Category: New Delhi

  • रामलला मंदिर केस: SIT ने खोले सुरक्षा ढील और अंदरूनी नेटवर्क के राज़

    रामलला मंदिर केस: SIT ने खोले सुरक्षा ढील और अंदरूनी नेटवर्क के राज़

    रामलला मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी की जांच ने कई परतें खोल दी हैं। सूत्र बताते हैं कि दान की गिनती करने वाले कर्मचारी बेहद सुनियोजित तरीके से काम करते थे। गणना कक्ष में वे न तो बातचीत करते थे और न ही एक-दूसरे की ओर देखते थे, ताकि किसी को शक न हो। बाहर भी उनका व्यवहार ऐसा होता था मानो वे एक-दूसरे को जानते ही न हों। जांच में सामने आया कि चोरी की प्रक्रिया पहले से तय रहती थी। नकदी निकालकर उसे बाथरूम या अन्य जगहों पर छिपाया जाता और बाद में सुरक्षा से बचाकर बाहर ले जाया जाता था। केवल पार्टी के मौकों पर ही उनके बीच घनिष्ठता दिखाई देती थी। एक पूर्व बैंक कैशियर ने एसआईटी को बताया कि पहले सुरक्षा बेहद सख्त थी, गहन तलाशी, विशेष ड्रेस और कई स्तर की जांच के बाद ही गणना कक्ष में प्रवेश मिलता था। लेकिन बाद में इन व्यवस्थाओं में ढील दी गई। कैशियर ने यह भी दावा किया कि मंदिर परिसर में चार लोगों का विशेष प्रभाव था, चंपत राय, अनिल मिश्र, गोपाल राव और टिन्नू यादव। खासकर टिन्नू यादव का नाम लेने पर किसी भी जगह आने-जाने में रोक-टोक नहीं होती थी। करीब 10×15 फीट के गणना कक्ष में 10 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में नकदी और सिक्कों की गिनती होती थी। नकदी की छंटनी, गिनती और बंडलिंग की जाती थी, जबकि सिक्कों को अलग झोलों में रखा जाता था। कर्मचारियों को कई स्तर की सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता था, पुलिस तलाशी, हुंडी कार्यालय में जांच, उपस्थिति दर्ज कराना, मोबाइल और निजी सामान लॉकर में जमा करना और विशेष ड्रेस पहनना। इसके बाद ही प्रवेश मिलता था। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में होती थी। गिनती पूरी होने के बाद नकदी का रिकॉर्ड दर्ज कर वाउचर तैयार किया जाता और फिर लोहे के कंटेनर में बैंक भेजा जाता था।
     
  • इस सोसायटी में 18वीं मंजिल से कूद महिला ने किया सुसाइड, मचा हड़कंप

    इस सोसायटी में 18वीं मंजिल से कूद महिला ने किया सुसाइड, मचा हड़कंप

    नोएडाः नोएडा के लोटस स्पेसिया सोसायटी में एक महिला ने 18वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली है। जिससे सोसायटी में हड़कंप मच गया है। मृतका की पहचान (46) पारुल अग्रवाल के तौर पर हुई है, जो सोसायटी में अपने परिवार के साथ किराए पर रह रही थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    पुलिस महिला के आत्महत्या के मामले में सभी एंगल से जांच में जुटी है। ये घटना सुबह 9 बजकर 15 मिनट की बताई जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को सुसाइड का मामला लग रहा है। महिला के पति ने बताया है कि महिला मानसिक तनाव में थी। जिसको लेकर उसने ये कदम उठाया है। हालांकि परिवार की तरफ से मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं हुई है। पारुल अग्रवाल की एक बेटी भी है। दोनों सोसायटी के 1803 फ्लैट में किराए से रहते थे।

    पति पल्लव अग्रवाल एक स्टॉक ब्रोकर हैं। वह सुबह अपनी बेटी के साथ घर से बाहर गए हुए थे तब यह घटना हुई है। सबसे पहले सोसायटी के गार्ड ने महिला को देखा था, जिसके बाद उसने तुरंत मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। पुलिस इस मामले की छानबीन में जुट गई है।

