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  • दिल्ली में फिर खराब हुई हवा की गुणवत्ता, इन इलाकों में 300 के पार पहुंचा AQI

    दिल्ली में फिर खराब हुई हवा की गुणवत्ता, इन इलाकों में 300 के पार पहुंचा AQI

    नई दिल्ली: राजधानी की हवा लगातार खराब श्रेणी में बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सुबह 7 बजे हवा की गुणवत्ता 338 दर्ज की। यह आंकड़ा शुक्रवार को 385 के स्तर थोड़ा ठीक है परंतु इस पूरे महीने ही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार ज्यादा ही है। बीते दिन शहर का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 369 था जिसके कारण दिल्ली में आधे महीने तक हवा की गुणवत्ता बहुत खराब रही।

    300 के पार पहुंचा एक्यूआई

    दिल्ली का ओवरऑल एक्यूआई इस समय 341 पहुंच चुका है। आज सुबह सबसे ज्यादा एक्यूआई नरेला में 387 दर्ज किया गया। यह प्रदूषण की सबसे खतरनाक श्रेणी में आता है। इसके अलावा सबसे कम NSIT द्वारका में 249 एक्यूआई दर्ज किया गया है। इसके अलावा आनंद विहार में 354, अशोक विहार में 347, बवाना में 364, बुराड़ी में 347, चांदनी चौक में 351, द्वारका सेक्टर 8 में 368 एक्यूआई दर्ज किया है। यह पॉल्यूशन की बहुत खराब श्रेणी में आता है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। कुछ इलाकों में कोहरा और धुंध भी इस दौरान नजर आई।

    प्रदूषण ने बढ़ाई लोगों की चिंता

    मौसम विभाग के अनुसार, अभी आने वाले हफ्ते में भी हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं होगा ऐसा इसलिए क्योंकि मौसम के कारण प्रदूषण फैलाने वाले तत्व लगातार खराब बने हुए हैं। ऐसे में दिल्ली में प्रदूषित हवा से अभी लोगों को राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग और एयर क्वालिटी एजेंसियों का कहना है कि अगले पूरे हफ्ते तक हालात ऐसे ही रहेंगे।

    स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ी

    बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी बढ़ गई है। ज्यादा परेशानी बच्चे, बुजुर्ग और सांस के मरीजों को हो रही है। प्रदूषण से दिल्ली के हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोगों ने घर से टहलने के लिए निकलना बंद कर दिया। डॉक्टर भी लोगों से अपील कर रहे हैं कि बिना वजह के घर से न निकलें। अगर जरुरी है तो मास्क लगाकर जाएं। दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर वाले इलाकों में भी एक्यूआई खराब श्रेणी में बना हुआ है।
  • Delhi में नहीं सुधर रही हवा की गुणवत्ता, बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंचा AQI, लोगों की बढ़ी मुश्किलें

    Delhi में नहीं सुधर रही हवा की गुणवत्ता, बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंचा AQI, लोगों की बढ़ी मुश्किलें

    नई दिल्ली: राजधानी में रविवार को भी जहरीली हवा से राहत नहीं मिली। 10वें दिन भी लगातार एयर क्वालिटी बहुत खराब श्रेणी में बनी रही। सुबह शहर का औसत एक्यूआई 380 दर्ज हुआ है। शनिवार की तुलना में यह एक्यूआई थोड़ा ज्यादा था। कई क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच चुका है। इसके कारण लोगों को सांस लेने में मुश्किल हो रही है। Read in English:
    Toxic Smog Chokes Delhi as AQI Hits 381 Despite GRAP-IV Measures
    सुबह 7:15 बजे जहांगीरपुरी का एक्यूआई 438 दर्ज हुआ जो गंभीर श्रेणी में है। बवाना (431), आनंद विहार (427) और अशोक विहार (421) जैसे इलाके भी प्रदूषण का हॉटस्पॉट बने हुए है। इन आंकड़ों से साफ हो चुका है कि दिल्ली के कई इलाकों में हवा बहुत खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी है।

