Category: International

  • भीषण विमान हादसे में 10 की मौत, आजादी के जश्न में पसरा मातम, देखें वीडियो

    भीषण विमान हादसे में 10 की मौत, आजादी के जश्न में पसरा मातम, देखें वीडियो

    बहामासः कैरेबियन द्वीप समूह के देश बहामास से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां आजादी के जश्न की खुशियां मातम में पसर गई। यह जानलेवा हादसा नॉर्थ एंड्रॉस में हुआ, जो इस द्वीप समूह की राजधानी नसाऊ के पश्चिम में समुद्र के पास स्थित है। दरअसल, शुक्रवार को छोटा विमान क्रैश हो गया, जिससे उसमें सवार सभी 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। दरअसल, घटना के दौरान पूरा देश बहामास का 53वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था।
     
    View this post on Instagram
     

    A post shared by Encounter News (@encounter.news)

    घटना को लेकर बहामास के प्रधानमंत्री फिलिप ब्रेव डेविस ने शुरू में कहा कि एक व्यक्ति बच गया है, लेकिन बाद में उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुष्टि की कि चोटों के कारण उस व्यक्ति की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि हम गहरे दुख के माहौल में जमा हुए हैं और बताया कि लोग बहामास की आजादी की 53वीं सालगिरह मना रहे थे। यह दिन शोक का दिन बन गया है… जिन परिवारों को यह दुखद खबर मिली है कि उनका कोई अपना अब घर नहीं लौटेगा, उनके प्रति हम अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। इस हादसे का सोशल मीडिया पर एक बेहद डरावना वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में फ्लेमिंगो एयर की सेसना 402C (Cessna 402C) फ्लाइट का मलबा एक जंगली इलाके में दूर-दूर तक बिखरा हुआ साफ देखा जा सकता है। यह दुर्घटना नॉर्थ एंड्रोस के जंगलों में हुई है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन अथॉरिटी (AAIA) की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, यह विमान नासाउ के लिंडन पिंडलिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सैन एंड्रोस जाने के लिए रवाना हुआ था। दोपहर करीब 1:00 बजे उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पुलिस कमिश्नर शांता नोल्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस हादसे से जुड़ी कुछ और अहम जानकारियां दीं। उन्होंने पुष्टि की कि क्रैश के तुरंत बाद एक व्यक्ति मलबे से जिंदा बच निकला था। हालांकि, वह बहुत बुरी तरह जख्मी था और बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
  • अमेरिका-ईरान में बढ़ा तनाव: ट्रंप ने दी मिट्टी में मिलाने की धमकी, कहा- 1000 मिसाइलें “लॉक्ड एंड लोडेड”

    अमेरिका-ईरान में बढ़ा तनाव: ट्रंप ने दी मिट्टी में मिलाने की धमकी, कहा- 1000 मिसाइलें “लॉक्ड एंड लोडेड”

    नई दिल्लीः अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त और आक्रामक बयान दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि अमेरिका की 1000 मिसाइलें “लॉक्ड एंड लोडेड” हैं और सीधे ईरान की ओर निशाना साधे हुए हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब इजरायल की तरफ से भी अमेरिका को ईरान की कथित साजिशों से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

    हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने उनकी हत्या की साजिश रची या ऐसी कोई कोशिश की, तो अमेरिकी सेना पूरे एक साल तक ईरान के हर हिस्से पर लगातार हमले करने के लिए तैयार है। ट्रंप ने अपने संदेश में लिखा, “अगर ईरानी सरकार दुनिया के किसी भी हिस्से में मेरे खिलाफ हत्या की धमकी को अमल में लाने की कोशिश करती है, तो अमेरिका ईरान के सभी इलाकों को पूरी तरह तबाह कर देगा।

    आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार, इच्छुक और सक्षम है।” ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर चरम पर पहुंच गया है। जून में दोनों देशों के बीच संघर्ष के बाद एक अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ था, लेकिन हालिया सैन्य गतिविधियों और तीखे बयानों के बाद हालात फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं। हाल ही में ट्रंप ने नाटो सम्मेलन के दौरान भी कहा था कि वह ईरान की “हिट लिस्ट” में सबसे ऊपर हैं। उनका दावा था कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि ईरान उनके खिलाफ साजिश रच सकता है। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने अमेरिकी सेना को पहले से ही कड़े जवाबी सैन्य विकल्प तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।

