जालंधर पहुंचे राज्यपाल, जानें बाढ़ से नुकसान की सर्वे रिपोर्ट को लेकर क्या कहा, देखे वीडियो

जालंधर,ENS: पंजाब के राज्यपाल ने कहा है कि बाढ़ से हुए नुकसान की सर्वे रिपोर्ट आते ही मुआवजा वितरण के लिए प्रशासन को तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से भारी नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई अति शीघ्र करनी जरूरी है। राज्यपाल ने जिला एवं पुलिस प्रशासन की तरफ से बाढ़ के दौरान किए गए बचाव एवं राहत कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जालंधर में 20000 एकड़ में खड़ी फसल का बाढ़ की वजह से नुकसान हुआ है। राज्यपाल ने बाढ़ प्रबंधन में पंजाब सरकार की तरफ से दिए गए प्रबंधों पर संतोष प्रकट किया है।

बाढ़ पीड़ित इलाकों का दौरा करने आए राज्यपाल ने जालंधर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज जालंधर में बाढ़ पीड़ित इलाकों का दौरा करने आए थे।  उन्होंने कहा कि बरसात से एस्टीमेट 20000 एकड़ फसल तबाह हुई है।  जालंधर प्रशासन की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि जालंधर के एसएसपी और डीसी ने अच्छा काम किया है और इसके साथ आर्मी की भी मदद ली गई है।  जल्द ही इनको  रिपोर्ट बनाकर मुआवजा दे दिया जाएगा।  फिर भी इसको 15 दिन का समय लगेगा। राहत के लिए एक पत्र मैंने लिख दिया है और रिपोर्ट आने के बाद एक पत्र और लिख दूंगा।

बाढ़ आने से पहले हुई प्रशासन के द्वारा हुई चूक के सवाल पर उन्होंने बोला कि हां चूक तो हुई है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस बयान पर जिस पर उन्होंने बोला कि देश को चलाने के लिए 28 राजपाल और नरेंद्र मोदी और अमित शाह चला ले पर उन्होंने बोला कि कहीं भी आपने मेरा कोई रोल देखा कहां इंटरफेयर किया। जहां कानून का उलंघन हुआ है वहां पर ही मैंने बोला है। कानून के बाहर जो काम करता है वहां पर मैं बोलता हूं।

विधानसभा सेशन को गैरकानूनी कहने के मामले पर बोलते हुए कहा कि यदि मैंने कहा है कि विधान सभा सेशन गैरकानूनी है तो वह मैं कोशिश कानून के हिसाब से ही बोल रहा हूं। सेक्शन 167 में लिखा है कोई भी मुख्यमंत्री राज्यपाल को जवाब देने के लिए बाध्य हैं। उन्होंने भगवंत मान पर गलत टिप्पणी करने पर बोला कि वह लिखते हैं लव लेटर लिखने की आदत है क्या यह राज्यपाल के बारे में लिखना सही है।

चैलेंज करके बोलता हूं कि कभी भी एक भी गलती नहीं की। सब कानून के दायरे के अंदर ही किया है। लेकिन जो कानून से बाहर जाएगा, उस पर मैं जरूर बोलूंगा। अंत में उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री मेरे लिए बोलते हैं कि मैं नागपुर से हूं या नागालैंड से आया हूं यह गलत है। पंजाब की संस्कृति बहुत रिच है लेकिन वह फिर भी मेरे बेटे समान है। इसलिए मैं कुछ नहीं कहता।

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