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  • WWE के पूर्व चैंपियन Bray Wyatt  का 36 साल की उम्र में निधन

    WWE के पूर्व चैंपियन Bray Wyatt  का 36 साल की उम्र में निधन

    नई दिल्लीः WWE रेसलिंग वर्ल्ड में काफी कम समय में एक अलग पहचान बनाने वाले ब्रे वायट और द फींड नाम से रेसलिंग करने वाले विंडहैम रोटुंडा का महज 36 साल की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने इसको लेकर किसी को भी जानकारी नहीं दी थी, लेकिन अचानक रिंग से उनकी दूरी जरूर फैंस के मन में संदेह जता दिया था। इसके बाद अब उनकी मौत की खबर सामने आई जिसे ट्रिपल एच ने बताया। ट्रिपल एच ने ट्वीट कर सभी को यह जानकारी दी कि WWE हॉल ऑफ फेमर माइक रोटुंडा ने मुझे यह दुखद खबर बताई कि हमारे WWE परिवार के आजीवन सदस्य विंडहैम रोटुंडा का अचानक निधन हो गया है। हम इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ हैं और मेरा सभी से यह निवेदन है कि हमें ऐसे में उनकी निजता का सम्मान करें।

    ब्रे वायट के WWE करियर को लेकर बात की जाए तो उन्होंने एक बार WWE चैंपियन का खिताब जीतने के अलाव 2 बार WWE यूनिवर्सल का खिताब भी अपने नाम किया है। ब्रे वायट एक बार मैच हार्डी के साथ मिलकर WWE रॉ टैग टीम चैंपियनशिप का खिताब भी जीत चुके हैं। वायट की वापसी की कयास भी लगाए जा रहे थे कि वह जल्द ठीक होकर वापसी करेंगे। वायट रेसलिंग परिवार से ही आते हैं और उनके पिता रोटुंडा साल 1990 के दौर में WWE के काफी मशहूर रेसलर रह चुके हैं। वह इर्विन आर. शेस्टर के नाम से पहचाने जाते थे। वायट ने साल 2012 में सामंता से शादी की थी और उनसे उनकी 2 बेटियां हैं। इसके बाद दोनों 2017 में अलग हो गए थे। इसके बाद वायट ने WWE की अनाउंसर जोजो से साल 2022 में शादी कर ली थी इससे पहले से ही दोनों साथ रह रहे थे और शादी से पहले ही उनके 2 बच्चे भी हैं।

  • इस बार में चली गोलियां, 5 की मौत, देखें वीडियो

    इस बार में चली गोलियां, 5 की मौत, देखें वीडियो

    कैलिफोर्नियाः अमेरिका के दक्षिण कैलिफॉर्निया राज्य के शहर ट्रैबुको कैन्यन में गोलीबारी की घटना सामने आई है। इस घटना में दस लोगों को गोली लगी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक, बाइकर बार, नामक एक जगह पर हमलावर ने गोलीबारी को अंजाम दिया। बता दें कि बाइकर बार, मोटरसाइकिल राइडर्स के लिए मनोरंजन का एक केंद्र है। ऑरेंज काउंटी के पुलिस अधिकारी को घटना की जानकारी मिलनी और वो घटनास्थल पर पहुंचे।

    घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिस ने हमलावर पर गोली चलाई गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घटनास्थल पर बड़ी तादाद में पुलिस अधिकारी मौजूद हैं। इस घटना में किसी भी अधिकारी को चोट नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को घटनास्थल से दूर रहने का आग्रह किया है। घटनास्थल पर मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि बंदूकधारी मर चुका है और वह एक सेवानिवृत्त कानून प्रवर्तन अधिकारी था जो शायद अपने किसी जानने वाले को निशाना बना रहा था।

