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हरोली में 5.50 करोड़ की लागत से बना ‘आईना’ कमांड एंड कंट्रोल सेंटर शुरू
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया उद्घाटन, नए SDPO कार्यालय का शुभारंभ और पुलिस वाहन को भी दिखाई हरी झंडीऊना, सुशील पंडित : हरोली में शुक्रवार को तकनीक आधारित पुलिसिंग को नई दिशा देते हुए 5.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित ‘आईना’ (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) का शुभारंभ किया गया। हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस अत्याधुनिक कमांड सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया। यह कमांड एंड कंट्रोल सेंटर हरोली उपमंडल में अपराध नियंत्रण, सार्वजनिक सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों की रियल टाइम निगरानी को मजबूत करेगा। इसके माध्यम से वाहनों की प्रभावी ट्रैकिंग, आपराधिक जांच में तेजी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी।हरोली उपमंडल की पंजाब से करीब 55 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस परियोजना को विकसित किया गया है। इस नेटवर्क के तहत लगभग 60 प्रमुख स्थानों पर 195 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें 103 एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) और 92 नॉन-एएनपीआर कैमरे शामिल हैं।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विश्वास जताया कि ‘आईना’ कमांड एंड कंट्रोल सेंटर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम, त्वरित निगरानी और आपातकालीन परिस्थितियों में शीघ्र एवं प्रभावी पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने नवनिर्मित एसडीपीओ कार्यालय, हरोली का भी उद्घाटन किया तथा पुलिस थाना हरोली के लिए उपलब्ध कराए गए नए पुलिस वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।पुलिस विभाग के अनुसार, यह परियोजना हिमाचल प्रदेश पुलिस के आधुनिकीकरण, स्मार्ट पुलिसिंग और नागरिकों को सुरक्षित, प्रभावी तथा तकनीक आधारित पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। -

सामर्थ्य ज्ञानदीप पुस्तकालय: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का नया ठिकाना
ऊना, सुशील पंडित : प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत के साथ-साथ शांत, अनुशासित और प्रेरणादायी अध्ययन वातावरण भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ऊना ने सामर्थ्य पहल के अंतर्गत मिनी सचिवालय ऊना के कक्ष संख्या 221 में करीब 15 लाख रुपये की लागत से ‘सामर्थ्य ज्ञानदीप पुस्तकालय’ विकसित किया है। आज यह पुस्तकालय प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अध्ययन का एक बेहतर केंद्र बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में युवाओं और महिलाओं के सशक्तीकरण को प्राथमिकता देने की राज्य सरकार की सोच के अनुरूप उपायुक्त जतिन लाल के मार्गदर्शन में शुरू की गई सामर्थ्य पहल का उद्देश्य युवाओं को सकारात्मक अवसर, गुणवत्तापूर्ण संसाधन और बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। ज्ञानदीप पुस्तकालय उसी सोच का साकार रूप है। इसके माध्यम से युवाओं को जिले में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। उपायुक्त जतिन लाल की परिकल्पना से साकार हुआ यह पुस्तकालय पढ़ाई का बेहतर स्थल होने के साथ ही युवाओं में अध्ययन संस्कृति विकसित करने का एक प्रयास भी है। उनका मानना है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता केवल ऐसे वातावरण की होती है जहां युवा पूरी एकाग्रता और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की तैयारी कर सकें। इसी सोच के साथ इस पुस्तकालय की स्थापना की गई, ताकि विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुविधाएं अपने जिले में ही उपलब्ध हो सकें। मिनी सचिवालय ऊना के अलावा सामर्थ्य ज्ञानदीप पुस्तकालय पंजावर और मैड़ी खास में भी स्थापित किए गए हैं। वहीं माता श्री चिंतपूर्णी के श्री माईदास सदन स्थित पुस्तकालय के आधुनिकीकरण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।फ्री वाई-फाई, एसी रूम और शांत वातावरण