     

  • हाईकोर्ट ने Telegram की याचिका की खारिज, परीक्षा तक अस्थायी बैन रहेगा जारी

    हाईकोर्ट ने Telegram की याचिका की खारिज, परीक्षा तक अस्थायी बैन रहेगा जारी

    नई दिल्लीः दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को टेलीग्राम की याचिका को खारिज कर दिया है। जिसमें 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा से पहले ऐप की अस्थायी ब्लॉकिंग को चुनौती दी गई थी।

    बता दें टेलीग्राम ने अदालत में दलील दी थी कि ऐप को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने का आदेश अनुचित है और इससे उसके उपयोगकर्ताओं के अधिकार प्रभावित होंगे। हालांकि अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और सरकार के फैसले को बरकरार रखा।

    अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सरकार द्वारा जारी किया ब्लॉकिंग आदेश सबसे कम प्रतिबंधात्मक उपायों में से एक है और इसे अनुपातहीन या मनमाना नहीं कहा जा सकता।

    हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार को कानून के तहत टेलीग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच को अस्थायी रूप से रोकने का अधिकार प्राप्त है, विशेषकर तब जब परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक हो।

    ये आदेश ऐसे समय आया है जब 21 जून को NEET-UG की पुनर्परीक्षा आयोजित की जानी है। परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी, प्रश्नपत्र या अन्य संवेदनशील सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया था। अदालत के फैसले के बाद अब टेलीग्राम को इस मामले में कोई राहत नहीं मिली है और सरकार का ब्लॉकिंग आदेश प्रभावी रहेगा।

  • भारत को धमकी देने वाले America-Europe को पुतिन ने दी चेतावनी, बोले – ‘PM Modi से हो रही है बात’

    भारत को धमकी देने वाले America-Europe को पुतिन ने दी चेतावनी, बोले – ‘PM Modi से हो रही है बात’

    नई दिल्ली: रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की आर्थिक स्वतंत्रता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की खुलकर सराहना की है। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि भारत हमेशा एक संप्रभु देश की तरह फैसले लेता है और उस पर प्रतिबंधों या दबाव की कोई भी कोशिश उलटी पड़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-रुस संबंध राजनीतिक परिस्थितियों के मोहताज नहीं है। दोनों देशों के बीच रक्षा तथा तकनीकी सहयोग लगातार मजबूत हो गया है। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में संबोधन के दौरान व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत हमेशा एक संप्रभु देश की तरह काम करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पर प्रतिबंध लगाने या दबाव बनाने की कोई भी कोशिश तुरंत उलटी पड़ सकती है। पुतिन ने कहा कि उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लंबे समय से लगातार बातचीत होती रही है। पुतिन ने कहा कि भारत हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है और देश को यह तय करने की पूरी स्वतंत्रता है कि उसके लिए क्या सबसे बेहतर है। उन्होंने कहा कि भारत उन उत्पादों और तकनीकों का चयन करने के लिए स्वतंत्र है जिन्हें वह सबसे आधुनिक उपयोगी और बेहतर मूल्य गुणवत्ता अनुपात वाला मानता है।

    भारत अमेरिका संबंधो को बताया सफल

    रुसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के खिलाफ लगाए गए सभी प्रतिबंध खत्म हो गए हैं। गौरतलब है कि रुस-यूक्रेन युद्ध के दौरान रुस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त शुल्क और प्रतिबंधात्मक कदम लगाए थे।

    ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना का किया उल्लेखना

    पुतिन ने भारत और रुस के बीच रक्षा और तकनीकी साथ से भी सराहना की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य और तकनीकी सहयोग का लंबा इतिहास रहा है। भारतीय सशस्त्र बलों का एक बड़ा हिस्सा रुसी उपकरणों से लैस हैं। पुतिन ने कहा कि यह परंपरा सोवियत संघ के समय से चली आ रही है। उन्होंने बताया कि भारत और रुस के विशेषज्ञ मध्यम दूरी की ब्रह्मोस मिसाइल के विकास और डिजाइन एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