  • जूता फैक्ट्री में भीषण आग लगने से 28 की मौत, छत पर फंसे मजदूरों का रेस्क्यू, देखें वीडियो

    जूता फैक्ट्री में भीषण आग लगने से 28 की मौत, छत पर फंसे मजदूरों का रेस्क्यू, देखें वीडियो

    फ़ुजियानः चीन के पूर्वी फ़ुजियान में जूतों की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। घटना के दौरान फैक्टरी में मौजूद लोगों में अफता तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में 28 लोगों की झुलसने से मौत हो गई। चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, आग जिनजियांग शहर के जूतों की एक फैक्ट्री में दोपहर करीब 12:04 बजे लगी। आग ने कई मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में घना काला धुआं उठने लगा। कई लोग छतों पर फंसे दिखें। छत पर फंसे मजदूरों को निकालने के लिए प्रशासन द्वारा रेस्क्यू किया जा रहा है।
     
    View this post on Instagram
     

    A post shared by Encounter News (@encounter.news)

    आग की सूचना मिलते ही दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार राहत और बचाव कार्य के लिए 183 बचावकर्मियों को तैनात किया गया। 35 दमकल और आपातकालीन वाहन भेजे गए। कई घंटों तक आग पर काबू पाने का प्रयास जारी रहा। काफी घंटों केबाद खुली लपटों को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया था, लेकिन फैक्ट्री परिसर में धुआं बना रहा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग फैक्ट्री के ग्राउंड फ्लोर यानी भूतल से शुरू हुई थी. अधिकारियों के अनुसार जूते बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, रसायन और चिपकाने वाले पदार्थ (एडहेसिव) अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं। इसी कारण आग बहुत तेजी से पूरी इमारत में फैल गई। बचाव दलों ने बताया कि फैक्ट्री परिसर में मौजूद रासायनिक पदार्थों के कारण वहां तेज और तीखी गंध फैल गई थी, जिससे आंखों में जलन हो रही थी। वहीं घटना को लेकर जारी वीडियो में फैक्ट्री भवन से ऊंची-ऊंची लपटें उठती दिखाई दे रही हैं। साथ ही आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार फैला हुआ नजर आ रहा है। वीडियो में कुछ लोग फैक्ट्री की छत पर फंसे हुए भी दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें बचाने के प्रयास किए जा रहे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इससे पहले कहा था कि इस आग में “भारी जनहानि” हुई है, जिससे संकेत मिलता है कि मृतकों और घायलों की संख्या काफी अधिक हो सकती है।  
  • विवादों में घिरे विदेश मंत्री, विदेशी महिलाओं के मामले में पोता गिरफ़्तार

    विवादों में घिरे विदेश मंत्री, विदेशी महिलाओं के मामले में पोता गिरफ़्तार

    लाहौरः पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार एक गंभीर विवाद में घिर गए हैं। दरअसल, विदेश मंत्री के पोते मोहम्मद रजा डार को लाहौर में 2 विदेशी महिलाओं के कथित गैंगरेप मामले में मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पाकिस्तान की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि मामला 29 जून का बताया जा रहा है, जिसमें 2 विदेशी महिलाएं है। जानकारी के अनुसार एक वेनेज़ुएला और दूसरी नीदरलैंड की हैं। आरोप है कि लाहौर में उनके साथ किडनैपिंग और गैंगरेप जैसी गंभीर वारदात हुई। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है। अदालत ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोहम्मद रजा डार की मुलाकात पिछले साल सिंगापुर में इन महिलाओं से हुई थी। बताया जा रहा है कि सभी एक क्रिप्टोकरेंसी वेंचर से जुड़े थे। आरोप है कि रजा ने ही दोनों महिलाओं के पाकिस्तान आने के लिए बिजनेस वीजा की व्यवस्था कराई थी। इस मामले ने राजनीतिक रंग तब ले लिया, जब सीनेटर फैसल वावड़ा ने इसहाक डार का खुलासा किया के इस्तीफे की मांग कर दी। वावड़ा ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बाद इशाक डार नैतिक रूप से अपने पद पर बने रहने के हकदार नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संघीय सरकार और पंजाब सरकार इस हाई-प्रोफाइल केस में मंत्री के परिवार को बचाने की कोशिश कर रही हैं।