    दिल्ली से सटे इलाकों में एक्यूआई का स्तर बेहद खराब

    दिल्ली से सटे हुए इलाके जैसे एनसीआर में भी हालात बहुत डराने वाले हैं। नोएडा का एक्यूआई 396 रहा है। यह बेहद गंभीर श्रेणी की ओर बढ़ रहा है। ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 380 था जो बहुत खराब श्रेणी में रहा है। गाजियाबाद का एक्यूआई 426 के साथ गंभीर श्रेणी में रहा है। गुरुग्राम में 286, फरीदाबाद की हवा (228) की हवा थोड़ी बेहतर जरुर रही लेकिन दोनों शहर खराब श्रेणी में दर्ज हुआ है। सुबह के समय एनसीआर में हल्की धुंध भी छाई रही जिससे दृश्यता और हवा की गुणवत्ता दोनों प्रभावित हुई।

    ग्रैप में बदलाव के बाद भी नहीं सुधरे हालात

    बिगड़े हालातों को देखते हुए शनिवार की वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रैप नियमों को और सख्त करते हुए कई प्रतिबंधों को पहले चरण में ही लागू करने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि अब जैसे-जैसे एक्यूआई बढ़ेगा। पाबंदियां पहले की तुलना में जल्दी लागू हो जाएगी। इस मुख्य कदमों में निर्बाध बिजली आपूर्ति को सुनिश्चित करना भी शामिल है ताकि डीजल जनरेटर के इस्तेमाल की जरुरत न पड़े। ट्रैफिक जाम वाले इलाकों में एक्स्ट्रा कर्मियों की तैनाती, टीवी-रेडियो, अखबारों के जरिए प्रदूषण अलर्ट जारी करना और सीएनज और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाना भी इसमें शामिल है।

    कर्मचारियों को मिला वर्क फ्रॉम हॉम

    स्टेज-III के कई नियम अब स्टेज-II में भी लागू होंगे। इसमें दिल्ली और एनसीआर के सरकारी और निजी दफ्तरों में वर्किंग आवर्स की व्यवस्था भी शामिल है। ऐसे ही स्टेज-4 के अंतर्गत लागू होने वाले 50% स्टाफ उपस्थिति के नियम अब स्टेज-III में लागू होंगे। दिल्ली सरकार ने निजी दफ्तरों को 50% कर्मियों के साथ काम करने और बाकी स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति देने का निर्देश दिया है। लगातार बिगड़ती हुई हवा के बीच एक्सपर्ट्स का यह कहना है कि आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं ऐसे में सख्त कदम उठाने जरुरी हो गए हैं।
  • Delhi की हवा नहीं हो रही साफ, 450 के पार पहुंचा AQI, लोगों को हुई परेशानी

    Delhi की हवा नहीं हो रही साफ, 450 के पार पहुंचा AQI, लोगों को हुई परेशानी

    नई दिल्ली: राजधानी में प्रदूषण का स्तर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन चुका है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत ही खराब श्रेणी में दर्ज हुआ है। वहीं कम से कम 20 मॉनिटरिंग स्टेशन पर एक्यूआई सीवियर कैटेगरी में दर्ज किया गया है। कई इलाकों में एक्यूआई 450 के पार भी पहुंच चुका है।

    इन इलाकों में 450 के पार पहुंचा एक्यूआई

    दिल्ली का वजीरपुर सबसे प्रदूषित इलाका साबित हुआ है। वहां पर एक्यूआई 477 दर्ज हुआ है। इसके अलावा जहांगीरपुरी में 451, रोहिणी में 449, मुंडका में 446, अशोक विहार में 444, पंजाबी बाग में 439, विवेक विहार में 436, नेहरु नगर में 431, आरके पुरम में 423, आनंद विहार में 420, चांदनी चौक में 418, नॉर्थ कैंपस में 416, सिरी फोर्ट में 412, द्वारका में 411, सोनिया विहार में 410, आईटीओ में 400, इंडिया गेट क्षेत्र में 400 एक्यूआई रहा है जो सबसे खराब कैटेगरी में दर्ज होता है।

    नोएडा-गाजियाबाद की हवा भी हुई खराब

    दिल्ली के अलावा यूपी के गाजियाबाद और नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता सीवियर कैटेगरी में बनी हुई है। गाजियाबाद में आज सुबह एक्यूआई 430 और नोएडा में 408 दर्ज हुआ है। बढ़े हुए एक्यूआई स्तर के कारण लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। लोगों का कहना है कि प्रदूषण इतना है कि सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। मास्क भी लगाना पड़ता है क्योंकि एक्यूआई बहुत ज्यादा है और इसके कारण अब बाहर निकलना ही कम कर दिया है।

