Category: International
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America Iran के बीच आज होगी Deal, दुनिया की टिकी हुई है नजरें, खुल गया Hormuz
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए आज एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो सकता है। इस समझौते के साथ ही फरवरी के आखिर से जारी उस जंग को खत्म होने की उम्मीदें फिर से तेज हो गई हैं। इसके चलते वैश्विक तेल आपूर्ति को नुकसान पहुंचा है। पूरी दुनिया के सामने एक नई चुनौती पैदा हो गई है। इन दो देशों के बीच मे सीजफायर कर रहे पाकिस्तान का कहना है कि शमझौते का मसौदा पूरी तरह से तैयार है। ट्रंप ने कहा कि समझौते के तुरंत बाद रणनीतिक रुप से महत्वपूर्ण जलमार्ग Straight Of Hormuz को सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों और तेल टैंकरों के लिए फिर से खोल दिया जाएगा। अब सवाल आता है कि यदि वाकई में समझौते के बाद होर्मुज जलमार्ग को पूरी तरह से खोल दिया जाता है तो इससे किन-किन देशों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। -

Donald Trump के दावे को Iran ने किया खारिज, विदेश मंत्रालय ने बोला तीखा हमला
नई दिल्ली: होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय जहाज पर हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को लेकर अब ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने ईरानी दूतावास ने ट्रंप के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि अमेरिका लोगों को ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। ईरान का दावा है कि पिछले एक हफ्ते से कम समय में अमेरिकी सेना ने भारतीय नाविकों वाले तीन जहाजों पर हमला किया है। इसमें तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है।ईरानी दूतावास ने ट्रंप के आरोपों को किया खारिज
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बयान जारी कर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाज को लेकर ट्रंप का आरोप पूरी तरह निराधार है। दूतावास ने कहा कि यह अमेरिका की ओर से हाल के हमलों से ध्यान हटाने की कोशिश है जिनमें भारतीय नाविकों की जान गई है।अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने एक हफ्ते से भी कम समय में तीन भारतीय जहाजों को निशाना बनाया है और तीन निर्दोष भारतीय नाविकों की मौत हुई है। दूतावास ने अमेरिकी कार्रवाई को क्रूर और शर्मनाक बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है।ट्रंप ने दावे को कर दिया खारिज
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था। उन्होंने इस घटना को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया था हालांकि इस दावे को लेकर कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।विदेश मंत्रालय ने बोला तीखा हमला
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भारतीय व्यापारिक जहाजों पर अमेरिकी हमले अमेरिकी राज्य प्रायोजित समुद्री लूट और सशस्त्र डकैती की नीति का उदाहरण हैं। उन्होंने मारे गए भारतीय नागरिकों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है।अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग
ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका को जवाबदेह ठहराने की मांग की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका का कथित गैरकानूनी रवैया वैश्विक शांति, समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता के लिए खतरा बनता जा रहा है इसलिए इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई होनी चाहिए।अमेरिका और ईरान में बढ़ा विवाद
भारतीय नाविकों की मौत और जहाजों पर हमले के मुद्दे को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर ट्रंप ईरान को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। दूसरी ओर ईरान अमेरिका पर सीधे हमले का आरोप लगा रहा है। इस पूरे मामले ने खाड़ी क्षेत्र में पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। -

खाई में गिरी यात्रियों से भरी बस, 8 की मौत, 16 घायल