  • कनाडा जाने वाले भारतीयों का सपना हो सकता चकनाचूर, जाने मामला

    कनाडा जाने वाले भारतीयों का सपना हो सकता चकनाचूर, जाने मामला

    नई दिल्ली : कनाडा सरकार के एक फैसले से भारतीयों के कनाडा जाने के सपना चकनाचूर हो सकता है। दरअसल कनाडा इस समय आवास संकट से जूझ रहा है। यहां आबादी तो बहुत है लेकिन रहने के लिए घर कम हैं, जिसकी वजह से घरों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। कनाडा की सरकार बढ़ते आवास संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या सीमित करने पर विचार कर रही है, जो प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो की नई कैबिनेट के मुख्य लक्ष्यों में से एक है। देश ने 8,00,000 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का स्वागत किया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल 2022 में छात्रों को जारी किए गए 5,49,570 स्टडी परमिट में से 2,26,000 भारतीयों को दिए गए थे।
    आवास, बुनियादी ढांचा और समुदाय मंत्री सीन फ्रेजर ने यह पूछे जाने पर कि क्या अंतर्राष्ट्रीय छात्रों पर कोई सीमा लगाई जा सकती है, पर कहा कि “मुझे लगता है कि यह उन विकल्पों में से एक है जिन पर हमें विचार करना है। फ्रेजर ने संवाददाताओं से कहा, “सरकार ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।” मुझे लगता है कि हमें यहां कुछ गंभीरता से सोचने की जरूरत है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि दस वर्षों में विदेशी छात्रों की संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई है। कनाडा अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है क्योंकि वर्क परमिट प्राप्त करना अपेक्षाकृत आसान है। कई छात्र पैसे कमाने और बेहतर जीवन जीने के लिए पढ़ाई के बहाने कनाडा आते हैं।
  • केबल कार में फंसे स्कूली बच्चे, देखें वीडियो

    केबल कार में फंसे स्कूली बच्चे, देखें वीडियो

    इस्लामाबाद: पाकिस्तान से बड़ी खबर सामने आई है। जहां खैबर पख्तूनख्वा में आज सुबह 7 बजे कैब को खीचने वाली तारों में से एक तार टूट जाने कारण केबल कार में 6 स्कूली बच्चे 3000 फीट की ऊंचाई पर फंसे हुए है। इस दौरान पाकिस्तान सेना का एक हैलीकॉप्टर बचाव कार्य के लिए मौके पर मौजूद है। मंगलवार को खैबर पख्तूनख्वा के बट्टाग्राम जिले की अल्लाई तहसील में एक केबल कार की केबल टूटने के बाद हवा में फंसे 6 स्कूली बच्चों सहित 8 लोगों को बचाने के लिए एक सैन्य हेलीकॉप्टर आया है।

    मिली जानकारी के मुताबिक यह केबल कार स्थानीय लोगों द्वारा निजी तौर पर नदी को पार करने के लिए चलाई जाती है। बताया जा रहा है कि इलाके में नदी को पार करने के लिए कोई सड़क या पुल नहीं है। ऐसे में स्थानीय लोग नदी पार करने के लिए इसी का इस्तेमाल करते हैं। हर रोज करीब 150 स्कूली बच्चे भी इससे नदी पार करते हैं।

    सहायक आयुक्त जवाद हुसैन ने बताया कि स्थानीय प्रशासन रेस्क्यू टीमों के साथ मौके पर मौजूद है। लेकिन ऊंचाई और पहाड़ी इलाका होने के कारण बचाव अधिकारियों के लिए राहत अभियान चलाना संभव नहीं था। ऐसे में प्रशासन ने रेस्क्यू के लिए सेना का हेलिकॉप्टर मंगाया गया। उधर, आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि अंतरिम आंतरिक मंत्री सरफराज बुगती ने ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, कार्यवाहक प्रधान मंत्री अनवारुल हक काकर के निर्देश पर पाकिस्तानी सेना से रेस्क्यू में शामिल होने के लिए अपील की गई थी।

    मानसेहरा के पुलिस उप महानिरीक्षक ताहिर अयूब ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि फंसे हुए यात्रियों को हेलीकॉप्टर के जरिए निकालने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। केबल कार पर सवार यात्रियों में से एक गुलफराज ने कहा कि पहला तार सुबह 7 बजे टूटा जिसके बाद दूसरा भी टूट गया। 20 वर्षीय व्यक्ति ने कहा, “जब केबल कार एक मील चली, तो रस्सी टूट गई।” उन्होंने कहा कि यात्री सुबह से ही मदद का इंतजार कर रहे हैं।

    गुलफराज ने पुष्टि की कि केबल कार में 8 लोग सवार थे जिनमें से 6 छात्र हैं। उन्होंने जियो न्यूज से बातचीत में कहा कि छात्रों की उम्र 10 से 15 साल के बीच है। गुलफराज ने पुष्टि की कि चेयरलिफ्ट में 8 लोग सवार थे, जिनमें से 6 स्कूल के छात्र हैं। उन्होंने जियो न्यूज से बातचीत में कहा कि छात्रों की उम्र 10 से 15 साल के बीच है। जिला पुलिस अधिकारी सोनिया शमरोज़ ने जियो न्यूज को बताया कि केबल कार में फंसे लोगों को बचाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