सहायक आयुक्त विनय मोदी ने बताया कि पुस्तकालय प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित किया जाता है। यहां एक समय में लगभग 30 विद्यार्थियों के बैठकर अध्ययन करने की व्यवस्था है। पुस्तकालय में वातानुकूलित अध्ययन कक्ष, निशुल्क वाई-फाई, आधुनिक फर्नीचर, आरामदायक बैठने की व्यवस्था तथा पूरी तरह शांत और अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि मात्र 200 रुपये प्रतिमाह के शुल्क पर विद्यार्थी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। पुस्तकालय के संचालन के लिए निर्धारित नियम यह सुनिश्चित करते हैं कि अध्ययन का वातावरण हर समय एकाग्रता और अनुशासन के अनुकूल बना रहे। पुस्तकालय की सदस्यता प्राप्त करने के इच्छुक युवा मिनी सचिवालय, ऊना स्थित रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव कार्यालय, कक्ष संख्या 406 में कार्यालय समय के दौरान संपर्क कर सकते हैं।युवाओं ने सराहे प्रयास
दूसाड़ा निवासी सोनाक्षी ने बताया कि जमा दो की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। पहले वह घर पर ही पढ़ाई करती थीं, लेकिन वहां एकाग्र होकर अध्ययन करने का उपयुक्त माहौल नहीं मिल पाता था। ज्ञानदीप पुस्तकालय की जानकारी मिलने के बाद अब उन्हें नियमित अध्ययन के लिए शांत, सुरक्षित और प्रेरणादायी वातावरण मिला है। उनका कहना है कि यहाँ उपलब्ध निशुल्क वाई-फाई, वातानुकूलित कक्ष और अनुशासित माहौल उनकी तैयारी में काफी मदद कर रहा है। वहीं डॉ. अनु कौशल, जो पेशे से डेंटल सर्जन हैं और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी कर रही हैं, कहती हैं कि पुस्तकालय का सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करता है। यहां उपलब्ध सुविधाएं और समय-समय पर उपायुक्त जतिन लाल द्वारा दिया जाने वाला मार्गदर्शन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाता है। उनका मानना है कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इस पुस्तकालय का लाभ उठाना चाहिए। ज्ञानदीप पुस्तकालय इस विश्वास को और मजबूत करता है कि सही वातावरण, बेहतर संसाधन और उचित मार्गदर्शन मिल जाए तो प्रतिभा अपने लिए रास्ता स्वयं बना लेती है। जिला प्रशासन ने जिले के युवाओं से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। मात्र 200 रुपये प्रतिमाह के शुल्क पर उपलब्ध यह पुस्तकालय ऊना के युवाओं को उनके सपनों के करीब ले जाने वाला एक भरोसेमंद अध्ययन केंद्र बनकर उभर रहा है। -

हिमाचल का पहला पूर्ण CCTV निगरानी वाला विधानसभा क्षेत्र बना हरोली
उपमुख्यमंत्री ने हरोली में 5.50 करोड़ रुपये के ‘आईना’ कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का किया लोकार्पण बोले- स्मार्ट पुलिसिंग से अपराधियों पर रहेगी पैनी नजर, जल्द खुलेगा हरोली बस डिपो ऊना (3 जुलाई) सुशील पंडित : ऊना जिले का हरोली विधानसभा क्षेत्र हिमाचल प्रदेश का पहला पूर्ण सीसीटीवी निगरानी वाला विधानसभा क्षेत्र बन गया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को 5.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम) ‘आईना’ का लोकार्पण किया। मिनी सचिवालय स्थित डीएसपी कार्यालय में स्थापित यह सेंटर आधुनिक एवं तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली में अपराध की मंशा से आने वाला कोई भी व्यक्ति अब कानून की नजर से बच नहीं सकेगा। संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र के 60 महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों पर स्थापित 195 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। अपराध में प्रयुक्त या संदिग्ध वाहन क्षेत्र में प्रवेश करते ही कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को तत्काल अलर्ट प्राप्त होगा, जिससे पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकेगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी तथा तकनीक के माध्यम से चालान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाई-रिजोल्यूशन कैमरों और अत्याधुनिक तकनीक से लैस ‘आईना’ के साथ हरोली देश के उन चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में शामिल हो गया है, जहां अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस स्तर की तकनीक का उपयोग पहली बार हरोली में किया गया है।