    भरोसे पर रुके हुए भारत-रुस संबंध

    रुसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के साथ रुस के संबंध आपसी विश्वास पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश सिर्फ व्यापार या खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है बल्कि संयुक्त अनुसंधान और विकास परियोजनाओं पर भी साथ काम कर रहे हैं। पुतिन ने साफ कहा है कि भारत और रुस के संबंध किसी राजनीतिक माहौल या अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के अधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश रुस को यह निर्देश नहीं दे सकता है कि वह भारत के साथ सहयोग करे या नहीं है। व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रुस अपने साझेदारों से किए गए वादों का हमेशा सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे महत्वपूर्ण साझेदारों के प्रति रुस अपनी प्रतिबद्धताओं पर कायम रहेगा और भविष्य में भी दोनों देशों के बीच साथ मजबूत होता रहेगा।    
  • Iran War के बीच इस महीने से लगगी तेल में भीषण आग, Hormuz खुलने पर होंगे ये हालात

    Iran War के बीच इस महीने से लगगी तेल में भीषण आग, Hormuz खुलने पर होंगे ये हालात

    नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बन रही जंग की स्थिति और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अनिश्चिता के बाद दुनिया एनर्जी संकट से जूझ रही है। मौजूदा समय में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर जारी है लेकिन होर्मुज के रास्ते कब तेल सामान्य तरीके से दुनिया को सप्लाई होने लगेगी। इस पर कोई जवाब नहीं है। इस बीच अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी ने मंगलवार को चेतावनी दी है। अगस्त महीने में तेल के दाम आसमान छूने वाले हैं। न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, एडीएनओसी के एक बड़े अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि ईरान युद्ध के कारण तेल की सप्लाई में आ रही रुकावट जारी रहती है। दुनिया भर में तेल की मांग बढ़ती है तो अगस्त महीने से तेल के दाम अचानक बहुत ज्यादा बढ़ सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के फिर से खुलने के बाद भी एनर्जी सप्लाई चेन को पूरी तरह से ठीक होने में एक साल तक का समय लग सकता है। ADNOC के सेल्स और ट्रेडिंग के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, फिलिप खूरी ने कहा कि जब तक शांति को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी। तब तक इस होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकर का आना-जाना पूरी तरह शुरु नहीं होगा। इस रास्ते से पहले के मुकाबले कम ही तेल आ पाएगा। इसका मतलब ये है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो पेट्रोल-डीजल के दाम आस-मान छू सकते हैं।

    कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है सीजफायर

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा है कि ईरान के साथ तेज गति से बातचीत जारी है। तेहरान की ओर से नए सिरे से हमले किए जाने से सीजफायर कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है हालांकि इसी बीच ट्रंप ने ट्रूथ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि – ईरान के साथ बातचीत गति से जारी है। ईरान और अमेरिका के बीच नाम मात्र का सीजफायर ऐसे जवाबी हमलों और पलटवारों से बार-बार परखा जा रहा है जबकि दोनों देशों के अधिकारी युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि वो समझौता होने के कितने करीब है और हमले से इन वार्ताओं के पटरी से उतरने का खतरा भी है।  
  • भारत के लिए बुरी खबर, दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजारों की लिस्ट में छा गए Indian Store

    भारत के लिए बुरी खबर, दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजारों की लिस्ट में छा गए Indian Store

