google मना रहा 27वां Birthday, इतने सालों में Search Engine ऐसे बना लोगों की पहली पसंद

    Google मना रहा 27वां Birthday, इतने सालों में Search Engine ऐसे बना लोगों की पहली पसंद

    नई दिल्ली: 27 सितंबर 2025 को गूगल अपना 27वां जन्मदिन मना रहा है। गूगल की ऑफिशियल स्थापना 4 सितंबर 1998 में हुई थी परंतु कंपनी ने जन्मदिन 27 सितंबर को मनाना शुरु किया। इस दिन जन्मदिन मनाने का कारण यह था कि इस दिन गूगल ने अपने सर्च इंजन की ओर से इंडेक्स किए गए पेजों की संख्या में एक खास रिकॉर्ड बनाया था। 27 सालों में गूगल ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में नया बदलाव ला दिया है। आज कोई भी सवाल हो सबसे पहले एक ही जवाब आता है गूगल कर लो यहां से आपको हर सवाल का जवाब मिल जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि गूगल हम सभी की जिंदगी का एक जरुरी हिस्सा बन गया है।

    ऐसे शुरु हुआ था गूगल का सफर

    गूगल का सफर 1995 में शुरु हुआ था। उस समय लैरी पेज और सर्जी ब्रिन ने स्टैनफॉर्ड यूनिवर्सिटी में एक रिसर्च प्रोजेक्ट के अंतर्गत सर्च एल्गोरिथम डेवलप किया था। इस रिसर्च प्रोजेक्ट का उद्देश्य इंटरनेट पर मौजूद जानकारी को और भी अच्छे से ऑर्गनाइज करना था। 1997 में इसको गूगल नाम दिया गया। यह नाम Mathematics के शब्द Googol से प्रेरित था। यह शब्द एक के बाद एक 100 जीरो का प्रतीतक है। इसके अलावा यह कंपनी के बड़े डाटा को व्यवस्थित करने का महत्व भी दर्शाता है। 4 सितंबर 1998 को मेनलो पॉर्क, कैलिफोर्निया के एक गैराज से गूगल की स्थापना हुई। शुरुआती दिनों में कंपनी के पास सिर्फ पुराने कंप्यूटर और पिंग-पोंग टेबल थी परंतु आज यह गैराज टैक्नोलॉजी की दुनिया में सबसे प्रभावशाली प्लेटफॉर्म की शुरुआत के तौर पर साबित हुआ था।

    लैरी पेज और सर्जी ब्रिन ने शुरु किया था गूगल

    लैरी पेज और सर्जी ब्रिन ने गूगल की शुरुआत की थी। दोनों ही स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पीएचडी स्टूडेंट थे। इसके बाद गूगल पेज ने कंप्यूटर साइंस के सेक्टर में इंटरनेसट लिंकिंग पर रिसर्च शुरु की। ब्रिन गणित में काफी टैलेंटेड थे। दोनों ने मिलकर Pagerank का एल्गोरिथम बनाया जो वेबसाइट की रैंकिंग को लिंकिंग व्यवहार के आधार पर तय करता था। गूगल के शुरुआती निवेश में Andy Bechtolsheim ने 1 लॉख रुपये डॉलर का दिया था। उनकी मदद से कंपनी गैराज से बाहर आई और इनका पहला ऑफिस Google Plex में शिफ्ट हुआ। गूगल के जो शुरुआती कर्मचारी थे उनमें Susan Wojcicki भी शामिल थी जो बाद में यूट्यूब की सीईओ बन गई।

    गूगल को झेलनी पड़ी थी मुश्किलें

    गूगल को उसकी हर सफलता के साथ-साथ नई चुनौतियों और कुछ असफलताओं का भी सामना करना पड़ा था। जैसे गूगल का गूगल प्लस फेसबुक की तुलना में कम मशहूर हुआ था। गूगल बज्ज सिर्फ 22 महीनों तक ही चल पाया था। इसके अलावा गूगल के कुछ और ऐप्स जैसे कि Orkut, Google Labs, Google Allo कुछ समय के बाद बंद हो गए थे।
  • Festival sale शुरू, TV, Laptops और Mobile पर मिल रही Bumper Deals