    फैसल वावड़ा ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पाकिस्तान को फैमिली कॉरपोरेशन की तरह चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी भी संबंधित विदेशी दूतावासों के दबाव के बाद हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ऐसा गंभीर मामला सामने है तो इशाक डार दुनिया के सामने पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकते हैं। वावड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को गैंगरेप के बजाय केवल एक्सटॉर्शन तक सीमित करने की कोशिश हो रही है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पीड़ित विदेशी महिलाओं को जल्द से जल्द उनके देशों वापस भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि मामला ज्यादा न बढ़े। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब इशाक डार पाकिस्तान की विदेश नीति में बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में वह शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के साथ तेहरान पहुंचे थे, जहां उन्होंने ईरान के दिवंगत नेता अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। इस हाई-प्रोफाइल केस पर पूरे पाकिस्तान की नजर बनी हुई है।

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिली जान से मारने की धमकी

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिली जान से मारने की धमकी

    नई दिल्ली: अमरीका के चलते विवादों में रोज नए कारनामो मे फिर से एक और ख़बर सामने आई है। ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के दौरान तेहरान की सड़कों पर रविवार को माहौल उस वक्त बेहद गरमा गया, जब मंच संभाल रहे एक आयोजक ने सरेआम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की अपील कर दी। जिस कारन माहौल और गरम हो गया। लाखों की भीड़ ने इसका समर्थन किया।
    इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के एक साझा हमले में 86 साल के खामेनेई मारे गए थे, जिसके बाद ईरान युद्ध की शुरुआत हुई थी।  जनाजे के दौरान लाउडस्पीकर पर मोहम्मद रसूली नाम के एक कवि ने कमान संभाली। रसूली ने पहले तो भीड़ से ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘इजरायल मुर्दाबाद’ के पारंपरिक नारे लगवाए, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने अपना रुख सीधे डोनाल्ड ट्रंप की तरफ मोड़ दिया। मंच में दी खुली धमकी:
    यहा के निवासी ने लाखों लोगो से सहमति ले कर ट्रम्प की आलोचना को कटर और निंदाजनक बता कर उसके खिलाफ साजिश रची। जिसमे एक शख्स रोते होए बता रहा है की मेरी जिंदगी और इमाम को कुचल डाला है, ट्रम्प को बुरी से बुरी नसीहयत दे रहा था।
    लाखों लोगो ने खामनाए के पोस्टर को अपने हाथो मे लेकर सड़को के नीचे उतर आये। उधर, जिस वक्त तेहरान में ट्रंप को मारने की कसमें खाई जा रही थीं, ठीक उसी वक्त वाशिंगटन में डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका की स्थापना की 250वीं Anniversary के जश्न में शामिल हो रहे थे। इसके जरिए देश के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के लिए जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की जा रही है। यह सब ऐसे नाजुक समय पर हो रहा है जब ईरान, युद्ध को हमेशा के लिए रोकने के लिए वाशिंगटन के साथ पर्दे के पीछे बातचीत की मेज पर बैठा है। ईरान इस बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने रणनीतिक दबदबे का इस्तेमाल कर अमेरिका पर दबाव बनाने की कोशिश में है। हालांकि, ईरान के भीतर इस बात का डर अब भी बना हुआ है कि इजरायल कभी भी उस पर दोबारा सैन्य कार्रवाई कर सकता है। जंग चलने की वजह से ही इस जनाजे को पहले टाल दिया गया था, और जब तक यह युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक शांति समझौते की उम्मीदें अधर में लटकी हुई हैं।
  • शॉपिंग मॉल में 2 गुटों में विवाद, चली ताबड़तोड़ गोलियां, 2 की मौत

