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  • SSRVM वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ऊना में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

    SSRVM वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ऊना में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता संगोष्ठी आयोजित

    ऊना,सुशील पंडित:  SSRVM वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ऊना में रोटरी क्लब ऊना के सहयोग से गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर एवं ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण विषय पर एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को सर्वाइकल कैंसर, इसके कारणों, बचाव तथा एचपीवी टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर लगभग 85 छात्राओं एवं उनके अभिभावकों ने भाग लिया।

    कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. रामपाल, खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ), बसदेहड़ा तथा डॉ. पुष्पिंदर राणा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) थे। उन्होंने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है तथा समय पर लगाया गया एचपीवी टीका इस बीमारी से बचाव का प्रभावी एवं सुरक्षित उपाय है। उन्होंने छात्राओं एवं अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को भी दूर किया। इस अवसर पर रोटरी क्लब ऊना ने एचपीवी टीकाकरण करवा चुकी छह छात्राओं वंशिका, समीक्षा, गरिमा, प्रियांशी, तन्वी राणा तथा साहिबजोत को सम्मानित किया और उनके इस सराहनीय कदम की प्रशंसा की।

    कार्यक्रम में रोटरी क्लब ऊना की ओर से शशि शर्मा, रीना वर्मा, महेंद्र वर्मा, अजय शर्मा, अश्वनी ऐरी, हरीश साहनी, राकेश कैलाश तथा प्रभजोत सिंह उपस्थित रहे। इस अवसर पर सुमेश कुमार शर्मा ने कहा कि ऐसी जागरूकता पहल समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने अभिभावकों से चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एचपीवी टीकाकरण अपनाने तथा इस विषय में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।

    विद्यालय की प्रधानाचार्या बृज बाला शर्मा ने रोटरी क्लब ऊना तथा दोनों विशेषज्ञ चिकित्सकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य एवं समग्र विकास के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को सही जानकारी प्रदान कर स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

    कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों से अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर यह भी जानकारी दी गई कि जो किशोरियाँ एचपीवी टीका लगवाने के लिए सहमत होंगी, उनके लिए विद्यालय परिसर में ही टीकाकरण की समुचित व्यवस्था की जाएगी, जिससे उन्हें यह सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सके। कार्यक्रम सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।

     

  • अंतरजातीय विवाह के बाद महिला से जातिसूचक टिप्पणी का आरोप

    अंतरजातीय विवाह के बाद महिला से जातिसूचक टिप्पणी का आरोप

    ऊना,सुशील पंडित: पुलिस थाना मैहतपुर में एक महिला की शिकायत पर विश्व मोहन, आशु, शैली और पूजा के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट एवं बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप है कि अंतरजातीय विवाह की रंजिश के चलते आरोपियों ने महिला को जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया और जान से मारने की धमकियां दीं।

     

  • क्रैशर को जमीन देने के विवाद में मारपीट का मामला

    क्रैशर को जमीन देने के विवाद में मारपीट का मामला

    ऊना,सुशील पंडित:  पुलिस थाना टाहलीवाल में कैलाश चंद्र राणा की शिकायत पर कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नंगल खुर्द में खेत जाते समय आरोपियों ने रास्ता रोककर गाली-गलौज की और क्रैशर को जमीन देने की बात को लेकर मारपीट कर उसे घायल कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

     

  • चिंतपूर्णी मंदिर के सुगम पासों में संदिग्ध डिजिटल लेन-देन की जांच शुरू

    चिंतपूर्णी मंदिर के सुगम पासों में संदिग्ध डिजिटल लेन-देन की जांच शुरू

    ऊना,सुशील पंडित:  पुलिस थाना चिंतपूर्णी में मंदिर अधिकारी संजीव कुमार की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में 19 जून 2026 के लगभग 80 सुगम पास लेन-देन संदिग्ध पाए गए। जांच में एक ही ट्रांजैक्शन आईडी और मोबाइल नंबर के साथ कई क्यूआर भुगतान दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

     

