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  • बस्ती में गैस लीक से हुआ बड़ा हादसा, महिलाओं और बच्चों समेत 16 की मौत

    बस्ती में गैस लीक से हुआ बड़ा हादसा, महिलाओं और बच्चों समेत 16 की मौत

    केप टाउन : दक्षिण अफ्रीका में गैस लीक से बच्चों सहित 16 लोगों की मौत हो गई है। आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, जोहान्सबर्ग के पास एक बस्ती में गैस लीक के बाद 16 लोगों की मौत हो गई। कुछ लोगों को जिंदा बचाने के बाद मरने वालों की संख्या में सुधार किया गया है। यह हादसा बुधवार की रात जोहान्सबर्ग के पूर्व में बोक्सबर्ग जिले के पास एंजेलो बस्ती में हुआ जिसे अवैध खनन गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। गैस रिसाव से मरने वालों में पांच महिलाएं और तीन बच्चे भी शामिल हैं।

    आपातकालीन सेवाओं के प्रवक्ता विलियम एनटलैडी ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया, ‘हमें घटनास्थल पर 16 लोग मिले हैं जिनकी मौत की पुष्टि हो चुकी है। पैरामेडिक्स की मदद से कुछ लोगों को बचा लिया गया है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।’ उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती चार लोगों की हालत ‘गंभीर’ है जबकि 11 की हालत ‘गंभीर लेकिन स्थिर’ है। एनटलैडी ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं को रात 8 बजे एक गैस विस्फोट को लेकर कॉल आई लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि यह ‘एक सिलेंडर से गैस लीक’ थी जिसमें ‘जहरीली गैस’ थी।

    अधिकारी प्रभावित क्षेत्र की जांच में जुटे हैं। एनटलैडी ने कहा कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि गैस का इस्तेमाल ‘अवैध खनन गतिविधियों के हिस्से के रूप में’ किया जा रहा था। 32 प्रतिशत से अधिक की चौंका देने वाली बेरोजगारी दर के साथ दक्षिण अफ्रीका हजारों अवैध खनिकों का गढ़ है। इन्हें ‘zama zamas’ कहा जाता है जिसका जुलु में अर्थ है, ‘वे जो अपनी किस्मत आज़माते हैं’। बड़ी संख्या में खनिक कठिन और खतरनाक परिस्थितियों में सोने के लिए खदानों को खंगालते हैं। जोहान्सबर्ग दक्षिण अफ्रीका का कमर्शियल हब है। इसके एक उपनगर में पिछले साल क्रिसमस के मौके पर बड़ा गैस टैंकर विस्फोट हो गया था जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी। एलपीजी को ले जा रहा ट्रक एक पुल के नीचे फंस गया था जिसमें पहले रिसाव हुआ और फिर विस्फोट हो गया।

  • जिंदा है आतंकी गुरपतवंत पन्नू, संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय के सामने से वीडियो जारी कर दी धमकी, देखें वीडियो

    जिंदा है आतंकी गुरपतवंत पन्नू, संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय के सामने से वीडियो जारी कर दी धमकी, देखें वीडियो

    न्‍यूयॉर्क: अमेरिका में रह रहे खालिस्‍तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्‍नू ने दावा किया है कि वह अभी जिंदा है। इससे पहले सिख फॉर जस्टिस के संस्‍थापक पन्‍नू के कार हादसे में मारे जाने की खबरें आई थीं। अब पन्‍नू ने न्‍यूयॉर्क में संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय के बाहर से एक वीडियो जारी करके कार हादसे की सभी अटकलों को खारिज किया है। उसने दावा किया है कि इस वीडियो को कल यानि 5 जुलाई को ही शूट किया गया है। यही नहीं आतंकी पन्‍नू ने एक बार फिर से कनाडा, ऑस्‍ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन में भारतीय राजनयिकों को धमकी दी है।

