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  • हरोली कॉलेज को मिली पीजीडीसीए की मंजूरी, इसी सत्र से शुरू होंगी कक्षाएं

    हरोली कॉलेज को मिली पीजीडीसीए की मंजूरी, इसी सत्र से शुरू होंगी कक्षाएं

    ऊना सुशील पंडित : हरोली विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक और महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि जुड़ गई है। डॉ. सिम्मी अग्निहोत्री राजकीय महाविद्यालय हरोली में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशंस (पीजीडीसीए) की कक्षाएं शुरू होंगी। इसके लिए 30 सीटों के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने महाविद्यालय को प्रोविजनल एफिलिएशन प्रदान कर दी है।
    उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह उपलब्धि हरोली को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान देने के साथ-साथ युवाओं को आधुनिक एवं रोजगारोन्मुखी कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

    उल्लेखनीय है कि लगभग 12.70 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय महाविद्यालय हरोली का नया भवन लगभग तैयार है। कॉलेज परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आधुनिक स्टेज, ओपन जिम, वॉलीबॉल एवं बैडमिंटन कोर्ट तथा अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त कैंपस कैफेटेरिया का भी निर्माण किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में महाविद्यालय में बीए, बी.कॉम, बीसीए, बीबीए, बी.एससी. (मेडिकल एवं नॉन-मेडिकल), एम.कॉम तथा राजनीति शास्त्र, अंग्रेज़ी, इतिहास एवं हिंदी विषयों में एम.ए. की पढ़ाई करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी शैक्षणिक सत्र से पीजीडीसीए के साथ-साथ बी.एससी. कंप्यूटर साइंस की कक्षाएं भी आरंभ की जाएंगी। इसके अतिरिक्त बॉटनी, केमिस्ट्री, फिजिक्स तथा जूलॉजी विषयों के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूलर साइंस लैब्स स्थापित करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इन नई शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं से विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध होगी। साथ ही, उन्हें कंप्यूटर एवं विज्ञान आधारित उच्च शिक्षा के लिए अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता भी काफी हद तक कम होगी।

  • ऊना पुलिस ने सुलझाई भैंस चोरी की गुत्थी, 3 आरोपी गिरफ्तार; दोनों भैंसें बरामद, बोलेरो पिकअप और बाइक जब्त

    ऊना पुलिस ने सुलझाई भैंस चोरी की गुत्थी, 3 आरोपी गिरफ्तार; दोनों भैंसें बरामद, बोलेरो पिकअप और बाइक जब्त

    ऊना, सुशील पंडित: जिला पुलिस ऊना ने भैंस चोरी के एक मामले का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई दोनों भैंसों को पंजाब के सरयाला कलां से बरामद कर उनके असली मालिक को सौंप दिया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई एक बोलेरो पिकअप और एक मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है।

    पुलिस के अनुसार 1 जुलाई 2026 को पुलिस थाना हरोली में एक महिला ने अपनी दो भैंसें चोरी होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर तीन आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरप्रीत सिंह (29) निवासी जसोवाल, मोहम्मद दीन (36) निवासी बड्डो मैटियाना तथा लतीफ (32) निवासी ईसपुर कोट पटुही, जिला होशियारपुर (पंजाब) के रूप में हुई है।

    पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई दोनों भैंसें 6 जुलाई को पंजाब के सरयाला कलां से बरामद की गईं। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भैंसों को उनके वास्तविक मालिक के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त बोलेरो पिकअप और मोटरसाइकिल को भी कब्जे में ले लिया है।

    पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों से अन्य मामलों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।जिला पुलिस ऊना ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध संबंधी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

     

     

     

  • मेहतपुर: पुलिस ने दड़ा-सट्टा खेलते व्यक्ति को दबोचा, नकदी और पर्चियां बरामद

    मेहतपुर: पुलिस ने दड़ा-सट्टा खेलते व्यक्ति को दबोचा, नकदी और पर्चियां बरामद

    ऊना, सुशील पंडित: पुलिस थाना मेहतपुर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दड़ा-सट्टा खेलते एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 6 जुलाई की देर शाम सरकारी स्कूल भटोली भवोर साहिब चौक के पास की गई।

