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  • यहां मिलता है कैदियों को पार्टनर का प्यार, जेल प्रशासन देता है सुविधा

    यहां मिलता है कैदियों को पार्टनर का प्यार, जेल प्रशासन देता है सुविधा

    नई दिल्ली: प्यार करना और प्यार पाना हर किसी के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। चाहे वह जेल कैदी हों या फिर जेल से बाहर स्वच्छंद जिंदगी जी रहे लोग। जब आप अपने चहेते से लंबे समय बाद मिलते हैं तो आपके बीच रिलेशन बनना स्वाभाविक है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए दुनिया के कई विकसित देशों में जेल में कैदियों को खास सुविधा दी जाती है।

    दरअसल, जेल की जिंदगी पर किए गए तमाम रिसर्च से पता चलता है कि जीवनसाथी के साथ कुछ निजी पल बिताने की वजह से कैदी के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव होता है। उसकी परिवार के साथ बॉन्डिंग बेहतर होती है और उसके जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है। अमेरिका के राज्यों में कैदियों को उनके जीवनसाथी के साथ निजी पल बिताने का मौका दिए जाने के बाद जेल में हिंसा की घटनाओं में कमी आई।  इसको लेकर 2012 में एक अध्ययन किया गया था, जिसके मुताबिक कैदियों के लिए ‘जीवनसाथी से अकेले में मिलने का मौका’ एक शानदार प्रोत्साहन था। इस लालच में वह बेहतर व्यवहार करते थे। 

    यहां लीगल पार्टनर का होना जरूरी

    यूरोप के बेल्जियम में कैदी अगर किसी से अकेले में मिलना चाहता है तो इसके लिए उसके पास लीगल पार्टनर होना जरूरी है। ऐसा होने पर कैदी को एक नितांत प्राइवेट जगह उपलब्ध करा दी जाती है। कानून के मुताबिक एक कैदी महीने में एक दिन दो घंटे के लिए प्राइवेट जगह पर अपने पार्टनर से मिल सकता है। 

    यहां मिलती है कैदियों को एक दिन की छुट्टी

    ब्रिटेन की जेल में कैदियों को अपने पार्टनर से निजी जगहों पर मिलने की अनुमति नहीं होती। बल्कि, कुछ कैदियों को हर 14 दिन में एक दिन के लिए परिवार से मिलने के लिए घर जाने की अनुमति दी जाती है। हालांकि, व्यवहारिक तौर पर ऐसा बहुत कम होता है। अधिकतर उन कैदियों को घर जाने की अनुमति मिलती हैं जिनके साथ अपेक्षाकृत कम रिस्क रहता है।

    इन देशों में है ऐसी मिली ये सुविधा

    आधुनिक दुनिया की जेलों में कैदियों के प्राइवेट स्पेस में पार्टनर से मिलने की अनुमति दी गई है. ये देश हैं- कनाडा, जर्मनी, रूस, स्पेन, बेल्जियम, सऊदी अरब, डेनमार्क, अमेरिका के कुछ राज्य और इस्राइल. यहां तक कि कुछ देशों में समलैंगिकों को भी ये अधिकार मिले हैं।

  • चीन में कोरोना कहरः 20 दिनों में 25 करोड़ लोग कोरोना का शिकार! 

    चीन में कोरोना कहरः 20 दिनों में 25 करोड़ लोग कोरोना का शिकार! 

    डाटा लीक होने पर मची खलबली

    नई दिल्लीः चीन में कोरोना का भयंकर विस्फोट हुआ है। दिसंबर के शुरुआती 20 दिनों में ही 25 करोड़ लोग इसकी चपेट में आए हैं। महामारी की शुरुआत से ही कोरोना का डाटा छिपाने वाले चीन की इस बार सीक्रेट रिपोर्ट लीक हो गई है। अमेरिकी न्यूज चैनल सीएनएन ने दावा किया है कि उसने चीन की स्वास्थ्य एजेंसी ‘एनएचसी’ की मीटिंग से लीक हुए दस्तावेज देखे हैं। जिनपिंग सरकार का सीक्रेट डेटा लीक होने के बाद चीन में खलबली मची हुई है। चीन में कोरोना ने कितना कहर मचाया है, इस बात का अंदाजा लीक हुई रिपोर्ट से लगाया जा सकता है। चीन की सरकार कैसे कोरोना वायरस के आगे बेबस हो चुकी है।

