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  • बड़ी ख़बरः जेल में चली गोलियां, 10 सुरक्षाकर्मियों समेत 4 कैदियों की मौत 

    बड़ी ख़बरः जेल में चली गोलियां, 10 सुरक्षाकर्मियों समेत 4 कैदियों की मौत 

    सीऊडैड वारेज (मैक्सिको): उत्‍तरी अमेरिकी देश मैक्सिको में साल के पहले दिन बड़ी घटना को अंजाम दिया गया। देश के सबसे कुख्‍यात जेलों में से एक पर बंदूकधारियों ने अचानक से हमला कर दिया। जेल में तैनात सुरक्षाकर्मी कुछ समझ पाते इससे पहले ही बंदूकधारी गोलियां बरसाते हुए जेल के अंदर घुस गए। इससे जेल में अफरातफरी का माहौल हो गया। इस हमले में 10 सुरक्षाकर्मियों और 4 कैदियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। जेल में मची भगदड़ का फायदा उठाते हुए 24 कैदी भी फरार हो गए। इससे पहले अक्‍टूबर 2022 में भी बंदूकधारियों ने दक्षिणी मैक्सिको में हमला कर 18 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इस हमले में शहर के मेयर की भी मौत हो गई थी।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उत्‍तरी मैक्सिको के चवावा में स्थित जेल पर बख्‍तरबंद वाहनों में आए हमलावरों ने हमला कर दिया। इससे मौके पर भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। बंदूकधारी ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगे। हमले के बाद जारी बयान में बताया गया कि इस घटना में 10 सुरक्षाकर्मियों और 4 कैदियों की मौत हो गई। वहीं, 24 कैदी भी जेल से फरार हो गए। जेलब्रेक की घटना को स्‍थानीय समय के अनुसार सुबह में अंजाम दिया गया। बंदूकधारियों के हमले के बाद कैदियों के बीच झड़प हो गई, जिससे हालात और भी बिगड़ गए थे। जेल पर हमले से पहले कुछ बंदूकधारियों ने स्‍थानीय पुलिस पर भी गोलियां चलाई थीं। पुलिस ने हमले में शामिल 4 अपराधियों को पकड़ लिया था। बाद में हमलावरों ने जेल के बाहर तैनात सुर‍क्षाकर्मियों पर हमला कर दिया।

    जेल पर हमले के बाद कैदी आपस में ही भिड़ गए। इससे वहां अफरातफरी का माहौल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि कैदियों के बीच भिड़ंत में 13 कैदी घायल हो गए। इस जेल में अन्‍य कैदियों के साथ ड्रग कार्टेल से जुड़े कुख्‍यात अपराधी भी बंद हैं। उनका कहना है कि 4 लोगों को दबोचा गया है, लेकिन फिलहाल यह बताना कठिन है कि वे कैदी हैं या फिर हमलावर। दूसरी तरफ जेल से फरार हुए 24 कैदियों की पहचान भी अभी तक नहीं हो सकी है।

    सीऊडैड वारेज शहर में स्थित जिस जेल पर हमला किया गया, उसकी सीमा अमेरिकी शहर टेक्‍सास से लगती है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल वह मामले की जांच कर रहे हैं, ताकि हमलावरों के मंसूबों के बारे में पता लगाया जा सके। सीऊडैड वारेज शहर में सिनालोआ और वारेज ड्रग माफिया गिरोह और सुरक्षाकर्मियों के बीच वर्षों से हिंसक झड़प हो रहे हैं। इसमें हजारों की तादाद में लोग मारे जा चुके हैं।

  • कनाडा सरकार ने विदेशी नागरिकों को दिया बड़ा झटका, जारी किए ये निर्देश 

    कनाडा सरकार ने विदेशी नागरिकों को दिया बड़ा झटका, जारी किए ये निर्देश 

    नई दिल्लीः कनाडा में रहने वाले विदेशी लोग जो वहां पर घर खरीदने की योजना बना रहे है, उनके के लिए बुरी खबर है। कनाडा में सरकार ने विदेशियों के लिए प्रॉपर्टी खरीदने पर रोक लगा दी है। कनाडा ने आवासीय संपत्तियों को निवेश के तौर पर विदेशियों को बेचे जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध नए साल के पहले दिन यानी रविवार को लागू हो गया है। संपत्ति की कीमतों में वृद्धि के बाद यह निर्णय लिया गया। महामारी की शुरुआत के बाद घर की कीमतों में वृद्धि के कारण कनाडा सरकार द्वारा कानून पारित किया गया था।

