जालंधरः 39 घंटे के बाद भी बोरवेल से नहीं निकला इंजीनियर सुरेश, रेस्क्यू जारी

जालंधर, ENS: करतारपुर के बसरामपुर में दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस वे पर पीलर के काम के दौरान करीब 80 फुट गहरे बोरबेल में गिरे हरियाणा के जींद निवासी सुरेश को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। दरअसल, शनिवार शाम को 7 बजे बोरवेल में गिरे सुरेश को अभी तक एनडीआरएफ की टीम बाहर नहीं निकाल पाई। गौर हो कि बोरवेल में फंसे हुए सुरेश को 39 घंटे बीत गए हैं। लेकिन उसे बोरवेल से निकालने के लिए अभी तक रेस्क्यू जारी है।

सुरेश को बचाने के लिए जो बचाव कार्य चलाए हैं उसमें सबसे बड़ी बाधा नजदीक में ही स्थित एक पानी से भरा तालाब (छप्पड़) पैदा कर रहा है। तालाब के कारण NDRF की टीम को बार-बार अपनी बचाव कार्य की स्ट्रेटेजी बदलनी पड़ रही है। पहले देर रात को सूचना थी कि NDRF की टीम सुरेश के नजदीक पहुंच गई है और उसे निकालने वाली है, लेकिन फिर पता चला कि टीम उसे नहीं निकाल पाई है।

पिछले कल शाम को भी ऐसे ही एम्बुलेंस तैयार की थी कि अब NDRF की टीम उसे निकाल कर लाने वाली है, लेकिन बीच में मशीन खराब होने से ऑपरेशन ठंडा पड़ गया। सुरेश के छोटे भाई सत्यवान ने बताया कि उन्हें रविवार सुबह घटना की सूचना मिली। जिसके बाद वे तुरंत जालंधर पहुंच गए। सत्यवान ने बताया कि प्रशासन सुरेश को टेक्निकल एक्सपर्ट बता रही है, जबकि वह गांव में किसानी करता था। वह जालंधर में काम करने के लिए आया था। कंपनी अपनी और से लगातार सुरेश को बचाने में लगी हुई है। मरना जीना तो परमात्मा के हाथ में है, अगर सुरेश की जिंदगी में जीना लिखा होगा तो उसे कोई नहीं मार सकता। 

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