    18% फीसदी से ज्यादा लोग कोविड संक्रमित

    ब्लूमबर्ग और फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के टॉप हेल्थ ऑफिशियल्स का आंतरिक अनुमान है कि दिसंबर के पहले 20 दिनों में ही चीन में लगभग 250 मिलियन यानी 25 करोड़ लोग कोविड संक्रमित हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार को चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) की एक आंतरिक बैठक के दौरान ये आंकड़े प्रस्तुत किए गये थे। इसमें मामले से परिचित या चर्चा में शामिल स्रोतों का हवाला दिया गया था। अगर ये आंकड़े सही हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि 140 करोड़ की आबादी वाले चीन में 18 फीसदी से ज्यादा लोग कोविड संक्रमित हो चुके हैं। यह दुनिया के किसी भी देश से आई कोविड संक्रमितों की संख्या से ज्यादा है।

    एक दिन में 3.70 करोड़ पॉजिटिव!

    फाइनेंशियल टाइम्स और ब्लूमबर्ग ने अधिकारियों द्वारा की गई चर्चाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया है। दोनों मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि केवल बीते मंगलवार को चीन में 3 करोड़ 70 लाख लोग कोविड पॉजिटिव पाए गये हैं, जबकि चीन की सरकार ने एक बार फिर डाटा में हेराफेरी की है। आधिकारिक तौर पर चीन ने उस दिन केवल 3,049 मामलों की रिपोर्ट दी है।

    ढील देना और इलाज में देरी बड़ी वजह

    बुधवार की बैठक के बाद चीनी स्वास्थ्य एजेंसी NHC ने कहा कि संक्रमित मरीजों के इलाज में देरी की वजह से कोरोना विस्फोट हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, दिसंबर में कोरोना के इतना फैलने के पीछे की सबसे बड़ी वजह है, चीन में पिछले तीन सालों से बरती जा रही जीरो कोविड पॉलिसी को अचानक खत्म कर देना। इधर, सीएनएन ने दावा किया है कि उसने एनएचसी की मीटिंग से लीक हुए दस्तावेजों के बारे में चीनी स्वास्थ्य विभाग को ईमेल भेजकर उनका पक्षा जानने की कोशिश की है, लेकिन चीन की तरफ से फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया गया है।

  • कोरोना ने मचाई हाहाकार : सड़कों पर हो रहा मरीजों का इलाज

    कोरोना ने मचाई हाहाकार : सड़कों पर हो रहा मरीजों का इलाज

    बीजिंग : कोरोनावायरस संक्रमण ने चीन की कमर तोड़कर रख दी है। वहां के एक अस्पताल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल के कॉरिडोर से लेकर हर रूम में शव ही शव दिखाई दे  रहे हैं। जिलिन प्रांत के चांगचुन शहर में श्मशान घाट के बाहर अंतिम संस्कार के लिए शव वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई है। जहां पहले 24 घंटे की वेटिंग थी, अब लोगों को अपनों का अंतिम संस्कार के लिए 3 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।

    एक अन्य वायरल वीडियो में सड़क पर मरीजों को ड्रिप चढ़ाते हुए देखा जा रहा है। हालांकि, सरकारी आंकड़ों में इस दिन सिर्फ 3000 केस ही बताए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में इस महीने के शुरुआती 20 दिनों में 24 करोड़ 80 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसके पहले जनवरी में एक दिन में 40 लाख कोरोना मरीज मिले थे।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चीन में इस हालात के लिए वहां की ‘जीरो कोविड पॉलिसी’ और लो वैक्सीनेशन कवरेज को जिम्मेदार ठहराया है। उनके अनुसार चीन ने अचानक ही अपने यहां सारे प्रतिबंध हटा दिए। यहां लोग जीरो कोविड पॉलिसी के तहत लागू प्रतिबंधों में रहते हुए कोरोना वायरस के प्रति काफी संवेदनशील हो चुके थे। वे अचानक वायरस के खिलाफ एक्सपोज हुए और इम्युनिटी नहीं होने के कारण बीमार पड़ने लगे।

  • इस जगह शादी करने पर लड़कियों को मिलता है दहेज!

    इस जगह शादी करने पर लड़कियों को मिलता है दहेज!