    इस वीडियो में पन्‍नू को संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय के बाहर दिखाई दे रहा है। उसने वीडियो में कहा कि मैं संयुक्‍त राष्‍ट्र के मुख्‍यालय के बाहर खड़ा हूं। उसने कहा कि 16 जुलाई को मालटोन कनाडा में खालिस्‍तान की वोटिंग होगी। इसके बाद 10 सितंबर को वैंकुवर कनाडा में वोटिंग होगी। उसने दावा किया कि आतंकी नज्‍जर की हत्‍या के पीछे भारतीय राजनयिकों का हाथ है। इसके लिए उन्‍हें जिम्‍मेदार ठहराया जाएगा। उसने कहा कि मैं यही हूं जिसको मिलना हो आ जाओ।

    दरअसल, आतंकी नज्‍जर की हत्‍या के बाद खालिस्‍तानी आतंकी दहशत में आ गए हैं और छिपे हुए फिर रहे हैं। पन्‍नू भी पिछले कई दिनों से दिखाई नहीं दिया था। अब उसके मौत की अफवाह के बाद वह सामने आया है और वीडियो जारी करके एक बार फिर से भारत और भारतीय राजनयिकों को गीदड़भभकी दी है। इससे पहले सोशल मीडिया में अफवाह फैल गया था कि पन्‍नू अमेरिका में एक सड़क सड़क हादसे में मारा गया है। हालांकि आधिकारिक सूत्रों ने भी इसे तुरंत खारिज कर दिया था।

    इससे पहले खालसा टुडे के संपादक सुखी चहल ने भी पन्‍नू की मौत की खबर को खारिज किया था। उन्‍होंने कहा कि कैलिफोर्निया में पन्‍नू की कार के हादसे की खबर फर्जी है। उन्‍होंने कहा कि लोग फर्जी सूचना फैलाने से परहेज करें। पन्‍नू को साल 2020 में भारत सरकार ने आतंकी घोषित किया था। पन्‍नू पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का पिट्ठू है और अक्‍सर भारत के विरोध में धमकीभरे बयान देता रहता है। वह दुनिया के कई देशों में खालिस्‍तान को लेकर जनमत संग्रह करा रहा है।

  • दर्दनाक सड़क हादसाः 40 फीट गहरी खाई में बस गिरने से 27 की मौत

    दर्दनाक सड़क हादसाः 40 फीट गहरी खाई में बस गिरने से 27 की मौत

    मेक्सिको: दक्षिणी राज्य ओक्साका में बुधवार को एक यात्रियों से भरी बस पहाड़ी सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई। इस हादसे में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। जबकि 21 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इस बात की जानकारी पुलिस ने दी. दुर्घटना में बस पूरी तरह से नष्ट हो गई। मौके पर रेस्क्यू की एक टीम मदद करने के लिए घटनास्थल पर पहुंच गई। ओक्साका के स्टेट प्रॉसिक्यूटर बर्नार्डो रोड्रिग्ज अलामिला ने टेलीफोन पर AFP को बताया, शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 27 लोगों की मौत हो गई और 17 घायलों को  मेडिकल हेल्प देने पहुंचाने के लिए एरिया के अलग-अलग हॉस्पिटलों में भेजा दिया गया। दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और शुरुआती संकेतों से पता चला है कि टेक्निकल डिफॉल्ट की वजह से दुर्घटना हुई है।

    सिटीजन सिक्योरिटी एजेंसी ने जानकारी देते हुए बताया कि जब उन्होंने घायलों को हॉस्पिटल ले गए तो उस वक्त कम से कम छह लोग बेहोश थे और उनकी हालत गंभीर थी। जांच अधिकारियों ने बताया कि एक स्थानीय परिवहन कंपनी के तरफ से ऑपरेट होने वाली बस मंगलवार को रात राजधानी मेक्सिको सिटी से रवाना हुई थी और सैंटियागो डी योसोंडुआ शहर की ओर जा रही थी। स्टेट के एक अधिकारी जीसस रोमेरो ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संभवत गाड़ी के ड्राइवर ने कंट्रोल खो दिया और दुर्भाग्य से यह 25 मीटर (80 फीट) से अधिक गहरी खाई में बस गिर गई। उन्होंने कहा कि बस को ऑपरेट करने वाली कंपनी मेक्सिको सिटी से डेली बेसिस पर बस चलती है।