    पुलिस के अनुसार, एएसआई गुरदास राम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी कर सुनील कुमार निवासी जियोवाल, तहसील आनंदपुर साहिब, जिला रोपड़ (पंजाब) के कब्जे से 1,470 रुपये की नकदी और दड़ा-सट्टा संबंधी पर्चियां बरामद कीं। आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

     

  • SBI Life Insurance में भरे जाएंगे बिजनेस एसोसिएट्स के 20 पद

    SBI Life Insurance में भरे जाएंगे बिजनेस एसोसिएट्स के 20 पद

    ऊना, सुशील पंडित: एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी ने 20 पद बिजनेस एसोसिएट्स के अधिूसचित किए हैं। इन पदों के लिए साक्षात्कार 9 जुलाई को सुबह 10.30 बजे उप रोजगार कार्यालय हरोली में लिया जाएगा।  जिला रोजगार अधिकारी ऊना अक्षय शर्मा ने बताया कि बिजनेस एसोसिएट्स के पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता स्नातक रखी गई है। उन्होंने बताया कि कंपनी की पॉलिसी के अनुसार भूतपूर्व सैनिक छूट और अन्य लाभों के लिए पात्र होंगे। साथ ही, अभ्यर्थी की आयु 25 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है।
    अक्षय शर्मा ने बताया कि योग्य व इच्छुक अभ्यर्थी अपने योग्यता प्रमाण पत्र, जन्म तिथि, रोजगार कार्यालय का पंजीकरण कार्ड, आधार कार्ड नम्बर, दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ व मूल प्रमाण पत्रों सहित साक्षात्कार में उपस्थित हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए 82630-28900 मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क किया जा सकता है। इसके अलावा साक्षात्कार में आने जाने का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
  • ऊना में मानसून के मद्देनज़र 30 सितंबर तक पहाड़ी कटान पर प्रतिबंध

    ऊना में मानसून के मद्देनज़र 30 सितंबर तक पहाड़ी कटान पर प्रतिबंध

    ऊना, सुशील पंडित: ऊना जिले में लगातार हो रही बारिश और मानसून के दौरान संभावित आपदा जोखिम को देखते हुए एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन ने 30 सितंबर तक निजी विकास एवं निर्माण गतिविधियों के लिए किसी भी प्रकार के पहाड़ी कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जिला दंडाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना के अध्यक्ष जतिन लाल ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

    आदेशों में कहा गया है कि 30 जून से जिले में मानसून सक्रिय है तथा लगातार हो रही वर्षा और भारी बारिश के कारण विभिन्न क्षेत्रों में नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं। जिला प्रशासन राहत, पुनर्बहाली और आवश्यक सेवाओं की बहाली में जुटा हुआ है। आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है।

    आदेशों के अनुसार मानसून के दौरान अनियमित पहाड़ी कटान और अनियोजित निर्माण गतिविधियां भू-संरचना को कमजोर कर सकती हैं। इससे भूस्खलन, भवनों तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं को नुकसान पहुंचने के साथ जन-धन की हानि का खतरा बढ़ जाता है। जिले के संवेदनशील पारिस्थितिकीय तंत्र और आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संभावित आपदाओं की रोकथाम के उद्देश्य से यह प्रतिबंध लगाया गया है।

    आदेशों के अनुसार आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के पुनर्निर्माण कार्यों को छोड़कर निजी विकास एवं निर्माण गतिविधियों के लिए किसी भी प्रकार का पहाड़ी कटान 30 सितंबर तक प्रतिबंधित रहेगा।

    जिला दंडाधिकारी ने सभी उपमंडल अधिकारियों (नागरिक) एवं कार्यपालक दंडाधिकारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेशों के उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 60 के तहत क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • उपमुख्यमंत्री 8 जुलाई को ऊना दौरे पर

    उपमुख्यमंत्री 8 जुलाई को ऊना दौरे पर

    ऊना, सुशील पंडितः उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री 8 जुलाई, बुधवार को जिला ऊना के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उपमुख्यमंत्री प्रातः 10:30 बजे हरोली तहसील के छह गांवों में संचालित नेस्ले इंडिया की एकीकृत ग्राम विकास परियोजना, टाहलीवाल के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
    यह कार्यक्रम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नंगल कलां में आयोजित होगा। इसके बाद उपमुख्यमंत्री का सायंकाल कसौली होते हुए शिमला प्रस्थान करने का कार्यक्रम है।
     