    नई दिल्लीः भारत में यह अक्सर देखा जाता है और कहा जाता है कि यहां दहेज लेना आम बात है। लोग दहेज के नाम पर यह कह देते हैं कि उन्होंने अपने मन से ऐसा किया है लेकिन सच्चाई कुछ और है क्योंकि आज भी तमाम लोग बिना दहेज के शादी नहीं करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं दुनिया में एक ऐसी जगह है जहां लड़कों को नहीं बल्कि शादी में लड़कियों को दहेज दिया जाता है।

    दरअसल, यह जगह चीन के नानचांग प्रांत में मौजूद है। यहां काफी लंबे समय से यह नियम है कि शादियों में लड़के वालों की तरफ से कन्या पक्ष को तगड़ा दहेज दिया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां ऐसा इसलिए है क्योंकि यहां लैंगिक असमानता काफी ज्यादा है और उसी को कम करने के लिए पिछले कई दशकों से यहां दहेज का ऐसा नियम है। 

    लेकिन हाल ही में एक ऐसी कहानी सामने आई जिसमें पूरे सिस्टम को पलट दिया। हुआ यह कि यहां की एक रहने वाली लड़की को एक लड़के से प्रेम हो गया। वह दोनों जो पहली डेट पर मिले तभी यह निर्णय ले लिया कि शादी की जाएगी लेकिन उन्हें अपने समाज की परवाह थी क्योंकि दहेज का नियम उन्हें पता था। फिर जब बात दोनों के घरवालों में पहुंची तो शादी तो तय हुई लेकिन यह भी तय हुआ कि लड़के वाले लड़की वालों को 35 लाख रुपए दहेज में देंगे।

    लेकिन लड़की ने अपने मन की बात अपने घरवालों से और अपने ससुराल वालों से कहीं और कहा कि वह दहेज ना ले कर एक नए नियम को स्थापित करना चाहते हैं। इसके बाद दोनों के घरवालों में बात हुई और यह तय हुआ कि बिना दहेज लिए यह शादी की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय रूप से इस बात की चर्चा बहुत ज्यादा है कि लड़की ने एक उदाहरण सेट किया जो शायद वहां के दहेज के नियमों को बदलने में काफी मदद मिलेगी।

  • 10,505 मर्डर के मामलों में दोषी पाई गई टाइपिस्ट महिला

    10,505 मर्डर के मामलों में दोषी पाई गई टाइपिस्ट महिला

    नई दिल्लीः पोलैंड के एक कंसंट्रेशन कैंप में काम करने वाली 97 वर्षीय पूर्व नाजी टाइपिस्ट और स्टेनोग्राफर को होलोकॉस्ट के दौरान 10,505 लोगों की हत्या में शामिल होने का दोषी ठहराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इरगार्ड फर्चनर को जर्मनी के इत्जेहो की एक अदालत ने मंगलवार को दो साल की निलंबित जेल की सजा सुनाई।

    नाबालिग उम्र में फर्चनर ने नाजी कब्जे वाले पोलैंड में ग्दान्स्क के पास स्टटथोफ कैंप में 1943 से 1945 में नाजी शासन के अंत तक काम किया था। चूंकि अपराध के समय महिला नाबालिग थी। इसलिए, फर्चनर को सजा के लिए किशोर अदालत में पेश किया गया और उसे जुवेलाइन प्रोवेशन में रखा जाएगा।

    स्टुट्थोफ में लगभग 65,000 लोग भयानक परिस्थितियों में मारे गए थे, जिनमें यहूदी कैदी, गैर-यहूदी ध्रुव और कैद किए गए सोवियत सैनिक शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, फर्चनर को 10,505 लोगों की हत्या में मदद करने और हत्या के लिए उकसाने और पांच अन्य की हत्या के प्रयास में मिलीभगत का दोषी पाया गया।

    स्टुट्थोफ में, जून 1944 से कैदियों की हत्या करने के लिए कई तरह के तरीकों का इस्तेमाल किया गया और गैस चैंबरों में हजारों लोग मारे गए। सितंबर 2021 में जब ट्रायल शुरू हुआ, तो फर्चनर अपने रिटायरमेंट होम से भाग गई और अंतत: हैम्बर्ग की एक सड़क पर पाई गई।

    अदालत में अपने संबोधन में, फुर्चनर ने कहा: जो कुछ भी हुआ उसके लिए मुझे खेद है। मुझे खेद है कि मैं उस समय स्टुट्थोफ में थी। मैं बस इतना ही कह सकती हूं। 