काठमांडूः नेपाल के सेंट्रल कवरेपालनचोक जिले के बुच्चाकोट इलाके में बीपी हाईवे के पास सड़क दुर्घटना में 8 लोगों की मौत हो गई। बीपी हाईवे के पास एक पैसेंजर बस सड़क किनारे खाई में गिर गई। जिला प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलने पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। कवरेपालनचोक के जिला प्रमुख गोपाल कुमार अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि बस में सवार कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 घायल यात्रियों का जिले के धुलीखेल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। अधिकारी ने कहा, घायलों में से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना के बाद, पुलिसवालों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर घायलों को बचाया और हॉस्पिटल पहुंचाया। बस कावरेपालनचोक के बनेपा से सुंगुरे जा रही थी। इसी दौरान नमोबुद्धा म्युनिसिपैलिटी के बुच्चाकोट में एक खाई में गिर गई। अधिकारी ने बताया कि बस हाईवे से करीब 300 मीटर नीचे गिर गई। दुर्घटना का कारण अभी तक पता नहीं चला है। हाल के सालों में नेपाल में सड़क हादसों में बढ़ोतरी देखी गई है, साथ ही सड़कों पर गाडिय़ों की संख्या भी बढ़ी है।
एक दशक पहले, नेपाल ट्रैफिक पुलिस ने 4,999 सड़क हादसों की रिपोर्ट दी थी। आधिकारिक डेटा के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश में 7,669 सड़क हादसे और 1,900 मौतें दर्ज की गईं। कुल हादसों में से 278 को गंभीर श्रेणी में रखा गया। बड़ी संख्या में लोगों की मौत के अलावा, सड़क सुरक्षा के मामलों का बड़ा आर्थिक प्रभाव भी पड़ता है। नेपाल में वर्ल्ड बैंक के एक अध्ययन में पाया गया कि सड़क हादसों के कारण आर्थिक लागत 2007 से तीन गुना बढ़ गई है। अब यह देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद का 1.5 फीसदी है।
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इस मामले में Elon Musk ने तोड़ें सारे रिकार्ड, बनें दुनिया के पहले व्यक्ति
नई दिल्लीः दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क अब सिर्फ एक अरबपति नहीं रहे, बल्कि उन्होंने संपत्ति के मामले में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है जो अब तक किसी भी व्यक्ति ने नहीं किया था। रॉकेट और सैटेलाइट कंपनी स्पेसएक्स के रिकॉर्ड 75 अरब डॉलर के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के बाद मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए हैं। शुक्रवार को स्पेसएक्स की अध्यक्ष ग्विन शॉटवेल और मुख्य वित्तीय अधिकारी ब्रेट जॉनसन ने नास्डैक पर शेयर सूचीबद्ध होते ही बेल बजाई। ट्रिलियनियर उस शख्स को कहते हैं, जिसके पास 1 लाख करोड़ डॉलर से अधिक की निजी संपत्ति हो और एलन मस्क ने ये मुकाम हासिल कर लिया है।
मस्क इस जादुई आंकड़े तक पहुंचने वाले दुनिया के पहले शख्स बन गए हैं और उनकी नेटवर्थ 1.11 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई है। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के आईपीओ को लेकर निवेशकों में इस कदर दीवानगी थी कि संस्थागत और खुदरा निवेशकों ने 135 डॉलर प्रति शेयर के बेस प्राइस पर 55.56 करोड़ शेयर खरीदने के लिए बोलियां लगा दीं। इसके जरिए कंपनी ने बाजार से सीधे 75 अरब डॉलर जुटा लिए हैं। लिस्टिंग के दिन स्पेसएक्स के शेयर $135 के मुकाबले $150 पर खुले और कुछ ही देर में $166.90 के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गए, जिससे कंपनी का कुल मार्केट कैप 2.18 लाख करोड़ डॉलर आंका गया।
आपने कभी सोचा है कि अगर दुनिया का सबसे अमीर शख्स अपनी पूरी दौलत दुनिया के हर शख्स को बांटने लगे, तो आपके हिस्से में कितनी रकम आएगी। अगर नहीं, तो चलिए कैलकुलेट करते हैं। इस समय दुनिया की कुल आबादी लगभग 820 करोड़ है। फोर्ब्स के मुताबिक एलन मस्क की कुल संपत्ति अब बढ़कर 1.1 लाख करोड़ डॉलर हो चुकी है। अगर मस्क अपनी पूरी संपत्ति दुनिया के हर छोटे-बड़े इंसान, बच्चे और बुजुर्ग में बराबर बांट देते हैं, तो दुनिया के हर एक व्यक्ति को लगभग 134 डॉलर मिलेंगे। अगर इसे भारतीय रुपयों में बदले, तो ये रकम करीब 11,200 रुपये प्रति व्यक्ति आती है।
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3 साल कोमा में रहने के बाद इस देश के राजकुमारी का हुआ निधन, भारत ने जताया दुख
