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  • भयानक सड़क हादसाः एक्सप्रेस-वे पर बस पलटने से 27 लोगों की मौत

    भयानक सड़क हादसाः एक्सप्रेस-वे पर बस पलटने से 27 लोगों की मौत

    बीजिंगः चीन से एक भयानक हादसे की खबर सामने आ रही है। दक्षिण-पश्चिमी चीन में रविवार को एक एक्सप्रेस-वे पर बस के पलट जाने से उसमें सवार 27 लोगों की मौत हो गई है। वहीं इस दुर्घटना में 20 अन्य लोगों के घायल होने की खबर है। यह जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि यह दुर्घटना सुबह संदू काउंटी में हुई, जो गुइझोऊ प्रांत की राजधानी गुइयांग शहर के दक्षिण-पूर्व में है। मालूम हो कि बस में 47 लोग सवार थे। साथ ही घायलों का इलाज जारी है।

    पुलिस ने सोशल मीडिया पर दिए एक बयान में कहा कि यह दुर्घटना ग्रामीण गुइझोउ प्रांत में एक राजमार्ग पर हुई जब कुल 47 लोगों को ले जा रहा वाहन पलट गया। पुलिस ने बताया कि शेष 20 लोगों का इलाज चल रहा है और राहत और बचाव कर्मियों को घटनास्थल पर भेज दिया गया है।

  • 24 घंटे में भूकंप का दूसरा झटका लगा, रिक्टर स्केल पर 7.2 रही तीव्रता

    24 घंटे में भूकंप का दूसरा झटका लगा, रिक्टर स्केल पर 7.2 रही तीव्रता

    ताइवान: चीन से लंबे समय से चली आ रही तनातनी के बीच शनिवार और रविवार का दिन ताइवान के लिए काफी टेंशन वाला रहा. यहां शनिवार के बाद रविवार दोपहर को भी भूकंप के झटके लगे। रविवार को 7.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने यहां की सरकार की टेंशन बढ़ा दी. दरअसल, 24 घंटे के अंदर यह दूसरा भूकंप था। इससे पहले शनिवार को ताइवान में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था।

    बता दें कि शनिवार रात को ताइवान के पूर्वी तटीय इलाके में 6.6 मैग्नीट्यूड के साथ भूकंप आया था। राहत की बात ये रही कि इस भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल की क्षति नहीं पहुंची. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया कि भूकंप रात करीब 9:30 बजे टैटुंग के उत्तरी तटीय शहर से करीब 50 किमी दूर आया था। इसका केंद्र 10 किमी की गहराई पर था। भूकंप की सूचना मिलते ही टीम राहत बचाव कार्य में जुट गई थी। बता दें कि भूकंप ताइवान के लिए नई चीज नहीं है। यहां अक्सर भूकंप के झटके लगते रहते हैं. दरअसल, ताइवान दो टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन के बीच बसा हुआ है।

    लोग टेंशन में, लेकिन अभी सूनामी का खतरा नहीं

    लगातार दो भूकंप के झटके से लोग टेंशन में हैं. उन्हें सूनामी का भी डर सता रहा है, लेकिन आपको बता दें कि ताइवान में तब तक सूनामी का अलर्ट जारी नहीं किया जाता जब तक कि भूकंप की तीव्रता 7.0 मैग्नीट्यूड न हो। हालांकि 6.0 तीव्रता के भूकंप भी काफी तबाही मचा सकते हैं, लेकिन यह भूकंप की जगह और गहराई पर निर्भर करता है. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इस तरह के भूकंप से ताइवान में नुकसान की संभावना कम है। हालांकि छोटो-मोटा नुकसान हो सकता है। भूकंप के मामले में काफी हद तक यही स्थिति जापान की भी रहती है। वहां भी अक्सर भूकंप के झटके लगते रहते हैं।