  • जांच एजेंसी ने 2 पूर्व प्रधानमंत्रियों पर कसा शिकंजा, जाने मामला

    जांच एजेंसी ने 2 पूर्व प्रधानमंत्रियों पर कसा शिकंजा, जाने मामला

    नई दिल्ली :  नेपाल की शीर्ष जांच एजेंसी ने ललिता निवास भूमि हड़प घोटाले में कथित भूमिका के लिए देश के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों माधव कुमार नेपाल और बाबूराम भट्टराई से पहली बार पूछताछ की है । जांच एजेंसी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी । भूमि हड़प घोटाला नेपाल और भट्टराई के प्रधानमंत्रित्व काल के दौरान हुआ था। उनके नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल ने इस मामले में नीति-स्तरीय निर्णय किए थे। केंद्रीय जांच ब्यूरो के प्रवक्ता नवराज अधिकारी ने बताया कि घोटाले की जांच के सिलसिले में नेपाल और भट्टराई से पूछताछ की गई। आरोप है कि सरकार की कीमती जमीन का एक बड़ा हिस्सा कुछ दलालों ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और कुछ राजनेताओं की मदद से फर्जी मालिक बनाकर हड़प लिया था।

    नवराज ने कहा कि नेपाल पुलिस के सीआईबी (जांच एजेंसी ब्यूरो )अधिकारियों ने काठमांडू के बालुवतार में प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास से सटे मूल्यवान भूमि को हथियाने से संबंधित घोटाले की जांच के सिलसिले में नेपाल और भट्टराई के बयान दर्ज किए हैं। माधव कुमार नेपाल वर्तमान में सीपीएन के अध्यक्ष हैं, जबकि भट्टराई नेपाल समाजवादी पार्टी के प्रमुख हैं। नेपाल 25 मई 2009 से 6 फरवरी 2011 तक जबकि भट्टराई 29 अगस्त 2011 से 14 मार्च 2012 तक प्रधानमंत्री पद पर रहे। अखबार की एक खबर के अनुसार, ललिता निवास में लगभग 37 एकड़ भूमि शामिल है और इसमें प्रधानमंत्री निवास, नेपाल राष्ट्र बैंक का केंद्रीय कार्यालय और प्रमुख सरकारी अधिकारियों के कुछ अन्य आवास स्थित

  • कबड्डी मैच के दौरान चली गोलियां, मची भगदड़, देखें वीडियो

    कबड्डी मैच के दौरान चली गोलियां, मची भगदड़, देखें वीडियो

    डर्बीः यूके से बड़ी खबर सामने आई है। जहां कबड्डी मैच के दौरान दो समूहों में झड़प हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक यूनाइटेड किंगडम के डर्बी में कबड्डी टूर्नामेंट में गोलियां चली। जिसके बाद मैदान में हड़कंप मच गया। वायरल हो रही वीडियो में देखा जा सकता हैकि कैसे लोग गोलियों की आवाज के बाद इधर-उधर भाग रहे है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस भगदड़ में कई लोग घायल हुए है। जिन्हें एयर लिफ्ट के जरिए सुरक्षित किया गया है। 

  • पिक-अप वैन और बस की टक्कर, लगी आग, 18 की मौत

    पिक-अप वैन और बस की टक्कर, लगी आग, 18 की मौत

    नई दिल्ली : पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में  ईंधन टैंक ले जा रही एक पिक-अप वैन से टकराने के बाद एक यात्री बस में आग लगने से महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 18 यात्रियों की मौत हो गई और 16 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि कराची से 40 यात्रियों को लेकर इस्लामाबाद जा रही बस सुबह करीब साढ़े चार बजे फैसलाबाद राजमार्ग  के पिंडी भट्टियां क्षेत्र में पिक-अप वैन से टकरा गई।