    बताया गया है कि उसका मुकदमा जर्मनी में नाजी-युग के अपराधों में अंतिम हो सकता है, हालांकि कुछ मामलों की अभी भी जांच की जा रही है। स्टुट्थोफ में किए गए नाजी अपराधों के लिए हाल के वर्षों में दो अन्य मामले अदालत में गए हैं।

  • चीन में भेड़-बकरियों की तरह मर रहे हैं इंसान, देखें दिल दहलाने वाली वीडियो

    चीन में भेड़-बकरियों की तरह मर रहे हैं इंसान, देखें दिल दहलाने वाली वीडियो

    हेवेईः चीन में कोविड-19 प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद कोरोना के मामलों में रिकॉर्ड तेजी आई है। व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गईं हैं, भेड़-बकरियों की तरह इंसान मर रहे हैं। दिल दहलाने वाली चीखों के बीच लोग चीन की सरकार से मदद की अपील कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। दवाएं खत्म हो चुकी हैं, शवदाह गृह में अंतिम संस्कार के लिए लोगों की लाइन लगी है, लेकिन चीनी सरकार मौत के आंकड़ों को छिपाने में जुटी है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में 19 दिसम्बर तक कोविड से 2 मौत होने की बात कही गई, जबकि अंतिम संस्कार गृह में लाशों की लाइन लगी हुई है।

    हेवेई प्रांत में रहने वाले इस परिवार का वीडियो चीनी ब्लॉगर जेनिफर जेंग ने ट्वीट किया है, इस वीडियो में दिख रहे ये दोनों नवजात ने 42 दिन पहले जन्म दिया है जो कोरोना संक्रमण का शिकार हैं। इन्हें तेज बुखार है, परिवार ने कई बार एंबुलेंस की मांग की, लेकिन इन तक न एंबुलेंस पहुंची और न ही दवाइयां। बच्चों की मां आलू के चिप्स से बुखार कम करने की कोशिश करती दिख रही है।

    एक वीडियो चाइना-जापान फ्रेंडशिप हास्पिटल बीजिंग का बताया जा रहा है, चीनी ब्लॉगर जेनिफर जेंग के ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट इस वीडियो में एक व्यक्ति कोरोना से मारे लोगों की गितनी करता दिख रहा है। इसमें एक वीडियो बीजिंग के ही एक अस्पताल का बताया जा रहा है, इसमें एक व्यक्ति अपनी मां को अस्पताल लेकर पहुंचता है, लेकिन डॉक्टर उसका इलाज करने से मना करते दिख रहे हैं। जब व्यक्ति उन्हें बताता है कि मरीज का ब्लड प्रेशर 125 है, तब डॉक्टर कहते हैं कि न तो हमारे पास ऑक्सीजन है और न ही वेंटिलेटर।

    जेनिफर जेंग के ट्विटर अकाउंट में पोस्ट एक और वीडियो वहां के भयावह हालात को दर्शा रहा है, जिसमें कोरोना संक्रमण का इलाज कराने पहुंची महिला अस्पताल के अंदर तड़प रही है, लेकिन उसकी जांच करने तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचता। चीन के एक अस्पताल में लगा लाशों का ढेर, वीडियो पोस्ट करने वाली जेनिफर जंग ने अंदेशा जताया है कि यह अस्पताल हार्बिन सिटी का है, क्योंकि वीडियो शूट करने वाले व्यक्त की भाषा नॉर्थईस्ट चीन की लग रही है।

    यह वीडियो विशेषज्ञ एरिक डिंग ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है, जिसमें चीन का ये अस्पताल कोरोना संक्रमितों से खचाखच भरा नजर आ रहा है। विशेषज्ञ अनुमान जता रहे हैं कि अगले तीन महीनों में चीन की 60% आबादी कोरोना संक्रमित हो जाएगी। लाखों लोगों की मौत होगी।

  • भयानक सड़क हादसा! दो टुकड़ों में बंट गई Ferrari कार, उछलकर गिरा ड्राइवर

    भयानक सड़क हादसा! दो टुकड़ों में बंट गई Ferrari कार, उछलकर गिरा ड्राइवर

    कैलिफोर्नियाः सड़क हादसे तो दुनियाभर में होते ही रहते हैं, लेकिन कई हादसे ऐसे होते हैं, जो रूह कंपा देने वाले होते हैं। ऐसे ही एक भयानक हादसे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। यह हादसा कितना भयानक था, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसमें दुनिया की सबसे महंगी कारों में से एक फरारी के भी परखच्चे उड़ गए। वह दो टुकड़ों में बंट गई। सिर्फ यही नहीं, हादसा होते ही फेरारी का ड्राइवर उछल कर दूर जा गिरा, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    दिल दहलाने वाला सड़क हादसा