    सुबह-शाम के धुएं ने बढ़ाई चिंता

    दिल्ली और एनसीआर में सुबह और शाम के समय हालात सबसे ज्यादा खराब होते दिख रहे हैं। कम तापमान और धीमी हवा के कारण धुआं नीचे ही अटक जाता है और लोगों को भारीपन, आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानियां होनी लगती है। सड़कों पर लोगों के लिए सफर करना मुश्किल हो जाता है। कुछ इलाकों में लोगों ने यह भी बताया कि कुछ मीटर दूर तक भी हवा साफ नहीं दिख रही है। ऐसे में यह साफ हो चुका है कि फिलहाल अभी हवा में कोई सुधार नहीं होगा।

    दिल्ली में बिगड़ेंगे हालात

    मौसम विभाग ने बताया कि अगले 48 घंटों में हवा की रफ्तार बहुत ही कम रहने वाली है। इसके कारण स्मॉग और भी घनी हो सकती है। ग्रैप-4 के अंतर्गत पहले से लागू पांबदियां चल रही है परंतु अभी तक कोई नई सख्ती या राहत की घोषणा सरकार के द्वारा नहीं की गई है।
  • Delhi में बढ़ते प्रदूषण के चलते जारी हुआ रेड अलर्ट! इन इलाकों में AQI पहुंचा 400 के पार

    Delhi में बढ़ते प्रदूषण के चलते जारी हुआ रेड अलर्ट! इन इलाकों में AQI पहुंचा 400 के पार

    नई दिल्ली: राजधानी में प्रदूषण का बढ़ता स्तर लोगों के लिए परेशानी बन चुका है। ज्यादातर इलाकों में एक्यूआई 400 के पार दर्ज हुआ है। सरकार के कई प्रयासों के बाद भी कुछ ज्यादा असर देखने को नहीं मिल रहा है। हवा खराब होने के कारण लोगों की कई तरह की दिक्कतें भी हो रही हैं। पॉल्यूशन के साथ-साथ सर्दी का असर भी दिख रहा है। प्रदूषण की मोटी चादर ने दिल्ली के वातावरण को ढक दिया है।

    इस इलाके में 444 पहुंचा एक्यूआई

    प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्ग और सांस की गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को हो रहा है। समीर ऐप के अनुसार, बुधवार सुबह 6 बजे बवाना का एक्यूआई सबसे ज्यादा 444 रिकॉर्ड हुआ है। सबसे कम एक्यूआई लोधी रोड में 327 है। 38 इलाकों में प्रदूषण का रेड अलर्ट जारी है। इन इलाकों में एक्यूआई 300 से 500 के बीच बना हुआ है। अलीपुर का एक्यूआई 383, आनंद विहार का एक्यूआई 417, अशोक विहार का एक्यूआई 433, आया नगर का एक्यूआई 373 और बुराड़ी क्रॉसिंग का एक्यूआई 389 दर्ज हुआ है।

    खतरनाक स्तर पर पहुंचा एक्यूआई

    इसके अलावा चांदनी चौक में 438 एक्यूआई, मथुरा रोड में 379 एक्यूआई, द्वारका सेक्टर में 385, आईजीआई एयरपोर्ट का 341, जहांगीरपुर का एक्यूआई 442, जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम का एक्यूआई 379, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम का एक्यूआई 351 दर्ज हुआ है।

    ऐसा रहेगा मौसम

    दिल्ली के मौसम की बात करें तो विभाग के अनुसार, आज मध्यम कोहरा रहने की संभावना जताई जा रही है। अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक पहुंच सकता है। आने वाले 2 दिन में मौसम में बदलाव के कोई खास संकेत नहीं दिख रहे हैं। एनसीआर में भी प्रूदषण की लगभग ऐसी ही स्थिति रहेगी। वहीं बढ़ते हुए प्रदूषण को देखते हुए डॉक्टरों ने भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। क्योंकि बढ़ते प्रदूषण के चलते लोगों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, गले में खराश जैसी दिक्कतें हो रही हैं।
  • दिल्ली की हवा नहीं हो रही साफ, एक बार फिर इन इलाकों में 400 के पार पहुंचा AQI