    मोटरवे पुलिस के महानिरीक्षक  सुल्तान ख्वाजा ने कहा, ‘‘मोटरवे के पिंडी भट्टियां क्षेत्र में बस ने एक खड़ी वैन में टक्कर मार दी जो ईंधन टैंक ले जा रही थी। बस ने उसे पीछे से टक्कर मारी और दोनों वाहनों में फौरन आग लग गई जिससे कम से कम 18 यात्रियों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि 16 अन्य घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि बस से कूदकर बाहर निकलने वाले यात्री बच गए हैं। अन्य लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला क्योंकि दोनों वाहन आग की चपेट में आ गए थे। दोनों वाहनों के चालकों की भी मौत हो गई है। 

  • विदेश में भारतीय छात्रों को बड़ा झटका, इतने स्टूडेंट को भेजा वापस

    विदेश में भारतीय छात्रों को बड़ा झटका, इतने स्टूडेंट को भेजा वापस

    अमेरिका: कनाडा के बाद अमेरिका में भारतीय छात्रों की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। मिली जानकारी के मुताबिक अमेरिका से एक दिन में 21 भारतीय छात्रों को वापस भेजने की खबरें सामने आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी वजह वीजा और डॉक्यूमेंट्स में गड़बड़ी बताई गई है। ये छात्र आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से हैं। इन स्टूडेंट्स ने दावा किया है कि उनके सभी डॉक्यूमेंट्स पूरे थे और ये कॉलेज में एडमिशन मिलने के बाद अमेरिका जा रहे थे। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, एटलांटा, शिकागो और सैन फ्रांसिस्को के एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ऑफिसर ने छात्रों के डॉक्यूमेंट्स चेक किए। इसके बाद उन्हें कुछ देर के लिए हिरासत में भी लिया गया और फिर वापस जाने के लिए कहा गया। छात्रों ने बताया कि उन्हें वापसी की कोई वजह नहीं बताई गई। इस वजह से छात्रों को लगा कि उनके दस्तावेजों में कुछ कमी थी।

    अमेरिका या भारत सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर कोई बयान जारी नहीं किया गय है। द हिन्दू के मुताबिक, ये घटना 12 से 16 अगस्त के बीच की है। बिना किसी वजह की जानकारी के वापस भेजे गए छात्रों ने बताया कि अधिकारियों ने उनके मोबाइल फोन और व्हॉट्सऐप चैट्स भी चेक किए गए थे। साथ ही उनके लैपटॉप और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की गई थी। इसके अलावा छात्रों को चुपचाप देश से वापस जाने और विरोध करने पर गंभीर कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई थी। जिन छात्रों को वापस भेजा गया है उनमें से ज्यादातर पढ़ाई के लिए मिसूरी और साउथ डकोटा की यूनिवर्सिटी में जाने वाले थे।

    एयरपोर्ट पर छात्रों से उनकी पढ़ाई, वीजा इंटरव्यू, लोन और एडमिशन के लिए जिन कंसल्टेंट्स से मदद ली गई उनसे जुडे़ सवाल पूछे गए थे। इसके बाद उन्हें अगले दिन दिल्ली की फ्लाइट से वापस भेजने तक हिरासत में रखा गया। फिलहाल ये छात्र भारत लौट चुके हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि अमेरिका से तुरंत वापस भेजे जाने वाले विदेशी छात्रों पर अगले 5 साल का प्रतिबंध लगा दिया जाता है। ऐसे में इन स्टूडेंट्स को अपने भविष्य की चिंता हो रही है। एटलांटा से वापस भेजी गई एक छात्रा ने बताया कि इमिग्रेशन अधिकारी अजीब ढंग से व्यवहार कर रहे थे और कई बार सवालों का जवाब भी नहीं दे रहे थे।

    द हिन्दू के मुताबिक, छात्रा ने दावा किया कि ऐंबैसी और यूनिवर्सिटी की तरफ से सभी डॉक्यूमेंट्स पूरे होने के बावजूद ये कार्रवाई की गई। राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पिछले हफ्तों हजारों छात्र विदेश में पढ़ाई करने के लिए रवाना हुए थे। एयरपोर्ट के अधिकारी और पुलिस ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों की भीड़ की वजह से उनके साथ जाने वाले पैसेंजर्स को लेकर एक एडवाइजरी भी जारी की गई थी। इससे पहले अमेरिकी ऐंबैसी ने इस साल भारतीयों के लिए रिकॉर्ड वीजा प्रोसेस करने की घोषणा की थी। दूतावास फर्स्ट-टाइम बी1 और बी2 टूरिस्ट और बिजनेस ट्रैवल वीजा में बैकलॉग को कम करना चाहता है। इसके तहत पूरे भारत में 2.5 लाख बी1/बी2 वीजा अपॉइंटमेंट बुक हुए हैं। साथ ही फर्स्ट-टाइम बी1/बी2 वीजा के इंटरव्यू के लिए दुनियाभर के दूतावासों और वॉशिंगटन डीसी से खासतौर पर अधिकारियों को बुलाया गया है।