  • नंगल खुर्द में रास्ते के विवाद को लेकर मारपीट

    नंगल खुर्द में रास्ते के विवाद को लेकर मारपीट

    ऊना,सुशील पंडित: पुलिस थाना टाहलीवाल में हरोली थाना से प्राप्त जीरो एफआईआर के आधार पर पंचायत प्रधान जसवंत सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार नंगल खुर्द में रास्ते के विवाद के दौरान कई लोगों ने दीपू और राजेश कुमार के साथ मारपीट की। पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • शहीद स्मारक पर वीर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

    शहीद स्मारक पर वीर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

    कारगिल विजय दिवस पर ऊना में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित

    ऊना,सुशील पंडित:  कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर जिला स्तरीय कार्यक्रम एमसी ऊना के शहीद स्मारक में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अतिरिक्त उपायुक्त इशांत जसवाल ने शहीद स्मारक पर कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

    इस दौरान सहायक आयुक्त विनय मोदी, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार, जिला सैनिक कल्याण विभाग के उपनिदेशक (रि.) कर्नल एस.के. कालिया, (रि.) कर्नल डी.पी. वशिष्ठ, (रि.) कर्नल उदय डडवाल,(रि.) कर्नल योगेश समनोल (सेना मेडल), पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष (रि.) कैप्टन शक्ति चंद, राईफल मैन स्वर्गीय रोशन लाल की पत्नी श्रीमती नीलम सहित पूर्व सैनिकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ वीर शहीदों को सलामी देने तथा दो मिनट का मौन रखकर किया गया।

    इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त इशांत जसवाल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत नहीं, बल्कि हमारे सैनिकों के साहस, देशभक्ति और बलिदान का प्रतीक है। आज हम सभी देशवासी इस बात के लिए कृतज्ञ हैं कि हमारा देश सुरक्षित, अखंड और मजबूत है, जिसमें हमारे वीर शहीदों का महत्वपूर्ण योगदान है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वर्ष 1999 का कारगिल युद्ध भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक है। इस युद्ध में भारतीय सेना ने कठिन परिस्थितियों में दुश्मन को पराजित कर सभी चौकियों पर पुनः कब्जा किया। इसी ऐतिहासिक विजय की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को देशभर में कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।

    अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में हिमाचल प्रदेश के 52 वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। इनमें जिला ऊना के वीर सपूत कैप्टन अमोल कालिया और राइफलमैन मनोहर लाल भी शामिल थे। देश उनके साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को सदैव सम्मान के साथ याद रखेगा।

    उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में असाधारण वीरता के लिए चार सैनिकों को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया, जिनमें हिमाचल प्रदेश के दो वीर—शहीद कैप्टन विक्रम बतरा (मरणोपरांत) और सूबेदार मेजर (तत्कालीन राइफलमैन) संजय कुमार—शामिल हैं। इन दोनों वीरों की बहादुरी और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी तथा प्रदेश को उन पर गर्व है। उनका त्याग और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा है।

    उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और शहीदों के परिजनों के साथ हमेशा खड़ा है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र की सेवा करने तथा देश के विकास में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

     

     

  • प्रेस क्लब हरोली में आयोजित हुआ कारगिल विजय दिवस समारोह

    प्रेस क्लब हरोली में आयोजित हुआ कारगिल विजय दिवस समारोह

    वीर शहीदों को अर्पित किए श्रद्धासुमन, शहीद परिवारों को किया सम्मानित

    ऊना,सुशील पंडित:  कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रेस क्लब हरोली द्वारा टाहलीवाल स्थित प्रेस क्लब भवन में श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों के अदम्य साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों को सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हीरेमठ ने की। इस अवसर पर कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों के परिजनों को शॉल, हिमाचली टोपी, पौधे एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान घायल हुए ब्यास देव को भी सम्मानपूर्वक आमंत्रित कर उनका अभिनंदन किया गया।

    इस दौरान अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक सचिन हीरेमठ ने कारगिल के वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों का त्याग सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों का धैर्य, साहस और त्याग भी उतना ही गौरवपूर्ण एवं सम्माननीय है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    साथ ही, पुलिस अधीक्षक ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को लगभग 100 पौधों का वितरण किया गया तथा सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया गया।

    कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि हिमोत्कर्ष के प्रदेश अध्यक्ष जतिंद्र कंवर ने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने और शहीदों के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

    टाहलीवाल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस देश के वीर सैनिकों के शौर्य, साहस और समर्पण को नमन करने का पावन अवसर है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग का दायित्व है कि वह शहीद परिवारों के सम्मान और सहयोग के लिए सदैव आगे आए तथा नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करे।

    इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शहीदों की गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ उनमें देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करते हैं। समारोह के दौरान क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रस्तुत कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया तथा पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।

    कार्यक्रम में शहीद जोगिंदर सिंह (हरोली), शहीद परमवीर सिंह (बीटन), शहीद संजीव कुमार (दुलेहड़), शहीद हरमेश सिंह (बीड़दवाल), शहीद बुट्टा राम (बीटन) तथा शहीद कुलिंद्र सिंह (बीटन) के परिजनों ने अपनी गरिमामयी उपस्थित ।

    इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष निरंजना राणा, प्रेस क्लब हरोली के मुख्य संरक्षक दिनेश गौतम, अध्यक्ष नारायण प्रभाकर, महासचिव नवीन महेश, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्वनी प्रभाकर, उपाध्यक्ष नितिश शर्मा, वरिष्ठ सदस्य राजीव राणा, कार्यालय सचिव सुलिंदर चौपड़ा, प्रेस सचिव पंकज चौपड़ा, कार्यकारी सदस्य विकास कोंडल सहित अनेक गणमान्य नागरिक, पत्रकार एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

     

  • गोंदपुर बुल्ला स्थित व्यवसायिक प्रोत्साहन केंद्र में मुकेश अग्निहोत्री ने सुनीं जनसमस्याएं

    गोंदपुर बुल्ला स्थित व्यवसायिक प्रोत्साहन केंद्र में मुकेश अग्निहोत्री ने सुनीं जनसमस्याएं

    दिसंबर 2027 तक हरोली को शत-प्रतिशत पेयजल एवं सिंचाई सुविधा संपन्न बनाने की दिशा में तेजी से काम

    ऊना,सुशील पंडित: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के गोंदपुर बुल्ला स्थित व्यवसायिक प्रोत्साहन केंद्र में लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग व्यक्तिगत एवं जनहित से जुड़े मामलों को लेकर उनसे मिले। उपमुख्यमंत्री ने सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को पात्र मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    इस अवसर पर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि दिसंबर 2027 तक हरोली को शत-प्रतिशत पेयजल एवं सिंचाई सुविधा संपन्न विधानसभा क्षेत्र बनाने के लक्ष्य पर योजनाबद्ध ढंग से तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कभी पेयजल संकट से जूझने वाला बीत क्षेत्र आज जल प्रबंधन की सफल मिसाल बन चुका है और सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार से कृषि क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव आया है। आने वाले समय में पेयजल एवं सिंचाई से जुड़ी परियोजनाओं को और गति देकर हर घर तथा हर खेत तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि विकास दलगत राजनीति से ऊपर है और सरकार का प्रयास है कि क्षेत्र के प्रत्येक गांव तथा प्रत्येक व्यक्ति तक योजनाओं का समान लाभ पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले का पूरी संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा तथा विकास और जनसेवा का अभियान निरंतर जारी रहेगा।

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण विकसित हरोली का संकल्प केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार करना नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक विकास का लाभ पहुंचाना और लोगों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, परिवहन, जलशक्ति, औद्योगिक विकास तथा आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। अब विकास के अगले चरण में सुविधाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

     

  • एचपी-शिवा परियोजना से ऊना के किसानों की बदल रही तस्वीर, बागवानी बन रही बेहतर आजीविका का माध्यम

    एचपी-शिवा परियोजना से ऊना के किसानों की बदल रही तस्वीर, बागवानी बन रही बेहतर आजीविका का माध्यम

    सौर फेंसिंग, ड्रिप सिंचाई और आधुनिक तकनीक से ऊना में साकार हो रही समृद्ध बागवानी की नई तस्वीर

