सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया कि हेलिकॉप्टर में सवार सभी लोग सऊदी अरब के ही नागरिक थे। हालांकि, क्रैश की वजह की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
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Saudi अरब में हेलिकॉप्टर क्रैश, 14 लोगों की मौत, देखें वीडियो
नई दिल्लीः सऊदी अरब के रास तनुरा में रविवार को एक हेलिकॉप्टर क्रैश होने का मामला सामने आया है। हादसे में हेलिकॉप्टर सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। हेलिकॉप्ट क्रैश होने की एक वीडियो भी सामने आई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि हेलिकॉप्टर कैसे हवा में घूम-घूम कर अचानक क्रैश हो जाता है। हैलिकॉप्टर अरामको कंपनी का है। -

France-Saudi Arabia में हेलिकॉप्टर व प्लेन क्रैश, 25 लोगों की मौत, देखें वीडियो
France-Saudi Arabia News: फ्रांस के नैंसी शहर के पास स्थित टॉम्बलेन इलाके में रविवार को एक दर्दनाक विमान हादसा हो गया। स्काईडाइविंग के लिए लोगों को ले जा रहा एक छोटा सिविलियन विमान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी 11 लोगों की मौत हो गई।समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यह दुर्घटना स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे हुई। मृतकों में विमान का पायलट, 5 प्रशिक्षु (ट्रेनी) स्काईडाइवर और 5 प्रशिक्षक (ट्रेनर) शामिल हैं। रविवार को फ्रांस और सऊदी अरब में हुए इन दो बड़े हवाई हादसों में कुल 25 लोगों की जान चली गई। दोनों देशों की जांच एजेंसियां दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विमान एक स्काईडाइविंग ग्रुप को लेकर उड़ान पर था। शुरुआती रिपोर्टों में विमान में विस्फोट होने की आशंका भी जताई गई थी। इसी कारण पुलिस ने साल्वाडोर अलेंदे स्ट्रीट के आसपास के इलाके को खाली करा दिया और लोगों को वहां से दूर रहने की सलाह दी। गृह मंत्री पहुंचे घटनास्थल हादसे की गंभीरता को देखते हुए फ्रांस के गृह मंत्री भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल दुर्घटना के सही कारणों का पता नहीं चल सका है। जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। सऊदी अरब में अरामको का हेलिकॉप्टर क्रैश, 14 लोगों की मौत फ्रांस के हादसे के कुछ ही घंटों बाद सऊदी अरब में भी एक बड़ा हवाई हादसा सामने आया। सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको (Aramco) का एक हेलिकॉप्टर रविवार सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, हेलिकॉप्टर रस तनुरा इलाके में क्रैश हुआ, जिसमें सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। सभी मृतक थे सऊदी नागरिक ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह हादसा स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6 बजे हुआ। हेलिकॉप्टर में मौजूद सभी 14 लोग सऊदी अरब के नागरिक थे और दुर्घटना में किसी को भी बचाया नहीं जा सका। हादसे की वजह अभी साफ नहीं अरब न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तकनीकी विशेषज्ञ हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटे हुए हैं।
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Amercia ने ईरान के 10 ठिकानों पर दागी मिसाइलें, CENTCOM ने शेयर किया हमले का वीडियो
नई दिल्ली: अमेरिका ने शनिवार को ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आस-पास और उसके निकट स्थित ईरान सेना के 10 ठिकानों पर मिसाइल पर हवाई हमले किए है। अमेरिकी नेवी और एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले का वीडियो भी जारी किया है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा तेल टैंकर एम/टी किकू पर किए गए ड्रोन हमले के जवाब में की गई है।ईरान के 10 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अमेरिकी सैन्य विमानों ने ईरान के सैन्य निगरानी ढांचे, संचार प्रणाली, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन स्ट्रोरेज सुविधाओं और बारुदी सुरंग बिछाने की क्षमता को निशाना बनाया है। बाद में CENTCOM ने साफ किया है कि यह अभियान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आस-पास स्थित ईरान के 10 अलग-अलग सैन्य ठिकानों पर चलाया गया है।तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद की गई जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी सेना के अनुसार, शनिवार को तड़के ईरान बलों ने एकतरफा ड्रोन हमले में तेल टैंकर M/T Kiku को निशाना बनाया है। उस समय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था और उसमें 20 लाख से ज्यादा बैरल कच्चा तेल लदा हुआ था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान को युद्धविराम समझौते का पालन करने का मौका दिया गया था लेकिन उसने इसके जगह व्यापारी जहाज पर हमला करना चुना है। इसी के जवाब में अमेरिकी सेना ने सैन्य कार्रवाई की है।कतरी ऑयल फील्ड से यूएई जा रहा था टैंकर
शिप ट्रैंकिंग डेटा के अनुसार, M/T Kiku इस हफ्ते की शुरुआत में कतर के एक तेल क्षेत्र से रवाना हुआ था और संयुक्त अरब अमीरात के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था जो ओमान की खाड़ी में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ठीक आगे स्थित है। यह टैंकर ओमान के तट के पास बने वैकल्पिक समुद्री मार्ग से गुजरा रहा था जिसे ईरान के क्षेत्रीय जलमार्ग के ऑप्शन के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है।CENTCOM ने शेयर किया वीडियो
हमले के बाद अमेरिकी सेंट्रंल कमांड ने एक्स पर इस सैन्य अभियान का वीडियो भी शेयर किया है। CENTCOM ने यह दावा किया है कि इस ऑपरेशन में ईरान की निगरानी व्यवस्था, संचार नेटवर्क, एयर इंडिया सिस्टम, ड्रोन ठिकानों और माइनलेयर क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। कतरी ऑयल फील्ड से यूएई जा रहा था टैंकर शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, M/T Kiku इस हफ्ते की शुरुआत में कतर के एक तेल क्षेत्र से रवाना हुआ था और संयुक्त अरब अमीरात के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था जो ओमान की खाड़ी में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ठीक आगे स्थित है। यह टैंकर ओमान के तट के पास बने वैकल्पिक समुद्री मार्ग से गुजरा रहा था जिसे ईरान के क्षेत्रीय जलमार्ग के ऑप्शन के रुप में के ऑप्शन के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों तथा तटीय रडार साइट्स पर हमला किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने एक बार फिर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। अमेरिका ने उसके मिसाइल और ड्रोन स्ट्रोरेज ठिकानों तथा तटीय रडार साइट्स पर हमला किया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी आ सकता है जब अमेरिका संयम नहीं बरतेगा और सैन्य कार्रवाई पूरी तरह खत्म करने के लिए मजबूर होगा। ट्रंप ने लिखा कि – यदि ऐसा हुआ तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व नहीं बचेगा।पहले भी चुका है ऐसा हमला
यह ताजा तनाव ऐसे समय में बढ़ा है। जब कुछ दिन पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच इसी तरह की सैन्य कार्रवाई हुई थी। गुरुवार को ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज पर ईरानी ड्रोन हमला हुआ था जिसके जवाब में अगले दिन अमेरिका ने जवाबी हमले किए थे। -

अब Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को देना पड़ेगा Tax, Iran-America की बातचीत के बीच ओमान ने कही बड़ी बात
नई दिल्ली: ओमान ने यूरोपीय अधिकारियों से कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट अब पहले की तरह बिना किसी बदलाव के नहीं चल सकता है। खबरों के अनुसार, इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों के भविष्य में कुछ तरह की फीस देनी पड़ सकती है हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि यह शुल्क अनिवार्य होगा या नहीं है। ओमानी अधिकारियों ने कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून को पूरी तरह पालन करता रहेगा लेकिन जहाजों से प्रदूषण नियंत्रण और नेविगेश्नल असिस्टेंस जैसी सेवाओं के लिए शुल्क लिया जा सकता है हालांकि अभी यह तय नहीं है कि इन सेवाओं के लिए भुगतान करना सभी जहाजों के लिए जरुरी होगा या नहीं है।दूसरे समुद्री मार्गों का भी कर रहा है अध्ययन