    Festival sale शुरू, TV, Laptops और Mobile पर मिल रही Bumper Deals

    टेकः Flipkart और Amazon दोनों वेबसाइट पर आज से सेल शुरू हो गई है। Flipkart पर प्लस मेंबर्स और ब्लैक मेंबर्स के लिए Flipkart Big Billion Days Sale लगी है। वहीं सामान्य मेंबर्स को फ्लिपकार्ट की इस सेल का लाभ 23 सितंबर से मिलेगा। यह सेल स्मार्टफोन से लेकर लैपटॉप, टीवी, स्मार्टवॉच, ईयरबड्स और टैबलेट आदि इलेक्ट्रॉनिक्स सामान पर डिस्काउंट प्रदान कर रही है। सेल में कीमत में कटौती के साथ-साथ बैंक ऑफर का लाभ दिया जा रहा है। वहीं एक्सचेंज ऑफर से अतिरिक्त बचत की जा सकती है।

    Flipkart Big Billion Days Sale में Samsung और LG आदि जैसे ब्रांड्स की वॉशिंग मशीन की शुरुआत 6,790 रुपये से हो रही है। अतिरिक्त बचत के लिए एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट या डेबिट कार्ड से भुगतान पर 10 प्रतिशत डिस्काउंट पा सकते हैं।

    Samsung Galaxy S24 FE फ्लिपकार्ट सेल के दौरान 29,999 रुपये में मिल रहा है। इस डील में बैंक ऑफर भी शामिल हैं, जिसमें एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई कार्ड से भुगतान पर छूट मिल रही है।

    Poco X7 Pro 5G फ्लिपकार्ट सेल के दौरान 19,999 रुपये में मिलेगा। इसमें बैंक ऑफर और अन्य ऑफर भी शामिल है। X7 Pro 5G में 6.67 इंच की AMOLED डिस्प्ले दी गई है। X7 Pro 5G में मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8400 अल्ट्रा प्रोसेसर है। इस फोन में 6,550mAh की बैटरी दी गई है जो कि 90W हाइपरचार्ज का सपोर्ट करती है।

    Nothing Phone (3a) Pro फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज सेल के दौरान 29,999 रुपये के बजाय 24,999 रुपये में मिलेगा। इस फोन में 6.77 इंच की FHD+ फ्लेक्सिबल AMOLED डिस्प्ले है। यह फोन ऑक्टा कोर Snapdragon 7s Gen 3 4nm प्रोसेसर से लैस है। इस फोन में 5000mAh की बैटरी दी गई है।

    CMF Phone 2 Pro का 8GB RAM और 128GB स्टोरेज वेरिएंट फ्लिपकार्ट पर 18,999 रुयपे के बजाय 14,999 रुपये में मिलेगा। Phone 2 Pro में 6.77 इंच की फुल एचडी+ AMOLED डिस्प्ले दी गई है। इसमें ऑक्टा कोर मीडियाटेक डाइमेंसिटी 7300 प्रो प्रोसेसर दिया गया है। इस फोन में 5,000mAh की बैटरी दी गई है।

  • AI से इन लोगों की नौकरियों को ज्यादा खतरा, UN की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    AI से इन लोगों की नौकरियों को ज्यादा खतरा, UN की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र के द्वारा जारी की गई नई रिपोर्ट से कामकाजी महिलाओं को थोड़ा धक्का लग सकता है। नई रिपोर्ट जैंडर स्नैपशॉट 2025 ने एआई को लेकर अहम खुलासा किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर की महिलाओं को नौकरियों को लेकर चेतावनी दे दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण से महिलाओं की लगभग 28% नौकरियां खतरे में आ गई है। वहीं इसके चलते पुरुषों को सिर्फ 21% नौकरियों पर ही असर होगा। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि तकनीक के साथ तेजी से बढ़ती हुई इस दुनिया में जेंडर डिजिटल डिवाइड यानी की डिजिटल तौर पर असमानता और भी बढ़ जाएगी।

    कम हो जाएगा आंकड़ा

    रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर भी बन सकता है परंतु यदि अभी कदम नहीं उठाए तो असमानता और भी बढ़ सकती है। रिपोर्ट में यह कहा गया है कि दुनिया के टेक्नोलॉजी सेक्टर में महिलाओं की हिस्सेदारी अभी भी बहुत कम है। वैश्विक टेक वर्कफोर्स में महिलाएं सिर्फ 29% हैं और टेक्नोलॉजी लीडरशिप रोल्स में यह आंकड़ा कम होकर सिर्फ 14% रह जाता है।