    ऊना,सुशील पंडित:  ऊना ज़िला में बागवानी की तस्वीर तेजी से बदल रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कृषि और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच एचपी-शिवा परियोजना किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। जंगली जानवरों के आतंक और सिंचाई की कमी से जूझने वाले क्षेत्रों में अब सौर फेंसिंग, आधुनिक सिंचाई व्यवस्था और उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के सहारे फलदार बाग विकसित हो रहे हैं। इससे किसान व्यावसायिक बागवानी की ओर बढ़ रहे हैं और उनकी आय बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।

    बंगाणा उपमंडल के बौल गांव के 65 वर्षीय किसान अजमेर सिंह एचपी-शिवा परियोजना की सफलता की जीवंत मिसाल हैं। परियोजना के तहत भूमि समतलीकरण, ड्रिप सिंचाई और तकनीकी सहयोग मिलने के बाद उन्होंने 25 कनाल भूमि पर श्वेता और ललिता किस्म के अमरूद के पौधों से बागवानी की शुरुआत की। बेहतर परिणाम मिलने पर उन्होंने अपने बगीचे का लगातार विस्तार किया और आज लगभग 125 कनाल भूमि पर अमरूद की सफल खेती कर रहे हैं। पिछले वर्ष उनके बगीचे से लगभग 25 क्विंटल अमरूद का उत्पादन हुआ, जिससे करीब 1.25 लाख रुपये की आय हुई। उत्पादन लागत के बाद लगभग 50 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर उन्होंने यह साबित किया कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक बागवानी किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।

    अजमेर सिंह की सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। साथ ही, चंगर-हंडोला के सुनील कुमार ने परियोजना के तहत 25 कनाल भूमि पर 1,725 अमरूद के पौधों का आधुनिक बगीचा विकसित किया है।

    वहीं, उपरली बॉल गांव के 74 वर्षीय रोशन लाल ने ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसल को अपनाते हुए 25 कनाल भूमि पर ताइवान पिंक वैरायटी के लगभग 3,300 पौधे लगाए हैं। इन किसानों की उपलब्धियां दर्शाती हैं कि एचपी-शिवा परियोजना ऊना में बागवानी को नई पहचान देने के साथ किसानों के लिए आय और आत्मविश्वास का नया आधार भी बन रही है।

    दो चरणों में हो रहा है परियोजना का क्रियान्वयन

    उद्योग विभाग के उप निदेशक केके भारद्वाज ने बताया कि एचपी-शिवा परियोजना को जिला ऊना में दो चरणों में लागू किया जा रहा है। प्रथम चरण के अंतर्गत जिले में 200 हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक फल बागवानी विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि दूसरे चरण में 300 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रकार कुल 500 हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक फल उत्पादन विकसित करने की योजना बनाई गई है।

    प्रथम चरण में उल्लेखनीय उपलब्धियां

    भारद्वाज ने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण में अब तक 149 हेक्टेयर भूमि का चयन किया जा चुका है। इस चयनित क्षेत्र में पिछले दो वर्षों के दौरान आधारभूत ढांचे के विकास के साथ-साथ बड़े पैमाने पर पौधरोपण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। अब तक लगभग 30 हजार मीटर (30 किलोमीटर) लंबी सौर ऊर्जा आधारित फेंसिंग स्थापित की जा चुकी है, जिससे किसानों की फसलें जंगली जानवरों से सुरक्षित हो रही हैं।

    इसके अतिरिक्त लगभग 13 लाख लीटर क्षमता के अत्याधुनिक प्री-फैब्रिकेटेड मॉड्यूलर जल टैंक बनाए गए हैं तथा आधुनिक ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की गई है, जिससे सीमित जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। इन सभी व्यवस्थाओं के उपरांत लगभग 60 हेक्टेयर क्षेत्र में 65,575 उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया जा चुका है। इन पौधों में मुख्य रूप से अमरूद, मुसम्मी एवं अनार शामिल हैं।