    दिल्ली की हवा नहीं हो रही साफ, एक बार फिर इन इलाकों में 400 के पार पहुंचा AQI

    नई दिल्ली: राजधानी की हवा अभी भी साफ नहीं हो रही। अभी भी दिल्ली-एनसीआर में आसमान स्मॉग की चादर से ढका हुआ है। रविवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स बहुत ही खराब स्थित में दर्ज हुई है। इस दौरान 18 इलाकों का एक्यूआई 400 के पार दर्ज हुआ है। एनसीआर के शहरों में हवा प्रदूषित बन गई है। यहां भी 300 से 400 के बीच में एक्यूआई बना हुआ है। कमिश्न फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट के निर्देश पर दिल्ली में ग्रैप-3 की पाबंदियां भी लागू हो गई हैं। हवा के खराब स्तर पर पहुंचने के बाद इसे लागू कर दिया गया है। 300-400 के बीचे एक्यूआई होने पर ग्रैप-3 लागू किया जाता है। आज दिल्ली का एक्यूआई 385 दर्ज किया गया है। दिल्ली में अभी भी कई इलाकों का एक्यूआई 400 के पार बना हुआ है। ऐसे में शनिवार को भी ग्रैप-3 नहीं हटाया गया।

    नोएडा-गाजियाबाद में इतना है एक्यूआई

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समीर ऐप के मुताबिक, रविवार को दिल्ली में सबसे ज्यादा एक्यूआई बवाना में 438, डीटीयू में 437 और वजीरपर में 433 दर्ज हुआ है। एनसीआर के शहरों में नोएडा का एक्यूआई आज 397 दर्ज किया गया है। वहीं ग्रेटर नोएडा में हवा का स्तर खराब रहा है। यहां पर एक्यूआई 430 रिकॉर्ड हुआ है। गाजियाबाद में एक्यूआई 427 यानी की गंभीर स्तर पर रहा है। गुरुग्राम में 311 और फरीदाबाद में 262 एक्यूआई दर्ज हुआ है।

    एक्यूआई का स्तर होगा और भी खराब

    दिल्ली में 3 दिन पहले औसत एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया था। वहीं 11 नवंबर को राजधानी का औसत एक्यूआई 425 और 12 नवंबर को एक्यूआई 408 दर्ज हुआ है। इसके बाद हवा में थोड़ा सुधार हुआ और गंभीर से स्थिति बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई परंतु अभी भी हवा जहरीली ही है। आने वाले दिनों में यह और भी खतरनाक स्तर पर पहुंच सकती है। आने वाले हफ्ते में प्रदूषण गंभीर से गंभीर स्तर पर पहुंच सकता है। हवा में प्रदूषण का कारण पराली बताया जा रहा है। दिल्ली के प्रदूषण में बीते दिन पराली का हिस्सा 16.36 फीसदी रहा। वही आज यह बढ़कर करीबन 28 फीसदी तक पहुंच सकता है।
  • दिल्ली की हवा में सांस लेना हुआ मुश्किल, Grap-3 लागू होने के बाद भी नहीं सुधरे हालात

    दिल्ली की हवा में सांस लेना हुआ मुश्किल, Grap-3 लागू होने के बाद भी नहीं सुधरे हालात

    नई दिल्ली: देश की राजधानी की हवा इन दिनों इतनी खराब हो गई है कि सांस लेना मुश्किल हो गया है। नवंबर में बढ़ती हुई ठंड के साथ-साथ जहरीली हवा ने भी आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बुधवार यानी की आज एक्यूआई 722 पहुंच चुका है। यह एक्यूआई बहुत ही खतरनाक स्तर की कैटेगरी में आता है। राजधानी में ग्रैप 3 लागू होने के बाद भी कोई असर नहीं हुआ। तापमान में गिरावट होने के साथ ही धुंध और कोहरे का भी असर दिखा है। राजधानी का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26 के आस-पास दर्ज हुआ है। सुबह-शाम ठंड बढ़ेगी वहीं प्रदूषित हवा के कारण अगली 3-4 दिन भी लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