    जेंडर इक्वालिटी बढ़ेगी

    संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स की मानें तो साल 2025 बहुत ही खास है क्योंकि इसके बाद 2030 के लिए तय किए गए सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को पूरा करने में सिर्फ 5 साल बच जाएंगे। इसमें जेंडर इक्वालिटी भी एक बहुत बड़ा लक्ष्य है। रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है कि दुनिया के एक नए तरह के बदलाव का सामना कर रही है। रिपोर्ट में यह कहा गया है कि यदि सही समय पर कदम नहीं उठाए जाते हैं तो स्थिति पूरी तरह से बदल जाएगी। इससे 343 मिलियन महिलाओं और लड़कियों को भी फायदा होगा। 30 मिलियन महिलाओं को ज्यादातर यह गरीबी से बाहर निकाल देगी। 42 मिलियन महिलाओं और परिवारों के लिए भी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करवाई जा सकती है और 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की वैश्विक आर्थिक वृद्धि का कारण बनेगी।

    महिलाओं की भागीदारी के लिए जरुरी है ये चीजें

    यूएन की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाएं को नौकरियां बचाने और डिजिटल युग में बराबरी का हक लेने के लिए कई कदम उठाने पड़ेंगे। इसमें महिलाओं को डिजिटल और तकनीकी कौशल में निवेश करना पड़ेगा। अलग-अलग आर्थिक क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सुरक्षित ट्रांजिशन की सुविधाएं देनी पड़ेगी। लैंगिक-संवेदनशीलता श्रम और सामाजिक सुरक्षा नीतियों को लागू करना होगा।
  • इस Software के कारण हुआ था यूरोप पर Cyber Attack, कई Flights करनी पड़ी थी रद्द

    इस Software के कारण हुआ था यूरोप पर Cyber Attack, कई Flights करनी पड़ी थी रद्द

    नई दिल्ली: बीते दिन यूरोप समेत दुनिया भर के कुछ एयरपोर्ट्स पर साइबर अटैक हुआ। इस साइबर अटैक के कारण कई लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा और नुकसान भी हुआ। साइबर अटैक के कारण से असल में ऑटोमैटिक होने वाला काम अचानक से ठप हो गया। इसके कारण कई लोगों की फ्लाइट्स रद्द हुई तो कुछ फ्लाइट्स ने देरी से उड़ान भरी। एयरपोर्ट पर ज्यादातर काम ऑटोमैटिक तरीके से ही होते हैं परंतु शनिवार को हीथ्रो एयरपोर्ट, बुर्सेल्स और बर्लिन पर एक साइबर अटैक के कारण एयरपोर्ट का चेक-इन सिस्टम ठप हो गया। इसके बाद यूरोप जैसे देशों को मैनुअल चेक-इन और बोर्डिंग लिस्ट भी लगानी पड़ी। साइबर हमलावर ने Muse नाम के सॉफ्टवेयर के साथ हमला किया जिसके कारण से एयरपोर्ट के कई काम ही ठप हो गए। यहां तक की कई एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट्स ने भी देरी से उड़ान भरी और कुछ फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ी। बीबीसी की रिपोर्ट्स के अनुसार, आरटीएक्स कंपनी ने कहा कि वे इस साइबर संबंधी समस्या की पहचान कर चुके हैं और कुछ समय के अंदर इसको ठीक भी कर लिया गया। कंपनी ने आगे बताया कि उनका Muse Softwar प्रभावित हुआ जिसे Collins Aerospace प्रोवाइड कराती है और ये कंपनी आरटीएक्स की सहायक कंपनी है।

    क्या होता है म्यूज सॉफ्टवेयर?

