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  • ऊना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सट्टा लगाते युवक गिरफ्तार, नकदी और पर्ची दड़ा बरामद

    ऊना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सट्टा लगाते युवक गिरफ्तार, नकदी और पर्ची दड़ा बरामद

    ऊना,सुशील पंडित: जिला पुलिस ऊना ने अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना सदर ऊना क्षेत्र के कुरियाला रोड पर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। पुलिस ने आरोपी गगनदीप शर्मा निवासी टक्का के कब्जे से 1,270 रुपये की नकदी और पर्ची दड़ा सट्टा बरामद किया। आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

     

  • संतोषगढ़ स्कूल में एंटी चिट्टा अभियान, एसपी सचिन हिरेमठ ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से किया जागरूक

    संतोषगढ़ स्कूल में एंटी चिट्टा अभियान, एसपी सचिन हिरेमठ ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से किया जागरूक

    ऊना,सुशील पंडित: जिला पुलिस ऊना द्वारा चलाए जा रहे “एंटी चिट्टा अभियान” के तहत बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS) संतोषगढ़ में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक ऊना आईपीएस सचिन हिरेमठ ने विद्यार्थियों और उपस्थित गणमान्य लोगों को चिट्टा (हेरोइन) सहित अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों और उनके सामाजिक व कानूनी परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

     एसपी सचिन हिरेमठ ने विद्यार्थियों को NDPS Act के तहत मादक पदार्थों से जुड़े कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

    इस दौरान सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन, साइबर अपराधों से बचाव तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों, अध्यापकों और अन्य प्रतिभागियों को “एंटी चिट्टा शपथ” दिलाई गई तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया गया।

    जिला पुलिस ऊना ने कहा कि नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस का मानना है कि युवाओं की भागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही समाज को नशामुक्त बनाया जा सकता है।

     

     

  • अंब अंदौरा अमृत भारत स्टेशन, हिमाचल में रेल कनेक्टिविटी में मील का पत्थर: अनुराग सिंह ठाकुर

    अंब अंदौरा अमृत भारत स्टेशन, हिमाचल में रेल कनेक्टिविटी में मील का पत्थर: अनुराग सिंह ठाकुर

    आधुनिक अंब अंदौरा स्टेशन हिमाचल की नई कनेक्टिविटी की दिशा में मजबूत कदम

    ऊना,सुशील पंडित: पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने अंब अंदौरा रेलवे स्टेशन के अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास का स्वागत करते हुए इसे हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हो रहे रेलवे परिवर्तन का एक और ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों तक हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक स्थिति को रेलवे विस्तार में बाधा बताया जाता था, लेकिन आज राज्य अभूतपूर्व निवेश, आधुनिकीकरण और बेहतर कनेक्टिविटी का साक्षी बन रहा है।

      अनुराग ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अंब आंदौरा, बैजनाथ पपरोला, पालमपुर हिमाचल और शिमला जैसे स्टेशनों को विश्व स्तरीय यात्री सुविधाओं, बेहतर पहुंच, उन्नत बुनियादी ढांचे और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।

    मोदी सरकार ने हिमाचल प्रदेश में रेलवे विकास की गति को पूरी तरह बदल दिया है। वर्ष 2009-14 के दौरान राज्य के लिए औसतन प्रति वर्ष केवल करीब ₹108 करोड़ का रेलवे आवंटन होता था, जबकि रेल बजट 2026-27 में लगभग ₹2,911 करोड़ दिए गए हैं, जो निवेश में अभूतपूर्व 27 गुना वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि 255 किलोमीटर से अधिक नई रेल लाइनों के कार्य ₹13,000 करोड़ से ज्यादा की लागत से विभिन्न चरणों में चल रहे हैं। साथ ही नांगल-ऊना-तलवाड़ा, भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी, चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइनों और ऐतिहासिक कांगड़ा घाटी रेलवे के पुनर्स्थापन जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    रेल कनेक्टिविटी के निरंतर विस्तार पर प्रकाश डालते हुए  अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि हाल के महीनों में हिमाचलवासियों को कई नई ट्रेन सेवाओं का लाभ मिला है। उन्होंने गुरुमुखी एक्सप्रेस को अंब आंदौरा तक बढ़ाए जाने, करतौली-अंबाला ट्रेन सेवा शुरू किए जाने और अन्य कनेक्टिविटी सुधारों का उल्लेख किया। इनसे छात्रों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और व्यवसायियों की यात्रा सुगम हुई है। वंदे भारत एक्सप्रेस के अंब आंदौरा-नई दिल्ली मार्ग के साथ ये पहल हिमाचल प्रदेश को देश के प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्रों से जोड़ रही हैं तथा पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं।