उन्होंने बताया कि ‘आईना’ प्रदेश की पहली पूर्णतः वायरलेस कमांड एंड कंट्रोल प्रणाली है। सेंटर में स्थापित 19 बड़ी एलईडी वीडियो वॉल के माध्यम से पूरे विधानसभा क्षेत्र की गतिविधियों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। सिस्टम में तीन माह तक का डेटा सुरक्षित रखने की क्षमता है, जबकि किसी प्रकार की छेड़छाड़ की स्थिति में भी आठ घंटे तक का डेटा सुरक्षित रिकॉर्ड होता रहेगा। उन्होंने बताया कि लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत से सात इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) भी स्थापित किए गए हैं, जो यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों एवं अपराधियों की पहचान में पुलिस के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह व्यवस्था अपराध नियंत्रण को और मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास भी बढ़ाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर फोकस
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जिला मुख्यालयों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहरों की तर्ज पर गांवों में भी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। हरोली में एसडीएम कार्यालय, विभिन्न सरकारी कार्यालयों तथा वाहन पंजीकरण जैसी सुविधाओं की उपलब्धता क्षेत्र के समग्र विकास का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि हरोली में लगभग 25 हजार वाहन पंजीकृत हैं और अब लोगों को वाहन पंजीकरण के लिए अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ता।हरोली बस डिपो जल्द होगा शुरू
उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले कुछ दिनों में हरोली में बस डिपो की स्थापना कर जनता को समर्पित किया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं और विभिन्न रूट भी तय कर लिए गए हैं। यहां से दिल्ली, चंडीगढ़, शिमला तथा एम्स बिलासपुर सहित विभिन्न प्रमुख गंतव्यों के लिए नियमित बस सेवाएं संचालित होंगी। उन्होंने बताया कि टाहलीवाल में नए पुलिस थाना भवन का निर्माण भी शीघ्र आरंभ किया जाएगा। साथ ही पुलिस बल की आवश्यकता के अनुरूप मैनपावर बढ़ाने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।विकास की रफ्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली अस्पताल को 50 से बढ़ाकर 100 बिस्तरों का बनाने के लिए 8.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से चार करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं और शीघ्र निर्माण कार्य शुरू होगा। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में लगभग 140 करोड़ रुपये की लागत से पुलों के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। इसके अलावा 75 करोड़ रुपये की बीत क्षेत्र सिंचाई योजना-दो तथा 97 करोड़ रुपये की कमांड एरिया डेवलपमेंट एवं मॉडर्नाइजेशन परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में हरोली की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में 33 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तीन सरकारी कॉलेज, दो आईटीआई, ट्रिपल आईटी, केंद्रीय विद्यालय, लॉ कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज तथा आयुर्वेदिक कॉलेज जैसी संस्थाएं संचालित हैं, जो क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की मजबूत आधारशिला हैं।बल्क ड्रग पार्क के लिए जल्द होगी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले महीनों में इसकी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार एक-एक हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना के साकार होने से बड़े निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे तथा क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।नए पुलिस वाहन को दिखाई हरी झंडी
इस अवसर पर उन्होंने डीएसपी कार्यालय हरोली के लिए नए पुलिस वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि इससे पहले पुलिस थाना टाहलीवाल और पुलिस चौकी पंडोगा को भी नए वाहन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। डीएसपी कार्यालय को नया वाहन उपलब्ध होने के बाद वहां का वर्तमान वाहन पुलिस थाना हरोली को सौंप दिया जाएगा, जिससे उपमंडल की सभी प्रमुख पुलिस इकाइयों को वाहन सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।एसपी ने बताईं ‘आईना’ की विशेषताएं
पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए बताया कि पंजाब के साथ लगभग 55 किलोमीटर लंबी अंतरराज्यीय सीमा साझा करने वाले हरोली उपमंडल के 60 महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थानों पर कुल 195 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इनमें 103 ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) तथा 92 अन्य सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। एएनपीआर तकनीक के माध्यम से संदिग्ध एवं अपराध में प्रयुक्त वाहनों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर तत्काल नजर रखी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी संचालित होगा, जिसके जरिए ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग तथा सीट बेल्ट का उपयोग न करने जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों तथा संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी, जिससे अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। कार्यक्रम में उपायुक्त जतिन लाल, प्रदेश कांग्रेस महासचिव रणजीत राणा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संदीप अग्निहोत्री, जल प्रबंधन बोर्ड सदस्य पवन ठाकुर, जिला परिषद सदस्य केवल सिंह, सुलिंदर कौर एवं ज्योति बाला,हिमकैप्स के अध्यक्ष विक्रमजीत, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन ठाकुर, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत राय, कांग्रेस नेता योगराज योग, प्रमोद कुमार, सुभद्रा चौधरी, उर्मिला देवी, वीरेंद्र मनकोटिया, शक्ति चंद राणा,जसपाल जस्सा, मेहताब ठाकुर, विकास, सुरेखा राणा, सुमित शर्मा, गुरमुख राणा, सुरेश, सेवा सिंह, कमांडेंट होमगार्ड हितेश लखनपाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव भाटिया एवं सुरेंद्र शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. वर्मा, नगर निगम आयुक्त प्रीति पाल सिंह, संयुक्त निदेशक उद्योग अंशुल धीमान, एसडीएम विशाल शर्मा, डीएसपी मोहन रावत एवं अजय ठाकुर सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। -

हिमकैप्स ऑफ नर्सिंग कॉलेज की पांच छात्राओं ने प्रदेश की टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया
ऊना/ सुशील पंडित: अमरू यूनिवर्सिटी द्वारा गुरुवार को घोषित बीएससी नर्सिंग तृतीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में हिमकैप्स ऑफ नर्सिंग कॉलेज, बढेडा की पांच छात्राओं ने प्रदेश की टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर संस्थान और जिला ऊना का नाम रोशन किया है। इस शानदार उपलब्धि पर कॉलेज प्रबंधन और स्टाफ में खुशी का माहौल है। कॉलेज के प्रिंसिपल कार्तिकेय सेल्वी ने बताया कि तृतीय सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। कॉलेज की सभी 58 छात्राएं अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण हुई हैं।उन्होंने बताया कि शिवानी ठाकुर और रुकसाना ने प्रदेश की टॉप-10 मेरिट सूची में संयुक्त रूप से चौथा स्थान प्राप्त किया है, जबकि करनिका राणा, राधिका राणा और अमृतप्रीत कौर ने संयुक्त रूप से आठवां स्थान हासिल किया है।
इसके साथ साथ पलक शर्मा,दिया शर्मा भी श्रेणी में बहुत अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुई है।संस्थान के एमडी विक्रमजीत सिंह ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर सभी छात्राओं, प्रिंसिपल कार्तिकेय सेल्वी, समस्त कॉलेज स्टाफ को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छात्राओं की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन से संस्थान का गौरव बढ़ा है तथा भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट परिणामों की उम्मीद है। -

रेलवे स्टेशन के पास से चोरी हुई ब्रेड वाली जीप थानाकलां के पास पलटी, दो लोग हिरासत में
ऊना/सुशील पंडित: रेलवे स्टेशन ऊना के पास से चोरी हुई एक ब्रेड सप्लाई करने वाली जीप कुछ ही घंटों बाद थानाकलां क्षेत्र में पलटी हुई अवस्था में मिलने से हड़कंप मच गया। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लेने में सफलता हासिल की है।जानकारी के अनुसार आज दोपहर रेलवे स्टेशन ऊना के पास से एक ब्रेड सप्लाई करने वाली जीप चोरी हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। इसी दौरान दोपहर बाद पुलिस को सूचना मिली कि थानाकलां क्षेत्र में एक जीप पलटी हुई पड़ी है।सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान थानाकलां के पास स्थित छपरोह गांव से बरनाला निवासी दो लोगों को पकड़ लिया गया। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।पुलिस यह पता लगाने में जुटी हुई है कि वाहन को चोरी करने के पीछे क्या उद्देश्य था, गाड़ी किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुई और घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं है। मामले में पुलिस द्वारा आगामी कार्रवाई जारी है। -

रोटरी क्लब ऊना ने मनाया अन्नपूर्णा दिवस, कुष्ठ आश्रम कोटला खुर्द में ₹5500 का राशन वितरित