    ये म्यूज सॉफ्टवेयर एक पैसेंजर प्रोसेसिंग सिस्टम है। यह एयरलाइंस कंपनियों को एक ही चेक-इन गेट और बोर्डिंग गेट को इस्तेमाल करने की परमिशन देता है। सिंपल शब्दों में एयर लाइन्स कंपनियां एक ही हार्डवेयर सिस्टम के अंतर्गत चेक-इन और बोर्डिंग का काम पूरा कर लेती है। म्यूज सॉफ्टवेयर की मदद से एयरलाइन्स कंपनियों को चेक-इन और बोर्डिंग करवाने के लिए अलग से कर्मचारियों की जरुरत नहीं होती। जब ये सिस्टम ठप हुआ तो इसकी क्षमता के अनुसार, मैनुअल चेक-इन का काम करने वाले कर्मचारी भी मौजूद नहीं थे। इसके बाद अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। इसके बाद लोगों को बोर्डिंग और चेक-इन जैसे कामों के लिए लंबी लाइन में भी लगना पड़ा। फिर कंपनियों को जल्दबाजी में कई काम मैनुअली तरीके से करने पड़े। फोन से मैनुअल बोर्डिंग लिस्ट बनानी पड़ी और इसी कारण कई लोगों को घंटों तक इंतजार भी करना पड़ा।  
  • भारत में शुरु हुई Tesla Car के नए मॉडल की Delivery, जानें कीमत और Features

    भारत में शुरु हुई Tesla Car के नए मॉडल की Delivery, जानें कीमत और Features

    नई दिल्ली: अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला ने भारत में अपने Model Y की डिलीवरी शुरु कर दी है। बीते दिन परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस कार की डिलीवरी ली थी। अब आईनॉक्स ग्रूप के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सिद्धार्थ जैन ने टेस्ला का इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा है। भारतीय उद्योग जगत में टेस्ला इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले वह पहले व्यक्ति बन गए हैं। टेस्ला कार की डिलीवरी के बाद उन्होंने एक्स पर अपनी खुशी जाहिर की है।

    टेस्ला ने दी बधाई

    सिद्धार्थ जैन ने अपनी इस पोस्ट में एलन मस्क को भी टैग किया है। टैग करते हुए उन्होंने लिखा कि – एलन मस्क मैं भारत की पहली टेस्ला कार पाकर बहुत रोमांचित हूं। 2017 में टेस्ला फ्रेमोट फैक्टरी देखने के बाद से ही मैं इस अनमोल पल का इंतजार कर रहा था। सपने सच होते हैं। उनकी इस पोस्ट पर टेस्ला इंडिया के ऑफिशियल हैंडल के द्वारा भी पोस्ट पर भी बधाई दी गई है। टेस्ला ने भारतीय बाजार में अपनी रणनीतिक मौजूदगी को तेजी से विस्तार देना शुरु किया। कंपनी ने 15 जुलाई को बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स में अपना पहला शोरुम शुरु किया था। इसके बाद 11 अगस्त को कंपनी ने दिल्ली के एयरोसिटी में अपना नया शोरुम भी शुरु किया है।

    भारत में इतनी है Tesla Model की कीमत

    भारत में टेस्ला मॉडल वाई पूरी तरह से इंपोर्ट के जरिए लाया जा रहा है। भारतीय बाजार में इसकी शुरुआत की कीमत 59.89 लाख रुपये है। ये कार दो अलग-अलग वेरिएंट (स्टैंडर्ड और लांग रेंज) में आ रही है। इसके लांग रेंज वेरिएंट की शुरुआती कीमत 67.89 लाख रुपये है। कंपनी ने पूरे देश में इस कार की ऑनलाइन बुकिंग शुरु कर दी है। इस कार के फीचर्स और बाकी चीजें आप कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट से बुक कर सकते हैं। लॉन्च के समय कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि शुरुआत में कार को मुंबई, दिल्ली, पुणे और गुरुग्राम में कार की डिलीवरी को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

     कार में मिलेगा ये खास फीचर

    टेस्ला मॉडल Y दो अलग-अलग बैटरी पैक (60KWH और बड़े 75 kWH बैटरी पैक) में मिलेगी। 60 Kwh की बैटरी एक बार चार्ज करने पर 500 किमी की ड्राइविंग रेंज (WLTP सर्टिफाइड) रेंज देगी। वही लॉन्ग रेंज वेरिएंट 622 किमी की ड्राइविंग रेंज देगी। इस कार में आपको ऑटोनॉमस ड्राइविंग फीचर भी मिलेगा। इस फीचर के लिए ग्राहकों को अलग से 6 लाख रुपये देने होंगे।