पाकिस्तान पहुंचे पंजाब के मासूम बच्चे को लेकर परिवार का हुआ बुरा हाल, लगाई सरकार से गुहार, देखें वीडियो

फिरोजपुर : बाढ़ के पानी में सरहदी इलाके के लोगों का मानो तो सब कुछ बह गया। कुछ दिन पहले नशा तस्करी व हत्यारों की स्मगलिंग के आरोप में 6 भारतीयों को पाक रेंजर्स ने गिरफ्तार किए थे। जिनमें 3 युवक फिरोजपुर के गाँव किलचे और विशालजीत गाँव अलिके का रहने वाला है। पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा नशा तस्करी और हथियारों की स्मगलिंग करने के आरोप में 6 भारतीयों को जीरो लाइन पर गिरफ्तार किया था। पाक मीडिया मुताबिक उक्त तस्करों को 29 जुलाई से 3 अगस्त के मध्य पाक रेंजर्स ने हिरासत में लिया था।

इन युवकों की पहचान गुरमेल सिंह, शिंदर सिंह, जोगिंद्र सिंह तीनों निवासी गांव किलचे, फिरोजपुर, विशालजीत सिंह गाँव अलिके फिरोजपुर, रतनपाल सिंह निवासी , हरविंदर सिंह निवासी लुधियाना के रूप में हुई है। वर्णीनीय है कि जुलाई 29 को फिरोजपुर के कस्बा गुरूहरसहाय के साथ लगती गजनी वाला बीओपी के पास बाढ़ के पानी के तेज बहाव में लुधियाना के सिधवान बेट निवासी रतन पाल सिंह और हरविंदर सिंह पाकिस्तान में चले गए थे।  सीमा सुरक्षा बल और पाक रेंजर्स द्वारा कई बार फ्लैग मीटिंग भी की गई लेकिन पाकिस्तान द्वारा उक्त युवकों को वापिस देने से इंकार कर दिया।

पंजाब के रहने वाले ये 6 युवक बाढ़ के तेज पानी के बहाव में बह कर पाकिस्तान की सीमा में पहुँचे गए है और परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल है कुछ दिन पहले जब ये खबर सामने आई थी। पांचों युवकों के परिवार सामने आए थे अब नाबालिग विशालजीत वासी अलिके का परिवार सामने आया है। जिसने अपने बेटे विशालजीत को बेक़सूर बताया है विशालजीत की विधवा माँ और छोटी 2 बहनों ने बताया की हमारी पिता की पहली ही मौत हो चुकी है और हमारा तीनों का एक ही सहारा विशाल जीत था जो बाढ़ की तबाही के डर से अपने घर से जरुरी सामान निकालने के लिए आया था।

तब हम सभी फरीदकोट जिला के कोटकपुरा में धान की बिजाई करने के लिए गए हुए थे। हमें किसी का फोन आया कि अपने घर का जरूरी सामान निकाल लो, तो मैंने अपने बेटे को घर का ज़रूरी सामान निकालने के लिए सरहदी गाँव अलिके में भेजा था । मगर हमें क्या पता था की हमारे साथ ऐसा अन्याय होगा अब पीड़ित परिवारों की निगाहें पंजाब और केंद्र सरकार की ओर है कि सरकारें उनके बच्चों को भारत की सीमा में वापिस लाने के लिए पाकिस्तान की सरकार से राफ्ता बनाए और उनके बेटे घर वापिस आ सके ।

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