  • लोहारा अप्पर और लडोली पंचायतों में दी सरकारी योजनाओं की जानकारी

    लोहारा अप्पर और लडोली पंचायतों में दी सरकारी योजनाओं की जानकारी

    ऊना, सुशील पंडितः सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष प्रचार अभियान के पहले चरण के दूसरे दिन आज मंगलवार को आर.के. कलामंच, चिंतपूर्णी ने अंब उपमंडल की ग्राम पंचायत लोहारा अप्पर के गुरेट और लडोली पंचायत के भरवां उर्फ कंगरूही में अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित लोगों को सरकारी योजनाओं बारे जागरूक किया। इस दौरान कलाकारों ने गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के कल्याणार्थ चलाई जा रही योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों, उपलब्धियों तथा नशामुक्त अभियान से अवगत करवाया।

    कार्यक्रम में कलाकारों ने जानकारी दी कि अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत यदि स्वर्ण जाति का कोई युवक अथवा युवती अनुसूचित जाति वर्ग में विवाह करता/करती है तो प्रदेश सरकार द्वारा दंपत्ति को 50 हज़ार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। यह योजना समाज से छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के उद्देश्य से चलाई गई है। इसके लिए दंपत्ति को जाति प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र, जन्मतिथि प्रमाण पत्र, राशन कार्ड की प्रति, आधार कार्ड, विवाह का फोटो तथा संबंधित जिला कल्याण अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

    इसके अतिरिक्त, नाट्यदल के कलाकारों ने बताया कि अनुवर्ती कार्यक्रम योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र लाभार्थियों को आजीविका के साधन उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है। इसी योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रति सिलाई मशीन पर 1,800 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाती है, ताकि वे घर पर ही रोजगार अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना के साथ-साथ अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।

    इसके अलावा कलाकारों ने विशेष रूप से नशा निवारण पर बल देते हुए नशे को समाज की गंभीर बुराई बताया और लोगों से नशे से दूर रहने व समाज को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

    उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिन्हें गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक दलों के माध्यम से विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया है।

    ऊना जिले में यह अभियान दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। जिले के 20 अनुसूचित जाति बहुल्य गांवों में कार्यक्रम होंगे, जिसमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 4दृ4 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान में नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    आगामी कार्यक्रमों का शेड्यूल
    इसी कड़ी में 8 जुलाई को गगरेट के डंगोह खास और गोंदपुर बनेहड़ा अप्पर, 9 को कैलाश नगर और गगरेट अप्पर तथा 10 जुलाई को बंगाणा के मोउखास और सकोहान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं, दूसरे चरण में पूर्वी कलामंच जलग्रां टब्बा द्वारा 14 से 18 जुलाई तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें 14 जुलाई को हरोली के जोड़ियां और जननी, 15 को हरोली के जंगल पंजावर और भदसाली थोलियां, 16 को ऊना के बटूही और लमलेहड़ी अप्परली, 17 को ऊना के जखेड़ा और बहडाला लोअर तथा 18 जुलाई को परोइयां कलां और पनसाई में गीत संगीत व नुकड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को मनोरंजन के साथ जनहित में संचालित योजनाओं बारे जानकारी दी जाएगी।

    इस मौके पर लोहारा अप्पर के प्रधान संगीता वाला, लडोली की प्रधान शशि कुमारी, उप प्रधान लोहारा अप्पर कपूरदीन और उप प्रधान लडोली अनिल ताखी, पंचायत सचिव मंजू वाला और राजेश कुमार सहित पंचायतों के वार्ड सदस्य और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

     

  • पशु चिकित्सालय ललड़ी में सफल शल्य चिकित्सा से भैंस को मिला नया जीवन

    पशु चिकित्सालय ललड़ी में सफल शल्य चिकित्सा से भैंस को मिला नया जीवन

    पेट से निकाली 32 नुकीली लोहे की कीलें सहित अन्य धातु के टुकड़े

    ऊनाः सुशील पंडितः पशु चिकित्सालय पॉलीक्लिनिक ललड़ी में पशु चिकित्सकों की विशेषज्ञ टीम ने एक जटिल शल्य चिकित्सा (सर्जरी) को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए भैंस के पेट से 32 नुकीली लोहे की कीलें, तार, एक बियरिंग बॉल, एक टूटा हुआ बोल्ट तथा 10 अन्य छोटे धातु के टुकड़े निकालकर भैंस को नया जीवनदान दिया। यह शल्य चिकित्सा पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. निशांत राणौत के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस विशेषज्ञ टीम में डॉ. नवनीत शर्मा, डॉ. शिल्पा राणौत तथा डॉ. स्टेफनी प्रधान भी शामिल रहीं।

    पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. निशांत राणौत ने बताया कि मेहतपुर निवासी पशुपालक रामपाल अपनी भैंस को लगभग 10 दिनों से चारा न खाने की शिकायत के चलते पशु चिकित्सालय पॉलीक्लिनिक ललड़ी लेकर आए थे। पशु की प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच के उपरांत रक्त परीक्षण एवं अल्ट्रासाउंड किया गया, जिसमें भैंस के पेट में धातु से बने विदेशी पदार्थ (फॉरेन बॉडी) होने की पुष्टि हुई।

    भैंस की गंभीर स्थिति को देखते हुए पशु मालिक को तत्काल शल्य चिकित्सा कराने की सलाह दी गई। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर भैंस के पेट से 32 नुकीली लोहे की कीलें एवं तार, एक बियरिंग बॉल, एक टूटा हुआ बोल्ट तथा 10 अन्य छोटे धातु के टुकड़े सुरक्षित रूप से बाहर निकाले। चिकित्सकों के अनुसार ये धातु की वस्तुएं भैंस के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी थीं तथा लंबे समय से भोजन न करने और दर्द का मुख्य कारण भी यही थीं।

    डॉ. राणौत ने बताया कि शल्य चिकित्सा के बाद भैंस की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है तथा उसे दर्द से भी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि भैंस को आगामी 7 से 10 दिनों तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा, ताकि उसके पूर्ण स्वस्थ होने की प्रक्रिया पर निरंतर नजर रखी जा सके।

    उन्होंने पशुपालकों से आग्रह किया कि पशुओं के चारे तथा उनके आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखें तथा लोहे की कीलें, तार एवं अन्य धातु की वस्तुओं को चारे के संपर्क में न आने दें। उन्होंने कहा कि ऐसी वस्तुएं अनजाने में पशुओं के पेट में पहुंचकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं। यदि किसी पशु में लंबे समय तक चारा न खाने, दर्द अथवा असामान्य व्यवहार जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत निकटतम पशु चिकित्सालय में जांच एवं उपचार करवाना चाहिए। इस जटिल शल्य चिकित्सा को सफल बनाने में फार्मासिस्ट सौरव कुमार, सुनंदा, दीपक, करमवीर तथा विकास ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

     
  • स्क्रब टाइफस से घबराएं नहीं, सतर्कता और समय पर उपचार से बचाव संभव

    स्क्रब टाइफस से घबराएं नहीं, सतर्कता और समय पर उपचार से बचाव संभव

    ऊना, सुशील पंडितः स्क्रब टाइफस से घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह बरसात के मौसम में होने वाली एक संक्रामक बीमारी है, जिसकी समय पर पहचान और उचित उपचार से इलाज संभव है। आवश्यकता केवल सतर्क रहने, आवश्यक सावधानियां अपनाने तथा लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की है।

    कैसे फैलता है स्क्रब टाइफस
    स्क्रब टाइफस बरसात के मौसम में होने वाली एक संक्रामक बीमारी है। यह रिकेट्सिया जीवाणु से संक्रमित लार्वा माइट (चिगर) के काटने से फैलता है। यह परजीवी प्रायः खेतों, झाड़ियों और घास वाले क्षेत्रों में पाया जाता है तथा चूहों एवं अन्य छोटे स्तनधारी जीवों पर आश्रित रहता है। संक्रमित चिगर के काटने पर जीवाणु त्वचा के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाता है और स्क्रब टाइफस का संक्रमण होता है। यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता।

    ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. एस. के. वर्मा ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को कंपकंपी के साथ 104 से 105 डिग्री तक तेज बुखार, जोड़ों में भयंकर दर्द, शरीर में अकड़न तथा अत्यधिक थकावट महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करवानी चाहिए। गंभीर संक्रमण की स्थिति में गर्दन, कांख अथवा कूल्हों के ऊपर गिल्टियां (लसीका ग्रंथियों में सूजन) भी हो सकती हैं। ऐसे किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं। इसके अलावा किसी भी प्रकार का बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।