  • 24 घंटे में भूकंप का दूसरा झटका लगा, रिक्टर स्केल पर 7.2 रही तीव्रता

    24 घंटे में भूकंप का दूसरा झटका लगा, रिक्टर स्केल पर 7.2 रही तीव्रता

    ताइवान: चीन से लंबे समय से चली आ रही तनातनी के बीच शनिवार और रविवार का दिन ताइवान के लिए काफी टेंशन वाला रहा. यहां शनिवार के बाद रविवार दोपहर को भी भूकंप के झटके लगे। रविवार को 7.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने यहां की सरकार की टेंशन बढ़ा दी. दरअसल, 24 घंटे के अंदर यह दूसरा भूकंप था। इससे पहले शनिवार को ताइवान में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था।

    बता दें कि शनिवार रात को ताइवान के पूर्वी तटीय इलाके में 6.6 मैग्नीट्यूड के साथ भूकंप आया था। राहत की बात ये रही कि इस भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल की क्षति नहीं पहुंची. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया कि भूकंप रात करीब 9:30 बजे टैटुंग के उत्तरी तटीय शहर से करीब 50 किमी दूर आया था। इसका केंद्र 10 किमी की गहराई पर था। भूकंप की सूचना मिलते ही टीम राहत बचाव कार्य में जुट गई थी। बता दें कि भूकंप ताइवान के लिए नई चीज नहीं है। यहां अक्सर भूकंप के झटके लगते रहते हैं. दरअसल, ताइवान दो टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन के बीच बसा हुआ है।

    लोग टेंशन में, लेकिन अभी सूनामी का खतरा नहीं

    लगातार दो भूकंप के झटके से लोग टेंशन में हैं. उन्हें सूनामी का भी डर सता रहा है, लेकिन आपको बता दें कि ताइवान में तब तक सूनामी का अलर्ट जारी नहीं किया जाता जब तक कि भूकंप की तीव्रता 7.0 मैग्नीट्यूड न हो। हालांकि 6.0 तीव्रता के भूकंप भी काफी तबाही मचा सकते हैं, लेकिन यह भूकंप की जगह और गहराई पर निर्भर करता है. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इस तरह के भूकंप से ताइवान में नुकसान की संभावना कम है। हालांकि छोटो-मोटा नुकसान हो सकता है। भूकंप के मामले में काफी हद तक यही स्थिति जापान की भी रहती है। वहां भी अक्सर भूकंप के झटके लगते रहते हैं।

  • काफिला रोक की जान से मारने की कोशिश, बाल बाल बचे राष्ट्रपति, सुरक्षा में लगे कई कर्मचारी सस्पेंड 

    काफिला रोक की जान से मारने की कोशिश, बाल बाल बचे राष्ट्रपति, सुरक्षा में लगे कई कर्मचारी सस्पेंड 

    नई दिल्लीः रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन पर एक जानलेवा हमला हुआ है, लेकिन वो पूरी तरह सुरक्षित हैं। जब वो अपने घर के पास थे तभी उनके काफिले का रास्ता रोक उन पर हमला किया गया। हालांकि इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगे कई कर्मचारी सस्पेंड हो गए हैं। ये पहली बार नहीं है, जब पुतिन पर इस तरह का जानलेवा हमला हुआ हो।

    साल 2017 में उन्होंने खुद ये जानकारी दी थी कि किस तरह 5 जानलेवा हमलों में उनकी जान बाल-बाल बची है। यूरोवीकली की खबर के मुताबिक राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की कार का अगला बांया पहिया किसी चीज से बेहद जोर से टकराया। वह अपने घर से कुछ किलोमीटर दूर ही थे, तभी उनकी सुरक्षा में लगी एक कार का रास्ता एंबुलेंस ने रोक लिया। जबकि अचानक से आई बाधा की वजह से दूसरी सुरक्षा कार भटक गई।

    हालांकि रूस मे मीडिया पर कड़ी पहरेदारी है, ऐसे में पुतिन पर ये हमला कब हुआ, इसकी साफ-साफ जानकारी नहीं है। लेकिन यूरोवीकली का कहना है कि पुतिन पर हमले की संभावनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए वह डिकॉय मोटरकेड में सफर करते हैं। अंदर के सूत्रों ने जानकारी राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगे कई जवानों और अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

