पंजाबः इस जिलें में पानी से हालात हुए बेहाल, सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, देखें वीडियो

पटियालाः उत्तरी भारत के कई हिस्से में पिछले तीन-चार दिनों में बारिश से तबाही मची हुई है। पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। प्रभावित इलाकों में लोगों तक पहुंचने के लिए प्रशासन 24 घंटे काम कर रहा है। जिले में 140 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही जिले में बह रही घग्गर सहित अन्य नदियों-नालों में पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर बहता हुआ ओवरफ्लो होकर भारी तबाही मचा रहा है। पटियाला के विभिन्न नदी नालों में जलस्तर अब एक खतरा बन रहा है। शहर के बीचो-बीच से गुजरती बड़ी नदी में जलस्तर आज तड़के 4:00 बजे 17.20 तक बढ़ गया। जबकि यहां डेंजर मार्क 12 फीट पर है। इसी तरह से घग्गर दरिया 25 धारा टांगरी नदी और मारकंडा नदी में भी जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता समझते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कैंप स्थापित किए। यह प्रेम बाग पैलेस,एसएसटी नगर स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज,सरकारी महिंद्रा कॉलेज और अर्बन स्टेट स्थित डेरा राधा स्वामी में के पास हैं। 

जिले में धान की हजारों एकड़ फसल पानी में डूब गई है, जिससे किसानोंं के चेहरों पर फसल बर्बाद होने से मायूसी छागई है। जिले के हलका घनौर, सनौर आदि क्षेत्रों में दूर-दूर तक पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। डीसी साक्षी साहनी ने देर रात पानी से भरे इलाकों में खुद जाकर हालातों का जायजा लिया। वहीं आर्मी सेना से लोगों के घरों में घुसे पानी के मदद ली जा रही है। आर्मी सेना देर रात से लगातार रेस्कयू ऑपरेशन चलाकर बाढ़ से प्रभावित इलाकों में लोगों को बाहर निकाल रही है। बारिश से पीछे से पानी अधिक आने से गांव सराला कलां के पास घग्गर दरिया में पानी का स्तर खतरे के निशान से 4 फुट्ट ऊपर चल रहा है। यहां खतरे का निशान 16 फुट पर है, जबकि आज घग्गर में पानी का स्तर 20 फुट पर पहुंच गया है। पीछे से लगातार पानी आने से पानी का स्तर बढ़ रहा है, जिस कारण यह क्षेत्र घनौर और सनौर के देवीगढ़, भुनरहेड़ी आदि क्षेत्रों में कहर बरपा रहा है। देवीगढ़ के लगभग 48 गांवों का देवीगढ़ से संपर्क टूट गया है। क्योंकि यहां बनी साईफनों में कई फुट पानी भर गया है और सड़कें अलोप हो गई हैं।

वहीं पटियाला शहर के नजदीक से गुजरने वाली बड़ी नदी 4 फुट से ज्यादा खतरे के निशान से ऊपर चल रही है। यहां खतरे का निशान 12 फुट पर है जबकि यहां पानी का स्तर 16.2 फुट पर पहुंच गया है। पानी का स्तर बढ़ने से यह नदी ओवरफ्लो होकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों को पानी से भर रही है। इसी तरह ही ढकानसू नाला, टांगरी नदी, पच्ची दरां आदि में भी पानी का स्तर बढ़ने से आसपास के खेतों में तबाही मचा रहा है। वहीं जिला प्रशासन लोगों को जागरूक कर रहा है कि वह पानी वाली जगहों पर न जाएं और अपना ख्याल रखें। हलका घनौर, सनौर और पटियाला देहाती के किसानोंं का कहना है कि उन्होंने महंगे भाव की लेवर, पनीरियां आदि बीजकर अपना धान लगाया था और इस में खाद पर खर्च किया था, लेकिन बारिश ने सब बर्बाद कर दिया है। इसलिए सरकार उनको मुअवाजा अदा करे। पटियाला जिले के कृषि अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह का कहना है कि समाना और नाभा का एरियां छोड़कर बाकी जिले के खेतों में पानी भरा हुआ है और दो-तीन दिन बाद पानी के उतरने के बाद खराब की रिपोर्ट की तैयार की जाएगी।

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