    क्यों लगाया गए प्रतिबंध

    आवास की कमी का सामना कर रहे स्थानीय लोगों को अधिक घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कनाडा में रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदने वाले विदेशियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। कोविड-19 के देश में घर की कीमतें कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से बढ़ी हैं। वहीं, कुछ राजनेताओं का मानना है कि खरीदार निवेश के रूप में घरों की आपूर्ति को बंद करने के लिए जिम्मेदार थे।

    इस प्रॉपर्टी पर नहीं होगा प्रतिबंध

    कनाडा सरकार ने यह भी साफ किया है कि ये प्रतिबंध केवल शहर के आवासों पर लागू होगा। यह प्रतिबंध रविवार (1 जनवरी) से लागू हो गया है। ग्रीष्मकालीन कॉटेज जैसी प्रॉपर्टी पर ये प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

    कनाडा में घर की कीमतें और ब्याज दरें

    कैनेडियन रियल एस्टेट एसोसिएशन (CREA) के अनुसार, फरवरी 2022 में कनाडा में औसत घर की कीमत $800,000 कनाडाई से अधिक हो गई। तब कीमतों में करीब 13 फीसदी की गिरावट आई थी। बैंक ऑफ कनाडा ब्याज दरें बढ़ा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप देश में उच्च बंधक दरें हैं। महामारी से पहले 2019 के अंत से सीआरईए का मूल्य सूचकांक अभी भी 38 प्रतिशत ऊपर है। हालांकि, समूह ने कहा कि बिक्री के लिए घरों की सूची पूर्व-महामारी के स्तर पर लौट आई है।

    रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदने पर रोक

    बात दें कि कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 2021 के चुनाव अभियान के दौरान स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए प्रोपर्टी को लेकर ये प्रस्ताव रखा था। कनाडा में बढ़ती कीमतों की वजह से कई लोगों की पहुंच से घर खरीदना बाहर है।स्थानीय लोगों को अधिक घर उपलब्ध कराने के मकसद से रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदने वाले विदेशियों पर रोक लगाई गई है।

  • नए साल के पहले दिन सेन्य एयरपोर्ट पर हमले से 10 लोगों की मौत, 8 घायल 

    नए साल के पहले दिन सेन्य एयरपोर्ट पर हमले से 10 लोगों की मौत, 8 घायल 

    काबुलः अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक मिलिट्री एयरपोर्ट पर नए साल के पहले दिन रविवार को हुए धमाके में कई लोगों की मौत हो गई व कई घायल हो गए । जानकारी के अनुसार इस हमले में 10 लोगों के मारे जाने की आशंका है जबकि 8 लोग घायल भी हुए हैं। तालिबान के प्रवक्ता अब्दुल नफी टक्कुर ने धमाके की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि काबुल मिलिट्री एयरपोर्ट पर यह धमाका सुबह के समय हुआ। इससे तीन दिन पहले यानी 29 दिसंबर को भी अफगानिस्तान के तालुकन प्रोविंस में धमाका हुआ था। जिसमें 4 लोग घायल हो गए थे। इससे पहले 26 दिसंबर को भी एक बादाखशान प्रोविंस में हुए धमाके में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी।

  • बुजुर्ग के प्राइवेट पार्ट में फंसा बम, अस्पताल में मचा हड़कंप, जाने फिर…

    बुजुर्ग के प्राइवेट पार्ट में फंसा बम, अस्पताल में मचा हड़कंप, जाने फिर…

    नई दिल्ली: फ्रांस में कुछ दिनों पहले हैरतअंगेज मामला सामने आया, जिसे देखकर डॉक्टरों की भी रूह कांप गई। 88 साल के एक बुजुर्ग अस्पताल पहुंचे और उन्होंने डॉक्टरों को बताया कि उनके प्राइवेट पार्ट में फर्स्ट वर्ल्ड वॉर का बम फंसा हुआ है। जैसे ही डॉक्टरों ने यह सुना, वहां अफरा-तफरी मच गई और अस्पताल को खाली कराना पड़ गया। बाद में उन्होंने कर्मचारियों को समझाया कि यह बम डिएक्टिव है और वह कलेक्शन का पार्ट है। यह घटना टॉलन शहर के सेंट मुसे अस्पताल की है। एहतियात के तौर पर कर्मचारियों ने कुछ मरीजों को इमारत से बाहर निकाल दिया और बम निरोधक दस्ते को सूचित किया।