    जीसस रोमेरो ने कहा कि घायल यात्रियों को एरिया के अलग-अलग हॉस्पिटलों में ट्रांसफर किया गया, इमरजेंसी सर्विस के लोगों ने मारे गए लोगों के बॉडी बरामद किए। यह दुर्घटना मैग्डालेना पेनास्को में हुई, जो पहाड़ी क्षेत्र में स्थित एक शहर है। यहां दूर-दराज के समुदाय, घुमावदार सड़कें और खड़ी घाटियां हैं। ओक्साका राज्य के गवर्नर सॉलोमन जारा ने मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि हमें मैग्डेलेना पेनास्को में हुई दुर्घटना पर गहरा अफसोस है। हमारे सरकारी कर्मी पहले से ही बचाव अभियान पर काम कर रहे हैं और घायल लोगों को सभी सहायता पहुंचा रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रकाशित पुलिस की तस्वीरों में बस का ऊपरी आधा हिस्सा लगभग पूरी तरह से नष्ट हो गया है।

  • भारतीय मूल के गैंगस्टर की कनाडा में गोली मारकर हत्या

    भारतीय मूल के गैंगस्टर की कनाडा में गोली मारकर हत्या

    कोलंबियाः कनाडा में भारतीय मूल के गैंगस्टर करनवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। स्थानीय पुलिस ने कहा है, कि रविवार को ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में 25 साल के भारतीय-कनाडाई व्यक्ति को घातक रूप से गोली मार दी गई थी, जिसकी मौत हो गई है। कनाडा की इंटीग्रेटेड होमिसाइड इन्वेस्टिगेशन टीम (आईएचआईटी) ने पीड़ित की पहचान 25 साल के कर्णवीर सिंह गारचा के रूप में की है। पुलिस ने बताया है, कि कर्णवीर सिंह गैंगस्टर गिरोह की गतिविधियों में शामिल था। आईएचआईटी अधिकारियों ने कहा है, कि रविवार को रात 9.20 बजे के करीब, कोक्विटलम शहर में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) की टुकड़ी ने गोलीबारी की घटना होने के बाद मौके पर पहुंची, जहां कर्णवीर सिंह को गंभीर रूप से घायल देखा, जिसके बाद उसकी जान बचाने के लिए अस्पताल में भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन गंभीर घायल कर्णवीर सिंह की मौत हो गई।

    पुलिस ने कहा, कि कर्णवीर सिंह गारचा को घातक रूप से गोली मारने से कुछ मिनट पहले उसे एक कॉन्डो कॉम्प्लेक्स में छोड़ फेंक दिया गया था। आईएचआईटी के अधिकारी टिमोथी पिएरोटी ने कहा, कि “हम कर्णवीर सिंह की हत्या करने वाले आरोपी की तलाश कर रहे हैं और उन लोगों की तलाश कर रहे हैं, जो कुछ दिनों से मृतक गारचा के संपर्क में था, जिसमें उसका पूर्व ड्राइवर भी शामिल है।” पिछले साल दिसंबर में, कनाडा की सरे शहर की पुलिस ने गैगस्टर गतिविधियों में शामिल दो भारतीय-कनाडाई लोगों को सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर चेतावनी भी जारी की थी, जिसमें कर्णवीर सिंह गारचा भी शामिल था।

    उस समय सरे की आरसीएमपी पुलिस ने चेतावनी में कहा था, कि “इन लोगों के तार हाई प्रोफाइल क्रिमिनल्स से जुड़े हुए हैं, लिहाजा इन लोगों की वजह से सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो रहा है, इसीलिए ये चेतावनी जारी की जा रही है।” पुलिस का मानना है, कि कर्णवीर सिंह की हत्या में उसके जानने वाले लोग ही शामिल हो सकते हैं, लिहाजा उसके करीबियों से पूछताछ की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है, कि कर्णवीर जिस गिरोह से जुड़ा था, वो डकैती, तस्करी, नशीली दवाओं के व्यापार और कई हिंसक घटनाओं से जुड़ा हुआ था। कर्णवीर सिंह गारचा, पहला इंडो-कनाडाई गैंगस्टर नहीं है, जिसकी इस साल हत्या की गई है। इसी साल मई में, 28 साल के अमरप्रीत समरा की वैंकूवर में एक बैंक्वेट हॉल के बाहर कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वैंकूवर पुलिस ने उस समय कहा था, कि गैंगवार की वजह से अमरप्रीत की हत्या की गई है।