    ठाकुर ने कहा कि आधुनिक अंब आंदौरा रेलवे स्टेशन का उद्घाटन मात्र एक स्टेशन का पुनर्विकास नहीं, बल्कि “रेल विकास से राष्ट्र विकास” की दृष्टि की ओर एक और मजबूत कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पहाड़ी राज्य में रेलवे infrastructure को लगातार प्राथमिकता देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि चल रहे रेलवे प्रोजेक्ट्स और बढ़ती ट्रेन सेवाएं पर्यटन, रोजगार, व्यापार और निवेश के नए अवसर खोलेंगी तथा हिमाचल प्रदेश को विकसित भारत की यात्रा में और मजबूत भागीदार बनाएंगी।

     

     

  • उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शुक्रवार को ऊना दौरे पर

    उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शुक्रवार को ऊना दौरे पर

    ऊना,सुशील पंडित:  उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री 17 जुलाई को ऊना दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह दोपहर 2:30 बजे अंब अंदौरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित देश के 75 पुनर्विकसित अमृत रेलवे स्टेशनों के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से इन स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम के उपरांत उपमुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम आप अपने निवास स्थान गोंदपुर जयचंद में रहेगा।

     

  • उदयपुर में इंटरजनरेशनल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    उदयपुर में इंटरजनरेशनल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    ऊना,सुशील पंडित: वरिष्ठ नागरिकों की राज्य कार्य योजना 2026-27 के अंतर्गत आज(वीरवर) को ग्राम पंचायत उदयपुर में इंटरजेनरेशनल जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय ऊना द्वारा आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला कल्याण अधिकारी ऊना आवास पंडित ने की। शिविर में वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी, ऊना जतिंदर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। 

    शिविर के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।  जिला कल्याण अधिकारी ऊना आवास पंडित ने बताया कि शिविर का मुख्य वरिष्ठ नागरिकों एवं युवाओं के मध्य आपसी संवाद, सम्मान और सहयोग की भावना को सुदृढ़ करना, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना था।

    इस अवसर पर सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक सुखदेव सिंह ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए अधिक से अधिक पात्र लोगों से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

    सेवानिवृत्त सूबेदार हरजिंदर सिंह ने युवा वर्ग से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने तथा समाज के विकास एवं प्रगति में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

    तहसील कल्याण अधिकारी जतिंदर शर्मा ने विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे सभी लाभार्थियों से समय पर अपनी ई-केवाईसी करवाने का आग्रह किया, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के निरंतर मिलता रहे। उन्होंने सहारा योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों एवं आवेदकों को योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया।

     

  • ऊना में बाहरी ज्वेलर्स की एग्जीबिशन पर उठे सवाल, व्यापार मंडल ने मांगा समान कानून और पारदर्शिता

    ऊना में बाहरी ज्वेलर्स की एग्जीबिशन पर उठे सवाल, व्यापार मंडल ने मांगा समान कानून और पारदर्शिता

    ऊना,सुशील पंडित: ऊना में बाहरी राज्यों से आए ज्वेलर्स द्वारा आयोजित की जा रही आभूषण प्रदर्शनियों को लेकर स्थानीय व्यापारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। शहरी व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रिंस राजपूत  महासचिव राजेश पुरी (रघु) ब शहरी व्यापार मंडल के अन्य सभी सदस्यों ने भी कहा कि उनका किसी भी वैध व्यापार से कोई विरोध नहीं है, लेकिन कानून और नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।