    एक कर्मचारी ने लोकल न्यूजपेपर को मामले की जानकारी दी। उसने कहा, ‘हम लोगों के शरीर में कई बार अजीबोगरीब चीजों को फंसे हुए देखते हैं जैसे आम, सेब इत्यादि। लेकिन बम तो कभी नहीं।’ बुजुर्ग के अस्पताल पहुंचने के बाद वहां से कई मरीजों को निकाला गया और आने वाले अन्य मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल जाने को कहा गया।

    जब बम दस्ते की ओर से इस बात की पुष्टि हो गई कि बम डिफ्यूज है और वह ब्लास्ट नहीं होगा तब डॉक्टरों ने बुजुर्ग की सर्जरी की और बम को बाहर निकाला। दरअसल बम बुजुर्ग के रेक्टम यानी मलाशय में फंस गया था, जिसके बाद उनके पेट का ऑपरेशन किया गया। बम की लंबाई 20 सेमी और चौड़ाई 6 सेमी थी। अपने भाई के घर से बुजुर्ग को यह बम मिला था। उनका ऑपरेशन सफल रहा और अब वह रिकवरी कर रहे हैं।

    1900 की शुरुआत में फ्रांसीसी सैनिक इस बम का इस्तेमाल करते थे। पहले वर्ल्ड वॉर में यह बम कलेक्शन का हिस्सा था। खबरों के मुताबिक बुजुर्ग यौन सुख (Sexual Pleasure) के लिए बम का इस्तेमाल कर रहा था और वह उनके अंदर ही फंस गया। साल 2021 में ब्रिटेन में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। ऐसी ही समस्या के साथ एक शख्स अस्पताल गया था। उसके शरीर में सेकंड वर्ल्ड वॉर का बम फंसा था।  

  • भयानक एक्सीडेंट दौरान 4 भारतीय छात्रों की मौत

    भयानक एक्सीडेंट दौरान 4 भारतीय छात्रों की मौत

    मॉस्‍को: रूस के कब्‍जे वाले क्रीमिया में वीरवार देर रात को एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां पर उस समय चार भारतीय छात्रों की मौत हो गई जब उनकी गाड़ी एक पेड़ से जा टकराई। हादसा काफी भयानक था और छात्रों की मौत मौके पर ही हो गई थी। क्रीमिया के सिम्‍फरोपोल में यह एक्‍सीडेंट हुआ था। रूस की सरकारी न्‍यूज एजेंसी रिया नोवोस्‍ती की तरफ से इस खबर की पुष्टि की गई है। क्रीमिया के गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

    ड्राइवर के संतुलन खोने से पेड़ से टकराई गाड़ी

    जिन चार छात्रों की मौत हुई है उनमें से दो छात्र मेडिकल के तीसरे ईयर की पढ़ाई कर रहे थे। वहीं दो छात्र चौथे साल की पढ़ाई कर रहे थे। शुरुआती जानकारी में कहा गया है कि जिस कार के साथ यह हादसा हुआ वह रेनो की लोगान थी। इस कार को क्रीमिया में सेंट सिम्‍फोरोपोल की ओर सर्गेव-त्सेंस्की स्ट्रीट से ड्राइव किया जा रहा था। उसी समय ड्राइवर ने अपना संतुलन खो दिया। इसी समय कार पेड़ से टकरा गई। क्रीमिया पर रूस ने साल 2014 में कब्‍जा किया था। इसके बाद से ही रूस इसे प्रशासित करता आ रहा है।

    अभी तक छात्रों के नामों की नहीं हुई पहचान

    अभी तक यह पता नहीं लग सका है कि इन छात्रों का नाम क्‍या था और ये कहां के रहने वाले थे। क्रीमिया में भारी संख्‍या में भारतीय छात्र पढ़ते हैं। यहां पर कई मेडिकल यूनिवर्सिटीज हैं जो भारतीय छात्रों की फेवरिट हैं। इस साल जब से रूस और यूक्रेन की जंग शुरू हुई तो उस समय से क्रीमिया की यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वाने भारतीय छात्रों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। छात्रों के परिवार वालों को जानकारी दे दी गई है।