    नई दिल्ली: ताइवान स्टॉक मार्केट ने भारत को दुनिया के टॉप-5 सबसे बड़े शेयर बाजारों की लिस्ट से बाहर किया था। वहीं अब एक अन्य एशियाई इकोनॉमी साउथ कोरिया भारत से आगे निकल गई है। भारत लिस्ट में एक पायदान और नीचे आ गया है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों पर नजर डालें। साउथ कोरियाई मार्केट में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन इस साल 86% बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। जबकि इसकी तुलना में भारतीय शेयर बाजार की वैल्यू कम होकर 4.8 ट्रिलियन डॉलर रह गई है। दलाल स्ट्रीट के लिए ये बेहद बहुत कम समय में दूसरा बड़ा झटका है। पहले से ही विदेशी निवेशकों की तगड़ी बिकवाली रुपये में तेज गिरावट, बढ़ती एनर्जी कॉस्ट और धीमी इनकम ग्रोथ से जूझ रही है। शेयर बाजार की वैल्यू का ये अंतर इसलिए भी साफ रुप से दिखाई पड़ता है क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था साउथ कोरिया की अर्थव्यवस्था से दोगुनी से भी बड़ा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी की आईएमएफ के अनुमानों को देखें तो भारत की अर्थव्यवस्था इस साल लगभग 4.15 ट्रिलियन डॉलर होने की उम्मीद है जबकि दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था के लिए अनुमान 1.93 ट्रिलियन डॉलर है।

    ताइवान ने ऐसे किया था भारत को पीछे

    इससे पहले दिल्ली से भी कम आबादी वाले एक छोटे से देश ताइवान ने भारत को पीछे छोड़ दिया था। विश्व के 5वें सबसे बड़े शेयर बाजार का तमगा भारत से छीन लिया था। ताइवानी शेयर बाजार का मार्केट कैपिटलाइजेशन उस समय तेज बढ़ोतरी के साथ 4.95 ट्रिलियन डॉलर हो गया था। भारत के 4.92 ट्रिलियन डॉलर की तुलना में ज्यादा था।

    एआई की दम पर दोनों देश हुए आगे

    भारत के साथ ये पूरा खेल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई ने किया है। एआई के बढ़ते इस्तेमाल से साउथ कोरिया को जबरदस्त फायदा पहुंच रहा है। उसकी रैंकिंग में तगड़ा सुधार हो रहा है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रोनिक्स और एसके हाइनिक्स देश के शेयर बाजार में तेजी लाने वाली ताकत बनी है। एआई सिस्टम और डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले मेमोरी चिप्स की प्रमुख सप्लायर्स दोनों कंपनियां हाल ही में 1 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप क्लब में शामिल हुई है। ताइवान की ग्रोथ भी एआई से प्रेरित ही है। जहां दक्षिण कोरिया और ताइवान को एआई से जुड़े लाभ मिले हैं। वहीं भारतीय शेयर बाजार इस सेक्टर में संघर्ष कर रहा है। रिपोर्ट की मानें तो भारत में ऐसी कोई बड़ी लिस्टेड कंपनी नहीं है। ग्लोबल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण से सीधे जुड़ी हो। इसके अलावा देश पहले से ही रुपये में कमजोरी तेल की ऊंची, कीमतें महंगाई और एफपीआई की बिकवाली से जूझ रहा है।  
  • IT Sector में हज़ारों पर गिरेगी गाज, AI  छिनेगी नौकरियां?

    IT Sector में हज़ारों पर गिरेगी गाज, AI छिनेगी नौकरियां?

    नई दिल्ली: आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनी कॉन्गिजेंट एक बार फिर अपने वर्कफोर्स में बड़ी कटौती की तैयारी कर रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि एक तरफ कंपनी की बात कर रही है तो दूसरी तरफ इसी साल 20,000 फ्रेशर्स (नए छात्र) को भर्ती करने का प्लान भी है।

     क्यों हो रही है छंटनी?