ऊना, सुशील पंडित: रोटरी क्लब ऊना ने अपनी सामाजिक सरोकारों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अन्नपूर्णा दिवस के अवसर पर कुष्ठ आश्रम सोसाइटी, कोटला खुर्द में रह रहे जरूरतमंद परिवारों के बीच राशन सामग्री वितरित कर मानव सेवा का संदेश दिया। क्लब द्वारा लगभग ₹5500 मूल्य की खाद्य सामग्री 20 जरूरतमंद परिवारों के 60 से अधिक सदस्यों को उपलब्ध करवाई गई।इस सेवा अभियान का नेतृत्व रोटरी क्लब ऊना के अध्यक्ष रंजीत जसवाल ने किया। उनके साथ क्लब के पूर्व अध्यक्ष यशपाल सिंह ठाकुर, सुरिंदर ठाकुर, वित्त सचिव बलदेव चंद, आरके शर्मा, मोनिका सिंह सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने आश्रम में रह रहे लोगों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें दैनिक उपयोग की आवश्यक खाद्य सामग्री भेंट की।इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष रंजीत जसवाल ने कहा कि रोटरी क्लब ऊना केवल सेवा के सिद्धांतों में विश्वास नहीं करता, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारने का निरंतर प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग की सहायता करना प्रत्येक सक्षम व्यक्ति और संस्था की नैतिक जिम्मेदारी है।अन्नपूर्णा दिवस जैसे अवसर हमें जरूरतमंद लोगों के साथ खुशियां बांटने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्लब भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और मानव सेवा से जुड़े ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम लगातार आयोजित करता रहेगा।कुष्ठ आश्रम सोसाइटी के सचिव लाल बाबू गोप ने रोटरी क्लब ऊना का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्लब द्वारा समय-समय पर किया जाने वाला सहयोग आश्रम में रहने वाले परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि समाज की संस्थाओं के इस प्रकार के सहयोग से जरूरतमंद लोगों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें यह एहसास होता है कि समाज उनके साथ खड़ा है। इस अवसर पर आश्रम के 20 परिवारों के 60 से अधिक सदस्य उपस्थित रहे। -

उपमुख्यमंत्री 3 जुलाई को हरोली में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ‘आईना’ का करेंगे लोकार्पण
ऊना, सुशील पंडित: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री शुक्रवार 3 जुलाई को जिला ऊना के एक दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे सुबह 11 बजे हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एसडीपीओ कार्यालय परिसर में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ‘आईना’ का विधिवत लोकार्पण करेंगे।सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह केंद्र क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।इसके माध्यम से कानून-व्यवस्था के बेहतर प्रबंधन, निगरानी एवं नागरिक सुरक्षा और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूती मिलेगी। प्रवक्ता ने बताया कि उप मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम गोन्दपुर जयचंद में रहेगा। -

तकनीक और जनभागीदारी से सुदृढ़ होगी जल प्रबंधन व्यवस्था : डॉ. अभिषेक जैन
राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला में प्रमुख परियोजनाओं की हुई समीक्षा
ऊना, सुशील पंडितः उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली को तकनीक आधारित, अधिक जवाबदेह और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के क्रम में गुरुवार को हरोली में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने की। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य पेयजल, सिंचाई, सीवरेज, जल संरक्षण और बाढ़ प्रबंधन सहित सभी सेवाओं का समयबद्ध, प्रभावी और जन केंद्रित संचालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने इसके लिए तकनीक आधारित कार्यप्रणाली, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग, जवाबदेही और जनभागीदारी को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
प्रधान सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की शिकायत किसी भी माध्यम से प्राप्त हो, उसका अधिकतम 10 दिन के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी कारण तत्काल समाधान संभव न हो तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी अवश्य दी जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ व्यवहार संवेदनशील और सकारात्मक हो तथा प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए।