    13 क्लस्टरों में विकसित हो रही आधुनिक फल बागवानी

    उप निदेशक ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत जिला ऊना में कुल 13 क्लस्टरों का चयन किया गया है। इनमें विकास खंड बंगाणा के अंतर्गत डुमखर, नलवाड़ी, बौल, सन्हाल, टीहरा, मुच्छाली, चड़ोली, कुवाड़ी, हंडोला, लमलेहडी तथा डोहक सहित लगभग 140 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल किया गया है। वहीं विकास खंड हरोली के नंगल खुर्द में लगभग 4 हेक्टेयर तथा विकास खंड गगरेट के सलोह बेरी में लगभग 5 हेक्टेयर क्षेत्र में परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

    इस वर्ष 70 हजार और पौधे रोपित करने का लक्ष्य

    उन्होंने बताया कि बागवानी विभाग द्वारा परियोजना के विस्तार के तहत जुलाई-अगस्त 2026 के दौरान लगभग 70 हज़ार अतिरिक्त फलदार पौधों का रोपण प्रस्तावित है। इसके लिए पौधों की मांग पहले ही भेजी जा चुकी है तथा पौधारोपण की सभी तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं।

    एचपी-शिवा परियोजना को बड़े स्तर पर लागू करने से पहले विकास खंड बंगाणा में वर्ष 2021 से 2024 के बीच लगभग 11 हेक्टेयर क्षेत्र में 11 अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन स्थल स्थापित किए गए थे। इनमें पांच अमरूद, चार अनार, एक मौसमी/माल्टा तथा एक ड्रैगन फ्रूट का प्रदर्शन प्लॉट विकसित किया गया। इन प्रदर्शन स्थलों पर लगाए गए पौधों ने केवल 2 से 3 वर्षों के भीतर फल देना शुरू कर दिया, जिसके अच्छे परिणामों ने क्षेत्र के अन्य किसानों का भी विश्वास बढ़ाया। इससे एचपी-शिवा परियोजना के व्यापक विस्तार को आधार मिला।

    दूसरे चरण में सुपर फ्रूट्स पर विशेष फोकस

    केके भारद्वाज ने जानकारी दी कि परियोजना के दूसरे चरण में बागवानी विभाग आधुनिक एवं उच्च मूल्य वाली बागवानी को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके अंतर्गत ब्लूबेरी, एवोकैडो तथा ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    वर्तमान में जिला ऊना में लगभग 6 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती की जा रही है। वहीं ब्लूबेरी की खेती को लेकर भी किसानों में उत्साह बढ़ रहा है। जिला ऊना के एक प्रगतिशील किसान ने बागवानी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में एक एकड़ भूमि पर ब्लूबेरी की खेती शुरू की है, जिसके शुरुआती परिणाम अत्यंत सकारात्मक रहे हैं। विभाग को उम्मीद है कि भविष्य में यह फसल किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

    358 किसानों को मिल रहा सीधा लाभ

    केके भारद्वाज ने बताया कि एचपी-शिवा परियोजना के अंतर्गत अब तक 358 किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो चुके हैं। परियोजना पर बागवानी विभाग द्वारा अब तक लगभग 838 लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 372 लाख रुपये केवल सौर फेंसिंग पर खर्च किए गए हैं, जबकि लगभग 70 लाख रुपये पंप हाउसों के लिए तीन-फेज बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए विद्युत विभाग को प्रदान किए गए हैं।

    सिंचाई ढांचे को भी मिला नया विस्तार

    परियोजना के माध्यम से केवल बागवानी ही नहीं बल्कि सिंचाई सुविधाओं को भी व्यापक रूप से सुदृढ़ किया गया है। जल शक्ति विभाग के माध्यम से उठाऊ सिंचाई योजना (एलआईएस) बल्ह, मुच्छाली तथा चपलाह जैसी तीन नई सिंचाई योजनाएं लोगों को समर्पित की गई हैं।

    इसके अतिरिक्त पूर्व से संचालित सिंचाई योजनाओं का भी आधुनिकीकरण किया गया है। एलआईएस समूर से पिपली क्षेत्र में तीन-तीन लाख लीटर क्षमता के दो बड़े जल टैंकों का निर्माण किया गया है, जबकि एलआईएस हंडोला को भी सुदृढ़ बनाकर सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