    वहीं कुछ को गिरफ्तार भी किया गया है, क्योंकि राष्ट्रपति के मूवमेंट की जानकारी काफी कम लोगों को होती है। हालांकि इन दावों की पुष्टि किया जाना बाकी है। इस बीच राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन समरकंद की यात्रा पर जा रहे हैं। यहां वो शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेंगे। उनकी पीएम नरेन्द्र मोदी और अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से मुलाकात भी तय है। 

  • बड़ी ख़बरः कनाडा सरकार इन 40 पंजाबी युवकों करने जा रही डिपोर्ट

    बड़ी ख़बरः कनाडा सरकार इन 40 पंजाबी युवकों करने जा रही डिपोर्ट

    सरीः कनाडा के सरी में पंजाब से पढ़ने गए युवकों ने जमकर हुडदंग मचाया। युवकों द्वारा नियम तोड़े जाने, एक पुलिस अधिकारी की ड्यूटी में बाधा डालने, कार व निकास मार्ग को घेरने और रास्ता अवरुद्ध करने मामले में कनाडा सरकार करीब 40 पंजाबी युवाओं पर डिपोर्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। कनाडा पुलिस के कांस्टेबल सरबजीत सांघा ने वहां के एक स्थानीय रेडियो से बातचीत में कहा कि हुडदंग मचाने वाले सभी युवकों को पहचान कर ली गई है और उन्हें डिपोर्ट किया जा रहा है। सांघा ने बताया कि युवक स्ट्राबेरी हिल प्लाजा 72वें एवेन्यू में घूम रहे थे। वाहनों पर स्पीकर लगा रखे थे। तीन घंटे से युवक तेज आवाज में संगीत बजा रहे थे।

    युवकों का समूह पूरी तरह से अराजकता फैला रहा था। जब एक पुलिस अधिकारी ने युवकों को ऐसा करने से रोका तो कई युवकों ने पुलिस अधिकारी को घेरकर दुर्व्यवहार किया। पुलिस कर्मचारी युवकों को ट्रैफिक नोटिस जारी कर रहा था। युवकों को चेतावनी दी गई कि वह वाहनों से स्पीकर हटा लें, लेकिन युवकों ने ऐसा करने के बजाय पुलिस कर्मचारी की ड्यूटी में बाधा डाली। सांघा ने कहा कि कनाडा की अर्थव्यवस्था और विकास में पंजाबियों का बहुत योगदान है लेकिन कुछ शरारती तत्व परेशानी पैदा कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि वीडियो रिकार्डिंग में 40 युवा दिख रहे हैं, जिनमें ज्यादातर छात्र हैं। इस सभी को डिपोर्ट की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सांघा ने कहा कि कुछ को डिपोर्ट किया भी जा चुका है। युवाओं को यह समझना चाहिए कि वह यहां पर पढ़ने के लिए आ रहे हैं, न कि अराजकता फैलाने के लिए। नियम तोड़ने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। ऐसा करने वालों को उनके देश वापस भेज दिया जाएगा।

  • स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर लिखे खालिस्तान जिंदाबाद के नारे, देखें वीडियो

    स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर लिखे खालिस्तान जिंदाबाद के नारे, देखें वीडियो

    टोरंटोः कनाडा में कुछ भारत विरोधी तत्वों ने टोरंटो के प्रसिद्ध स्वामी नारायण मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे। मंदिर प्रशासन ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कर ली है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। मंदिर की दीवार पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ और ‘भारत मुर्दाबाद’ के नारे लिखे हुए हैं। भारत सरकार ने भी इस घटना का कड़ा विरोध किया है. आपको बता दें कि कनाडा के प्रसिद्ध स्वामीनारायण मंदिर में लिखे गए खालिस्तान जिंदाबाद के वीडियो को खालिस्तान समर्थक आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस इन इंडिया ने जारी किया है। इस घटना की जिम्मेदारी खालिस्तान समर्थक कनाडाई और अमेरिका स्थित आतंकवादी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस ने ली है।