    दिल दहला देने वाला यह सड़क हादसा अमेरिका के कैलिफोर्निया का है। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, लाल रंग की फरारी को एक 71 वर्षीय शख्स चला रहा था, जिसका नाम रॉबर्ट निकोलेटी था। वे कहीं जा रहे थे, इसी दौरान उनकी कार सैंटियागो कैनन के पास दो कारों से बुरी तरह से टकरा गई। अब एक साथ तीन गाड़ियों के टकराते ही रॉबर्ट अपनी फरारी से उछल कर बाहर सड़क पर जा गिरे और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, इस हादसे में अन्य गाड़ियों के ड्राइवरों को भी काफी गंभीर चोटें आई हैं। हैरान करने वाली बात ये रही कि हादसे के बाद फरारी के टुकड़े-टुकड़े हो गए।

    स्पीड के चक्कर में गई जान

    यह घटना बीते शुक्रवार की बताई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि एक्सीडेंट के समय रॉबर्ट नशे में होंगे और साथ ही उनके फरारी की स्पीड भी ज्यादा होगी। शायद उन्होंने टेस्ला की एक कार को ओवरटेक करने के लिए अपनी फरारी की स्पीड बढ़ाई थी और इस चक्कर में वो हादसे का शिकार हो गए और अपनी जान भी गंवा दी।

    एक झटके में फरारी बन गई कबाड़

    तस्वीर में आप देख सकते हैं कि फरारी की क्या हालत हुई है। वो कैसे सड़क पर टुकड़ों-टुकड़ों में बिखरी पड़ी है। वैसे आमतौर पर फरारी को दुनिया की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में से एक माना जाता है, लेकिन ये हादसा देख कर लोगों को शायद यकीन ही न हो कि ऐसा कैसे हो सकता है। इस भयानक हादसे में सिर्फ फरारी ही नहीं बल्कि अन्य गाड़ियों की हालत भी खराब है।

  • यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का अनुरोध फीफा ने किया खारिज, जानें वजह 

    यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का अनुरोध फीफा ने किया खारिज, जानें वजह 

    नई दिल्ली: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का फुटबॉल वर्ल्ड कप 2022 में शांति का संदेश देने वाला अनुरोध फीफा ने खारिज कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जेलेंस्की फाइनल शुरू होने से पहले कतर के स्टेडियम में प्रशंसकों को वीडियो के माध्यम से एक संदेश देना चाहते थे, लेकिन फीफा के जवाब से वे निराश दिखे। हालांकि, यूक्रेन और खेल के शासी निकाय के बीच बातचीत अभी भी जारी है। बता दें कि आज(18 दिसंबर) रात साढ़े आठ बजे से फ्रांस और अर्जेंटिना के बीच फाइनल खेला जाएगा।

    पहले भी कर चुके हैं शांति की अपील

     यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बार-बार सरकार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विश्व मंच पर शांति और सहायता की अपील की है, जिसमें इस्राइल की संसद, अमेरिकी सांसदों, ग्रैमी अवार्ड्स, कान फिल्म महोत्सव और जी20 शिखर सम्मेलन शामिल हैं।  जेलेंस्की ने सीन पॉल और डेविड लेटरमैन सहित विभिन्न प्रकार के पत्रकारों और प्रसिद्ध मनोरंजनकर्ताओं के साथ साक्षात्कार और बातचीत भी की है।फीफा प्रमुख ने खेल में 

    राजनीति को लाने पर जताई नाराजगी

    यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुरोध पर फीफा प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खेल में राजनीतिक संदेश देना सही नहीं है। जियानी इन्फेंटिनो ने इस मामले को बढ़ाने के लिए यूरोप और पश्चिम को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे एक तरह का पाखंड बताया। 

    खिलाड़ियों को भेदभाव-विरोधी आर्मबैंड पहनने पर प्रतिबंध 

    फीफा ने खिलाड़ियों को इंद्रधनुष-थीम वाले भेदभाव-विरोधी आर्मबैंड पहनने पर भी प्रतिबंध लगा दिया और प्रशंसकों को खेलने और अन्य राजनीतिक संदेश देने वाली टीमों के अलावा झंडे दिखाने से रोक दिया। हालांकि, विश्व कप के आयोजकों ने फिलीस्तीनी ध्वज के लिए एक अपवाद बनाया है, जो मुख्य रूप से खेलों के दौरान प्रदर्शित किया गया है।