  • खालिस्तानी आतंकी पन्नू की मौत को लेकर हुआ खुलासा 

    खालिस्तानी आतंकी पन्नू की मौत को लेकर हुआ खुलासा 

    कैलिफोर्नियाः सोशल मीडिया पर बीते दिन खालिस्तानी आतंकी और सिख्स फॉर जस्टिस का मुखिया गुरपतवंत सिंह की अमेरिका में मौत होने की खबर काफी वायरल हुई। लेकिन पन्नू की मौत को लेकर खुलासा हुआ है कि वह मरा नहीं, जिंदा है। उसकी मरने की खबर महज अफवाह है। इस संबंध में कैलिफोर्निया में द खालसा टुडे एडिटर इन चीफ और सीईओ सुक्खी चहल ने बताया कि पन्नू की मौत नहीं हुई है। उसकी मौत की खबर महज अफवाह है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे उसकी मौत की अफवाह को न फैलाएं। सुक्खी चहल ने मीडिया से भी अपील की है कि गलत सूचना न प्रसारित करें। उन्होंने इस संबंध में ट्वीट भी किया है।

    बता दें कि सुक्खी चहल मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं। वह कैलिफोर्निया में रहते हैं। अमेरिका में वह अलगाववादियों का मुखर रूप से विरोध करते हैं। खालिस्तानी अलगाववादियों ने उन्हें कई बार धमकी दी है। लेकिन वह इसकी परवाह किये बिना भारत का झंडा बुलंद किए हुए हैं।वहीं गुरपतवंत सिंह पन्नू की बात करें तो वह खालिस्तानी अलगाववाद को बढ़ावा दे रहा है। खालिस्तानी आतंकी निज्जर की मौत के बाद वह अंडरग्राउंड हो गया था। इसके बाद बुधवार को सोशल मीडिया पर खबर चली कि पन्नू की सड़क हादसे में मौत हो गई है। 

  • Night Club में लगी आग, 8 की मौत

    Night Club में लगी आग, 8 की मौत

    नोम पेन्ह : कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में एक नाइट क्लब में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार आग से झुलस कर मरने वाले पीड़ितों में 6 चीनी नागरिक और दो वियतनामी नागरिक शामिल हैं। नोम पेन्ह की लोकल पुलिस ने कहा कि नोम पेन्ह शहर के 6969 नाइट क्लब में शनिवार को स्थानीय समयानुसार शाम करीब 5 बजे आग लगने की सूचना मिली. पीड़ित पांच मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल पर फंसे हुए थे। अधिकारी आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।

    विदेशी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, आग बुझाने में कई घंटे लग गए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कहा गया है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। नोम पेन्ह में यह घटना पिछले साल दिसंबर में थाई-कंबोडियाई सीमा पर एक कैसीनो में आग लगने के बाद हुई है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। ग्रैंड डायमंड सिटी होटल कैसीनो में आग बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी।

    राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति के अनुसार कंबोडिया में साल 2022 में देश भर में 454 आग दुर्घटनाएं दर्ज की गई, जिसमें 42 लोग मारे गए और 55 अन्य घायल हो गए। आपदा प्रबंधन के राष्ट्रीय समिति के उपाध्यक्ष कुन किम के अनुसार कुछ पीड़ित जलकर मर गए, कुछ ऑक्सीजन की कमी के कारण मर गए और कुछ कैसिनो परिसर से बाहर निकले वाले रास्तों में फंसकर जल गए और मर गए। उपाध्यक्ष कुन किम ने यह भी कहा कि अधिकारियों ने कैसीनो के जटिल लेआउट और रेस्क्यू मशीनों की कमी को जिम्मेदार ठहराते हुए आग बुझाने में बहुत देर कर दी।