बैठक में उपायुक्त जतिन लाल, इंजीनियर-इन-चीफ (प्रोजेक्ट) जल शक्ति विभाग मंडी धर्मेंद्र गिल, इंजीनियर-इन-चीफ अंजू शर्मा, मुख्य अभियंता हमीरपुर जोन रोहित दुबे, मुख्य अभियंता शिमला अनिल मेहता सहित ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर तथा हमीरपुर जोन के अंतर्गत आने वाले मंडी जिले के क्षेत्रों जोगिंदरनगर, धर्मपुर और चौंतड़ा से जल शक्ति विभाग के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, कंसल्टेंट, पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा विभागीय योजनाओं के लाभार्थी उपस्थित रहे।
डॉ. जैन ने कहा कि राज्य स्तरीय समीक्षा बैठकों का उद्देश्य प्रगति रिपोर्ट ही देखना नहीं, योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फील्ड स्तर पर आकलन करना है। अधिकारी नियमित रूप से गांवों में जाकर लोगों से संवाद करें और उनकी जरूरतों व सुझावों के आधार पर योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार करें। इस श्रृंखला की शुरुआत कुल्लू से हुई है। आज ऊना में हूंसमीक्षा बैठक के बाद अगली बैठकें पालमपुर और शिमला में होंगी।
जनभागीदारी को बताया योजनाओं की सफलता की कुंजी
जल शक्ति विभाग की योजनाओं की सफलता में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। पंचायत प्रतिनिधियों, जल समितियों और स्थानीय लोगों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि घरेलू स्तर पर जल प्रबंधन में उनकी भूमिका अत्यंत अहम है। लोगों में यह भावना विकसित की जाए कि विभागीय योजनाएं उनकी अपनी हैं और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी समाज की है।अधिकारी करें नियमित निरीक्षण
प्रधान सचिव ने निर्देश दिए कि एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं का प्रत्येक माह एसडीओ तथा पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं का अधिशासी अभियंता स्वयं निरीक्षण करें। निरीक्षण पूर्व निर्धारित न होकर औचक हों तथा उनकी रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यालय भेजी जाए। उन्होंने अधिकारियों को दूरदराज क्षेत्रों में रात्रि प्रवास कर लोगों से फीडबैक लेने के निर्देश दिए।संसाधन मैपिंग कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश
उन्होंने विभाग की भूमि, भवन, मशीनरी एवं अन्य परिसंपत्तियों की संसाधन मैपिंग कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय परिसंपत्तियों का अद्यतन डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाए, जिससे उनके प्रभावी प्रबंधन, निगरानी और संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके।प्रधान सचिव ने विभाग के अच्छे कार्यों का दस्तावेजीकरण करने, लघु वीडियो तैयार करने तथ साथ ही नई तकनीकों, बेहतर कार्यप्रणालियों तथा प्रबंधन, नेतृत्व एवं स्मार्ट गवर्नेंस से जुड़े अध्ययन का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन से यदि किसी पेयजल अथवा सिंचाई योजना को खतरा हो तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए। साथ ही बावड़ियों, खुइयों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण, पेयजल योजनाओं में लीकेज, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन लॉस कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
मानसून को लेकर तैयारियों पर बल, जोखिम वाली योजनाओं पर रखें विशेष नजर
प्रधान सचिव ने मानसून की तैयारियों पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को संभावित जोखिम वाली योजनाओं की पहले से पहचान करने तथा आवश्यक मशीनरी और संसाधन पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा के दौरान पेयजल एवं अन्य जल शक्ति योजनाओं को न्यूनतम नुकसान पहुंचे और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही आवश्यक संसाधनों की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराने को भी कहा।जल संरक्षण के लिए तालाबों के विकास पर दिया जोर
