कपूरथलाः दरिया ब्यास पर जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे के रीडिजाइन की उठी मांग

विधायक खैरा ने केंद्रीय मंत्री ​नितिन गडकरी को लिखा पत्र

विधायक की चेतावनी, केंद्र ने नहीं मानी मांग तो करेंगे संघर्ष

भुलत्थ। भुलत्थ एरिया में जलस्तर बढ़ने से बिगड़े हालात के बीच भुलत्थ विधायक व पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल सिंह खैरा ने जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे के रीडिजाइन की मांग उठाई है। खैरा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर जहां दरिया ब्यास के बढ़े जलस्तर की वजह से विधानसभा भुलत्थ व श्री हरगोबिंदपुर में मची तबाही के हालात बयां किए हैं, वहीं जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए बने डिजाइन की गंभीर खामी से अवगत करवाया है। खैरा ने इस मांग के न पूरे होने पर केंद्र को संघर्ष का रास्ता अ​ख्तियार करने की चेतावनी तक दे डाली है।

केंद्रीय मार्ग व हाईवे मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्र में सुखपाल सिंह खैरा ने बताया कि वह इस पत्र के जरिये पंजाब की नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में बनाए जा रहे जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे के डिजाइन में एक बहुत गंभीर खामी की तरफ ध्यान ला रहे हैं। क्योंकि उनका निर्वाचन क्षेत्र 26-भुलत्थ विधानसभा के किनारे लगभग 50 किलोमीटर से अधिक और विधानसभा श्री हरगोबिंदपुर के 15 किलोमीटर दायरे में दरिया ब्यास बहता है। जिसके चलते भुलत्थ के दरिया ब्यास से ​घिरे होने के चलते इस जलग्रहण क्षेत्र में जम्मू-कटर  एक्सप्रेसवे के गलत निर्माण की वजह से जनजीवन, संपत्ति और फसलों का बहुत बड़ा नुकसान की संभावना है। 

मौजूदा समय में इस क्षेत्र में बनाया जा रहा एक्सप्रेसवे सामान्य डिजाइन का है। जिससे एक्सप्रेसवे के नीचे से पानी की पाइप से जल निकासी का प्रावधान उचित नहीं है। इससे समस्या बढ़ेगी। जबकि डिजाइन दरिया पर सामान्य पुलों की तरह पूरे दरिया के तल पर एक स्तंभ आधारित ऊंची सड़क की तरह होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह तत्काल यह बहुत बढ़ी खामी आपके संज्ञान में ला रहे हैं, क्योंकि जम्मू कटरा एक्सप्रेसवे में उक्त दरिया क्षेत्र में कंक्रीट की दीवार बन गयी है जिसके कारण भारी मात्रा में पानी जमा हो गया है। इस बढ़े जलस्तर के दबाव से ब्यास दरिया के दोनों ओर बने धुस्सी बांध के टूटने का अंदेशा पैदा हो गया है। उन्होंने चेताया कि यदि दरिया का धुस्सी बांध टूट जाता है तो पंजाब में वर्ष 1988 में आई बाढ़ की तरह ही जान-माल और फसलों की भारी क्षति होने से कोई नहीं रोक सकता है। इसलिए उक्त ​स्थिति को सुर​क्षित रखने के लिए वह अनुरोध करते हैं कि एनएचएआई को ब्यास दरिया के उक्त क्षेत्र में जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे के निर्माण को तुरंत फिर से डिजाइन करने के निर्देश दिए जाएं। विधायक खैरा ने चेतावनी भी दी है कि यदि उनकी इस मांग पर केंद्र सरकार ने तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की तो इसके लिए संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगे।

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