    कॉग्निजेंट में बदलाव की यह बयार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लागत घटाने की कोशिशों से जुड़ी है। कंपनी खुद को भविष्य के लिए तैयार कर रही है जहां ऑटोमेशन का बोलबाला होगा। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, यह कटौती कंपनी के ग्लोबल वर्कफोर्स का लगभग 1 प्रतिशत हो सकती है।

     क्या है प्रोजेक्ट लीप

    कंपनी के अंदर प्रोजेक्ट लीप नाम का एक प्रोग्राम चल रहा है। इसका मकसद डिजिटल सेवाओं पर एआई आधारित कामों को मजबूत करना है। कंपनी इस प्रोजेक्ट पर करोड़ों डॉलर खर्च कर रही है लेकिन साथ ही साल के अंत तक करोड़ों की बचत का भी लक्ष्य रखा हुआ है। जानकारों का यह कहना है कि अब बड़ी टीमों के जगह ऑटोमेटेड सिस्टम और एआई पर भरोसा बढ़ाया जा रहा है। यही कारण है कि कंपनी अब पुराने रोल्स को कम करके एंट्री लेवल पर नई प्रतिभाओं को तरजीह दे रही है। मार्च 2026 तक कॉग्निजेंट में कुल कर्मचारियों की संख्या 3,57,600 थी। यह नेतृत्व में छंटनी का दूसरा बड़ा दौर हो सकता है। इससे पहले भी करीबन 3500 पदों का खत्म किया गया था जिसका असर ज्यादातर उन लोगों पर पड़ा था। सीधे तौर पर प्रोजेक्ट्स का हिस्सा नहीं थे।

    सिर्फ तकनीक ही नहीं खर्चों पर भी लगाम

    एवरेस्ट ग्रुप के एक्सपर्ट पीटर बेंडर सैमुअल का मानना है कि कंपनियां सिर्फ तकनीक कारण से नहीं बल्कि खर्च बचाने के लिए भी ऐसे कदम उठा रही है। यात्रा जैसे अतिरिक्त खर्चों में कटौती की जा रही है और एआई से होने वाले बदलावों के बीच खुद को ढालने की कोशिश हो रही है।                  
  • Fastag नियम तोड़ा तो होगा Blacklist, NHAI ने जारी की नई Advisory

    Fastag नियम तोड़ा तो होगा Blacklist, NHAI ने जारी की नई Advisory

    नई दिल्ली: देश में हाईवे पर सफर करने वालों के लिए फास्टैग बहुत जरुरी है लेकिन इसे सही तरीके से इस्तेमाल न करने पर अब परेशानी बढ़ सकती है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने साफ कहा है कि यदि अपने फास्टैग को सही जगह नहीं लगाया है तो आपका टैग ब्लैकलिस्ट भी हो सकता है। फास्टैग एक इलेक्ट्रोनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है जो RFID तकनीक पर काम करता है जो टोल रोड से यात्रा करने पर ऑटोमेटिक पेमेंट की सुविधा देता है।

    टोल प्लाजा पर लगे सेंसर को आसानी से कर पाएंगे स्कैन

    इस गाड़ी के फ्रंट विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है ताकि टोल प्लाजा पर लगे सेंसर इसे आसानी से स्कैन कर पाए। इसके जरिए टोल टैक्स अपने आप कट जाता है। NHAI ने देखा है कि कई लोग फास्टैग को विंडस्क्रीन पर लगाने के बजाय हाथ में पकड़कर दिखाते हैं। यह तरीका नियमों के खिलाफ है। NHAI ने यह भी कहा है कि यदि यूजर नियमों का उल्लंघन करता है तो फास्टैग को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। विंडस्क्रीन पर सही तरीके से फास्टैग लगाने से टोल प्लाजा पर स्कैनिंग ईजी और फास्ट होती है। इससे ट्रैफिक जाम नहीं लगता है और गाड़ियों की आवाजाही बनी रहती है।

    धोखाधड़ी से भी बचाव

    साथ ही इससे धोखाधड़ी की संभावना भी कम होती है क्योंकि एक ही फास्टैग को अलग-अलग गाड़ियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।  
  • दिल्ली में बड़ा हादसा, 4 मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग, 9 की मौत, CM ने जताया दुःख , देखें वीडियो