    जानें क्रीमिया में कितने छात्र

    16 मई 2022 तक क्रीमिया की यूनिवर्सिटीज में 2320 भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। 300 छात्र कैंपस में थे। इस साल 895 छात्रों ने एडमिशन लिया था जिसमें से 83 छात्र पांचवें साल में थे। बहुत से छात्रों ने ऑनलाइन क्‍लासेज के लिए अप्‍लाई किया था और वो तब तक भारत में रहकर पढ़ाई करना चाहते हैं जब तक कि रूस-यूक्रेन का युद्ध खत्‍म नहीं हो जाता।

  • 3 वर्ल्ड कप जीतने वाले इस दिग्गज खिलाड़ी का हुआ निधन

    3 वर्ल्ड कप जीतने वाले इस दिग्गज खिलाड़ी का हुआ निधन

    नई दिल्लीः फुटबॉल के महान खिलाड़ी पेले का 82 साल की उम्र में निधन हो गया। ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर पेले कैंसर से जूझ रहे थे। उन्हें इसी महीने कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। पेले ने भले ही इस दुनिया अलविदा कह दिया हो, लेकिन वे फैंस के दिलों में हमेशा मौजूद रहेंगे। पेले ने अपने फुटबॉलर करियर के दौरान कई रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा।

    पेले ब्राजील के साथ-साथ पूरे विश्व के फुटबॉल फैंस के चेहते रहे हैं। उन्होंने ब्राजील को तीन बार चैंपियन बनाया था। पेले ने 1958, 1962 और 1970 में ब्राजील को विश्वकप में जीत दिलाई। वे तीन बार फुटबॉल विश्वकप जीतने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं। पेले के इस रिकॉर्ड को तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा। दिलचस्प बात यह भी है कि उन्होंने चार बार विश्वकप खेला और तीन बार इसके विजेता बने। दिग्गज फुटबॉलर पेले ने फीफा विश्वकप 1958 के फाइनल मुकाबले में स्वीडन के खिलाफ दो गोल किए थे। यह पेले के लिए ऐतिहासिक मुकाबला रहा। ब्राजील चैंपियन बना।

    अगर पेले के ओवर ऑल करियर की बात करें तो उन्होंने कुल 1363 प्रोफेशनल मुकाबलों में 1283 गोल दागे। उन्होंने ब्राजील के लिए 92 मैच खेले और 77 गोल किए। पेले ने एक बेहतरीन और यादगार करियर को 1977 में विराम दिया। उन्होंने 1977 में इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास ले लिया था। गौरतलब है कि फीफा विश्वकप 1958 में ब्राजीला ने सेमीफाइनल मैच फ्रांस के खिलाफ खेला था. इस मुकाबले में ब्राजील ने हाफ टाइम तक 2-1 की बढ़त बना ली थी. इसके बाद पेले ने हैट्रिक बना दी. वे फीफा विश्वकप के इतिहास में हैट्रिक करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए थे. ब्राजील ने सेमीफाइनल मुकाबले में 5-2 से जीत दर्ज की और फ्रांस को हारकर टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा था.

  • बस और ट्रक की टक्कर के बाद टनल में भीषण आग, 6 लोगों की मौत, 37 घायल, देखें वीडियो

    बस और ट्रक की टक्कर के बाद टनल में भीषण आग, 6 लोगों की मौत, 37 घायल, देखें वीडियो

    सियोलः साउथ कोरिया के ग्वाचियान शहर में भयानक सड़क हादसा हो गया। यहां एक्सप्रेस-वे टनल से गुजर रही एक बस अचानक ट्रक से टकरा गई। इसके तुरंत बाद धमाका हुआ, जिससे टनल में आग लग गई। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। 37 लोग घायल हो गए। नेशनल फायर एजेंसी के मुताबिक, घायलों में तीन की हालात गंभीर है। ट्रक में कौन-सा सामान था और बस में कितने यात्री सवार थे, इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है। घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें घटनास्थल पर धुएं का गुबार देखा जा सकता है।