    शॉपिंग मॉल में 2 गुटों में विवाद, चली ताबड़तोड़ गोलियां, 2 की मौत

    डियरबॉर्नः अमेरिका के मिशिगन राज्य के डियरबॉर्न शहर में फेयरलेन टाउन सेंटर शॉपिंग मॉल में ताबड़तोड़ गोलियां चली। इस घटना को लेकर शॉपिंग मॉल में मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। घटना में 2 लोगों की मौत हो गई और एक घायल हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि युवाओं के दो गुटों के बीच हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गोलीबारी टारगेटेड लगती है, जिसमें दो लोगों के बीच विवाद के दौरान फायरिंग हुई और एक निर्दोष बायस्टैंडर भी गोली लगने से घायल हो गया।

    मॉल को तुरंत लॉकडाउन कर दिया गया और डियरबॉर्न पुलिस तथा मिशिगन स्टेट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल गोलीबारी के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। फेयरलेन टाउन सेंटर डेट्रॉइट मेट्रो एरिया का एक बड़ा शॉपिंग मॉल है, जो डाउनटाउन डेट्रॉइट से करीब 10 मील पश्चिम में स्थित है। वहीं डियरबॉर्न पुलिस प्रमुख ईसा शाहीन ने जानकारी दी कि भागने की कोशिश में एक व्यक्ति मॉल के बाहर एक वाहन की टक्कर लगने से घायल हो गया।

    पुलिस ने झगड़े से जुड़े कुछ संदिग्धों से थाने में पूछताछ की है, लेकिन फिलहाल किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है। पुलिस प्रमुख ने स्पष्ट किया कि यह कोई अचानक या रैंडम हमला नहीं था। दोनों गुट एक-दूसरे को पहले से जानते थे। मॉल में आमना-सामना होने पर उनके बीच झगड़ा शुरू हुआ, जो देखते ही देखते गोलीबारी में बदल गया। उन्होंने बताया कि दोनों गुटों के सदस्यों के पास पिस्तौल थीं। इस गोलीबारी में एक पीड़ित की मौत मॉल के अंदर ही हो गई, जबकि दूसरे व्यक्ति ने पास के अस्पताल में दम तोड़ दिया। गोली लगने से घायल हुए तीसरे व्यक्ति की स्थिति के बारे में अभी जानकारी नहीं दी गई है।

     

  • बड़ा हादसाः ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत, कई घायल, देखें वीडियो

    बड़ा हादसाः ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत, कई घायल, देखें वीडियो

    CM ने दिए कार्रवाई के सख्त निर्देश

    लाहौरः पाकिस्तान के लाहौर में बड़ा हादसा हो गया। दरअसल, निर्माणाधीन इमारत में चल रहे एक प्राइवेट ट्यूशन सेंटर की छत गिर गई। इस घटना में 14 बच्चों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। घटना को लेकर लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही लाहौर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने बताया कि घनी आबादी वाले काहना नउ इलाके में स्थित इस एकैडमी में सात से 13 साल की आयु के 30 से अधिक बच्चे क्लास ले रहे थे, तभी अचानक छत ढह गई और बच्चे मलबे के नीचे दब गए। लाहौर के पुलिस उप-महानिरीक्षक (अभियान) फैजल कामरान ने रिपोर्टरों को बताया, ‘अब तक मलबे से 14 बच्चों के शव बरामद किए जा चुके हैं।’ पुलिस ने बताया कि 20 घायल बच्चों और एक महिला टीचर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
     
    View this post on Instagram
     

    A post shared by Encounter News (@encounter.news)

