टमाटर के बाद अब रुलाएगा प्‍याज, इतने रुपये तक बढ़ सकती हैं कीमतें 

नई दिल्ली: देशभर में टमाटर की कीमतें आसमान पर हैं। कहीं टमाटर 120 रुपये किलो बिक रहा है तो कहीं ये 200 रुपये के पार जा चुका है। हालांकि कुछ जगहों पर टमाटर के दामों में राहत मिली है। वहीं अब प्‍याज की कीमत में भी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि प्‍याज की कीमत में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो सकती है। मौजूदा समय में प्‍याज की कीमत 28 रुपये से लेकर 32 रुपये तक हैं। अगस्‍त के अंत में खुदरा बाजार में प्‍याज की कीमत में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो सकती है। ये बढ़ोतरी आपूर्ति में कमी के कारण अगले महीने करीब 60-70 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ने की संभावना है। क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, दाम में इतना इजाफा के बाद भी ये बढ़ी हुई कीमतें 2020 के उच्‍चतम स्‍तर से नीचे रहने वाली हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि रबी प्याज की शेल्फ लाइफ 1-2 महीने कम होने और इस साल फरवरी-मार्च में बिकवाली के कारण ओपन मार्केट में रबी स्टॉक सितंबर के बजाय अगस्त के अंत तक काफी घटने की उम्मीद है, जिससे प्याज का स्टॉक बढ़ जाएगा. 15-20 दिनों तक मंदी का मौसम, जिससे बाजार में आपूर्ति में कमी और ऊंची कीमतों का सामना करने की संभावना है। अक्‍टूबर में फिर से प्‍याज की नई फसल आने पर कीमतों में कमी आ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि त्‍योहारी महीने अक्टूबर-दिसंबर में कीमतें में उतार-चढ़ाव स्थिर होने की उम्‍मीद है।

गौरतलब है कि जनवरी से मई के दौरान दाल, अनाज और अन्‍य सब्जियां महंगी थीं, उस दौरान प्‍याज की कीमतों ने लोगों को राहत दी है। प्‍याज की कीमत में कमी के कारण किसानों ने इस बार कम प्‍याज की खेती की है, जिस कारण उम्मीद है कि इस साल रकबा 8 फीसदी घटेगा और प्याज का खरीफ उत्पादन साल-दर-साल 5 फीसदी गिरेगा। सालाना उत्पादन 29 मिलियन टन (एमएमटी) होने की उम्मीद है, जो कि पिछले साल की तुलना में 7 फीसदी अधिक है। इसलिए, कम खरीफ और रबी उत्पादन के बावजूद इस साल आपूर्ति में बड़ी कमी की संभावना नहीं है।

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