पंजाबः आज चंडीगढ़ में धरना लगाएंगे किसान, पुलिस ने रास्ते किए सील

चंडीगढ़ः हरियाणा और पंजाब के किसानों द्वारा आज चंडीगढ़ में धरना देने का ऐलान किया गया है। हरियाणा और पंजाब की किसान जत्थेबंदियों के द्वारा ऐलान किया गया है कि वे सभी खराब हुई फसल के मुआवजे और अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे। वहीं किसानों को चंडीगढ़ में घुसने से रोकने के लिए पुलिस ने भी कमर कस ली है। चंडीगढ़ पुलिस ने पंचकूला और मोहाली से लगते शहर के 27 प्रवेशद्वार सील कर दिए हैं। इन सभी जगह बैरिकेडिंग कर हथियारों से लैस रिजर्व फोर्स तैनात कर दी गई है। किसानों को रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने सीमाओं पर चार हजार और मोहाली पुलिस ने 1500 पुलिसर्मियों की ड्यूटी लगाई है। किसानों को शहर में दाखिल होने से रोकने के लिए सभी डिवीजन के डीएसपी की जिम्मेदारी लगाई है। पंजाब और हरियाणा के किसान चंडीगढ़ में घुसकर सेक्टर-17 के परेड ग्राउंड में धरना देना चाहते हैं। चंडीगढ़ पुलिस किसानों को बॉर्डर पर ही रोकने की योजना बना रही है। हालाकि पंजाब और हरियाणा में चंडीगढ़ आने वाले कई किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है।

चंडीगढ़ पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बॉर्डर एरिया में रैपिड एक्शन फोर्स, इंडो-तिब्बतन बार्डर पुलिस, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के अलावा चंडीगढ़ पुलिस के जवान तैनात कर दिए हैं। एसएसपी कंवरदीप कौर ने साफ कर दिया है कि किसी भी हाल में किसानों को शहर में घुसकर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में उन्हें रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा फोर्स तैनात की जाएगी। दूसरी ओर, एक अन्य अधिकारी ने कहा है कि यातायात में कोई दिक्कत न हो इसके लिए भी पूरी तैयारी की गई है। शहर में पंचकूला और मोहाली की तरफ से आने वाले रास्तों को सील करने के चलते कुछ सड़कों को जरूरत पड़ने पर डायवर्ट किया जाएगा। चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों की मोहाली और पंचकूला के अधिकारियों से भी इस मुद्दे पर बैठक की है।

इससे पहले शहर के प्रशासक बीएल पुरोहित ने किसान जत्थेबंदियों के 11 प्रतिनिधियों से बीते रविवार को मुलाकात की थी और आश्वासन दिया था कि वह उनकी मांगों को केंद्र तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। बैठक में पंजाब पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। बता दें कि बीते 7 जनवरी से चंडीगढ़-मोहाली बार्डर पर कौमी इंसाफ मोर्चा बंदी सिखों की रिहाई के लिए धरना दे रहा है। इससे चंडीगढ़-मोहाली मार्ग बाधित है। बीते 8 फरवरी को मोर्चे के प्रदर्शनकारियों की पुलिस से हिंसक झड़प भी हुई थी। मोहाली पुलिस भी किसानों को रोकने के लिए तैयार है। जीरकपुर में चंडीगढ़ सीमा पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। कौमी इंसाफ मोर्चे के धरने के कारण पहले ही शहर में लोगों को काफी परेशानी हो रही है इसलिए प्रशासन नहीं चाहता है कि किसान फेज-8 स्थित गुरुद्वारा अंब साहिब पहुंचें और वहां से चंडीगढ़ के लिए कूच करें। इसके लिए पुलिस ने कई किसान नेताओं को नजरबंद कर दिया है।

कई जगह किसानों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के आलाधिकारियों ने कई दौर की बैठकों के बाद रैपिड एक्शन फोर्स, अर्धसैनिक बल और पुलिस के 1500 जवानों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैनात किया गया है। इसके साथ ही डीएसपी स्तर के अफसरों की ड्यूटी भी लगाई है ताकि हालात बिगड़ने पर भी मौके के अनुसार तुरंत फैसला लेकर स्थिति को संभाल सकें। उधर, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के कुछ सदस्यों की नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सरकार उनके साथ धक्केशाही कर रही है। वह बाढ़ से खराब हुई किसानों की फसलों का मुआवजा लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार की ओर से उन्हें सीमाओं पर रोकना गलत है।

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