  • दर्दनाक हादसा: चलती बस में आग लगने से जिंदा जले 20 लोग, देखें वीडियो

    दर्दनाक हादसा: चलती बस में आग लगने से जिंदा जले 20 लोग, देखें वीडियो

    पिंडी भट्टियांः पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भीषण सड़क हादसा हुआ है। रविवार सुबह प्रांत के पिंडी भट्टियां शहर में एक बस में आग लग गई। इस बस में लगी आग में 20 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 7 लोग घायल हुए हैं। बताया गया है कि हादसे का शिकार हुई बस में 40 से ज्यादा लोग सवार थे। बस के जलने की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें आग निकलते हुए देखा जा सकता है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया है कि जिस बस में आग लगी है, वो राजधानी इस्लामाबाद से कराची जा रही थी।

    रेस्क्यू में जुटे अधिकारियों का कहना है कि ये हादसा तब हुआ, जब बस पिंडी भट्टियां के पास पहुंची। यहां पहुंचने पर बस में अचानक आग लग गई। बस में से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थीं। आग इतनी ज्यादा भयानक थी कि पूरी की पूरी बस जलकर खाक हो गई है। कैसे हुआ हादसा? पुलिस की तरफ से हादसे की वजह भी बताई गई है। पुलिस का कहना है कि बस अपनी रफ्तार से गुजर रही थी, तभी इसकी टक्कर एक पिक-अप वैन से हो गई। इस वैन में बड़ी मात्रा में डीजल भरा हुआ था। यही वजह थी कि टक्कर के तुरंत बाद बस में आग लग गई।

    ये हादसा इतना भयानक था कि इसमें लगभग एक दर्जन से ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवाई पड़ी है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है। इससे पहले, खैबर पख्तूनख्वा के उत्तरी वजीरिस्तान के शव्वाल तहसील में भी एक बड़ा हादसा हुआ। यहां एक वैन में धमाका हुआ, जिसकी वजह से 11 मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस हादसे में दो मजदूर घायल भी हुए। मिली जानकारी के मुताबिक, ये धमाका शव्वाल तहसील में गुल मीरकोट के पास हुआ। यहां से सैन्य काफिला गुजर रहा था, तभी IED ब्लास्ट हुआ, जिसकी चपेट में निर्दोष मजदूर भी आ गए।

  • निजी जेट विमान हुआ दुर्घटनाग्रस्त, 10 की मौत

    निजी जेट विमान हुआ दुर्घटनाग्रस्त, 10 की मौत

    मलेशिया : राजमार्ग पर निजी जेट विमान एक कार और मोटरसाइकिल से टकरा गया, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। मलेशिया पुलिस ने  इसकी जानकारी दी। विमान में सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई, साथ ही जमीन पर 2 मोटर चालकों की भी मौत हो गई। 

    अधिकारियों ने कहा कि बीचक्राफ्ट मॉडल 390 विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले हवाई यातायात नियंत्रण टॉवर से संपर्क टूट गया था। हुसैन उमर खान ने कहा,“कोई आपातकालीन कॉल नहीं थी, विमान को उतरने की मंजूरी दे दी गई थी।” उड़ान घोषणापत्र के अनुसार, छोटे हवाई जहाज के दुर्घटनाग्रस्त होने पर उसमें सवार आठ लोगों में से एक स्थानीय राजनेता भी था। परिवहन मंत्री एंथनी लोके ने स्थानीय अस्पताल में फोरेंसिक परीक्षण के परिणाम आने तक मृतकों की पहचान करने से इनकार कर दिया है।

    मलेशिया के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि विमान को उड़ान भरने की मंजूरी दे दी गई थी और दोनों पायलट अनुभवी थे। जांचकर्ता विमान के ब्लैक बॉक्स या फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर को खोजने के लिए काम कर रहे हैं। लोगों ने कहा,“फिलहाल हम यह नहीं कह सकते कि दुर्घटना का कारण क्या था क्योंकि जांच अब भी जारी है