जल संरक्षण और ऊर्जा दक्षता को विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर बल देते हुए उन्होंने प्राकृतिक जल स्रोतों, तालाबों और जलाशयों के संरक्षण के साथ नए तालाब विकसित करने के निर्देश दिए। हरोली के पुबोवाल तालाब का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे अनुकरणीय मॉडल बताया और कहा कि ऐसे प्रयास अन्य जिलों में भी किए जाने चाहिए। उन्होंने मनरेगा और जल शक्ति विभाग के अभिसरण से जल संरक्षण संबंधी कार्यों को और गति देने पर जोर दिया।प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक के दौरान प्रधान सचिव ने पेयजल, सिंचाई, सीवरेज, ड्रेनेज, बाढ़ प्रबंधन तथा जल संरक्षण से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने 24.10 करोड़ रुपये की टाहलीवाल सीवरेज योजना, 22 करोड़ रुपये की प्रस्तावित टाहलीवाल ड्रेनेज योजना, 75 करोड़ रुपये की बीत एरिया सिंचाई परियोजना-द्वितीय, हरोली क्षेत्र में लगभग 97 करोड़ रुपये की कमांड एरिया डेवलपमेंट एवं मॉडर्नाइजेशन परियोजनाओं, बल्क ड्रग पार्क की पेयजल व्यवस्था, 170 करोड़ रुपये की भभौर साहिब पेयजल परियोजना तथा सनौली माजरा ड्रेनेज योजना की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए।उन्होंने बताया कि प्रदेश को जल जीवन मिशन के तहत 250 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। लंबित एक्शन प्लान तत्काल अपलोड करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इससे स्वीकृत धनराशि समय पर उपलब्ध हो सकेगी और कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होगा। इसके अलावा नाबार्ड की लंबित प्रोजेक्ट कम्प्लीशन रिपोर्ट शीघ्र पूरी करने तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के शेष कार्यों में तेजी लाने को कहा।
साथ ही 145 करोड़ रुपये की हमीरपुर जोन एडीबी परियोजना, 142 करोड़ रुपये की ऊना एडीबी परियोजना तथा 140 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सकराई खड्ड बाढ़ प्रबंधन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इनके समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन तथा बिजली आपूर्ति के अभाव में लंबित परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।
कार्यप्रणाली की मजबूती के निर्देश
प्रधान सचिव ने विभागीय कार्यालयों को चरणबद्ध ढंग से ई-ऑफिस प्रणाली से जोड़ने, सभी निविदा एवं कार्यालयीन प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों और पारदर्शिता के साथ संचालित करने तथा नए पेयजल कनेक्शनों से जुड़े मामलों का एक माह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पाइप एवं मोटर चोरी की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने, विभागीय कार्यालयों एवं योजनाओं के सूचना बोर्डों को अद्यतन रखने तथा विभागीय विश्राम गृहों के रखरखाव के लिए जारी 50 सूत्रीय मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।पंचायत प्रतिनिधियों और जल समितियों से लिया फीडबैक
बैठक के दौरान प्रधान सचिव ने पंचायत प्रतिनिधियों, जल समितियों के सदस्यों तथा लाभार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने पेयजल, सिंचाई, जल गुणवत्ता, औद्योगिक क्षेत्रों में जलापूर्ति, पानी की उपलब्धता, टैंकों एवं खड्डों की सफाई सहित विभिन्न स्थानीय मुद्दों पर फीडबैक लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जलजनित बीमारियों की स्थिति की भी जानकारी ली तथा लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप सेवाओं में निरंतर सुधार पर जोर दिया।समन्वय और टीम वर्क पर दिया जोर
इस अवसर पर प्रमुख अभियंता (प्रोजेक्ट) जल शक्ति विभाग मंडी इंजीनियर धर्मेंद्र गिल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि उपमुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व एवं प्रधान सचिव डॉ अभिषेक जैन के मार्गदर्शन में विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार और समन्वय को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि नवाचार, तकनीक के उपयोग और टीम वर्क के माध्यम से विभाग बेहतर परिणामों की दिशा में आगे बढ़ रहा है।उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि जिला प्रशासन जल शक्ति विभाग के साथ समन्वय बनाकर एक टीम के रूप में कार्य करता रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जिले में पेयजल, सिंचाई तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी सभी परियोजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि उनका लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सके।
तकनीकी सत्रों में आईओटी और जल गुणवत्ता पर चर्चा
उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित तकनीकी सत्रों में आईओटी आधारित मॉनिटरिंग, जल स्रोतों के संरक्षण एवं रिचार्ज, उपभोक्ता-केंद्रित सेवा वितरण तथा ग्रामीण पेयजल योजनाओं में जल गुणवत्ता बनाए रखने जैसे विषयों पर विशेषज्ञों और अधिकारियों ने विस्तृत चर्चा की। विभिन्न पैनल चर्चाओं में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यवहारिक सुझाव दिए।उत्कृष्ट कार्य पर अधिकारियों को किया सम्मानित, प्रतिभागियों को दिए प्रमाणपत्र