रिपोर्ट के अनुसार, ओमान यह भी देख रहा है कि दुनिया के दूसरे बड़े समुद्री रास्ते कैसे संचालित होते हैं। इसमें एशिया का मलक्का स्ट्रेट भी शामिल है जहां फिलहाल जहाजों से कोई अनिवार्य ट्रांजिट फीस नहीं ले जाती है। अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों की बढ़ी चिंता होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर ओमान और ईरान की ओर से संभावित फीस लगाने की चर्चा ने अमेरिका, यूरोपीय देशों और खाड़ी अरब देशों की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें डर है कि इससे दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।मैक्रो और ओमान के सुल्तान की बैठक में उठेगा मुद्दा
यह मामला सोमवार को पेरिस फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक की बैठक में भी उठने की उम्मीद है। मैक्रो के कार्यालय के अनुसार, दोनों नेता समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर चर्चा करेंगे। फ्रांस का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का स्वतंत्र और बिना किसी शर्त के आवागमन सुनिश्चित होना चाहिए।अमेरिका और ईरान के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में ओमान
ओमान अमेरिका का करीबी सहयोगी है लेकिन उसके ईरान के साथ भी अच्छे संबंध है। यही कारण है कि वह कई बार वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा चुका है। हाल के दिनों में ओमान की ओर से अलग-अलग संकेत मिले हैं। हफ्ते की शुरुआत में ओमान और ईरान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि वो होर्मुज स्ट्रेट के भविष्य के संचालन और उससे जुड़े खर्चों पर चर्चा करेंगे लेकिन सिर्फ दो दिन बाद ओमान ने अमेरिका और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के साथ एक संयुक्त बयान पर जारी कर कहा था कि वो होर्मुज स्ट्रेट के भविष्य के संचालन और उससे जुड़े खर्चों पर चर्चा करेंगे लेकिन सिर्फ दो दिन के बाद ओमान ने अमेरिका और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के साथ एक संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर किए जिसमें होर्मुज स्ट्रेट पर किसी भी तरह के टोल, फीस या नियंत्रण स्थापित करने की कोशिशों को खारिज किया गया है।मार्क रुबियो का आया बयान
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बहरीन दौरे के दौरान कहा कि – बैठक में उन्होंने यही कहा और उसी बयान पर हस्ताक्षर किए इसमें साफ लिखा है कि कोई फीस या टोल नहीं लगाया जाएगा इसलिए मुझे लगता है कि यह अच्छी खबर है। ब्लूबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ओमानी अधिकारियों ने निजी तौर पर यूरोपीय अधिकारियों से कहा है कि वो ईरान के दबाव में है। हाल के सघर्ष के दौरान ईरान ने पूरे क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। ओमान भी इन हमलों से अछूता नहीं रहा है। अमेरिका और इजरायल की हवाई कार्रवाई में नुकसान झेलने के बाद ईरान अब भी फारस की खाड़़ी में एक बड़ी सैन्य ताकत बना हुआ है।विशेषज्ञ ने रखी राय
कुवैत यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर और चैथम हाउस के एसोसिएट फेलो बदल अल सैफ ने ब्लूमबर्ग से कहा कि – ओमान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में फंसा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि – अब तक यह रणनीति किसी तरह काम करती रही है लेकिन जब दोनों पक्ष युद्ध जैसी स्थिति में हो और एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे हो तब ओमान का यह संतुलन बनाए रखना भविष्य में उसके लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। -

Punjab प्रांत के डेरा गाजी खान में लगे 5.4 तीव्रता से भूकंप के झटके
डेरा गाजी खानः पंजाब के पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। शनिवार सुबह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के डेरा गाजी खान इलाके के पास 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। जानकारी के अनुसार, भूकंप शनिवार सुबह पाकिस्तान समयानुसार 8:53 बजे आया। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का मुख्य केंद्र पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित बरखान शहर से लगभग 63 किलोमीटर दूर दर्ज किया गया।
यह जमीन से 35 किलोमीटर की गहराई पर था। कुछ अन्य रिपोर्टों में इसे 10 किलोमीटर की गहराई पर बताया गया है। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र डेरा गाजी खान के पास जमीन से करीब 75 किलोमीटर नीचे स्थित था। झटके महसूस होते ही लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन सतर्क है।