    लोग नहीं ले पा रहे थे सांस 

    घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची। एक दमकल अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने कहा- हम टनल में लोगों की तलाश कर रहे हैं। कई लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। हमने 20 लोगों को रेस्क्यू किया है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

    अक्टूबर में 153 लोगों की हुई थी मौत

    29 अक्टूबर को सियोल में हैलोवीन फेस्टिवल के दौरान भगदड़ मच गई थी। इटावोन टाउन में हुए इस हादसे में 151 लोगों की मौत हुई थी। मृतकों में ज्यादातर 18-20 साल के युवा थे। 19 विदेशी नागरिक थे। इनमें 3 चीन के नागरिक थे। 2 हजार से ज्यादा लोग लापता हो गए थे। पुलिस के मुताबिक, संकरी गली में लाखों लोगों के जमा होने के बाद भगदड़ मची।

  • भड़के रूस ने यूक्रेन में मचाई तबाही, एक दिन में दागी 100 से अधिक मिसाइलें

    भड़के रूस ने यूक्रेन में मचाई तबाही, एक दिन में दागी 100 से अधिक मिसाइलें

    कीवः रूस ने वीरवार सुबह यूक्रेन में ऐसी तबाही मचाई कि चारों ओर दहशत फैल गई। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव के ऊपर 100 से अधिक मिसाइलें दागी हैं। धमाकों की आवाज सुनकर लोग इधर उधर भागते दिखाई दिए। राष्ट्रपति कार्यालय के सलाहकार ओलेक्सी एरेस्टोविक ने जहां फेसबुक पर इस हमले की जानकारी दी तो वहीं यूक्रेन के मायकोलाइव क्षेत्र के प्रमुख ने भी हवा में रूसी मिसाइलों की सूचना दी। रॉयटर्स संवाददाता और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कीव, जाइटॉमिर और ओडेसा में कई धमाके सुने गए।

    वहीं ओडेसा और निप्रॉपेट्रोस क्षेत्रों में बिजली कटौती की घोषणा की गई, जिसका उद्देश्य ऊर्जा बुनियादी ढांचे को संभावित नुकसान को कम करना था। इस हमले के बाद से यूक्रेनी शहर ल्वीव में बिजली संयंत्र काम नहीं कर रहे जिसकी वजह से पूरा शहर अंधेरे में दिखाई दिया। यूक्रेन के एयरफोर्स के अधिकारियों ने कहा है कि रूस ने यह हमला स्ट्रेटेजिक एयरक्राफ्ट से समुद्र और जमीन पर मार करने वाली क्रूज मिसाइलों से किया है।

    राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के सलाहकार ओलेकसी ने कहा, ‘ रूस की ओर से भीषण हवाई हमला किया गया। 100 से ज्‍यादा मिसाइलों की बारिश की गई।’ कीव के अलावा, झयतोमयर और ओडेसा में भी जोरदार धमाके सुने गए। कई शहरों में बिजली काट दी गई। इससे पहले यूक्रेन ने लावरोव के अल्‍टीमेटम के जवाब में एक शांति योजना दी थी। यूक्रेन की इस योजना को रूस ने खारिज कर दिया था। रूस ने कहा कि जेलेंस्‍की रूस की ओर से यूक्रेन के 4 अलग किए गए हिस्‍सों के सत्‍य को स्‍वीकार कर लें।

    बुधवार को भी रूस ने 33 मिसाइलें दागी थीं

    इससे पहले भी रूस ने बुधवार तड़के 24 घंटे में खेरसान में नागरिक ठिकानों पर कई रॉकेट लॉन्चरों से 33 मिसाइलें दागीं। हालांकि, रूस ने नागरिकों को निशाना बनाने से इन्कार किया। यूक्रेन के कब्जे वाले शहर बखमुत के आसपास भी भारी लड़ाई जारी रही।  यूक्रेनी सोशल मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि पड़ोसी देश बेलारूस में तैनात रूसी जेट विमानों के उड़ान भरने के बाद राष्ट्रव्यापी अलर्ट घोषित किया जा सकता है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दोनेत्स्क प्रांत के रणनीतिक पूर्वी शहर बखमुत और उत्तर में लुहांस्क प्रांत के स्वातोव के आस-पास लड़ाई विशेष रूप से तेज थी।