    घर और आसपास रखें साफ-सफाई
    बचाव के लिए बरसात के दौरान घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा घास-झाड़ियों को न बढ़ने दें। कहीं भी पानी जमा न होने दें। घर के अंदर-बाहर तथा आसपास आवश्यकता अनुसार कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। खेतों या झाड़ियों वाले क्षेत्रों में काम करते समय पूरे शरीर, विशेषकर हाथों और पैरों को ढककर रखें।

    क्या कहते हैं जिलाधीश
    जिलाधीश जतिन लाल ने लोगों से बरसात के मौसम में स्क्रब टाइफस, डेंगू तथा अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से लोगों को इन रोगों के प्रति जागरूक करने तथा बचाव संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष बल दे रहा है। उन्होंने लोगों से अपने घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, लक्षण दिखाई देने पर बिना विलंब चिकित्सकीय परामर्श लेने तथा अफवाहों पर ध्यान न देकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने का आग्रह किया।

     

  • हिमाचल सरकार स्वर्ण जयंती आश्रय योजना में पक्का घर बनाने के लिए दे रही 1.50 लाख की आर्थिक मदद

    हिमाचल सरकार स्वर्ण जयंती आश्रय योजना में पक्का घर बनाने के लिए दे रही 1.50 लाख की आर्थिक मदद

    ऊना सुशील पंडित : हिमाचल सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत 1.50 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान कर रही है। यह सहायता उन्हीं लोगों को दी जाती है जिनके नाम पर भूमि पंजीकृत हो और जिनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक न हो। लाभार्थियों को अपने आवेदन तहसील कल्याण अधिकारी के कार्यालय में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करवाने होते हैं। यह जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से संबद्ध नाट्यदल आर.के. कलामंच चिंतपूर्णी ने सोमवार को अंब उपमंडल की ग्राम पंचायत डूहल भटवालां के गांव बामसेरा और घंघरेट पंचायत में गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के जरिए ग्रामीणों को जागरूक करते हुए दी।
    कलाकारों ने बताया कि यह योजना उन गरीब परिवारों के सपनों को साकार कर रही है, जिनके पास खुद की जमीन तो है, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण वे पक्का मकान नहीं बना पाते। इसके साथ ही ग्रामीणों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना और नशा निवारण जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई। कलाकारों ने नशे को एक गंभीर सामाजिक बुराई बताते हुए लोगों से नशे से दूर रहने और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।
    एससी वर्ग के लिए कल्याणार्थ संचालित योजनाओं के प्रचार प्रसार को छेड़ा गया है विशेष अभियान
    उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम चला रही है। इन्हें गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक दलों के माध्यम से विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया है।
    ऊना जिले में यह अभियान दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। जिले के 20 अनुसूचित जाति बहुल्य गांवों में कार्यक्रम होंगे, जिसमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 4-4 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान में नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
    *ये रहेगा आगामी कार्यक्रमों का शेड्यूल*
    प्रथम चरण के तहत आरके कलामंच चिंतपूर्णी द्वारा 7 को गुरेट और भरवां उर्फ कंगरूही, 8 को गगरेट के डंगोह खास और गोंदपुर बनेहड़ा अप्पर, 9 को कैलाश नगर और गगरेट अप्पर तथा 10 जुलाई को बंगाणा के मोउखास और सकोहान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं, दूसरे चरण में पूर्वी कलामंच जलग्रां टब्बा द्वारा 14 से 18 जुलाई तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें 14 जुलाई को हरोली के जोड़ियां और जननी, 15 को हरोली के जंगल पंजावर और भदसाली थोलियां, 16 को ऊना के बटूही और लमलेहड़ी अप्परली, 17 को ऊना के जखेड़ा और बहडाला लोअर तथा 18 जुलाई को परोइयां कलां और पनसाई में गीत संगीत व नुकड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को मनोरंजन के साथ जनहित में संचालित योजनाओं बारे जानकारी दी जाएगी।
    इस मौके पर डूहल भटवालां पंचायत प्रधान देवराज, उप प्रधान संजीव कुमार, घंघरेट पंचायत प्रधान सरोज कुमारी, उप्रधान ओंकार चंद, सचिव वनीत कुमार और प्रदीप कुमार, पंचायत वार्ड सदस्यों सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।