    दिल्ली में बड़ा हादसा, 4 मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग, 9 की मौत, CM ने जताया दुःख , देखें वीडियो

    नई दिल्ली: शहर के रिहाइशी इलाके में सुबह तड़के भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में 9 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 15 से 16 लोगों को सुरक्षित बहार निकाल लिया गया है। मौके पर रेस्क्यू टीम, पुलिस और दमकल विभाग पहुंची हुई है। अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के विवेक विहार के एक चार मंजिला इमारत के सेकंड फ्लोर में आग गई। जिसके बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और धीरे- धीरे दूसरे फ्लोर तक पहुँच गई। सुबह 4 बजे के करीब दमकल कर्मियों को आग लगने की सूचना मिली। जिसके बाद 12 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची। जानकारी के मुताबिक लोगों के शव अलग-अलग फ्लोर से, सीढ़ियों से और छत के पास से बरामद किए गए। आग काफी भीषण थी, जिसके चलते लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिल सका।

    AC में आग लगने की आशंका

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, सेकंड फ्लोर के किसी ऐ.सी में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, जो धीरे धीरे फैलने लगी। आग की लपटे दूर दूर तक दिखाई दी और काले धुएं का गुबार आसमान में छा गया। इस हादसे में 4 पुरुष, 4 महिलाएं और एक डेढ़ साल के बच्चे की मौत की खबर है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है, आग लगने के असली कारणों का पता लगाया जा रहा है।

    दिल्ली की मुख्यमंत्री ने जताया दुःख

    इस हादसे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दुःख जताया है। CM ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह जान-माल के नुकसान से वे बेहद दुखी हैं और उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की भी कामना की, जिनका इस समय आस-पास के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा की इस हादसे पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रशासन पीड़ितों के परिवारों के साथ मज़बूती से खड़ा है और इस मुश्किल समय में उन्हें हर संभव मदद देता रहेगा।    
  • International Airport पर हुआ बड़ा हादसा, 4 यात्री हुए घायल, देखें वीडियो

    International Airport पर हुआ बड़ा हादसा, 4 यात्री हुए घायल, देखें वीडियो

    नई दिल्ली: राजधानी के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार तड़के एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया है। ज्यूरिख जा रहे स्विस एयर के विमान के लेफ्ट लैंडिंग गियर से धुआं निकलता देख पायलट ने टेक ऑफ को बीच में ही रोक दिया है। इसके बाद हवाई अड्डे पर फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। विमान में सवार यात्रियों को सुरक्षित निकालने के दौरान हुई अफरा-तफरी में चार लोग घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, विमान रनवे पर उड़ान भरने ही वाला था कि अचानक विमान के बाएं लैंडिंग गियर से गहरा धुआं उठता दिखाई दिया। चालक दल ने तुरंत सूझबुझ दिखाते हुए टेक-ऑफ-रद्द कर दिया है। विमान के सभी 7 एग्जिट गेट खोल दिए गए हैं और यात्रियों को स्लाइडर के जरिए बाहर निकाला जाने लगा।

    मौके पर पहुंचे टीएफटी फायर टेंडर्स

    मौके पर तुरंत टीएफटी फायर टेंडर्स को रवाना किया गया ताकि किसी भी तरह की आग पर काबू पाया जा सके। विमान में सवार कुल 232 लोगों में से 227 की सुरक्षित निकालकर डायल के खास रिसेप्शन सेंटर में शिफ्ट किया गया है। निकासी की इस प्रक्रिया के दौरान 4 यात्री घायल हो गए। इनमें से तीन गंभीर रुप से घायल यात्रियों को इलाज के लिए मेदांता अस्पताल भेजा गया है। एक का उपचार एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर में ही किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डायल ने क्राइसिस मैंनेजमेंट सेंटर और मल्टी एजेंसी रिस्पांस टीम को एक्टिव कर दिया गया था।