    इससे पहले रूस ने 16 दिसंबर को 70 मिसाइलें दागी थीं

    इससे पहले रूस ने 16 दिसंबर को 70 मिसाइलें दागकर यूक्रेन के तीन शहरों को तबाह कर दिए थे। क्रिवी रिह रिहायशी इलाके में मिसाइल अटैक से एक रहवासी इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हुई थी। वहीं, खारसोन में शेलिंग में एक व्यक्ति की जान गई थी।

  • पाकिस्तान मेें हिंदू महिला का बेरहमी से कत्ल, धड़ से अलग की गर्दन

    पाकिस्तान मेें हिंदू महिला का बेरहमी से कत्ल, धड़ से अलग की गर्दन

    सिंधः पाकिस्तान के सिंध से विधवा महिला की हत्या का एक घिनौना मामला सामने आया है। जहां एक 40 वर्षीय हिंदू महिला की हत्या कर दी गई है। हत्या इतनी बर्बर तरह से की गई कि अज्ञात हत्यारे ने महिला का सिर तन से जुदा कर दिया, उसके खाल को छील दिया और छाती के पार्ट भी काट दिए। दिल को दहला देने वाली यह घटना सिंध के सिंझोरो की है, जहां महिला की पहचान हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय की दया भील के रूप में हुई है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विधवा महिला की बॉडी बहुत ही बुरी हालत में सरसों के खेत से बरामद की गई। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, महिला के शव से सिर और छाती के पार्ट अलग थे और उसकी खाल छिली हुई थी। यह खबर सामने आने के बाद बुधवार सुबह हिंदू सीनेटर कृष्णा कुमारी सिंझोरों पहुंचीं।

    पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

    खबरों के बाद हरकत में आई पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और महिला के शव को बरामद कर पोस्ट मार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। सिंझोरो और शाहपुरचक्कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मृत महिला के घर भी पूछताछ के लिए पहुंची।

    पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आई, हत्यारे को जल्द पकड़ेंगे

    रिपोर्ट के मुताबिक, विधवा महिला दया भील की बर्बर हत्या का स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया। संघर जिले के पिपल्स पार्टी ऑफ माइनॉरिटजी विंग के रिप्रेजेंटेटिव भी मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस ने उन्हें मामले की जानकारी दी और बताया कि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आ गई है और जल्द ही हत्यारे को पकड़ लिया जाएगा।

  • कोहरे के कारण पुल पर बड़ा हादसा, 200 से अधिक वाहनों की टक्कर, देखें वीडियो

    कोहरे के कारण पुल पर बड़ा हादसा, 200 से अधिक वाहनों की टक्कर, देखें वीडियो

    हेनानः अत्यधिक धुंध की स्थिति के कारण हेनान प्रांत के मध्य चीनी शहर झेंग्झौ में एक पुल पर दर्जनों वाहनों के  दुर्घटनाग्रस्त होने का मामला सामने आया है।  सोशल मीडिया पर तस्वीरों और वीडियो में झेंगक्सिन हुआंगे पुल पर कई कारों और ट्रकों को एक-दूसरे के दूसरे में घुसे हुए और ढेर होते देखा जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्घटनास्थल पर कई लोग घायल हो गए और दमकल विभाग पुल राहत और बचाव कार्य में लगा था।

    स्थानीय टेलीविजन के अनुसार, घटनास्थल पर पहुंचे बचाव दल का प्रारंभिक अनुमान है कि दुर्घटना 200 से अधिक वाहन शामिल थे। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। झेंग्झौ यातायात अधिकारियों द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, दो घंटे पहले कोहरे के मौसम के कारण स्थानीय यातायात पुलिस ने सभी वाहनों को पुल से गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया था। सीसीटीवी ने बताया कि झेंगक्सिन हुआंगे ब्रिज की मिडिल लाइन के पास नॉर्थ-से-साउथ और साउथ-से-नार्थ दिशाओं में कई टक्करें हुईं। झेंग्झौ और पड़ोसी शिनजियांग को जोड़ने वाला झेंगक्सिन हुआंगे ब्रिज पीली नदी के पार एक प्रमुख ओवरपास है।