  • कार से आग बुझने के प्रयास में दमकल कर्मी की मौत

    कार से आग बुझने के प्रयास में दमकल कर्मी की मौत

    पेरिसः फ्रांस के आंतरिक मंत्री गेराल्ड डर्मैनिन ने सोमवार को कहा कि पेरिस के एक उपनगर में चल रहे दंगों के दौरान आग ली कारों को बुझाने के प्रयास में एक दमकल कर्मी की मौत हो गई हैं। डार्मिनिन ने ट्वीट कर कहा, “पेरिस फायर ब्रिगेड के 24 वर्षीय युवा कॉर्पोरल-चीफ की कल रात सेंट-डेनिस में एक भूमिगत पार्किंग स्थल में कई वाहनों में लगी आग बुझाते समय मृत्यु हो गई। हालांकि उन्हें त्वरित इलाज मुहैया कराया गया था।”

  • संदिग्ध को गिरफ्तार करने गए पुलिस पर हमला, अधिकारी की गोली मारकर हत्‍या

    संदिग्ध को गिरफ्तार करने गए पुलिस पर हमला, अधिकारी की गोली मारकर हत्‍या

    तेहरान: दक्षिणपूर्वी ईरानी प्रांत केरमान में एक संदिग्ध को पकड़ने के लिए चलाए गए अभियान में एक ईरानी पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। बाफ्ट काउंटी के गवर्नर फरहाद अरास्तेह के हवाले से शनिवार को रिपोर्ट में कहा गया कि पुलिस अधिकारियों को तब गोली मार दी गई, जब वे एक वांछित व्यक्ति के दरवाजे पर गिरफ्तारी वारंट के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा, अपराधी ने घर के दरवाजे से जवाब देते समय अधिकारियों पर गोलियां चला दी। मारे गए अधिकारी की पहचान जवाद करीमी के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि दोनों घायल अधिकारियों को अस्पताल भेजा गया। शिन्‍हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, करमान प्रांत के उप पुलिस प्रमुख अब्दोल-अली रावनबख्श ने अर्ध-आधिकारिक तस्नीम समाचार एजेंसी को बताया कि संदिग्ध घटनास्थल से भाग गया है, मामले की जांच जारी है। बाफ्ट काउंटी के अभियोजक एनियातुल्ला देहकानी ने कहा कि संदिग्ध का आपराधिक रिकॉर्ड था और उसने अधिकारी को मारने के लिए क्लैशिनकोव राइफल का इस्तेमाल किया।

  • Twitter की बड़ी कार्रवाई, भारत में बैन किए 11 लाख से भी ज्यादा अकाउंट

    Twitter की बड़ी कार्रवाई, भारत में बैन किए 11 लाख से भी ज्यादा अकाउंट

    नई दिल्ली: एलन मस्क के स्वामित्व वाले Twitter ने 26 अप्रैल से 25 मई के बीच भारत में कुल 11,32,228 अकाउंट पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन अकाउंट पर बाल यौन शोषण और आतंकवाद से संबंधित नीति उल्लंघन के लिए प्रतिबंध लगाया गया था। कंपनी के अनुसार, अधिकांश अकाउंट पर दुर्व्यवहार/उत्पीड़न (264), इसके बाद हेटफुल कंडक्ट (84), संवेदनशील एडल्ट कंटेंट (67) और मानहानि (51) के लिए बैन लगाया गया था। इसने देश में ट्विटर पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए 1,843 अकाउंट भी हटा दिए। अपनी मासिक रिपोर्ट में, सोशल मीडिया कंपनी ने कहा कि उसे अप्रैल-मई की समय सीमा के दौरान अपने शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से भारत में यूजर्स से 518 शिकायतें प्राप्त हुईं।