    एक्यूआई का स्तर हुआ खराब

    दिल्ली में बिगड़ते हुए हालात को देखते हुए मंगलवार को ग्रैप-3 लागू हो गया था। इसमें कंस्ट्रक्शन भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया। इसके अलावा डीजल वाहन, बीएस-3 और बीएस-4 वाहनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके बाद भी आज सुबह एक्यूआई 722 तक पहुंच गया है। यह एक्यूआई सबसे खराब कैटेगरी में आता है। केंद्रीय प्रूदषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार पीएम 10 की स्थिति के काऱण से एक्यूआई सुधर नहीं रहा। पीएम 25 का लेवल 539 और पीएम 10 का लेवल 722 पहुंच गया है। यह फेफड़ों के लिए बहुत खतरनाक है। इसके बाद NO2-46, SO2, O3-4 और co-33 का स्तर थोड़ा राहत देने वाला है। हवा में छोटे कण इसे बिल्कुल जहर बना रहे हैं। दिल्ली के आनंद बिहार में एक्यूआई 412, अलीपुर में 415 और बवाना में 436 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया था। इसे सबसे खराब श्रेणी में माना जाता है परंतु अभी पूरी दिल्ली इसकी चपेट में आ गई है। हवा की गति कम रहने के कारण प्रदूषण के कण कम नहीं हो रहे ऐसे में अगले 3-4 दिनों में ऐसे ही हालात बने रहने का अनुमान जताया है।

    जहरीली हवा से नहीं मिलेगी राहत

    मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज हुआ है। वहीं अधिकतम तापमान 26 डिग्री पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। सुबह शाम धुंध और कोहरे के कारण ठंड बढ़ सकती है। इसके अलाा हवा की गति भी 5 किमी/घंटा के आस-पास रहेगी जिसके कारण नमी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश की अगले हफ्ते तक भी कोई संभावना नहीं है। ऐसे में लोगों को अभी भीजहरीली हवा से राहत नहीं मिलेगी।
  • Air India की फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी, मंगोलिया में करवानी पड़ी Emergency Landing

    Air India की फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी, मंगोलिया में करवानी पड़ी Emergency Landing

    नई दिल्ली: एयर इंडिया की फ्लाइट में खराबी आ गई है। फ्लाइट का नंबर AI174 था जो कि सैन फ्रांसिस्को से दिल्ली जा रही थी। बीच रास्ते में तकनीकी गड़बड़ी आने के कारण फ्लाइट को उलानबातर मंगोलिया में एहतियाती तौर पर लैंड करवाना पड़ा। फ्लाइट क्रू को उड़ान के दौरान एक संभावित तकनीकी समस्या का संदेह हुआ। इसके बाद सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने विमान को मंगोलिया के उलानबातर एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला लिया। एयर इंडिया के मुताबिक, वह अपने साझेदारों के साथ मिलकर यात्रियों की सुविधा को देखने की कोशिश कर रही है। जल्द से जल्द सभी को उनके गंतव्य दिल्ली पहुंचाने की कोशिश कर रही है। कोलकाता होते हुए उड़ान संख्या AI174 उलानबटोर में सुरक्षित तौर पर उतार दिया गया है। अभी फ्लाइट की तकनीकी जांच चल रही है।

    एयर इंडिया ने मांगी माफी

    एयर इंडिया के एक अधिकारी ने कहा कि – ‘इस आपातकालीन स्थिति के कारण यात्रियों को जो असुविधा हुई है उसके लिए हमें खेद है। हम सभी यात्रियों की मदद के लिए सहयोगियों के साथ में मिलकर काम कर रहे हैं। एयर इंडिया में यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारे लिए सबसे ऊपर है’।

    रास्ते में आई तकनीकी समस्या

    एयर लाइन ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि – ‘2 नवंबर को सैन फ्रांसिस्को से कोलकाता होते हुए दिल्ली जा रहे विमान AI174 को मंगोलिया के उलानबटोर में एहतियातन तौर पर उतारा गया है क्योंकि उड़ान चालक दल को रास्ते में तकनीकी समस्या का संदेह हुआ था। विमान उलानबटोर में सुरक्षित तौर पर उतर गया है और जरुरी जांच जारी है’। एयरलाइन ने पोस्ट में आगे लिखा है कि- ‘हम सभी यात्रियों की मदद के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और साथ ही सभी को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण यात्रियों की जो भी असुविधा हुई है उसके लिए हमें खेद है’।  
  • एक बार फिर खराब हुई दिल्ली की हवा, इन इलाकों में 400 से पार पहुंचा AQI