    ऊना में किसानों का बदल रहा है खेती का भविष्य

    उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि एचपी-शिवा परियोजना केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खेती को आधुनिक तकनीक, सुरक्षित उत्पादन, जल संरक्षण तथा बेहतर विपणन की दिशा में आगे बढ़ाने वाला एक समग्र मॉडल बनकर उभर रही है। सौलर फेंसिंग, ड्रिप सिंचाई, जल भंडारण, उच्च गुणवत्ता वाले पौधों तथा तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से किसानों की उत्पादन लागत कम होने के साथ-साथ आय में वृद्धि की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।

     

     

  • वीरेंद्र कंवर की मौजूदगी में कारगिल के अमर वीरों को श्रद्धांजलि, शहीदों के परिवार और पूर्व सैनिक किये सम्मानित

    वीरेंद्र कंवर की मौजूदगी में कारगिल के अमर वीरों को श्रद्धांजलि, शहीदों के परिवार और पूर्व सैनिक किये सम्मानित

    ऊना,सुशील पंडित: कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर कुटलैहड़ सेवा संगठन द्वारा अम्बेडकर भवन, थानाकलां में वीर सैनिकों के सम्मान एवं श्रद्धांजलि समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कारगिल युद्ध के अमर वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

    कार्यक्रम में ब्रिगेडियर राजीव ठाकुर मुख्य अतिथि, वॉलीबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर विशिष्ट अतिथि तथा जिला परिषद सदस्य चंचल बाला विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने शहीदों को स्मरण करते हुए राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके अद्वितीय साहस और बलिदान को नमन किया।

    इस अवसर पर कुटलैहड़ क्षेत्र के शहीद जवानों के परिजनों एवं पूर्व सैनिकों को सम्मानित कर उनके योगदान के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त की गई। सम्मानित होने वालों में कीर्ति चक्र से सम्मानित शहीद दिलवर खान के माता-पिता एवं उनकी पत्नी, सेना मेडल से सम्मानित शहीद रणजीत सिंह के पिता, कैप्टन गोरख राम (सेना मेडल), सूबेदार मेजर दौलत राम (सेना मेडल), नायब सूबेदार रणजीत सिंह (सेना मेडल) तथा शहीद भूपिंदर के पिता हवलदार मलूक सिंह शामिल रहे। सम्मान समारोह के दौरान पूरा सभागार देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो गया और उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ वीर परिवारों का अभिनंदन किया।

    अपने संबोधन में पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक जीत का प्रतीक नहीं, बल्कि उन अमर वीरों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का स्मरण दिवस है, जिन्होंने देश की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिक विपरीत परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं और हम सभी अपने घरों में सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं तो उसका श्रेय हमारे वीर जवानों को ही जाता है। उन्होंने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों और उनके परिवारों पर पूरे राष्ट्र को गर्व है तथा देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।

    मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर राजीव ठाकुर ने भी कारगिल युद्ध की गौरवगाथा का उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्रसेवा, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

    कार्यक्रम में राजा शिवेंद्र पाल ,कैप्टन बख्तावर सिंह, इंजीनियर मेला राम दरोच, दिलबाग सिंह, पूर्व भाजपा मंडल महामंत्री मास्टर रमेश, कैप्टन सुभाष कौंडल, कैप्टन ईश्वर ठाकुर, कैप्टन जगजीवन, कैप्टन अवतार सिंह, भाजयुमो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अजय ठाकुर, पूर्व बीडीसी सदस्य देवराज शर्मा, पूर्व प्रधान शकुंतला देवी, जितेंद्र कुमार, राम सिंह, रोहित, सन्नी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, फौजी परिवार, सामाजिक कार्यकर्ता, संगठन के पदाधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 400 लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

    समारोह के अंत में राष्ट्रगान के साथ सभी ने एक स्वर में देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए अपना योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों का सम्मान और उनके परिवारों का गौरव पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा आने वाली पीढ़ियों को भी उनके अद्वितीय बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए।