बाढ़ प्रभावित इलाकों में धारा 144 लागू

पूर्वी दिल्लीः पहाड़ी राज्यों में बारिश के चलते इन दिनों यमुना नदी उफान पर है। यही वजह है कि दिल्ली में इसका जलस्तर 45 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए 207.55 मीटर पर पहुंच गया है। दिल्ली में आखिरी बार यमुना का जलस्तर 1978 में रिकॉर्ड स्तर 207.49 मीटर तक पहुंचा था। इसके बाद अब 2023 में इसका रिकॉर्ड टूटा है। प्रीत विहार के एसडीएम व बाढ़ के नोडल अफसर राजेंद्र कुमार ने कहा कि प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। खादर क्षेत्र से लोगों को निकाल लिया गया है।

दिल्ली के जिन इलाकों में यमुना का जलस्तर बढ़ गया है, वहां एहतियात के तौर पर धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके साथ ही अब प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। यमुना के जलस्तर का 45 साल पुराना रिकॉर्ड टूटने पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आपात बैठक बुलाई है। गीता कॉलोनी, पुराना लोहापुल व वजीराबाद रोड और सिग्नेचर ब्रिज पर भी सिविल डिफेंस वॉलंटियर तैनात किए गए हैं, ताकि वहां पर लोगों की भीड़ जमा न हो। अभी रिहायशी क्षेत्र में पानी पहुंचने की संभावना नहीं है।

अथिकारियों के अनुसार, पुश्ता होने की वजह से रिहाशी क्षेत्र में अभी पानी नहीं भरेगा। पुश्ते के पास गीता कॉलोनी, उस्मानपुर, शास्त्री पार्क, सोनिया विहार, भजनपुरा, खजूरी, गांधी नगर, किशनकुंज, मयूर विहार फेज-एक सहित कई कॉलोनी बसी हुई हैं। पूर्वी दिल्ली में खेल गांव के पास खादर में जलस्तर बढ़ने से फंसे 60 लोगों का रेस्क्यू करवाया गया है। यह रेस्क्यू प्रीत विहार एसडीएम राजेन्द्र कुमार व पुलिस ने मिलकर किया है। इसमें महिलाएं व बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं।

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