    एक बार फिर खराब हुई दिल्ली की हवा, इन इलाकों में 400 से पार पहुंचा AQI

    नई दिल्ली: राजधानी में हवा की गुणवत्ता रविवार को फिर से बहुत ही खराब हो गई है। सुबह-सुबह कोहरे और कम हवा की गति के कारण प्रदूषकों का फैलाव नहीं हो पाया है। इसके कारण दिल्ली के कई इलाके ऐसे हैं यहां एक्यूआई गंभीर स्तर को पार कर गया है। दिल्ली के वजीरपुर में 432, आरके पुरम में 425 एक्यूआई दर्ज किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली का एक्यूआई 377 दर्ज किया गया है। यह एक्यूआई शनिवार के 233 और शुक्रवार के 218 से काफी ज्यादा है। उत्तरी दिल्ली के वजीरपुर और दक्षिण दिल्ली का आरके पुरम सबसे प्रदूषित इलाका रहा है। यहां पर एक्यूआई 432 और 425 दर्ज किया गया है।

    400 के पार हुआ एक्यूआई

    सीपीसीबी के समीर ऐप के अनुसार, बुराड़ी (412), बवाना(413), द्वारका सेक्टर-8(407), जहांगीरपुरी (402), मुंडका (404), नेहरु नगर (403), पंजाबी बाग (403), पूसा (404), चांदनी चौक (414), रोहिणी (415), सिरी फोर्ट (403) और विवेक विहार (407) और विवेक विहार (407) जैसे कई इलाकों का भी एक्यूआई गंभीर श्रेणी में पहुंच चुका है। सिर्फ तीन एनसीईटी द्वारा (254), आईएचबीएएस, दिलशाद गार्डन (270) और दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (292) में खराब हवा की गुणवत्ता दर्ज की गई।

    पड़ सकता है हल्का कोहरा

    सीपीसीबी के अनुसार, 0 से 50 के बीच एक्यूआई 51-100 ठीक-ठाक, 101-200 बीच में, 201-300 खराब, 301-400 बहुत खराब और 401-500 गंभीर माना जाता है। दिल्ली के सफदरगंज स्थित प्राथमिक मौसम स्टेशन से शांत हवाओं के साथ 900 मीटर की दृश्यता दर्ज की है। पालम में दक्षिण-दक्षिणपश्चिमी हवाओं के साथ 1300 मीटर की दृश्यता दर्ज की गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यह मौसम के औसत से तीन डिग्री कम था। रविवार सुबह के लिए मौसम विभाग ने हल्के कोहरे का पूर्वानुमान जताया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। मौसम औसत से लगभग तीन डिग्री कम है और न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यह सामान्य से थोड़ा ज्यादा है। शनिवार शाम को आर्द्रता 73% रही है। इससे धुंध और भी बढ़ गई है।
  • पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने अफगानिस्तान पर लगाए आरोप, कहा – ‘भारत की कठपुतली बना है’

    पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने अफगानिस्तान पर लगाए आरोप, कहा – ‘भारत की कठपुतली बना है’

    नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा। दोनों देशों में फिर से तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मंगलवार को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर भारत के हाथों में खेलने का आरोप लगा दिया है। उन्होंने कहा कि यदि काबुल ने इस्लामाबाद पर हमला करने की कोशिस की तो पाकिस्तान 50 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा।

    भारत के इशारों पर नाच रहा अफगानिस्तान

    एक कार्यक्रम में बोलते हुए आसिफ ने कहा कि काबुल में जो भी लोग सत्ता चला रहे हैं वो दिल्ली के इशारों पर कठपुतली की तरह नाच रहे हैँ। भारत अफगानिस्तान को मोहरा बनाकर पाकिस्तान के खिलाफ साजिश रच रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में तुर्की में पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच में हुई बात कई बार अफगान पक्ष के पीछे हटने के कारण से असफल हो गई है। आसिफ ने कहा कि जब भी समझौते की स्थिति बनी काबुल ने हस्तक्षेप कर उसको वापिस ले लिया।