    कंपनी ने इस सप्ताह प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में कहा है कि स्थिति की बारीकियों की समीक्षा करने के बाद हमने इनमें से 25 अकाउंट के निलंबन को पलट दिया। शेष रिपोर्ट किए गए खाते बैन रहेंगे। बता दें, नए आईटी नियम 2021 के मुताबिक 5 मिलियन से अधिक यूजर्स वाले बड़े डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के लिए मासिक अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करना जरूरी है। ट्विटर ने कहा कि उसने 90 शिकायतों पर कार्रवाई की जो अकाउंट निलंबन के खिलाफ अपील कर रही थीं। पिछले महीने, ट्विटर ने घोषणा की थी कि उसने 26 मार्च से 25 अप्रैल के बीच भारत में 25,51,623 अकाउंट पर प्रतिबंध लगा दिया है।अब ट्विटर ने एक नया बदलाव किया है। जिसके अनुसार अब यूजर्स बिना लॉग-इन किए ट्वीट नहीं देख सकते हैं। जिसका मतलब है कि अगर आप कोई ट्वीट देखना चाहते हैं तो आपको ट्विटर पर अपनी आईडी बनानी होगी। मस्क ने आगे कहा है कि ट्विटर यूजर्स का डेटा लुटा जा रहा था। एलन मस्क ने इसे अस्थाई आपातकालीन उपाय कहा है।

  • भूकंप के 6.4 तीव्रता से लगे तेज झटके 

    भूकंप के 6.4 तीव्रता से लगे तेज झटके 

    जकार्ता: इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर शुक्रवार देर शाम 6.4 तीव्रता का भूकंप के झटके लगे। जिसमें कम से कम 10 लोग घायल हो गए। खबर है कि भूकंप के दौरान के एक शख्स का दिल का दौरा पड़ने के वजह से मौत हुआ। देश की आपदा शमन एजेंसी (BNPB) के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने शनिवार को रॉयटर्स को बताया कि भूकंप के कारण  मध्य जावा प्रांत के क्षेत्र में फैले सैकड़ों घरों, कुछ कार्यालयों, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं को मामूली क्षति हुई है।

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी ने कहा कि भूकंप 25 किमी (15 मील) की गहराई पर आया था। योग्यकार्ता क्षेत्र के कई शहरों के साथ-साथ इंडोनेशिया के सबसे अधिक आबादी वाले द्वीप पूर्व और मध्य जावा में भी महसूस किया गया। सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई। इंडोनेशिया में भूकंप आना आम बात है क्योंकि यह भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में है। इंडोनेशिया, दक्षिण पूर्व एशिया में, तथाकथित ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ में फैला हुआ है, जो एक अत्यधिक सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र है। जहां पृथ्वी की परत पर विभिन्न प्लेटें मिलती हैं और बड़ी संख्या में भूकंप और ज्वालामुखी उत्पन्न करती हैं।

    मुहारी ने कहा कि भूकंप से योग्यकार्ता और इसके पड़ोसी प्रांतों मध्य जावा और पूर्वी जावा में कम से कम 93 घरों के साथ-साथ अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भूकंप की वजह से स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पूजा घर और सरकारी कार्यालय क्षतिग्रस्त हो गए हैं। एजेंसी योग्यकार्ता शहर और गुनुंग किदुल और केबुमेन जिलों में घरों को हुए नुकसान का आकलन कर रही है। इससे पहले गत अप्रैल में जावा के उत्तरी तट पर 7.0 तीव्रता का भूकंप आया था। हालांकि इस दौरान जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ था।

    पिछले साल 21 नवंबर को  पश्चिम जावा के सियानजुर शहर में भयानक भूकंप आया था। 5.6 की तीव्रता वाले भूकंप में कम से कम 331 लोग मारे गए थे और करीब 600 लोग घायल हुए थे। बता दें कि योग्याकार्ता में 2006 में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 6,200 से अधिक लोग मारे गए और 1,30,000 से अधिक घायल हुए थे। एक दिन पहले यानी वीरवार (29 जून) को अफगानिस्तान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। हालांकि, गनीमत की बात यहां भी यही रही कि किसी तरह के जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। तालिबान शासित अफगानिस्तान में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई थी। यहां आए भूकंप का केंद्र फैजाबाद का पूर्वी दक्षिण पूर्व क्षेत्र रहा था।