बैंकाकः थाईलैंड से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जहां, राजकुमारी बज्रकितियाभा नरेन्द्रदेब्यावती का निधन हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार उनकी उम्र 47 वर्ष थी। काफी दिनों से गंभीर बीमार के साथ 3 साल से कोमा में थी। उनके अचानक चले जाने से पूरे देश में शोक का माहौल है। शाही गृह ब्यूरो के मुताबिक, राजकुमारी का निधन गुरुवार शाम बैंकॉक के किंग चुलालोंगकोर्न मेमोरियल अस्पताल में हुआ, जहां उनका लगातार इलाज चल रहा था। भारतीय दूतावास ने व्यक्त की शोक बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास ने थाई शाही परिवार और थाईलैंड की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में भारत की संवेदनाएं थाईलैंड के राजा, शाही परिवार और देशवासियों के साथ हैं।
11 जून को राजकुमारी ने ली अंतिम सांस प्रधानमंत्री कार्यालय ने राजकुमारी की मौत का 11 जून को होने की पुष्टी की है। थाई सरकार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि राजकुमारी बज्रकितियाभा ने 11 जून को अंतिम सांस ली। राष्ट्र के प्रति उनकी आजीवन सेवा और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। पालतू कुत्ते के साथ ट्रेनिंग के दौरान अचानक गिर पड़ी थीं राजकुमारी मिली जानकारी के अनुसार राजकुमारी को 15 दिसंबर 2022 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह उस समय नाखोन राचासीमा प्रांत के पाक चोंग जिले में अपने पालतू कुत्ते के साथ ट्रेनिंग कर रही थीं, तभी दिल से जुड़ी समस्या के कारण अचानक गिर पड़ी थीं। इसके बाद उनकी हालत लगातार गंभीर होती चली गई। संक्रमण के कारण उनका ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया, हृदय की धड़कन अनियमित हो गई और खून के थक्के बनने की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। पिछले कुछ महीनों में उनकी स्थिति और अधिक बिगड़ गई थी।The Embassy of India in Bangkok extends its deepest condolences on the sad passing of Her Royal Highness Princess Bajrakitiyabha Narendiradebyavati Kromluangrajasarinisiribajra Mahavajrarajadhita. At this hour of profound loss, our thoughts and prayers are with His Majesty the… pic.twitter.com/wcfXuTvB09
— India in Thailand (@IndiainThailand) June 12, 2026 -

भारत पर मंडराया संकट! अमेरिका ने ईरान पर किया हमला, जहाजों की आवाजाही बंद
वॉशिंगटनः भारत पर एक बार फिर तेल-एलपीजी वाला नया खतरा मंडराने लगा है। भारत से कोसों दूर हुई घटना ने एक बार फिर सबके कान खड़े कर दिए हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान पर ताबड़तोड़ सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका केंद्रीय कमान के एक बयान के अनुसार ओमान के तट पर अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में अमेरिका ने ईरान पर हमले किए। जिसमें ओमान के तट के पास अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है।
ईरान ने एक बार फिर दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज को बंद कर दिया है। ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी दी है। इससे भारत की एलपीजी और तेल सप्लाई पर एक बार फिर असर पड़ सकता है। अमेरिका केंद्रीय कमान ने कहा कि ये हमले ईरान की अनुचित आक्रामकता के लिए एक उचित प्रतिक्रिया होंगे। यह घटना ट्रंप द्वारा हेलीकॉप्टर गिराए जाने के लिए ईरान को दोषी ठहराने और अमेरिका द्वारा जवाबी कार्रवाई की धमकी देने के बाद हुई है।
जानकारी के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मंगलवार को अमेरिका सेना का एक अपाचे हमला हेलीकाप्टर गिर गया। इसमें सवाल दो अमेरिका पायलटों की तलाश के लिए तत्काल एक मानवरहित ड्रोन नाव मौके पर भेजी और पायलटों को सुरक्षित निकाला गया। दूसरी तरफ ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने और अमेरिका नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को ड्रोन से निशाना बनाया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरानी सेना हर हमले का जवाब देगी। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारा क्षेत्र छोड़ दें।
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पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर किए हवाई हमले, 13 की मौत, कई घायल, देखें वीडियो