भूकंप के झटके महसूस होते ही कई इलाकों में लोग सुरक्षा के लिहाज से अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक कहीं से भी किसी के हताहत होने या किसी बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचने की कोई तात्कालिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। बता दें कि पाकिस्तान तकनीकी रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है। यह देश उस सीमा रेखा पर स्थित है जहां इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट आपस में टकराती हैं। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे प्रांत फॉल्ट लाइनों के बेहद करीब होने के कारण अक्सर इस तरह की सीस्मिक गतिविधियों की चपेट में आते रहते हैं।
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वेनेजुएला के बाद अब इस देश में लगे भूकंप के भयानक झटके, जानिए रिक्टर पैमाने पर कितनी रही तीव्रता
दुनिया के कई देशों में लगातार भूकंप आने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। पिछले कुछ समय में आए तेज भूकंपों ने हजारों लोगों की जान ले ली है और भारी तबाही मचाई है। ऐसे में लोगों के बीच भूकंप का डर भी लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से भारी नुकसान हुआ था। इसके अगले ही दिन शुक्रवार को फिलीपींस में भी तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए।
फिलीपींस में 6.5 तीव्रता का भूकंप
शुक्रवार शाम फिलीपींस में अचानक तेज भूकंप आया, जिससे कई इलाकों में धरती हिलने लगी। लोग डर के कारण अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.5 दर्ज की गई। भूकंप भारतीय समयानुसार शाम 5 बजकर 4 मिनट पर आया। इसका केंद्र सेलेबीज सागर में जमीन से लगभग 55 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।अभी तक नुकसान की कोई खबर नहीं
राहत की बात यह है कि फिलीपींस में आए इस भूकंप के बाद अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।वेनेजुएला में भूकंप से भारी तबाही
इससे एक दिन पहले गुरुवार को वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। कुछ ही मिनटों के अंतराल में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो जोरदार भूकंप आए, जिससे कई इमारतें ढह गईं और लोगों में अफरा-तफरी मच गई।जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र कैरेबियन तट पर स्थित मोरोन बस्ती से करीब 28 किलोमीटर पश्चिम में था। इसकी गहराई लगभग 13 किलोमीटर बताई गई है, जिसके कारण झटके बेहद तेज महसूस किए गए।
500 से ज्यादा लोगों की मौत, हजारों घायल
वेनेजुएला सरकार के अनुसार, इस भूकंप में अब तक 589 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,980 लोग घायल हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में अभी भी कई लोग फंसे हो सकते हैं, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।युद्ध स्तर पर चल रहा राहत और बचाव कार्य
वेनेजुएला की कार्यकारी राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि बचाव दल दिन-रात मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में सेना को भी तैनात कर दिया गया है ताकि राहत कार्य तेजी से चल सके। -

दाल रोटी रेस्टोरेंट पर चली गोलियां, गोल्डी बराड़ गैंग ने ली जिम्मेदारी, मालिक को दी चेतावनी
ओटावा: कनाडा के ब्रैम्पटन में एक दाल रोटी रेस्टोरेंट के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इस घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। वहीं गोलीबारी की जिम्मेदारी एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राजा पहलवान नाम व्यक्ति के अकाउंट से ली गई। दावा किया है कि यह गोलीबारी उसने और उसके एक साथी ने रेस्टोरेंट के बाहर की है। इस फायरिंग के पीछे रोहित गोदरा-गोल्डी बराड़ गैंग को बताया गया है। ब्रैम्पटन में ‘दाल रोटी’ नाम के भारतीय रेस्टोरेंट पर गोलीबारी के पीछे मालिक का स्टाफ को सैलरी ना देना कहा गया है।