    कनाडा के अधिकारियों के साथ इस मामले को उठाते हुए ओटावा में भारतीय उच्चायोग ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट कर कहा है कि टोरंटो में स्वामी नारायण मंदिर की दीवार पर भारत विरोधी शब्द लिखने की घटना की हम कड़ी निंदा करते हैं। कनाडा के अधिकारियों से इस मामले में दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया जाता है।

    ब्रैम्पटन साउथ की सांसद सोनिया सिद्धू ने भी इस घटना पर खेद जताया है. उन्होंने ट्वीट किया है कि टोरंटो में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर की अपवित्रता के कृत्य से मुझे गहरा दुख हुआ है। हम एक बहुसांस्कृतिक और बहु-विश्वास समुदाय में रहते हैं, जहां हर कोई सुरक्षित महसूस करने का हकदार है। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपने किए की सजा मिल सके।

  • मां से पैसे ठगने के लिए बेटी ने रची अपनी किडनैपिंग की साजिश, बाॅयफ्रेंड के परिवार वाले गिरफ्तार…

    मां से पैसे ठगने के लिए बेटी ने रची अपनी किडनैपिंग की साजिश, बाॅयफ्रेंड के परिवार वाले गिरफ्तार…

    नई दिल्लीः इंसान पूरी दुनिया से चाहे जितना झूठ बोल ले मगर अपनी मां से झूठ नहीं बोल पाता। हालांकि, कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं जो अपना स्वार्थ पूरा करने के लिए मां-बाप को भी झूठ के अंधेरे में रखते हैं। हाल ही में स्पेन में भी ऐस ही ममला सामने आया जहां एक महिला ने अपनी ही मां को ठगने की कोशिश की। उसने तो झूठ की हद पार करते हुए किडनैप होने की पूरी साजिश रच डाली मगर उसके झूठ का पर्दा फाश हो गया।

    रिपोर्ट के अनुसार स्पेन के शहर टेनेरिफ में एक महिला को सुरक्षा एजेंसियों ने पकड़ा है जिसने अपनी ही मां को धोखा दे दिया। स्पेन की दो नेशनल लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी Guardia Civil ने कुछ दिन पहले एक वीडियो जारी किया जिसमें एक महिला किडनैप की गई है और उसको अगवा करने वाले गले पर चाकू रखे खड़े हैं। महिला वीडियो में अपनी मां से रोते हुए कह रही है कि वो जल्द से जल्द एक अंजान लोकेशन पर 40 लाख रुपए फिरौती की रकम रख दे नहीं तो उसके किडनैपर उसे मार डालेंगे।

    महिला ने वीडियो में बताया कि वो अपने किडनैपर्स को नहीं जानती और वो 40 लाख रुपए की डिमांड कर रहे हैं। उन्होंने घर में भी बग लगा दिया है इसलिए अगर मां ने पुलिस को फोन किया तो किडनैपर्स को पता चल जाएगा और वो बेटी की हत्या कर देंगे। रिपोर्ट के मुताबिक मां रुपए देने के लिए तैयार हो गई मगर उसने पुलिस को भी फोन कर दिया। उसने पुलिस को बताया कि इससे पहले मेल पर कई बार बेटी को जान से मारने की धमकी वाले मेल उसे आते रहते थे। उनसे डरकर वो अलग-अलग मौकों पर पैसे दे चुकी थी जो कुल 37 लाख रुपये तक रहे होंगे।

    पुलिस को शक हुआ कि महिला को ठगा जा रहा है। इसलिए उन्होंने सबसे पहले बेटी के बॉयफ्रेंड की लोकेशन फोन से पता की। उसकी लोकेशन के साथ उसके परिवार की लोकेशन भी एक गेम रूम में मिली जहां बेटी की लोकेशन भी दिखा दे रही थी। 24 घंटे के अंदर पुलिस वहां पहुंच गई और उन्होंने बेटी समेत बॉयफ्रेंड और उसके पूरे परिवार को गिरफ्तार कर लिया। उन लोगों ने कुबूल किया कि वो महिला को ठग रहे थे।