  • कनाडा में डबल मर्डर केस में 3 पंजाबी युवक गिरफ्तार

    कनाडा में डबल मर्डर केस में 3 पंजाबी युवक गिरफ्तार

    एब्सफोर्डः पुलिस ने मई में एब्सफोर्ड में एक बुजुर्ग दंपति की हत्या के सिलसिले में तीन पंजाबी युवकों की गिरफ्तारी की जानकारी साझा की है और उन पर फर्स्ट डिग्री मर्डर का आरोप लगाया गया है। एब्सफोर्ड पुलिस द्वारा जारी सूचना के अनुसार, मारे गए जोड़े की पहचान एबॉट्सफ़ोर्ड के 77 वर्षीय अर्नोल्ड डी जोंग और उनकी पत्नी 76 वर्षीय जोआन डी जोंग के रूप में हुई, जिनके शव 9 मई, 2022 को अर्काडियन के 33600 ब्लॉक में पाए गए थे। एब्सफोर्ड में वे ब्लॉक में अपने आवास के ऊपर पाए गए थे। पता चला है कि वह एक स्थानीय ट्रकिंग कंपनी का मालिक था।

    16 दिसंबर को आईहिट के जांच अधिकारियों ने एबॉट्सफ़ोर्ड पुलिस टीम के साथ मिलकर दोहरे हत्याकांड के लिए तीन शकी युवकों को गिरफ्तार किया। तीनों पंजाबी युवक हैं और तीनों सरी के रहने वाले हैं जिनमें 20 वर्षीय गुरकरण सिंह, 22 वर्षीय अभिजीत सिंह और 22 वर्षीय खुशवीर तूर शामिल हैं। तीनों पर फर्स्ट डिग्री मर्डर का आरोप लगाया गया है।

  • 300 फीट गहरी खाई में फंसी कार में सवार लोगों की iPhone 14 ने बचाई जान

    300 फीट गहरी खाई में फंसी कार में सवार लोगों की iPhone 14 ने बचाई जान

    नई दिल्ली। अमेरिका के कैलिफोर्निया में आईफोन 14 ने दो लोगों की जान बचा ली। आपको लगेगा कि आखिर फोन से ऐसा कर पाना कैसे मुमकिन है। पर ये बिल्कुल सच है, चलिए आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है. दरअसल, इसी साल सितंबर के महीने में एपल ने अपना आईफोन 14 लॉन्च किया था जिसमें इमर्जेंसी एसओएस सैटेलाइट कनेक्टिविटी फीचर है। इसी फीचर की वजह से 300 फीट गहरी खाई में गिरे लोगों की जान बच पाई है।

    ये मामला कुछ ही दिन पहले कैलिफोर्निया के एंजेल्स फॉरेस्ट हाइवे का है. हुआ यूं कि दो लोग अपनी कार से जा रहे थे जब हादसे के चलते कार पहाड़ की चोटी से 300 फीट गहरी खाई में जा गिरी. शुक्र इस बात का था कि कार एक जगह जाकर फंस गई जिससे दोनों लोगों की मौत तुरंत तो नहीं हुई मगर खाई में ज्यादा देर जिंदा रह पाना नामुमकिन था। ऊपर से फोन में नेटवर्क भी नहीं था जिससे मदद के लिए किसी को फोन किया जा सके।

    उसी दौरान आईफोन स्मार्टफोन के एसओएस फीचर ने डिटेक्ट कर लिया कि कार का क्रैश हुआ है. अब चूंकि नेटवर्क नहीं था तो फीचर ने सैटेलाइट टेक्स्ट मैसेज भेज दिया जो एपल के रीले सेंटर जा पहुंचा. वहां इस तरह के मैसेजेज़ को दर्ज करने के लिए कर्मचारी होते हैं. तुरंत कर्मियों ने पुलिस को इसकी सूचना दी और हेलिकॉप्टर के साथ बचाव दल वहां पहुंच गया. मॉन्टरोस सर्च टीम ने अपने ट्विटर पर इस घटना से जुड़ा वीडियो भी पोस्ट किया है।