शिमलाः शहर के कच्चीघाटी इलाके में दिल्ली से आ रही एचआरटीसी वोल्वो बस के चालक के साथ सरेराह मारपीट का मामला सामने आया है। यह पूरी घटना गाड़ी ओवरटेक करने के विवाद को लेकर हुई, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिमला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मौके से ही दो आरोपियों को काबू कर लिया। वहीं बाकी 2 को भी पुलिस ने कुछ देर बाद पकड़ लिया।
दूसरी ओर, इस घटना के बाद पथ परिवहन निगम के ड्राइवर और कलेक्टरों ने शिमला के पुराना बस अड्डे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी कर्मचारियों ने बसों को खड़ा कर दिया लेकिन पुलिस द्वारा चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद वाहनों को चलाना दोबारा शुरू कर दिया।
जानकारी अनुसार, रविवार सुबह जब दिल्ली से शिमला आ रही एचआरटीसी वोल्वो बस ने रास्ते में हरियाणा नंबर की एक स्कॉर्पियो गाड़ी को ओवरटेक किया था। आरोप है कि ओवरटेक किए जाने से नाराज स्कॉर्पियो सवार युवकों ने बस का पीछा किया और कच्चीघाटी पहुंचते ही बस के आगे अपनी गाड़ी अड़ाकर उसे रुकवा लिया। इसके बाद युवकों ने बस चालक के साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच सड़क पर हुई इस गुंडागर्दी के चलते बस के अंदर बैठे यात्रियों में हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही बालूगंज थाना से शिमला पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे 2 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान पंकज (33 वर्ष) पुत्र शिव कुमार और विकास कुमार (22 वर्ष) पुत्र विलक्षण राम दोनों निवासी अभयपुर पंचकूला हरियाणा के रूप में हुआ। इनमें से दो आरोपी ठियोग की तरफ फरार हो गये थे। पुलिस ने उनको भी डिटेन करके थाना बालूगंज को सौंपा, जिनको पुलिस थाना बालूगंज की टीम द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। इनकी पहचान प्रतिभा पत्नि विक्की कुमार गांव अभयपुर पंचकुला, हरियाणा, विक्की कुमार पुत्र शिव कुमार निवास गांव अभयपुर पंचकुला, हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। शिमला पुलिस के अनुसार, इस मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और घटना के वक्त स्कॉर्पियो में मौजूद अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।







इस अवसर पर कांग्रेस की महासचिव व सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। वह ऐसे शख्स थे, जिनके दिल में हमेशा हिमाचल प्रदेश की भलाई रही। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर मेरे परिवार का हिमाचल प्रदेश के साथ विशेष लगाव है। यहां मेरा सिर्फ घर ही नहीं है, बल्कि मुझे पहाड़ों से भी बहुत लगाव है।
वीरभद्र सिंह को याद करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि राजनीति में कम ही मिसाल हैं, जो नेता सचाई पर चलते हैं। महात्मा गांधी ने देश को और वीरभद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश को जो रास्ता दिखाया, वही कांग्रेस पार्टी की मूल विचारधारा है। आज ऐसे नेताओं और राजनीति की जरूरत है जो सोशल मीडिया से आगे बढ़कर लोगों के लिए काम करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी निडर होकर सच बोलते हैं और कांग्रेस पार्टी की इसी विचारधारा को प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसी विचारधारा पर चली है और चलती रहेगी। देश को विकास की राजनीति चाहिए, लेकिन जो केंद्र में सत्तासीन हैं वह इस विचारधारा से दूर है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षा प्रतिभा सिंह ने कहा कि यह खुशी की बात है आज वीरभद्र सिंह की मूर्ति का अनावरण हुआ है और हमारे लिए यह भावुक क्षण है। सोनिया गांधी तथा प्रियंका गांधी ने इस कार्यक्रम मे आकर शोभा बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू भी वीरभद्र सिंह की तरह सादगी का जीवन जीते हैं और लोगों के कल्याण के लिए दिन-रात प्रयासरत रहते हैं।
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया और प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री यशवंत सिंह परमार ने हिमाचल के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान किया। उन्होंने वीरभद्र सिंह को आधुनिक हिमाचल का निर्माता बताते हुए कहा कि हम उनकी ही पाठशाला में पढ़े हैं। वीरभद्र सिंह का प्रदेश के लोगों के साथ भावनात्मक रिश्ता था। वह रात 12 बजे तक जन-समस्याएं सुनते थे और हमेशा प्रदेश के लोगों के दुख-दर्द में साथ खड़े रहते थे। वीरभद्र सिंह ने शिक्षा और महिलाओं के उत्थान के लिए जीवन भर काम किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सोनिया गांधी जबकि उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रियंका गांधी को सम्मानित किया। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल, पूर्व प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, सह प्रभारी विदित चौधरी और चेतन चौहान, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट व दीपेंद्र हुड्डा, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायकगण, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायकों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।