समापन अवसर पर प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कार्यशाला के प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र वितरित किए। विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं अभियंताओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। सम्मानित अधिकारियों में अधीक्षण अभियंता विकास कपूर, नरेश धीमान, राहुल दुबे, अधिशासी अभियंता राकेश वैद्य, विवेक हाजरी, पुनीत शर्मा, पंकज कुमार तथा सहायक अभियंता अमित चौधरी, रविंद्र कुमार, राकेश, आशीष चौधरी, निशा, प्रदीप राठौर, अविनाश पराशर, पवन और अमन कुमार शामिल रहे।जनप्रतिनिधियों ने उपमुख्यमंत्री का जताया आभार
जनसंवाद के दौरान हरोली क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों एवं लाभार्थियों ने जल शक्ति मंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से क्षेत्र में पेयजल, सिंचाई, सीवरेज तथा अन्य जल शक्ति परियोजनाओं को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं की स्वीकृति तथा जल समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में हुए कार्यों का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।सुभद्रा चौधरी, रमन कुमारी, यशपाल राणा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन का भी आभार व्यक्त किया।
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बंगाणा महाविद्यालय में पी.जी. प्रथम सेमेस्टर प्रवेश के लिए 6 जुलाई से होंगे ऑनलाइन आवेदन
ऊना/सुशील पंडित: अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय, बंगाणा के स्नातकोत्तर विभागों के विभागाध्यक्षों की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए एम.ए. (हिंदी), एम.ए. (अंग्रेज़ी), एम.कॉम एवं पीजीडीसीए प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 6 जुलाई से 21 जुलाई, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। प्रथम सेमेस्टर की काउंसलिंग 22 एवं 23 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जबकि प्रथम मेरिट सूची 24 जुलाई को दोपहर 2:00 बजे प्रदर्शित की जाएगी।चयनित अभ्यर्थियों को 25 से 27 जुलाई तक प्रवेश शुल्क जमा करवाना होगा। इसके उपरांत रिक्त सीटों के लिए द्वितीय मेरिट सूची 28 जुलाई, 2026 को दोपहर 2:00 बजे जारी की जाएगी। महाविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला-5 द्वारा आयोजित पी.जी. प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों को प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के दौरान प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।महाविद्यालय प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने तथा काउंसलिंग के समय सभी मूल प्रमाण-पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज साथ लाने का आग्रह किया है। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी महाविद्यालय कार्यालय एवं महाविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है। -

IGNOU बनी देश की पहली ओपन यूनिवर्सिटी, शुरू किया एम.एससी. (जलवायु परिवर्तन) कार्यक्रम
ऊना/सुशील पंडित: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) ने देश की पहली ओपन यूनिवर्सिटी बनकर एम.एससी. (जलवायु परिवर्तन) कार्यक्रम शुरू किया है। यह दो वर्षीय बहुविषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) पाठ्यक्रम छात्रों को जलवायु विज्ञान, जलवायु जोखिम, अनुकूलन एवं शमन रणनीतियों, पर्यावरणीय शासन तथा सतत विकास की गहन समझ प्रदान करेगा।विश्वविद्यालय के अनुसार, इस कार्यक्रम में जल संसाधन, ऊर्जा, कृषि, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जैव विविधता, अपशिष्ट प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी, पर्यावरण कानून और जलवायु आकलन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों का वैज्ञानिक और टिकाऊ समाधान विकसित कर सकें।स्टडी सेंटर 1109 के समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम में किसी भी विषय से स्नातक विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जुलाई 2026 सत्र के लिए री-रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जुलाई 2026 कर दी गई है। पहले से नामांकित छात्र इस तिथि तक ऑनलाइन री-रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।