    उन्होंने कहा कि यदि ऊना के स्थानीय ज्वेलर्स को जीएसटी, लाइसेंस, हॉलमार्क, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य सरकारी नियमों का पालन करना पड़ता है, तो बाहर से आकर अस्थायी प्रदर्शनी लगाने वाले व्यापारियों पर भी वही नियम समान रूप से लागू होने चाहिए। शहरी व्यापार मंडल ने जिला प्रशासन से मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि संबंधित आयोजकों ने सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की हैं या नहीं तथा सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया है।

    अध्यक्ष प्रिंस राजपूत ने कहा कि व्यापार मंडल चाहता है कि स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा हो और किसी भी व्यापारी को नियमों से ऊपर न माना जाए। यदि सभी दस्तावेज और अनुमतियां पूरी हैं तो प्रशासन इसे सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करे, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे। वहीं यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विभाग निष्पक्ष और नियमानुसार कार्रवाई करें।

    स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि वे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के पक्षधर हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा तभी उचित मानी जाएगी जब सभी व्यापारी एक ही कानून और एक जैसे नियमों के दायरे में कारोबार करें। व्यापार मंडल ने संकेत दिए हैं कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इस विषय को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से औपचारिक रूप से भी बात की जाएगी।

    अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन, पुलिस, जीएसटी विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों पर हैं कि वे इस मामले में स्थिति स्पष्ट करें और यह सुनिश्चित करें कि ऊना में व्यापार पूरी पारदर्शिता, समान नियमों और कानून के दायरे में संचालित हो।

     

  • जीडीएच इंडस्ट्रीज बसाल में भरे जाएंगे 56 पद, साक्षात्कार 18 को ऊना में

    जीडीएच इंडस्ट्रीज बसाल में भरे जाएंगे 56 पद, साक्षात्कार 18 को ऊना में

    ऊना,सुशील पंडित: मैसर्ज जीडीएच इंडस्ट्रीज बसाल में 56 पद विभिन्न श्रेणी में भरे जाएंगे। इन पदों के लिए साक्षात्कार 18 जुलाई को सुबह 10.30 बजे जिला रोजगार कार्यालय ऊना में लिया जाएगा । जिला रोजगार अधिकारी, ऊना अक्षय शर्मा ने बताया कि जीडीएच इंडस्ट्रीज बसाल में प्लांट हेल्पर के 10 पद, टूल रूम वर्कर के 15, फरनेस हेल्पर के 15, सुपरवाइजर के 3, प्रेस ऑप्रेटर के 4, फरनास ऑप्रेटर के 2, टेबल ऑप्रेटर के 2 और टूल एंड डाई ऑप्रेटर के 5 पद भरे जाएंगे।

    उन्होंने बताया कि प्लांट हेल्पर, प्रेस ऑप्रेटर, फरनास ऑप्रेटर, टेबल ऑप्रेटर एवं टूल एंड डाई ऑप्रेटर पदों के लिए 10वीं निर्धारित की गई है। टूल रूम वर्कर के लिए 10वीं और आईटीआई निर्धारित की गई है। इन सभी पदों के लिए आयु सीमा 18 से 35 वर्ष तथा वेतन सरकारी मानदंडों के अनुसार दिया जाएगा।  इसके अलावा सुपरवाइजर पद के लिए शैक्षणिक योग्यता 12वीं और स्नातक, 1 से 3 वर्ष का अनुभव और आयु सीमा 20 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है।

    अक्षय शर्मा ने बताया कि इच्छुक व योग्य अभ्यर्थी अपनी योग्यता प्रमाण पत्र, जन्म तिथि, रोजगार कार्यालय पंजीकरण कार्ड, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट आकार की फोटो, अनुभव प्रमाण पत्र, बायोडाटा व मूल प्रमाण पत्रों सहित साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए 98050-54957 पर सम्पर्क कर सकते हैं। साक्षात्कार में आने जाने का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।