  • नहीं रहीं ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ II  

    नहीं रहीं ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ II  

    लंदन : ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का 96 साल की उम्र में निधन हो गया। ब्रिटेन की महारानी जिस ताज को खास कार्यक्रमों में पहनती थीं, उसी में भारत का मशहूर हीरा कोहिनूर लगा है। इसके अलावा भी मुकुट में 2,867 हीरे लगे हैं। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर महारानी की मौत के बाद कोहिनूर हीरा भला किसका होगा। एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद से ट्विटर पर कोहिनूर ट्रेंड कर रहा है और लोग इसे लेकर सवाल पूछ रहे हैं। दरअसल य मुकुट अगली महारानी को सौंपा जाएगा।

    दरअसल ब्रिटेन की नई महारानी डचेस ऑफ कॉर्नवाल कैमिला होंगी जो एलिजाबेथ द्वितीय के सबसे बड़े बेटे और उत्तराधिकार में सबसे आगे प्रिंस चार्ल्स की पत्नी हैं। महारानी की मौत के बाद अब प्रिंस चार्ल्स भी राजा बन जाएंगे। जिस मुकुट की बात की जा रही है उसे वास्तव में राजा जॉर्ज छठे की ताजपोशी के लिए 1937 में बनाया गया था। इसके अलावा ताज में कई कीमती पत्थर भी लगे हैं। ताज में 1856 में तुर्की के तत्कालीन सुल्तान द्वारा महारानी विक्टोरिया को तोहफे में दिया गया एक बड़ा पत्थर भी है। ये उन्होंने क्रीमिया युद्ध में ब्रिटिश सेना के समर्थ के प्रति अपना आभार जताने के लिए दिया था। 

    कोहिनूर 105 कैरेट का हीरा है, जो प्लेटिनम के एक माउंट के साथ ताज से जुड़ा हुआ है। ब्रिटिश ताज के सामने यह क्रॉस के पास लगा है। क्वीन एलिजाबेथ ने इसी साल घोषणा की थी कि प्रिंस चार्ल्स के राजा बनने पर डचेस कैमिला को भी क्वीन की उपाधि दी जाएगी। ऐसे में राजकुमार चार्ल्स के राज्याभिषेक के दौरान कैमिला को ही कोहिनूर के साथ ताज सौंपा जाएगा। 

    लगभग 800 साल पहले भारत में एक चमचमाता पत्थर मिला था, जिसे कोहिनूर नाम दिया गया। कोहिनूर हीरा दुनिया के सबसे बड़े हीरे में से एक है। कूह-ए-नूर का मतलब रोशनी का पर्वत होता है। कहा जाता है कि ये भारत की गोलकुंडा खदान में मिला था। 1849 में जब ब्रिटिश उपनिवेश पंजाब में आया तो इसे अंतिम सिख शासक दलीप सिंह ने महारानी को भेंट किया था। कोहिनूर के साथ एक मिथक भी जुड़ा हुआ है। वह ये कि ये हीरा स्त्री स्वामियों के लिए भाग्यशाली है वहीं पुरुष स्वामियों के लिए ये दुर्भाग्य और मृत्यु का कारण बन सकता है।

  • पाक बल्लेबाज ने अफगानी गेंदबाज को मारने के लिए उठाया बल्ला

    पाक बल्लेबाज ने अफगानी गेंदबाज को मारने के लिए उठाया बल्ला

    एशिया कप : एशिया कप में बुधवार रात को हुए मुकाबले में उस वक्त माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया जब मैदान पर पाक और अफगानी खिलाड़ी आमने-सामने हो गए।हालत यह थी कि गुस्से में पाक बल्लेबाज ने अफगानी गेंदबाज को मारने के लिए बल्ला तक उठा लिया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई. मैच के आखिरी लम्हों में यह गरमागरमी देखी गई । दरअसल, आखिरी ओवरों में मैच बेहद रोमांचक स्थिति में पहुंच गया था। अफगानी गेंदबाजों ने लगातार विकेट झटककर पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया था।

