विदेश में भारतीय छात्रों को बड़ा झटका, इतने स्टूडेंट को भेजा वापस

अमेरिका: कनाडा के बाद अमेरिका में भारतीय छात्रों की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। मिली जानकारी के मुताबिक अमेरिका से एक दिन में 21 भारतीय छात्रों को वापस भेजने की खबरें सामने आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी वजह वीजा और डॉक्यूमेंट्स में गड़बड़ी बताई गई है। ये छात्र आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से हैं। इन स्टूडेंट्स ने दावा किया है कि उनके सभी डॉक्यूमेंट्स पूरे थे और ये कॉलेज में एडमिशन मिलने के बाद अमेरिका जा रहे थे। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, एटलांटा, शिकागो और सैन फ्रांसिस्को के एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन ऑफिसर ने छात्रों के डॉक्यूमेंट्स चेक किए। इसके बाद उन्हें कुछ देर के लिए हिरासत में भी लिया गया और फिर वापस जाने के लिए कहा गया। छात्रों ने बताया कि उन्हें वापसी की कोई वजह नहीं बताई गई। इस वजह से छात्रों को लगा कि उनके दस्तावेजों में कुछ कमी थी।

अमेरिका या भारत सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर कोई बयान जारी नहीं किया गय है। द हिन्दू के मुताबिक, ये घटना 12 से 16 अगस्त के बीच की है। बिना किसी वजह की जानकारी के वापस भेजे गए छात्रों ने बताया कि अधिकारियों ने उनके मोबाइल फोन और व्हॉट्सऐप चैट्स भी चेक किए गए थे। साथ ही उनके लैपटॉप और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की गई थी। इसके अलावा छात्रों को चुपचाप देश से वापस जाने और विरोध करने पर गंभीर कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई थी। जिन छात्रों को वापस भेजा गया है उनमें से ज्यादातर पढ़ाई के लिए मिसूरी और साउथ डकोटा की यूनिवर्सिटी में जाने वाले थे।

एयरपोर्ट पर छात्रों से उनकी पढ़ाई, वीजा इंटरव्यू, लोन और एडमिशन के लिए जिन कंसल्टेंट्स से मदद ली गई उनसे जुडे़ सवाल पूछे गए थे। इसके बाद उन्हें अगले दिन दिल्ली की फ्लाइट से वापस भेजने तक हिरासत में रखा गया। फिलहाल ये छात्र भारत लौट चुके हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि अमेरिका से तुरंत वापस भेजे जाने वाले विदेशी छात्रों पर अगले 5 साल का प्रतिबंध लगा दिया जाता है। ऐसे में इन स्टूडेंट्स को अपने भविष्य की चिंता हो रही है। एटलांटा से वापस भेजी गई एक छात्रा ने बताया कि इमिग्रेशन अधिकारी अजीब ढंग से व्यवहार कर रहे थे और कई बार सवालों का जवाब भी नहीं दे रहे थे।

द हिन्दू के मुताबिक, छात्रा ने दावा किया कि ऐंबैसी और यूनिवर्सिटी की तरफ से सभी डॉक्यूमेंट्स पूरे होने के बावजूद ये कार्रवाई की गई। राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पिछले हफ्तों हजारों छात्र विदेश में पढ़ाई करने के लिए रवाना हुए थे। एयरपोर्ट के अधिकारी और पुलिस ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों की भीड़ की वजह से उनके साथ जाने वाले पैसेंजर्स को लेकर एक एडवाइजरी भी जारी की गई थी। इससे पहले अमेरिकी ऐंबैसी ने इस साल भारतीयों के लिए रिकॉर्ड वीजा प्रोसेस करने की घोषणा की थी। दूतावास फर्स्ट-टाइम बी1 और बी2 टूरिस्ट और बिजनेस ट्रैवल वीजा में बैकलॉग को कम करना चाहता है। इसके तहत पूरे भारत में 2.5 लाख बी1/बी2 वीजा अपॉइंटमेंट बुक हुए हैं। साथ ही फर्स्ट-टाइम बी1/बी2 वीजा के इंटरव्यू के लिए दुनियाभर के दूतावासों और वॉशिंगटन डीसी से खासतौर पर अधिकारियों को बुलाया गया है।

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