     

  • बटूही और लम्लैहड़ी अप्परली में एससी-एसटी शिक्षा ऋण योजना बारे ग्रामीण किए जागरूक

    बटूही और लम्लैहड़ी अप्परली में एससी-एसटी शिक्षा ऋण योजना बारे ग्रामीण किए जागरूक

    ऊना,सुशील पंडित:  हिमाचल प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के युवाओं को तकनीकी विषयों और व्यवसायिक शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शिक्षा ऋण योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना के अंतर्गत 75 हजार रुपये तक का ऋण ब्याज मुक्त तथा 75 हजार से 1.5 लाख रुपये तक का ऋण 4 से 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध करवाने का प्रावधान है।

     योजना के तहत छात्र के माता-पिता या अभिभावक को सह-ऋणी बनना आवश्यक है। यह सुविधा केवल उन्हीं परिवारों के छात्रों को दी जाती है जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से कम है। इस योजना के माध्यम से डिप्लोमा और डिग्री कोर्सेज जैसे जेबीटी, एमबीबीएस, इंजीनियरिंग, एक वर्षीय होटल मैनेजमेंट, एमबीए, जीएएमएस, एमएस, नर्सिंग आदि पाठ्यक्रमों के लिए भी ऋण सुविधा उपलब्ध है। ऋण की वसूली कोर्स पूर्ण होने के दो वर्ष बाद अथवा नौकरी मिलने पर, जो पहले हो, से शुरू हो जाती है।

    यह जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से संबद्ध नाट्यदल पूर्वी कलामंच जलग्रां टब्बा ने वीरवार को अभियान के दूसरे चरण के तीसरे दिन ऊना उपमंडल के बटूही और लम्लैहड़ी अप्परली में आयोजित गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटक कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को दी।

    कलाकारों ने बताया कि शिक्षा ऋण योजना आर्थिक रूप से कमजोर एससी और एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने में मदद करती है। साथ ही, उन्होंने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना, स्वर्ण जयंती आश्रय योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी। इस दौरान कलाकारों ने नशा निवारण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि नशा समाज के लिए एक गंभीर बुराई है, जिससे दूर रहकर ही एक स्वस्थ और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने लोगों से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

    आगामी जन जागरूकता कार्यक्रमों का शेडयूल

    पूर्वी कलां मंच जलग्रां टब्बा द्वारा 17 जुलाई को ऊना के जखेड़ा और बहडाला लोअर तथा 18 जुलाई को परोइयां कलां और पनसाई में गीत संगीत व नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को मनोरंजन के साथ जनहित में संचालित योजनाओं बारे जानकारी दी जाएगी। इस मौके पर बटूही पंचायत प्रधान गुरदयाल सिंह, लम्लैहड़ी अप्परली के प्रधान अशोक कुमार, उप प्रधान रामपाल, बटूही के उप प्रधान कमलेश कुमार, वार्ड सदस्य रीना कुमारी, रजंना कुमारी, अंजू वाला, रजंना देवी, मोनिका देवी, मलकीयत सिंह, यमुना देवी सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

     

     

  • IIIT ऊना ने बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, एआईसीटीई समर्थन् इंटर्नशिप में देशभर में सबसे अधिक सहभागिता

    IIIT ऊना ने बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, एआईसीटीई समर्थन् इंटर्नशिप में देशभर में सबसे अधिक सहभागिता

    ऊना,सुशील पंडित: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करते हुए एआईसीटीई समर्थन्: इंटर्नशिप कनेक्ट कार्यक्रम 2026–27 में देशभर में सर्वाधिक सहभागिता का रिकॉर्ड बनाया है। संस्थान में एक माह तक चले इस शोध-आधारित इंटर्नशिप कार्यक्रम का बुधवार को भव्य समापन समारोह के साथ समापन हुआ।

     15 जून से 15 जुलाई तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा प्रोत्साहन योजना (PM-USPY) के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को अनुसंधान, नवाचार और अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।

    एआईसीटीई समर्थन् योजना के तहत 100-100 सीटों वाले चार चयनित संस्थानों—आईआईआईटी ऊना, एनआईटीटीटीआर भोपाल, आईआईआईटी भागलपुर और आईआईआईटीडीएम—में आईआईआईटी ऊना ने 70 प्रशिक्षुओं के नामांकन के साथ राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक सहभागिता दर्ज की। इस उपलब्धि के साथ संस्थान ने इस योजना में भाग लेने वाले सभी आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और अन्य मेजबान संस्थानों को पीछे छोड़ दिया।

    इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी शामिल हुए, जो देशभर के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत हैं। इससे आईआईआईटी ऊना की बढ़ती राष्ट्रीय पहचान और मजबूत शोध वातावरण का भी पता चलता है।

    इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), क्वांटम कंप्यूटिंग, डेटा साइंस, लो-पावर वीएलएसआई डिज़ाइन, सिग्नल प्रोसेसिंग, फेडरेटेड लर्निंग, बायोमेडिकल सिग्नल प्रोसेसिंग, बायोइन्फॉर्मेटिक्स, पार्टिकल फिजिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक शोध क्षेत्रों में कार्य किया। साथ ही उन्हें Python, R, MATLAB और Simulink जैसे सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

    प्रतिभागियों ने EduNavigate AI, InternMe, KisanMitra, Catch-Up Immunization Engine और मूक-बधिरों के लिए कैमरा आधारित हैंड जेस्चर रिकॉग्निशन सिस्टम जैसी नवाचारी परियोजनाएं विकसित कीं। इसके अलावा क्वांटम आधारित EEG वर्गीकरण और बायोमेडिकल सिग्नलों से शोर हटाने पर आधारित दो शोध-पत्र भी तैयार किए गए।

    समापन समारोह में आईआईआईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि शोध इंटर्नशिप विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करती है तथा उन्हें उच्च शिक्षा और उद्योग जगत में बेहतर अवसरों के लिए तैयार करती है। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. तनु वाधेरा ने किया। कार्यक्रम की सफलता में संस्थान के विभिन्न संकाय सदस्यों और मार्गदर्शकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

  • ऊना में शराब कारोबारियों के साथ पुलिस-आबकारी विभाग की संयुक्त बैठक, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

    ऊना में शराब कारोबारियों के साथ पुलिस-आबकारी विभाग की संयुक्त बैठक, नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

    ऊना,सुशील पंडित: जिला पुलिस ऊना और आबकारी एवं कराधान विभाग ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय ऊना में जिले के सभी लाइसेंसधारी शराब कारोबारियों के साथ संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक आईपीएस सचिन हिरेमठ ने की, जबकि आबकारी एवं कराधान विभाग के उपायुक्त विशाल गोरला सहित विभाग के सभी सर्कल अधिकारी और जिला पुलिस के राजपत्रित अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, आबकारी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना तथा अवैध शराब के कारोबार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना रहा। बैठक में कारोबारियों को निर्देश दिए गए कि वे केवल लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप ही शराब का भंडारण और बिक्री करें, निर्धारित समय का पालन करें, नाबालिगों को शराब न बेचें तथा दुकानों में सीसीटीवी कैमरे हमेशा चालू रखें। साथ ही अवैध शराब, तस्करी या मिलावटी शराब से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए कहा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आबकारी अधिनियम सहित अन्य संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने कहा कि जिला पुलिस वैध कारोबार को पूरी सुरक्षा और सहयोग देना चाहती है, लेकिन कानून तोड़ने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने सभी कारोबारियों से प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखते हुए जिले में शांति और कानून व्यवस्था कायम रखने में सहयोग करने की अपील की। वहीं, आबकारी एवं कराधान विभाग के उपायुक्त विशाल गोरला ने कारोबारियों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि उनके मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त अभियान चलाएंगे तथा जिम्मेदार व्यापारिक आचरण को बढ़ावा दिया जाएगा।