    130 रन का छोटा सा लक्ष्य भी पाक बल्लेबाजों के लिए बड़ा साबित हो रहा था। 19वें ओवर में तो अफगानी गेंदबाज फरीद अहमद  ने आसिफ अली  के रूप में पाक का 9वां विकेट झटककर अफगानिस्तान की जीत लगभग तय ही कर दी थी। इसी विकेट के बाद आसिफ अली और फरीद के बीच झगड़ा हो गया। फरीद अहमद ने विकेट चटकाते ही अपने अंदाज में जश्न मनाया। इसके बाद आसिफ एकदम फरीद के पास पहुंचे और दोनों के बीच कहासुनी हो गई। यहां आसिफ ने पहले तो फरीद को धक्का दिया और इसके बाद उन्होंने मारने के लिए बल्ला भी उठा लिया।

    यह देखते हुए बाकी अफगानी खिलाड़ी बीच-बचाव में उतरे और दोनों को समझाइश दी। एक विकेट से जीता पाकिस्तान इस मैच में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 129 रन बनाए। इतने कम स्कोर के बावजूद अफगानी टीम ने पाकिस्तान को जबरदस्त टक्कर दी। अफगानी गेंदबाजों ने नियमित अंतराल में विकेट झटकते हुए पाक बल्लेबाजों को हाथ खोलने के मौके नहीं दिए। आखिरी 5 ओवर में 6 विकेट झटककर अफगानिस्तान ने मैच लगभग अपने कब्जे में कर लिया था। आखिरी ओवर में पाकिस्तान को जीतने के लिए 11 रन की दरकार थी और उसके पास महज एक विकेट बाकी था. यहां नसीम शाह ने शुरुआती दो गेंदों पर ही दो छक्के जड़ दिए और मैच पाकिस्तान की झोली में डाल दिया।

  • बाढ़ से बचने लिए मीठे पानी की झील मचार को तोड़ना पड़ा

    बाढ़ से बचने लिए मीठे पानी की झील मचार को तोड़ना पड़ा

    पाकिस्तान :  बाढ़ ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पाकिस्तान  में आफत मचा रखी है. अब तक यहां 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं. पाकिस्तान की मुसीबतें कम होने की बजाए बढ़ती दिख रही हैं. देश की सबसे बड़ी झील मंचार झील को तोड़ना पड़ा है. इस झील में इतना ज्यादा पानी भर गया था कि उस पर किनारे फटने का खतरा पैदा हो गया था। 

    झील का जलस्तर खतरनाक स्तर को पार करने से दक्षिणी सिंध के 50 लाख लोगों पर खतरा मंडरा रहा था. झील तोड़ने के कारण इसका पानी रिहायशी इलाकों में फैल गया. इस वजह से एक लाख लोग विस्थापित हो गए हैं. विस्थापित लोगों को शिविरों में रखा गया है. सिंचाई मंत्री जम खान शोरो के मुताबिक झील तोड़ने से ज्यादा आबादी वाले इलाकों में खतरा टल गया है।

    पाकिस्तान के इंजीनियरों ने तोड़ी मीठे पानी की झील

    अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि इजीनियरों ने पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताजे पानी की झील को तोड़ दिया है, जिससे आसपास के शहरों से पानी की निकासी की जा सके. सिंध प्रांत के सूचना मंत्री शारजील इनाम मेमन ने समाचार एजेंसी एएफपी के बताया कि इंजीनियरों को पानी निकालने के लिए मंचार झील के एक नाले को काटना पड़ा है. इससे सहवान और भान सईदाबाद के शहरों को बहुत अधिक खतरा था।

    80 हजार करोड़ का खर्चा

    अधिकारियों ने बताया कि देश के इतिहास में इस तरह की बाढ़ कभी नहीं आई थी। बाढ़ के पानी को डायवर्ट तो कर दिया गया है लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। छोटी बस्तियों से अभी भी हजारों लोगों को निकालना बाकी है. इसके अलावा अधिकारियों का ये भी कहना है कि अस त्रासदी से उबारने के लिए पाकिस्तान सरकार को करीब 80 हजार करोड़ रुपयों का खर्चा आएगा. मॉनसून खत्म होने के बाद सर्दियां दस्तक देंगी तो ऐसे में बेघर लोगों को घर मुहैया कराना भी एक समस्या है।