    अफगानिस्तान-पाकिस्तान में नहीं ठीक हो रहे हालात

    आसिफ ने यह आरोप लगाया है कि भारत यह चाहता है कि पाकिस्तान के खिलाफ कम तीव्रता वाला युद्ध जारी रहे और अफगानिस्तान उसका जरिया भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी पश्चिमी सीमा पर हार के बाद अब काबुल के जरिए पाकिस्तान को अस्थिर करने की रणनीति अपना ली है। सूत्रों की मानें तो तुर्की और कतर की मध्यस्थता में हुई बात बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हुई। पाकिस्तान की मुख्य मांग यही थी कि अफगानिस्तान अपने क्षेत्र में सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे आंतकी संगठनों के खिलाफ प्रामणिक कार्रवाई करे।

    पाकिस्तान के सूचना मंत्री की भी आई प्रतिक्रिया

    इस मुद्दे पर पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ता उल्लाह तारड़ ने भी कहा है कि इस्तांबुल वार्ता में अफगान पक्ष मुख्य मुद्दे से बार-बार भटकता रहा है। जिम्मेदारी लेने से भी बचता रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में सीमा पर हुई झड़पों में कई सैनिकों और नागरिकों की मौत हो गई है। इससे दोनों देशों के बीच में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है हालांकि 19 अक्टूबर को कतर की मध्यस्थता में दोहा में अस्थायी युद्धविराम हुआ लेकिन यह तनाव को स्थायी रुप से खत्म नहीं कर पाया। ख्वाजा आसिफ ने सख्त लहजे में कह दिया है कि यदि अफगानिस्तान ने इस्लामाबाद की ओर आंख उठाई भी तो हम उसकी आंखें निकाल देंगे। अफगानिस्तान को यह समझ लेना चाहिए कि पाकिस्तान किसी भी कीमत पर अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
  • Delhi में अब 1 नवंबर से नहीं चलेंगी ऐसी गाड़ियां, सरकार ने इस वजह से लगाई रोक

    Delhi में अब 1 नवंबर से नहीं चलेंगी ऐसी गाड़ियां, सरकार ने इस वजह से लगाई रोक

    नई दिल्ली: सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने यह घोषणा कर दी है कि BS-VI उत्सर्जन मानकों का अनुपालन न करने वाले दिल्ली के बाहर रजिस्टर सभी कर्मशियल गुड्स व्हीकल 1 नवंबर से अब दिल्ली में एंट्री नहीं कर पाएंगे। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेश के बाद अब दिल्ली परिवहन विभाग ने यह निर्देश जारी किए हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, पराली जलाने और मौसम की स्थिति के चलते अक्टूबर से जनवरी के बीच वायु गुणवत्ता का स्तर गिर जाता है। ऐसे में सरकार उन सभी वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक लगा देती है जो ज्यादा प्रदूषण करते हैं।

    जारी हुआ नोटिस

    बीएस-6 अनुपालक वाहन सख्त उत्सर्जन मानकों को पूरा करते हैं। ऐसे में प्रदूषण में कमी आ सकती है। परिवहन विभाग ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। इसमें यह कहा गया है कि बीएस-4 वाणिज्यिक माल वाहनों को एक संक्रमणकालीन उपाय के तौर पर सिर्फ सीमित अवधि के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी हालांकि इस सार्वजनिक नोटिस में यह साफ किया गया है कि दिल्ली में रजिस्टर वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों बीएस-6 अनुकूल डीजल वाहनों, 31 अक्टूबर 2026 तक बीएस-4 अनुपालक डीजल वाहनों या सीएनजी, एलएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रवेश पर कोई भी प्रतिबंध नहीं होगा।

    नोटिस में लगाया गया प्रतिबंध

    वाहनों पर लगे प्रतिबंध संबंधी जो नोटिस जारी हुआ है। उसमें यह कहा गया है कि वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों पर क्रमिक प्रतिक्रिया कार्ययोजना के अलग-अलग चरणों के अंतर्गत प्रतिबंध उस अवधि के दौरान लागू रहेगा जब तक कि कोई विशेष चरण लागू रहेगा। राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है ऐसे में 17 अक्टूबर को सीएक्यूम की बैठक हुई। इस बैठक में 1 नवंबर से दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर व्यापक प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।