राजा पहलवान की पोस्ट में कहा गया है कि यह फायरिंग रेस्टोरेंट के मालिक को चेतावनी देने के मकसद से की गई थी। इस पोस्ट में रेस्टोरेंट मालिक पर आरोप लगाया गया है कि उसने वहां काम करने वाले कई छात्रों की बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं किया। ऐसे में इस गोलीबारी को वह एक चेतावनी के तौर पर ले और मसले को हल करे। पोस्ट में दावा किया गया कि बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिशें की गई थीं लेकिन ये कामयाब नहीं हो सकी। अगर मामला अनसुलझा रहा तो भविष्य की कार्रवाई में सीधे मालिक के घर को निशाना बनाया जाएगा। पोस्ट में गैंगस्टर रोहित गोदारा को भाई बताया गया है। हैशटैग में गोल्डी बरार को रखा गया है।
इस पोस्ट में शामिल कई हैशटैग में गैंगस्टरों और संगठित आपराधिक समूहों से जुड़े नामों का जिक्र किया गया, जिससे संभावित गैंग की संलिप्तता को लेकर अटकलें और बढ़ गई हैं। ऑनलाइन फैल रही रिपोर्टों में इस घटना को रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ गैंग से जोड़ा गया है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। कनाडा के अधिकारियों ने गोलीबारी और संगठित अपराध समूहों के बीच किसी भी संबंध की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है। जांचकर्ता घटना की जांच कर रहे हैं। इसमें सोशल मीडिया पर किए गए दावों की सच्चाई और हमले के पीछे के संभावित मकसद का पता लगाना शामिल है।
फिलहाल जांचकर्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। कनाडा में बीते कुछ समय में गोलीबारी और हिंसा के ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनके तार भारतीय गैंगेस्टरों से जुड़ते रहे हैं। ब्रैम्पटन में एक रेस्टोरेंट के बाहर हुई गोलीबारी ने हालिया दिनों में ध्यान खींचा है। इसकी वजह यह है कि घटना शहर के एक व्यावसायिक क्षेत्र में हुई है। इसने कानून व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ाई है।
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126 साल में सबसे बड़ा भूकंप, 7.2 और 7.5 तीव्रता से 2 बार लगे झटके, देश में इमरजेंसी, हजारों मौतों की आशंका, देखें वीडियो
ताश के पत्तों की तरह गिरी इमारतें
फोरशॉकः वेनेजुएला में बैक-टू-बैक आए दो भूकंपों ने देश में जबरदस्त तबाही मचा दी। देश के उत्तरी तट के पास बुधवार को जोरदार भूकंप आया, जिससे राजधानी काराकस में कई इमारतें ढह गईं। राजधानी में कुछ ही सेकंड के अंतराल पर दो बार धरती हिली। पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, वहीं दूसरा 7.5 तीव्रता का था। यह भूकंप मोंटाल्बान के उत्तर-पश्चिम में 28 किलोमीटर यानी करीब 17.3 मील दूर आया, जहां देश की कुछ सबसे बड़ी रिफाइनरियां स्थित हैं। भूकंप से पूरे वेनेजुएला में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर असर पड़ा है। कराकस समेत कई शहरों में इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने देश में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया गया है। हालांकि अभी तक सरकार ने मौत के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार कराकस एयरपोर्ट की छत का कुछ हिस्सा गिर गया। इससे धूल का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। यह पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप है, इससे पहले 1900 में 7.7 का तीव्रता का भूकंप आया था। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, भूकंप की शुरुआती तीव्रता 7.5 मापी गई। यह भूकंप 7.2 तीव्रता के एक ‘फोरशॉक’ यानी मुख्य भूकंप से पहले आने वाला झटके के ठीक 40 सेकंड बाद आया। इसके बाद, डरे हुए लोग अपने परिवार वालों और पालतू जानवरों के साथ इमारतें खाली करके सड़कों पर जमा होते नजर आए। यूएस सुनामी चेतावनी केंद्रों ने कहा कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है, प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स जैसे इलाकों के लिए खतरनाक लहरों की शुरुआती चेतावनी को रद्द कर दिया। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, इसमें 10,000 से ज्यादा लोगों की मौत की 44% और 1,00,000 से ज्यादा मौत की 30% आशंका है। वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राहत सहायता का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका हरसंभव मदद के लिए तैयार है और सभी सरकारी एजेंसियों को तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा, अमेरिका मदद के लिए पूरी तरह तैयार, इच्छुक और सक्षम है। मैंने अपनी सरकार की सभी एजेंसियों को तुरंत तैयारी करने का निर्देश दिया है। हम अपने नए और अच्छे दोस्तों के साथ खड़े रहेंगे। शुरुआती रिपोर्ट अच्छी नहीं हैं। -