    कामरान ने कहा, “हमने कॉन्ट्रैक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।” लाहौर डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन अथॉरिटी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर तारिक महमूद ने बताया कि इमारत में एक स्थानीय महिला द्वारा चलाया जा रहा प्राइवेट ट्यूशन सेंटर था। एधी फाउंडेशन ने कहा कि काहना नौ के बस्ती ईदगाह इलाके में एक रिहायशी इमारत में चल रही एकेडमी की छत अचानक गिर गई। एधी फाउंडेशन ने एक बयान में कहा कि मृतकों के शवों को जनरल हॉस्पिटल के मुर्दाघर में भेज दिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कुछ बच्चे अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। वहीं संस्था ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। संस्था ने कहा कि बचाव अभियान तेजी से जारी है और मौके पर ईधी फाउंडेशन की एंबुलेंस तैनात हैं, जो आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही हैं। पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने पुलिस और जिला प्रशासन को हादसे के जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने लाहौर जनरल अस्पताल में आपातकाल घोषित कर दिया और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, चिकित्सकों, नर्सों तथा पैरामेडिकल स्टाफ को घायलों का तुरंत इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
  • फ़ोटो लेने के तुरंत बाद 500 फ़ीट नीचे गिरा हाइकर, मौत, देखें वीडियो

    फ़ोटो लेने के तुरंत बाद 500 फ़ीट नीचे गिरा हाइकर, मौत, देखें वीडियो

    ब्रासीलियाः ब्राजील में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां रियो डी जेनेरियो के पास मारिका में मौजूद ‘पेड्रा दो माकाको’ ट्रेक पर 500 फ़ीट नीचे गिरने से हाइकर की मौत हो गई। मृतक की पहचान 44 वर्षीय कायो रोचा एगुइयार अराबल के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार मशहूर टूरिस्ट स्पॉट पर फोटो खिंचवाने के तुरंत बाद एक 44 वर्षीय कायो का संतुलन बिगड़ गया और वह 500 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
    बता दें कि हादसे की खबर मिलते ही मारिका सिविल डिफेंस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इलाका काफी ऊबड़-खाबड़ था और वहां घने जंगल थे, जिस वजह से रेस्क्यू टीम को कायो के शव तक पहुंचने में 4 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बचाव दल के अधिकारी मथियस मौरा ने बताया कि शव तक पहुंचने के लिए हमें घने जंगलों और बेहद दुर्गम रास्तों से होकर जाना पड़ा। हमें रस्सियों के सहारे चढ़ाई करनी पड़ी और काफी प्रक्रियाओं के बाद हम वहां पहुंच पाए। इसके बाद आखिरकार हेलिकॉप्टर की मदद से शव को बाहर निकाला गया। गंभीर चोटों के कारण कायो की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जानकारी के मुताबिक, कायो पहाड़ी की चोटी पर एक ऐसी चट्टान पर चढ़कर फोटो खिंचवा रहे थे, जहां से नीचे की झीलों का खूबसूरत नजारा दिखता है। यह जगह बेहद खतरनाक मानी जाती है, फिर भी लोग यहां आकर तस्वीरें खिंचवाते हैं। चश्मदीदों ने बताया कि कायो ने जैसे ही फोटो खिंचवाना खत्म किया और नीचे उतरने की कोशिश की, तभी उनका पैर फिसल गया। उनके साथ मौजूद एक साथी ट्रेकर इस पूरी घटना का वीडियो बना रहा था। वीडियो में वह कायो को ध्यान से, संभलकर रहने की चेतावनी देता सुनाई दे रहा है, लेकिन अगले ही पल कायो का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गए। वीडियो में गवाह की चीखें भी रिकॉर्ड हुई हैं। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि कायो उस दिन ट्रेकर्स के एक ग्रुप के लिए गाइड का काम कर रहे थे, जबकि उनके पास इसका कोई कानूनी लाइसेंस नहीं था। जांच अधिकारियों का मानना है कि फोटो खिंचवाने के बाद वे चट्टान के उस हिस्से से नीचे उतरने की कोशिश कर रहे थे जो बहुत ज्यादा सीधा और ढलान वाला था। गलत रास्ते से उतरने की वजह से ही उनका संतुलन बिगड़ा।  
  • Trade Deal पर जल्द बन सकती है भारत-अमेरिका की सहमति! 21 भारतीय संस्थाओं पर लगाए गए प्रतिबंध

    Trade Deal पर जल्द बन सकती है भारत-अमेरिका की सहमति! 21 भारतीय संस्थाओं पर लगाए गए प्रतिबंध

