पंजाबः इन मांगों लेकर चंडीगढ़ जाने पर अड़े किसान, पुलिस ने की नाकाबंदी

चंडीगढ़ः पंजाब के हजारों किसान आज किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेतृत्व में मोर्चा लगाने के लिए चंडीगढ़ आ रहे हैं। इस बारे में किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मीटिंग के बाद स्थिति स्पष्ट की थी। हजारों की संख्या में किसानों का मोर्चा 22 अगस्त से लग जाएगा। दूसरी ओर किसानों को रोकने के लिए राज्य पंजाब में किसान नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए देर रात छापामारी की गई। वहीं आज चंडीगढ़ जा रहे किसानों को लेकर पुलिस ने नाकेबंदी की हुई है। हालांकि कई किसान नेता पहले ही सुरक्षित ठिकानों पर पहुंच गए हैं।

सुनाम के कस्बे लोंगोवाल में सोमवार सुबह से ही संगठनों और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। नामोल और मेदेवास में भी पुलिस ने किसान नेताओं को चंडीगढ़ जाने से रोकने के लिए नाकेबंदी की। पुलिस से बचकर निकले भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद के नेता जसवीर सिंह मदेवास और हैप्पी नमोल ने कहा कि भगवंत मान सरकार चंडीगढ़ में प्रदर्शन करने से रोकने के लिए किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लोकतंत्र की हत्या कर रही है। 

उन्होंने कहा कि 16 किसान संगठन मिलकर संघर्ष कर रहे हैं और बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने भी पिछली सरकारों की तरह ही रास्ता अपनाया है, जिसका असर कांग्रेस और अकाली दल की तरह आम आदमी पार्टी पर भी पड़ेगा। आने वाले समय में सत्तापक्ष को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी ।

चंडीगढ़ धरना न देने पर पुलिस द्वारा किसान नेताओं को गिरफ्तार किए जाने के बाद किसानों ने कहा कि इन धमकियों से धरना रद्द नहीं होगा.22 अगस्त को किसान संगठनों की ओर से चंडीगढ़ में धरने का ऐलान किया गया था. 22 अगस्त को धरने से पहले ही पुलिस ने किसान नेताओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया था। किसानों ने मांग की थी लेकिन सरकार ने किसानों की मांग नहीं मानी। चंडीगढ़ धरना होना था, लेकिन पुलिस ने जिस तरह से किसान नेताओं को गिरफ्तार किया, उससे धरना रद्द नहीं होगा।

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