गर्मी से टूटे कई दशकों के रिकॉर्ड, 2 बच्चों सहित 18 की मौत, स्कूल किए बंद
पेरिस: यूरोप इस समय भीषण गर्मी की ऐसी मार झेल रहा है जिसने कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यूरोप में प्रचंड गर्मी से हाहाकार मचा हुआ है। फ्रांस, स्पेन, ब्रिटेन और इटली समेत कई देशों में तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि फ्रांस में 18 लोगों की मौत की खबर है, इनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं, जो एक गर्म कार में फंसे रह गए थे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तबाही के पीछे एक खास मौसमी पैटर्न है, जिसे ‘ओमेगा ब्लॉक’ कहा जाता है। यही सिस्टम पूरे यूरोप में गर्म हवा को फंसा रहा है और लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस में ज्यादातर स्कूल बंद कर दिए गए हैं या उनके समय में बदलाव किया गया वहीं ब्रिटेन में मौसम का अनुमान लगाने वालों ने कहा कि इस हफ्ते तापमान जून महीने के रिकॉर्ड तोड़ सकता है। रॉयटर्स के मुताबिक फ्रांस के पश्चिमी वाइन-उत्पादक इलाके बोर्डो में तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जिससे पिछले साल अगस्त का रिकॉर्ड टूट गया।
मध्य फ्रांस के पोइटियर्स में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जिसने 1947 में बने पिछले सबसे ज्यादा तापमान के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। रॉयटर्स क्लाइमेट मॉनिटर के मुताबिक यह 22 जून के लिए शहर के ऐतिहासिक औसत से दोगुने से भी ज्यादा था। मॉनिटर से पता चला कि सोमवार को यूरोप अपने ऐतिहासिक औसत से सबसे ज़्यादा दूर रहने वाला महाद्वीप था। वर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइज़ेशन की अप्रैल की एक रिपोर्ट में पाया गया है कि यूरोप में तापमान बढ़ने की रफ्तार दुनिया भर की औसत रफ्तार से दोगुनी से भी ज्यादा है। जबकि यूरोप को कम गर्मी के लिए जाना जाता रहा है।
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Britain के PM Keir Starmer ने अपने पद से दिया इस्तीफा, जानें मुख्य वजह
नई दिल्ली: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टामर पर इस्तीफा दे दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी अपनी लेबर पार्टी के ऐसे कई सांसद और कैबिनेट मंत्री चाहते हैं कि वह पद छोड़ दें। डाउनिंग स्ट्रीट से जारी एक बयान में कीर स्टार्मर ने यह कह दिया है कि उन्होंने अपने फैसले की जानकारी किंग को दे दी है। अगले पीएम चुने जाने तक वे पद पर बने रहेंगे। कीम स्टार्मर ने लेबर पार्टी के नेता के पद से भी वो इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने खुद आज एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस बात की जानकारी दी है।14 साल बाद सत्ता में दिलवाई थी वापसी
दो साल पहले स्टारमर ने लेबर पार्टी को 14 साल बाद सत्ता में वापसी दिलवाई थी लेकिन अब उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। शुक्रवार को रवाना होने से पहले उन्होंने कहा था कि वह पार्टी को छोड़कर नहीं जाएंगे और सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए।बर्नहम की चुनौती
स्टारमर की लिए सबसे बड़ी चुनौती ही उनकी पार्टी के नेता एंडी बर्नहम बनकर उभरे हैं। मेकरफील्ड उपचुनाव में बर्नहैम में बड़ी जीत हासिल की है। एंडी बर्नहम ने विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को भारी अंतर से हराया है। लेबर पार्टी के कई सांसदों का मानना है कि 2029 के आम चुनाव में दक्षिणपंथी नेता नाइजेल फराज का मुकाबला करने के लिए बर्नहैम बेहतर विकल्प हो सकते हैं। स्टारमर के खिलाफ अंसतोष मई में हुए चुनावों में लेबर पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद और बढ़ गया है।पार्टी का बढ़ा विरोध
स्टारमर के खिलाफ सबसे बड़े संकट उनकी अपनी पार्टी से ही पैदा हुआ है। मई में हुए स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद कई सांसद और मंत्री उनके नेतृत्व से नाराज हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई सीनियर नेताओं ने उनसे इस्तीफा देने या पद छोड़़ने की समयसीमा तय करने की मांग की है। पार्टी के अंदर यह भावना मजबूत होती जा रही है। अगले चुनाव से पहले नए नेतृत्व की जरुरत है।