पाकिस्तानः पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के बीच कई महीनों से घातक संघर्ष जारी है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। वहीं आज भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हवाई हमला किया है। जिसमें 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें कई लोग घायल होने की पुष्टि है।तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इन हवाई हमलों की जानकारी देते बताया कि हमले अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों को निशाना बनाकर किए गए। इन हमलों में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। दूसरी ओर पाकिस्तान ने इस हमले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान ऐसे चरमपंथियों को शरण देता है, जो पाकिस्तान के भीतर घातक हमले करते हैं। इनमें विशेष रूप से पाकिस्तान तालिबान शामिल है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कहा जाता है। हालांकि, काबुल पाकिस्तान के इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
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रनवे पर हुआ Plane Crashes, भीषण आग लगने से 2 पायलट की मौत, देखें वीडियो
ला रोमानाः कैरेबियन देश डोमिनिकन रिपब्लिक में एक प्राइवेट प्लेन के साथ भीषण हादसे का शिकार हो गया। इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया। ला रोमाना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर उतरते समय यह प्लेन अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग का बड़ा गोला बन गया। कुछ ही सेकंड में पूरा इलाका धुएं से भर गया और बचाव टीमें आग बुझाने में जुट गईं। इस दर्दनाक हादसे में पायलट और को-पायलट, दोनों की मौत हो गई।
घटना की जानकारी देश की राष्ट्रीय विमानन प्राधिकरण (नेशनल एविएशन अथॉरिटी) ने दी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एयरपोर्ट के रनवे पर प्लेन का अगला हिस्सा उठा हुआ दिख रहा और आगे प्लेन में विस्फोट होता है, बहुत बड़ा धुएं का गुबार उठता है। इसके बाद एक दूसरे वीडियो में आग को नियंत्रित करने के लिए दमकल गाड़ियां प्लेन पर पानी डाल रही थीं। हालांकि, हवाई अड्डे पर तैनात अग्निशमन कर्मियों और बचाव दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कर दिया। स्थानीय प्रशासन ने दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि की है। दुर्घटना के कारण हवाई अड्डे के कुछ परिचालन पर अस्थायी प्रभाव पड़ा, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। डोमिनिकन रिपब्लिक के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (जनरल डायरेक्टरेट ऑफ सिविल एविएशन) ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांचकर्ता विमान की तकनीकी स्थिति, उड़ान रिकॉर्ड और आपातकालीन लैंडिंग के दौरान हुई परिस्थितियों का अध्ययन कर रहे हैं, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।View this post on Instagram -

7.8 तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही, कई बिल्डिंग ढही, 1 की मौत, मचा हड़कंप, देखें वीडियो
मनीलाः फिलीपींस में सोमवार सुबह 7.8 तीव्रता का भूकंप आया जिसने देश में भारी तबाही मचाई है। भूकंप के चलते फिलीपींस के साथ-साथ इंडोनेशिया और मलेशिया के तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं टीचरों ने स्कूलों से बच्चों को बाहर लाया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान बच्चे पूरी तरह डरे हुए नजर आ रहे हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 5:07 बजे आया। भूकंप का केंद्र मिंडानाओ द्वीप के जनरल सैंटोस शहर से करीब 13 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। फिलीपींस के भूकंप संस्थान के अनुसार भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किमी नीचे गहराई में था, जबकि यूएसजीएस ने 55 किलोमीटर गहराई दर्ज की।पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने चेतावनी दी है कि फिलीपींस के कुछ तटीय इलाकों में 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। वहीं, इंडोनेशिया और मलेशिया के कुछ तटों पर 1 मीटर तक ऊंची लहरों का खतरा है। सरंगानी प्रांत के अलाबेल कस्बे के पुलिस प्रमुख बेंजी एंचेटा ने बताया कि पुलिस स्टेशन की इमारत में भी दरारें आ गई हैं। एंचेटा ने कहा, “यह सबसे शक्तिशाली भूकंप है जिसे हमने यहां महसूस किया है।” उनके मुताबिक झटकों के दौरान कुछ लोग डर के कारण बेहोश हो गए। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा कि उन्होंने सभी संबंधित सरकारी एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत-बचाव अभियान शुरू करने को कहा है। भूकंप का असर फिलीपींस से बाहर भी महसूस किया गया। इंडोनेशिया के उत्तर सुलावेसी और उत्तर मलुकु क्षेत्रों में झटके महसूस हुए। मनाडो शहर के लोगों ने बताया कि कंपन काफी तेज था। इंडोनेशिया की मौसम और भूभौतिकी एजेंसी ने अपने उत्तर-पूर्वी तट के लिए सुनामी चेतावनी जारी की है। मलेशिया के कुछ तटीय इलाकों में भी एक मीटर तक ऊंची लहरों की आशंका जताई गई है। वहीं मुख्य भूकंप के बाद उसी इलाके में कई और झटके दर्ज किए गए हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये आफ्टरशॉक हैं, जो बड़े भूकंप के बाद सामान्य रूप से आते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि आफ्टरशॉक कई दिनों, हफ्तों या वर्षों तक जारी रह सकते हैं। कुछ मामलों में इनकी तीव्रता मुख्य भूकंप के बराबर या उससे ज्यादा भी हो सकती है, जिससे पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों को और नुकसान पहुंच सकता है।
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रुस के CEO ने तेल पर दिया बड़ा बयान, Indian Economy के आंकड़ों की की तारीफ
नई दिल्ली: भारत का डंका इस समय पूरी दुनिया में मच रहा है। युद्ध हो, होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण तेल-गैस के दाम बढ़ने हो या फिर कोई और ग्लोबल टेंशन भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार ने अपना दम दिखा दिया है। तमाम रुकावटों के बाद भी बीते दिनों आए Indian-Economy Growth के आंकड़े खुश करने वाले हैं। वित्तीय साल 2025-26 के लिए भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.7% दर्ज की गई है जो अनुमान से बेहतर रही है। भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। इसके चर्चे अब सिर्फ आईएमएफ से लेकर वल्ड बैंक ही नहीं बल्कि तमाम दिग्गज कंपनियों ने भी माना है। रुसी दिग्गज कंपनी रोसनेफ्ट के सीईओ ने भारत को लेकर बड़ी बात कह दी है। उन्होंने अनुमान जाहिर किया है साल 2035 तक वैश्विक तेल मांग में होने वाली वृद्धि में अकेले भारत की भूमिका 50% होगी यानी दुनिया में तेल के खेल में भारत बड़ी भूमिका में होगा।भारत का बढ़ेगा दबदबा
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए Rosneft CEO इग्नोर सचिन ने कहा कि वैश्विक तेल बाजार में भारत का विशेष स्थान है। रुसी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि भारत की तेल खपत 2035 तक लगभग आठ मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुचं जाएगी जो 44 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाती है जबकि ग्लोबल डिमांड में कुल मिलाकर लगभग 5% की वृद्धि होगी। इग्रनोर के अनुसार, अगले दशक में तेल की मांग में वैश्विक वृद्धि का लगभग आधा हिस्सा भारत का होगा।रुसी तेल से भारत और चीन को होगा फायदा
रोसनेफ्ट चीफ ने आगे कहा कि अप्रैल 2022 से रुसी तेल आपूर्ति से भारत और चीन को आर्थिक लाभ हुआ है। रुसी मीडिया TASS के अनुसार, उन्होंने कहा कि इन लाभों को मूल्य करीबन 40 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। सेचिन ने यह भी कहा कि भारत और चीन के साथ रुस की आर्थिक साझेदारी ने स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद की है। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि इससे साफ होता है कि रुस को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से बाहर नहीं किया जा सकता है।होर्मुज बढ़ रहा मंहगाई का जोखिम
इगोर सेचिन ने चेतावनी देते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के जरिए Oil-Gas सप्लाई में व्यवधान से फर्टिलाइजर्स और फूड प्रोडक्ट्स की कीमतों में वृद्धि हो सकती है और भारत इस प्रभाव के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील देशों में से एक है जबकि अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों पर भी गहरा असर होगा। टीएसएस ने सेचिव के हवाले से कहा कि साल के पहले चार महीनों में उर्वरक की कीमतों में लगभग 60% का उछाल आ गया है जबकि आपूर्ति में व्यवधान प्रभावित बाजारों में स्ट्रेटिजिक रिजर्व की कमी ने वैश्विक खाद्य संकट के जोखिम को बढ़ा दिया है।