    नई दिल्ली: टैरिफ विवाद के बाद डोनाल्ड ट्रंप भारत और अमेरिका के रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच डील पर बातचीत भी आखिरी चरण में हैं। इस बीच ट्रंप प्रशासन ने भारत की चार कंपनियों से बैन हटा लिया है। अमेरिका के वित्त विभाग ने जिन कंपनियों से बैन हटाया है। उनमें हैदराबाद स्थित आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और लॉकेश मशीन्स लिमिटेड अहमदाबाद स्थित गैलेक्सी बेयरिंग्स लिमिटेड और दिल्ली स्थित शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

    डेजिग्नेटेड नेशल्स लिस्ट से बाहर हुई कंपनियां

    अमेरिका के वित्त विभाग ने इन कंपनियों को स्पेशली डेजिग्नेटेड नेशल्स लिस्ट से बाहर कर दिया है। इस लिस्ट में शामिल होने वाली कंपनियों से बैन हटा लिया है। अमेरिका के वित्त विभाग ने जिन कंपनियों से बैन हटाया है। उनमें हैदराबाद स्थित आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और लोकेश मशीन्स लिमिटेड अहमदाबाद स्थित गैलेक्सी बेयरिंग्स लिमिटेड और दिल्ली स्थित शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। अमेरिका के वित्त विभाग ने इन कंपनियों को स्पेशली डेजिग्नेटेड नेशनल्स लिस्ट से बाहर कर दिया है। इस लिस्ट में शामिल होने वाली कंपनियों और व्यक्तियों की प्रॉपर्टी को अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में फ्रीज कर दिया जाता है।

    21 भारतीय संस्थाओं पर लगाए गए प्रतिबंध

    यह कदम अमेरिकी विदेश संपत्ति नियंत्रण कार्यालय की प्रतिबंध सूची में शामिल चार कंपनियों के लगभग दो साल बाद उठाया गया है। साल 2024 में OFAC ने कार्यकारी आदेश के अंतर्गत 21 भारतीय संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए थे। इसमें 19 कंपनियों और दो व्यक्ति शामिल थे। यह आदेश उन कंपनियों या लोगों को टारगेट करता है। इन पर रुसी सरकार की मदद करने का आरोप है।  
  • इस इलाके में चली ताबड़तोड़ गोलियां, 5 की मौत, 2 संदिग्ध गिरफ्तार, देखें वीडियो

    इस इलाके में चली ताबड़तोड़ गोलियां, 5 की मौत, 2 संदिग्ध गिरफ्तार, देखें वीडियो

    बर्लिन: उत्तरी जर्मनी के स्टेड शहर में ताबड़तोड़ गोलीबारी हुई। इस फायरिंग में 5 लोगों की मौत हो गई और 2 संदिग्ध को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कई प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कई लोग गोली लगने से घायल हुए हैं। हालांकि, पुलिस ने अब तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। पुलिस ने बताया कि गोलीबारी शहर के केंद्र के दक्षिण में स्थित डैंकर्सस्ट्रासे की एक इमारत में हुई।
    पुलिस का कहना है कि जर्मनी में हुई जानलेवा गोलीबारी के बाद अब जनता को कोई खतरा नहीं है। पुलिस ने बताया कि अंतिम सूचना मिलने तक शहर के बाहरी इलाके में अभियान जारी था। स्टेड की आबादी करीब 50 हजार है और यह हैम्बर्ग के पश्चिम में स्थित है। पुलिस ने कहा कि वे गोलीबारी की घटना की पृष्ठभूमि और असल में क्या हुआ था, इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। जर्मनी में बंदूक से जुड़े कानून अमेरिका की तुलना में ज्यादा सख्त हैं, और वहां बड़े पैमाने पर गोलीबारी की घटनाएं कम ही होती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि ऐसी घटनाएं कभी नहीं होतीं। पुलिस द्वारा पकड़े गए दो संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने हमले में मारे गए लोगों की उम्र या अपराधी के संभावित मकसद के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, मेडिकल टीम तैनात है और लोगों को वहां से दूर रहने को कहा गया है।