ऊना ‌की ग्राम पंचायत झंबर में पशुपालन विभाग ने लगाए पालतू एवं आवारा कुत्तों को निशुल्क एंटी रेबीज टीके 

बसाल वृत्त की 13 पंचायतों के पशु पालकों को किया जाएगा लाभान्वित:डॉ दीपिका जोशी

ऊना/सुशील पंडित : राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना के सौजन्य से  निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण में विशेष अभियान के तहत जिला पशुपालन विभाग ऊना द्वारा वृत्त बसाल की ग्राम पंचायत झंबर में मंगलवार को विशाल जागरूकता एवं निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया। जिसमें पशु पालन विभाग से वृत्त प्रभारी बसाल डॉ दीपिका जोशी की अगुवाई में वरिष्ठ फार्मासिस्ट सुशील कुमार, डिस्पेंसरी इंचार्ज एवं फार्मासिस्ट आंचल, एएचए श्यामलाल तथा प्रशिक्षु सागर, आर्यन व अमन ने पालतू व आवारा कुत्तों को एंटी रेबीज टीकाकरण करने के लिए मोर्चा संभाला। इस दौरान डॉ दीपिका जोशी ने पशु पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि पशुओं में फैल रही जानलेवा घातक बीमारी रेबीज का केवल बचाव है, उसका उपचार नहीं है। और इससे बचने के लिए सर्वप्रथम हमें अपने पालतु कुत्तों का पशु चिकित्सालय में जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना चाहिए, और समय-समय पर टीकाकरण के बारे जानकारी लेनी चाहिए, उन्होंने कहा कि हमें अपने पशुओं को समयवद तरीके से  टीकाकरण करवाना चाहिए, ताकि हमारे पशु किसी भी लाईलाज बीमारी का शिकार ना हो सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना के तहत पशुपालन विभाग द्वारा पूरे ऊना ज़िले में सितम्बर तक करीब 10 हजार आवारा तथा पालतु कुत्तों को निःशुल्क एंटी रेबीज टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ में उनके स्टर्लिज़ेशन ऑपरेशन भी किए जाएंगे। 
   डॉ दीपिका जोशी ने बताया कि उनके बसाल वृत्त के तहत क्षेत्र की 13 ग्राम पंचायतें आती हैं, जिनमें लगभग 8200 के करीब कृषकों के पास पालतू पशु हैं, और इनमें से करीब 97% पशुओं को टैगिंग की जा चुकी है, जबकि 3% ऐसे पशुपालक हैं जो टैगिंग करवाने से आनाकानी कर रहे हैं, जो कि गैर-कानूनी है, उन्होंने अपने क्षेत्र के अधीनस्थ पड़ती ग्राम पंचायतों के सभी पशुपालकों से आह्वान किया है कि वह बेझिझक अपने पशुओं को टैगिंग करवा सकते हैं, ऐसा करने से उन्हें फायदा ही मिलेगा, ना कि उनका नुकसान होगा। और ऐसा करने से  उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही पशु सुरक्षा योजनाओं का फायदा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि जिन पशुओं की टैगिंग हो चुकी है, उन्हें समय-समय पर विभाग द्वारा क्रियान्वित जा रही योजनाओं के पहलुओं की जानकारी दी पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे पशुपालकों को सरकार द्वारा पशु क्रेडिट कार्ड, पशु बीमा योजना, मुख्यमंत्री दुग्ध गंगा योजना जैसी अनेकों सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन पशुपालकों के पशुओं की टैगिंग हो चुकी है, वह अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र में जाकर अपना आधार कार्ड व फोन नंबर अपलोड करवाना सुनिश्चित करें, और अपलोड करवाते समय उनके फोन नंबर पर जो ओटीपी आएगा, वह तुरंत संबंधित विभाग के कर्मचारी को दें, ताकि उनके पशुओं की टैगिंग ऑनलाइन सुनिश्चित हो सके।
वहीं शिविर की अध्यक्षता करते हुए ग्राम पंचायत उप-प्रधान एवं वरिष्ठ पत्रकार जीवन शर्मा ने प्रदेश सरकार व पशुपालन विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि हम पशुपालकों को ऐसी निशुल्क सुविधाएं सौभाग्य से मिलती हैं और हमें ऐसे अभियानों का बढ़-चढ़कर लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ दीपिका जोशी और उनकी टीम द्वारा पशुपालकों के लिए अनेकों योजनाएं चलाई जाने की बात कही गई है, लेकिन हम लोग उनका फायदा नहीं उठा रहे हैं जबकि प्रदेश सरकार द्वारा योजनाएं हम ग्रामीणों के लिए ही बनाई गई हैं, फिर भी उनका फायदा ना उठाना हमारी अभिज्ञता है। जीवन शर्मा ने कहा कि आज का एंटी रेबीज टीकाकरण शिविर केबल पालतू व आवारा कुत्तों के लिए रखा गया था, और इसके बाद वह विभाग से अनुरोध अपेक्षित करेंगे कि पशुपालकों के लिए जो भी योजनाएं चलाई जा रही हैं, उनकी ग्रामीणों को जानकारी उपलब्ध कराने हेतु उनकी पंचायत में दो दिवसीय विशेष शिविर आयोजित कर पशुपालकों के बीच बारीकी से विभाग की योजनाओं को रखें, ताकि पशु पालक उनका लाभ उठा सकें। इस दौरान उनके साथ वार्ड पंच अर्चित शर्मा, सीनियर सिटीजन एवं समाजसेवी देवेंद्र शास्त्री, एलआईसी एडवाइजर (बीमा योजना) राजन शर्मा, सुखदेव शर्मा, कुलदीप सिंह, साधु राम इत्यादि उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त उप-प्रधान जीवन शर्मा ने नशे पर प्रहार करते हुए कहा कि नशा एक धीमा ज़हर है जो नवयुवाओं को बड़ी तेज़ी से अपने चंगुल में फंसा रहा है और हमारा समाज दिन प्रतिदिन खोखला होता जा रहा है, इसलिए सभी ग्रामवासी अपने आस पास, अपने बच्चों पर नज़र तथा उन्हें नशे के दुष्प्रभावों बारे जागृत करें। उन्होंने कहा कि नशेडियों और नशे के तस्करों को बेनक़ाव करना बहुत बड़ी राष्ट्र भक्ति है। वहीं इस शिविर में लगभग 50 पशु पालकों ने हिस्सा लिया और 33 पालतु व 7 आवारा कुत्तों को मुफ़्त टीकाकरण किया गया।

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