मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड सचिन बिश्नोई को भारत लेकर आई पुलिस

नई दिल्लीः सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मास्टरमाइंड लॉरेस बिश्नोई के भांजे गैंगस्टर सचिन बिश्नोई को जांच एजेंसी आजरबैजान के बाकू से भारत ले आई है। सचिन को अजरबैजान से लाने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम अजरबैजान पहुंची थी। सचिन बिश्नोई कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भतीजा है। पिछले साल मई में सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले वह फरार हो गया था और जाली पासपोर्ट का उपयोग करके देश से भागने में कामयाब हो गया।

पुलिस सूत्रों के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि 26 साल के सचिन पर करीब 12 मामले चल रहे हैं। पिछले साल मई में मूसेवाला की हत्या से ठीक पहले वह फर्जी पासपोर्ट पर दुबई भाग गया था। उसे पिछले साल अजरबैजान में हिरासत में लिया गया था। सचिन ने एक फेसबुक पोस्ट में मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ली थी और कहा था कि यह उसके भाई विक्की मिड्‌डूखेड़ा की हत्या का बदला लेने के लिए किया गया था। विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिड्‌डूखेड़ा मुक्तसर जिले की लंबी उप-तहसील के मिड्‌डूखेड़ा गांव का युवा अकाली दल का नेता था। उसे अगस्त 2021 में मोहाली में गोली मार दी गई थी।

सचिन को अजरबैजान में स्थानीय अधिकारियों ने हिरासत में लिया था। वह पिछले अप्रैल में फर्जी पासपोर्ट पर भारत से भाग गया था। पुलिस ने कहा कि उसके चचेरे भाई अनमोल बिश्नोई को 2022 में केन्या में हिरासत में लेने की खबरें थीं, लेकिन उसे कथित तौर पर इस साल अमेरिका में पंजाबी गायक करण औजला और शैरी मान के साथ पार्टी करते देखा गया था। मूसेवाला की 29 मई 2022 को पंजाब के मनसा में हमलावरों के एक समूह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ को अपराध के मुख्य अपराधियों के रूप में नामित किया गया था। गोल्डी बराड़ ने हत्या के बाद एक फेसबुक पोस्ट में हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था कि उन्होंने यह हत्या अपने करीबी सहयोगी विक्की मिड्‌डूखेड़ा की हत्या का बदला लेने के लिए की थी। सचिन और अनमोल दोनों पिछले साल मई से फरार थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए सचिन विदेश भाग गया था। पुलिस ने कहा कि वह पहले फर्जी पासपोर्ट पर दुबई गया और फिर उसने दूसरे देशों की यात्रा की।

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